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वृंदावन हादसे में पंजाब के 10 लोगों की मौत, लुधियाना में पसरा मातम; CM पहुंचे विलाप करने, अंतिम संस्कार आज

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वृंदावन में यमुना नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे में जान गंवाने वाले लुधियाना के दंपति अंजू गुलाटी और राकेश गुलाटी सहित मीनू बंसल के शव उनके घर पहुंच गए हैं। शव पहुंचते ही इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। दुगरी फेस दो स्थित उनके निवास पर रिश्तेदारों और पड़ोसियों की भीड़ उमड़ पड़ी है। 

दूसरी ओर जगराओं में भी पांच लोगों—कविता बहल, चरणजीत, मधुर बहल, पिंकी बहल और ईशान कटारिया—के शव पहुंचने से इलाके में मातम पसरा हुआ है। यहां भारी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए एकत्र हुए हैं। गीता कॉलोनी में शोक की स्थिति बनी हुई है और परिवारों में विलाप जारी है। इस दौरान सीएम भगवंत मान भी विलाप करने के लिए चरणजीत बहल के निवास पर पहुंचे।

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लुधियाना में यमुना नदी हादसे में मारे गए अंजू व राकेश गुलाटी के घर विलाप करने पहुंचे परिजन।

दोपहर बाद होगा अंतिम संस्कार

जानकारी के अनुसार, दुगरी फेस दो से दस लोग वृंदावन में मंदिर दर्शन के लिए गए थे। इस दौरान यमुना नदी में नाव पलटने से तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। अब उनके शव घर पहुंच चुके हैं, जबकि कुछ अन्य के शव अभी आने बाकी बताए जा रहे हैं। दोपहर बाद मृतकों का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

हादसे में मीनू बंसल के बेटे निखिल बंसल ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उसकी बहन डिंकी बंसल अभी तक लापता है और उसका नाम लापता लोगों की सूची में भी नहीं है। उन्होंने प्रशासन से जल्द तलाश करने की अपील की है।

पंजाब से तकरीबन 130 लोग गए थे वृंदावन

बताया जा रहा है कि दो बसों में करीब 130 लोग इस धार्मिक यात्रा पर गए थे। इनमें से 90 लोग जगराओं और बाकी अन्य शहरों के निवासी थे। हादसे में बचने वाले लोग वापस अपने घर लौट आए हैं और यात्रा को बीच में ही रोक दिया गया है।

प्रशासन के अनुसार अब तक 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि पांच लोग अभी भी लापता हैं। बचाव अभियान दूसरे दिन भी जारी है और सेना के जवान भी इसमें जुटे हुए हैं। पुलिस ने नाव चालक पप्पू निषाद को हिरासत में ले लिया है, जो हादसे के बाद मौके से फरार हो गया था।

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पंजाब CM मान ने वृंदावन हादसे पर जताया दुख, मदद का भरोसा; बचाव कार्य को लेकर मुख्यमंत्री योगी से की बात

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उत्तर प्रदेश के वृंदावन में यमुना नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए पीड़ित परिवारों के लिए हर संभव सहायता का भरोसा दिया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि सरकार पूरी तरह से प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री मान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधे बातचीत कर हालात की जानकारी ली है। राहत व बचाव कार्यों में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार लगातार उत्तर प्रदेश प्रशासन के संपर्क में है और घटनास्थल पर चल रहे अभियान पर नजर बनाए हुए है।

11 की जा चुकी जान

इस हादसे में अब तक 11 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जबकि 22 लोग घायल हैं और पांच अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। मृतकों में लुधियाना और जगराओं क्षेत्र के लोग अधिक हैं, जिससे पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, जगराओं से करीब 120 श्रद्धालु दो बसों में सवार होकर 9 अप्रैल को चार दिन की धार्मिक यात्रा पर वृंदावन गए थे। शुक्रवार दोपहर के समय केसी घाट के पास श्रद्धालुओं से भरी नाव गहरे पानी में पहुंच गई और नदी में मौजूद लोहे के ढांचे से टकराने के बाद पलट गई।

यह बेहद दुखद घटना

मुख्यमंत्री मान ने अपने संदेश में कहा कि “यह बेहद दुखद घटना है। कुछ श्रद्धालुओं की जान चली गई है, जिससे पूरा प्रदेश शोक में है। हम हर पीड़ित परिवार के साथ हैं और उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी।”

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायलों के इलाज और प्रभावित परिवारों की सहायता में किसी प्रकार की कमी न रहने दी जाए। इसके साथ ही लुधियाना प्रशासन द्वारा नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं, जहां से लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है।

यूपी में बचाव कार्य लगातार जारी

घटना के बाद पुलिस, आपदा राहत बल, सेना और स्थानीय गोताखोरों की टीमों द्वारा बचाव अभियान लगातार जारी है। लापता लोगों की तलाश के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। 

इस हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। मुख्यमंत्री की सक्रियता से पीड़ितों को राहत की उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन पूरे प्रदेश में इस घटना को लेकर गहरा दुख और संवेदना का माहौल बना हुआ है। 

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पंजाब में कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादलों पर बड़ा फैसला, 15 अप्रैल से 30 मई तक होंगे ट्रांसफर

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पंजाब सरकार के पर्सोनल विभाग ने राज्य के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों को लेकर शेड्यूल जारी कर दिया है। वर्ष 2026 के लिए आम तबादले 15 अप्रैल से 30 मई के बीच किए जाएंगे। पर्सोनल विभाग द्वारा 10 अप्रैल 2026 को जारी पत्र में सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, डिवीजनल कमिश्नरों और जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित समयसीमा और दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।

30 मई के बाद ट्रांसफर पर रोक

सरकार ने स्पष्ट किया है कि 30 मई 2026 के बाद आम तबादलों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके पश्चात यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी का तबादला किया जाता है, तो वह केवल 23 अप्रैल 2018 को जारी तबादला नीति के प्रावधानों के अनुसार ही संभव होगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी, मानव संसाधन प्रबंधन बेहतर होगा और राज्य में सुशासन को मजबूती मिलेगी।

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Punjab News: लोगों की अदालत में हार चुका अकाली दल अब परमात्मा की अदालत में भी हारेगा: भगवंत सिंह मान

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Punjab News:जनविश्वास और राजनीतिक आचरण के बीच स्पष्ट अंतर को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल, जिसे पहले ही जनता की अदालत में खारिज किया जा चुका है, अब परमात्मा की अदालत में भी बेनकाब हो चुका है। उन्होंने सुखबीर सिंह बादल के विरोधाभासी बयानों की आलोचना करते हुए कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब पर माफी मांगते समय उन्होंने कुछ और कहा, जबकि बाद में अपने बयान से मुकर गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लोग भली-भांति समझते हैं कि यह सब पवित्र संस्था की गरिमा को कमजोर करने की कोशिश है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सर्वोच्च है

धार्मिक प्राधिकार और बेअदबी के मुद्दे पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सर्वोच्च है। उन्होंने बेअदबी की किसी भी घटना के खिलाफ सख्त से सख्त सजा सुनिश्चित करने के लिए निर्णायक विधायी कार्रवाई करने का भी ऐलान किया।

सुखबीर सिंह बादल से कोई गलती हुई है, तो उन्हें स्थापित धार्मिक परंपराओं के अनुसार उसे स्वीकार करना चाहिए

एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख समुदाय की सर्वोच्च संस्था है। उन्होंने कहा कि हर पंजाबी, विशेषकर सिख, इसके सामने शीश झुकाता है और इसके हर आदेश को अंतिम मानता है। उन्होंने आगे कहा कि यदि सुखबीर सिंह बादल से कोई गलती हुई है, तो उन्हें स्थापित धार्मिक परंपराओं के अनुसार उसे स्वीकार करना चाहिए, न कि इसकी प्राधिकरण को कमजोर करने का प्रयास करना चाहिए।

बेअदबी विरोधी कानून के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब के सम्मान से जुड़े 2008 के कानून में संशोधन के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बैसाखी के पवित्र अवसर पर बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि पवित्र ग्रंथ की बेअदबी की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को कम से कम 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सख्त सजा का सामना करना पड़ेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रस्तावित संशोधनों को लेकर संत समाज और कानूनी विशेषज्ञों के साथ व्यापक विचार-विमर्श जारी है, ताकि एक प्रभावी और सख्त कानून तैयार किया जा सके।

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