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भारत का दूसरा सबसे बड़ा टाटा स्टील प्लांट पंजाब में कार्यशील, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार- CM भगवंत सिंह मान

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‘आप’ के नेतृत्व वाली सरकार के अधीन पंजाब में औद्योगिक पुनर्जीवन को भरपूर बढ़ावा मिला है क्योंकि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लुधियाना में भारत के दूसरे सबसे बड़े प्लांट का उद्घाटन किया, जो निर्णायक नीति का प्रत्यक्ष प्रमाण है। देश में पहली बार हजारों नौकरियों के वादे और ग्रीन ऊर्जा-संचालित स्टील उत्पादन शुरू हुआ है। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों को घेरते हुए जोर देकर कहा कि जो उद्योग कभी गलत नीतियों के कारण पंजाब से बाहर गए थे, वे अब उद्योग-समर्थक शासन के अधीन वापस आ रहे हैं। 3200 करोड़ रुपये की लागत से लुधियाना में स्थापित यह प्लांट पंजाब की औद्योगिक तस्वीर बदलने की दिशा में बड़ा कदम है।

टाटा स्टील के दूसरे सबसे बड़े प्लांट का उद्घाटन करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “यह एक यादगार दिन है क्योंकि राज्य के आर्थिक विकास को बड़ा बढ़ावा देने का इतिहास रचा गया है। आज पंजाब भारत का पहला राज्य बन गया है जिसने इस इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस-आधारित प्लांट के माध्यम से ग्रीन ऊर्जा का उपयोग करके स्टील उत्पादन शुरू किया है। यह पंजाब के लिए ऐतिहासिक और विशेष दिन है क्योंकि टाटा स्टील ने सीधे तौर पर 2600 से 2700 परिवारों और अप्रत्यक्ष रूप से 8000-10000 परिवारों के भविष्य को रोशन करने की जिम्मेदारी ली है। यह विश्व स्तरीय प्लांट अत्याधुनिक ग्रीन ऊर्जा तकनीक से लैस है।”

टाटा स्टील टीम को बधाई देते हुए उन्होंने कहा, “टाटा स्टील जैसी कंपनी का किसी राज्य में निवेश करना उसके भविष्य में विश्वास और भरोसे को दर्शाता है। टाटा स्टील की मौजूदगी स्पष्ट संदेश देती है कि पंजाब औद्योगिक विकास के अगले चरण के लिए तैयार है। यह निवेश केवल एक प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि पंजाब के युवाओं, हमारे इंजीनियरों, हमारे कुशल कर्मचारियों और पंजाब के निर्माण क्षेत्र को मजबूत बनाने का सुनहरा अवसर है।”

भविष्य के दृष्टिकोण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “पंजाब हमेशा उद्यमियों की धरती रहा है और लुधियाना जैसे शहर उनकी उद्यमशीलता, कड़ी मेहनत और निर्माण शक्ति के लिए विश्व स्तर पर जाने जाते हैं। टाटा स्टील प्लांट जैसी आधुनिक सुविधाओं के साथ हम अपनी विरासत को और मजबूत कर रहे हैं और पंजाब को भविष्य निर्माण के लिए तैयार कर रहे हैं। यह भारत में टाटा स्टील का पहला इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस-आधारित प्लांट है, जो दर्शाता है कि पंजाब केवल निवेश ही नहीं, बल्कि आधुनिक और भविष्य के लिए तैयार निवेश भी आकर्षित कर रहा है। ऐसा उत्पादन दक्षता, स्थिरता और संसाधनों के बेहतर उपयोग की वैश्विक दिशा को दर्शाता है।”

सरकार के औद्योगिक दृष्टिकोण को दोहराते हुए उन्होंने जोर देकर कहा, “हम चाहते हैं कि पंजाब भारत के सबसे पसंदीदा औद्योगिक स्थलों में से एक बने। हम चाहते हैं कि कंपनियां पंजाब को केवल एक बाजार के रूप में ही नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक निर्माण भागीदार के रूप में देखें। टाटा समूह वैश्विक स्तर पर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के लिए जाना जाता है और रतन टाटा ने हमेशा इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभाई है।”

निजी उदाहरण साझा करते हुए उन्होंने कहा कि रतन टाटा ने मानसून के दौरान आवारा कुत्तों को संघर्ष करते देख बॉम्बे हाउस में डॉग शेल्टर शुरू किया था। उन्हें “देश का बेटा” बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जब उनका निधन हुआ तो पूरे देश ने राष्ट्र निर्माण और देश का नाम विश्व स्तर पर ऊंचा करने के लिए उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि पंजाब ग्रीन ऊर्जा के माध्यम से स्टील उत्पादन शुरू करने वाला देश का पहला राज्य है।

अपनी जापान यात्रा को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “जापान जैसे देश पहले ही बड़े पैमाने पर ग्रीन ऊर्जा की ओर बढ़ रहे हैं और यह प्रोजेक्ट दर्शाता है कि पंजाब भविष्य में निवेश कर रहा है। पंजाब का मजबूत हवाई, रेल और सड़क संपर्क इसे व्यापार के लिए आदर्श स्थान बनाता है। हमने टाटा समूह के साथ यूरोप और अन्य पश्चिमी देशों के लिए अधिक उड़ानें शुरू करने का मुद्दा उठाया है।”

पंजाब की विरासत पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यह राज्य गुरुओं, संतों, पीरों, शहीदों और देशभक्तों की पवित्र धरती है, जहां नफरत के बीज को छोड़कर हर बीज उग सकता है। पंजाब ने खाद्य और राष्ट्रीय सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और इसे देश का “अन्नदाता” और “खड़ग भुजा” का दर्जा प्राप्त है। इस प्लांट के साथ राज्य भर में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

इस प्रोजेक्ट के स्तर को उजागर करते हुए उन्होंने आगे कहा, “आज हम इतिहास लिख रहे हैं क्योंकि टाटा न केवल पैसा निवेश कर रहा है, बल्कि अपनी साख भी पंजाब के नाम कर रहा है। 115 एकड़ में फैले इस प्लांट में निवेश 2600 करोड़ रुपये से बढ़कर 3200 करोड़ रुपये हो गया है और यह 100 प्रतिशत स्टील स्क्रैप को कच्चे माल के रूप में उपयोग करेगा, जिससे यह पर्यावरण के अनुकूल रहेगा। टाटा समूह के छह महाद्वीपों के 100 से अधिक देशों में यूनिट कार्यरत हैं और इनमें 10 लाख से अधिक लोग काम करते हैं। पंजाबी ईमानदारी और समर्पण भावना से काम करने में विश्वास रखते हैं, जिन्होंने हमेशा उद्योग और कर्मचारियों के बीच संबंधों को मजबूत किया है। राज्य सरकार द्वारा औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित किया जा रहा है।”

उपलब्धियों का विवरण देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा, “पिछले चार वर्षों के दौरान 1.58 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है, जिससे युवाओं के लिए पांच लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। हमारा दृष्टिकोण सरल है—स्थिर नीतियां, तेज फैसले और मजबूत औद्योगिक साझेदारी। राज्य सरकार को बाधाएं खड़ी करने की बजाय निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण बनाना चाहिए।”

अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब निवेश का स्वागत करने के लिए तैयार है और उन उद्योगों का समर्थन करता है जो रोजगार पैदा करते हैं और अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हैं। हर नई फैक्ट्री और निवेश राज्य को रोजगार सृजन के और करीब ले जाता है। जब उद्योग बढ़ते हैं तो पंजाब बढ़ता है और जब पंजाब बढ़ता है तो देश बढ़ता है। जब उद्योग रोजगार पैदा करते हैं तो युवाओं को राज्य में ही अवसर मिलते हैं, जो पंजाब को मैन्युफैक्चरिंग के माध्यम से उच्च औद्योगिक विकास की ओर ले जाते हैं। पंजाब वैश्विक प्रतिस्पर्धा और मजबूत औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र की ओर बढ़ रहा है।”

सहयोग की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “औद्योगिक विकास हमेशा एक साझेदारी होता है। जब सरकार और उद्योग विश्वास और स्पष्टता के साथ मिलकर काम करते हैं तो परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ती हैं और बेहतर परिणाम देती हैं।” उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह प्रोजेक्ट पंजाब के औद्योगिक विकास की कहानी में एक महत्वपूर्ण स्तंभ साबित होगा और अन्य कंपनियों को भी पंजाब में निवेश के लिए प्रेरित करेगा।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने टाटा स्टील और उद्योग जगत को पूरा सहयोग देने का आश्वासन देते हुए कहा कि वे पंजाब की प्रगति में भागीदार हैं। उन्होंने कहा, “यह परियोजना राज्य के आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह पंजाब को औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने और आर्थिक प्रगति को गति देने में सहायक होगी। वह दिन दूर नहीं जब पंजाब न केवल कृषि बल्कि उद्योग के क्षेत्र में भी देश का नेतृत्व करेगा।”

इससे पहले उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा, हरदीप सिंह मुंडियां, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा तथा अन्य उपस्थित थे।

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जहां भी भाजपा का शासन है, वहां अपराध, गैंगस्टर और गुंडागर्दी आम हो गई है: हरपाल सिंह चीमा

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भाजपा की केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए आम आदमी पार्टी के सीनियर नेता और पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि भाजपा शासन वाले राज्यों में क्राइम, गैंगस्टर और लॉ एंड ऑर्डर की हालत लंबे समय से खराब हो गई है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) के डेटा का हवाला देते हुए, मंत्री ने कहा कि ये आंकड़े भाजपा राज का “असली चेहरा” दिखाते हैं, जहाँ नफरत, डर और हिंसा का इस्तेमाल सत्ता पाने और बनाए रखने के लिए राजनीतिक हथियार के तौर पर किया जा रहा है।

गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि दिल्ली, जहाँ भाजपा ने हाल ही में एजेंसियों और दिल्ली पुलिस का गलत इस्तेमाल करके सत्ता हथिया ली है, 1602 प्रति लाख आबादी के क्राइम रेट के साथ देश के क्राइम चार्ट में सबसे ऊपर है। गुजरात, जहाँ भाजपा ने लगभग 30 साल तक राज किया है, वहाँ क्राइम रेट 806, हरियाणा में 739.2, मणिपुर में 627.8, मध्य प्रदेश में 570.3, महाराष्ट्र में 470.4, ओडिशा में 431.2, राजस्थान में 390.4 और चंडीगढ़ में 338.9 है। इसके उलट, पंजाब का क्राइम रेट 227.1 बहुत कम है, जो साफ तौर पर साबित करता है कि भगवंत मान की पंजाब सरकार ने क्राइम और गैंगस्टर नेटवर्क को कामयाबी से कंट्रोल किया है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि भाजपा जहां भी जाती है, वहां लॉ एंड ऑर्डर सिस्टम खत्म हो जाता है। भाजपा राजनीतिक सत्ता पाने के लिए नफरत फैलाती है, लोगों को बांटती है और डर का माहौल बनाती है। यही वजह है कि पूरे देश में क्राइम तेजी से बढ़ रहा है।

हाल ही में चंडीगढ़ में एक 18 साल के नौजवान की दिनदहाड़े हुई हत्या का जिक्र करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह घटना भाजपा के कंट्रोल वाले प्रशासन की पूरी नाकामी दिखाती है। चंडीगढ़ कभी ‘सिटी ब्यूटीफुल’ के नाम से जाना जाता था, लेकिन आज यह क्राइम के लिए जाना जाने लगा है क्योंकि भाजपा ने वहां लॉ एंड ऑर्डर को खत्म कर दिया है। चूंकि चंडीगढ़ सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंडर आता है, इसलिए भाजपा बिगड़ते हालात की जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।

गैंगस्टर नेटवर्क का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकारें पूरे देश में गैंगस्टरवाद और देश विरोधी तत्वों को बढ़ावा दे रही हैं। बदनाम गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गुजरात की जेल में बंद है, जो दशकों से भाजपा का राज वाला राज्य रहा है। कई राज्यों की पुलिस को जांच के लिए वॉन्टेड होने के बावजूद, उसकी कस्टडी ट्रांसफर पर रोक लगा दी गई है। गैंगस्टर गुजरात की जेलों से नेटवर्क चला रहे हैं, धमकियां दे रहे हैं और जबरन वसूली के रैकेट चला रहे हैं, जबकि भाजपा सरकार दूसरी तरफ देख रही है।

भगवंत मान सरकार की कोशिशों की तारीफ करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक खास ‘एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स’ बनाकर और बड़े गैंगस्टरों को सलाखों के पीछे भेजकर संगठित अपराध पर नकेल कसने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। पिछली अकाली-भाजपा और कांग्रेस सरकारों के राज में पंजाब को बहुत नुकसान हुआ है, जहां टारगेट किलिंग, गैंगस्टरों का महिमामंडन और राजनीतिक हिंसा की घटनाएं आम हो गई थीं।

भाजपा पंजाब और देश की प्रभावशाली शख्सियतों को पार्टी में शामिल होने के लिए डराने-धमकाने की कोशिश कर रही है: हरपाल सिंह चीमा

चीमा ने कहा कि भाजपा पंजाबी आवाजों और प्रभावशाली हस्तियों को डरा-धमकाकर उन्हें पार्टी में शामिल होने के लिए मजबूर कर रही है। दिलजीत दोसांझ के राजनीति में आने से मना करने के बाद, उनसे जुड़े लोगों को निशाना बनाकर उनके आसपास डर का माहौल बनाने की कोशिश की गई। भाजपा हर मजबूत पंजाबी आवाज को डरा-धमकाकर चुप कराना और कंट्रोल करना चाहती है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर निशाना साधते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि भाजपा नेता हमेशा पंजाब के मामलों में दखल देने के लिए तैयार रहते हैं, लेकिन अपने राज्यों में क्राइम कंट्रोल करने में पूरी तरह असफल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा न सिर्फ विपक्ष शासित राज्यों के खिलाफ बल्कि उन सभी के खिलाफ भी एजेंसियों और हिंसा का इस्तेमाल कर रही है जो उनके आगे झुकने से मना करते हैं। भाजपा का पंजाब विरोधी और लोकतंत्र विरोधी चेहरा अब देश के सामने पूरी तरह से बेनकाब हो चुका है।

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केजरीवाल की बड़ी जीत, आबकारी केस से हटीं जज स्वर्ण कांता शर्मा

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तथाकथित आबकारी केस से अंततः जज स्वर्ण कांता शर्मा ने खुद को अलग कर लिया। आम आदमी पार्टी ने जज स्वर्ण कांता शर्मा के आबकारी केस से अलग हटने के फैसले को अरविंद केजरीवाल की बड़ी जीत बताया है। “आप” के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने जज स्वर्ण कांता शर्मा को आबकारी केस से हटने के फैसले पर कहा कि सत्य की जीत हुई। गांधी जी के सत्याग्रह की एक बार फिर जीत हुई।

“आप” का कहना है कि अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत अन्य लोगों ने हितों का टकराव बताते हुए जज स्वर्ण कांता शर्मा को आबकारी केस से खुद को अलग करने का अनुरोध किया था। इस बाबत अरविंद केजरीवाल ने एक पत्र लिख कर 10 वाजिब वजहें बताई थीं और उम्मीद जताई थी कि जज खुद को इस केस से अलग कर लेंगी। लेकिन जज स्वर्ण कांता शर्मा ने मामले की सुनवाई करते हुए इस केस से अलग नहीं होने का फैसला सुनाया था। इसके बाद अरविंद केजरीवाल ने राजघाट जाकर गांधी समाधि पर नतमस्तक हुए और उनके सत्याग्रह के मार्ग पर चलते हुए इस केस में उनकी कोर्ट में पेश न होने का फैसला लिया था।

आम आदमी पार्टी का कहना है कि अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि उनकी कोर्ट का जो भी फैसला होगा, वह स्वीकार होगा और उस पर वह अपने कानूनी अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। अरविंद केजरीवाल ने जज स्वर्ण कांता शर्मा को आबकारी केस से हटने के लिए दस कारण बताए थे। इनमें से एक प्रमुख कारण यह है कि न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा के बच्चे केंद्र सरकार के पैनल में हैं और आबकारी केस में सीबीआई की तरफ से वकील सॉलिसिटर जनरल हैं जो जज के दोनों बच्चों बाॅस के तौर पर केस आवंटित करते हैं और उसके बदले में मोटी फीस भी सरकार की तरफ से दी जाती है। पिछले कुछ सालों में उनके बच्चों को सबसे ज्यादा केस आवंटित किया गया। अरविंद केजरीवाल ने आशंका जताई थी कि जब जज के बच्चों के करियर सॉलिसिटर जनरल के हाथ में है तो वह उनके खिलाफ फैसला क्या दे सकती है?

आम आदमी पार्टी ने कहा कि दूसरा प्रमुख कारण जज स्वर्ण कांता शर्मा का आरएसएस के अधिवक्ता परिषद के कार्यक्रमों में जाना है। अधिवक्ता परिषद के कार्यक्रम में कई बार जज स्वर्ण कांता शर्मा के जाने की वजह से अरविंद केजरीवाल ने न्याय न मिलने आशंका जताई थी। इन प्रमुख वाजिब कारण बताने के बाद भी जज स्वर्ण कांता शर्मा ने केस से नहीं हटने का फैसला सुनाया।

इसके बाद अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया राजघाट पहुंच कर महात्मा गांधी की समाधि पर नतमस्तक हुए और सत्याग्रह की राह दिखाने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी को नमन करते हुए सत्याग्रह के मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया। अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि हम न्यायपालिका का बहुत सम्मान करते हैं, लेकिन कुछ ऐसी परिस्थितियां पैदा हुई हैं कि हमें यह सत्याग्रह करना पड़ रहा है। मेरा अटूट विश्वास है कि बापू के आशीर्वाद से सत्याग्रह के इस कठिन पथ पर हम पूर्ण निष्ठा के साथ अडिग रहेंगे।


उधर, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने अवमानना नोटिस पर कहा कि खबर आ रही है कि हाई कोर्ट की माननीय जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और मेरे खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू कर दी है। अपने फैसले के दौरान जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने बार-बार दो बातें दोहराईं। पहली बात जो वे बार-बार कहती रहीं कि वे यह अपनी किसी नाराजगी की वजह से नहीं कर रही हैं, बल्कि न्यायपालिका की साख और प्रतिष्ठा बचाने के लिए कर रही हैं। यह बात उन्होंने बार-बार दोहराई कि वे यह खुद के लिए नहीं कर रही हैं। दूसरी बात उन्होंने यह कही कि उनके पास दो रास्ते थे। एक आसान रास्ता और एक मुश्किल रास्ता और उन्होंने हर बार मुश्किल रास्ता चुना। इस विषय में मैं एक-दो बातें कहना चाहता हूं।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पहली बात तो यह है कि फैसले के दौरान जस्टिस शर्मा ने मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस और मेरे एक्स हैंडल का जिक्र किया। मुझे खुशी हुई कि वे मेरी प्रेस वार्ता देखती हैं। मैं पिछले एक हफ्ते से तीन साल की बच्ची के रेप का मामला उठा रहा हूं, जिसमें निचली अदालत के जज ने 57 साल के आरोपी को जमानत दे दी है। मुझे खुशी होती कि उन प्रेस वार्ताओं या मीडिया में चलती हुई क्लिपिंग से वे इस मामले पर स्वतः संज्ञान लेकर कोई कार्रवाई करतीं, क्योंकि यह बहुत संजीदा मामला था।

सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि मैंने प्रेस वार्ता करके बताया था कि कैसे दिल्ली की मौजूदा मुख्यमंत्री और भाजपा नेता रेखा गुप्ता ने एक मीडिया पर ऑन रिकॉर्ड बोला कि राउस एवेन्यू के स्पेशल सीबीआई जज ने अरविंद केजरीवाल और अन्य को आबकारी मामले में जो दोषमुक्त किया, वह मामला सेट करके हुआ है। इसका साफ मतलब है कि उन्होंने एक मौजूदा जज को भ्रष्टाचारी कह दिया। हमने इसके ऊपर प्रेस वार्ता में और वीडियो बनाकर भी कई बार बात रखी। मुझे खुशी होती अगर न्यायपालिका को बचाने के लिए जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा इस मामले में भाजपा की मुख्यमंत्री के ऊपर अवमानना की कार्यवाही शुरू करतीं।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि इसके अलावा मैंने 31 मार्च को हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार को बाकायदा सबूतों के साथ लिखा था कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने न्यायपालिका के एक जज को सेट बताया है, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। मैं सिर्फ जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को यह बताना चाहता हूं कि कानून यह नहीं कहता कि आसान या मुश्किल में से आसान रास्ते को छोड़कर मुश्किल को चुनना है। कानून की किताब में ऐसा कहीं नहीं है। जज को सिर्फ न्याय का रास्ता चुनना होता है। वे बार-बार कहती हैं कि उनके पास दो रास्ते थे, लेकिन न्याय की मंजिल में सिर्फ एक ही रास्ता होता है और वह सत्य व न्याय का रास्ता है। उसमें आसान या मुश्किल रास्ते नहीं होते।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अगर मुश्किल रास्ता चुनना ही है, तो भाजपा की मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्यवाही की होती तो माना जाता कि यह मुश्किल रास्ता है। आम आदमी पार्टी या विपक्षी दल के नेताओं के ऊपर अवमानना का मामला चलाना मुश्किल रास्ता है, यह मैं नहीं मानता। न्यायपालिका की साख को बचाने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के ऊपर कार्यवाही होनी चाहिए थी। यह बात एक्स, यूट्यूब सहित पूरे सोशल मीडिया व मीडिया में बार-बार हम लोगों ने उठाई है। मुझे अच्छा लगता अगर वे इस मामले पर स्वतः संज्ञान लेतीं और उस पर कार्रवाई करतीं, क्योंकि हम लोग अगर उसकी शिकायत करेंगे तो हमें उसके लिए केंद्र सरकार की इजाजत लेनी पड़ेगी और वह सरकार इजाजत देगी नहीं।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के ऊपर अवमानना की कार्यवाही तभी चल सकती है जब हाई कोर्ट या स्वयं सुप्रीम कोर्ट इसमें स्वतः संज्ञान लेकर मामला दर्ज करे। लेकिन अफसोस की बात है कि इस मुश्किल रास्ते पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा अब तक चलती हुई नहीं दिखी हैं।

वहीं, वहीं, दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल के लिए यह एक बड़ी जीत है, क्योंकि अंततः जस्टिस स्वर्ण कांता ने आबकारी नीति मामले से खुद को अलग कर लिया है!

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नीट पेपर लीक से लाखों विद्यार्थियों के सपने टूटे, केंद्र की नाकामी और विद्यार्थियों के साथ धोखाधड़ी: CM भगवंत सिंह मान

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज नीट पेपर लीक को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए इसे लाखों विद्यार्थियों के साथ विश्वासघात बताया, जिनके सपने परीक्षा प्रणाली में बार-बार हुई असफलताओं के कारण चूर-चूर हो गए हैं।

कई मुद्दों पर भाजपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यह भी कहा कि पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ की ओर से भाजपा के इशारे पर राजनीति में आने से इनकार करने के बाद, उनके खिलाफ डराने-धमकाने का अभियान शुरू कर दिया गया है।

पंजाब चुनावों से पहले लोक-हितैषी शासन और भलाई को ‘आप’ के केंद्रीय चुनाव मुद्दे के रूप में पेश करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि पार्टी “रंगला पंजाब” के मुद्दे पर नए सिरे से फतवा मांगेगी, जिसमें मुफ्त बिजली, नकद रहित स्वास्थ्य सुविधाएं और विकास-मुखी शासन को प्रमुख रूप से उजागर किया जाएगा।

मीडिया से बातचीत के दौरान, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि नीट पर्चा लीक होने की घटना ने लाखों उम्मीदवारों के सपनों को चकनाचूर कर दिया है और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने में केंद्र की असफलता को जग-जाहिर कर दिया है। उन्होंने आगे कहा, “विद्यार्थियों ने अथक मेहनत की और परीक्षा पास करने की उम्मीद में रातें जागकर बिताईं, लेकिन पेपर लीक ने उनकी उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “परीक्षार्थी गहरे सदमे में हैं क्योंकि केंद्र सरकार उनकी भविष्य की आशाओं के साथ हुई इस धोखाधड़ी को रोकने में असफल रही है। इस पेपर लीक के कारण लाखों उम्मीदें टूट गई हैं। केंद्र को परीक्षा स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से करवाने को सुनिश्चित बनाना चाहिए था, जिससे लाखों विद्यार्थियों की किस्मत बदल सकती थी।”

दिलजीत दोसांझ की ओर से राजनीति में आने से इनकार करने के बाद धमकाने की राजनीति शुरू

एक अन्य सवाल के जवाब में, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रसिद्ध गायक दिलजीत दोसांझ के राजनीति में आने से इनकार करने के बाद, भाजपा ने उनके खिलाफ डराने-धमकाने की चालों का सहारा लिया। उन्होंने कहा कि “तमिलनाडु के राजनीतिक मैदान में अभिनेता विजय की सफलता के बाद, भाजपा को एहसास हुआ कि कलाकारों को ज्यादा जनता की मान्यता मिलती है और इसलिए उन्होंने दिलजीत दोसांझ को राजनीति में लाने की कोशिश की।”

उन्होंने कहा, “जब से दिलजीत सिंह ने भाजपा का प्रस्ताव ठुकरा दिया है, उनके खिलाफ धमकाने की सियासत शुरू हो गई है, जो बिल्कुल गलत है। उनके मैनेजर के घर पर हमला करना धमकी की इस राजनीति को दर्शाता है।”

विकास और भलाई एजेंडा ‘आप’ को सत्ता में वापस लाएगा

इस दौरान, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि “रंगला पंजाब” बनाना पंजाब में ‘आप’ का एकमात्र चुनाव मुद्दा रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ सरकार ने पिछले कुछ सालों में कई लोक-हितैषी और विकास-मुखी पहल की हैं।

उन्होंने कहा कि “पंजाब के विद्यार्थी नीट, जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, लगभग 90% घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है, और लोग 10 लाख रुपए तक का नकद रहित डॉक्टरी इलाज करवा रहे हैं।”

मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा, “हम विकास, भलाई और ईमानदार शासन के एजेंडे के साथ लोगों के पास जाएंगे। पंजाब में सर्वपक्षीय विकास हो रहा है और लोग इन पहलों का दिल से समर्थन कर रहे हैं। हम बड़े फतवे के साथ दोबारा सरकार बनाएंगे।”

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