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भारत का दूसरा सबसे बड़ा टाटा स्टील प्लांट पंजाब में कार्यशील, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार- CM भगवंत सिंह मान

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‘आप’ के नेतृत्व वाली सरकार के अधीन पंजाब में औद्योगिक पुनर्जीवन को भरपूर बढ़ावा मिला है क्योंकि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लुधियाना में भारत के दूसरे सबसे बड़े प्लांट का उद्घाटन किया, जो निर्णायक नीति का प्रत्यक्ष प्रमाण है। देश में पहली बार हजारों नौकरियों के वादे और ग्रीन ऊर्जा-संचालित स्टील उत्पादन शुरू हुआ है। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों को घेरते हुए जोर देकर कहा कि जो उद्योग कभी गलत नीतियों के कारण पंजाब से बाहर गए थे, वे अब उद्योग-समर्थक शासन के अधीन वापस आ रहे हैं। 3200 करोड़ रुपये की लागत से लुधियाना में स्थापित यह प्लांट पंजाब की औद्योगिक तस्वीर बदलने की दिशा में बड़ा कदम है।

टाटा स्टील के दूसरे सबसे बड़े प्लांट का उद्घाटन करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “यह एक यादगार दिन है क्योंकि राज्य के आर्थिक विकास को बड़ा बढ़ावा देने का इतिहास रचा गया है। आज पंजाब भारत का पहला राज्य बन गया है जिसने इस इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस-आधारित प्लांट के माध्यम से ग्रीन ऊर्जा का उपयोग करके स्टील उत्पादन शुरू किया है। यह पंजाब के लिए ऐतिहासिक और विशेष दिन है क्योंकि टाटा स्टील ने सीधे तौर पर 2600 से 2700 परिवारों और अप्रत्यक्ष रूप से 8000-10000 परिवारों के भविष्य को रोशन करने की जिम्मेदारी ली है। यह विश्व स्तरीय प्लांट अत्याधुनिक ग्रीन ऊर्जा तकनीक से लैस है।”

टाटा स्टील टीम को बधाई देते हुए उन्होंने कहा, “टाटा स्टील जैसी कंपनी का किसी राज्य में निवेश करना उसके भविष्य में विश्वास और भरोसे को दर्शाता है। टाटा स्टील की मौजूदगी स्पष्ट संदेश देती है कि पंजाब औद्योगिक विकास के अगले चरण के लिए तैयार है। यह निवेश केवल एक प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि पंजाब के युवाओं, हमारे इंजीनियरों, हमारे कुशल कर्मचारियों और पंजाब के निर्माण क्षेत्र को मजबूत बनाने का सुनहरा अवसर है।”

भविष्य के दृष्टिकोण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “पंजाब हमेशा उद्यमियों की धरती रहा है और लुधियाना जैसे शहर उनकी उद्यमशीलता, कड़ी मेहनत और निर्माण शक्ति के लिए विश्व स्तर पर जाने जाते हैं। टाटा स्टील प्लांट जैसी आधुनिक सुविधाओं के साथ हम अपनी विरासत को और मजबूत कर रहे हैं और पंजाब को भविष्य निर्माण के लिए तैयार कर रहे हैं। यह भारत में टाटा स्टील का पहला इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस-आधारित प्लांट है, जो दर्शाता है कि पंजाब केवल निवेश ही नहीं, बल्कि आधुनिक और भविष्य के लिए तैयार निवेश भी आकर्षित कर रहा है। ऐसा उत्पादन दक्षता, स्थिरता और संसाधनों के बेहतर उपयोग की वैश्विक दिशा को दर्शाता है।”

सरकार के औद्योगिक दृष्टिकोण को दोहराते हुए उन्होंने जोर देकर कहा, “हम चाहते हैं कि पंजाब भारत के सबसे पसंदीदा औद्योगिक स्थलों में से एक बने। हम चाहते हैं कि कंपनियां पंजाब को केवल एक बाजार के रूप में ही नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक निर्माण भागीदार के रूप में देखें। टाटा समूह वैश्विक स्तर पर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के लिए जाना जाता है और रतन टाटा ने हमेशा इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभाई है।”

निजी उदाहरण साझा करते हुए उन्होंने कहा कि रतन टाटा ने मानसून के दौरान आवारा कुत्तों को संघर्ष करते देख बॉम्बे हाउस में डॉग शेल्टर शुरू किया था। उन्हें “देश का बेटा” बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जब उनका निधन हुआ तो पूरे देश ने राष्ट्र निर्माण और देश का नाम विश्व स्तर पर ऊंचा करने के लिए उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि पंजाब ग्रीन ऊर्जा के माध्यम से स्टील उत्पादन शुरू करने वाला देश का पहला राज्य है।

अपनी जापान यात्रा को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “जापान जैसे देश पहले ही बड़े पैमाने पर ग्रीन ऊर्जा की ओर बढ़ रहे हैं और यह प्रोजेक्ट दर्शाता है कि पंजाब भविष्य में निवेश कर रहा है। पंजाब का मजबूत हवाई, रेल और सड़क संपर्क इसे व्यापार के लिए आदर्श स्थान बनाता है। हमने टाटा समूह के साथ यूरोप और अन्य पश्चिमी देशों के लिए अधिक उड़ानें शुरू करने का मुद्दा उठाया है।”

पंजाब की विरासत पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यह राज्य गुरुओं, संतों, पीरों, शहीदों और देशभक्तों की पवित्र धरती है, जहां नफरत के बीज को छोड़कर हर बीज उग सकता है। पंजाब ने खाद्य और राष्ट्रीय सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और इसे देश का “अन्नदाता” और “खड़ग भुजा” का दर्जा प्राप्त है। इस प्लांट के साथ राज्य भर में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

इस प्रोजेक्ट के स्तर को उजागर करते हुए उन्होंने आगे कहा, “आज हम इतिहास लिख रहे हैं क्योंकि टाटा न केवल पैसा निवेश कर रहा है, बल्कि अपनी साख भी पंजाब के नाम कर रहा है। 115 एकड़ में फैले इस प्लांट में निवेश 2600 करोड़ रुपये से बढ़कर 3200 करोड़ रुपये हो गया है और यह 100 प्रतिशत स्टील स्क्रैप को कच्चे माल के रूप में उपयोग करेगा, जिससे यह पर्यावरण के अनुकूल रहेगा। टाटा समूह के छह महाद्वीपों के 100 से अधिक देशों में यूनिट कार्यरत हैं और इनमें 10 लाख से अधिक लोग काम करते हैं। पंजाबी ईमानदारी और समर्पण भावना से काम करने में विश्वास रखते हैं, जिन्होंने हमेशा उद्योग और कर्मचारियों के बीच संबंधों को मजबूत किया है। राज्य सरकार द्वारा औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित किया जा रहा है।”

उपलब्धियों का विवरण देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा, “पिछले चार वर्षों के दौरान 1.58 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है, जिससे युवाओं के लिए पांच लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। हमारा दृष्टिकोण सरल है—स्थिर नीतियां, तेज फैसले और मजबूत औद्योगिक साझेदारी। राज्य सरकार को बाधाएं खड़ी करने की बजाय निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण बनाना चाहिए।”

अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब निवेश का स्वागत करने के लिए तैयार है और उन उद्योगों का समर्थन करता है जो रोजगार पैदा करते हैं और अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हैं। हर नई फैक्ट्री और निवेश राज्य को रोजगार सृजन के और करीब ले जाता है। जब उद्योग बढ़ते हैं तो पंजाब बढ़ता है और जब पंजाब बढ़ता है तो देश बढ़ता है। जब उद्योग रोजगार पैदा करते हैं तो युवाओं को राज्य में ही अवसर मिलते हैं, जो पंजाब को मैन्युफैक्चरिंग के माध्यम से उच्च औद्योगिक विकास की ओर ले जाते हैं। पंजाब वैश्विक प्रतिस्पर्धा और मजबूत औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र की ओर बढ़ रहा है।”

सहयोग की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “औद्योगिक विकास हमेशा एक साझेदारी होता है। जब सरकार और उद्योग विश्वास और स्पष्टता के साथ मिलकर काम करते हैं तो परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ती हैं और बेहतर परिणाम देती हैं।” उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह प्रोजेक्ट पंजाब के औद्योगिक विकास की कहानी में एक महत्वपूर्ण स्तंभ साबित होगा और अन्य कंपनियों को भी पंजाब में निवेश के लिए प्रेरित करेगा।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने टाटा स्टील और उद्योग जगत को पूरा सहयोग देने का आश्वासन देते हुए कहा कि वे पंजाब की प्रगति में भागीदार हैं। उन्होंने कहा, “यह परियोजना राज्य के आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह पंजाब को औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने और आर्थिक प्रगति को गति देने में सहायक होगी। वह दिन दूर नहीं जब पंजाब न केवल कृषि बल्कि उद्योग के क्षेत्र में भी देश का नेतृत्व करेगा।”

इससे पहले उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा, हरदीप सिंह मुंडियां, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा तथा अन्य उपस्थित थे।

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वॉल्वरहैम्प्टन के एक निवास मंदिर में 22 मार्च को वार्षिक चेत चला मेला आयोजित होगा।

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स्थानीय डडली रोड ब्लेकेनहॉल स्थित एक निवास यूनिवर्सल डिवाइन मंदिर में इस रविवार, 22 मार्च 2026 को वार्षिक ‘चेत चला मेला’ आयोजित किया जाएगा जो आध्यात्मिक श्रद्धा और सामुदायिक उत्सव का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। यह पर्व बाबा तरलोचन सिंह जी और माता कवलजीत कौर जी के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है जिसमें स्थानीय संगत को पारंपरिक धार्मिक विधियों और भक्ति संगीत में सहभागी होने का अवसर मिलेगा।
मेला आयोजन की जानकारी देते हुए मंदिर के प्रतिनिधि गुरजीत सिंह और जीवन सिंह फ्लोरा ने बताया कि यह कार्यक्रम बाबा बालक नाथ जी के पावन आशीर्वाद से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 11:00 बजे पारंपरिक आरती के साथ होगा जिसके बाद 11:30 बजे ध्वजारोहण समारोह के साथ दिनभर के आयोजनों की औपचारिक शुरुआत की जाएगी।
दोपहर के समय 12:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक भक्ति कार्यक्रमों की विस्तृत श्रृंखला प्रस्तुत की जाएगी। प्रतिष्ठित ब्रिटिश कलाकार और गायक भजन भेंट प्रस्तुत करेंगे जबकि बाबा तरलोचन सिंह जी संगत को गुरबाणी शबदों का गायन करेंगे।
उन्होंने आगे बताया कि बाबा बालक नाथ जी और बाबा तरलोचन सिंह जी के अनेक श्रद्धालु विभिन्न देशों से इस आयोजन में शामिल होने के लिए पहुंच चुके हैं। आयोजकों ने इंगलैंड की साध संगत को सादर आमंत्रण दिया है कि वे अपने परिवार और मित्रों सहित इस धार्मिक समारोह में भाग लें। यह वार्षिक आयोजन आध्यात्मिक चिंतन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण अवसर बना है।

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CM भगवंत मान ने AAP सरकार का हेल्थ रिपोर्ट कार्ड किया जारी, 4 साल की योजनाओं का दिया ब्योरा

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‘शानदार चार साल, भगवंत मान के साथ’ श्रृंखला को जारी रखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज स्वास्थ्य क्षेत्र का चार वर्षों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। इससे पहले कृषि और सिंचाई क्षेत्रों में ‘आप’ सरकार के कार्यों का विवरण दिया गया था। ‘शर्तों वाली’ आयुष्मान भारत योजना और ‘आप’ सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना को एक सार्वभौमिक और सुलभ स्वास्थ्य मॉडल बताया और जोर देकर कहा कि फर्क इरादे और क्रियान्वयन में है।

डेटा-आधारित परिणाम प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आप’ सरकार घोषणाओं से आगे बढ़कर जमीनी स्तर पर वास्तविक बदलाव ला रही है। बिना किसी पाबंदी के 10 लाख रुपए तक के कैशलेस इलाज की गारंटी से लेकर एक ऐसी प्रणाली विकसित की जा रही है, जिस पर लोग भरोसा करते हैं और सक्रिय रूप से उसका उपयोग कर रहे हैं। गलत जानकारी फैलाने वालों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के बारे में अफवाह फैलाने वाले पंजाब को स्वस्थ नहीं देखना चाहते।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना सभी के कल्याण के लिए एक व्यापक स्वास्थ्य योजना है और इसके बारे में अफवाह फैलाने वाले पंजाब के हित में नहीं हैं।” उन्होंने कहा कि ‘आप’ सरकार ने यह योजना खासकर कमजोर वर्गों को गुणवत्तापूर्ण इलाज तक सीधी पहुंच देने के उद्देश्य से शुरू की है। उन्होंने आगे कहा, “यह देश की अपनी तरह की पहली योजना है, जो पंजाब के हर परिवार को 10 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज प्रदान करती है।”

अफवाहों पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “कुछ पंजाब विरोधी ताकतें, जो नहीं चाहतीं कि लोग ऐसी सुविधाओं का लाभ उठाएं, इस योजना के बारे में गलत जानकारी फैला रही हैं। ऐसे तत्वों का उद्देश्य लोगों को इसके लाभ से वंचित करना है, जो अनुचित है।” उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने इस योजना के तहत अधिकांश निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया है, जहां सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर लगभग 2600 बीमारियों का इलाज किया जा रहा है।

केंद्र की आयुष्मान योजना से तुलना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना लोगों के लिए वरदान है, जबकि आयुष्मान केवल दिखावा है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि “केंद्र ने 140 करोड़ की आबादी के लिए केवल 9300 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं, जबकि पंजाब ने मात्र 3 करोड़ लोगों के लिए 2000 करोड़ रुपए निर्धारित किए हैं। इसका अर्थ है कि पंजाब प्रति व्यक्ति लगभग दस गुना अधिक खर्च कर रहा है। आयुष्मान के विपरीत हमारी योजना में कोई शर्त नहीं है।”

इस योजना पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब और चंडीगढ़ के लगभग 900 सरकारी और निजी अस्पताल इस योजना के अंतर्गत शामिल किए गए हैं और 25 लाख लाभार्थी पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें से 1.6 लाख से अधिक लोग इलाज प्राप्त कर चुके हैं।” उन्होंने आगे बताया, “वर्ष 2025-26 के लिए 1200 करोड़ रुपए और 2026-27 के लिए 2000 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं। यह योजना 2,356 चिकित्सा एवं सर्जिकल प्रक्रियाओं को कवर करती है, जिसमें ऑर्थोपेडिक्स, जनरल मेडिसिन, हृदय, फेफड़े, गुर्दे की बीमारियां, कैंसर उपचार सहित कई अन्य सेवाएं शामिल हैं।”

स्वास्थ्य विभाग का चार वर्ष का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब भर में 883 आम आदमी क्लीनिक कार्यरत हैं और 28 मार्च को 100 और क्लीनिक समर्पित किए जाएंगे। इसके अलावा 400 क्लीनिक निर्माणाधीन हैं। इन क्लीनिकों में 47 जांच और 107 दवाएं मुफ्त उपलब्ध हैं तथा मरीज संतुष्टि दर 94 प्रतिशत है।” उन्होंने आगे कहा, “ओपीडी संख्या 5 करोड़ को पार कर चुकी है और 1.69 करोड़ मरीजों का इलाज किया जा चुका है। यह मॉडल अब पूरे भारत में लोकप्रिय हो रहा है।”

मानव संसाधनों में अधिक निवेश की वकालत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब ने 2022 के बाद अपने इतिहास में डॉक्टरों की सबसे बड़ी भर्ती देखी है, जिसमें 948 जनरल डॉक्टर और 627 विशेषज्ञ शामिल हैं। यह पिछले 75 वर्षों में कुल सरकारी डॉक्टरों की भर्ती का लगभग 35 प्रतिशत है।” उन्होंने आगे कहा, “300 नर्सिंग स्टाफ और 250 फार्मासिस्ट भर्ती किए गए हैं तथा 672 नर्सों की भर्ती प्रक्रिया जारी है।”

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करते हुए उन्होंने कहा, “250 बिस्तरों की क्षमता वाले सात मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र निर्माणाधीन हैं और 17 मार्च को 30 बिस्तरों वाले धूरी केंद्र का उद्घाटन किया गया। अब सभी अस्पतालों में मुफ्त दवाएं उपलब्ध हैं।” उन्होंने आगे कहा कि बुनियादी ढांचे को मजबूत करना प्राथमिकता है और सभी जिला अस्पतालों तथा 42 में से 33 सब-डिविजनल अस्पतालों में हॉटलाइन सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। उन्होंने कहा, “शेष अस्पताल अप्रैल-मई 2026 तक हॉटलाइन सेवाओं से जुड़ जाएंगे और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों पर 400 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए गए हैं।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “50-50 बिस्तरों वाले 22 क्रिटिकल केयर ब्लॉक निर्माणाधीन हैं और डायग्नोस्टिक सेवाओं का महत्वपूर्ण विस्तार किया जा रहा है। अक्टूबर 2026 तक सभी जिला अस्पतालों में एमआरआई सेवाएं उपलब्ध होंगी, जिससे 500 प्रतिशत वृद्धि होगी, जबकि सीटी स्कैन सेवाओं में 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।” उन्होंने आगे कहा, “अमृतसर, फरीदकोट, मोहाली और पटियाला में पीईटी स्कैन सुविधाएं शुरू की जाएंगी और 200 से अधिक सूचीबद्ध निजी डायग्नोस्टिक केंद्र मुफ्त एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।”

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

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पंजाब CM भगवंत मान मलेरकोटला ईदगाह पहुंचे:मुस्लिम भाईचारे को दी ईद की बधाई, मेडिकल कॉलेज खोलने का ऐलान किया

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ईद के मौके पर मलेरकोटला में ईदगाह पर पहुंचे। ईद की नमाज अता करने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब भर के मुस्लिम भाईचारे को ईद की शुभकामनाएं दी।

सीएम ने कहा कि ईदगाह में आकर सकून मिला। उन्होंने कहा कि ईद के मौके पर सभी लोग प्रेम से एक दूसरे के साथ मिलकर भाईचारे का संदेश दिया जा रहा है। ईद से पूरे समाज को आपसी भाईचारे की प्रेरणा मिलती है।

सीएम भगवंत मान ने इस मौके पर कहा कि मलेर कोटला में सरकार जल्दी ही मेडिकल कॉलेज का नींव पत्थर रखने जा रही है। उन्होंने कहा कि मलेर कोटला में और भी कई विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। मलेरकोटला के एमएलए मोहम्मद जमील उर रहमान ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

मलेरकोटला में सुबह-सुबह नमाज अता करने जुटे लोग

मुख्यमंत्री भगवंत मान के आने से पहले मलेरकोटला में ईदगाह पर बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग ईद की नमाज अता करने पहुंचे। विधायक मोहम्मद जमील उर रहमान ने कहा कि ईद आपसी भाईचारे का त्योहार है। लोग गले मिलकर अपने शिकवे दूर करते हैं और मिलकर आगे बढ़ते हैं।

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