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1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना होगा महंगा, केंद्र सरकार ने बढ़ाई विभिन्न सेवाओं की फीस
केंद्र सरकार ने पासपोर्ट और उससे जुड़ी विभिन्न सेवाओं की फीस में बड़ा बदलाव किया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब देशभर में पासपोर्ट को नागरिकता के प्रमाण के रूप में मान्यता देने को लेकर चर्चा चल रही है। विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट नियम, 2026 जारी करते हुए नई शुल्क व्यवस्था को 1 जुलाई 2026 से लागू करने का निर्णय लिया है।
नए नियमों के तहत 1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाने, उसका नवीनीकरण (रिन्यूअल) कराने और अन्य संबंधित सेवाओं के लिए संशोधित शुल्क देना होगा। सरकार के अनुसार कुछ मामलों में पासपोर्ट बनवाने की लागत 2,000 रुपये तक बढ़ सकती है। इससे पहले वर्ष 2012 में पासपोर्ट शुल्क में संशोधन किया गया था। यानी करीब 14 साल बाद फीस में बदलाव किया गया है।
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, पासपोर्ट नियम 1980 के तहत लागू पुरानी शुल्क सूची को समाप्त कर नई शुल्क सूची लागू की जाएगी। 1 जुलाई से सभी पासपोर्ट सेवाओं पर नई फीस प्रभावी होगी।
सरकार ने खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट के बदले नया पासपोर्ट जारी करने, पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट (PCC) और सरेंडर सर्टिफिकेट जैसी सेवाओं की फीस भी बढ़ा दी है।
नई व्यवस्था के अनुसार, यदि 36 पृष्ठों वाला पासपोर्ट खो जाता है, तो सामान्य प्रक्रिया के तहत नया पासपोर्ट बनवाने के लिए 5,000 रुपये, जबकि तत्काल सेवा के तहत 7,500 रुपये शुल्क देना होगा। वहीं 60 पृष्ठों वाले रिप्लेसमेंट पासपोर्ट के लिए सामान्य श्रेणी में 6,000 रुपये और तत्काल सेवा में 8,500 रुपये फीस निर्धारित की गई है।
नाबालिग आवेदकों के मामले में यदि 36 पृष्ठों वाला पासपोर्ट खो जाता है या क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो सामान्य प्रक्रिया के तहत नया पासपोर्ट बनवाने के लिए 4,250 रुपये और तत्काल सेवा के तहत 6,750 रुपये शुल्क देना होगा।
सरकार का कहना है कि नई शुल्क व्यवस्था 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू होगी और इसके बाद सभी पासपोर्ट सेवाओं के लिए संशोधित शुल्क ही प्रभावी रहेगा।
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औद्योगिक और कमर्शियल LPG उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, केंद्र ने बहाल की पूरी सप्लाई
केंद्र सरकार ने औद्योगिक और वाणिज्यिक (कमर्शियल) LPG उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए औद्योगिक एवं कमर्शियल LPG सिलेंडरों की आपूर्ति पर लगी सभी पाबंदियां हटा दी हैं। इस फैसले के बाद LPG की सप्लाई को पश्चिम एशिया संकट से पहले के स्तर पर बहाल कर दिया गया है। इससे होटल, रेस्तरां, फैक्ट्रियों और अन्य औद्योगिक इकाइयों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार ने थोक (बल्क) LPG की आपूर्ति भी लगभग 50 प्रतिशत तक दोबारा शुरू कर दी है। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद गैस की उपलब्धता प्रभावित हुई थी, जिसके चलते औद्योगिक क्षेत्र के लिए LPG आपूर्ति पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए थे। अब स्थिति सामान्य होने पर इन प्रतिबंधों को हटा दिया गया है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, देश में LPG की आपूर्ति अब स्थिर हो रही है। इसी कारण औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को फिर से पूरी मात्रा में गैस उपलब्ध कराई जा रही है। इससे उद्योगों की परिचालन लागत कम होगी, उत्पादन में तेजी आएगी और बाजार में गैस की उपलब्धता भी बढ़ेगी। माना जा रहा है कि इस फैसले से आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
गौरतलब है कि पश्चिम एशिया संकट के दौरान घरेलू रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत विशेष आदेश जारी किए थे। इसके तहत सी-3 और सी-4 हाइड्रोकार्बन स्ट्रीम को पेट्रोकेमिकल और अन्य औद्योगिक उपयोग से हटाकर LPG उत्पादन में लगाया गया था, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की कमी का सामना न करना पड़े। इस वजह से कई उद्योगों को कच्चे माल की कमी और उत्पादन संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था।
अब जब LPG उत्पादन और आपूर्ति की स्थिति में सुधार हो गया है, सरकार ने सी-3 और सी-4 स्ट्रीम को फिर से गैर-LPG उपयोग के लिए उपलब्ध कराने का फैसला किया है। इससे पेट्रोकेमिकल और अन्य डाउनस्ट्रीम उद्योगों को आवश्यक कच्चा माल मिलेगा, जिससे उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस फैसले का घरेलू LPG उपभोक्ताओं पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि देश का कुल घरेलू LPG उत्पादन प्रतिदिन 40 हजार मीट्रिक टन से कम न हो। साथ ही आम उपभोक्ताओं के लिए रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति जारी रहेगी।
सरकार का कहना है कि घरेलू LPG उपभोक्ताओं की जरूरतें उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेंगी। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्र की मांगों को भी संतुलित तरीके से पूरा किया जाएगा, ताकि देश की अर्थव्यवस्था और औद्योगिक विकास को और मजबूती मिल सके।
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आप को बड़ा समर्थन, श्री हरगोबिंदपुर नगर परिषद के अध्यक्ष नवदीप सिंह पन्नू, कई पार्षद और पठानकोट के कांग्रेसी नेता हुए पार्टी में शामिल
आम आदमी पार्टी (आप) को सोमवार को श्री हरगोबिंदपुर साहिब और पठानकोट में उस समय बड़ा समर्थन मिला जब श्री हरगोबिंदपुर नगर परिषद के अध्यक्ष नवदीप सिंह पन्नू, कई मौजूदा नगर पार्षदों, पूर्व पार्षदों और पठानकोट के प्रमुख कांग्रेसी नेता ‘आप’ पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा और कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क की उपस्थिति में पार्टी में शामिल हो गए।
नेताओं का पार्टी में स्वागत करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा जनहित की नीतियों और विकासोन्मुख शासन के कारण ‘आप’ चुने हुए प्रतिनिधियों और जमीनी स्तर के नेताओं को लगातार अपनी ओर आकर्षित कर रही है।
उन्होंने कहा कि अपने-अपने क्षेत्रों में कांग्रेस के मजबूत स्तंभ के रूप में सेवा निभाने वाले नेताओं ने अब पंजाब सरकार के कामों और ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की दूरदर्शिता से प्रभावित होकर ‘आप’ में शामिल होने का फैसला किया है। अरोड़ा ने भरोसा जताया कि उनके शामिल होने से पार्टी जमीनी स्तर पर और मजबूत होगी तथा रंगीला और खुशहाल पंजाब बनाने के मिशन को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
श्री हरगोबिंदपुर से ‘आप’ में शामिल होने वालों में नगर परिषद के अध्यक्ष और वार्ड नंबर 2 की एमसी नवदीप सिंह पन्नू, वार्ड नंबर 1 की एमसी मनजीत कौर पन्नू, वार्ड नंबर 3 की एमसी बलविंदर कौर, वार्ड नंबर 5 की एमसी जीवन ज्योतिका, वार्ड नंबर 6 की एमसी जसविंदर कौर, वार्ड नंबर 8 के एमसी कुलवंत सिंह, वार्ड नंबर 10 की एमसी हरजिंदर कौर और वार्ड नंबर 11 की एमसी परमिंदर कौर शामिल हैं।
पूर्व नगर पार्षद गुरमुख सिंह, रतन सिंह, बोधराज, अनूप सिंह, मनजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह सैनी और पूर्व सरपंच सिकंदर सिंह भी पार्टी में शामिल हुए। ‘आप’ में शामिल होने वाले अन्य प्रमुख नेताओं में गुरदेव सिंह पन्नू, जशन चीमा, मनजिंदर सिंह, कमल पुरी, कौशल पुरी और काकू चंद शामिल हैं।
पठानकोट से पूर्व जिला परिषद सदस्य रोहित शर्मा, जो एनएसयूआई पठानकोट के जिला अध्यक्ष और पंजाब एनएसयूआई के महासचिव के रूप में भी सेवाएं निभा चुके हैं, दानिश महाजन, राकेश, परमजीत सिंह और परवेश समेत पार्टी में शामिल हुए। इस मौके पर बोलते हुए कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने कहा कि पूरे पंजाब में ‘आप’ को मिल रहा बड़ा समर्थन भगवंत मान सरकार द्वारा दिए गए अच्छे शासन का नतीजा है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में ‘आप’ ने ईमानदार शासन और जनकल्याण पर ध्यान केंद्रित करके राजनीति में लंबे समय से चल रही खालीपन को भरा है।
कटारूचक्क ने कहा कि समाज के हर वर्ग के लोग, खासकर युवा और जमीनी स्तर के नेता ‘आप’ में शामिल हो रहे हैं क्योंकि वे पार्टी को लोगों की सेवा के लिए प्रतिबद्ध मंच के रूप में देखते हैं। उन्होंने कहा कि नवदीप सिंह पन्नू और रोहित शर्मा जैसे नेताओं का लोगों से मजबूत संपर्क है और उनके अनुभव से पार्टी संगठन और मजबूत होगा। पार्टी नेतृत्व का धन्यवाद करते हुए नवदीप सिंह पन्नू ने कहा कि वे और उनकी टीम भगवंत मान सरकार द्वारा लोगों की भलाई के लिए किए जा रहे कामों से प्रभावित होकर ‘आप’ में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि वे ऐसी टीम का हिस्सा बनना चाहते हैं जो पंजाब और यहां के लोगों के लिए सच्चे दिल से काम कर रही है।
पन्नू ने नेतृत्व को भरोसा दिलाया कि वे और उनके साथी पार्टी को मजबूत करने और अपने-अपने क्षेत्रों के लोगों की सेवा करने के लिए तनदेही से काम करेंगे।
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NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
हरियाणा के Hisar जिले के बरवाला क्षेत्र स्थित गांव ढाणी खान बहादुर से एक दुखद मामला सामने आया है। 19 वर्षीय छात्रा सिमरन की मौत हो गई। वह डॉक्टर बनने का सपना लेकर NEET परीक्षा की तैयारी कर रही थी।
घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया और बाद में परिजनों को सौंप दिया। अंतिम संस्कार के बाद परिवार गहरे सदमे में है, जबकि पूरे गांव में शोक का माहौल है।
परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार सिमरन पढ़ाई में बेहद होनहार थी और बचपन से ही डॉक्टर बनना चाहती थी। उसने गांव के सरकारी स्कूल से पढ़ाई की और दसवीं व बारहवीं की परीक्षाओं में अच्छे अंक प्राप्त किए थे। वह कृषि क्षेत्र की पढ़ाई के लिए प्रवेश परीक्षा भी पास कर चुकी थी, लेकिन उसका लक्ष्य एमबीबीएस कर डॉक्टर बनना था।
अपने सपने को पूरा करने के लिए वह राजस्थान के Sikar में रहकर NEET की तैयारी कर रही थी। उसने पहले भी परीक्षा दी थी, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिलने के बाद दोबारा तैयारी कर रही थी।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार छात्रा की मौत जहरीले पदार्थ के सेवन से हुई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सिमरन के पिता महावीर ने बताया कि बेटी का सपना डॉक्टर बनकर परिवार और समाज का नाम रोशन करना था। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा के लिए परिवार लगातार मेहनत कर रहा था और उनकी बेटी पढ़ाई को लेकर गंभीर थी।
यह घटना प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव, विद्यार्थियों की मानसिक भलाई और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ भावनात्मक और मानसिक सहयोग मिलना भी उतना ही जरूरी है, ताकि वे कठिन परिस्थितियों और तनाव का बेहतर तरीके से सामना कर सकें।
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