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पंजाब पहुंचे PM मोदी, आदमपुर एयरबेस पर जवानों से की मुलाकात; बोले- साहसी योद्धाओं से मिलना खास अनुभव।

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भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार सुबह अचानक पंजाब के जालंधर स्थित आदमपुर एयरबेस पहुंचे। यहां उन्होंने वायुसेना के अधिकारियों और जवानों से मुलाकात की और ऑपरेशन से जुड़ी जानकारी साझा की। PM मोदी ने सफल एयर स्ट्राइक के लिए जवानों को बधाई भी दी।

प्रधानमंत्री ने सुबह 7 बजे दिल्ली के पालम एयरपोर्ट से उड़ान भरी और इसके बाद आदमपुर एयरबेस पहुंचे, जहां उन्होंने लगभग एक घंटे का समय बिताया। गौरतलब है कि पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसने आदमपुर एयरबेस को निशाना बनाते हुए नुकसान पहुँचाया है। PM मोदी के दौरे की तस्वीरें भी सामने आई हैं।

जवानों से मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा, “आज सुबह मैं वायुसेना स्टेशन आदमपुर गया और हमारे बहादुर वायु योद्धाओं व सैनिकों से मिला। उनके साहस, दृढ़ संकल्प और निडरता ने मुझे प्रेरित किया। देश को अपने सशस्त्र बलों पर गर्व है, जो राष्ट्र के लिए हर संभव त्याग करते हैं।”

इससे पहले सोमवार को PM मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान पर की गई एयरस्ट्राइक और संघर्षविराम की पूरी जानकारी साझा की थी।

सीजफायर के 51 घंटे बाद PM ने दिया था 22 मिनट का भाषण

पाकिस्तान के साथ सीजफायर के 51 घंटे बाद PM मोदी ने सोमवार रात 8 बजे देश को संबोधित किया था। अपने 22 मिनट के भाषण में प्रधानमंत्री ने पहलगाम हमला, ऑपरेशन सिंदूर, सीजफायर, आतंकवाद, सिंधु जल समझौते और PoK पर बात की थी।

प्रधानमंत्री ने कहा था कि जिन आतंकियों ने हमारी मां-बहनों का सिंदूर मिटाया, हमने उन्हें मिटा दिया। हमारे ऑपरेशन में 100 से ज्यादा खूंखार आतंकवादी मारे गए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान की गुहार पर भारत ने संघर्ष रोकने की सहमति दी है। भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ मिलिट्री एक्शन को केवल स्थगित किया है। पाकिस्तान का रवैया देखकर आगे का एक्शन तय करेंगे। हम पाकिस्तान से आतंकवाद और पीओके पर ही बात करेंगे।

पहलगाम हमला: आतंकवादियों की बर्बरता ने दुनिया को झकझोर दिया

22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकवादियों ने जो बर्बरता दिखाई थी, उसने देश और दुनिया को झकझोर दिया था। छुट्टियां मना रहे निर्दोष मासूमों को उनके परिवार के सामने, बच्चों के सामने बेरहमी से मार डालना ये आतंक का बहुत वीभत्स चेहरा है। यह देश के सद्भाव को तोड़ने की घिनौनी कोशिश भी थी। मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से ये पीड़ा बहुत बड़ी थी। इस आतंकी हमले के बाद सारा राष्ट्र हर नागरिक हर समाज हर वर्ग हर राजनीतिक दल एक स्वर में आतंक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए उठ खड़ा हुआ।

ऑपरेशन सिंदूर: आतंकी जान चुके हैं, बेटियों के माथे से सिंदूर हटाने का अंजाम

हमने आतंकवादियों को मिट्टी में मिलाने के लिए भारत की सेनाओं को पूरी छूट दे दी। आज हर आतंकी और आतंक का हर संगठन जान चुका है कि हमारी बहनों बेटियों के माथे से सिंदूर हटाने का अंजाम क्या होता है। ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ नाम नहीं, देश के कोटि-कोटि लोगों की भावनाओं का प्रतिबिंब है। ऑपरेशन सिंदूर न्याय की अखंड प्रतिज्ञा है। 6 मई की देर रात और 7 मई की सुबह पूरी दुनिया ने इस प्रतिज्ञा को परिणाम में बदलते देखा है।

भारत की सेनाओं ने पाकिस्तान में आतंक के ठिकानों पर, ट्रेनिंग सेंटर पर सटीक प्रहार किया। आतंकवादियों ने सपने में भी नहीं सोचा था कि भारत इतना बड़ा फैसला ले सकता है। जब पाकिस्तान में आतंक के अड्डों पर भारत की मिसाइलों ने हमला बोला, भारत के ड्रोंस ने हमला बोला तो आतंकी संगठनों की इमारतें ही नहीं, हौसला भी थर्रा गया।

ऑपरेशन सिंदूर ने आतंक के खिलाफ लड़ाई में तीन लकीरें खींच दी हैं-

पहला: आतंकी हमला हुआ तो मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। अपने तरीके से अपनी शर्तों पर जवाब देकर रहेंगे, हर उस जगह जाकर कठोर कार्रवाई करेंगे, जहां से आतंकी जड़ें निकलती हैं।

दूसरा: कोई भी न्यूक्लियर ब्लैकमेल भारत नहीं सहेगा। उसकी आड़ में पनप रहे आतंकी ठिकानों पर भारत सटीक और निर्णायक प्रहार करेगा।
तीसरा: हम आतंक की सरपरस्त सरकार और आतंक के आकाओं को अलग-अलग नहीं देखेंगे। ऑपेरशन सिंदूर के दौरान दुनिया ने पाकिस्तान का घिनौना सच देखा है जब मारे गए आतंकियों को विदाई देना पाकिस्तानी सेना के बड़े-बड़े अफसर उमड़ पड़े। स्टेट स्पॉन्सर आतंकवाद का ये बड़ा सबूत है। हम भारत और नागरिकों को किसी भी खतरे से बचाने के लिए लगातार निर्णायक कदम उठाते रहेंगे।

युद्ध के मैदान पर हमने हर बार पाकिस्तान को धूल चटाई है। ऑपरेशन सिंदूर ने नया आयाम जोड़ा है। हमने न्यू एज वारफेयर में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। इस ऑपरेशन के दौरान हमारे मेड इन इंडिया हथियारों की प्रामाणिकता सिद्ध हुई। दुनिया देख रही है कि 21वीं सदी के वारफेयर में मेड इन इंडिया डिफेंस इक्विपमेंट का समय आ चुका है।

आतंकवाद: दुनियाभर में हुए आतंकी हमलों के तार पाकिस्तान से जुड़े

बहावलपुर और मुरीदके जैसे आतंकी ठिकाने एक प्रकार से ग्लोबल टेररिज्म की यूनिवर्सिटीज रही हैं। दुनिया में कहीं पर भी जो बड़े आतंकी हमले हुए हैं चाहे 9/11हो चाहे लंदन ट्यूब बॉम्बिंग हो या फिर भारत में बड़े आतंकी हमले हों, उन सबके तार इन्हीं आतंक के ठिकानों से जुड़ते रहे हैं।

आतंकियों ने हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ा था, इसलिए भारत ने आतंक के ये हेडक्वार्टर्स उजाड़ दिए। इन हमलों में 100 से ज्यादा खूंखार आतंकवादियों को मौत के घाट उतारा गया है। आतंक के बहुत सारे आका बीते ढाई तीन दशकों से खुलेआम पाकिस्तान में घूम रहे थे। जो भारत के खिलाफ साजिशें करते थे। उन्हें भारत ने एक झटके में खत्म कर दिया।

साथियों भारत की इस कार्रवाई से पाकिस्तान घोर निराशा में घिर गया था। हताशा में घिर गया था। बौखला गया था। इसी बौखलाहट में उसने एक और दुस्साहस किया, आतंक पर भारत की कार्रवाई का साथ देने की बजाय पाकिस्तान ने भारत पर ही हमला करना शुरू कर दिया।

पाकिस्तान ने हमारे गुरुद्वारों, घरों, मंदिरों और स्कूलों को निशाना बनाया। पाकिस्तान ने सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया लेकिन इसमें भी पाकिस्तान खुद बेनकाब हो गया। दुनिया ने देखा कैसे पाकिस्तान के ड्रोन, मिसाइलें भारत के सामने तिनके की तरह बिखर गईं। भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने उन्हें आसमान में ही नष्ट कर दिया।

पाकिस्तान की तैयारी सीमा पर वार की थी, लेकिन भारत ने पाकिस्तान के सीने पर वार कर दिया। भारत के ड्रोंस, मिसाइलों ने सटीकता के साथ हमला किया। पाकिस्तानी वायुसेना के एयरबेस को नुकसान पहुंचाया, जिस पर बहुत घमंड था। पहले तीन दिनों में ही पाकिस्तान को इतना तबाह कर दिया, जिसका उसे अंदाजा भी नहीं था।

हर प्रकार के आतंकवाद के खिलाफ हम सभी का एकजुट रहना, हमारी एकता सबसे बड़ी शक्ति है। निश्चित तौर पर ये युग युद्ध का नहीं है, लेकिन ये युद्ध आतंकवाद का भी नहीं है। टेररिज्म के खिलाफ जीरो टॉलरेंस एक बेहतर दुनिया की गारंटी है। पाकिस्तानी फौज, पाकिस्तान की सरकार जिस तरह आतंकवाद को खाद पानी दे रहे हैं, वो एक दिन पाकिस्तान को ही समाप्त कर देगा।

पाकिस्तान को अगर बचना है तो उसे अपने टेरर इन्फ्रास्ट्रक्चर का सफाया करना ही होगा, इसके अलावा शांति का कोई रास्ता नहीं है।

सीजफायर: पाकिस्तान ने पिटने के बाद दुनियाभर में सीजफायर की गुहार लगाई

भारत की आक्रामक कार्रवाई के बाद पाकिस्तान बचने के रास्ते खोजने लगा, पाकिस्तान दुनियाभर में तनाव कम करने के लिए गुहार लगा रहा था और बुरी तरह पिटने के बाद किसी मजबूरी में 10 मई की दोपहर को पाकिस्तानी सेना ने हमारे डीजीएमओ को संपर्क किया। तब तक हम आतंकवाद के इन्फ्रास्ट्रक्चर को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा चुके थे, आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया था, आतंक के अड्डों को हमने खंडहर बना दिया था।

जब पाकिस्तान की तरफ से गुहार लगाई गई, जब ये कहा गया कि उसकी ओर से आगे कोई आतंकी गतिविधि और सैन्य दुस्साहस नहीं दिखाया जाएगा, जब भारत ने उस पर विचार किया। मैं फिर दोहरा रहा हूं हमने पाकिस्तान के आतंकी और सैन्य ठिकानों को जवाबी कार्रवाई को सिर्फ स्थगित किया है, आने वाले दिनों में हम पाकिस्तान के हर कदम को इस कसौटी पर मापेंगे कि वो आगे क्या रवैया अपनाता है।

भारत की एयरफोर्स, आर्मी और नौसेना, बीएसएफ, अर्धसैनिक बल अलर्ट पर हैं। सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक के बाद ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति है।

सिंधु जल समझौता और PoK: खून और पानी एक साथ नहीं बहेगा

भारत का मत एकदम स्पष्ट है- टेरर और टॉक एकसाथ नहीं हो सकते हैं, टेरर और ट्रेड एक साथ नहीं चल सकते। पानी और खून भी एक साथ नहीं बह सकता। विश्व समुदाय से भी कहूंगा हमारी घोषित नीति रही है कि अगर पाकिस्तान से बात होगी तो टेररिज्म पर ही होगी, अगर बात होगी तो PoK पर ही होगी।

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प्रधानमंत्री राम मंदिर में चंदा चोरी के असली गुनहगारों को बचा रहे हैं?- केजरीवाल

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भगवान श्री राम के मंदिर में चंदा चोरी मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री प्रभु श्री राम के मंदिर में चंदा चोरी के असली गुनहगारों को बचा रहे हैं? क्योंकि मोदी जी ने खुद ट्रस्ट बनाया, एक-एक व्यक्ति को खुद चुना और अपने खास चंपत राय को मंदिर का सर्वेसर्वा भी बनाया। ऐसे में क्या देश के लोगों को भरोसा है कि मोदी जी असली चोरों को सजा दिलवा पाएंगे? क्योंकि पूरा घटनाक्रम तो यही दिखाता है कि मोदी जी मामले को रफ़ा-दफ़ा करने और दोषियों को बचाने में लगे हुए हैं।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि श्री राम मंदिर की जमीन खरीद, निर्माण और चढ़ावा में इतने बड़े-बड़े घोटाले हो गए, मोदी जी को पता कैसे नहीं चला? सच तो ये है कि उनको सब पता था, लेकिन वह धृतराष्ट्र बने रहे। जब देश के सामने सच आने लगा तो लोगों की आंखों में धूल झोंकने के लिए फर्जी एसआईटी बना दी। उन्होंने कहा कि जब हमारे सांसद संजय सिंह जमीन घोटाले के सबूत दिए, तब एसआईटी ने कहा कि वह जमीन घोटाले की जांच नहीं कर रही है। आखिर एसआईटी क्या कर रही है? पहले भी एसआईटी बनी, कुछ नहीं हुआ, इस बार भी एसआईटी बनी है, कुछ नहीं होगा।

गुरुवार को “आप” के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के साथ पार्टी मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि श्री राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी हुई है, अब यह सब लोग मान रहे हैं। पर क्या असली दोषियों को, जो बड़े-बड़े प्रभावशाली और ताकतवर लोग इसमें शामिल हैं, उनको सजा मिल पाएगी? उनकी गिरफ्तारियां होंगी? क्या उनके खिलाफ एक्शन होगा? हर जगह खूब हल्ला मचाया गया है कि मोदी जी हैं, मोदी जी किसी को छोड़ेंगे नहीं, मोदी जी किसी को बख्शेंगे नहीं। मैं लोगों से पूछना चाहता हूं कि क्या उन्हें भी भरोसा है कि मोदी जी असली चोरों को सजा दिलवा पाएंगे? मैं यह नहीं कह सकता और मेरे पास इस बात का कोई सबूत भी नहीं है कि पैसा मोदी जी तक पहुंचा। इस पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। लेकिन पूरा घटनाक्रम यह जरूर दिखाता है कि मोदी जी ने पूरे मामले को रफा-दफा करने, उसको ढकने और दोषियों को बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने खुद पर्सनली एक ट्रस्ट बनाया। इस ट्रस्ट के अंदर का एक-एक व्यक्ति प्रधानमंत्री जी ने खुद चुना है। इस ट्रस्ट में प्रधानमंत्री जी के अपने लोग हैं। चंपत राय प्रधानमंत्री जी के बहुत खास माने जाते हैं। मोदी जी ने चंपत राय को श्री राम मंदिर का जनरल सेक्रेटरी और सर्वेसर्वा बनाया। चंपत राय उनके अपने आदमी माने जाते हैं। 2021 में वहां जमीनों के खूब घोटाले हुए। एक पाठक परिवार ने 2 करोड़ की जमीन इनकी पार्टी के एक व्यक्ति को बेची और 10 मिनट के अंदर उस व्यक्ति ने वही जमीन 18 करोड़ रुपए में मंदिर ट्रस्ट को बेच दी। 10 मिनट के अंदर 2 करोड़ की जमीन 18 करोड़ की हो गई। क्या प्रधानमंत्री को इसका पता नहीं चला? पूरी दुनिया को पता था, मीडिया में भी आया था। इसी तरह से 3 करोड़ की जमीन 24 करोड़ में ट्रस्ट को बेच दी गई। 9 करोड़ की जमीन 55 करोड़ में बेच दी गई। 14 करोड़ की जमीन 95 करोड़ में मंदिर ट्रस्ट ने खरीदी। क्या प्रधानमंत्री इसका पता नहीं चला? यह सब सार्वजनिक डोमेन में हैं, फिर भी क्या प्रधानमंत्री पता नहीं चला?

अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि मंदिर निर्माण में इंजीनियर्स का आरोप है कि उनसे टेंडरों पर 40-40 फीसद कमीशन मांगा जाता था। क्या प्रधानमंत्री जी को इसका पता नहीं चला? 40 दिन में 70 बार सीसीटीवी कैमरों के अंदर चोरी पकड़ी गई, क्या उन्हें पता नहीं चला? 8 महीने की सीसीटीवी फुटेज डिलीट कर दी गई, क्या प्रधानमंत्री जी को पता नहीं चला? इतनी चोरी इतने लंबे समय तक चली और क्या उन्हें इसका पता नहीं चला? उस ट्रस्ट के अंदर केंद्र सरकार के होम डिपार्टमेंट का एक अधिकारी भी मौजूद था, उसके बावजूद भी क्या उन्हें पता नहीं चला? प्रधानमंत्री जी को इस देश के हर बूथ के बारे में पता है कि कौन वोटर किस पार्टी का है, किसका नाम एसआईआर में कटवाना है और किसका नाम जुड़वाना है, यहां तक उन्हें पता है। और अगर वे कहें कि उन्हें इस चोरी का पता नहीं चला, तो ये हम मानने को तैयार नहीं हैं। प्रधानमंत्री को इस चोरी का पता था।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सूत्रों से मुझे पता चला है कि आईबी ने कम से कम 12 रिपोर्ट प्रधानमंत्री को सौंपी हैं, जिसमें उन्होंने बताया है कि किस तरह से कंस्ट्रक्शन में, जमीनों में और चढ़ावे के अंदर बहुत बड़े स्तर पर राम मंदिर में चोरी हो रही है। उन्हें सब कुछ पता था, लेकिन वे धृतराष्ट्र की तरह चुप रहे, आंखों पर पट्टी बांधे रहे। और जब पानी सिर से ऊपर चला गया, जब मजबूरी हो गई और बहुत ज्यादा मुद्दा उठने लग गया, तो उन्होंने लोगों की आंखों में धूल झोंकने के लिए एक एसआईटी बना दी। बिना एफआईआर के एसआईटी बन कैसे सकती है? तब तक एफआईआर ही नहीं हुई थी। बिना एफआईआर के एसआईटी बन ही नहीं सकती। उन्होंने लोगों की आंखों में धूल झोंकने के लिए एक एसआईटी बना दी। उसी दिन देश के लोगों को पता चल गया था कि प्रधानमंत्री जी लीपापोती कर रहे हैं और असली गुनहगारों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इसके बाद उन्होंने एक फर्जी एफआईआर की। फर्जी एफआईआर में आठ छोटे-छोटे लोगों को पकड़ के जेल में डाल दिया। उसमें भी उन आठ छोटे-छोटे लोगों को पुलिस कस्टडी नहीं दिलवाई गई। पुलिस ने कस्टडी मांगी ही नहीं और उन्हें सीधे ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया। किसी भी चोरी के मामले में पुलिस कहती है कि हमें पूछताछ करनी है, हमें चोर से पूछना है कि माल कहां है, किसके कहने से चोरी की, कोई मास्टरमाइंड तो नहीं है, कुल कितनी चोरी की? लेकिन यहां पुलिस ने उन आठ लोगों से कोई पूछताछ नहीं की, उनकी पुलिस कस्टडी नहीं ली गई। उनको आश्वासन दिया गया कि चिंता ना करो, दो-चार दिन में बेल करा देंगे। ये चल क्या रहा है प्रधानमंत्री जी?

अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि हमारे सांसद संजय सिंह जब जमीनों के घोटाले के कागज लेकर एसआईटी के पास गए, तो एसआईटी ने जो कहा वह चौंकाने वाला था। एसआईटी ने कहा कि वे जमीनों के घोटाले की तो जांच ही नहीं कर रहे हैं, वे तो केवल चढ़ावे की जांच कर रहे हैं। तो यह एसआईटी कर क्या रही है? यह कंस्ट्रक्शन और जमीनों के घोटाले की जांच नहीं कर रही है, तो फिर वह जांच कौन करेगा? 2021 में यूपी सरकार ने जमीनों के घोटाले पर एक एसआईटी बनाई थी, जो रफा-दफा हो गई। किसी को पता भी नहीं चला कि उसकी रिपोर्ट कब आई और कब गई, उस एसआईटी का क्या हुआ। ऐसे ही इन लोगों ने दोबारा एसआईटी बना दी है। 2021 में कोई जेल नहीं गया, कोई एफआईआर नहीं हुई और कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। इस एसआईटी का भी यही हाल होगा, सबको बचाने की कोशिश की जा रही है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जिन लोगों ने इस्तीफे दिए हैं, उनके बारे में कहा जा रहा है कि आज भी मंदिर वही चला रहे हैं। कागजों में इस्तीफा दे दिया गया है, लेकिन मंदिर आज भी उन्हीं लोगों के हाथ में है और वही लोग इसे चला रहे हैं। इनके एक बड़े नेता बृजभूषण हैं, जिनका बयान मैं सोशल मीडिया पर देख रहा था। बृजभूषण का कहना है कि अगर उन्होंने मुंह खोला तो बहुत बड़े-बड़े नाम आएंगे और उन्हें खतरा है। ऐसे कौन से नाम हैं जिनसे बृजभूषण को भी बोलने में डर लग रहा है? बाबा बागेश्वर धाम ने कहा कि इसमें बहुत बड़े-बड़े लोग शामिल हैं और अगर उन्होंने मुंह खोला तो उन पर भी आंच आ सकती है। जब देश के इतने ताकतवर और बड़े लोग नाम लेने से डर रहे हैं, तो इसका मतलब यह है कि जिन आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, वे तो सिर्फ आंखों में धूल झोंकने के लिए हैं। असली लोग कोई और हैं और जिन्हें पकड़ा गया है, वे सिर्फ प्यादे हैं।

अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी जी से कहा कि देश की जनता यह जानना चाहती है कि वे किसको बचा रहे हैं, क्यों बचा रहे हैं और उनकी क्या मजबूरी है? देश के करोड़ों लोगों की आस्था को ठेस पहुंची है।

प्रधानमंत्री देश को बताएं, क्या आपको इन घोटालों की जानकारी नहीं थीं?

  • भाजपा के एक व्यक्ति ने 2 करोड़ में जमीन खरीदी और 10 मिनट में 18 करोड़ में ट्रस्ट को बेच दी
  • 3 करोड़ की जमीन 24 करोड में ट्रस्ट ने खरीदी़
  • 9 करोड़ की जमीन 55 करोड में ट्रस्ट ने खरीदी
  • 14 करोड़ की जमीन 95 करोड़ में ट्रस्ट ने खरीदी
  • म्ंदिर निर्माण में टेंडरों पर 40 फीसद कमीशन मांगा गया
  • 40 दिन में सीसीटीवी कैमरे में 70 बार चोरी पकड़ी गई
  • आठ महीने की सीसीटीवी फुटेज डिलीट कर दी गई
  • इतने लंबे समय तक चढ़ावे की चोरी चली
  • ट्रस्ट में गृहमंत्रालय का एक अधिकारी भी था, फिर भी आपको कैसे पता नहीं चला?
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जमीन मालिकों के लिए खुशखबरी, नई लैंड पूलिंग नीति को मंजूरी

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मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई पंजाब कैबिनेट की बैठक में संशोधित भूमि पूलिंग नीति (तीसरा संस्करण) को मंजूरी दे दी गई है। सरकार के अनुसार यह नई नीति 1 जुलाई 2026 से पूरे राज्य में लागू होगी। नई नीति का उद्देश्य किसानों और भूमि मालिकों को पहले की तुलना में अधिक लाभ देना तथा योजनाबद्ध शहरी विकास को बढ़ावा देना है।

नई नीति के तहत अब भूमि देने वाले किसानों और भू-स्वामियों को पहले से बड़े आवासीय और व्यावसायिक प्लॉट दिए जाएंगे। साथ ही सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि विकास कार्य गांवों के समानांतर किए जाएंगे ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

सरकार के अनुसार, मिश्रित उपयोग (मिक्स्ड यूज़) और आवासीय परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित प्रत्येक एकड़ भूमि के बदले अब 210 वर्ग गज का व्यावसायिक प्लॉट मिलेगा, जबकि पहले यह 200 वर्ग गज था। इसके अलावा 1000 वर्ग गज का आवासीय प्लॉट देने का प्रावधान पहले की तरह बरकरार रखा गया है।

संशोधित नीति के दूसरे प्रावधान के तहत, आवासीय परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित भूमि पर अब 1600 वर्ग गज की जगह 1630 वर्ग गज का आवासीय प्लॉट मिलेगा। वहीं वाणिज्यिक परियोजनाओं के लिए भूमि देने वाले किसानों को अब 800 वर्ग गज की बजाय 840 वर्ग गज का व्यावसायिक प्लॉट दिया जाएगा। इन सभी लाभों के लिए भूमि का स्वामित्व कम से कम एक एकड़ होना आवश्यक होगा।

सरकार ने यह भी फैसला किया है कि योजना के तहत पात्र भूमि मालिकों को विशेष आशय पत्र (Letter of Intent) जारी किए जाएंगे। इसके अलावा विकसित प्लॉट के रजिस्ट्रेशन के समय मूल भू-स्वामियों से किसी प्रकार का स्टांप शुल्क नहीं लिया जाएगा, जिससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक राहत मिलेगी।

नई नीति में सड़कों और अन्य सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित भूमि के बदले भी प्लॉट देने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत एक एकड़ भूमि के बदले 200 वर्ग गज, एक से डेढ़ एकड़ तक 300 वर्ग गज और ढाई एकड़ या उससे अधिक भूमि के बदले 500 वर्ग गज का प्लॉट दिया जाएगा।

गौरतलब है कि पंजाब सरकार ने 14 मई 2025 को भूमि पूलिंग नीति लागू की थी, जिसका कई किसान संगठनों ने विरोध किया था और मामला उच्च न्यायालय तक भी पहुंचा था। किसानों की आपत्तियों के बाद सरकार ने नीति में दो बार संशोधन किया और अब तीसरे संशोधित संस्करण को कैबिनेट की मंजूरी दी गई है।

सरकार का दावा है कि नई भूमि पूलिंग नीति से किसानों के हितों की बेहतर सुरक्षा होगी, उन्हें पहले से अधिक लाभ मिलेगा और राज्य में योजनाबद्ध शहरी विकास को नई गति मिलेगी।

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मुकेरियां में कांग्रेस को बड़ा झटका, कई सीनियर नेता आप में हुए शामिल

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आम आदमी पार्टी (आप) का परिवार लगातार बढ़ रहा है। बुधवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की मौजूदगी में मुकेरियां के कई सीनियर कांग्रेस नेता पार्टी में शामिल हुए। आप में शामिल होने वालों में सरपंच अनिल ठाकुर, बेअंत सिंह रंधावा, पूनम रत्तू, सरपंच तजिंदर पाल सिंह, राजेश रत्तू, सरपंच लखवीर सिंह, शेर सिंह शेरा और अकाली दल के पूर्व विधानसभा उम्मीदवार सरबजोत सिंह साबी शामिल हैं। उन्होंने आम आदमी पार्टी की नीतियों और सोच पर भरोसा जताया और अपने समर्थकों के साथ पार्टी में शामिल होने का ऐलान किया।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सभी नेताओं का पार्टी में औपचारिक स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आप की जनपक्षीय सरकार, ईमानदार राजनीति और पंजाब के विकास के लिए प्रतिबद्धता की वजह से अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के नेता और वर्कर आप की तरफ खीचे चले आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आप परिवार की यह लगातार बढ़ोतरी पार्टी की नीतियां और पंजाब सरकार के काम में लोगों के बढ़ते भरोसे को दिखाती है। उन्होंने आगे कहा कि जो नेता सच में लोगों की सेवा करना चाहते हैं, वे आगे आकर आप के साथ जुड़ रहे हैं।

नए शामिल हुए नेताओं ने कहा कि वे मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में दी जा रही ईमानदार और पारदर्शी सरकार से बहुत प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि आप अकेली ऐसी राजनीतिक पार्टी बनकर उभरी है जो पंजाब की भलाई और तरक्की के लिए ईमानदारी से काम कर रही है, इसीलिए उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी में शामिल होने का फैसला किया है।

मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि इन अनुभवी ज़मीनी नेताओं के आने से मुकेरियां में पार्टी का ऑर्गेनाइजेशनल स्ट्रक्चर और मजबूत होगा और सरकार के लोगों के हक में लिए गए फैसलों को घर-घर तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने सभी नए मेंबर्स को पार्टी में सही सम्मान और जिम्मेदारी का भरोसा दिलाया और ‘आप’ परिवार में उनका दिल से स्वागत किया।

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