Delhi
एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स (ASAP) युवाओं को वैकल्पिक राजनीति का मंच देगा – केजरीवाल !
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 20 मई 2025 को दिल्ली के संविधान क्लब में पार्टी के छात्र संगठन को एक नए नाम और रूप के साथ पुनः लॉन्च किया। अब इस संगठन का नाम ‘एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स’ (ASAP) होगा। इस अवसर पर केजरीवाल ने युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ASAP न केवल छात्र राजनीति को एक नई दिशा देगा, बल्कि यह वैकल्पिक राजनीति का एक सशक्त मंच भी बनेगा। इसके माध्यम से हम एक ऐसी युवा पीढ़ी तैयार करेंगे जो राजनीति की परिभाषा को बदलेगी और देश के लिए काम करेगी
केजरीवाल ने कहा कि पिछले 75 वर्षों से चल रही मुख्यधारा की राजनीति ही हमारे देश की अधिकांश समस्याओं की जड़ है। मुख्यधारा की राजनीति में शिक्षा माफिया का राज है, जबकि आम आदमी पार्टी की वैकल्पिक राजनीति में सभी को समान शिक्षा का अधिकार मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ASAP के माध्यम से हम एक ऐसी युवा पीढ़ी तैयार करेंगे जो राजनीति की परिभाषा को बदलेगी और देश के लिए काम करेगी।
इस दौरान पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा, सांसद गुरमीत सिंह, अनमोल गगन, वरिष्ठ नेता अवध ओझा, विधायक जनरैल सिंह समेत अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।

ASAP का उद्देश्य छात्रों को वैकल्पिक राजनीति में सक्रिय रूप से शामिल करना है, जिससे वे समाज की समस्याओं का समाधान खोजने में योगदान दे सकें। यह पहल AAP के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो पार्टी की युवा और छात्र राजनीति में सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है।
केजरीवाल ने बताया, यह है मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स
अरविंद केजरीवाल ने छात्र विंग को मेन स्ट्रीम राजनीति को समझाते हुए कहा कि पिछले 75 साल से एक ही ढर्रे पर कांग्रेस, भाजपा समेत दूसरी पार्टियों की राजनीति चली आ रही है। जिसे हम मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स कहते हैं। 75 साल से चली आ रही आ रही मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स ही आज हमारे देश की सभी समस्याओं की जड़ है। हमारी जिंदगी के हर मुद्दे को राजनीति छूती है। यह जो बिजली आ रही है, यह भी राजनीति की वजह से आती है। आम आदमी पार्टी की दिल्ली में 10 साल सरकार थी और 24 घंटे बिजली आती थी। लेकिन आज दिल्ली में पावर कट लगने लगे हैं। आम जनता के घर में बिजली आएगी या नहीं आएगी, इसमें भी राजनीति है। सस्ती बिजली मिलेगी या महंगी मिलेगी, सरकारी नौकरी मिलेगी या नहीं मिलेगी, इसमें भी राजनीति है। हर छोटी से लेकर बड़ी चीज तक में राजनीति है। इसलिए युवाओं को राजनीति का हिस्सा बनना पड़ेगा, राजनीति करनी पड़ेगी और राजनीति में भाग लेना पड़ेगा।
आम आदमी पार्टी करती है अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में 10 साल राज किया और अभी पंजाब में हमारी सरकार है। आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में जिस तरह का काम और राजनीति की, उसे वैकल्पिक राजनीति कहते हैं। हम कहते हैं कि स्कूल बनने चाहिए। लेकिन मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स के लोग कहते हैं कि अच्छे स्कूल नहीं होने चाहिए। हम कहते हैं कि लोगों को अच्छा इलाज मिलना चाहिए। पिछले 10 साल में हमने दिल्ली में ढेरों शानदार स्कूल बनाए। सारे सरकारी स्कूल अच्छे कर दिए। 10 साल तक प्राइवेट स्कूलों को फीस नहीं बढ़ाने दी। दिल्ली में भाजपा की सरकार बने तीन महीने भी नहीं हुए हैं। इन्होंने सरकारी स्कूलों का बेड़ा गर्क करना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया बच्चे और पैरेंट्स बता रहे हैं। स्पेशलाइज्ड एक्सिलेंस के स्कूल सबसे शानदार होते थे। उनको भी बर्बाद करना चालू कर दिया है। क्योंकि शानदार स्कूल बनाना मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स का हिस्सा नहीं हैं। हमारी वैकल्पिक राजनीति (अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स) का हिस्सा है कि अमीर-गरीब सबको अच्छी शिक्षा मिलनी चाहिए।
मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स में फीस नहीं देने पर बच्चों को स्कूल में प्रवेश नहीं मिलता है- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 10 साल तक आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली में शिक्षा माफिया को कंट्रोल करके रखा था, उन्हें ध्वस्त कर दिया था। शिक्षा माफिया को खत्म करने में बड़ी मेहनत करनी पड़ी, हमें बहुत धमकियां मिलीं। हमें शिक्षा माफिया के खिलाफ हिम्मत दिखानी पड़ी। बड़े-बड़े प्राइवेट स्कूलों के मालिक छोटे लोग नहीं हैं। इतने बड़े-बड़े लोगों का हम लोगों ने सामना किया और 10 साल तक उनको फीस नहीं बढ़ाने दी। भाजपा की दिल्ली में सरकार बने तीन महीने ही हुए हैं और सारे प्राइवेट स्कूल फीस बढ़ा रहे हैं। बढ़ी फीस नहीं देने वाले बच्चों को स्कूल में प्रवेश से रोकने के लिए स्कूलों ने बाउंसर तक लगा दिए हैं। यही मेन स्ट्रीम राजनीति है। मेन स्ट्रीम राजनीति मंे शिक्षा माफिया का राज होगा, शिक्षा माफिया बच्चों को स्कूलों में घुसने नहीं देगा। अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स में गरीब-अमीर बच्चे को एक जैसी शिक्षा मिलेगी।
मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स में पावर कट लगते हैं और ‘‘आप’’ की अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स में 24 घंटे बिजली आती है- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 10 साल के शासन में हमने दिल्ली में 24 घंटे बिजली कर दी। यह एक अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स है। वहीं, भाजपा की सरकार आते ही दिल्ली में तीन से चार घंटे के पावर कट लग रहे हैं। आम आदमी पार्टी की सरकार से पहले दिल्ली में कांग्रेस की सरकार थी। कांग्रेस की भी बिजली कंपनियों से सांठगांठ थी। लेकिन आम आदमी पार्टी ने उन बिजली कंपनियों को सीधा कर दिया और उनकी मनमर्जी बंद कर दी। जैसे ही दिल्ली से ‘‘आप’’ की सरकार गई, तीन महीने के अंदर ही बिजली कंपनियों की नौटंकी चालू हो गई। उनकी यह मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स है।
दुनिया एआई की बात कर रही और ये हमारे बच्चों को हिन्दू-मुसलमान सिखा रहे- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एक तरह पूरी दुनिया एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की बात कर रही है और दूसरी तरह, ये लोग 24 घंटे आपके बच्चों को सिर्फ हिन्दू-मुसलमान सिखाते हैं। जबकि इनके बच्चे विदेश में जाकर पढ़ते हैं। इनके सभी नेताओं के बच्चे विदेशों में पढ़ रहे हैं और ये आम आदमी के बच्चों के हाथों में डंडे देकर मस्जिदों के सामने भेजते हैं और हिन्दू-मुसलमान कराते हैं। यह भाजपा-कांग्रेस की मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स है। आम आदमी पार्टी की पॉलिटिक्स 140 करोड़ लोगों को इकट्ठा करके भारत को दुनिया का नंबर वन देश बनाना है। देश के सरकारी पैसे को जमकर लूटना इनकी पॉलिटिक्स है। इन्होंने दिल्ली में 250 करोड़ रुपए प्रति किलोमीटर लागत से एक सड़क बनाई है। एक किलोमीटर सड़क बनाने में 250 करोड़ रुपए खर्च कर डाले।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इन्होंने देश का सारा सामान उठाकर अपने एक दोस्त को दे दिया। इन्होंने अपने दोस्त को एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, आसमान, पाताल और जमीन भी दे दी। इन दोनों पार्टियों की सरकार में जमकर भ्रष्टाचार है। इसी का मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स कहते हैं। दूसरी तरफ, सरकार के एक-एक पैसे को बचाने, उसका जनता के हित में इस्तेमाल करने, ईमानदारी से सरकार चलाने को अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स कहते हैं।
देश का विकास कर ऊंचाइयों पर ले जाना ‘‘आप’’ की अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स है- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने जब आम आदमी पार्टी का गठन हुआ था, तब कहते थे कि ईमानदारी से चुनाव नहीं लड़े जा सकते। चुनाव में दो नंबर का पैसा इस्तेमाल करना ही पड़ता है। आम आदमी पार्टी ने ईमानदारी से चुनाव लड़ा और जीत कर दिखाया। बेइमानी, हिंसा, गुंडागर्दी, फर्जी वोट जुड़वाना, सही वोट कटवाना, वोटर लिस्ट से छेड़छाड़ करना मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स है और ईमानदारी से जनता का दिल जीतकर चुनाव जीतना अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स है। जो आपके खिलाफ बोले, उसको पकड़कर जेल में डालना मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स है और विरोधी विचारधारा के लोगों को अपना पक्ष रखने की आजादी देना अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स है। गुंडागर्दी करना, गालियां देना, हिंसा करना, डराना, घमकाना इनकी मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स है और देश का विकास करके ऊंचाइयों पर ले जातना हमारी अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स है।
एसैप में डिस्कशन, शोसल, कल्चरल ग्रुप बनाए जाएंगे- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब 16-17 साल का बच्चा कॉलेज में जाता है। उस दौरान वह आदर्शवाद से भरा होता है और देश-समाज के लिए कुछ करना चाहता है। लेकिन कॉलेज में वह छात्र राजनीति, गुंडागर्दी, मारपीट देखता है और कई बच्चे उसकी का हिस्सा बन जाते हैं। एसैप को इसी को खत्म करना है और एक अल्टनेटिव पॉलिटिक्स तैयार करनी है। छात्र राजनीति केवल चुनाव लड़ने की राजनीति नहीं होनी चाहिए। चुनाव लड़ना छात्र राजनीति का सिर्फ एक हिस्सा होना चाहिए। देश के केवल 5 फीसद कॉलेजों में ही चुनाव होते हैं। बाकी कॉलेजों में चुनाव नहीं होते हैं। एसैप के जरिए छात्रों के ढेरों ग्रुप बनाए जाएंगे। इसमें डिस्कशन, शोसल, कल्चरल ग्रुप बनाए जाएंगे। इसमें छात्रों को सोशल, कल्चरल गतिविधि करने और समाज के साथ जुड़ने के लिए बहुत सारे द्वार उपलब्ध कराए जाएंगे।
आने वाले समय में अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स ही देश की मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स बनेगी- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने उम्मीद जताते हुए कहा कि एसैप के जरिए पूरे देश के कॉलेजों में ऐसा माहौल तैयार किया जाएगा। लोगों को अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स और मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स के बारे में सोचने के लिए मजबूर किया जाएगा। हमें उम्मीद है कि एक ऐसा समय आएगा कि आज मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स करने वाली पार्टियां भी आम आदमी पार्टी की अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स को अपनाएगी और आने वाले समय में अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स ही देश की मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स बनेगी। एसैप के जरिए पूरे देश में एक नई पीढ़ी तैयार की जाएगी जो देश के लिए काम करेगी और राजनीति की परिभाषा बदलेगी। पॉलिटिक्स बहुत गंदा शब्द हो गया है, इसको सही बनाया जाएगा। देश के विकास, प्यार, मोहब्बत की पॉलिटिक्स को मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स बनाया जाएगा।

एसैप पूरे देश में शिक्षा सुधार का चेहरा, दिमाग और आवाज बनेगा- मनीष सिसोदिया
दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने एक नई सोच और विजन के साथ स्टूडेंट्स विंग को लॉन्च किया है। आम आदमी पार्टी की तरह एसैप भी वैकल्पिक राजनीति की बात करेगा। आज देश में जो भी रानीति व नीति सुधार की जरूरत है, वह एसैप है। हम बहुत सारी चीजों में पीछे हैं। अरविंद केजरीवाल कहते हैं कि आजादी के बाद से देश के किसी एक राज्य में एक भी सरकार नहीं बनी जो अपना एक कार्यकाल सिर्फ शिक्षा में झोंक दे। दुनिया के बहुत सारे देशों में नर्सरी-केजी के बच्चों को एआई के जरिए एक-एक छात्र की मैपिंग और मार्किंग करके उनका विकास देख रहे हैं। वह छात्र क्या सीख रहा है, उसके विकास में कहां कमी हर जा रही है। ऐसे में हम भारत में आजादी के 75 साल बाद 11वीं,12वी के छात्र को स्कूलों में कम्प्यूटर रखकर टाइपिंग सीखा रहे हैं। कट-पेस्ट सीखा रहे हैं।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि सभी को एसैप को याद रखना है। हमारे पास समय नहीं हैं, अब हमें क्रांति करनी है। आम आदमी पार्टी की अब तक यात्रा में एक बड़ी उपलब्धि रही है कि आज देश में आम आदमी पार्टी एक वैकल्पिक राजनीति का नाम बन गई है। शिक्षा की बात करते हैं तब आम आदमी पार्टी का नाम आता है और आम आदमी पार्टी की बात करें तब शिक्षा का नाम आता है। हम उम्मीद करते हैं कि स्टूडेंट्स विंग के लोग इसे वैकल्पिक राजनीति की दिशा में लेकर जाएंगे। एसैप केवल आम आदमी पार्टी के चुनाव लड़ने वाले स्टूडेंट्स का विंग नहीं है। देश के 50 हजार कॉलेज व यूनिवर्सिटी में डिग्री-डिप्लोमा करने वाले छात्रों की संख्या लगभग 8 करोड़ है। इन 50 हजार कॉलेजों व यूनिवर्सिटी में से केवल 5 फीसद में ही चुनाव होता है। हम चाहते हैं कि एक दिन हर कॉलेज यूनिवर्सिटी में एएसएपी का अध्यक्ष, सचिव चुन कर आए।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि एएसएपी का काम कॉलेज-यूनिवर्सिटी के बच्चों में कूट-कूट कर देशभक्ति की भावना भरनी है। आम आदमी पार्टी जहां पर भी सरकार बनाने का मौका मिलता है, वहां शिक्षा में सुधार करने का प्रयास करती है। लेकिन पार्टियों और सरकारों का भी शिक्षा सुधार करने की जरूरत है। असली सुधार छात्रों के बीच से आएगा। आज छात्र सबसे ज्यादा हाइटेक हैं। एएसएपी को देखना होगा कि छात्रों को लेकर शिक्षा में क्या कमी रह जा रही है। जहां कमी है, वहां एसैप को आवाज उठानी पड़ेगी। आज नए युग की यूनिवर्सिटी में मैथमेटिक्स, सोशल साइंस और भाषा पढ़ाने के क्या तरीके अपनाए जा रहे हैं, आज किसी यूनिवर्सिटी में मैथमेटिक्स कैसे पढ़ाया जा रहा है, वह दिल्ली यूनिवर्सिटी या अन्य किसी यूनिवर्सिटी में क्यों नहीं पढ़ाया जाना चाहिए। कैलिफोर्निया की यूनिवर्सिटी में जो रिसर्च हुई है, वह गुजरात-पंजाब की युनिवर्सिटी में क्यों नहीं पढ़ाया जाना चाहिए। यह आवाज एसैप उठाएगा। एएसएपी जब शिक्षा सुधार की आवाज उठाएगा तो सारी राजनीति पार्टियां सुधार के लिए बाध्य हांेगी। एसैप पूरे देश में शिक्षा सुधार का चेहरा-दिमाग और आवाज बनेगा। आम आदमी पार्टी एक पार्टी होने के नाते यह छात्र विंग लॉन्च नहीं कर रही है, बल्कि वैकल्पिक राजनीति करने के लिए लॉन्च कर रही है।
एसैप ऐसा फोरम बनेगा, जहां देश-समाज के लिए कुछ करने की भावना हो- सौरभ भारद्वाज
दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हमारी यह कोशिश रहेगी कि छात्रों को जितना हो सकेगा, समर्थन करेंगे। हम चाहते हैं कि छात्रों का एक ऐसा फोरम तैयार हो, जहा पर देशभक्ति की भावना, देश-समाज के लिए कुछ करने की भावना हो, उस उर्जा को चैनलाइज्ड कर सकें। छात्र संगठन आगे रहेगा और पीछे से आम आदमी पार्टी आगे बढ़ाने में मदद करेगी। संगठन का नेतृत्व छात्रों के हाथ में होगी और अपने तरीके से इस संगठन को चलाएंगे।
एसैप का उद्देश्य केवल चुनाव नहीं, बल्कि सामाजिक कार्य और लोकतंत्र को समझना भी है- अनुराग ढांडा
“आप” के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि आज एसैप की नई शुरुआत हुई है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह संगठन अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करेगा। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में यह संगठन छात्रों को सही दिशा दिखाएगा और देश के लोकतंत्र को मजबूत करने में योगदान देगा। हम सब मिलकर इन लक्ष्यों को हासिल करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि कई लोग सोचते हैं कि छात्र राजनीति केवल चुनाव लड़ने तक सीमित है। लेकिन यह धारणा गलत है। देश में 50,000 से अधिक कॉलेज हैं, लेकिन उनमें से केवल 5 फीसद में ही छात्रसंघ चुनाव होते हैं। इसका मतलब यह नहीं कि इन कॉलेजों में छात्र संगठन नहीं होने चाहिए। छात्र संगठन का उद्देश्य केवल चुनाव नहीं, बल्कि सामाजिक कार्य, देश से जुड़ाव और लोकतंत्र को समझना है। इससे छात्र भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बनकर लोकतंत्र में योगदान दे सकते हैं।
जूनून और जज्बे से भरे युवा ही देश में क्रांति और बदलाव लाते हैं- अनमोल गगन
पंजाब सरकार में पूर्व मंत्री अनमोल गगन मान ने कहा कि युवा ही क्रांति और बदलाव लाते हैं, क्योंकि उनमें जुनून, ताजगी और देश के लिए जज्बा होता है। भारत आजादी के बाद भी पीछे क्यों है? क्योंकि देश के नेता केवल 50 वर्ष से अधिक आयु के वोट देने वाले लोगों को महत्व देते हैं, जबकि 20-35 वर्ष के युवा वोटिंग से दूर रहते हैं। अरविंद केजरीवाल पहले राजनेता हैं, जिन्होंने युवाओं को अवसर दिया। मैं इसका उदाहरण हूं। जॉन एफ कैनेडी का कथन है, “यह मत देखो कि देश आपके लिए क्या कर रहा है, बल्कि यह देखो कि आप देश के लिए क्या कर सकते हैं।” केवल सोशल मीडिया पर टिप्पणी से बदलाव नहीं आएगा। युवाओं को संगठित होने की जरूरत है।
एसैप से जुड़कर युवाओं को देश की दिशा बदलने का मौका मिलेगा- गुरमीत सिंह
पंजाब से “आप” के लोकसभा सांसद गुरमीत सिंह ने कहा कि एसैप एक नई राजनीति का मंच है, जो समझौता और सेटलमेंट की पुरानी राजनीति के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि युवाओं को इस पहल से जुड़कर देश की दिशा बदलने का मौका मिलेगा। अरविंद केजरीवाल ने नई राजनीति की शुरुआत की, जिसने वंशवाद को खत्म किया। यह मंच उन युवाओं के लिए है जो पुरानी राजनीति को चुनौती देना चाहते हैं। राजनीति केवल विधायक या सांसद बनने तक सीमित नहीं है। युवाओं को राजनीति में रुचि लेनी चाहिए, क्योंकि यह शिक्षा, नौकरी और बुनियादी सुविधाओं जैसे बिजली को प्रभावित करती है। अगर युवा राजनीति से दूरी बनाएंगे, तो देश का भविष्य तय करने में उनकी भूमिका नहीं होगी।
एसैप का मुख्य उद्देश्य जनता को शासन होने का अहसास दिलाना है- अवध ओझा
वरिष्ठ नेता अवध ओझा ने कहा कि लोकतंत्र दुनिया का सबसे महान सिद्धांत है। महात्मा गांधी का स्वतंत्रता संग्राम में बहुत बड़ा योगदान रहा। जबकि लड़ाई करते हुए कहीं नहीं दिखे। उन्होंने लड़ाई से बड़ा काम जागरूक करने का काम किया। आज हमारे देश की सबसे बड़ी जरूरत है कि देश की जनता यह समझे कि इस देश का पूरा शासन, सत्ता उसके हाथ में हैं और लोकतंत्र में उसे मांगना क्या है? अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी की सरकार ने सबसे बड़ा काम शिक्षा सुधार का किया। मनीष सिसोदिया को शिक्षा सुधार का जनक कहा जाता है। उन्होंने कहा कि एसैप का उद्देश्य जनता को यह एहसास दिलाना है कि वे शासक हैं और अपनी जरूरतों की मांग सरकार से करें। उन्होंने छात्र राजनीति को आधुनिक विश्व में महत्वपूर्ण बताते हुए माजिनी के “यंग इटली मूवमेंट” और भारत के “यंग बंगाल मूवमेंट” का उदाहरण दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि एएसएपी भारत में जनता को जागृत कर प्रजातंत्र को मजबूत करेगी।
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Mahatma Gandhi की समाधि पर जाकर केजरीवाल और मनीष सिसोदिया हुए नतमस्तक, सत्याग्रह के मार्ग पर डटे रहने की मांगी शक्ति
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और वरिष्ठ नेता व पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया मंगलवार को राजघाट पहुंच कर महात्मा गांधी की समाधि पर नतमस्तक हुए। उनके साथ पार्टी के विधायक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी मौजूद थे। उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ सत्याग्रह की राह दिखाने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी को नमन करते हुए सत्याग्रह के मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया। इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम न्यायपालिका का बहुत सम्मान करते हैं, लेकिन कुछ ऐसी परिस्थितियां पैदा हुई हैं कि हमें यह सत्याग्रह करना पड़ रहा है। मेरा अटूट विश्वास है कि बापू के आशीर्वाद से सत्याग्रह के इस कठिन पथ पर हम पूर्ण निष्ठा के साथ अडिग रहेंगे।
अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा कि आज मनीष सिसोदिया और अन्य साथियों के साथ राजघाट पहुंच कर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी को नमन किया। मेरी बापू से यही प्रार्थना है कि उनके दिखाए ‘सत्याग्रह’ के मार्ग पर चलने के हमारे संकल्प को वे सदैव शक्ति दें। मेरा अटूट विश्वास है कि बापू के आशीर्वाद से, सत्याग्रह के इस कठिन पथ पर हम पूर्ण निष्ठा के साथ अडिग रहेंगे।
वहीं, मीडिया से बातचीत के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मामला अदालत का है। हम अदालत का बहुत सम्मान करते हैं। हम अपने देश की न्याय प्रणाली का बहुत सम्मान करते हैं, क्योंकि इसी न्याय प्रणाली और न्यायपालिका ने हमें बेल दिलवाई और आरोप मुक्त किया है। आज हम लोग अगर आजाद घूम रहे हैं, तो हमारी न्याय प्रणाली की वजह से ही घूम रहे हैं। लेकिन कुछ ऐसी परिस्थितियां पैदा हुई हैं, जिनकी वजह से हमें यह सत्याग्रह करना पड़ रहा है। वे सभी हमने जज साहिबा को लिखी चिट्ठी में बयां कर दिए हैं।
उधर, ‘‘आप’’ के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बापू समाधि पर नतमस्तक होने के बाद एक्स पर कहा कि मंगलवार को राजघाट जाकर पूज्य बापू की समाधि पर अरविंद केजरीवाल के साथ नतमस्तक हुआ। महात्मा गांधी जी ने हमें हमेशा सत्य के रास्ते पर अडिग रहने और सत्य के लिए आत्मबल के साथ सत्याग्रह करने की प्रेरणा दी है। आज उसी मार्ग पर चलने का संकल्प और मजबूत हुआ।
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Heatwave Alert : बढ़ती गर्मी को लेकर सरकार सख्त, स्कूलों के लिए जारी किए कड़े निर्देश
भीषण गर्मी और हीटवेव के बढ़ते खतरे को देखते हुए दिल्ली सरकार ने राजधानी के सभी स्कूलों के लिए सख्त और विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों का उद्देश्य छात्रों की सेहत और सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।
मौजूदा तापमान में लगातार वृद्धि और हीटवेव की चेतावनियों को ध्यान में रखते हुए यह नया प्रोटोकॉल लागू किया गया है।
“वॉटर बेल” सिस्टम अनिवार्य
नए दिशा-निर्देशों के तहत स्कूलों में “वॉटर बेल” प्रणाली लागू करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अंतर्गत हर 45 से 60 मिनट के अंतराल पर घंटी बजाई जाएगी, ताकि छात्रों को नियमित रूप से पानी पीने की याद दिलाई जा सके। इसका मुख्य उद्देश्य डिहाइड्रेशन से बचाव करना और छात्रों को हाइड्रेट रखना है।
पीने के पानी और सुविधाओं पर जोर
सरकार ने स्कूल प्रशासन को निर्देश दिया है कि छात्र पर्याप्त मात्रा में पानी साथ लाएं। साथ ही, स्कूल परिसर में साफ और ठंडे पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बाहरी गतिविधियों पर रोक
तेज धूप से बचाने के लिए बाहरी गतिविधियों और असेंबली को सीमित करने को कहा गया है। इन्हें छायादार या इनडोर स्थानों पर आयोजित करने की सलाह दी गई है। खुले में कक्षाएं लगाने पर भी रोक लगा दी गई है।
स्वास्थ्य जागरूकता पर विशेष फोकस
स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि हीटवेव से संबंधित जानकारी, शिक्षा और संचार (IEC) सामग्री को नोटिस बोर्ड, गलियारों और कक्षाओं में प्रदर्शित किया जाए। छात्रों को गर्मी से बचाव, पानी की महत्ता और हीट से जुड़ी बीमारियों के लक्षणों के बारे में जागरूक किया जाए।
मेडिकल और इमरजेंसी व्यवस्था
जरूरत पड़ने पर तुरंत प्राथमिक उपचार और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा “बड्डी सिस्टम” लागू किया जाएगा, जिसके तहत हर छात्र को एक साथी के साथ जोड़ा जाएगा, ताकि वे एक-दूसरे की सेहत पर नजर रख सकें।
खेल-कूद और शारीरिक गतिविधियों पर नियंत्रण
भीषण गर्मी के दौरान छात्रों को भारी और बाहरी शारीरिक गतिविधियों से दूर रखने की सलाह दी गई है।
निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त
इन सभी दिशा-निर्देशों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए हर स्कूल में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं, जो पूरे सिस्टम की निगरानी करेगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए विधायक पूरी ज़िम्मेदारी लें और हर गांव की रोज़ की जवाबदेही सुनिश्चित करें: Manish Sisodia
आम आदमी पार्टी (आप) के पंजाब प्रभारी और दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अमृतसर में ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ मुहिम के तहत पार्टी नेताओं, विधायकों, ब्लॉक इंचार्ज और पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए विधायकों को पूरी जिम्मेदारी लेनी होगी और हर गांव की रोजाना जवाबदेही पक्की करनी होगी। उन्होंने पूरे पंजाब में नशे के खिलाफ एक मजबूत और मिशन-मोड लड़ाई की अपील की, और इस बात पर जोर दिया कि ‘आप’ की नींव संघर्ष और कुर्बानी में है, न कि पावर या सुविधाओं में।
भारी सभा को संबोधित करते हुए, आप के सीनियर नेता मनीष सिसोदिया ने कहा, “आम आदमी पार्टी जंतर-मंतर पर अरविंद केजरीवाल जी, हम सभी और आप में से कई लोगों के सहयोग से 14 दिन की भूख हड़ताल से निकली है। यह पार्टी सत्ता का आनंद लेने या विधायक मंत्री बनने के लिए ड्राइंग रूम में नहीं बनी। यह संघर्ष से पैदा हुई पार्टी है और हमने कभी हिम्मत नहीं हारी है।”
दिल्ली सरकार के सामने आई चुनौतियों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली में सरकार बनने के बाद पहला हमला केंद्र सरकार द्वारा किया। जब अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री बने, तो हमने तहसीलदार से लेकर एसडीएम तक, सभी लेवल पर भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की पॉलिसी अपनाई। केंद्र को खतरा महसूस हुआ और उसने दिल्ली सरकार से एंटी-करप्शन ब्रांच (एसीबी) छीन ली। बाद में आईएएस अधिकारियों से लेकर शिक्षकों और सेवादारों तक के ट्रांसफर की पावर भी छीन ली गई। सभी पावर छीन लेने के बावजूद, हमने काम करना जारी रखा और नतीजे दिए।
उन्होंने आगे कहा कि सत्ता जाने के बाद भी, हमने ऐसे स्कूल और अस्पताल बनाए जो भारत में पहले कभी नहीं देखे गए। हमने बिजली और पानी पर ऐसी नीतियां लागू कीं जो एक मिसाल बन गईं। अरविंद केजरीवाल कह सकते थे कि वह शक्तियों के बिना काम नहीं कर सकते, लेकिन उन्होंने करके दिखाया। यही वजह है कि दिल्ली के लोगों ने उन्हें 2020 में 70 में से 62 सीटें दीं।”
आप नेताओं को राजनीति तौर पर निशाना बनाने के बारे में मनीष सिसोदिया ने कहा कि ईमानदारी की इस इमेज को तोड़ने के लिए नरेंद्र मोदी जी ने अरविंद केजरीवाल को भ्रष्ट साबित करने की कोशिश की। सत्येंद्र जैन को झूठे केस में गिरफ्तार किया गया। मुझ पर भी कथित शराब घोटाले का आरोप लगाया गया। पहले उन्होंने 10,000 करोड़ कहा, फिर 1,000 करोड़, फिर 100 करोड़ और कोर्ट में यह ज़ीरो हो गया। कोर्ट ने कहा कि कोई केस नहीं है।
हिम्मत बनाए रखने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि आपमें हिम्मत होनी चाहिए। यह एक दिन की लड़ाई नहीं है। यह एक लंबी लड़ाई है। आप गुरुओं और शहीदों की धरती पर पैदा हुए हैं। आपको वहीं से ताकत लेनी चाहिए। आज हम अपने लिए नहीं बल्कि अपने बच्चों के लिए लड़ रहे हैं। क्या आप गारंटी दे सकते हैं कि 10 साल बाद आपका बच्चा नशे में नहीं पड़ेगा? गारंटी बस यही है कि हम सब मिलकर पंजाब को नशा मुक्त बनाएं।
विधायकों और लोकल लीडरशिप को सीधे संबोधित करते हुए पंजाब आप प्रभारी ने कहा कि अगर एक भी गांव या एक भी वार्ड में नशा बिक रहा है, तो आपको नींद नहीं आनी चाहिए। कोई विधायक अपने ब्लॉक इंचार्ज को फोन करके क्यों नहीं पूछता कि क्या हो रहा है? विधायक खुद गांव क्यों नहीं जाता? ज़िम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता।
उन्होंने जवाबदेही और तालमेल की अहमियत पर जोर देते हुए कहा, “24 मार्च से 31 मार्च तक सभी ब्लॉकों में मीटिंगें की जाएंगी। हर VDC रिपोर्ट देगी कि उनका गांव नशा मुक्त है या नहीं और किस हद तक नशा अभी भी बाकी है। अगर नशा बिक रहा है तो जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान होनी चाहिए। विधायक और हलका इंचार्ज ब्लॉक इंचार्जों का पूरा साथ दें।”
इस मुहिम के सामूहिक स्वरूप के बारे में उन्होंने कहा, “पंजाब में पहली बार सरकार, पुलिस और जनता ‘नशों के खिलाफ जंग’ जैसी मुहिम में ईमानदारी से मिलकर काम कर रहे हैं। पहले ऐसा समय था जब मंत्री भी नशा तस्करी में शामिल होते थे और माफिया की बजाय ईमानदार अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाती थी। आज अरविंद केजरीवाल जी और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की स्पष्ट हिदायत है कि नशों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।”
उन्होंने ‘आप’ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को दोहराते हुए कहा, “अगर ‘आप’ का कोई दूर का कार्यकर्ता भी नशा तस्करी से जुड़ा पाया जाता है या नशा तस्करों से उसके संबंध पाए जाते हैं, तो उसे जेल भेजा जाना चाहिए। पार्टी और शासन दोनों में जीरो टॉलरेंस लागू होनी चाहिए।”
मनीष सिसोदिया ने शिकायतों के लिए गोपनीय रिपोर्टिंग प्रणाली के बारे में बताते हुए कहा, “शिकायतों के लिए तैयार की गई ऐप पूरी तरह गोपनीयता सुनिश्चित करती है। यहां तक कि मंत्री, कमिश्नर या मुख्यमंत्री को भी यह पता नहीं चल सकता कि जानकारी किसने दी है। सिर्फ की गई कार्रवाई को ही ट्रैक किया जा सकता है। इसलिए लोग निडर होकर रिपोर्ट करें।”
भावुक अपील करते हुए उन्होंने कहा, “अगर हम पंजाब के हर गांव और शहर को नशा मुक्त नहीं कर सकते, तो हमारा राजनीति में होना बेमानी है। अरविंद केजरीवाल इस बारे में बहुत गंभीर हैं और कहते हैं कि अगर हम असफल रहे तो हमें शर्म महसूस करनी चाहिए।”
उन्होंने पंजाब की आध्यात्मिक और क्रांतिकारी विरासत का हवाला देते हुए कहा, “यह गुरु साहिबान की, सेवा और हिम्मत की धरती है। यह शहीद-ए-आजम भगत सिंह, ऊधम सिंह, करतार सिंह सराभा और मदन लाल ढींगरा की धरती है। उनसे प्रेरणा लो। अगर शहीद-ए-आजम भगत सिंह हिचकिचाते तो आज हम कहां होते? अगर जरूरत पड़े तो नशा तस्करों को 40 बार जेल भेजो, लेकिन रुको मत।”
पार्टी नेताओं को सख्त संदेश देते हुए उन्होंने कहा, “अगर आपमें नशा माफिया से टक्कर लेने की हिम्मत नहीं है, तो अरविंद केजरीवाल को शर्मिंदा मत करो। पार्टी छोड़ दो। यह पार्टी लड़ने के लिए बनी है।”
अपना निजी अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा, “CBI ने मेरे घर छापा मारा, अलमारियां खंगालीं, यहां तक कि पैसों की तलाश में तकिए भी फाड़ दिए। मैंने तीन साल तक झूठे आरोपों का बोझ उठाया। मुझसे पार्टी छोड़ने और विधायकों को तोड़ने के लिए कहा गया। लेकिन अरविंद केजरीवाल को छोड़ने का मतलब है ईमानदारी और शिक्षा के जरिए राष्ट्र निर्माण के सपने को छोड़ना। मैंने नहीं छोड़ा और आपको भी नहीं छोड़ना चाहिए।”
भविष्य की रणनीति की बात करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि 31 मार्च के बाद वह गांव-गांव की प्रगति का जायजा लेने के लिए निजी तौर पर ब्लॉक इंचार्जों और विधायकों से मिलेंगे। हर हलके को यह डेटा पेश करना होगा कि कितने गांव नशा मुक्त हो गए हैं और नशों को पूरी तरह खत्म करने के लिए समय-सीमा तय करनी होगी। यह लड़ाई सिर्फ लड़नी ही नहीं, बल्कि जीतनी भी है।
उन्होंने भरोसा जताया कि पूरी टीम नए इरादे के साथ लौटेगी और सामूहिक कोशिशों तथा दृढ़ संकल्प के साथ नशा मुक्त पंजाब का निर्माण करेगी।
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