Delhi
एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स (ASAP) युवाओं को वैकल्पिक राजनीति का मंच देगा – केजरीवाल !
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 20 मई 2025 को दिल्ली के संविधान क्लब में पार्टी के छात्र संगठन को एक नए नाम और रूप के साथ पुनः लॉन्च किया। अब इस संगठन का नाम ‘एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स’ (ASAP) होगा। इस अवसर पर केजरीवाल ने युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ASAP न केवल छात्र राजनीति को एक नई दिशा देगा, बल्कि यह वैकल्पिक राजनीति का एक सशक्त मंच भी बनेगा। इसके माध्यम से हम एक ऐसी युवा पीढ़ी तैयार करेंगे जो राजनीति की परिभाषा को बदलेगी और देश के लिए काम करेगी
केजरीवाल ने कहा कि पिछले 75 वर्षों से चल रही मुख्यधारा की राजनीति ही हमारे देश की अधिकांश समस्याओं की जड़ है। मुख्यधारा की राजनीति में शिक्षा माफिया का राज है, जबकि आम आदमी पार्टी की वैकल्पिक राजनीति में सभी को समान शिक्षा का अधिकार मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ASAP के माध्यम से हम एक ऐसी युवा पीढ़ी तैयार करेंगे जो राजनीति की परिभाषा को बदलेगी और देश के लिए काम करेगी।
इस दौरान पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा, सांसद गुरमीत सिंह, अनमोल गगन, वरिष्ठ नेता अवध ओझा, विधायक जनरैल सिंह समेत अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।

ASAP का उद्देश्य छात्रों को वैकल्पिक राजनीति में सक्रिय रूप से शामिल करना है, जिससे वे समाज की समस्याओं का समाधान खोजने में योगदान दे सकें। यह पहल AAP के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो पार्टी की युवा और छात्र राजनीति में सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है।
केजरीवाल ने बताया, यह है मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स
अरविंद केजरीवाल ने छात्र विंग को मेन स्ट्रीम राजनीति को समझाते हुए कहा कि पिछले 75 साल से एक ही ढर्रे पर कांग्रेस, भाजपा समेत दूसरी पार्टियों की राजनीति चली आ रही है। जिसे हम मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स कहते हैं। 75 साल से चली आ रही आ रही मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स ही आज हमारे देश की सभी समस्याओं की जड़ है। हमारी जिंदगी के हर मुद्दे को राजनीति छूती है। यह जो बिजली आ रही है, यह भी राजनीति की वजह से आती है। आम आदमी पार्टी की दिल्ली में 10 साल सरकार थी और 24 घंटे बिजली आती थी। लेकिन आज दिल्ली में पावर कट लगने लगे हैं। आम जनता के घर में बिजली आएगी या नहीं आएगी, इसमें भी राजनीति है। सस्ती बिजली मिलेगी या महंगी मिलेगी, सरकारी नौकरी मिलेगी या नहीं मिलेगी, इसमें भी राजनीति है। हर छोटी से लेकर बड़ी चीज तक में राजनीति है। इसलिए युवाओं को राजनीति का हिस्सा बनना पड़ेगा, राजनीति करनी पड़ेगी और राजनीति में भाग लेना पड़ेगा।
आम आदमी पार्टी करती है अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में 10 साल राज किया और अभी पंजाब में हमारी सरकार है। आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में जिस तरह का काम और राजनीति की, उसे वैकल्पिक राजनीति कहते हैं। हम कहते हैं कि स्कूल बनने चाहिए। लेकिन मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स के लोग कहते हैं कि अच्छे स्कूल नहीं होने चाहिए। हम कहते हैं कि लोगों को अच्छा इलाज मिलना चाहिए। पिछले 10 साल में हमने दिल्ली में ढेरों शानदार स्कूल बनाए। सारे सरकारी स्कूल अच्छे कर दिए। 10 साल तक प्राइवेट स्कूलों को फीस नहीं बढ़ाने दी। दिल्ली में भाजपा की सरकार बने तीन महीने भी नहीं हुए हैं। इन्होंने सरकारी स्कूलों का बेड़ा गर्क करना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया बच्चे और पैरेंट्स बता रहे हैं। स्पेशलाइज्ड एक्सिलेंस के स्कूल सबसे शानदार होते थे। उनको भी बर्बाद करना चालू कर दिया है। क्योंकि शानदार स्कूल बनाना मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स का हिस्सा नहीं हैं। हमारी वैकल्पिक राजनीति (अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स) का हिस्सा है कि अमीर-गरीब सबको अच्छी शिक्षा मिलनी चाहिए।
मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स में फीस नहीं देने पर बच्चों को स्कूल में प्रवेश नहीं मिलता है- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 10 साल तक आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली में शिक्षा माफिया को कंट्रोल करके रखा था, उन्हें ध्वस्त कर दिया था। शिक्षा माफिया को खत्म करने में बड़ी मेहनत करनी पड़ी, हमें बहुत धमकियां मिलीं। हमें शिक्षा माफिया के खिलाफ हिम्मत दिखानी पड़ी। बड़े-बड़े प्राइवेट स्कूलों के मालिक छोटे लोग नहीं हैं। इतने बड़े-बड़े लोगों का हम लोगों ने सामना किया और 10 साल तक उनको फीस नहीं बढ़ाने दी। भाजपा की दिल्ली में सरकार बने तीन महीने ही हुए हैं और सारे प्राइवेट स्कूल फीस बढ़ा रहे हैं। बढ़ी फीस नहीं देने वाले बच्चों को स्कूल में प्रवेश से रोकने के लिए स्कूलों ने बाउंसर तक लगा दिए हैं। यही मेन स्ट्रीम राजनीति है। मेन स्ट्रीम राजनीति मंे शिक्षा माफिया का राज होगा, शिक्षा माफिया बच्चों को स्कूलों में घुसने नहीं देगा। अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स में गरीब-अमीर बच्चे को एक जैसी शिक्षा मिलेगी।
मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स में पावर कट लगते हैं और ‘‘आप’’ की अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स में 24 घंटे बिजली आती है- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 10 साल के शासन में हमने दिल्ली में 24 घंटे बिजली कर दी। यह एक अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स है। वहीं, भाजपा की सरकार आते ही दिल्ली में तीन से चार घंटे के पावर कट लग रहे हैं। आम आदमी पार्टी की सरकार से पहले दिल्ली में कांग्रेस की सरकार थी। कांग्रेस की भी बिजली कंपनियों से सांठगांठ थी। लेकिन आम आदमी पार्टी ने उन बिजली कंपनियों को सीधा कर दिया और उनकी मनमर्जी बंद कर दी। जैसे ही दिल्ली से ‘‘आप’’ की सरकार गई, तीन महीने के अंदर ही बिजली कंपनियों की नौटंकी चालू हो गई। उनकी यह मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स है।
दुनिया एआई की बात कर रही और ये हमारे बच्चों को हिन्दू-मुसलमान सिखा रहे- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एक तरह पूरी दुनिया एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की बात कर रही है और दूसरी तरह, ये लोग 24 घंटे आपके बच्चों को सिर्फ हिन्दू-मुसलमान सिखाते हैं। जबकि इनके बच्चे विदेश में जाकर पढ़ते हैं। इनके सभी नेताओं के बच्चे विदेशों में पढ़ रहे हैं और ये आम आदमी के बच्चों के हाथों में डंडे देकर मस्जिदों के सामने भेजते हैं और हिन्दू-मुसलमान कराते हैं। यह भाजपा-कांग्रेस की मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स है। आम आदमी पार्टी की पॉलिटिक्स 140 करोड़ लोगों को इकट्ठा करके भारत को दुनिया का नंबर वन देश बनाना है। देश के सरकारी पैसे को जमकर लूटना इनकी पॉलिटिक्स है। इन्होंने दिल्ली में 250 करोड़ रुपए प्रति किलोमीटर लागत से एक सड़क बनाई है। एक किलोमीटर सड़क बनाने में 250 करोड़ रुपए खर्च कर डाले।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इन्होंने देश का सारा सामान उठाकर अपने एक दोस्त को दे दिया। इन्होंने अपने दोस्त को एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, आसमान, पाताल और जमीन भी दे दी। इन दोनों पार्टियों की सरकार में जमकर भ्रष्टाचार है। इसी का मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स कहते हैं। दूसरी तरफ, सरकार के एक-एक पैसे को बचाने, उसका जनता के हित में इस्तेमाल करने, ईमानदारी से सरकार चलाने को अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स कहते हैं।
देश का विकास कर ऊंचाइयों पर ले जाना ‘‘आप’’ की अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स है- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने जब आम आदमी पार्टी का गठन हुआ था, तब कहते थे कि ईमानदारी से चुनाव नहीं लड़े जा सकते। चुनाव में दो नंबर का पैसा इस्तेमाल करना ही पड़ता है। आम आदमी पार्टी ने ईमानदारी से चुनाव लड़ा और जीत कर दिखाया। बेइमानी, हिंसा, गुंडागर्दी, फर्जी वोट जुड़वाना, सही वोट कटवाना, वोटर लिस्ट से छेड़छाड़ करना मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स है और ईमानदारी से जनता का दिल जीतकर चुनाव जीतना अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स है। जो आपके खिलाफ बोले, उसको पकड़कर जेल में डालना मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स है और विरोधी विचारधारा के लोगों को अपना पक्ष रखने की आजादी देना अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स है। गुंडागर्दी करना, गालियां देना, हिंसा करना, डराना, घमकाना इनकी मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स है और देश का विकास करके ऊंचाइयों पर ले जातना हमारी अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स है।
एसैप में डिस्कशन, शोसल, कल्चरल ग्रुप बनाए जाएंगे- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब 16-17 साल का बच्चा कॉलेज में जाता है। उस दौरान वह आदर्शवाद से भरा होता है और देश-समाज के लिए कुछ करना चाहता है। लेकिन कॉलेज में वह छात्र राजनीति, गुंडागर्दी, मारपीट देखता है और कई बच्चे उसकी का हिस्सा बन जाते हैं। एसैप को इसी को खत्म करना है और एक अल्टनेटिव पॉलिटिक्स तैयार करनी है। छात्र राजनीति केवल चुनाव लड़ने की राजनीति नहीं होनी चाहिए। चुनाव लड़ना छात्र राजनीति का सिर्फ एक हिस्सा होना चाहिए। देश के केवल 5 फीसद कॉलेजों में ही चुनाव होते हैं। बाकी कॉलेजों में चुनाव नहीं होते हैं। एसैप के जरिए छात्रों के ढेरों ग्रुप बनाए जाएंगे। इसमें डिस्कशन, शोसल, कल्चरल ग्रुप बनाए जाएंगे। इसमें छात्रों को सोशल, कल्चरल गतिविधि करने और समाज के साथ जुड़ने के लिए बहुत सारे द्वार उपलब्ध कराए जाएंगे।
आने वाले समय में अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स ही देश की मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स बनेगी- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने उम्मीद जताते हुए कहा कि एसैप के जरिए पूरे देश के कॉलेजों में ऐसा माहौल तैयार किया जाएगा। लोगों को अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स और मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स के बारे में सोचने के लिए मजबूर किया जाएगा। हमें उम्मीद है कि एक ऐसा समय आएगा कि आज मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स करने वाली पार्टियां भी आम आदमी पार्टी की अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स को अपनाएगी और आने वाले समय में अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स ही देश की मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स बनेगी। एसैप के जरिए पूरे देश में एक नई पीढ़ी तैयार की जाएगी जो देश के लिए काम करेगी और राजनीति की परिभाषा बदलेगी। पॉलिटिक्स बहुत गंदा शब्द हो गया है, इसको सही बनाया जाएगा। देश के विकास, प्यार, मोहब्बत की पॉलिटिक्स को मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स बनाया जाएगा।

एसैप पूरे देश में शिक्षा सुधार का चेहरा, दिमाग और आवाज बनेगा- मनीष सिसोदिया
दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने एक नई सोच और विजन के साथ स्टूडेंट्स विंग को लॉन्च किया है। आम आदमी पार्टी की तरह एसैप भी वैकल्पिक राजनीति की बात करेगा। आज देश में जो भी रानीति व नीति सुधार की जरूरत है, वह एसैप है। हम बहुत सारी चीजों में पीछे हैं। अरविंद केजरीवाल कहते हैं कि आजादी के बाद से देश के किसी एक राज्य में एक भी सरकार नहीं बनी जो अपना एक कार्यकाल सिर्फ शिक्षा में झोंक दे। दुनिया के बहुत सारे देशों में नर्सरी-केजी के बच्चों को एआई के जरिए एक-एक छात्र की मैपिंग और मार्किंग करके उनका विकास देख रहे हैं। वह छात्र क्या सीख रहा है, उसके विकास में कहां कमी हर जा रही है। ऐसे में हम भारत में आजादी के 75 साल बाद 11वीं,12वी के छात्र को स्कूलों में कम्प्यूटर रखकर टाइपिंग सीखा रहे हैं। कट-पेस्ट सीखा रहे हैं।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि सभी को एसैप को याद रखना है। हमारे पास समय नहीं हैं, अब हमें क्रांति करनी है। आम आदमी पार्टी की अब तक यात्रा में एक बड़ी उपलब्धि रही है कि आज देश में आम आदमी पार्टी एक वैकल्पिक राजनीति का नाम बन गई है। शिक्षा की बात करते हैं तब आम आदमी पार्टी का नाम आता है और आम आदमी पार्टी की बात करें तब शिक्षा का नाम आता है। हम उम्मीद करते हैं कि स्टूडेंट्स विंग के लोग इसे वैकल्पिक राजनीति की दिशा में लेकर जाएंगे। एसैप केवल आम आदमी पार्टी के चुनाव लड़ने वाले स्टूडेंट्स का विंग नहीं है। देश के 50 हजार कॉलेज व यूनिवर्सिटी में डिग्री-डिप्लोमा करने वाले छात्रों की संख्या लगभग 8 करोड़ है। इन 50 हजार कॉलेजों व यूनिवर्सिटी में से केवल 5 फीसद में ही चुनाव होता है। हम चाहते हैं कि एक दिन हर कॉलेज यूनिवर्सिटी में एएसएपी का अध्यक्ष, सचिव चुन कर आए।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि एएसएपी का काम कॉलेज-यूनिवर्सिटी के बच्चों में कूट-कूट कर देशभक्ति की भावना भरनी है। आम आदमी पार्टी जहां पर भी सरकार बनाने का मौका मिलता है, वहां शिक्षा में सुधार करने का प्रयास करती है। लेकिन पार्टियों और सरकारों का भी शिक्षा सुधार करने की जरूरत है। असली सुधार छात्रों के बीच से आएगा। आज छात्र सबसे ज्यादा हाइटेक हैं। एएसएपी को देखना होगा कि छात्रों को लेकर शिक्षा में क्या कमी रह जा रही है। जहां कमी है, वहां एसैप को आवाज उठानी पड़ेगी। आज नए युग की यूनिवर्सिटी में मैथमेटिक्स, सोशल साइंस और भाषा पढ़ाने के क्या तरीके अपनाए जा रहे हैं, आज किसी यूनिवर्सिटी में मैथमेटिक्स कैसे पढ़ाया जा रहा है, वह दिल्ली यूनिवर्सिटी या अन्य किसी यूनिवर्सिटी में क्यों नहीं पढ़ाया जाना चाहिए। कैलिफोर्निया की यूनिवर्सिटी में जो रिसर्च हुई है, वह गुजरात-पंजाब की युनिवर्सिटी में क्यों नहीं पढ़ाया जाना चाहिए। यह आवाज एसैप उठाएगा। एएसएपी जब शिक्षा सुधार की आवाज उठाएगा तो सारी राजनीति पार्टियां सुधार के लिए बाध्य हांेगी। एसैप पूरे देश में शिक्षा सुधार का चेहरा-दिमाग और आवाज बनेगा। आम आदमी पार्टी एक पार्टी होने के नाते यह छात्र विंग लॉन्च नहीं कर रही है, बल्कि वैकल्पिक राजनीति करने के लिए लॉन्च कर रही है।
एसैप ऐसा फोरम बनेगा, जहां देश-समाज के लिए कुछ करने की भावना हो- सौरभ भारद्वाज
दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हमारी यह कोशिश रहेगी कि छात्रों को जितना हो सकेगा, समर्थन करेंगे। हम चाहते हैं कि छात्रों का एक ऐसा फोरम तैयार हो, जहा पर देशभक्ति की भावना, देश-समाज के लिए कुछ करने की भावना हो, उस उर्जा को चैनलाइज्ड कर सकें। छात्र संगठन आगे रहेगा और पीछे से आम आदमी पार्टी आगे बढ़ाने में मदद करेगी। संगठन का नेतृत्व छात्रों के हाथ में होगी और अपने तरीके से इस संगठन को चलाएंगे।
एसैप का उद्देश्य केवल चुनाव नहीं, बल्कि सामाजिक कार्य और लोकतंत्र को समझना भी है- अनुराग ढांडा
“आप” के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि आज एसैप की नई शुरुआत हुई है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह संगठन अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करेगा। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में यह संगठन छात्रों को सही दिशा दिखाएगा और देश के लोकतंत्र को मजबूत करने में योगदान देगा। हम सब मिलकर इन लक्ष्यों को हासिल करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि कई लोग सोचते हैं कि छात्र राजनीति केवल चुनाव लड़ने तक सीमित है। लेकिन यह धारणा गलत है। देश में 50,000 से अधिक कॉलेज हैं, लेकिन उनमें से केवल 5 फीसद में ही छात्रसंघ चुनाव होते हैं। इसका मतलब यह नहीं कि इन कॉलेजों में छात्र संगठन नहीं होने चाहिए। छात्र संगठन का उद्देश्य केवल चुनाव नहीं, बल्कि सामाजिक कार्य, देश से जुड़ाव और लोकतंत्र को समझना है। इससे छात्र भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बनकर लोकतंत्र में योगदान दे सकते हैं।
जूनून और जज्बे से भरे युवा ही देश में क्रांति और बदलाव लाते हैं- अनमोल गगन
पंजाब सरकार में पूर्व मंत्री अनमोल गगन मान ने कहा कि युवा ही क्रांति और बदलाव लाते हैं, क्योंकि उनमें जुनून, ताजगी और देश के लिए जज्बा होता है। भारत आजादी के बाद भी पीछे क्यों है? क्योंकि देश के नेता केवल 50 वर्ष से अधिक आयु के वोट देने वाले लोगों को महत्व देते हैं, जबकि 20-35 वर्ष के युवा वोटिंग से दूर रहते हैं। अरविंद केजरीवाल पहले राजनेता हैं, जिन्होंने युवाओं को अवसर दिया। मैं इसका उदाहरण हूं। जॉन एफ कैनेडी का कथन है, “यह मत देखो कि देश आपके लिए क्या कर रहा है, बल्कि यह देखो कि आप देश के लिए क्या कर सकते हैं।” केवल सोशल मीडिया पर टिप्पणी से बदलाव नहीं आएगा। युवाओं को संगठित होने की जरूरत है।
एसैप से जुड़कर युवाओं को देश की दिशा बदलने का मौका मिलेगा- गुरमीत सिंह
पंजाब से “आप” के लोकसभा सांसद गुरमीत सिंह ने कहा कि एसैप एक नई राजनीति का मंच है, जो समझौता और सेटलमेंट की पुरानी राजनीति के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि युवाओं को इस पहल से जुड़कर देश की दिशा बदलने का मौका मिलेगा। अरविंद केजरीवाल ने नई राजनीति की शुरुआत की, जिसने वंशवाद को खत्म किया। यह मंच उन युवाओं के लिए है जो पुरानी राजनीति को चुनौती देना चाहते हैं। राजनीति केवल विधायक या सांसद बनने तक सीमित नहीं है। युवाओं को राजनीति में रुचि लेनी चाहिए, क्योंकि यह शिक्षा, नौकरी और बुनियादी सुविधाओं जैसे बिजली को प्रभावित करती है। अगर युवा राजनीति से दूरी बनाएंगे, तो देश का भविष्य तय करने में उनकी भूमिका नहीं होगी।
एसैप का मुख्य उद्देश्य जनता को शासन होने का अहसास दिलाना है- अवध ओझा
वरिष्ठ नेता अवध ओझा ने कहा कि लोकतंत्र दुनिया का सबसे महान सिद्धांत है। महात्मा गांधी का स्वतंत्रता संग्राम में बहुत बड़ा योगदान रहा। जबकि लड़ाई करते हुए कहीं नहीं दिखे। उन्होंने लड़ाई से बड़ा काम जागरूक करने का काम किया। आज हमारे देश की सबसे बड़ी जरूरत है कि देश की जनता यह समझे कि इस देश का पूरा शासन, सत्ता उसके हाथ में हैं और लोकतंत्र में उसे मांगना क्या है? अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी की सरकार ने सबसे बड़ा काम शिक्षा सुधार का किया। मनीष सिसोदिया को शिक्षा सुधार का जनक कहा जाता है। उन्होंने कहा कि एसैप का उद्देश्य जनता को यह एहसास दिलाना है कि वे शासक हैं और अपनी जरूरतों की मांग सरकार से करें। उन्होंने छात्र राजनीति को आधुनिक विश्व में महत्वपूर्ण बताते हुए माजिनी के “यंग इटली मूवमेंट” और भारत के “यंग बंगाल मूवमेंट” का उदाहरण दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि एएसएपी भारत में जनता को जागृत कर प्रजातंत्र को मजबूत करेगी।
Delhi
हलवा सेरेमनी ‘; यूनियन बजट 2026-27 की तैयारियां अंतिम दौर में वित्त मंत्री ने ‘हलवा सेरेमनी’ के साथ बजट को दिया अंतिम रूप 1 फरवरी को खुलेगा पिटारा |
यूनियन बजट 2026-27: नॉर्थ ब्लॉक में अंतिम चरण की तैयारी, हलवा सेरेमनी के साथ शुरू हुआ ‘लॉक-इन’ पीरियड
नई दिल्ली:
नॉर्थ ब्लॉक में यूनियन बजट 2026-27 की तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इस मौके पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पारंपरिक हलवा सेरेमनी के जरिए बजट टीम के परिश्रम और समर्पण को सम्मानित किया। इसके साथ ही बजट से जुड़ी गोपनीय प्रक्रिया यानी ‘लॉक-इन पीरियड’ की आधिकारिक शुरुआत हो गई है।
क्या है लॉक-इन पीरियड?
लॉक-इन पीरियड के दौरान बजट से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी अगले कुछ दिनों तक नॉर्थ ब्लॉक परिसर में ही रहेंगे। इस अवधि में वे पूरी तरह बाहरी दुनिया से कटे रहते हैं, ताकि बजट की गोपनीयता बनी रहे।
वित्त मंत्री ने किया बजट प्रेस का निरीक्षण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्वयं नॉर्थ ब्लॉक स्थित बजट प्रेस का दौरा किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था और बजट दस्तावेजों की छपाई से जुड़ी तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया और यह सुनिश्चित किया कि सभी इंतजाम पूरी तरह दुरुस्त हों।
डिजिटल इंडिया को मिलेगा नया बल
इस बार का यूनियन बजट ‘डिजिटल इंडिया’ मिशन को और मजबूती देने वाला माना जा रहा है। 1 फरवरी, 2026 को संसद में पेश होने वाला यह बजट आम लोगों तक ‘यूनियन बजट मोबाइल ऐप’ के जरिए तुरंत पहुंच जाएगा।
मोबाइल ऐप पर मिलेगा पूरा बजट
बजट भाषण समाप्त होते ही सभी दस्तावेज डिजिटल पोर्टल और मोबाइल ऐप पर उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
- बजट हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होगा
- आम नागरिक, सांसद और विशेषज्ञ एक क्लिक में बजट से जुड़े सभी आंकड़े देख सकेंगे
- भारी-भरकम फाइलों की जरूरत नहीं होगी
केवल आंकड़े नहीं, अनुशासन और समर्पण की कहानी
यूनियन बजट सिर्फ आय-व्यय का ब्योरा नहीं होता, बल्कि यह उन अधिकारियों की मेहनत, अनुशासन और गोपनीयता का प्रतीक भी है, जो महीनों तक पर्दे के पीछे रहकर देश की आर्थिक दिशा तय करने में जुटे रहते हैं।
हलवे की मिठास के साथ अब पूरी बजट टीम उस दिन का इंतजार कर रही है, जब देश का नया वित्तीय खाका जनता के सामने पेश किया जाएगा। यह बजट न सिर्फ आर्थिक नीतियों की दिशा तय करेगा, बल्कि डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा।
Delhi
जम्मू-कश्मीर ; की 26 साल की CRPF अधिकारी सिमरन बाला आज रिपब्लिक डे परेड में पुरुष सदस्यीय टुकड़ी का कमान संभाल रही हैं।
गणतंत्र दिवस परेड में इतिहास रचेंगी सिमरन बाला
CRPF की 26 वर्षीय अधिकारी पहली बार करेंगी 140 से अधिक पुरुष जवानों का नेतृत्व
नई दिल्ली:
आज दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में जम्मू-कश्मीर की 26 वर्षीय सिमरन बाला इतिहास रचने जा रही हैं। वह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की सहायक कमांडेंट के रूप में 140 से अधिक पुरुष जवानों की टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी। यह पहला मौका है जब किसी महिला अधिकारी को गणतंत्र दिवस परेड में इतनी बड़ी पुरुष टुकड़ी की कमान सौंपी गई है।
कौन हैं सिमरन बाला?
सिमरन बाला जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले की रहने वाली हैं। वह अपने जिले से CRPF में अधिकारी बनने वाली पहली महिला हैं। CRPF देश का सबसे बड़ा पैरामिलिट्री बल है, जिसमें लगभग 3.25 लाख जवान कार्यरत हैं और यह भारत की आंतरिक सुरक्षा की रीढ़ माना जाता है।
CRPF मुख्य रूप से तीन अहम क्षेत्रों में काम करता है:
- नक्सल विरोधी अभियान
- जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी कार्रवाई
- उत्तर-पूर्वी राज्यों में उग्रवाद विरोधी ऑपरेशन
शिक्षा और करियर
- स्नातक: राजनीति शास्त्र, सरकारी महिला कॉलेज, गांधी नगर (जम्मू)
- UPSC CAPF परीक्षा: वर्ष 2025 में उत्तीर्ण
- बल: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF)
- पहली पोस्टिंग: छत्तीसगढ़ की ‘बस्तरिया’ बटालियन
छत्तीसगढ़ में तैनाती के दौरान सिमरन बाला को नक्सल विरोधी अभियानों में सक्रिय रूप से काम करने का अवसर मिला।
प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन
CRPF अकादमी, गुरुग्राम में प्रशिक्षण के दौरान सिमरन बाला ने:
- उत्कृष्ट प्रशिक्षण प्रदर्शन
- प्रभावशाली सार्वजनिक भाषण
के लिए विशेष पुरस्कार भी प्राप्त किए।
गणतंत्र दिवस परेड में महिला शक्ति का प्रदर्शन
इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में महिलाओं की भागीदारी और भी खास होगी।
CRPF और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की संयुक्त महिला टीम ‘डेयर डेविल्स’ के रूप में रॉयल एनफील्ड बुलेट मोटरसाइकिलों पर रोमांचक करतब दिखाएगी।
उल्लेखनीय है कि इन दोनों बलों की महिला जवानों ने 2020 की गणतंत्र दिवस परेड में भी यह साहसिक प्रदर्शन किया था।
प्रेरणा का प्रतीक
सिमरन बाला की यह उपलब्धि न सिर्फ जम्मू-कश्मीर बल्कि पूरे देश की युवा महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका नेतृत्व, समर्पण और साहस यह साबित करता है कि भारतीय सुरक्षा बलों में महिलाएं किसी भी भूमिका में पीछे नहीं हैं।
Blog
77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को राष्ट्रपति ने अशोक चक्र से सम्मानित किया,यह सम्मान के अवसर पर कड़ी सुरक्षा और भव्य समारोहों के बीच औपचारिक परेड के दौरान प्रदान किया गया।
77वें गणतंत्र दिवस पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से किया गया सम्मानित
नई दिल्ली:
आज देश 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और गर्व के साथ मना रहा है। इस अवसर पर कर्तव्य पथ पर भव्य परेड का आयोजन किया गया, जहां देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वीरता और असाधारण साहस के लिए कई जांबाजों को सम्मानित किया।
इसी क्रम में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा करने वाले पहले भारतीय ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को राष्ट्रपति ने देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया।
कर्तव्य पथ पर हुआ सम्मान समारोह
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और भव्य समारोहों के बीच औपचारिक परेड का आयोजन किया गया। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को असाधारण साहस और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान के लिए अशोक चक्र प्रदान किया।
अंतरिक्ष में भारत का गौरव
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला पिछले वर्ष जून में एक्सिओम मिशन-4 (Ax-4) के तहत अंतरिक्ष गए थे। इस मिशन के साथ वे:
- अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय
- और ISS का दौरा करने वाले पहले भारतीय बने
उनकी 18 दिनों की अंतरिक्ष यात्रा, 41 वर्ष पहले राकेश शर्मा की ऐतिहासिक उड़ान के बाद भारत के मानव अंतरिक्ष अभियानों में एक नई उपलब्धि मानी जा रही है।
अनुभवी फाइटर पायलट
भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला एक अनुभवी फाइटर पायलट भी हैं। उनके पास:
- Su-30 MKI
- MiG-21
- MiG-29
- Jaguar
- Hawk
- Dornier
- An-32
जैसे विमानों में 2,000 घंटे से अधिक उड़ान अनुभव है।
एक्सिओम-4 मिशन में अहम भूमिका
Ax-4 मिशन अमेरिका की निजी कंपनी Axiom Space द्वारा संचालित किया गया था, जिसमें:
- NASA
- यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA)
- ISRO
भी शामिल थे। मिशन के दौरान शुभांशु शुक्ला ने पायलट के रूप में कार्य करते हुए कई जटिल वैज्ञानिक प्रयोगों में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसकी वैश्विक स्तर पर सराहना हुई।
देश के लिए प्रेरणा
सफल अंतरिक्ष मिशन के बाद ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला देश-विदेश में चर्चा का विषय बने और आज उनका अशोक चक्र से सम्मानित होना हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है।
-
Religious2 years agoकब है तुलसी विवाह? इस दिन तुलसी माता का विवाह करने से मिलेगा लाभ
-
Religious2 years agoजानिए गोवर्धन पूजा का महत्व, कौनसा समय रहेगा पूजा के लिए सही
-
Religious2 years agoआखिर क्यों लिखा जाता है घर के बाहर शुभ लाभ, जानिए क्या है इन चिह्न का मतलब
-
Religious2 years agoपैरों के निशान, बनावट, रंग, साइज से पता लागए की आप कितने है भागयशाली
-
Punjab2 years agoपंजाब में अमरूद के बगीचे के मुआवजे के घोटाले में ED ने 26 स्थानों पर छापे मारे
-
Chandigarh2 years agoChandigarh: Top 10 Restaurants. ये लोकप्रिय क्यों हैं ?
-
Punjab2 years agoLudhiana में पुलिस स्टेशन के पास शव मिला। एक आदमी सड़क के बीच में पड़ा था; पास में कपड़ों से भरा एक बोरे भी मिला था, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो सकी
-
Punjab2 years agoBJP पंजाब में अपने दम पर लोकसभा चुनाव लड़ेगी, शिअद (SAD) के साथ कोई गठबंधन नहीं: प्रदेश भाजपा प्रमुख सुनील जाखड़