Politics
आप और कांग्रेस दोनों पार्टियां मिलकर लड़ेगी चुनाव
आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर मिलकर चुनाव लड़ने के लिए सीटों के बंटवारे को लेकर बैठकें कर रही हैं। ‘इंडिया गठजोड़’ की शुरुआत चंडीगढ़ से हो गई है. यहां कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी के मेयर को समर्थन दिया है.
कांग्रेस और ‘आप’ मिलकर लड़ेंगी चंडीगढ़ मेयर का चुनाव 18 जनवरी को चंडीगढ़ मेयर का चुनाव कांग्रेस और ‘आप’ मिलकर लड़ेंगी। आम आदमी पार्टी मेयर पद के लिए चुनाव लड़ेगी.
जबकि कांग्रेस सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद पर चुनाव लड़ेगी. चंडीगढ़ मेयर चुनाव में कुल 35 पार्षद मतदान करेंगे।
फिलहाल बीजेपी के पास 14 पार्षदों और एक सांसद का वोट भी है. जबकि आम आदमी पार्टी के पास 13 और कांग्रेस के पास 7 पार्षद हैं. जबकि अकाली के पास 1 पार्षद है. बहुमत के लिए 18 वोटों की जरूरत है, जिसमें बीजेपी के पास सबसे ज्यादा 15 वोट हैं. हालांकि, अगर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस एक साथ आती हैं तो उनके पास कुल 20 वोट होंगे.
Politics
Bihar Election के दिलचस्प आंकड़े – Yogi Bihar में भी Akhilesh पर भारी पड़े: 31 Seats में से 27 जीती
बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे साफ हो चुके हैं और इस बार तस्वीर बिल्कुल अलग दिखी। खास बात यह रही कि बिहार के चुनावी मैदान में उत्तर प्रदेश के बड़े नेताओं की एंट्री भी हुई और उनके प्रदर्शन ने काफी चर्चा बटोरी। आइए जानते हैं, किस नेता का कितना असर दिखा और किसकी स्ट्रैटेजी फेल रही।
योगी आदित्यनाथ का दबदबा – 31 में से 27 सीटें जीतीं
बिहार चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रही। उन्होंने कुल 31 सीटों पर रैलियां और सभाएं कीं।
इनमें से 27 सीटों पर एनडीए जीत हासिल करने में सफल रहा।
इस तरह योगी का Strike Rate 87% से ज्यादा रहा, जो बेहद शानदार माना जा रहा है।
योगी की सभाओं में बड़ी भीड़ देखने को मिली। उन्होंने एनडीए के लिए आक्रामक तरीके से प्रचार किया और विपक्ष पर सीधा हमला बोला।
अखिलेश यादव की मेहनत बेअसर – 22 में से सिर्फ 2 सीटें जीतीं
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव बिना चुनाव लड़े बिहार पहुंचे थे। उन्होंने 22 सीटों पर महागठबंधन के लिए प्रचार किया।
लेकिन नतीजे निराश करने वाले रहे—
इन 22 में से सिर्फ 2 सीटों पर ही महागठबंधन जीत सका।
इस तरह उनका Strike Rate सिर्फ 9% रहा, जो काफी कमजोर माना जा रहा है।
खास बात यह कि जहाँ उन्होंने भोजपुरी एक्टर खेसारी लाल यादव के लिए प्रचार किया, वहाँ भी खेसारी चुनाव हार गए।
हाँ, सीवान के बाहुबली शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा की रघुनाथपुर सीट पर उन्हें सफलता मिली।
मायावती की एक ही रैली, लेकिन स्ट्राइक रेट अखिलेश से बेहतर
बीएसपी प्रमुख मायावती बिहार में सिर्फ एक दिन गई थीं और उन्होंने 5 सीटों पर एक साथ प्रचार किया।
इन पाँच में से रामगढ़ सीट बीएसपी के खाते में गई।
मायावती का Strike Rate 20% रहा, जो अखिलेश यादव से ज्यादा है।
बीएसपी ने पूरे बिहार में 243 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे और उन्हें 1.52% वोट मिले।
तीन सीटें जहाँ योगी और अखिलेश दोनों ने रैली की
बिहार में तीन सीटें ऐसी थीं जहाँ दोनों नेताओं का सीधा मुकाबला दिखा—
- रघुनाथपुर (सीवान) – जीती राजद
- बिस्फी (मधुबनी) – जीती राजद
- मोतिहारी – जीती भाजपा
इन तीन में से दो सीटों पर अखिलेश भारी, जबकि एक पर योगी आगे रहे।
योगी का “तीन बंदर” वाला बयान रहा हाइलाइट
चुनाव प्रचार में सबसे ज्यादा चर्चा योगी आदित्यनाथ के बयान की रही।
उन्होंने बिना नाम लिए राहुल गांधी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव को
“पप्पू, टप्पू और अप्पू – तीन बंदर” कहा।
यह बयान पूरे बिहार चुनाव में बड़ा मुद्दा बन गया।
कांग्रेस और सपा ने इसे भगवान हनुमान जी का अपमान बताया और लगातार इस पर प्रतिक्रिया देती रहीं।
वहीं अखिलेश यादव ने भी इस पर पलटवार करते हुए भाजपा पर कई तंज कसे।
इस विवाद का असर ये हुआ कि महागठबंधन अपने असली मुद्दों—
रोजगार, योजनाएं, नीतीश सरकार की नाकामियां
—इन सब पर फोकस हटाकर बंदर विवाद में उलझ गया।
मीडिया हेडलाइंस भी इसी मुद्दे पर घूमती रहीं।
इस तरह योगी का बयान चुनाव की दिशा बदलने में कामयाब रहा।
अन्य यूपी दल – सभी की जमानत जब्त
बिहार के चुनावी मैदान में यूपी के तीन अन्य दल भी उतरे थे—
1. चंद्रशेखर आज़ाद की ASP
- 25 सीटों पर लड़े
- एक भी सीट नहीं जीती
- सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त
2. स्वामी प्रसाद मौर्य की पार्टी
- 4 सीटों पर चुनाव
- खुद प्रचार भी नहीं किया
- जमानत जब्त
3. ओमप्रकाश राजभर की सुभासपा
- एनडीए से अलग होकर 64 सीटों पर लड़ा
- सभी उम्मीदवार हार गए
- किसी की जमानत नहीं बची
अब नजर यूपी 2027 चुनाव पर
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि योगी आदित्यनाथ ने इस चुनाव में जिस तरह नैरेटिव सेट किया,
उसी तरह की रणनीति वे 2027 यूपी विधानसभा चुनाव में भी अपना सकते हैं।
सपा–कांग्रेस गठबंधन और एम–वाई (Muslim–Yadav) समीकरण को देखते हुए भाजपा पहले से ही नई स्ट्रैटेजी प्लान कर रही है।
बिहार मॉडल यूपी में भी दोहराया जा सकता है।
निष्कर्ष
- बिहार चुनाव में योगी आदित्यनाथ का प्रदर्शन सबसे दमदार रहा।
- अखिलेश यादव का प्रचार असरदार नहीं रहा।
- मायावती ने सीमित प्रचार के बावजूद बेहतर स्ट्राइक रेट हासिल किया।
- छोटे दल (ASP, सुभासपा, मौर्य की पार्टी) बिल्कुल असफल रहे।
बिहार के नतीजों से साफ है कि यूपी के नेताओं में सबसे ज्यादा पकड़ और प्रभाव योगी आदित्यनाथ का दिखा।
Politics
गांव भूसे में Harmeet Sandhu को जबरदस्त समर्थन, AAP की जीत का दावा और मज़बूत
तरनतारन विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवार हरमीत सिंह संधू के पक्ष में माहौल लगातार मज़बूत होता जा रहा है। गांव-गांव में हो रही बैठकों और जन सभाओं में उन्हें मिल रहा जनता का जोश और समर्थन साफ दिखा रहा है कि इस बार भी तरनतारन में ‘आप’ की लहर चल रही है।
इसी कड़ी में, गांव भूसे में एक लोक-मिलनी (जन मिलनी) कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह बैठक सरदार अमरजीत सिंह और गांव की सरपंच बीबी हरजिंदर कौर के सहयोग से उनके निवास स्थान पर रखी गई। कार्यक्रम में गांव के लोगों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया और अपने विचार ‘आप’ नेताओं के साथ साझा किए।
बैठक के दौरान ग्रामीणों ने अपनी स्थानीय समस्याओं के बारे में विस्तार से चर्चा की — जैसे सड़क, पानी, सफाई और विकास से जुड़ी बातें। नेताओं ने लोगों की बातें ध्यान से सुनीं और उन्हें भरोसा दिलाया कि ‘आप’ सरकार हर मुश्किल का हल प्राथमिकता से निकालेगी।
गांव वालों ने इस मौके पर खुलकर कहा कि उन्हें ‘आप’ सरकार की नीतियों और कामकाज पर भरोसा है। हरमीत सिंह संधू ने भी लोगों को आश्वासन दिया कि अगर जनता का साथ मिला तो वह हर गांव की समस्या को जमीनी स्तर पर हल करने के लिए पूरी मेहनत करेंगे।
गांव भूसे में मिले इस भरपूर समर्थन ने यह साबित कर दिया है कि तरनतारन के लोग अब भी आम आदमी पार्टी के साथ खड़े हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि गांवों में मिल रहा इतना प्यार और समर्थन यह साफ संकेत दे रहा है कि ‘आप’ इस बार भी तरनतारन से बड़ी जीत दर्ज करेगी।
गांवों में लगातार हो रही लोक-मिलनी सभाओं से पार्टी कार्यकर्ताओं में नया जोश देखने को मिल रहा है। हरमीत सिंह संधू ने कहा कि आम आदमी पार्टी जनता के विकास और पारदर्शी शासन के लिए पूरी तरह समर्पित है और यह चुनाव जनता की उम्मीदों की जीत साबित होगा।
Blog
छठ पूजा पर यात्रियों के लिए बड़ी राहत: केंद्रीय मंत्री Ravneet Singh Bittu ने Ludhiana Station पर लिया इंतजामों का जायजा, बोले – हर यात्री सुरक्षित और सहज यात्रा करेगा!
छठ पूजा के पावन अवसर पर बिहार जाने वाले यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने लुधियाना रेलवे स्टेशन का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने रेलवे अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की और यात्रियों की सुरक्षा एवं सुविधा की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्टेशन परिसर, टिकट काउंटर, होल्डिंग एरिया और कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
बिट्टू ने बैठक के दौरान अधिकारियों से सुरक्षा प्रबंधन, ट्रेन संचालन, सफाई व्यवस्था और यात्रियों के आवागमन को लेकर विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि त्योहारों के समय यात्रियों की भीड़ बढ़ जाती है, इसलिए रेलवे को हर स्तर पर सतर्क और तैयार रहना चाहिए। मंत्री ने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि स्टेशन परिसर में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, भीड़भाड़ या भगदड़ की स्थिति न बने। इसके लिए अतिरिक्त रेलवे पुलिस बल (RPF) और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है।
केंद्रीय मंत्री ने इसके बाद कंट्रोल रूम का दौरा किया और वहां की कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे लगातार ट्रेनों की मूवमेंट, टिकट बुकिंग और यात्रियों की संख्या पर नजर रखें। साथ ही, यात्रियों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर और सूचना केंद्र सक्रिय रखें ताकि किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत मदद उपलब्ध कराई जा सके।

रवनीत सिंह बिट्टू ने जनता के बीच जाकर यात्रियों से संवाद भी किया। उन्होंने यात्रियों से आग्रह किया कि वे यात्रा के दौरान ट्रेन के दरवाजों या बाथरूम में बैठकर सफर न करें, क्योंकि यह न केवल असुरक्षित है बल्कि अन्य यात्रियों के लिए भी असुविधाजनक होता है। उन्होंने कहा कि रेलवे प्रशासन सभी यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। रेलवे के पास सभी ट्रेनों की बुकिंग और वेटिंग लिस्ट का पूरा डेटा उपलब्ध है, और उसी के अनुसार अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था की जा रही है।
बिट्टू ने बताया कि पंजाब से इस बार 170 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं, ताकि बिहार और पूर्वी भारत जाने वाले यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। यात्रियों की सुविधा के लिए लुधियाना समेत विभिन्न प्रमुख स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं, जहां लोगों के बैठने, पानी पीने और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि इन स्थानों पर स्वच्छता और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए।
मंत्री ने कहा कि रेलवे और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव स्वयं पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं। यदि किसी यात्री को यात्रा के दौरान कोई समस्या या संदेहास्पद स्थिति दिखाई दे, तो उसे तुरंत अधिकारियों या कंट्रोल रूम को सूचित करना चाहिए। बिट्टू ने यात्रियों से अपील की कि वे यात्रा को सुरक्षित और अनुशासित बनाएं तथा किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत रेलवे प्रशासन को दें।
छठ पूजा के अवसर पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह दौरा न केवल रेलवे की तैयारियों का मूल्यांकन था, बल्कि यात्री सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है। रेलवे प्रशासन और मंत्री बिट्टू ने भरोसा दिलाया कि सभी यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा।
-
Religious2 years agoकब है तुलसी विवाह? इस दिन तुलसी माता का विवाह करने से मिलेगा लाभ
-
Religious2 years agoजानिए गोवर्धन पूजा का महत्व, कौनसा समय रहेगा पूजा के लिए सही
-
Religious2 years agoआखिर क्यों लिखा जाता है घर के बाहर शुभ लाभ, जानिए क्या है इन चिह्न का मतलब
-
Religious2 years agoपैरों के निशान, बनावट, रंग, साइज से पता लागए की आप कितने है भागयशाली
-
Punjab2 years agoपंजाब में अमरूद के बगीचे के मुआवजे के घोटाले में ED ने 26 स्थानों पर छापे मारे
-
Chandigarh2 years agoChandigarh: Top 10 Restaurants. ये लोकप्रिय क्यों हैं ?
-
Punjab2 years agoLudhiana में पुलिस स्टेशन के पास शव मिला। एक आदमी सड़क के बीच में पड़ा था; पास में कपड़ों से भरा एक बोरे भी मिला था, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो सकी
-
Punjab2 years agoBJP पंजाब में अपने दम पर लोकसभा चुनाव लड़ेगी, शिअद (SAD) के साथ कोई गठबंधन नहीं: प्रदेश भाजपा प्रमुख सुनील जाखड़