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एक पिता के लिए बड़ी राहत: मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत चार महीने की ‘दिलजोत’ को मिला ₹2.77 लाख का इलाज कवर

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मुख्यमंत्री सेहत योजना (MMSY) के प्रारंभ के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा था, “इलाज की चिंता करें , बिल की नहीं। सरकार आपकी जेब बनेगी।”अबोहर में रशप्रीत कौर और भारत कुमार के घर जन्मी चार महीने की दिलजोत जैसे परिवारों के लिए ये शब्द बहुत मायने रखते हैं।

दिलजोत को गंभीर संक्रमण और वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट (दिल में छेद) की समस्या पाई गई, जो जन्म से पहले विकसित होती है।

उसके अभिभावक उसे इलाज के लिए बठिंडा ले गए, उनका एकमात्र उद्देश्य उसे जीवित रखना था। गहन चिकित्सा का खर्च बहुत भारी था, लेकिन मुख्यमंत्री सेहत योजना से मिली मदद के बाद स्थिति संभल गई। दिलजोत को विशेष चिकित्सा देखभाल मिली, जिसमें चौबीस घंटे निगरानी शामिल थी, और उसके परिवार को एक दिन भी पैसों की चिंता नहीं करनी पड़ी।

भारत कुमार, जो अबोहर में एक छोटा सैलून चलाते हैं, ने कहा, “डॉक्टरों ने मुझे बताया कि मेरी बेटी के दिल में छेद है। उसका इलाज दो अलग-अलग अस्पतालों में हुआ और सेहत कार्ड के तहत ₹2.77 लाख का पूरा खर्च कवर हो गया।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चल रही यह योजना सुनिश्चित करती है कि किसी भी परिवार को स्वास्थ्य और आर्थिक बोझ में से किसी एक का चुनाव न करना पड़े।

मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत, हर माँ और नवजात को सालाना ₹10 लाख तक का कैशलेस इलाज मिल सकता है, चाहे वह सरकारी अस्पताल हो या सूचीबद्ध निजी अस्पताल, और यह सुविधा बच्चे के जीवन के शुरुआती घंटों से ही उपलब्ध होती है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह ने कहा, “हम गाँवों में कार्यक्रम चला रहे हैं ताकि परिवार समय पर जाँच कराएं और इलाज में देरी न करें।” पिछले तीन महीनों में ही 6,000 से अधिक नवजात मामलों का इलाज मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत किया गया है, जो नवजात शिशुओं को समय पर चिकित्सा देखभाल प्रदान करने में योजना की बढ़ती पहुँच को दर्शाता है। यह योजना जन्म के समय कम वजन, समय से पहले जन्म, संक्रमण और अन्य नवजात जटिलताओं के इलाज में मदद करती है ;और मातृ व प्रसवोत्तर सेहत सेवाओं को मजबूत बनाती है।

दिलजोत का मामला अकेला नहीं है।

पूरे पंजाब में अब परिवार नवजात शिशुओं को शुरुआती दिनों में ही इलाज के लिए अस्पताल ला रहे हैं, क्योंकि उन्हें भरोसा है कि खर्च उन्हें नहीं उठाना पड़ेगा l

बठिंडा के अग्रवाल अस्पताल में एक नवजात, जिसे गंभीर पीलिया के साथ साँस लेने में दिक्कत थी, का ₹1 लाख खर्च का इलाज पूरी तरह मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत कवर हुआ।

पटियाला के गढ़ाया गाँव के मनकीरत सिंह को जन्म के कुछ दिनों बाद पीलिया और साँस की समस्या के लिए इलाज की जरूरत थी।उनके पिता, बलविंदर सिंह ने कहा, “मेरे बेटे का जन्म 25 मार्च को हुआ था और उसे कुछ स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएँ थीं। हम उसके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित थे, लेकिन इससे भी ज्यादा चिंता हमें इस बात की थी कि हम इलाज का खर्च कैसे उठाएंगे l मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की योजना का धन्यवाद, कि इलाज का पूरा खर्च कवर हो गया।”

फरीदकोट के कोटकपूरा की बिमला रानी ने हाल ही में एक बच्चे को जन्म दिया, जिसे नवजात देखभाल की जरूरत थी। उनके परिवार के एक सदस्य के मुताबिक उनका अठारह दिन का बच्चा अब सुरक्षित रूप से मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत इलाज पा रहा है।

ये मामले एक बढ़ती हुई प्रवृत्ति को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री सेहत योजना के शुभारंभ के बाद, पूरे पंजाब से अधिकांश परिवार माताओं और नवजात शिशुओं को पहले 72 घंटों के भीतर अस्पताल ला रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य परिणाम बेहतर हो रहे हैं और देरी से बढ़ने वाली जटिलताएँ कम हो रही हैं।

पंजाब सरकार, निवासियों को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है कि वे निर्धारित केंद्रों और जमीनी स्तर पर लगाए जा रहे शिविरों के माध्यम से सेहत कार्ड के लिए नामांकन करवाएं , ताकि मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत कैशलेस इलाज का लाभ उठा सकें।

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Campaign Against Gangsters: चेहरे बेनकाब, इनाम घोषित, अब पंजाब में हर गली में तलाशे जाएंगे ‘मोस्ट वॉन्टेड’

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पंजाब में अपराध के खिलाफ जंग अब खुली चुनौती में बदल चुकी है। गैंगवार, रंगदारी, टारगेट किलिंग और नशा तस्करी के जाल में उलझे राज्य में अब सरकार ने ऐसा दांव चला है, जिससे अपराधियों की नींद उड़ना तय है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार ने पहली बार ‘पोस्टर वॉर’ छेड़ते हुए कुख्यात गैंगस्टरों और इनामी बदमाशों के नाम, चेहरे और इनाम राशि को सार्वजनिक कर दिया है।

मान सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब अपराधियों के लिए कोई कोना सुरक्षित नहीं रहेगा। पंजाब ने बीते कुछ वर्षों में गैंगवार, टारगेट किलिंग, रंगदारी और नशा तस्करी जैसे संगठित अपराधों का दबाव झेला है, जहां कई अपराधी विदेशों में बैठकर नेटवर्क चला रहे हैं और स्थानीय गुर्गों के जरिए वारदातों को अंजाम दिला रहे हैं। सरकार ने पहली बार इतने बड़े स्तर पर ‘वॉन्टेड’ पोस्टर जारी करते हुए नामचीन गैंगस्टरों और इनामी बदमाशों के चेहरे, नाम और उन पर घोषित इनाम राशि को सार्वजनिक कर दिया है।

इस पहल के जरिए सरकार ने साफ संकेत दिया है कि अब अपराधियों के लिए कोई ‘सेफ जोन’ नहीं बचेगा। उनकी पहचान अब छिपी नहीं रहेगी और आम जनता भी उन्हें पहचानकर कानून के शिकंजे तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगी। खास बात यह है कि इस पूरे अभियान को ‘आपकी जानकारी, हमारी कार्रवाई’ जैसे स्पष्ट संदेश के साथ जोड़ा गया है, जिससे जनता को सीधे इस लड़ाई का भागीदार बनाया गया है।

टॉप वॉन्टेड: 10 लाख के इनामी चेहरे

सरकार द्वारा जारी पोस्टर में कई कुख्यात अपराधियों पर 10-10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है। इनमें संदीप सिंह उर्फ सन्नी, लखविंदर सिंह, हरविंदर सिंह उर्फ भोलू, सतनाम सिंह, बलविंदर सिंह डोनी, परविंदर सिंह और गौरव पंडित शामिल हैं। ये सभी आरोपी हत्या, फिरौती, गैंगवार, अवैध हथियार सप्लाई और संगठित अपराध जैसी गंभीर वारदातों में वांछित हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इनका नेटवर्क कई जिलों और पड़ोसी राज्यों तक फैला हुआ है।

5 लाख के इनामी: गैंग नेटवर्क की रीढ़

पोस्टर में कई ऐसे अपराधियों को भी शामिल किया गया है, जिन पर 5 लाख रुपये का इनाम रखा गया है। इनमें सर्वण सिंह, रोहित गोयल, गुरविंदर सिंह (इंजीनियर), गुरदेव सिंह, अमित कुमार, अमरजीत सिंह, मनप्रीत सिंह, जोगिंदर सिंह, बलजीत सिंह, सुमित कुमार, गुरप्रीत सिंह, जसबीर सिंह, रविंदर सिंह और हर्ष कुमार शामिल हैं। इन अपराधियों पर लूट, हत्या की साजिश, नशा तस्करी, रंगदारी वसूली और गैंग ऑपरेशन चलाने के आरोप हैं। पुलिस का मानना है कि यही लोग बड़े गैंगस्टर नेटवर्क को जमीन पर ऑपरेट करते हैं।

पुलिस का क्राइम सिंडिकेट पर फोकस

पंजाब में पिछले कुछ वर्षों में गैंगवार, रंगदारी और शूटआउट की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, ये गैंग सोशल मीडिया और विदेशों में बैठे सरगनाओं के जरिए संचालित हो रहे हैं। सरकार की यह पहल इन नेटवर्क्स की कमर तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। जब अपराधियों के चेहरे और नाम सार्वजनिक होंगे, तो उनके लिए कहीं भी छिपना मुश्किल हो जाएगा।

सूचना देने वालों की सुरक्षा सबसे ऊपर

सरकार ने साफ किया है कि जो भी व्यक्ति इन अपराधियों के बारे में जानकारी देगा, उसकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इसके लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 जारी किया गया है। सूचना देने वाले को तय इनाम राशि दी जाएगी। नाम और पहचान किसी भी स्तर पर उजागर नहीं की जाएगी। पुलिस और खुफिया एजेंसियां तुरंत एक्शन लेंगी।

जनता बनी पुलिस की ‘इंटेलिजेंस’

इस अभियान का सबसे अहम पहलू यह है कि अब आम नागरिक भी अपराध नियंत्रण का हिस्सा बन गया है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे डरें नहीं और आगे आकर सूचना दें। सरकार ने इस मुहिम के जरिये बदमाशों को दो-टूक कहा है कि वे या तो सरेंडर करें या फिर उन पर सीधी कार्रवाई होगी। पुलिस को भी निर्देश दिए गए हैं कि इन वॉन्टेड अपराधियों के खिलाफ अभियान तेज किया जाए और जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।

इसलिए अहम है यह कदम

  • पहली बार इतने बड़े स्तर पर वॉन्टेड लिस्ट सार्वजनिक
  • इनामी राशि के साथ फोटो जारी कर दबाव बढ़ाया गया
  • जनता की भागीदारी से इंटेलिजेंस नेटवर्क मजबूत होगा
  • गैंगस्टर इकोसिस्टम को जड़ से खत्म करने की कोशिश
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पंजाब के मुद्दों को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री से मिले CM मान; गेहूं खरीद, मुआवजा और लंबित राशि पर की चर्चा

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित कृषि भवन पहुंचे, जहां उन्होंने केंद्रीय खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री प्रल्हाद जोशी के साथ अहम बैठक की। इस बैठक में गेहूं की खरीद व्यवस्था, किसानों को मुआवजा, लंबित राशि और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में खाद्य सुरक्षा और पेट्रोलियम से जुड़े विषयों पर विचार किया गया था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पुराने गेहूं के भंडार को तेजी से उठाने के लिए अतिरिक्त विशेष रेलगाड़ियों की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है, जिससे भंडारण की समस्या कम होगी।

आज पंजाब का दौरा कर सकती है केंद्रीय टीम

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की और केंद्र से अपील की कि फसल नुकसान का आकलन करने के लिए तुरंत एक टीम पंजाब भेजी जाए। संभावना जताई जा रही है कि केंद्र की टीम आज ही राज्य का दौरा कर सकती है।

ऋण सीमा पर ब्याज दर में बढ़ोतरी से राज्य पर बोझ

वित्तीय मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नकद ऋण सीमा पर ब्याज दर में मामूली बढ़ोतरी भी राज्य पर भारी बोझ डालती है। उन्होंने बताया कि केवल 0.005 प्रतिशत की वृद्धि से ही लगभग 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ता है।

इसके अलावा उन्होंने ग्रामीण विकास कोष की लगभग 9000 करोड़ रुपये की लंबित राशि का मुद्दा उठाया और इसे किस्तों में जारी करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में विचाराधीन है, लेकिन राज्य सरकार इसे वापस लेने पर भी विचार कर सकती है। इन दोनों मुद्दों पर केंद्र की तरफ से आश्वासन दिया गया है।

आढ़तियों के कमीशन में बढ़ोतरी की मांग का समर्थन

मुख्यमंत्री ने आढ़तियों के कमीशन में बढ़ोतरी की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि वे किसानों और मंडियों के संचालन में अहम भूमिका निभाते हैं। मंडियों में काम करने वाले मजदूरों, विशेषकर बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से आने वाले श्रमिकों से जुड़े मुद्दों और भविष्य निधि से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की गई, जिसे केंद्रीय मंत्री ने जायज बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात दोहराई और स्पष्ट किया कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

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होशियारपुर को 516 करोड़ की सौगात, CM मान ने रखी मेडिकल कॉलेज और विकास परियोजनाओं की आधारशिला

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने  होशियारपुर में 516 करोड़ रुपये के विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया, जिसमें शाम चौरासी विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे का बड़े पैमाने पर विस्तार और जमीनी स्तर पर नई परियोजनाएं शामिल हैं। 

राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि शहीद ऊधम सिंह स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज दो वर्षों के भीतर पूरा हो जाएगा, जहां वार्षिक 100 एमबीबीएस डॉक्टरों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके अलावा ओपीडी, एमआरआई, सिटी स्कैन और विशेष विभागों सहित उन्नत सुविधाओं से लैस 300 बिस्तरों वाला अस्पताल भी बनाया जाएगा।

30 बिस्तरों वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की आधारशिला रखी

जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शाम चौरासी में 30 बिस्तरों वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की आधारशिला रखी, जो आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, लैब, एक्स-रे, टीकाकरण और प्रसव देखभाल सेवाओं से सुसज्जित है, जिससे 40 से अधिक गांवों को लाभ होगा। 

उन्होंने हर कोने तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए क्षेत्र में सात अतिरिक्त हेल्थ एंड वेलनेस केंद्रों की भी घोषणा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार लोगों के घरों के नजदीक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

9.18 करोड़ रुपये के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर का नींव

स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम स्तर तक मजबूत करते हुए उन्होंने क्षेत्र में सात और हेल्थ एंड वेलनेस केंद्रों के साथ-साथ 40 से अधिक गांवों को लाभ पहुंचाने के लिए 9.18 करोड़ रुपये के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर का नींव पत्थर भी रखा। विकास को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 99 करोड़ रुपये के बलाचौर-गढ़शंकर-होशियारपुर-दसूहा सड़क प्रोजेक्ट की शुरुआत की, जो 105 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर है। 

यह चंडीगढ़, पठानकोट और जम्मू-कश्मीर के बीच संपर्क बढ़ाएगा, जम्मू और दिल्ली के बीच यात्रा के समय को कम करेगा तथा आनंदपुर साहिब, माता नैना देवी और माता ज्वाला जी की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुगम पहुंच उपलब्ध कराएगा।

कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास 

शाम चौरासी विधानसभा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आजादी के बाद 70 साल से अधिक समय तक पारंपरिक विरोधी पार्टियों ने राज्य को बेरहमी से लूटा है। इन पार्टियों की पिछड़ी और विभाजनकारी नीतियों के कारण राज्य विकास की रफ्तार से पिछड़ गया, जिससे लोगों को नुकसान उठाना पड़ा। 

हालांकि पिछले चार वर्षों में राज्य का समग्र विकास सुनिश्चित किया गया है और पहली बार राज्य सरकार ने इतने कम समय में लोगों से किए सभी वादे पूरे किए हैं।”

चुनावी घोषणा पत्र को लागू किया

मुख्यमंत्री ने कहा, “यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि राज्य के विकास को सही दिशा में डाला गया है और अब पंजाब सरकार हर बीतते दिन के साथ अपनी रफ्तार बढ़ा रही है। राज्य सरकार ने 70 वर्षों का अंतर भर दिया है और अब रंगला पंजाब बनाने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। 

‘आप’ सरकार देश की पहली सरकार है, जिसने लोगों के लिए चुनावी घोषणा पत्र को लागू किया है, क्योंकि लोगों द्वारा उठाई गई सभी जायज मांगों को अमल में लाया जा रहा है।”

300 बिस्तरों वाला अस्पताल बनाया जाएगा

बड़ी विकास पहलों को उजागर करते हुए उन्होंने आगे कहा, “आज शाम चौरासी में 385 करोड़ रुपये के विकास कार्य शुरू किए गए हैं, जो इस क्षेत्र की तरक्की और खुशहाली को बढ़ावा देंगे।” 

उन्होंने आगे कहा, “होशियारपुर में 268 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज और 300 बिस्तरों वाला अस्पताल बनाया जाएगा, जो आम लोगों के लिए बड़ा तोहफा होगा। यह लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के साथ-साथ राज्य को चिकित्सा शिक्षा का केंद्र बनाने में भी मदद करेगा।”

विपक्षी पार्टियां मुझे बदनाम करने के लिए साजिशें रच रही 

विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “विपक्षी पार्टियां मुझे बदनाम करने के लिए साजिशें रच रही हैं क्योंकि वे राज्य सरकार द्वारा जनता की भलाई के लिए किए जा रहे कामों से ईर्ष्या करती हैं। 

ये नेता आपस में मिलकर चलते रहे हैं और सत्ता में रहते हुए एक-दूसरे के हितों की रक्षा के लिए बारी-बारी से राज करने के खेल खेलते रहे, लेकिन ‘आप’ सरकार ने उन्हें सत्ता से बेदखल कर इस खेल को खत्म कर दिया, जिससे आम लोगों की इच्छाएं पूरी हो रही हैं।”

पूर्व मुख्यमंत्रियों पर लगाए आरोप

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रकाश सिंह बादल अपने कार्यकाल के दौरान कभी भी चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री के लिए बने सरकारी निवास में नहीं रहे। इसके बजाय ये नेता अपने महलों जैसे घरों में रहते थे, जो चंडीगढ़ में बनाए गए हैं, क्योंकि वे सरकारी घरों में सहज महसूस नहीं करते थे। अकालियों को राज्य में शासन करने के पांच मौके मिले, लेकिन लोगों की सेवा करने के बजाय उन्होंने लोगों और राज्य को बेरहमी से लूटा।”

निजी हितों की पूर्ति के लिए धर्म का इस्तेमाल

उन्होंने आगे कहा कि केवल इतना ही नहीं, अकालियों ने अपने निजी हितों की पूर्ति के लिए धर्म का इस्तेमाल कर लोगों को धोखा दिया। सर्वाेच्च तख्तों के जत्थेदार अकाली नेताओं की जेब से चुने जाते रहे हैं। 

पूर्व उपमुख्यमंत्री दावा करते हैं कि उनके शासनकाल में राज्य का बड़ा विकास हुआ, लेकिन कोटकपूरा, बहिबल कलां और अन्य स्थानों पर वे आंखें मूंद लेते हैं, जहां श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी हुई और निर्दाेष लोग मारे गए।

‘पंजाब बचाओ यात्रा’ का असली नाम ‘परिवार बचाओ यात्रा’

अकाली दल की ‘पंजाब बचाओ यात्रा’ पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस यात्रा का असली नाम ‘परिवार बचाओ यात्रा’ है। उन्होंने कहा कि 15 साल राज्य को लूटने के बाद अब वे किससे राज्य को बचाने की बात कर रहे हैं ? 

अकाली दल ने पंजाबियों की मानसिकता को भावनात्मक रूप से कुचलने और राज्य में विभिन्न माफियाओं को संरक्षण देने के अलावा कई पीढ़ियों के विनाश के लिए जिम्मेदार है। अकाली नेतृत्व को कभी माफ नहीं किया जा सकता क्योंकि उन्होंने नशे के कारोबार को संरक्षण दिया, जो उनके लंबे कुशासन के दौरान फलता-फूलता रहा।

अंग्रेजों का साथ देने के लिए इस कुनबे को ‘सर’ की उपाधि 

अकाली नेतृत्व पर प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि ये अवसरवादी नेता हैं, जो अपनी सुविधाओं और निजी राजनीतिक हितों के अनुसार गिरगिट की तरह अपना रंग और रुख बदलते हैं। हर कोई जानता है कि अकालियों का एक कुनबा अंग्रेजों का कठपुतली बनकर काम करता रहा और देश के लिए लड़ने वाले देशभक्तों के खिलाफ अंग्रेजों का साथ देने के लिए इस कुनबे को ‘सर’ की उपाधि दी गई थी। 

अकालियों से जुड़े एक परिवार ने ही 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग हत्याकांड के दोषी जनरल डायर के लिए इस घटना के बाद रात्रि भोज की मेजबानी की थी।

लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के साथ विश्वासघात 

उन्होंने आगे कहा कि इस घिनौनी घटना ने अकालियों की देश-विरोधी और पंजाब-विरोधी मानसिकता और चरित्र को उजागर कर दिया। इस कुनबे ने अंग्रेजों के खिलाफ डटकर खड़े होने वाले लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के साथ विश्वासघात किया। 

इतना ही नहीं, इस परिवार ने जनरल डायर को हरिमंदिर साहिब में सिरोपा और माफी दिलाने को भी सुनिश्चित किया। यह और भी हैरान करने वाली बात है कि जत्थेदार अरूड़ सिंह, जिन्होंने यह सिरोपा दिया था, वे पूर्व लोकसभा सांसद सिमरजीत सिंह मान के नाना थे।”

इतिहास को मिटाया नहीं जा सकता 

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इतिहास को मिटाया नहीं जा सकता और बादल परिवार के पूर्वजों का संदिग्ध चरित्र इतिहास के पन्नों पर दर्ज है। इस परिवार के हाथ देशभक्तों के खून से रंगे हुए हैं और राष्ट्रवादियों की पीठ में छुरा घोंपने में इन गद्दारों की भूमिका को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता। मेरे पास इस बात के ठोस सबूत हैं कि इन लोगों ने राज्य और यहां के लोगों को किस तरह लूटा।

सुखबीर सिंह बादल जमीनी हकीकत से पूरी तरह अनजान

विपक्षी नेताओं पर अपने हमले को और तेज करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सुखबीर सिंह बादल जमीनी हकीकत से पूरी तरह अनजान हैं, क्योंकि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी ऐशो-आराम में बिताई है। सुखबीर सिंह बादल ऐसे नेता हैं, जिन्होंने कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़ाई की और राज्य की मूल भौगोलिक स्थिति से भी अनजान हैं, लेकिन फिर भी पंजाब में सत्ता हासिल करना चाहते हैं। यदि हम सामान्य फसलों की बात करें तो उपमुख्यमंत्री इनमें भी फर्क नहीं बता सकते, क्योंकि उन्हें राज्य के आम मुद्दों की भी बहुत कम जानकारी है।

पूरे कार्यकाल में महल से बाहर ही नहीं निकले

उन्होंने आगे कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके परिवार का पंजाब को धोखा देने का संदिग्ध रिकॉर्ड रहा है, क्योंकि उन्होंने राज्य के दुश्मनों, चाहे वे मुगल हों, अंग्रेज हों या अब भाजपा, के साथ खड़े होकर काम किया। जब लोगों ने उन्हें मुख्यमंत्री चुना, तो वे अपने पूरे कार्यकाल में महल से बाहर ही नहीं निकले और मुश्किल से 10 बार राज्य का दौरा किया। जो खुद को राज्य के पानी का रक्षक कहते थे, उन्होंने ही इसे बर्बाद किया और जो खुद को धर्म के रक्षक बताते थे, वे पवित्र ग्रंथ की बेअदबी के मामलों में न्याय नहीं दिला सके।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि कांग्रेस और अकाली दल वे दीमक हैं, जिन्होंने आजादी के बाद राज्य को बर्बाद कर दिया, जिसके कारण पंजाब विकास की राह में पिछड़ गया। इन पार्टियों के नेता कभी भी एक-दूसरे के खिलाफ नहीं बोलते, लेकिन मेरे खिलाफ रोज जहर उगलते हैं, क्योंकि मैंने इनके असली चेहरे को जनता के सामने उजागर किया है। ये वे गद्दार हैं, जो कभी भी राज्य और इसके लोगों के प्रति वफादार नहीं रहे।

कांग्रेस में हर नेता बनना चाहता है मुख्यमंत्री 

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कांग्रेस में हर नेता मुख्यमंत्री बनना चाहता है। चुनावों में काम करने वाले कार्यकर्ताओं से ज्यादा तो कांग्रेस के पास मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं। इसी कारण हाल ही में हुई एक रैली में पार्टी के शीर्ष नेता ने इन तथाकथित दावेदारों को नजरअंदाज कर दिया। कांग्रेस गुटबाजी का शिकार है और आंतरिक खींचतान के कारण टूटने के कगार पर है।”

उन्होंने आगे कहा, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेसियों को एकजुट करने आए शीर्ष नेता उनके नाम तक सही से नहीं ले सके। इसके विपरीत, हमारी स्टेज से शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, कृषि और अन्य क्षेत्रों पर चर्चा की जा रही है, जबकि अन्य पार्टियों की सभाओं में केवल सत्ता हासिल करने के दावे किए जा रहे हैं। ये अवसरवादी नेता हैरान हैं कि जनता उन्हें जवाब क्यों नहीं दे रही, क्योंकि उनका एजेंडा जनता की बजाय अपने परिवारों तक सीमित है।”

मुख्यमंत्री मान ने अपनी सरकार की प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए कहा, “कोई भी मुफ्त या रियायती कार्ड राज्य से गरीबी या सामाजिक बुराइयों को खत्म नहीं कर सकता, लेकिन शिक्षा ही ऐसा माध्यम है, जो लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाकर समृद्धि ला सकता है। शिक्षा वह प्रकाश है, जो अंधकार को दूर कर दुनिया को रोशन करता है, और राज्य सरकार इस पर विशेष जोर दे रही है। सरकार सरकारी स्कूलों को सुधारने के लिए कड़े प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे विद्यार्थी हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं।”

ट्यूबवेलों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली 

कृषि और बिजली के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य के इतिहास में पहली बार धान के सीजन के दौरान ट्यूबवेलों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति दी गई है। किसानों को अब पहली बार सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली मिल रही है, जिससे उनकी जिंदगी में बदलाव आ रहा है। राज्य सरकार जनता के हित में सरकारी खजाने के हर एक पैसे का समझदारी से उपयोग कर रही है।”

लोक भलाई के बारे में बताते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की गई है, जिसके तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं। हर परिवार 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का हकदार है और 30 लाख से अधिक लाभार्थियों को पहले ही स्वास्थ्य कार्ड मिल चुके हैं। इस योजना के तहत 1.65 लाख लोगों को मुफ्त इलाज मिल चुका है और मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे इन कार्डों का अधिक से अधिक लाभ लें।”

लोगों के टैक्स का पैसा राज्य का

उन्होंने आगे कहा, “लोगों के टैक्स का पैसा राज्य का है और इसे लोगों की भलाई पर खर्च किया जा रहा है। लोगों का पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के माध्यम से वापस लोगों तक पहुंच रहा है। राज्य सरकार ने 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली, बिना भ्रष्टाचार के 65,000 से अधिक युवाओं को नौकरियां, बेहतर सड़कें, टोल प्लाजा बंद होने से रोजाना 70 लाख रुपये की बचत और बुनियादी ढांचे का निर्माण किया है। ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ जैसे जनहित कार्यक्रम ने राज्य में नशे की कमर तोड़ दी है।”

हर महिला को 1000 रुपये प्रति माह 

अन्य योजनाओं की घोषणा करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, “मांवा-धीयां सत्कार योजना के तहत हर महिला को 1000 रुपये प्रति माह और अनुसूचित जाति से संबंधित महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह मिलेंगे। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी और जो महिलाएं पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रही हैं, वे भी इस योजना के लिए पात्र होंगी। पंजाब की 97 प्रतिशत महिलाओं को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है और राज्य सरकार ने बजट में 9300 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।”

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत, लोकसभा सदस्य डॉ. राज कुमार चब्बेवाल और अन्य भी उपस्थित थे।

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