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‘मानसिक इलाज कराओ इनका…’, पंजाब मंत्री हरपाल चीमा की MLA सुखपाल खैहरा पर तल्ख टिप्पणी

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पंजाब विधानसभा में ‘शून्य काल’ हंगामे की भेंट चढ़ गया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली। विवाद की शुरुआत तब हुई जब वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

वित्त मंत्री चीमा ने बेहद कड़े तेवर अपनाते हुए कहा कि सुखपाल सिंह खैहरा ने उन्हें बंधुआ मजदूर कहकर संबोधित किया है, जो बेहद अपमानजनक है। चीमा ने मांग की कि खैहरा को सदन में बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए, अन्यथा उनकी सदस्यता रद की जाए।

उन्होंने खैहरा पर निजी हमला बोलते हुए कहा कि वे जिस भी पार्टी में रहे हैं, वहां का माहौल खराब करते रहे हैं। सत्ता पक्ष के विधायकों ने खैहरा की डिग्रियों को जाली बताते हुए उनकी मानसिक स्थिति पर भी सवाल उठाए और यहाँ तक कह दिया कि उन्हें ‘इलाज’ की जरूरत है।

प्रताप सिंह बाजवा ने किया बचाव

जवाब में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने खैहरा का बचाव किया। बाजवा ने कहा कि उन्होंने कल भी गुजारिश की थी कि पहले सदस्य को अपनी बात रखने दी जाए, उसके बाद ही कोई फैसला लिया जाए। इसी गहमागहमी के बीच बाजवा ने मुख्यमंत्री के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश करने की कोशिश की, जिसे स्पीकर ने सिरे से खारिज कर दिया। स्पीकर ने टिप्पणी की कि विपक्ष केवल अपने सदस्य को बचाने के लिए (शील्ड करने के लिए) यह प्रस्ताव ला रहा है, जिसे मंजूरी नहीं दी जा सकती।

वेल में आईं महिला विधायक

हंगामा तब और बढ़ गया जब आम आदमी पार्टी की सभी महिला विधायक सदन के बीचों-बीच (वेल) में आ गईं और नारेबाजी शुरू कर दी। माहौल को अनियंत्रित होता देख स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को 20 मिनट के लिए स्थगित कर दिया। सदन के भीतर की इस तल्खी ने आज फिर साफ कर दिया कि बजट सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कड़वाहट चरम पर है।

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Arvind Kejriwal का बड़ा ऐलान: जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में नहीं होंगे पेश

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal ने दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस Swarna Kanta Sharma को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखकर बड़ा फैसला लिया है। अपने पत्र में केजरीवाल ने स्पष्ट किया कि वह अब न तो व्यक्तिगत रूप से और न ही अपने वकील के माध्यम से उनकी अदालत में पेश होंगे।

केजरीवाल ने पत्र में लिखा कि उन्हें इस अदालत से न्याय मिलने की उम्मीद नहीं रही। उन्होंने कहा कि यह निर्णय उन्होंने अपनी अंतरात्मा की आवाज पर लिया है और अब वह Mahatma Gandhi के सत्याग्रह के रास्ते पर चलने का फैसला कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के किसी भी फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं।

गौरतलब है कि दिल्ली हाई कोर्ट ने हाल ही में कथित शराब घोटाले से जुड़े मामले में केजरीवाल की जज बदलने की मांग को खारिज कर दिया था। केजरीवाल का आरोप था कि केस की सुनवाई कर रही जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा द्वारा पक्षपात किया जा रहा है और इसलिए मामले को किसी अन्य बेंच को सौंपा जाना चाहिए।

हालांकि, अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया और याचिका को खारिज कर दिया। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणी के बाद यह फैसला लिया गया।

याचिका खारिज होने के बाद केजरीवाल द्वारा लिया गया यह कदम अब राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। अब यह देखना अहम होगा कि आगे इस मामले में क्या कानूनी मोड़ आता है और क्या केजरीवाल इस मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाते हैं।

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मोहाली में AAP ने राघव चड्ढा का पुतला फूंका:पार्टी छोड़ बीजेपी में शामिल होने सात सांसदों के विरोध प्रदर्शन, गद्दारी करने का आरोप

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आम आदमी पार्टी (आप) ने रविवार को मोहाली के डेराबस्सी बस स्टैंड पर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन राघव चड्ढा सहित सात राज्यसभा सदस्यों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के विरोध में आयोजित किया गया था। प्रदर्शन का नेतृत्व विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने किया।

बड़ी संख्या में ‘आप’ कार्यकर्ता केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बस स्टैंड पर जमा हुए। इसके बाद प्रदर्शन ​शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “पंजाब के गद्दार मुर्दाबाद” और “जनता के भरोसे से धोखा नहीं चलेगा” जैसे नारे लगाए। इसके साथ कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़ने वाले सांसदों का पुतला फूंका

निजी स्वार्थ के लिए सिद्धांतों से किया समझौता

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जिन प्रतिनिधियों को जनता ने विश्वास के साथ चुना था, उन्होंने पार्टी बदलकर लोगों के भरोसे को तोड़ा है। विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने कहा कि जनता के जनादेश का सम्मान करना हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है। कुछ नेताओं ने निजी स्वार्थ के लिए सिद्धांतों से समझौता किया है। रंधावा ने कहा कि ऐसे कदम लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं और ‘आप’ इसका कड़ा विरोध जारी रखेगी।

पार्टी कार्यकर्ता हर स्तर पर करेंगे विरोध

‘आप’ नेताओं ने घोषणा की कि वे जनता के अधिकारों के लिए अपना संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता हर स्तर पर विरोध दर्ज कराएंगे और लोकतंत्र व जनादेश की रक्षा के लिए आंदोलन को तेज किया जाएगा। पार्टी ने स्पष्ट किया कि पंजाब के हकों और जनता के विश्वास की रक्षा के लिए ‘आप’ लगातार आवाज उठाती रहेगी।

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डेराबस्सी बस स्टैंड पर AAP का प्रदर्शन:“पंजाब के गद्दार मुर्दाबाद” के नारे लगाए, MLA रंधावा बोले- नेताओं ने निजी स्वार्थ में बदली पार्टी

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आम आदमी पार्टी (आप) ने रविवार को मोहाली के डेराबस्सी बस स्टैंड पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन सात राज्यसभा सदस्यों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के विरोध में आयोजित किया गया था। प्रदर्शन का नेतृत्व स्थानीय विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने किया।

इस दौरान बड़ी संख्या में ‘आप’ कार्यकर्ता एकत्र हुए और उन्होंने केंद्र सरकार तथा भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जिन प्रतिनिधियों को जनता ने अपने विश्वास के साथ चुना था, उन्होंने पार्टी बदलकर लोगों के भरोसे के साथ धोखा किया है।

विधायक बोले- कुछ नेताओं ने निजी स्वार्थ के चलते सिद्धांतों से समझौता किया

विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने अपने संबोधन में कहा कि जनता के जनादेश का सम्मान करना हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेताओं ने निजी स्वार्थ के चलते सिद्धांतों से समझौता किया है। रंधावा ने ऐसे कदमों को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी इसका पुरजोर विरोध करती रहेगी।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “पंजाब के गद्दार मुर्दाबाद” और “जनता के भरोसे से धोखा नहीं चलेगा” जैसे नारे लगाए, जिससे उनका रोष स्पष्ट रूप से प्रकट हुआ।पार्टी नेताओं ने घोषणा की कि आम आदमी पार्टी जनता के अधिकारों के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी कार्यकर्ता हर स्तर पर विरोध दर्ज कराएंगे और लोकतंत्र तथा जनादेश की रक्षा के लिए आंदोलन को तेज किया जाएगा। पार्टी ने पंजाब के हकों और जनता के विश्वास की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाने का संकल्प दोहराया।

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