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आप को बड़ा समर्थन, श्री हरगोबिंदपुर नगर परिषद के अध्यक्ष नवदीप सिंह पन्नू, कई पार्षद और पठानकोट के कांग्रेसी नेता हुए पार्टी में शामिल
आम आदमी पार्टी (आप) को सोमवार को श्री हरगोबिंदपुर साहिब और पठानकोट में उस समय बड़ा समर्थन मिला जब श्री हरगोबिंदपुर नगर परिषद के अध्यक्ष नवदीप सिंह पन्नू, कई मौजूदा नगर पार्षदों, पूर्व पार्षदों और पठानकोट के प्रमुख कांग्रेसी नेता ‘आप’ पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा और कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क की उपस्थिति में पार्टी में शामिल हो गए।
नेताओं का पार्टी में स्वागत करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा जनहित की नीतियों और विकासोन्मुख शासन के कारण ‘आप’ चुने हुए प्रतिनिधियों और जमीनी स्तर के नेताओं को लगातार अपनी ओर आकर्षित कर रही है।
उन्होंने कहा कि अपने-अपने क्षेत्रों में कांग्रेस के मजबूत स्तंभ के रूप में सेवा निभाने वाले नेताओं ने अब पंजाब सरकार के कामों और ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की दूरदर्शिता से प्रभावित होकर ‘आप’ में शामिल होने का फैसला किया है। अरोड़ा ने भरोसा जताया कि उनके शामिल होने से पार्टी जमीनी स्तर पर और मजबूत होगी तथा रंगीला और खुशहाल पंजाब बनाने के मिशन को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
श्री हरगोबिंदपुर से ‘आप’ में शामिल होने वालों में नगर परिषद के अध्यक्ष और वार्ड नंबर 2 की एमसी नवदीप सिंह पन्नू, वार्ड नंबर 1 की एमसी मनजीत कौर पन्नू, वार्ड नंबर 3 की एमसी बलविंदर कौर, वार्ड नंबर 5 की एमसी जीवन ज्योतिका, वार्ड नंबर 6 की एमसी जसविंदर कौर, वार्ड नंबर 8 के एमसी कुलवंत सिंह, वार्ड नंबर 10 की एमसी हरजिंदर कौर और वार्ड नंबर 11 की एमसी परमिंदर कौर शामिल हैं।
पूर्व नगर पार्षद गुरमुख सिंह, रतन सिंह, बोधराज, अनूप सिंह, मनजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह सैनी और पूर्व सरपंच सिकंदर सिंह भी पार्टी में शामिल हुए। ‘आप’ में शामिल होने वाले अन्य प्रमुख नेताओं में गुरदेव सिंह पन्नू, जशन चीमा, मनजिंदर सिंह, कमल पुरी, कौशल पुरी और काकू चंद शामिल हैं।
पठानकोट से पूर्व जिला परिषद सदस्य रोहित शर्मा, जो एनएसयूआई पठानकोट के जिला अध्यक्ष और पंजाब एनएसयूआई के महासचिव के रूप में भी सेवाएं निभा चुके हैं, दानिश महाजन, राकेश, परमजीत सिंह और परवेश समेत पार्टी में शामिल हुए। इस मौके पर बोलते हुए कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने कहा कि पूरे पंजाब में ‘आप’ को मिल रहा बड़ा समर्थन भगवंत मान सरकार द्वारा दिए गए अच्छे शासन का नतीजा है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में ‘आप’ ने ईमानदार शासन और जनकल्याण पर ध्यान केंद्रित करके राजनीति में लंबे समय से चल रही खालीपन को भरा है।
कटारूचक्क ने कहा कि समाज के हर वर्ग के लोग, खासकर युवा और जमीनी स्तर के नेता ‘आप’ में शामिल हो रहे हैं क्योंकि वे पार्टी को लोगों की सेवा के लिए प्रतिबद्ध मंच के रूप में देखते हैं। उन्होंने कहा कि नवदीप सिंह पन्नू और रोहित शर्मा जैसे नेताओं का लोगों से मजबूत संपर्क है और उनके अनुभव से पार्टी संगठन और मजबूत होगा। पार्टी नेतृत्व का धन्यवाद करते हुए नवदीप सिंह पन्नू ने कहा कि वे और उनकी टीम भगवंत मान सरकार द्वारा लोगों की भलाई के लिए किए जा रहे कामों से प्रभावित होकर ‘आप’ में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि वे ऐसी टीम का हिस्सा बनना चाहते हैं जो पंजाब और यहां के लोगों के लिए सच्चे दिल से काम कर रही है।
पन्नू ने नेतृत्व को भरोसा दिलाया कि वे और उनके साथी पार्टी को मजबूत करने और अपने-अपने क्षेत्रों के लोगों की सेवा करने के लिए तनदेही से काम करेंगे।
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NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
हरियाणा के Hisar जिले के बरवाला क्षेत्र स्थित गांव ढाणी खान बहादुर से एक दुखद मामला सामने आया है। 19 वर्षीय छात्रा सिमरन की मौत हो गई। वह डॉक्टर बनने का सपना लेकर NEET परीक्षा की तैयारी कर रही थी।
घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया और बाद में परिजनों को सौंप दिया। अंतिम संस्कार के बाद परिवार गहरे सदमे में है, जबकि पूरे गांव में शोक का माहौल है।
परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार सिमरन पढ़ाई में बेहद होनहार थी और बचपन से ही डॉक्टर बनना चाहती थी। उसने गांव के सरकारी स्कूल से पढ़ाई की और दसवीं व बारहवीं की परीक्षाओं में अच्छे अंक प्राप्त किए थे। वह कृषि क्षेत्र की पढ़ाई के लिए प्रवेश परीक्षा भी पास कर चुकी थी, लेकिन उसका लक्ष्य एमबीबीएस कर डॉक्टर बनना था।
अपने सपने को पूरा करने के लिए वह राजस्थान के Sikar में रहकर NEET की तैयारी कर रही थी। उसने पहले भी परीक्षा दी थी, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिलने के बाद दोबारा तैयारी कर रही थी।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार छात्रा की मौत जहरीले पदार्थ के सेवन से हुई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सिमरन के पिता महावीर ने बताया कि बेटी का सपना डॉक्टर बनकर परिवार और समाज का नाम रोशन करना था। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा के लिए परिवार लगातार मेहनत कर रहा था और उनकी बेटी पढ़ाई को लेकर गंभीर थी।
यह घटना प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव, विद्यार्थियों की मानसिक भलाई और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ भावनात्मक और मानसिक सहयोग मिलना भी उतना ही जरूरी है, ताकि वे कठिन परिस्थितियों और तनाव का बेहतर तरीके से सामना कर सकें।
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Punjab के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ की नई पहचान: रोज़गार, सम्मान और उम्मीद की कहानियाँ
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चल रहा ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान अब रोज़गार के अवसरों के ज़रिए नशा पीड़ितों के जीवन में आई रिकवरी और नई उम्मीद की प्रेरक कहानियों से पहचाना जा रहा है। जो लोग कभी नशे की गिरफ़्त से बाहर निकलने के लिए संघर्ष कर रहे थे, वे आज होटलों, रेस्तरां, शॉपिंग मॉल्स, डी-मार्ट, ब्लिंकिट जैसी संस्थाओं में काम कर रहे हैं या स्वरोज़गार के माध्यम से अपने जीवन को फिर से पटरी पर ला रहे हैं।
मार्च 2025 में राज्य में शुरू हुए ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के बाद से पंजाब के विभिन्न नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों में उपचार पूरा कर चुके अनेक लोगों को रोज़गार मिला है। यह इस बात का प्रमाण है कि आजीविका के अवसर रिकवरी और नशामुक्त जीवन की दिशा में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इन्हीं में से एक हैं दलजिंदर सिंह (बदला हुआ नाम), जिन्होंने फ़रवरी 2026 में डी-मार्ट में नौकरी शुरू की। उन्होंने रोज़गार की ज़िम्मेदारियों को सकारात्मक ढंग से अपनाया है और धीरे-धीरे अपना जीवन दोबारा सँवार रहे हैं। दलजिंदर कहते हैं, “नौकरी मिलने से मुझे हर सुबह उठने की एक वजह मिली। इससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा। अब ज़िंदगी अच्छी लगती है… यहाँ तक कि सुबह की एक कप चाय भी चेहरे पर मुस्कान ले आती है।”
प्रवीण ढल्ल, जो कि किराना, फल , सब्ज़ियों और अन्य दैनिक आवश्यक वस्तुओं की डिलीवरी सेवा में कार्यरत हैं,कहते हैं, “रिहैबिलिटेशन से मुझे जीवित रहने में मदद मिली, लेकिन नौकरी ने मुझे दोबारा जीना सिखाया। जब मैंने कमाना शुरू किया, तो मैंने ख़ुद को केवल एक नशा छोड़ने की कोशिश कर रहे व्यक्ति के रूप में नहीं, बल्कि एक ज़िम्मेदार और भविष्य के बारे में सोचने वाले इंसान के रूप में देखना शुरू किया। इसी भावना ने मुझे नशे से दूर रहने की ताकत दी।”
‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ केवल पुनर्वास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके बाद भी लोगों का साथ निभा रहा है। इसका एक उदाहरण जालंधर नशा मुक्ति केंद्र में देखने को मिलता है, जहाँ मुख्यधारा में लौट चुके पूर्व नशा पीड़ितों की नियमित रूप से निगरानी की जाती है ताकि उनकी प्रगति का आकलन किया जा सके और पुनः नशे की ओर लौटने के किसी भी संकेत का समय रहते पता लगाया जा सके।
फॉलो-अप के दौरान यह पाया गया कि कई स्वस्थ हो चुके लोग रोज़गार से जुड़ चुके हैं, जो उनके पारिवारिक और आर्थिक जीवन में दोबारा शामिल होने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। जैसे-जैसे अधिक लाभार्थी उपचार केंद्रों से निकलकर रोज़गार और स्वरोज़गार की ओर बढ़ रहे हैं, मुख्यमंत्री भगवंत मान के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान का प्रभाव अब केवल गिरफ़्तारियों और नशीले पदार्थों की बरामदगी से नहीं, बल्कि बहाल हुई ज़िंदगियों और रोज़गार के नए अवसरों से भी मापा जा रहा है।
नशा पीड़ितों को इस दलदल से बाहर निकालने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले काउंसलरों का मानना है कि उपचार से रोज़गार तक का सफ़र सफल पुनर्वास के सबसे मज़बूत संकेतकों में से एक है।
अमृतसर मेडिकल कॉलेज स्थित स्वामी विवेकानंद नशा मुक्ति केंद्र की काउंसलर भावना शर्मा ने कहा, “रिकवरी केवल नशा छोड़ देने का नाम नहीं है। हम मरीज़ों को अपनी भावनाएँ व्यक्त करने, जीवन को फिर से व्यवस्थित करने और भविष्य के लक्ष्य तय करने के लिए प्रेरित करते हैं। जब उन्हें रोज़गार और स्थिर जीवन की दिशा दिखाई देने लगती है, तो वे नशामुक्त रहने के प्रति और अधिक प्रतिबद्ध हो जाते हैं।”
‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ के तहत जालंधर नशा मुक्ति केंद्र के नोडल मनोचिकित्सक डॉ. अभय राज सिंह ने कहा, “ऐसी सफलता की कहानियाँ यह दर्शाती हैं कि नशा मुक्ति उपचार को पुनर्वास और रोज़गार सहायता से जोड़ना कितना महत्त्वपूर्ण है। काम पर लौटने वाला प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति केवल अपनी व्यक्तिगत जीत का ही नहीं, बल्कि वह एक मज़बूत परिवार और अधिक सुरक्षित समाज का प्रतीक होता है।”
जैसे-जैसे अधिक लाभार्थी उपचार केंद्रों से निकलकर रोज़गार और स्वरोज़गार की ओर बढ़ रहे हैं, अभियान का प्रभाव अब केवल गिरफ़्तारियों और बरामदगियों से नहीं, बल्कि नई ज़िंदगी पाने वाले लोगों, रोज़गार के नए अवसरों और संवरते भविष्य से भी मापा जा रहा है|
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Punjab सरकार द्वारा कामकाजी महिलाओं के लिए राज्य में पांच वर्किंग वूमेन हॉस्टल निर्माणाधीन : डॉ. बलजीत कौर
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा अपने घरों से दूर विभिन्न शहरों में कार्यरत महिलाओं को सुरक्षित, सुविधाजनक एवं किफायती आवास उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग, पंजाब की ओर से मोहाली, जालंधर तथा अमृतसर में पांच वर्किंग वूमेन हॉस्टलों का निर्माण कराया जा रहा है। यह जानकारी पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने आज मोहाली के सेक्टर-66 में विधायक कुलवंत सिंह की उपस्थिति में सात मंजिला वर्किंग वूमेन हॉस्टल के निर्माण कार्य का शुभारंभ करते हुए दी।
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि इस परियोजना पर लगभग 70 करोड़ रुपये की लागत आएगी तथा इसका निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा युद्ध स्तर पर कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पंजाब का सबसे बड़ा सरकारी क्षेत्र का वर्किंग वूमेन हॉस्टल होगा, जहां 484 महिलाओं को अत्याधुनिक एवं सुरक्षित आवासीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी। हॉस्टल में सिंगल, डबल तथा डॉर्मिटरी कमरे उपलब्ध होंगे। इसके अतिरिक्त, कामकाजी महिलाओं के साथ रहने वाले बच्चों के लिए क्रेच सुविधा तथा मनोरंजन हेतु इनडोर खेलों की व्यवस्था भी की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि यह मोहाली में निर्मित होने वाला तीसरा वर्किंग वूमेन हॉस्टल है। इससे पहले निफ्ट मोहाली फेज-1 में 25.26 करोड़ रुपये की लागत से 150 महिलाओं की क्षमता वाला हॉस्टल निर्माणाधीन है। इसी प्रकार सेक्टर-79, मोहाली में 100 महिलाओं की क्षमता वाले एक अन्य वर्किंग वूमेन हॉस्टल का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है, जिस पर 12.57 करोड़ रुपये की लागत आएगी। उन्होंने आगे बताया कि मोहाली में बन रहे इन तीन हॉस्टलों के अतिरिक्त विभाग द्वारा गांधी विनिता आश्रम, जालंधर में 100 महिलाओं की क्षमता वाला 10.11 करोड़ रुपये की लागत का हॉस्टल तथा अमृतसर में 150 महिलाओं की क्षमता वाला 27.34 करोड़ रुपये की लागत का वर्किंग वूमेन हॉस्टल भी निर्माणाधीन है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी कर ली जाएंगी।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि इन हॉस्टलों में रहने वाली महिलाओं को अत्यंत रियायती एवं नाममात्र किराए पर आवास उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे बाहर कार्यरत महिलाओं को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि बठिंडा में भी रेड क्रॉस भवन में किराये के आधार पर 100 महिलाओं की क्षमता वाला एक वर्किंग वूमेन हॉस्टल संचालित किया जा रहा है। मीडिया के एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि राज्य के किसी भी शहर में यदि कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल की मांग आती है, तो विभाग आवश्यकतानुसार किराये पर भवन लेकर भी ऐसी सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रोजगार के लिए अपने घरों से दूर रहने वाली महिलाओं को आवास और सुरक्षा संबंधी किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। इस अवसर पर विधायक कुलवंत सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान तथा कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर का धन्यवाद करते हुए कहा कि मोहाली जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाली कामकाजी महिलाओं के लिए ऐसे हॉस्टल राज्य सरकार की महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक हैं।
इस अवसर पर सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक डॉ. शेना अग्रवाल, विशेष सचिव केशव हिंगोनिया, अतिरिक्त उपायुक्त (विकास) सोनम चौधरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी निखिल अरोड़ा तथा लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय मंडल के कार्यकारी अभियंता रणजीत सिंह सिद्धू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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