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हरियाणा विधानसभा का विंटर सेशन शुरू: भगवा पगड़ी में पहुंचे CM सैनी, किसानों की बाढ़ समस्या और पानी पर जोरदार बहस

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हरियाणा विधानसभा के विंटर सेशन का आज पहला दिन रहा। सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। पहले दिन प्रश्नकाल के दौरान किसानों, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर जोरदार चर्चा और बहस देखने को मिली।

कार्यवाही शुरू होते ही मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सदन में शोक प्रस्ताव पढ़ा और हाल ही में दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और INLD विधायक आदित्य देवीलाल चौटाला ने भी शोक व्यक्त किया। स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने सदन में दो मिनट का मौन रखवाया।

मुख्यमंत्री नायब सैनी आज भगवा पगड़ी बांधकर विधानसभा पहुंचे। वहीं कांग्रेस के पांच विधायक हरी जैकेट पहनकर आए। कांग्रेस विधायकों का कहना है कि हरा रंग किसानों का प्रतीक है और वे सदन में किसानों के मुद्दे मजबूती से उठाएंगे।

गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस पर विशेष ग्रांट की मांग
INLD विधायक कर्ण चौटाला ने सदन में गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस के समारोह में निमंत्रण न मिलने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सिखों के दसों गुरुओं ने जिन-जिन स्थानों से यात्रा की है, उन गांवों को सरकार की ओर से विशेष ग्रांट दी जानी चाहिए। इससे उन स्थानों का विकास हो सकेगा और धार्मिक विरासत को सम्मान मिलेगा।

इस दौरान सदन में गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस को लेकर एक प्रस्ताव पारित किया गया। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रस्ताव का समर्थन किया, लेकिन सर्वदलीय बैठक और समारोह के आयोजन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बैठक तो बुलाई गई, लेकिन जब कार्यक्रम हुए तो सभी जनप्रतिनिधियों को निमंत्रण नहीं दिया गया।

रोहतक से कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी लाखनमाजरा में 13 दिन रहे थे, जहां एक ऐतिहासिक तालाब है, जिसका जीर्णोद्धार किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे धार्मिक और ऐतिहासिक आयोजनों में विपक्ष के नेताओं को भी आमंत्रित किया जाना चाहिए।

भूपेंद्र हुड्डा को नेता प्रतिपक्ष बनने पर बधाई
सदन में स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने घोषणा की कि नियमों के तहत भूपेंद्र सिंह हुड्डा को औपचारिक रूप से नेता प्रतिपक्ष की मान्यता दे दी गई है। उन्होंने हुड्डा को बधाई दी।

इस पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने भी भूपेंद्र हुड्डा को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हुड्डा के लंबे राजनीतिक अनुभव से सदन और प्रदेश को लाभ मिलता रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि लोकतांत्रिक तरीके से सदन में स्वस्थ बहस होगी और जनहित के मुद्दे उठाए जाएंगे।

नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने धन्यवाद देते हुए कहा कि सदन में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं होने चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि सत्ता पक्ष विपक्ष को बोलने का पूरा अवसर देगा और वह भी सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करेंगे।

खेतों में बाढ़ की गाद को लेकर बहस
शाहाबाद से विधायक राम करण ने बाढ़ से प्रभावित गांवों के खेतों में जमा गाद और रेत का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण फसलें खराब हो गई है, लेकिन सरकार किसानों को रेत हटाने की अनुमति नहीं दे रही है। इस पर कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि जिन किसानों ने आवेदन किया है, वे तय मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसलिए अनुमति नहीं दी गई। विधायक राम करण ने इसे गलत बताया और कहा कि पंजाब में किसानों को इसकी अनुमति दी गई है। कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने भी सरकार से इस मामले में दोबारा विचार करने की मांग की। मंत्री बेदी ने बताया कि खेतों में 1 से 3 इंच गाद होने पर 7 दिन और ज्यादा होने पर 15 दिन में गाद हटानी होगी। इस स्थिति में किसानों को मुआवजा नहीं मिलेगा।

इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा और मुख्यमंत्री नायब सैनी भी खड़े हुए। हुड्डा ने पूछा कि क्या सरकार पंजाब की तरह कोई ठोस नीति लाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर गांव और हर किसान की समस्या पर नजर रखे हुए है और समाधान किया जा रहा है।

शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दे भी उठे
कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने झज्जर जिले में जर्जर कॉलेज भवनों का मुद्दा उठाया। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने बताया कि रिपोर्ट मंगाई गई है और जहां-जहां जर्जर भवन है, वहां कार्रवाई की जा रही है। इस मुद्दे पर मंत्री और विधायक के बीच बहस हुई, जिसमें मुख्यमंत्री को भी जवाब देना पड़ा।

हिसार से निर्दलीय विधायक सावित्री जिंदल ने टीबी अस्पताल की खराब हालत पर सवाल उठाया। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने कहा कि नए भवन निर्माण की प्रक्रिया जारी है और दो साल में काम पूरा हो जाएगा।

पानी की समस्या पर चर्चा
रोहतक से कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा ने शहर में पीने के पानी की कमी और गंदे पानी की सप्लाई का मुद्दा उठाया। मंत्री रणवीर गंगवा ने कहा कि पाइपलाइन के लिए 16 करोड़ रुपये मंजूर हो चुके हैं और एक साल में काम पूरा हो जाएगा। असंध विधायक योगिंदर राणा ने भी अपने क्षेत्र में पानी की किल्लत का मुद्दा उठाया, जिस पर मंत्री ने जल्द समाधान का भरोसा दिया।

अनिल विज ने शायराना अंदाज में दी बधाई
प्रश्नकाल के दौरान मंत्री अनिल विज ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा को नेता प्रतिपक्ष बनने पर शायराना अंदाज में बधाई दी। उन्होंने कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी पर भी तंज कसा।

छोटा रहेगा विंटर सेशन
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बताया कि इस बार विंटर सेशन छोटा रखा गया है। नियमों के अनुसार अगला सत्र फरवरी में होना था, लेकिन सरकार ने तीन महीने पहले ही सत्र बुला लिया। उन्होंने पिछली सरकारों के समय कम दिनों के सत्र का भी जिक्र किया।

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हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल

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भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।

पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक

बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।

कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।

इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।

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जालंधर में विपक्ष पर गरजे पूर्व CM खट्टर: महिला आरक्षण विधेयक पर बोले- कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा परिणाम

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जालंधर में केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय मंत्री बेबी मोर्या ने प्रैस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। खट्टर ने कहा कि लोकसभा में महिलाओं के साथ और देश की आधी आबादी के साथ अन्याय हो रहा था। कांग्रेस सरकार ने कभी इसके बारे में नहीं सोचा।

जब कभी भी भारतीय जनता ने इस क्षेत्र में काम करना चाहता तब-तब कांग्रेस सरकार सहित अन्य पार्टियों ने अड़चन डाली। 1971-74 तक महिलाओं को आरक्षण देने के लिए काम शुरू किया गया लेकिन विपक्ष ने कोई न कोई अड़चन डाल दी। इसके बाद 1979 में पहली बार पंचायत में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्ति हुई। कुछ पंचायतों ने इसे 50 प्रतिशत तक भागीदारी दी।

2023 में नहीं लाया जा सका बिल

2023 में 128वें संशोधन के रूप में पीएम मोदी के नेतृत्व में महिला आरक्षण बिल को लाया गया। लेकिन कुछ कमियों के कारण नहीं लाया जा सका। अब फिर से मोदी सरकार ने 2029 से पहले महिला आरक्षण को लागू करने की पहल की। हमने इसका प्रारूप तैयार किया। अब फिर से विपक्ष घिनौना खेल खेल रहा है। कांग्रेस ने इस बिल पर सरकार का साथ नहीं दिया।

आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए

खट्टर ने कहा कि कांग्रेस को इस अपराध का परिणाम भुगतना पड़ेगा। चुनाव परिणाम के रूप में महिलाओं का गुस्सा दिखेगा। पीएम ने कहा है कि इस आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे तो इसका श्रेय भी नहीं चाहिए। अगर इसका श्रेय कोई भी लेना चाहता है तो ले ले। खट्टर ने कहा कि महिलाओं को जो राजनीति में 33 फीसदी आरक्षण मिलना था वो कांग्रेस के चलने नहीं मिल पाया है। अब ये गैर राजनीतिक मुद्दे की तरह आगे बढ़ेगा। खट्टर ने कहा कि चैन्नई के अंदर को एक विधायक ने इस विधेयक की प्रतियां तक जलाईं। तमिलनाड़ू में इसका विरोध किया।

बेबी रानी मोर्या बोलीं- महिलाएं अपमान नहीं सहतीं, वो बदला जरूर लेंगी

आगरा की पहली मेयर, पूर्व राज्यापाल और नेशनल वूमेन कमीशन चेयपर्सन रह चुकीं बेबी रानी मौर्या ने कहा कि जब ये बिल संसद में पेश हुआ। जब इस पर वोटिंग होनी थी तो विरोधी पार्टियों ने मिलकर देश की आधी आबादी के अधियनियम को गिरा दिया। ये महिलाओं को बड़ा अपमान है। महिलाएं सब सह लेती हैं लेकिन अपना अपमान नहीं सहती। महिलाएं इस अपमान का बदला आने वाले चुनाव में लेंगी।

परिवारवादी पार्टियों ने किया बिल का विरोध

पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए शुरू से काम किया है। उज्ज्वला का सिलेंडर दिया, शौचालय दिया ताकि महिलाओं की जिंदगी आसान हो सके। महिला वंदन बिल भी इसी कड़ी का हिस्सा है। मैं आपको बताना चाहती हूं कि जब पंचायती राज में महिलाएं इतना अच्छा काम कर रही हैं। अगर ये राष्ट्रीय राजनीति में आ जातीं तो कितना अच्छा होता। मोर्या ने कहा कि सभी परिवारवारवादी पार्टियों ने इस विधेयक का विरोध किया है।

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हरियाणा सरकार का बड़ा ऐलान, क्लास-IV कर्मचारियों को मिलेगा 27 हजार का ब्याजमुक्त एडवांस, 7 मई तक करें आवेदन

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हरियाणा सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान गेहूं खरीदने के लिए नियमित क्लास-IV राज्य सरकारी कर्मचारियों (स्थायी और अस्थायी दोनों) को ₹27,000 का ब्याज-मुक्त अग्रिम (advance) देने का फैसला किया है. यह सुविधा विशेष रूप से उन कर्मचारियों के लिए उपलब्ध होगी जो अपने या अपने परिवार के उपभोग के लिए गेहूं खरीद रहे हैं.

मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी आदेश


मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, इच्छुक स्थायी/अस्थायी क्लास-IV कर्मचारी निर्धारित आवेदन पत्र भरकर 7 मई, 2026 (गुरुवार) तक लेखा और विभाजन शाखा (Accounts and Partition Branch) में जमा कर सकते हैं. आवेदन केवल शाम 4:00 बजे से शाम 5:00 बजे के बीच स्वीकार किए जाएंगे. उसके बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा. आवेदन पत्र मुख्य सचिवालय की वेबसाइट www.csharyana.gov.in से डाउनलोड किया जा सकता है.

क्या हैं मुख्य शर्तें?


अग्रिम की पूरी राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 (31 मार्च, 2027) के अंत से पहले किस्तों में वसूल कर ली जाएगी.अस्थायी कर्मचारियों को यह अग्रिम केवल एक स्थायी कर्मचारी की जमानत (surety) देने पर ही दिया जाएगा. जिन मामलों में पति और पत्नी दोनों सरकारी सेवा में कार्यरत हैं, उनमें से केवल एक ही इस लाभ को प्राप्त करने के लिए पात्र होगा.जो कर्मचारी वर्तमान में प्रतिनियुक्ति (deputation) पर हैं, साथ ही वर्क-चार्ज, आकस्मिक, दैनिक-मजदूरी और संविदा कर्मचारी, वे इस सुविधा के लिए पात्र नहीं होंगे. अग्रिम राशि प्राप्त होने के एक महीने के भीतर, कर्मचारी को एक प्रमाण पत्र जमा करना होगा जिसमें यह पुष्टि हो कि राशि का उपयोग केवल गेहूं खरीदने के लिए किया गया है.

सरकार ने अधिकारियों को जारी किए निर्देश


यह व्यवस्था वित्त विभाग के आदेश संख्या 46/1/2011-WM(6)/1557-1562 (दिनांक 16 अप्रैल, 2026) के तहत स्थापित की गई है.वसूली की प्रक्रिया मई 2026 के वेतन (जिसका भुगतान जून में होगा) के साथ शुरू होगी.सरकार ने सभी विभागाध्यक्षों, मंडल आयुक्तों, उपायुक्तों और आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (Drawing and Disbursing Officers) को निर्देश जारी किए हैं, जिसमें चेतावनी दी गई है कि किसी भी ऐसे संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी जो किसी अपात्र कर्मचारी को अग्रिम स्वीकृत करता है. खर्च से संबंधित विवरण 31 मई, 2026 तक वित्त विभाग को जमा किए जाने चाहिए.

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