Delhi
एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स (ASAP) युवाओं को वैकल्पिक राजनीति का मंच देगा – केजरीवाल !
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 20 मई 2025 को दिल्ली के संविधान क्लब में पार्टी के छात्र संगठन को एक नए नाम और रूप के साथ पुनः लॉन्च किया। अब इस संगठन का नाम ‘एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स’ (ASAP) होगा। इस अवसर पर केजरीवाल ने युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ASAP न केवल छात्र राजनीति को एक नई दिशा देगा, बल्कि यह वैकल्पिक राजनीति का एक सशक्त मंच भी बनेगा। इसके माध्यम से हम एक ऐसी युवा पीढ़ी तैयार करेंगे जो राजनीति की परिभाषा को बदलेगी और देश के लिए काम करेगी
केजरीवाल ने कहा कि पिछले 75 वर्षों से चल रही मुख्यधारा की राजनीति ही हमारे देश की अधिकांश समस्याओं की जड़ है। मुख्यधारा की राजनीति में शिक्षा माफिया का राज है, जबकि आम आदमी पार्टी की वैकल्पिक राजनीति में सभी को समान शिक्षा का अधिकार मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ASAP के माध्यम से हम एक ऐसी युवा पीढ़ी तैयार करेंगे जो राजनीति की परिभाषा को बदलेगी और देश के लिए काम करेगी।
इस दौरान पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा, सांसद गुरमीत सिंह, अनमोल गगन, वरिष्ठ नेता अवध ओझा, विधायक जनरैल सिंह समेत अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।

ASAP का उद्देश्य छात्रों को वैकल्पिक राजनीति में सक्रिय रूप से शामिल करना है, जिससे वे समाज की समस्याओं का समाधान खोजने में योगदान दे सकें। यह पहल AAP के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो पार्टी की युवा और छात्र राजनीति में सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है।
केजरीवाल ने बताया, यह है मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स
अरविंद केजरीवाल ने छात्र विंग को मेन स्ट्रीम राजनीति को समझाते हुए कहा कि पिछले 75 साल से एक ही ढर्रे पर कांग्रेस, भाजपा समेत दूसरी पार्टियों की राजनीति चली आ रही है। जिसे हम मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स कहते हैं। 75 साल से चली आ रही आ रही मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स ही आज हमारे देश की सभी समस्याओं की जड़ है। हमारी जिंदगी के हर मुद्दे को राजनीति छूती है। यह जो बिजली आ रही है, यह भी राजनीति की वजह से आती है। आम आदमी पार्टी की दिल्ली में 10 साल सरकार थी और 24 घंटे बिजली आती थी। लेकिन आज दिल्ली में पावर कट लगने लगे हैं। आम जनता के घर में बिजली आएगी या नहीं आएगी, इसमें भी राजनीति है। सस्ती बिजली मिलेगी या महंगी मिलेगी, सरकारी नौकरी मिलेगी या नहीं मिलेगी, इसमें भी राजनीति है। हर छोटी से लेकर बड़ी चीज तक में राजनीति है। इसलिए युवाओं को राजनीति का हिस्सा बनना पड़ेगा, राजनीति करनी पड़ेगी और राजनीति में भाग लेना पड़ेगा।
आम आदमी पार्टी करती है अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में 10 साल राज किया और अभी पंजाब में हमारी सरकार है। आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में जिस तरह का काम और राजनीति की, उसे वैकल्पिक राजनीति कहते हैं। हम कहते हैं कि स्कूल बनने चाहिए। लेकिन मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स के लोग कहते हैं कि अच्छे स्कूल नहीं होने चाहिए। हम कहते हैं कि लोगों को अच्छा इलाज मिलना चाहिए। पिछले 10 साल में हमने दिल्ली में ढेरों शानदार स्कूल बनाए। सारे सरकारी स्कूल अच्छे कर दिए। 10 साल तक प्राइवेट स्कूलों को फीस नहीं बढ़ाने दी। दिल्ली में भाजपा की सरकार बने तीन महीने भी नहीं हुए हैं। इन्होंने सरकारी स्कूलों का बेड़ा गर्क करना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया बच्चे और पैरेंट्स बता रहे हैं। स्पेशलाइज्ड एक्सिलेंस के स्कूल सबसे शानदार होते थे। उनको भी बर्बाद करना चालू कर दिया है। क्योंकि शानदार स्कूल बनाना मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स का हिस्सा नहीं हैं। हमारी वैकल्पिक राजनीति (अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स) का हिस्सा है कि अमीर-गरीब सबको अच्छी शिक्षा मिलनी चाहिए।
मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स में फीस नहीं देने पर बच्चों को स्कूल में प्रवेश नहीं मिलता है- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 10 साल तक आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली में शिक्षा माफिया को कंट्रोल करके रखा था, उन्हें ध्वस्त कर दिया था। शिक्षा माफिया को खत्म करने में बड़ी मेहनत करनी पड़ी, हमें बहुत धमकियां मिलीं। हमें शिक्षा माफिया के खिलाफ हिम्मत दिखानी पड़ी। बड़े-बड़े प्राइवेट स्कूलों के मालिक छोटे लोग नहीं हैं। इतने बड़े-बड़े लोगों का हम लोगों ने सामना किया और 10 साल तक उनको फीस नहीं बढ़ाने दी। भाजपा की दिल्ली में सरकार बने तीन महीने ही हुए हैं और सारे प्राइवेट स्कूल फीस बढ़ा रहे हैं। बढ़ी फीस नहीं देने वाले बच्चों को स्कूल में प्रवेश से रोकने के लिए स्कूलों ने बाउंसर तक लगा दिए हैं। यही मेन स्ट्रीम राजनीति है। मेन स्ट्रीम राजनीति मंे शिक्षा माफिया का राज होगा, शिक्षा माफिया बच्चों को स्कूलों में घुसने नहीं देगा। अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स में गरीब-अमीर बच्चे को एक जैसी शिक्षा मिलेगी।
मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स में पावर कट लगते हैं और ‘‘आप’’ की अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स में 24 घंटे बिजली आती है- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 10 साल के शासन में हमने दिल्ली में 24 घंटे बिजली कर दी। यह एक अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स है। वहीं, भाजपा की सरकार आते ही दिल्ली में तीन से चार घंटे के पावर कट लग रहे हैं। आम आदमी पार्टी की सरकार से पहले दिल्ली में कांग्रेस की सरकार थी। कांग्रेस की भी बिजली कंपनियों से सांठगांठ थी। लेकिन आम आदमी पार्टी ने उन बिजली कंपनियों को सीधा कर दिया और उनकी मनमर्जी बंद कर दी। जैसे ही दिल्ली से ‘‘आप’’ की सरकार गई, तीन महीने के अंदर ही बिजली कंपनियों की नौटंकी चालू हो गई। उनकी यह मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स है।
दुनिया एआई की बात कर रही और ये हमारे बच्चों को हिन्दू-मुसलमान सिखा रहे- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एक तरह पूरी दुनिया एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की बात कर रही है और दूसरी तरह, ये लोग 24 घंटे आपके बच्चों को सिर्फ हिन्दू-मुसलमान सिखाते हैं। जबकि इनके बच्चे विदेश में जाकर पढ़ते हैं। इनके सभी नेताओं के बच्चे विदेशों में पढ़ रहे हैं और ये आम आदमी के बच्चों के हाथों में डंडे देकर मस्जिदों के सामने भेजते हैं और हिन्दू-मुसलमान कराते हैं। यह भाजपा-कांग्रेस की मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स है। आम आदमी पार्टी की पॉलिटिक्स 140 करोड़ लोगों को इकट्ठा करके भारत को दुनिया का नंबर वन देश बनाना है। देश के सरकारी पैसे को जमकर लूटना इनकी पॉलिटिक्स है। इन्होंने दिल्ली में 250 करोड़ रुपए प्रति किलोमीटर लागत से एक सड़क बनाई है। एक किलोमीटर सड़क बनाने में 250 करोड़ रुपए खर्च कर डाले।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इन्होंने देश का सारा सामान उठाकर अपने एक दोस्त को दे दिया। इन्होंने अपने दोस्त को एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, आसमान, पाताल और जमीन भी दे दी। इन दोनों पार्टियों की सरकार में जमकर भ्रष्टाचार है। इसी का मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स कहते हैं। दूसरी तरफ, सरकार के एक-एक पैसे को बचाने, उसका जनता के हित में इस्तेमाल करने, ईमानदारी से सरकार चलाने को अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स कहते हैं।
देश का विकास कर ऊंचाइयों पर ले जाना ‘‘आप’’ की अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स है- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने जब आम आदमी पार्टी का गठन हुआ था, तब कहते थे कि ईमानदारी से चुनाव नहीं लड़े जा सकते। चुनाव में दो नंबर का पैसा इस्तेमाल करना ही पड़ता है। आम आदमी पार्टी ने ईमानदारी से चुनाव लड़ा और जीत कर दिखाया। बेइमानी, हिंसा, गुंडागर्दी, फर्जी वोट जुड़वाना, सही वोट कटवाना, वोटर लिस्ट से छेड़छाड़ करना मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स है और ईमानदारी से जनता का दिल जीतकर चुनाव जीतना अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स है। जो आपके खिलाफ बोले, उसको पकड़कर जेल में डालना मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स है और विरोधी विचारधारा के लोगों को अपना पक्ष रखने की आजादी देना अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स है। गुंडागर्दी करना, गालियां देना, हिंसा करना, डराना, घमकाना इनकी मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स है और देश का विकास करके ऊंचाइयों पर ले जातना हमारी अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स है।
एसैप में डिस्कशन, शोसल, कल्चरल ग्रुप बनाए जाएंगे- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब 16-17 साल का बच्चा कॉलेज में जाता है। उस दौरान वह आदर्शवाद से भरा होता है और देश-समाज के लिए कुछ करना चाहता है। लेकिन कॉलेज में वह छात्र राजनीति, गुंडागर्दी, मारपीट देखता है और कई बच्चे उसकी का हिस्सा बन जाते हैं। एसैप को इसी को खत्म करना है और एक अल्टनेटिव पॉलिटिक्स तैयार करनी है। छात्र राजनीति केवल चुनाव लड़ने की राजनीति नहीं होनी चाहिए। चुनाव लड़ना छात्र राजनीति का सिर्फ एक हिस्सा होना चाहिए। देश के केवल 5 फीसद कॉलेजों में ही चुनाव होते हैं। बाकी कॉलेजों में चुनाव नहीं होते हैं। एसैप के जरिए छात्रों के ढेरों ग्रुप बनाए जाएंगे। इसमें डिस्कशन, शोसल, कल्चरल ग्रुप बनाए जाएंगे। इसमें छात्रों को सोशल, कल्चरल गतिविधि करने और समाज के साथ जुड़ने के लिए बहुत सारे द्वार उपलब्ध कराए जाएंगे।
आने वाले समय में अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स ही देश की मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स बनेगी- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने उम्मीद जताते हुए कहा कि एसैप के जरिए पूरे देश के कॉलेजों में ऐसा माहौल तैयार किया जाएगा। लोगों को अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स और मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स के बारे में सोचने के लिए मजबूर किया जाएगा। हमें उम्मीद है कि एक ऐसा समय आएगा कि आज मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स करने वाली पार्टियां भी आम आदमी पार्टी की अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स को अपनाएगी और आने वाले समय में अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स ही देश की मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स बनेगी। एसैप के जरिए पूरे देश में एक नई पीढ़ी तैयार की जाएगी जो देश के लिए काम करेगी और राजनीति की परिभाषा बदलेगी। पॉलिटिक्स बहुत गंदा शब्द हो गया है, इसको सही बनाया जाएगा। देश के विकास, प्यार, मोहब्बत की पॉलिटिक्स को मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स बनाया जाएगा।

एसैप पूरे देश में शिक्षा सुधार का चेहरा, दिमाग और आवाज बनेगा- मनीष सिसोदिया
दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने एक नई सोच और विजन के साथ स्टूडेंट्स विंग को लॉन्च किया है। आम आदमी पार्टी की तरह एसैप भी वैकल्पिक राजनीति की बात करेगा। आज देश में जो भी रानीति व नीति सुधार की जरूरत है, वह एसैप है। हम बहुत सारी चीजों में पीछे हैं। अरविंद केजरीवाल कहते हैं कि आजादी के बाद से देश के किसी एक राज्य में एक भी सरकार नहीं बनी जो अपना एक कार्यकाल सिर्फ शिक्षा में झोंक दे। दुनिया के बहुत सारे देशों में नर्सरी-केजी के बच्चों को एआई के जरिए एक-एक छात्र की मैपिंग और मार्किंग करके उनका विकास देख रहे हैं। वह छात्र क्या सीख रहा है, उसके विकास में कहां कमी हर जा रही है। ऐसे में हम भारत में आजादी के 75 साल बाद 11वीं,12वी के छात्र को स्कूलों में कम्प्यूटर रखकर टाइपिंग सीखा रहे हैं। कट-पेस्ट सीखा रहे हैं।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि सभी को एसैप को याद रखना है। हमारे पास समय नहीं हैं, अब हमें क्रांति करनी है। आम आदमी पार्टी की अब तक यात्रा में एक बड़ी उपलब्धि रही है कि आज देश में आम आदमी पार्टी एक वैकल्पिक राजनीति का नाम बन गई है। शिक्षा की बात करते हैं तब आम आदमी पार्टी का नाम आता है और आम आदमी पार्टी की बात करें तब शिक्षा का नाम आता है। हम उम्मीद करते हैं कि स्टूडेंट्स विंग के लोग इसे वैकल्पिक राजनीति की दिशा में लेकर जाएंगे। एसैप केवल आम आदमी पार्टी के चुनाव लड़ने वाले स्टूडेंट्स का विंग नहीं है। देश के 50 हजार कॉलेज व यूनिवर्सिटी में डिग्री-डिप्लोमा करने वाले छात्रों की संख्या लगभग 8 करोड़ है। इन 50 हजार कॉलेजों व यूनिवर्सिटी में से केवल 5 फीसद में ही चुनाव होता है। हम चाहते हैं कि एक दिन हर कॉलेज यूनिवर्सिटी में एएसएपी का अध्यक्ष, सचिव चुन कर आए।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि एएसएपी का काम कॉलेज-यूनिवर्सिटी के बच्चों में कूट-कूट कर देशभक्ति की भावना भरनी है। आम आदमी पार्टी जहां पर भी सरकार बनाने का मौका मिलता है, वहां शिक्षा में सुधार करने का प्रयास करती है। लेकिन पार्टियों और सरकारों का भी शिक्षा सुधार करने की जरूरत है। असली सुधार छात्रों के बीच से आएगा। आज छात्र सबसे ज्यादा हाइटेक हैं। एएसएपी को देखना होगा कि छात्रों को लेकर शिक्षा में क्या कमी रह जा रही है। जहां कमी है, वहां एसैप को आवाज उठानी पड़ेगी। आज नए युग की यूनिवर्सिटी में मैथमेटिक्स, सोशल साइंस और भाषा पढ़ाने के क्या तरीके अपनाए जा रहे हैं, आज किसी यूनिवर्सिटी में मैथमेटिक्स कैसे पढ़ाया जा रहा है, वह दिल्ली यूनिवर्सिटी या अन्य किसी यूनिवर्सिटी में क्यों नहीं पढ़ाया जाना चाहिए। कैलिफोर्निया की यूनिवर्सिटी में जो रिसर्च हुई है, वह गुजरात-पंजाब की युनिवर्सिटी में क्यों नहीं पढ़ाया जाना चाहिए। यह आवाज एसैप उठाएगा। एएसएपी जब शिक्षा सुधार की आवाज उठाएगा तो सारी राजनीति पार्टियां सुधार के लिए बाध्य हांेगी। एसैप पूरे देश में शिक्षा सुधार का चेहरा-दिमाग और आवाज बनेगा। आम आदमी पार्टी एक पार्टी होने के नाते यह छात्र विंग लॉन्च नहीं कर रही है, बल्कि वैकल्पिक राजनीति करने के लिए लॉन्च कर रही है।
एसैप ऐसा फोरम बनेगा, जहां देश-समाज के लिए कुछ करने की भावना हो- सौरभ भारद्वाज
दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हमारी यह कोशिश रहेगी कि छात्रों को जितना हो सकेगा, समर्थन करेंगे। हम चाहते हैं कि छात्रों का एक ऐसा फोरम तैयार हो, जहा पर देशभक्ति की भावना, देश-समाज के लिए कुछ करने की भावना हो, उस उर्जा को चैनलाइज्ड कर सकें। छात्र संगठन आगे रहेगा और पीछे से आम आदमी पार्टी आगे बढ़ाने में मदद करेगी। संगठन का नेतृत्व छात्रों के हाथ में होगी और अपने तरीके से इस संगठन को चलाएंगे।
एसैप का उद्देश्य केवल चुनाव नहीं, बल्कि सामाजिक कार्य और लोकतंत्र को समझना भी है- अनुराग ढांडा
“आप” के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि आज एसैप की नई शुरुआत हुई है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह संगठन अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करेगा। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में यह संगठन छात्रों को सही दिशा दिखाएगा और देश के लोकतंत्र को मजबूत करने में योगदान देगा। हम सब मिलकर इन लक्ष्यों को हासिल करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि कई लोग सोचते हैं कि छात्र राजनीति केवल चुनाव लड़ने तक सीमित है। लेकिन यह धारणा गलत है। देश में 50,000 से अधिक कॉलेज हैं, लेकिन उनमें से केवल 5 फीसद में ही छात्रसंघ चुनाव होते हैं। इसका मतलब यह नहीं कि इन कॉलेजों में छात्र संगठन नहीं होने चाहिए। छात्र संगठन का उद्देश्य केवल चुनाव नहीं, बल्कि सामाजिक कार्य, देश से जुड़ाव और लोकतंत्र को समझना है। इससे छात्र भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बनकर लोकतंत्र में योगदान दे सकते हैं।
जूनून और जज्बे से भरे युवा ही देश में क्रांति और बदलाव लाते हैं- अनमोल गगन
पंजाब सरकार में पूर्व मंत्री अनमोल गगन मान ने कहा कि युवा ही क्रांति और बदलाव लाते हैं, क्योंकि उनमें जुनून, ताजगी और देश के लिए जज्बा होता है। भारत आजादी के बाद भी पीछे क्यों है? क्योंकि देश के नेता केवल 50 वर्ष से अधिक आयु के वोट देने वाले लोगों को महत्व देते हैं, जबकि 20-35 वर्ष के युवा वोटिंग से दूर रहते हैं। अरविंद केजरीवाल पहले राजनेता हैं, जिन्होंने युवाओं को अवसर दिया। मैं इसका उदाहरण हूं। जॉन एफ कैनेडी का कथन है, “यह मत देखो कि देश आपके लिए क्या कर रहा है, बल्कि यह देखो कि आप देश के लिए क्या कर सकते हैं।” केवल सोशल मीडिया पर टिप्पणी से बदलाव नहीं आएगा। युवाओं को संगठित होने की जरूरत है।
एसैप से जुड़कर युवाओं को देश की दिशा बदलने का मौका मिलेगा- गुरमीत सिंह
पंजाब से “आप” के लोकसभा सांसद गुरमीत सिंह ने कहा कि एसैप एक नई राजनीति का मंच है, जो समझौता और सेटलमेंट की पुरानी राजनीति के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि युवाओं को इस पहल से जुड़कर देश की दिशा बदलने का मौका मिलेगा। अरविंद केजरीवाल ने नई राजनीति की शुरुआत की, जिसने वंशवाद को खत्म किया। यह मंच उन युवाओं के लिए है जो पुरानी राजनीति को चुनौती देना चाहते हैं। राजनीति केवल विधायक या सांसद बनने तक सीमित नहीं है। युवाओं को राजनीति में रुचि लेनी चाहिए, क्योंकि यह शिक्षा, नौकरी और बुनियादी सुविधाओं जैसे बिजली को प्रभावित करती है। अगर युवा राजनीति से दूरी बनाएंगे, तो देश का भविष्य तय करने में उनकी भूमिका नहीं होगी।
एसैप का मुख्य उद्देश्य जनता को शासन होने का अहसास दिलाना है- अवध ओझा
वरिष्ठ नेता अवध ओझा ने कहा कि लोकतंत्र दुनिया का सबसे महान सिद्धांत है। महात्मा गांधी का स्वतंत्रता संग्राम में बहुत बड़ा योगदान रहा। जबकि लड़ाई करते हुए कहीं नहीं दिखे। उन्होंने लड़ाई से बड़ा काम जागरूक करने का काम किया। आज हमारे देश की सबसे बड़ी जरूरत है कि देश की जनता यह समझे कि इस देश का पूरा शासन, सत्ता उसके हाथ में हैं और लोकतंत्र में उसे मांगना क्या है? अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी की सरकार ने सबसे बड़ा काम शिक्षा सुधार का किया। मनीष सिसोदिया को शिक्षा सुधार का जनक कहा जाता है। उन्होंने कहा कि एसैप का उद्देश्य जनता को यह एहसास दिलाना है कि वे शासक हैं और अपनी जरूरतों की मांग सरकार से करें। उन्होंने छात्र राजनीति को आधुनिक विश्व में महत्वपूर्ण बताते हुए माजिनी के “यंग इटली मूवमेंट” और भारत के “यंग बंगाल मूवमेंट” का उदाहरण दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि एएसएपी भारत में जनता को जागृत कर प्रजातंत्र को मजबूत करेगी।
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ई-20 के विरोध में 100 लोगों के साथ पीएम से मिलने जा रहे केजरीवाल को पुलिस ने रोका
ई-20 पेट्रोल के विरोध में 100 लोगों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पैदल मार्च करते हुए उनके आवास जा रहे आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को दिल्ली पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया। जिसके बाद अरविंद केजरीवाल लोगों से मिली 2.33 लाख से ज्यादा पीटिशन के साथ सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और पीएम से मिलाने की मांग करने लगे। पुलिस ने उन्हें बताया कि प्रधानमंत्री मिलना नहीं चाहते हैं और सारी पीटिशन लेकर धरना खत्म करा दिया। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मोदी सरकार ट्रंप के दबाव में अमेरिका से इथेनॉल खरीदकर देश पर थोपना बंद करे। प्रधानमंत्री को हम पर अपनी ताकत दिखाने से क्या होगा, उन्हें यही हिम्मत ट्रंप को दिखानी चाहिए। ई-20 वापस नहीं होता है तो देश फिर एक बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएगा। इस दौरान वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया, सांसद संजय सिंह समेत पार्टी के अन्य नेता भी मौजूद रहे।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम लोग 2,33,238 पिटीशन लेकर प्रधानमंत्री को देने गए थे। हालांकि पुलिस ने हमें प्रधानमंत्री आवास तक जाने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि एक महीना पहले ई20 के मुद्दे पर प्रधानमंत्री से चर्चा करने के लिए समय मांगा था, लेकिन उनका कोई जवाब नहीं आया। आज हम उन्हें पिटीशन देने के लिए निकले, तो उन्होंने जवाब दिया कि वे नहीं मिलेंगे। यह उनकी तानाशाही को दिखाता है। जिस तरह से उन्होंने नीट वाले पूरे एपिसोड में तानाशाही दिखाई, वैसे ही ई20 के मुद्दे पर भी वे अड़े हुए हैं। उनकी सरकार ने खुद संसद में माना है कि गाड़ियों की माइलेज कम होती है, लेकिन थोड़ी कम होती है। इंजन के पार्ट खराब होते हैं, लेकिन रबड़ वाले पार्ट खराब होते हैं। जब इंजन के पार्ट खराब होते हैं और गाड़ियों की माइलेज भी कम होती है, तो फिर सरकार ने यह जबरदस्ती क्यों कर रखी है?
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि यह जबरदस्ती इसलिए कर रखी है क्योंकि ट्रंप मोदी जी के सिर पर बैठे हैं। ट्रंप उन पर इतना दबाव डाल रहे हैं कि मोदी जी की ट्रंप के सामने ना कहने की हिम्मत नहीं है। ट्रंप जबरदस्ती कर रहे हैं कि अमेरिका से एथेनॉल खरीदकर भारत में बेचा जाए, इसलिए यह पूरा ई20 लाया गया है। आज हम पिटीशन लेकर गए थे जो रस्सी से बांधी हुई थीं, लेकिन किसी वजह से वो रस्सियां खुल गईं और कई पिटीशन इधर-उधर हो गईं। अगर प्रधानमंत्री कार्यालय कहेगा तो हम सभी पिटीशन का एक फ्रेश सेट उन्हें भिजवा देंगे। अगर 2 लाख 33 हजार से ज्यादा लोगों ने इतनी जल्दी साइन कर दिए, तो जाहिर है कि पूरे देश के अंदर इसे लेकर बहुत बेचौनी है। हम प्रधानमंत्री से यही निवेदन करना चाहते हैं कि वे अमेरिका से एथेनॉल खरीदना बंद करें और ट्रंप का दबाव बर्दाश्त करना सीखें, क्योंकि इसकी वजह से पूरा देश कष्ट झेल रहा है।
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि अभी पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया गया है कि ई20 को वापस लिया जाए। ई20 जनता के खिलाफ है और प्रधानमंत्री जी को ट्रंप का दबाव नहीं मानना चाहिए। गोवा में हमारे दो, गुजरात में पांच और जम्मू-कश्मीर में हमारा एक विधायक है। जम्मू-कश्मीर, गुजरात और गोवा में भी हमारे विधायक यह प्रस्ताव पेश करेंगे। हमें मालूम है कि वह पास होगा या नहीं, क्योंकि कम से कम गुजरात और गोवा में भाजपा की सरकारें हैं और वे इसे पास नहीं होने देंगे। लेकिन हम वहां भी ई20 वापस लेने का प्रस्ताव जरूर पेश करेंगे।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि नीट वाले पूरे आंदोलन में मोदी जी को खुद निर्णय लेना था कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेना है या नहीं। लेकिन यहां तो ट्रंप का दबाव है और ट्रंप के सामने मोदी जी भीगी बिल्ली बन जाते हैं। इसमें मोदी जी की चलती नहीं है और उनकी मजबूरियां हैं। अगर जनता को ई20 से छुटकारा चाहिए, तो उसे बड़े स्तर पर सड़कों पर उतरना पड़ेगा। यह आंदोलन जारी रहेगा। आगे कब और कौन सी एक्टिविटी होगी, जल्द ही विचार विमर्श करके अवगत कराएंगे।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज जो 100 पीड़ित लोग आए, उन्होंने बड़ी हिम्मत दिखाई, क्योंकि आज के दौर में हिम्मत करना बहुत मुश्किल है। जो सोशल मीडिया पर एक वीडियो डाल देता है, ये लोग उसकी ऐसी-तैसी कर देते हैं, एफआईआर कर देते हैं। इनके ट्रोल धमकाते हैं और इनके गुंडे घर पहुंच जाते हैं। इन्होंने बहुत गुंडागर्दी मचा रखी है, लेकिन यही गुंडागर्दी इनका अंत साबित होगी।
इस दौरान, “आप” के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि ट्रंप के दबाव में आकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश का स्वाभिमान, सम्मान और हिंदुस्तान की 30 करोड़ गाड़ियां ट्रंप के हाथों गिरवी रख दी हैं। ट्रंप की गुलामी के कारण प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका से 22 हजार करोड़ रुपए का कूड़ा खरीदने जा रहे हैं। अरविंद केजरीवाल ने एक महीने पहले प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर अनुरोध किया था कि हम इस मुद्दे पर उनसे मिलना और बातचीत करना चाहते हैं। इसके अलावा 2 लाख 33 हजार लोगों ने हस्ताक्षर करके दिया कि वे ई20 के खिलाफ हैं। लेकिन ट्रंप की गुलामी के कारण प्रधानमंत्री ने अरविंद केजरीवाल की बात नहीं सुनी।
संजय सिंह ने कहा कि आज अरविंद केजरीवाल अपने उन 100 पीड़ित साथियों के साथ, जिनकी गाड़ियां ई20 पेट्रोल से खराब हुई हैं, ये 2 लाख 33 हजार पत्र प्रधानमंत्री को सौंपने जा रहे थे। लेकिन 100 लोगों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया और एक हजार पुलिस वाले लगा दिए गए। असल में यही मोदी का राज है। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में ई20 के खिलाफ यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी और हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ट्रंप की गुलामी और दलाली नहीं करने देंगे।
‘‘आप’’ वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि ई-20 का मसला देश के 30 करोड़ लोगों की गाड़ियों में ज़बरदस्ती इथेनॉल डलवाने का मसला है। करोड़ों लोग बता रहे हैं कि इससे उनकी गाड़ियों का नुकसान हो रहा है, माइलेज कम हो रही है, इंजन ख़राब हो रहा है और सर्विस के ख़र्चे बढ़ गए हैं।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि जनता को इतना नुकसान हो रहा है, फिर भी मोदी जी इस पर अड़े क्यों हुए हैं? सिर्फ़ अमेरिका के दबाव में, ट्रंप के दबाव में। ट्रंप के पास सरप्लस इथेनॉल था, जिसे उन्होंने मोदी जी को झुकाकर भारत से ख़रीदवाने पर मजबूर कर दिया। आज इसी बारे में लाखों लोगों की पीटिशन लेकर हम प्रधानमंत्री जी को देने निकले थे, लेकिन प्रधानमंत्री जी ने मिलने से मना कर दिया। तब ये पीटिशन पुलिस के ज़रिए प्रधानमंत्री कार्यालय भिजवाई गईं।
*लोगों ने प्रधानमंत्री के नाम यह याचिका की है साइन*
याचिका में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा गया है कि देशभर में ई20 पेट्रोल थोपे जाने के खिलाफ भारी आक्रोश है। मुझे यह देखकर दुख होता है कि सरकार हमारी बात नहीं सुन रही है और इसे थोपने पर आमादा है। सरकार के फैसलों को सही ठहराने के लिए न तो कोई तर्क है, न ही कोई विज्ञान, न इंजीनियरिंग और न ही अर्थशास्त्र। शायद इसके पीछे कोई राजनीति है, जो मेरी समझ से परे है और मैं इसे समझ नहीं पा रहा हूं।
इस देश के एक नागरिक के रूप में, मैं आपसे आग्रह करता हूं किरू
1) फ्यूल स्टेशनों पर हमें शुद्ध पेट्रोल और ई20 के बीच चयन करने का विकल्प प्रदान करें, ताकि हमें ऐसे ईंधन का उपयोग करने के लिए मजबूर न होना पड़े जो हमारे वाहनों को नुकसान पहुंचाता है।
2) ई20 की कीमत कम करें ताकि यह इसके कम कैलोरी मान और इससे मिलने वाले कम माइलेज के अनुरूप हो, जिससे हमें गुणवत्ता से समझौता किए गए उत्पाद के लिए पूरी कीमत न चुकानी पड़े।
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धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाया जाए- केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने जंतर मंतर से शिक्षाविद् सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाने की मांग रख कर युवाओं के अंदर उम्मीद की नई किरण जगा दी है। गुरुवार को उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक से मुलाकात कर उनके संघर्ष का समर्थन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाया जाए। लेकिन प्रधानमंत्री ऐसा करेंगे नहीं, क्योंकि उन्हें डर है कि कहीं सोनम वांगचुक शिक्षा में कोई क्रांति न ला दें। देश की सड़ चुकी शिक्षा व्यवस्था को एक क्रांतिकारी कदम ही ठीक कर सकता है। इसलिए देश को सोनम वांगचुक जैसा एक क्रांतिकारी शिक्षा मंत्री के साथ ही क्रांतिकारी कदम दोनों की जरूरत है। इस दौरान सांसद संजय सिंह समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारे देश की शिक्षा प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए पूरे देश के युवा जो कॉकरोच आंदोलन के बैनर तले इकट्ठे हुए हैं, मैं उन सब लोगों को सलाम करता हूं। मैं सोनम वांगचुक को सलाम करता हूं जो अपने लिए नहीं, बल्कि युवाओं और हमारे देश के बच्चों के लिए अपनी जान दांव पर लगाकर पिछले 19 दिन से अनशन कर रहे हैं।
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि हमारे देश में ऐसे बहुत सारे टीचर्स हैं जिन्होंने पेपर लीक के खिलाफ अपने-अपने शहर से आवाज उठाई, लेकिन उनको गिरफ्तार कर लिया गया। उन टीचर्स को तरह-तरह से टॉर्चर किया गया और उनके खिलाफ एफआईआर की गई, मैं उन सब लोगों को भी सलाम करता हूं। सोनम वांगचुक एक बहुत बड़े शिक्षाविद् हैं। उन्होंने पहले भी लद्दाख और देश के लिए कई बार अनशन किए हैं और आज उन्होंने देश के लिए अपनी जान दांव पर लगाई हुई है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब कोई बच्चा कॉम्पिटिटिव एग्जाम देने जाता है तो वह सिर्फ एक एग्जाम नहीं, बल्कि उसके लिए एक सपना होता है। जब वह एग्जामिनेशन हॉल में घुसता है तो उसे विश्वास होता है कि मैं अपनी मेहनत और अपनी बुद्धिमत्ता के बल पर अपना भविष्य बनाऊंगा। मैंने भी आईआईटी के पेपर दिए थे और उसमें सफल होकर आईआईटी गया था, लेकिन उन दिनों पेपर लीक नहीं होते थे। अगर उन दिनों पेपर लीक हो रहे होते तो शायद मेरा आईआईटी देने का विश्वास ही नहीं बनता। मेरे दोनों बच्चे भी आईआईटी से हैं और उनके समय पर भी पेपर लीक नहीं होते थे।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले कुछ सालों से जिस तरह से देश में पेपर लीक होने लगे हैं, उससे बच्चे का वह आत्म विश्वास लड़खड़ाने लगा है कि अगर वह मेहनत करेगा और इंटेलिजेंट है तो अमीरों के बच्चों को भी पीछे छोड़ देगा। आज बच्चों का यह लड़खड़ाता हुआ आत्म विश्वास सही नहीं है और देश के लिए बहुत खतरनाक बात है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अब हर साल पेपर लीक हो रहे हैं। साल 2024 में जो पेपर लीक हुआ था, सरकार ने उसके मास्टरमाइंड को बेल दिला दी। अब यह एक सिस्टम बन गया है कि हर साल पेपर लीक होते हैं, कमेटी बैठती हैं, जांच होती है, एफआईआर होती है, गिरफ्तारी होती है, बेल हो जाती है और अगले साल के पेपर लीक होने की फिर तैयारी शुरू हो जाती है। देश का युवा और ये बच्चे इसे कब तक बर्दाश्त करेंगे?
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि नीट पेपर लीक के बाद 20 से ज्यादा बच्चों ने सुसाइड कर लिया, लेकिन सरकार को कोई अक्ल नहीं आई। इनके कान पर जूं तक नहीं रेंगती, चाहे जितने बच्चे सुसाइड कर लें। जो बच्चे सुसाइड कर रहे हैं वे हमारे घरों के बच्चे थे, लेकिन सरकार ने कुछ नहीं किया। सीबीएसई में पूरा इवैल्यूएशन सिस्टम गड़बड़ा गया, गिरफ्तार करना तो दूर की बात है, सरकार ने जिम्मेदार कंपनी के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज नहीं की। इतने बड़े स्तर पर पूरे देश में आंदोलन चल रहा है, फिर भी सरकार ने कोई ऐसा सिस्टम में बदलाव नहीं किया जिससे अगले साल पेपर लीक न हों। अगले साल फिर पेपर लीक होंगे और हमारे बच्चे फिर मरेंगे, फिर आत्महत्या करेंगे। यह सिस्टम कब बदलेगा? इस सिस्टम को बदलना ही पड़ेगा।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यही जंतर-मंतर था, 4 अप्रैल 2011 का दिन था और यहीं अन्ना हजारे बैठे हुए थे। उस वक्त की सरकार को भी बड़ा अहंकार था, लेकिन तीन साल के बाद वह सरकार अपने अहंकार की वजह से नहीं बची और डूब गई। आज 2026 है और मैं सरकार को कहना चाहता हूं कि वह युवाओं के कॉकरोच आंदोलन और सोनम वांगचुक की बात सुन ले, नहीं तो आज से तीन साल बाद उनका भी यही हश्र होगा, जो 2014 में उस अहंकारी सरकार का हुआ था। इस सरकार को अक्ल नहीं आ रही है और ये भी बहुत ज्यादा अहंकार में डूबे हुए हैं।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को तो इस्तीफा देना ही चाहिए, लेकिन सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाना चाहिए। मैं प्रधानमंत्री जी से कहना चाहता हूं कि धर्मेंद्र प्रधान को हटाओ और सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाओ। मुझे पता है कि प्रधानमंत्री सुनने वाले नहीं हैं। प्रधानमंत्री सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री नहीं बनाएंगे, क्योंकि उन्हें डर लगता है कि कहीं सोनम वांगचुक कोई क्रांतिकारी चीज न कर दे। आज शिक्षा व्यवस्था जितनी खराब हो गई है, उसे ठीक करने के लिए हमें क्रांतिकारी कदम ही चाहिए। बिना क्रांति के शिक्षा व्यवस्था ठीक नहीं होने वाली है। इसके लिए हमें सोनम वांगचुक जैसा एक क्रांतिकारी शिक्षा मंत्री और क्रांतिकारी कदम दोनों की जरूरत है। उन्होंने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि 20 जुलाई को ज्यादा से ज्यादा संख्या में जंतर-मंतर आना है और शांतिपूर्ण संसद मार्च को सफल बनाना है।
इस दौरान “आप” के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह श्दिनकर’ की पंक्तियों ‘समर शेष है, नहीं पाप का भागी केवल व्याध, जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध’ का जिक्र करते हुए घरों में बैठे लोगों से अपील की कि वे बाहर निकलकर जंतर-मंतर पहुंचें। लोगों को सोनम वांगचुक की आवाज में आवाज मिलाकर भारत सरकार और नरेंद्र मोदी को झुकने के लिए मजबूर करना है।
संजय सिंह ने आगे कहा कि मोदी जी से बड़ा नौटंकीबाज पूरी दुनिया में कोई नहीं मिलेगा। जब देश में कोरोना आया और नोटबंदी में लोग मर गए, तब वे रोने लगे। देश के प्रधानमंत्री दिन-रात सिर्फ झूठ बोलने का काम करते हैं। इसलिए मैं यकीन दिलाकर जा रहा हूं कि 20 जुलाई से संसद के अंदर सभी साथी सांसदों से बात करके हम लोग युवाओं के लिए लड़ाई लड़ने का काम करेंगे। 20 जुलाई को सोनम वांगचुक के आह्वान पर मैं भी एक कार्यकर्ता और साथी के रूप में इस आंदोलन में शामिल होने के लिए जंतर-मंतर आऊंगा और हमारे अन्य साथी भी यहां पहुंचेंगे।
संजय सिंह ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने भरोसा दिलाया है कि हम इस आंदोलन को हर तरीके से अपना समर्थन देंगे। हम अन्य राजनीतिक दलों और जन आंदोलनों से भी इस आंदोलन को समर्थन देने की अपील करते हैं, क्योंकि सोनम वांगचुक कोई अपनी निजी लड़ाई नहीं लड़ रहे हैं, बल्कि देश के करोड़ों नौजवानों, हिंदुस्तान के भविष्य और आने वाले कल की लड़ाई लड़ रहे हैं।
Delhi
Mahatma Gandhi की समाधि पर जाकर केजरीवाल और मनीष सिसोदिया हुए नतमस्तक, सत्याग्रह के मार्ग पर डटे रहने की मांगी शक्ति
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और वरिष्ठ नेता व पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया मंगलवार को राजघाट पहुंच कर महात्मा गांधी की समाधि पर नतमस्तक हुए। उनके साथ पार्टी के विधायक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी मौजूद थे। उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ सत्याग्रह की राह दिखाने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी को नमन करते हुए सत्याग्रह के मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया। इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम न्यायपालिका का बहुत सम्मान करते हैं, लेकिन कुछ ऐसी परिस्थितियां पैदा हुई हैं कि हमें यह सत्याग्रह करना पड़ रहा है। मेरा अटूट विश्वास है कि बापू के आशीर्वाद से सत्याग्रह के इस कठिन पथ पर हम पूर्ण निष्ठा के साथ अडिग रहेंगे।
अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा कि आज मनीष सिसोदिया और अन्य साथियों के साथ राजघाट पहुंच कर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी को नमन किया। मेरी बापू से यही प्रार्थना है कि उनके दिखाए ‘सत्याग्रह’ के मार्ग पर चलने के हमारे संकल्प को वे सदैव शक्ति दें। मेरा अटूट विश्वास है कि बापू के आशीर्वाद से, सत्याग्रह के इस कठिन पथ पर हम पूर्ण निष्ठा के साथ अडिग रहेंगे।
वहीं, मीडिया से बातचीत के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मामला अदालत का है। हम अदालत का बहुत सम्मान करते हैं। हम अपने देश की न्याय प्रणाली का बहुत सम्मान करते हैं, क्योंकि इसी न्याय प्रणाली और न्यायपालिका ने हमें बेल दिलवाई और आरोप मुक्त किया है। आज हम लोग अगर आजाद घूम रहे हैं, तो हमारी न्याय प्रणाली की वजह से ही घूम रहे हैं। लेकिन कुछ ऐसी परिस्थितियां पैदा हुई हैं, जिनकी वजह से हमें यह सत्याग्रह करना पड़ रहा है। वे सभी हमने जज साहिबा को लिखी चिट्ठी में बयां कर दिए हैं।
उधर, ‘‘आप’’ के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बापू समाधि पर नतमस्तक होने के बाद एक्स पर कहा कि मंगलवार को राजघाट जाकर पूज्य बापू की समाधि पर अरविंद केजरीवाल के साथ नतमस्तक हुआ। महात्मा गांधी जी ने हमें हमेशा सत्य के रास्ते पर अडिग रहने और सत्य के लिए आत्मबल के साथ सत्याग्रह करने की प्रेरणा दी है। आज उसी मार्ग पर चलने का संकल्प और मजबूत हुआ।
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