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केंद्र सरकार में बड़े कैबिनेट फेरबदल की चर्चा, कई नए चेहरों की एंट्री और कई मंत्रियों की छुट्टी संभव
केंद्र सरकार में जल्द ही बड़े स्तर पर कैबिनेट फेरबदल होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 या 29 जून को केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव कर सकते हैं। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
इन अटकलों को इसलिए भी बल मिला है क्योंकि 23 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की थी। इसके बाद से संभावित कैबिनेट विस्तार और फेरबदल को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित फेरबदल में कई नए चेहरों को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है, जबकि कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव किया जा सकता है। साथ ही कुछ मंत्रियों को संगठन में नई जिम्मेदारियां देकर सरकार से बाहर भी किया जा सकता है।
यह चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। माना जा रहा है कि भाजपा चुनावी रणनीति को ध्यान में रखते हुए सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने के उद्देश्य से मंत्रिमंडल में बदलाव कर सकती है।
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें भी की हैं। इन बैठकों के बाद कैबिनेट विस्तार और फेरबदल की संभावनाओं को और मजबूती मिली है। हालांकि, अंतिम फैसला और आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है।
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जनता फैसला करेगी; धर्म के नाम पर फर्जी वीडियो और झूठा प्रचार मुझे पंजाब के लिए काम करने से नहीं रोक सकता : CM भगवंत सिंह मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ये तीनों पार्टियां पंजाब की बेमिसाल तरक्की के खिलाफ एकजुट हो गई हैं, क्योंकि वे ‘आप’ के नेतृत्व वाली सरकार को मिल रहे भरपूर जनता के समर्थन को बर्दाश्त नहीं कर पा रही हैं। बरनाला में ‘लोक मिलनी’ (जनता दरबार) के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक पार्टियां अपना मानसिक संतुलन खो चुकी हैं क्योंकि वे सूबे की तेजी से हो रहे विकास को हजम नहीं कर पा रही हैं और उन्होंने मुझे बदनाम करने और लोगों को गुमराह करने के लिए धर्म के नाम पर फर्जी वीडियो और झूठे प्रचार का सहारा लिया है।
पंजाब सरकार द्वारा शुरू किए गए जन-पक्षीय फैसलों की सूची साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार को पटरी से उतारने की बार-बार कोशिशों के बावजूद उनका पूरा ध्यान विकास और लोक कल्याण के कार्यों पर केंद्रित है। उन्होंने ऐलान किया कि पंजाभर की महिलाओं को पहली जुलाई से ‘ मांवां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत वित्तीय सहायता मिलनी शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने गांवों में हाई-टेंशन बिजली की तारों को अंडरग्राउंड करने के देश के पहले प्रोजेक्ट की शुरुआत के बारे में बताया और जोर देकर कहा कि कोई भी साजिश या बदनामी की मुहिम उन्हें लोगों के लिए काम करने और पंजाब के हितों की रक्षा करने से नहीं रोक सकती।
लोक मिलनी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने आम लोगों की भलाई और सूबे की तरक्की के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा, “पारंपरिक सियासी पार्टियां, जिन्होंने कभी आम लोगों की परवाह नहीं की, इन उपलब्धियों को हजम नहीं कर पा रही हैं। वे पंजाब सरकार और मेरे खिलाफ लगातार जहर उगल रही हैं। उनके पास लोगों के लिए कोई एजेंडा नहीं है और उनका एकमात्र मकसद बेबुनियाद बयानबाजी करके सरकार को बदनाम करना है।”
एक बड़ा ऐलान करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पांच दिनों बाद यानी पहली जुलाई से पंजाभर की महिलाओं को ‘मांवां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत वित्तीय सहायता मिलनी शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा, “18 साल से अधिक उम्र की महिला लाभार्थियों को वित्तीय सहायता संबंधी उनके मोबाइल फोन पर मैसेज मिलेंगे। पंजाब की हर महिला को 1,000 रुपए, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपए मिलेंगे। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। जो महिलाएं पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रही हैं, वे भी इस योजना के योग्य होंगी।”
उन्होंने कहा कि पंजाब की लगभग 97 फीसदी महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है और पंजाब सरकार ने इसे लागू करने के लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपए रखे हैं।
इस योजना के व्यापक सामाजिक महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह वित्तीय सहायता शायद महिलाओं को अमीर न बनाए, लेकिन यह उन्हें मान-सम्मान जरूर देगी। महिलाएं सबसे अधिक सम्मान की हकदार हैं क्योंकि वे खुद जीवन का स्रोत हैं। माओं और बहनों का आशीर्वाद हर चुनौती को पार करने में मदद करता है। महिलाओं की घरेलू स्थिति सुधारने, लिंग समानता को बढ़ावा देने और सामाजिक व आर्थिक फैसलों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महिलाओं की वित्तीय खुदमुख्तारी (आत्मनिर्भरता) को मजबूत करना बहुत जरूरी है।”
एक और बड़े उपक्रम का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘आप’ सरकार ने हाई-टेंशन बिजली की तारों को अंडरग्राउंड करने का देश का पहला महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शुरू किया है, जिसकी शुरुआत उनके अपने गांव से एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई है। उन्होंने कहा, “यह ऐतिहासिक प्रोजेक्ट गांवों को सिरों के ऊपर से गुजरने वाली बिजली की तारों और फालतू खंभों के जाल से मुक्त करेगा। बिजली के खंभे और ऊपर की तारें लोगों, पशुओं और खासकर बच्चों के लिए करंट लगने का लगातार खतरा बनी रहती हैं। जब ट्रैक्टर, कंबाइन और अन्य वाहन इन तारों की चपेट में आते हैं तो अक्सर हादसे होते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “फसलों को लगने वाली आग के कारण भी किसानों का भारी नुकसान होता है, जबकि बारिश, आंधी और तेज हवाओं के कारण खंभे और तारें टूट जाती हैं, जिससे बिजली सप्लाई प्रभावित होती है और पावर कॉरपोरेशन को वित्तीय नुकसान होता है। यह प्रोजेक्ट इन सभी समस्याओं से स्थायी राहत देगा और गांवों में जीवन स्तर को बेहतर बनाएगा। सरकारी खजाने की एक-एक पाई लोगों की भलाई के लिए समझदारी से खर्च की जा रही है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के 90 फीसदी से अधिक घरों को बिजली मुफ्त मिल रही है। उन्होंने कहा, “पहली बार किसानों को दिन में बिजली मिल रही है। जहां केंद्र सरकार राष्ट्रीय संपत्तियों को अपने चहेते दोस्तों को कोड़ियों के भाव बेच रही है, वहीं हमारी सरकार ने एक निजी थर्मल प्लांट खरीदकर इतिहास रचा है।”
उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार ने सूबे भर में 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन और खालें बनाए हैं ताकि पंजाब के हर कोने में किसानों तक सिंचाई की सुविधाएं पहुंच सकें। उन्होंने आगे कहा, “इन पाइपलाइनों और नहरों के जरिए लगभग 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे किसानों की सिंचाई जरूरतें पूरी करके उन्हें बड़ा फायदा होगा। नहरों और नदियों में रिचार्ज प्वाइंट बनाए गए हैं, जिसके नतीजे के रूप में जमीन के नीचे पानी का स्तर दो से चार मीटर तक बढ़ा है।”
विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अपने ही खराब कर्मों के कारण पारंपरिक राजनीतिक दलों के नेता लोगों के बीच जाने से कतराते हैं, जिसके चलते उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अकाली दल अब जेठानीयों -देवरानीयों की पार्टी बनकर रह गया है, जहां एक सांसद है और दूसरी विधायक है। सुखबीर बादल 2022 के चुनाव में मिली हार के सदमे से अभी तक उबर नहीं पाए हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “जब मेरे विरोधी राजनीतिक रूप से मेरा मुकाबला करने में असफल रहते हैं, तो वे मुझे धार्मिक आधार पर बदनाम करने की कोशिश करते हैं। क्योंकि मैं उनके लिए एक डरावना सपना बन गया हूं, इसलिए उन्होंने अब मुझे धार्मिक रूप से निशाना बनाना चुना है। वे रोजाना फर्जी वीडियो बनाते हैं और उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से वायरल करते हैं।”
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि ऐसी कोशिशें उन्हें रोक नहीं सकतीं। उन्होंने भरोसा दिलाया, “मैं बिजली, पानी, सड़कों, गांवों के तालाबों, आम आदमी क्लीनिकों, अस्पतालों और रोजगार के अवसरों के लिए काम करना जारी रखूंगा।”
हालिया घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “वे एक के बाद एक आरोप लगाकर मुझे लगातार बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। अब शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने गुरुद्वारों के बाहर मेरे बहिष्कार के पोस्टर लगाने के निर्देश दिए हैं। लेकिन ऐसे पोस्टर अकाली दल या सुखबीर बादल के खिलाफ क्यों नहीं लगाए गए, जब उन्होंने स्वयं बेअदबी की घटनाओं की जिम्मेदारी स्वीकार की थी?”
उन्होंने आगे कहा, “2 दिसंबर को श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष सुखबीर बादल ने अपनी गलतियां स्वीकार कीं, गलत कार्यों को माना, गोलीकांड की जिम्मेदारी ली और यह भी माना कि संगत के खिलाफ आदेश जारी किए गए थे। क्या किसी ने उनके खिलाफ गुरुद्वारों के बाहर बहिष्कार के पोस्टर लगाए?”
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे जहां भी जाते हैं, लोग बड़ी संख्या में एकत्र होते हैं। उन्होंने कहा, “जब मैं गांवों, सार्वजनिक सभाओं और रैलियों में जाता हूं तो भारी भीड़ उमड़ती है। विपक्ष इसे बर्दाश्त नहीं कर सकता क्योंकि वे स्वयं ऐसा जनसमर्थन हासिल नहीं कर सकते। इसलिए तीनों पार्टियों ने मुझे धार्मिक आधार पर बदनाम करने के एकमात्र उद्देश्य से हाथ मिला लिया है। लेकिन अंत में जनता ही अंतिम फैसला सुनाएगी।”
उन्होंने दोहराया, “मैं पंजाब और उसके हितों के लिए मजबूती से खड़ा रहूंगा। वे जो भी करना चाहें करें, लेकिन जनता फैसला करेगी कि क्या कोई व्यक्ति इस स्तर तक गिर सकता है।”
वायरल हो रही वीडियो को पूरी तरह मनगढ़ंत बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लोगों से विपक्ष पर विश्वास न करने की अपील की। उन्होंने कहा, “ये वीडियो पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत हैं। क्योंकि विपक्ष राजनीतिक रूप से मेरा मुकाबला नहीं कर सकता, इसलिए वह झूठे धार्मिक प्रचार के माध्यम से मेरी छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है। वे पंजाब की प्रगति को बर्दाश्त नहीं कर सकते, इसलिए ऐसी साजिशें रचते रहते हैं। पंजाब की जनता ही फैसला करेगी। मैं जनता का हूं और उनके बीच ही रहूंगा।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि तीन राजनीतिक पार्टियां उनके खिलाफ इसलिए एकजुट हुई हैं क्योंकि वे पंजाब के अभूतपूर्व विकास और लोगों से मिल रहे अपार प्रेम को पचा नहीं पा रही हैं। उन्होंने कहा, “कांग्रेस, जिसने श्री अकाल तख्त साहिब पर टैंक चढ़ाए थे, आज हम पर सवाल उठा रही है और उसे भाजपा का समर्थन प्राप्त है, जिसने इस घिनौने अपराध में कांग्रेस का साथ दिया था। तीसरी पार्टी वह है, जो श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाओं में शामिल रही है। तीनों का एकमात्र एजेंडा है कि हर संभव तरीके से मुझे बदनाम किया जाए।”
कांग्रेस पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कांग्रेस में हर नेता मुख्यमंत्री बनना चाहता है। उनके पास आम कार्यकर्ताओं से ज्यादा मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं। कांग्रेस एक बिखरी हुई पार्टी है, जो अपनी अंदरूनी लड़ाई के कारण ढह जाएगी। इन नेताओं के पास पंजाब के लिए कोई विजन नहीं है। उनका एकमात्र उद्देश्य सत्ता में आकर राज्य की संपत्ति को लूटना है, लेकिन उनके सपने कभी पूरे नहीं होंगे।”
उन्होंने आगे कहा, “पहले ये पारंपरिक पार्टियां केवल सत्ता हासिल करने के लिए अपनी बारी का इंतजार करती थीं। अब इनके द्वारा फैलाई गई गंदगी को साफ करने के लिए ‘झाड़ू’ मौजूद है।”
‘आप’ सरकार की स्वास्थ्य संबंधी पहलों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ शुरू की है, जो देश की पहली व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना है। इसके तहत पंजाब के प्रत्येक निवासी परिवार को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा, “यह बेहद गर्व की बात है कि पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है, जो ऐसी व्यापक स्वास्थ्य सुविधा प्रदान कर रहा है। इस योजना ने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करते हुए लोगों पर वित्तीय बोझ को काफी हद तक कम कर दिया है। इस ऐतिहासिक पहल का उद्देश्य पंजाब के हर परिवार को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है और लोग अब तक 650 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज प्राप्त कर चुके हैं।”
इस अवसर पर लोकसभा सदस्य गुरमीत सिंह मीत हेयर तथा कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का वीडियो फर्जी था, पूरी साजिश का हुआ खुलासा
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज सबूत पेश करते हुए धर्म के आधार पर उनकी छवि खराब करने के लिए सोशल मीडिया पर वायरल की गई एक कथित फर्जी वीडियो के पीछे रची गई साजिश का पर्दाफाश किया। मीडिया के सामने वीडियो और अन्य सामग्री दिखाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके जैसा दिखने वाला एक मास्क (मुखौटा) तैयार करवाया गया था और उसी का उपयोग इस कथित फर्जी वीडियो को बनाने के लिए किया गया। उन्होंने कनाडा में रहने वाले जगमन समरा की पहचान उस व्यक्ति के रूप में की, जिसके बारे में उनका कहना है कि उसने इस मास्क का उपयोग करके वीडियो शूट की थी।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह कथित फर्जी वीडियो कनाडा के एक होटल में फिल्माई गई थी, जबकि वह वर्ष 2016 के बाद कभी कनाडा नहीं गए। उन्होंने कहा कि यह मास्क एक कार में जगमन समरा को डिलीवर किया गया था और इसके बाद समरा इसे अपने हाथ में पकड़े हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वीडियो में मास्क स्पष्ट रूप से दिखाई देता है तथा उनकी गर्दन के ऑपरेशन का निशान भी उसमें नहीं है। उन्होंने कहा कि फर्जी वीडियो बनाने वालों की पहचान कर ली गई है और जांच पूरी होने के बाद उन्हें सार्वजनिक रूप से बेनकाब किया जाएगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि पूरे मामले को सबूतों सहित श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष रखा जाएगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिखा, “बुजुर्ग हमेशा कहते आए हैं कि भगवान के घर देर है, अंधेर नहीं। मेरे प्यारे पंजाबियो, पिछले कुछ दिनों से मेरे राजनीतिक विरोधियों ने मेरी एक फर्जी वीडियो पर राजनीति की है। आज एक मास्क ने उन विरोधियों के असली चेहरे उजागर कर दिए हैं। मैं शुरू से ही कहता आ रहा हूं कि उस वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मैं नहीं हूं।”
मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट के अंत में लिखा, “श्री अकाल तख्त साहिब के आगे मेरा सिर हमेशा झुका है और हमेशा झुका रहेगा। मेरा विश्वास, मेरी अंतरात्मा और पंजाब के समझदार लोग मेरे साथ खड़े हैं। इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड कौन था? आने वाले दिनों में हम इस बारे में भी बड़े खुलासे करेंगे। वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह।”
मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछले कई दिनों से मेरी एक फर्जी और मनगढ़ंत वीडियो बार-बार वायरल की जा रही है। इससे केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए धार्मिक आदेश भी जारी करवाए गए। राजनीतिक आकाओं द्वारा धार्मिक पदों पर बैठे लोगों का इस्तेमाल अपने हित में घोषणाएं करवाने के लिए किया जा रहा है, ताकि मुझे धार्मिक रूप से बदनाम किया जा सके, क्योंकि वे राजनीतिक रूप से मेरा मुकाबला नहीं कर सकते। वे जमीनी स्तर पर पूरी तरह विफल हो चुके हैं और अब मुझे धार्मिक रूप से बदनाम करने के लिए रोज नए आदेश जारी कर रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार ने पंजाब के लोगों के सामाजिक, आर्थिक और धार्मिक कल्याण के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं। चाहे बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाना हो, पालकी साहिब ले जाने वाले वाहनों का टैक्स माफ करना हो, श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर आनंदपुर साहिब में पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना हो या सिखों के तीन तख्त साहिब वाले शहरों को ‘पवित्र शहर’ का दर्जा देना हो, विपक्ष इन फैसलों का मुकाबला नहीं कर सकता।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सभी विपक्षी दल अब केवल एक ही उद्देश्य से एकजुट हो गए हैं कि झूठी वीडियो के माध्यम से भगवंत मान को निशाना बनाया जाए, ताकि लोग मेरे प्रति नफरत करने लगें, लेकिन ऐसा कभी नहीं होगा।”
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, “गुरुद्वारों के बाहर ऐसे बोर्ड लगाए गए हैं, जिनमें श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों के नाम पर लोगों से भगवंत मान का बहिष्कार करने की अपील की जा रही है, जबकि मैं स्वयं और पूरी सिख संगत श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता का सम्मान करती है। सुखबीर बादल को ‘तनखाहिया’ घोषित किए जाने पर ऐसे बोर्ड क्यों नहीं लगाए गए? बेअदबी की घटनाओं और पुलिस फायरिंग के लिए जिम्मेदार लोगों के बहिष्कार की अपील क्यों नहीं की गई? जब शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष स्वयं कहते हैं कि वे गुरु गोबिंद सिंह जी की बजाय सुखबीर बादल के सिपाही हैं, तो उनकी निष्ठा किसके प्रति है, यह स्पष्ट हो जाता है।”
श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जब मुझे श्री अकाल तख्त साहिब बुलाया गया था, तब मैं वहां एक विनम्र सिख के रूप में गया था। आज भी यदि मुझे बुलाया जाता है तो मैं बिना किसी हिचकिचाहट के उपस्थित होऊंगा। मैं श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को कभी चुनौती नहीं दे सकता और न ही ऐसा करने की मेरी कोई हैसियत है।”
श्री अकाल तख्त साहिब में पेशी की कार्यवाही की जारी की गई वीडियो का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “मैंने अनुरोध किया था कि इस कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया जाए, लेकिन मुझे बताया गया कि पांच सिंह साहिबानों के लिए केवल एक रिकॉर्डिंग रखी जाएगी। अब उसी रिकॉर्डिंग को संपादित कर चुनिंदा रूप में जारी किया जा रहा है। उस रिकॉर्डिंग में भी मैं यही कह रहा हूं कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मैं नहीं हूं। कोई भी इसकी जांच करवा सकता है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कल कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके लोगों से भगवंत मान का बहिष्कार करने की अपील की और आरोप लगाया कि मैंने श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को चुनौती दी है। वही कांग्रेस, जिसने 1984 में श्री अकाल तख्त साहिब को नुकसान पहुंचाया और टैंकों व गोलों का इस्तेमाल किया, आज उसकी मर्यादा और पवित्रता की रक्षा का दावा कर रही है।”
उन्होंने आगे कहा, “दूसरी पार्टी अकाली दल है, जिसका इतिहास बेअदबी की घटनाओं से जुड़ा रहा है। तीसरी पार्टी भाजपा है, जिसके नेताओं ने इंदिरा गांधी को कार्रवाई की सलाह दी थी, जिसके परिणामस्वरूप ऑपरेशन ब्लू स्टार हुआ। आज ये तीनों पार्टियां मिलकर भगवंत मान के खिलाफ साझा मोर्चा बनाए हुए हैं। यह केवल इस बात का प्रमाण है कि वे राजनीतिक रूप से बौखला चुके हैं। जहां वे लोगों को इकट्ठा नहीं कर पा रहे, वहीं बड़ी संख्या में लोग हमारे साथ जुड़ रहे हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैं प्रतिदिन गांवों का दौरा कर रहा हूं। आज मैं बरनाला जिले के गांव जलूर जा रहा हूं। कल मैं बुढलाडा के गांव धर्मपुरा में था और उससे पहले मौर विधानसभा क्षेत्र के मंडी कलां में गया था। हर दिन मैं गांवों में लोगों से मिलता हूं। लोग हमें सुनने के लिए छतों और कोठों पर चढ़ जाते हैं। वे पानी की आपूर्ति, बिजली, रोजगार, गांवों के तालाब, सड़कों और विकास की बात
करते हैं। जहां लोग विकास की चर्चा कर रहे हैं, वहीं मेरे विरोधी पंजाब का ध्यान मनगढ़ंत विवादों की ओर भटकाने का प्रयास कर रहे हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज प्रस्तुत किए गए सबूतों के बाद मेरा मानना है कि मुझे और कुछ कहने की आवश्यकता नहीं है। मैं फैसला गुरु नानक नाम लेवा संगत पर छोड़ता हूं।”
वीडियो का फ्रेम-दर-फ्रेम (एक-एक पल) उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मास्क (मुखौटा) स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। जहां मास्क समाप्त होता है, वहां एक साफ रेखा देखी जा सकती है। उस व्यक्ति की ठोड़ी बिल्कुल साफ है, जबकि मेरी ठोड़ी पर पांच वर्ष की आयु से सर्जरी का एक स्थायी निशान है। वह निशान मेरी पुरानी वीडियो में भी दिखाई देता है, जिनमें मेरी शुरुआती कॉमेडी वीडियो भी शामिल हैं। जिन्होंने यह फर्जी वीडियो बनाई है, वे उस निशान को दोबारा बनाना भूल गए।”
उन्होंने आगे कहा, “गर्दन की रेखा, कान, चेहरे की बनावट और त्वचा का रंग भी स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि किसी व्यक्ति के चेहरे पर मास्क लगाया गया है। गर्दन की गतिविधि भी मास्क के कारण बनने वाली सिलवटों को उजागर करती है। मास्क के माध्यम से आंखों को उसी तरह नहीं दिखाया जा सकता था, इसलिए उन्हें छिपाने के लिए काले चश्मे का इस्तेमाल किया गया। कोई भी व्यक्ति वीडियो को ज़ूम करके इन विवरणों की पुष्टि कर सकता है।”
उन्होंने कहा, “यह मास्क विशेष रूप से तैयार करवाकर मंगवाया गया था। जिस दिन इसकी डिलीवरी हुई, कनाडा स्थित ब्लैकमेलर जगमन समरा ने मास्क को अपने हाथ पर रखकर अपनी कार के अंदर एक वीडियो रिकॉर्ड की। उसने मास्क दिखाते हुए तस्वीरें भी खींचीं और समझाया कि यह किसी दूसरे व्यक्ति के चेहरे पर कैसे फिट बैठता है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “बाद में यही मास्क किसी अन्य व्यक्ति को पहनाकर फर्जी वीडियो शूट की गई। वीडियो में दिखाया गया कमरा कनाडा के एबॉट्सफोर्ड स्थित एक होटल का कमरा है। मैं नवंबर 2016 के बाद कनाडा गया ही नहीं। तब से मैं चुनाव लड़ रहा हूं और बाद में सांसद बना। होटल के कमरे का डिजाइन स्वयं उस निर्माण शैली को दर्शाता है जो वर्ष 2017-18 के बाद ही आम हुई थी। होटल के कमरे के अंदर गुरु साहिब की तस्वीरें कौन रखता है?”
उन्होंने आगे कहा, “इसी व्यक्ति ने अरविंद केजरीवाल का भी मास्क ऑर्डर किया था। हम आने वाले दिनों में उसके सबूत भी पेश करेंगे।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “हम यह भी खुलासा करेंगे कि इस पूरे ऑपरेशन को किसने वित्तपोषित किया, इन फर्जी वीडियो को बनाने के लिए भुगतान किसने किया, इन्हें किसने प्रोड्यूस किया और किसने डायरेक्ट किया। वे खुलासे भी हैरान करने वाले होंगे। जनता के सामने सब कुछ रखने से पहले हम केवल कुछ शेष विवरणों की पुष्टि करना चाहते हैं।”
उन्होंने कहा, “इसी होटल के कमरे का उपयोग मेरे साथ जोड़ी जा रही अन्य कथित निजी वीडियो को शूट करने के लिए भी किया गया था। ये सभी वीडियो एक ही दिन उसी व्यक्ति को मास्क पहनाकर शूट की गई थीं। इसी कारण मैं लगातार कह रहा हूं कि उन वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मैं नहीं हूं। शरीर की बनावट, हाव-भाव, चलने का तरीका तथा बैठने-खड़े होने का अंदाज मेरे साथ मेल नहीं खाता।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज जो सबूत हमने प्रस्तुत किए हैं, उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब को भी भेजा जाएगा और अनुरोध किया जाएगा कि इसकी गहन जांच की जाए। मास्क पहने हुए किसी व्यक्ति को सीधे भगवंत मान कैसे घोषित किया जा सकता है?”
जगमन समरा के संबंध में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “वह संगरूर के निकटवर्ती गांव का रहने वाला है, जो नेपाल के रास्ते फरीदकोट जेल से फरार होकर अंततः कनाडा पहुंच गया था। वह एक ब्लैकमेलर है, उसका नाम नशे से संबंधित गतिविधियों में जुड़ता रहा है और वह कई बार ऐसी गतिविधियों में शामिल रहा है।”
अन्य आरोपों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “दो आईपीएस अधिकारियों के गुरुग्राम जाने के आरोप भी झूठे हैं। एजेंसियों के माध्यम से लोगों से कुछ भी कहलवाया जा सकता है। जब भी हम सबूत प्रस्तुत करते हैं, तब नए आरोप लगाकर इसे बदनाम करने की कोशिश की जाती है।”
उन्होंने आगे कहा, “इस मामले में पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। आज जो सबूत हमने प्रस्तुत किए हैं, वे पुलिस को भी सौंपे जाएंगे। हम इंटरपोल के माध्यम से इस व्यक्ति को वापस लाने की प्रक्रिया शुरू करेंगे।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस मामले को पंजाब विधानसभा की समिति के समक्ष भी उठाया जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि जगमन समरा ने इससे पहले एक पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री के पुत्र को ब्लैकमेल कर भारी धनराशि की मांग की थी तथा किसान आंदोलन के दौरान नेताओं को भी निशाना बनाया था।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ऐसी फर्जी वीडियो हमेशा चुनावों के दौरान सामने आती हैं। पिछली चुनावों के दौरान भी मनगढ़ंत वीडियो वायरल की गई थीं, जिनमें दावा किया गया था कि मैंने शराब पी रखी थी, मैं गिर रहा था या मैं बर्गर तक नहीं खा पा रहा था। ये चुनावी हथियार हैं क्योंकि मेरे विरोधियों के पास प्रस्तुत करने के लिए और कुछ नहीं है।”
अंत में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब के लोग सच्चाई जानते हैं। जब मैं प्रतिदिन गांवों में जाता हूं तो लोग मुझसे कहते हैं कि वे भली-भांति समझते हैं कि इन साजिशों के पीछे कौन है। जनता सब कुछ जानती है।”
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बादलों ने सियासी फायदा लेने के लिए धर्म का दुरुपयोग किया और ‘चिट्टे’ तथा माफिया को संरक्षण दिया, जिसने पंजाब को बर्बाद कर दिया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट किया कि श्री अकाल तख्त साहिब हर पंजाबी और सिख के लिए सर्वोच्च है, लेकिन कुछ लोग अपने निजी हितों के लिए इस संस्था का दुरुपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव तुरंत कराने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब अब धार्मिक संस्थाओं को उन लोगों के गलबे में रहने देने का बोझ और बर्दाश्त नहीं कर सकता, जिन्होंने सियासी फायदा लेने के लिए आस्था का शोषण किया और सूबे को बर्बादी की ओर धकेलने वाले माफिया को संरक्षण दिया।
मौड़ हलके के ऐतिहासिक गांव मंडी कलां में विशाल ‘लोक मिलनी’ के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जहां उनकी सरकार ने बेअदबी के लिए कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम, 2026’ बनाया है, वहीं दूसरी तरफ ‘मांवाँ-धीयां सम्मान योजना’ के जरिए महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है, नहरी सिंचाई के विस्तार और दिन में बिजली आपूर्ति के जरिए किसानों को सुरक्षित किया जा रहा है और शिक्षा में सुधार करके पंजाब को स्कूली शिक्षा में देश का नंबर एक राज्य बनाया जा रहा है। उन्होंने गांव के विकास के लिए 50 लाख रुपये की ग्रांट देने, नई लाइब्रेरी खोलने और गांव की 55 साल पुरानी धर्मशाला के नवीनीकरण की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने श्री अकाल तख्त साहिब की पवित्रता, शिरोमणि कमेटी की भूमिका, जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम 2026, कल्याणकारी योजनाओं, शिक्षा सुधारों, सिंचाई के बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवा और पंजाब के सर्वांगीण विकास सहित कई मुद्दों पर विस्तार से बात की।
लोक मिलनी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “श्री अकाल तख्त साहिब हर सिख के लिए पवित्र है और इसे कौम का सर्वोच्च तख्त माना जाता है। यह एक बहुत ही पूजनीय स्थान है, जहां से हर सिख ईश्वरीय शांति और शक्ति प्राप्त करता है। हालांकि, कुछ गलत तत्वों ने इस पवित्र संस्था पर कब्जा कर लिया है और यह एहसास किए बिना फैसले ले रहे हैं कि यह हमारा पवित्र स्थान है। मैंने श्री अकाल तख्त साहिब के आगे इसलिए मत्था टेका क्योंकि यह हर पंजाबी और सिखों के लिए सर्वोच्च है। लेकिन कुछ लोग अपने निजी हितों के लिए इसका दुरुपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “मैंने भारत सरकार को लिखा है कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव हुए 14 साल हो गए हैं। यह संस्था आज बेहद खराब हालत में है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “बाढ़ के दौरान सुखबीर सिंह बादल द्वारा बांटा गया पैसा उनकी अपनी खून-पसीने की कमाई नहीं थी। यह गुरुद्वारों में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई भेंट का पैसा था। गरीब से गरीब व्यक्ति भी माता-पिता के अंतिम संस्कार के समय गुरुद्वारा साहिब में कुछ न कुछ योगदान देता है। लेकिन सुखबीर सिंह बादल ने अपने पिता के भोग के समय लंगर का प्रबंध तक नहीं किया और इसके बजाय श्री मुक्तसर साहिब से लंगर लेकर आए।”
उन्होंने आगे कहा, “बादल परिवार ने जमीन, रेत, ‘चिट्टे’, ट्रांसपोर्ट और अन्य माफिया को संरक्षण देकर पंजाब में सब कुछ हड़प लिया। उन्होंने सूबे को बर्बाद कर दिया और यहां के लोगों को बहुत दुख दिए। उन्होंने अपने निजी हितों के लिए पंथ का दुरुपयोग किया। लोगों ने उन्हें गुरु साहिबान के नाम पर वोट दिए, लेकिन उन्होंने गुरबानी का निरादर किया। अकालियों और बादल परिवार द्वारा पंजाब और इसके लोगों के साथ किए गए जुल्म की लंबी दास्तान है। जनता उन्हें इन करतूतों के लिए कभी माफ नहीं कर सकती।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ईश्वर ने मुझे ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम, 2026’ बनाकर मानवता की सेवा करने का अवसर बख्शा है, जो बेअदबी के लिए कड़ी सजा का प्रावधान करता है। इस कानून के तहत बेअदबी की कोशिश करने वाले को 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा और 50 लाख रुपये जुर्माना हो सकता है। अगर जुर्माना नहीं भरा गया तो दोषी की संपत्ति बेची जा सकती है ताकि आने वाली पीढ़ियां गुरु साहिब का निरादर करने और लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के अंजाम को याद रखें।”
भगवंत सिंह मान ने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि यह कानून एक मजबूत प्रतिरोधक के रूप में काम करेगा और भविष्य में कोई भी ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण हरकत करने की हिम्मत नहीं करेगा। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के लिए पिता समान हैं और इसकी पवित्रता को बनाए रखना हम सब का साझा कर्तव्य है।”
उन्होंने कहा, “अकालियों ने सियासी फायदे के लिए धर्म का दुरुपयोग किया और लोग उन्हें इसके लिए कभी माफ नहीं कर सकते। मैं अपने आप को भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे इस ऐतिहासिक कानून को बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।”
विरोधी पार्टियों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पारंपरिक सियासी पार्टियां इसके लिए झूठा प्रचार कर रही हैं क्योंकि वे लोगों के सामने बेनकाब होने से डरती हैं। उन्होंने आगे कहा, “इन नेताओं ने अपने सियासी हितों के लिए धर्म, जात-पात और नफरत के नाम पर लोगों को गुमराह किया। पद संभालने के बाद मैंने अपनी जिंदगी का हर पल लोगों की भलाई के लिए लगाया है और यही कारण है कि विरोधी परेशान हैं। सभी पारंपरिक पार्टियां मुझे लोगों की भलाई के लिए काम करने से रोकने के लिए मेरे खिलाफ इकट्ठी हो गई हैं। हालांकि उनकी ये हरकतें मुझे पंजाब और इसके लोगों की सेवा करने से कभी नहीं रोक सकतीं।”
कांग्रेस पार्टी पर व्यंग्य करते हुए उन्होंने कहा कि हर कांग्रेसी नेता मुख्यमंत्री बनना चाहता है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस में हर नेता सूबे का मुखिया बनने की इच्छा रखता है। पार्टी के पास आम कार्यकर्ताओं से ज्यादा मुख्यमंत्री के दावेदार हैं। कांग्रेसी नेता दिन-दहाड़े सत्ता में वापसी के सपने देख रहे हैं। यह पार्टी आपसी फूट का शिकार है और अपनी आंतरिक लड़ाई के बोझ तले ही दबकर रह जाएगी। उनके पास पंजाब के लिए कोई विजन नहीं है और वे सिर्फ सत्ता हथियाने और सूबे के संसाधनों की लूट करने में दिलचस्पी रखते हैं। उनके सपने कभी पूरे नहीं होंगे क्योंकि लोग उनके इरादों से पूरी तरह वाकिफ हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सरकार के शासन में पंजाब में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने कहा, “पहले पारंपरिक पार्टियां सिर्फ सत्ता पर काबिज होने के लिए अपनी बारी का इंतजार करती थीं। आज झाड़ू इन पार्टियों द्वारा फैलाई गई गंदगी को साफ कर रहा है।”
उन्होंने आगे कहा, “2022 के विधानसभा चुनावों में लोगों ने सात पूर्व मुख्यमंत्रियों और उनके परिवारों को नकार दिया था। पंजाब ने एक ईमानदार सरकार चुनी, जिसने जनता की भलाई के लिए अथक काम किया है। उस ऐतिहासिक फैसले ने पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाने में अहम भूमिका निभाई है।”
‘मांवां -धीयां सम्मान योजना’ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना पूरे पंजाब में महिलाओं को सशक्त बनाएगी। उन्होंने आगे कहा, “मैं पहले भी कई बड़ी योजनाओं की घोषणा कर चुका हूं, लेकिन मुझे विशेष रूप से खुशी है कि राज्य सरकार अब माताओं और बहनों के लिए ‘मां-बेटी सम्मान योजना’ शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस योजना के तहत पंजाब की 18 वर्ष से अधिक आयु की प्रत्येक महिला को 1,000 रुपये प्रति माह मिलेंगे, जबकि अनुसूचित जाति की 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। पात्र लाभार्थियों को 1 जुलाई से लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह मिलनी कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है। यह लोगों के साथ सीधा संवाद स्थापित करने का एक अवसर है। कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन किसी ने भी आम नागरिकों के कल्याण पर ध्यान नहीं दिया।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी खजाने का एक-एक पैसा जनता के कल्याण के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। किसानों को अब दिन के समय बिजली मिल रही है, जो राज्य के इतिहास में अभूतपूर्व है।”
उन्होंने आगे कहा, “ऐसे समय में जब राष्ट्रीय संपत्तियां कौड़ियों के भाव कुछ चुनिंदा लोगों को सौंपी जा रही हैं, पंजाब ने एक निजी थर्मल प्लांट खरीदकर और उसका नाम श्री गुरु अमर दास जी के नाम पर रखकर इतिहास रच दिया है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने निजी स्कूलों द्वारा फीस में मनमाने ढंग से वृद्धि रोकने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। उन्होंने कहा, “हमने निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों द्वारा फीस वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए एक अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य स्कूल फीस ढांचे में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना तथा विद्यार्थियों और अभिभावकों को फीस में मनमानी वृद्धि के कारण पड़ने वाले वित्तीय बोझ से बचाना है। इस अध्यादेश के तहत कोई भी निजी स्कूल 5 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेगा। इसका उल्लंघन करने वाले किसी भी संस्थान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि टैक्स का पैसा जनता का है और हम विकास तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से यह पैसा वापस जनता को लौटा रहे हैं। उन्होंने कहा, “जनता का पैसा बेहतर स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और बुनियादी ढांचे के रूप में जनता तक वापस पहुंच रहा है। हमने मुफ्त बिजली, भ्रष्टाचार और सिफारिश के बिना 68,000 से अधिक युवाओं को नौकरियां, बेहतर सड़कें और अवधि पूरी कर चुके टोल प्लाजा बंद करने जैसे कदम उठाए हैं, जिससे लोगों की प्रतिदिन 70 लाख रुपये की बचत हो रही है। इसके साथ ही पूरे पंजाब में बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जब हमारी सरकार सत्ता में आई थी, तब सिंचाई के लिए केवल 22 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग हो रहा था। आज यह आंकड़ा 80 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। ‘आप’ सरकार ने सिंचाई बुनियादी ढांचे में बड़े सुधार किए हैं।” उन्होंने कहा, “हमने पूरे पंजाब में 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने के साथ-साथ नई जलवाहिकाएं बनाई हैं और पुरानी नहरों व खालों को पुनर्जीवित तथा मजबूत किया है। किसानों की सिंचाई आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इन जलमार्गों के माध्यम से लगभग 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह मात्रा दो भाखड़ा नहरों की आपूर्ति के बराबर है और इससे राज्यभर के किसानों को बड़ा लाभ हो रहा है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि भूजल स्तर में सुधार के लिए नहरों और नदियों में रिचार्ज प्वाइंट बनाए गए हैं। उन्होंने कहा, “कई क्षेत्रों में भूजल स्तर दो से चार मीटर तक बढ़ा है। इस पहल का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के हितों की रक्षा करना है, क्योंकि पंजाब की पहचान और अस्तित्व पानी से गहराई से जुड़ा हुआ है।”
उन्होंने कहा, “कोई भी मुफ्त सुविधा या रियायत गरीबी और सामाजिक चुनौतियों को समाप्त नहीं कर सकती। केवल शिक्षा ही जीवन को ऊंचा उठाने और उसमें सुधार लाने की कुंजी है।”
शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा में अग्रणी बनकर उभरा है। उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार के समर्पित प्रयासों के कारण प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में पंजाब ने केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान प्राप्त किया है। हमने स्कूलों को अपग्रेड किया, शिक्षा प्रणाली को मजबूत किया, स्मार्ट कक्षाएं बनाई और शिक्षकों को उन्नत प्रशिक्षण प्रदान किया, जिसके परिणामस्वरूप पंजाब अब शिक्षा क्षेत्र में अग्रणी बनकर उभर रहा है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी हालिया आंकड़े दर्शाते हैं कि पंजाब ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछले चार वर्षों से हम लगातार शिक्षक प्रशिक्षण, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और स्मार्ट कक्षाओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। पहले केरल शीर्ष स्थान पर था, लेकिन अब पंजाब ने बड़े अंतर से यह स्थान हासिल किया है। शिक्षा वह रोशनी है जो अंधकार को दूर करती है। इसलिए यह क्षेत्र हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना ने पंजाब के स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी क्रांति लाई है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं। प्रत्येक परिवार वार्षिक 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का हकदार है। 30 लाख से अधिक लाभार्थी पहले ही स्वास्थ्य कार्ड प्राप्त कर चुके हैं और लोगों ने इस योजना के तहत अब तक लगभग 650 करोड़ रुपये के मुफ्त इलाज का लाभ उठाया है। मैं प्रत्येक पात्र परिवार से इस योजना का अधिकतम लाभ उठाने की अपील करता हूं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने कृषि क्षेत्र को बिजली आपूर्ति में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा, “पंजाब के इतिहास में पहली बार धान के सीजन के दौरान कृषि मोटरों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल रही है। किसानों को अब सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली मिल रही है, जिससे उनका जीवन आसान हुआ है और कृषि को भी काफी लाभ मिला है।”
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