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असम में राहुल गांधी से अभद्रताः विरोध-प्रदर्शन करने जा रहे पूर्व मंत्री नकुल दुबे समेत कांग्रेस नेताओं को किया गया नजर बंद

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उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी हरदोई द्वारा गांधी भवन सभागार में संवाद व कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि मंत्री नकुल दुबे और प्रदेश महासचिव अवध जॉन, प्रभारी महासचिव व पूर्व विधायक राकेश राठौर, प्रदेश सचिव हरदोई, कांग्रेस प्रभारी सुरेंद्र कुशवाहा भी मौजूद रहे। वहीं नकुल दुबे समेत अन्य कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन पर नजरबंद करने का आरोप लगाया।

वहीं पूर्व मंत्री नकुल दुबे और कांग्रेस जिलाध्यक्ष आशीष कुमार सिंह ने जिला प्रशासन पर नजर बंद करने का आरोप लगाया है। कार्यक्रम के बाद पूर्व मंत्री नकुल दुबे ने कहा हम लोगों को दिक्कत यह है कि देश और पूरा प्रदेश झेल रहा है कि आज चैन से सड़कों पर चलना दूभर हो गया है। हम लोग बहुत शांतपूर्ण ढंग से गांधी भवन से यहां तक बाबा साहब की मूर्ति पर माल्यार्पण करने आना चाह रहे थे लेकिन प्रशासन के दबाव के कारण हम लोगों को अनुमति नहीं दी गई। हमारे पूर्व विधायक राकेश राठौर, सुरेंद्र कुशवाहा, मंजू मिश्रा, विक्रम पांडेय सहित हम चार-पांच लोगों को अनुमति दी गई। हम लोग बाबा साहब की मूर्ति पर माल्यार्पण कर यही संकल्प दोहरा रहे हैं कि जब तक सांस है और शरीर में एक भी खून का कतरा है हम अपने संविधान को कतई मिटने नहीं देंगे। संविधान को मिटाने वाले इस देश को छोड़कर जाएंगे लेकिन संविधान हमारा यूं ही इंटेक पड़ा रहेगा।

कांग्रेस जिला अध्यक्ष द्वारा नजरबंद को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि तानाशाही हो रही है। अगर शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर भी रोक लगाई जाएगी तो निश्चित रूप से लोकतंत्र की हत्या है। अगर देश को बचाना है तो हम सब लोगों को चाहें पार्टियां हों, चाहे लीडरसिप हो इस युद्ध को थामना होगा। संविधान बचाने का कार्य करना होगा।

कहा कि आज हम लोग यहां पर एकत्रित हुए थे संवाद के लिए और बातचीत के लिए भी। असम में राहुल गांधी की यात्रा में व्यवधान डालने का कार्य किया गया है। उसका विरोध करने के लिए सांकेतिक विरोध करने के लिए ही जनपद में एकत्रित हुए थे। हम लोग यहां तक आना चाहते थे लेकिन प्रशासन ने हम लोगों को अनुमति नहीं दी। लिहाजा हम पांच लोग यहां आकर माल्यार्पण कर रहे हैं।

वही इस मामले में जिला अध्यक्ष आशीष कुमार सिंह ने कहा कि आज हम सभी कांग्रेस जन संवाद कार्यशाला में एकत्रित थे। आज हमारा प्रोटेस्ट था। राहुल गांधी की असम में जो यात्रा निकली थी जिस पर हमला हुआ। भाजपा सरकार के गुंडों द्वारा उसमें हम लोग गांधी भवन से बाबा साहब की मूर्ति तक एक विरोध मार्च निकलना चाह रहे थे। इस न्याय का हक मिलने तक के नारे के साथ जिसके लिए राहुल जी लड़ रहे हैं। आरोप लगाया कि जिला प्रशासन और यहां के लोगों ने हम लोगों को नजरबंद कर दिया। नकुल दुबे समेत 4 से 5 लोगों को ही माल्यार्पण करने के लिए जाने दिया गया।

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सत्ता के लिए हिंसा के प्रयोग को कबूलना कांग्रेस का सबसे काला चेहरा दिखाता है: Baltej Pannu

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने पंजाब की पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्टल के हालिया चौंकाने वाले बयानों पर कांग्रेस नेतृत्व की “आपराधिक चुप्पी” को लेकर कड़ा हमला बोला है। भट्टल ने एक इंटरव्यू में दावा किया था कि कांग्रेस सरकार को दोबारा सत्ता में लाने के लिए उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर बम धमाके करवाने की सलाह दी गई थी।

गुरुवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि यह बेहद गंभीर और चिंताजनक है कि इंटरव्यू वायरल होने के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद न तो राजिंदर कौर भट्टल और न ही कांग्रेस के किसी वरिष्ठ नेता ने इस बयान पर कोई स्पष्टीकरण दिया है और न ही इसकी निंदा की है। उन्होंने सवाल उठाया कि यह चुप्पी कई गंभीर संदेहों को जन्म देती है—क्या यह दावा सच है, या कांग्रेस किसी कड़वी सच्चाई को दबाने की कोशिश कर रही है?

पन्नू ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब ऐसे खुलासे सामने आए हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने भी युवाओं को तत्कालीन प्रधानमंत्री के सामने पेश किए जाने और बाद में मारे जाने की बात कही थी, लेकिन उन दावों की कभी निष्पक्ष जांच नहीं हुई। पन्नू ने सवाल किया कि इतने वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उन युवाओं या उनके परिवारों के लिए कभी न्याय की मांग क्यों नहीं की।

भट्टल के इंटरव्यू का ज़िक्र करते हुए पन्नू ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं, सलाहकारों या अधिकारियों द्वारा चुनाव जीतने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर बम धमाके करवाने की सलाह देना एक अत्यंत गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि पंजाब ने आतंक और अशांति के दौर में भारी कीमत चुकाई है—परिवार उजड़ गए, युवाओं की जिंदगियां खत्म हो गईं और राज्य आज भी उस दर्द से उबर रहा है। आतंकवाद को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का सुझाव किसी भी सूरत में माफ़ नहीं किया जा सकता।

आप नेता ने पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा और अन्य वरिष्ठ नेताओं की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि कांग्रेस पंजाब की जनता को साफ़ बताए कि क्या राजिंदर कौर भट्टल सच बोल रही हैं या झूठ। अगर सच है, तो ऐसी सलाह देने वाले नेता, अफसर और सलाहकार कौन थे?

पन्नू ने इस बयान को 2017 के चुनाव से पहले हुए बम धमाकों से भी जोड़ा, जिनमें बच्चों सहित कई निर्दोष लोगों की जान गई थी। उन्होंने कहा कि यदि भट्टल का दावा सही है, तो पंजाबियों को यह जानने का पूरा अधिकार है कि क्या वे धमाके सत्ता हासिल करने की किसी बड़ी साजिश का हिस्सा थे।

पारंपरिक पार्टियों पर निशाना साधते हुए पन्नू ने कहा कि कांग्रेस और अकाली दल ने राजनीतिक स्वार्थ के लिए बार-बार एसवाईएल, चंडीगढ़, पंजाब यूनिवर्सिटी और बीबीएमबी जैसे अहम मुद्दों पर पंजाब के हितों से समझौता किया। उन्होंने कहा कि इन पार्टियों ने सच दबाकर और पंजाब के हक कुर्बान करके शासन किया, और आज उन्हीं के नेता उस काले इतिहास को उजागर कर रहे हैं।

अंत में पन्नू ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी ने हमेशा पंजाब के हक, सम्मान और शांति के मुद्दों पर मज़बूती से स्टैंड लिया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पंजाब को दोबारा कभी राजनीतिक प्रयोगों की प्रयोगशाला नहीं बनने दिया जाएगा। पंजाब की शांति, भविष्य और अधिकारों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को राष्ट्रपति ने अशोक चक्र से सम्मानित किया,यह सम्मान के अवसर पर कड़ी सुरक्षा और भव्य समारोहों के बीच औपचारिक परेड के दौरान प्रदान किया गया।

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77वें गणतंत्र दिवस पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से किया गया सम्मानित

नई दिल्ली:
आज देश 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और गर्व के साथ मना रहा है। इस अवसर पर कर्तव्य पथ पर भव्य परेड का आयोजन किया गया, जहां देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वीरता और असाधारण साहस के लिए कई जांबाजों को सम्मानित किया।

इसी क्रम में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा करने वाले पहले भारतीय ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को राष्ट्रपति ने देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया।

कर्तव्य पथ पर हुआ सम्मान समारोह

77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और भव्य समारोहों के बीच औपचारिक परेड का आयोजन किया गया। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को असाधारण साहस और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान के लिए अशोक चक्र प्रदान किया।

अंतरिक्ष में भारत का गौरव

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला पिछले वर्ष जून में एक्सिओम मिशन-4 (Ax-4) के तहत अंतरिक्ष गए थे। इस मिशन के साथ वे:

  • अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय
  • और ISS का दौरा करने वाले पहले भारतीय बने

उनकी 18 दिनों की अंतरिक्ष यात्रा, 41 वर्ष पहले राकेश शर्मा की ऐतिहासिक उड़ान के बाद भारत के मानव अंतरिक्ष अभियानों में एक नई उपलब्धि मानी जा रही है।

अनुभवी फाइटर पायलट

भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला एक अनुभवी फाइटर पायलट भी हैं। उनके पास:

  • Su-30 MKI
  • MiG-21
  • MiG-29
  • Jaguar
  • Hawk
  • Dornier
  • An-32

जैसे विमानों में 2,000 घंटे से अधिक उड़ान अनुभव है।

एक्सिओम-4 मिशन में अहम भूमिका

Ax-4 मिशन अमेरिका की निजी कंपनी Axiom Space द्वारा संचालित किया गया था, जिसमें:

  • NASA
  • यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA)
  • ISRO

भी शामिल थे। मिशन के दौरान शुभांशु शुक्ला ने पायलट के रूप में कार्य करते हुए कई जटिल वैज्ञानिक प्रयोगों में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसकी वैश्विक स्तर पर सराहना हुई।

देश के लिए प्रेरणा

सफल अंतरिक्ष मिशन के बाद ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला देश-विदेश में चर्चा का विषय बने और आज उनका अशोक चक्र से सम्मानित होना हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है।

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‘हमारे संविधान ने कई उतार-चढ़ाव देखे’, गणतंत्र दिवस के मौके पर लोगो बीच बोले CM योगी आदित्यनाथ।

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77वां गणतंत्र दिवस: सीएम योगी ने लखनऊ में फहराया तिरंगा, संविधान के प्रति निष्ठा का किया आह्वान

लखनऊ। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार, 26 जनवरी 2026 को लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था। बीते 76 वर्षों की इस यात्रा में संविधान ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन इसके बावजूद “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के संकल्प के अनुरूप देश ने एकता और अखंडता को मजबूती दी है।

उन्होंने कहा कि उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक हर भारतीय के गौरव को आगे बढ़ाते हुए आज एक नए भारत का निर्माण हो रहा है, जिसमें भारतीय संविधान की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा,
“हर भारतीय नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह संविधान के प्रति पूर्ण विश्वास, सम्मान और समर्पण के साथ कार्य करे। संविधान अनुकूल और चुनौतीपूर्ण—दोनों परिस्थितियों में देश के लिए मार्गदर्शक शक्ति रहा है।”

उन्होंने आगे कहा कि जब हम संविधान के मूल मूल्यों और उसकी भावना को बनाए रखते हैं, तब हम उन महान सपूतों का सच्चा सम्मान करते हैं, जिनके बलिदान से एक स्वतंत्र और संप्रभु भारत की नींव रखी गई।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले सभी ज्ञात-अज्ञात वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि वे पूरी श्रद्धा के साथ उन सभी वीरों को नमन करते हैं और विनम्र प्रणाम करते हैं।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा,
“संविधान का अपमान केवल एक दस्तावेज का अपमान नहीं है, बल्कि उन महान नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान है जिनके संघर्ष और बलिदान से देश आज़ाद हुआ। संविधान हमारे लिए एक पवित्र दस्तावेज है, जो हर कठिन परिस्थिति में देश को दिशा दिखाता रहेगा।”

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