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क्या 2024 में होकर रहेगा वर्ल्ड वार? 6 बड़ी परमाणु ताकतों ने बना लिया है विनाश का प्लान
दुनिया के 6 देशों के एटम बम हथियार डिपो से बाहर आ चुके हैं. ये मुल्क दुनिया के सबसे ताकतवर देश हैं. इन देशों के नेताओं ने विनाश का प्लान बना लिया है. ये देश हैं रूस, अमेरिका, चीन, इजराइल, उत्तर कोरिया और ब्रिटेन.
दुनिया की 6 बड़ी परमाणु ताकतों ने नए साल के पहले दिन ही दुनिया के सामने अपने परमाणु प्लान का ऐलान कर दियाा है. ये 6 न्यूक्लियर गॉडफादर अपना साम्राज्य बढ़ाने के लिए पूरी धरती को परमाणु की रेडियोएक्टिव अग्नि में झोंकने वाले हैं. रूस, अमेरिका , उत्तर कोरिया, इजराइल, चीन और ब्रिटेन… दुनिया के ये 6 देशों के एटम बम हथियार डिपो से बाहर आ चुके हैं. इनमें भी रूस, अमेरिका, उत्तर कोरिया और चीन के परमाणु प्रहारक (स्ट्राइकर) तो निशाना तक साध चुके हैं.
गाजा और यूक्रेन में कभी भी कुछ भी हो सकता है, लेकिन नए साल की शुरुआत से कुछ ही घंटे पहले दुनिया में एक और ऐसी जंग शुरू हो गई है जिसका अंजाम एटम बम से कम नहीं होगा. नए साल की पूर्व संध्या पर अपने संबोधन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 2023 की कामयाबियां गिना रहे थे. फिर उन्होंने 2024 वाला प्रण लिया और साफ-साफ शब्दों में कहा ताइवान को चीन में मिलाना है. शी जिनपिंग ने साल 2023 के अंतिम और 2024 के पहले संबोधन में चीन के लोगों से वादा किया.
ताइवान पर अड़े जिनपिंग
जिनपिंग ने कहा कि ताइवान चीन का ही हिस्सा है. ताइवान निश्चित रूप से चीन में शामिल होगा. अगर बातचीत से बात नहीं बनी तो बलपूर्वक ताइवान को चीन में मिलाया जाएगा. लेकिन ताइवान पर अंततः बीजिंग का ही नियंत्रण होगा. इधर चीन के विस्तारवादी राष्ट्रपति ने ताइवान को चीन में मिलाने का प्रण लिया. उधर चीन ने फाइटर जेट और युद्धपोत ताइवान स्ट्रेट की तरफ बढ़ गए. हालांकि 2023 में भी चीन कई बार ताइवान स्ट्रेट में अपनी हद से आगे बढ़ चुका है.
लेकिन इस बार नया साल शुरू होते ही जिनपिंग ने जिस तरह ताइवान पर जबर्दस्ती कब्जा करने का वादा किया है उसने तय कर दिया है कि 2024 में एक और युद्ध शुरू होने वाला है और अगर ये युद्ध हुआ तो पहले दिन से ये जंग अमेरिका और चीन की जंग होगी और समंदर एटमी शोलों से भर जाएगा.
ताइवान में 13 जनवरी को राष्ट्रपति चुनाव है. उससे ठीक पहले धमकी देकर चीन ने ताइवान पर सैन्य दबाव बढ़ा दिया है. हालांकि इस बार शी की धमकी को हल्के में नहीं लिया जा सकता क्योंकि चीन ने पिछले हफ्ते ही नेवी कमांडर जनरल डॉन्ग जुन को नया रक्षा मंत्री बनाया है.चीन के इतिहास में ऐसा पहली बार है जब नौसेना के किसी अधिकारी को ये पद मिला. सबसे बड़ी बात ये है कि जनरल डॉन्ग जुन ताइवान के लिए बनाई गई थिएटर कमांड और दक्षिण चीन सागर में काम कर चुके हैं. यानी चीन ने रणनीति के तहत रक्षा मंत्री उस अधिकारी को बनाया जो ताइवान के इलाके को अच्छी तरह समझता है.
इसके अलावा जिनपिंग ने कुछ दिन पहले चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की एक विशेष बैठक की. ऐसी बैठक जो 10 साल में सिर्फ 2 बार होती है. इस बैठक में जिनपिंग ने अपनी हाईपॉवर कोर टीम को बुलाया और कहा कि चाहे जो करना पड़े अब समंदर से अमेरिकी वर्चस्व को खत्म करना है.
किम भी कम नहीं
समंदर से अमेरिकी वर्चस्व को खत्म करने का काम चीन ताइवान को रणभूमि बनाकर शुरू करने वाला है लेकिन ये युद्ध शुरू होते दुनिया में एटमी जंग भड़कने का खतरा सबसे ज्यादा होगा क्योंकि ताइवान के साथ अमेरिका है और बाइडेन कह चुके हैं कि अगर चीन हमला करता है तो अमेरिका ताइवान की रक्षा दीवार बनकर खड़ा हो जाएगा.
ताइवान पर तनाव और अमेरिका-चीन के बीच बढ़ती दुश्मनी का फायदा किम जोंग उन ने उठाया है. नए साल के मौके पर किम जोंग उन ने भी शी जिनपिंग की तरह कोरिया वर्कर पार्टी की खास बैठक बुलाई. इस मीटिंग में किम जोंग उन ने उत्तर कोरियाई सेना के कमांडिंग अफसरों को भी बुलाया.
इसी बैठक में किम जोंग उन ने उत्तर कोरिया के रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख को आदेश देते हुए कहा कि अगर अमेरिका और दक्षिण कोरिया कोई उकसावे वाली कार्रवाई करें तो वह उन्हें पूरी तरह से तबाह कर दें. किम जोंग उन ने 2024 में एक और परमाणु परीक्षण का लक्ष्य रखा है. अमेरिका को सबसे ज्यादा डर किम से लगता है, क्योंकि एटम बम का रिमोट अपने हाथ में लेकर चलने वाले दुनिया के गिने चुने लोगों में सिर्फ किम जोंग उन ही वो शख्स है जो धमाके से पहले सोचेगा नहीं.
अमेरिका को किम के एटम बम से इसलिए भी डर लगता है क्योंकि अब उत्तर कोरिया के पास ह्वासोंग-18 नाम की वो एटमी मिसाइल है जिसके निशाने पर अमेरिका का हर शहर है. 18 दिसंबर को ही किम जोंग उन ने अपनी सबसे विनाशक इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल ह्वासोंग-18 का तीसरा टेस्ट लॉन्च करवाया था. किम जोंग उन अपनी पत्नी और बेटी के साथ अमेरिका को डराने वाली इस एटमी मिसाइल का परीक्षण देखने पहुंचा था.
अमेरिका किम की एटमी सनक से डरा हुआ है क्योंकि पहली बार किम ने नए साल के मौके पर प्योंगयांग में भव्य जश्न का आयोजन करवाया और उत्तर कोरिया की जनता के सामने कई बार अमेरिका को जलाकर खाक कर देने का ऐलान किया. किम जोंग उन भड़के हुए हैं क्योंकि पड़ोसी दक्षिण कोरिया में अमेरिकी सैनिक किम के देश उत्तर कोरिया से अंतिम जंग लड़ने की तैयारी कर रहे हैं. लेकिन किम के भड़कने की वजह सिर्फ इतनी नहीं है. किम को खबर ये मिली है कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने मिलकर किम जोंग उन को खत्म करने का ऑपरेशन शुरू कर दिया है.
न्यूयॉर्क पोस्ट ने दावा किया है कि दक्षिण कोरिया की सेना अमेरिकी कमांडो के साथ मिलकर उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की हत्या का अभ्यास यानी डिकैपिटेशन ड्रिल कर रही है. साउथ कोरिया की सेना नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की हत्या की तैयारी कर रही है. इसलिए किम ने 31 दिसंबर को अमेरिका और दक्षिण कोरिया को जलाकर खाक कर देने का आदेश दे दिया. पर नए साल पर परमाणु धमकी देने में ना जिनपिंग पीछे रहे. ना किम और ना पुतिन. रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु ने तो नए साल के अपने पहले संबोधन में पिछली साल हुई तबाही से हासिल और इस साल मचने वाले विनाश का लक्ष्य भी बता दिया.
पुतिन को हार बर्दाश्त नहीं
एक तरफ ताइवान में चुनाव हैं और जिनपिंग किसी भी कीमत पर अब ताइवान में साई इंग वेन की जीत बर्दाश्त नहीं कर सकते. दूसरी तरफ रूस में भी चुनाव हैं और पुतिन किसी भी स्थिति में रूस की हार बर्दाश्त नहीं कर सकते. चाहे जीत के लिए पूरी दुनिया को ही क्यों न जलाना पड़े. लेकिन दुनिया में परमाणु जंग का खतरा सिर्फ रूस, चीन, या किम के परमाणु बमों से ही नहीं है.
मध्य पूर्व में छिड़ी जंग में अब कभी भी परमाणु बारूद झोंका जा सकता है. नए साल से ठीक पहले अमेरिका ने हूती विद्रोहियों पर बड़ा प्रहार किया. अमेरिकी नौसेना ने हूती विद्रोहियों की तीन नाव डुबो दी, जिसमें हूती के 10 लड़ाकों की मौत हो गई. उधर, ईरान एटम बम बनाने के एकदम नजदीक है.
ईरान से मिले ड्रोन और मिसाइलों के दम पर यमन के हूती विद्रोही पूरे यूरोप की लाइफलाइन तोड़ने पर आमादा हैं. हूती के टारगेट पर परमाणु शक्ति सम्पन्न देश इजराइल के जहाज हैं, लेकिन अब यूरोप के परमाणु शक्ति सम्पन्न देश ब्रिटेन ने हूती का सर्वनाश करने की सौगंध उठा ली है. हूती विद्रोहियों से निपटने के लिए अमेरिका के साथ अब ब्रिटेन के युद्धपोत भी लाल सागर में उतर गए हैं.
यूक्रेन युद्ध अभी रुका नहीं है. गाजा में जंग जारी है. हूती विद्रोहियों ने यमन में एक नया मोर्चा खोल दिया है और ताइवान पर कब्जा करने की कसम खाए बैठे जिनपिंग ने समंदर में भी आग लगा दी है. 2024 का आगाज परमाणु शक्ति संपन्न देशों की विनाशक योजनाओं से हुआ है.
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बिना डाइट मैदान में अभ्यास करने को मजबूर हरियाणा के 37000 खिलाड़ी, नायब सरकार ने एक साल से नहीं दिया डाइट भत्ता- अनुराग ढांडा
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने चंडीगढ़ प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस माध्यम से हरियाणा की बीजेपी सरकार को घेरा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की जन विरोधी नीति और नीयत ने देश को मेडल दिलाने वाले खिलाड़ियों को आज अपने हक, सम्मान और बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसने पर मजबूर कर दिया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा हमेशा से खेलों की धरती रहा है। ओलंपिक, कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में देश का तिरंगा ऊंचा करने वाले अधिकतर खिलाड़ी इसी मिट्टी से निकले हैं। लेकिन आज वही खिलाड़ी पूछ रहे हैं कि क्या मेहनत और मेडल की कीमत सिर्फ चुनावी मंचों पर तालियां बटोरने तक सीमित है? क्या खिलाड़ी सिर्फ पोस्टर और भाषणों के लिए रह गए हैं
अनुराग ढांडा ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एक पोस्टर जारी करके हरियाणा के सीएम नायब सिंह को ‘जस्ट चिल सीएम’ बताया है। उन्होंने सीएम नायब सिंह को ऑन रिकॉर्ड झूठ बोलने में पीएचडी तक करार दे दिया। हरियाणा के सीएम नायब सिंह ने झूठ बोलने में पीएचडी कर ली है और नई नीति ‘आगे दौड़ पीछे छोड़’ पर काम कर रहे हैं। हरियाणा में जर्जर खेल मैदानों के कारण मारे जा रहे थे और अब नायब सिंह सरकार ने खिलाड़ियों को भूखा मारने की कोशिशों में जुटी है। अनुराग ढांडा ने मुख्यमंत्री से सीधा सवाल करते हुए कहा कि हरियाणा के खिलाड़ी पूरे दिन मैदान में अपना खून पसीने बहाते हैं और उनके माता पिता के खून पसीने की कमाई से ओलिंपिक मैडल जीत कर आते हैं वो खिलाड़ी हरियाणा के जर्जर मैदानों में पोल गिरने से मारे गए। ये क्या कम था जो अब आपने 37000 खिलाड़ियों की डाइट का पैसा रोक दिया?
अनुराग ढांडा ने कहा कि खेल नर्सरी का मकसद था कि निचले स्तर के खिलाड़ी अच्छा प्रशिक्षण-डाइट लेकर राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मुकाबला कर सके लेकिन प्रदेश की 1500 खेल नर्सरियों में 37000 खिलाड़ियों को पिछले 10 महीने से डाइट का पैसा तक नहीं मिला। इन नर्सरियों में ट्रेनिंग देने वाले कोचों को 10 महीनों से तनख्वाह भी नहीं मिली। खिलाड़ी डाइट का इंतज़ाम करे या खेल की तैयारी करे?
ढांडा ने सवाल उठाते हुए कहा कि नायब सरकार साल में 2 महीने के लिए नर्सरियों को बंद कर रही है। सीएम नायब सिंह बताएं कि क्या कोई खिलाड़ी 2 महीने की छुट्टी काट कर इंटरनेशनल मैडल की तैयारी करता है? रोज़ सुबह जल्दी उठकर घंटों मेहनत करने वाले खिलाड़ी को सरकार 2 महीने छुट्टी लेने को कह रही है। ताकि अब 2 महीने और ना खिलाड़ियों की डाइट का पैसा देना पड़े और न कोचों को उनकी तनख्वाह। खिलाड़ियों को खेल से दूर ले जा कर नायब सरकार उन्हें नशे के चंगुल में धकेल रही है। इसके अलावा जहां पुरानी खेल नर्सरियों के खिलाड़ियों को डाइट नहीं मिल रही वहां नायब सरकार नई खेल नर्सरियां खोलने की बात कह रही है।
सरकार ने 75000 बुज़ुर्गों की पेंशन की बंद : अनुराग ढांडा
- अनुराग ढांडा ने बुढ़ापा पेंशन को लेकर भी सीएम नायब सिंह को जमकर घेरते हुए कहा कि पिछले कल मीडिया में सीएम बयान देते हैं कि किसी की पेंशन नहीं कटी जबकि हरियाणा के 75000 से अधिक बुज़ुर्गों की पेंशन काट दी गई है। और पेंशन न दिए जाने के बेतुके तर्क दिए जा रहे हैं। किसी किसान के खाते में फसल का पैसा डेढ़ या दो लाख आया तो उसे कहा जा रहा है कि 3 लाख की कमाई है तुम्हें पेंशन नहीं मिल सकती। इसका मतलब नायब सरकार 3 लाख की फसल बेचने वाले किसान को संपन्न मान रही है। ढांडा ने कहा कि किसान की खेती से कोई कमाई नहीं होती बल्कि किसान का खर्च इतना होता है कि पूरे परिवार का घर चलाना भी मुश्किल होता है। कहीं परिवार पहचान पत्र में पूरे परिवार की कमाई का हवाला देकर पेंशन बंद की जा रही है तो कहीं नाम, सरनेम, उम्र मिसमैच के नाम पर। अधिकारियों और पोर्टल की गलतियों का ठीकरा बुज़ुर्गों के सिर पर फोड़ा जा रहा है। इसके अलावा कई जगहों पर पूरे परिवार की आय को जोड़कर भी देखा जा रहा है जबकि बुज़ुर्ग की आय का परिवार की आय से कोई लेना देना नहीं है।
- अनुराग ढांडा बोले कि बुज़ुर्ग को पेंशन देने का मकसद ही जीवन के अंतिम वर्षों को स्वाभिमान के साथ जीने का मौका देना है और नायब सिंह कहते हैं कि इनका परिवार बहुत कमाता है इसलिए पेंशन नहीं मिलेगी। पूरे हरियाणा में सैंकड़ों बुर्ज़ुर्गों और महिलाओं की लाइनें सरकारी दफ्तरों में लगी पड़ी है जो अपनी पेंशन कट जाने की वजह पूछते हैं। दफ्तर के अधिकारियों के पास उनकी पेंशन कट जाने का कोई वाजिब जवाब नहीं है। ढांडा ने कहा कि नायब सिंह ऑन रिकॉर्ड झूठ बोलने में पीएचडी हो गए हैं?
- अनुराग ढांडा ने सीएम नायब सैनी और भाजपा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि इससे पहले कि लोग सड़कों पर उतर कर उनके पुतले जलाये। बेहतर होगा कि सरकार लोगों की मूलभूत समस्याओ पर ध्यान देकर उनका काम करें। सीएम नायब सिंह खिलाड़ियों की डाइट का करीब 10 करोड़ रूपए जल्दी जारी करे। किसानों की फसल की बिक्री को आय मांनना बंद करके सभी बुज़ुर्गों की बुढ़ापा पेंशन को जल्द से जल्द बहाल की जाए।
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केंद्रीय बजट पर आई आम आदमी पार्टी पंजाब की प्रतिक्रिया, जानिए क्या बोले CM भगवंत मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह बजट एक बार फिर पंजाब के साथ नाइंसाफ़ी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बजट में न तो किसानों के लिए एमएसपी की कोई कानूनी गारंटी है, न युवाओं के लिए रोज़गार का भरोसा और न ही उद्योग या टैक्स प्रणाली को कोई राहत दी गई है।
सीएम मान ने कहा कि केंद्र सरकार ने पंजाब की आर्थिक स्थिति को मज़बूत करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इससे साफ़ है कि राज्य और यहां के लोगों की जरूरतों को एक बार फिर नज़रअंदाज़ किया गया है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र की लगातार अनदेखी के बावजूद आम आदमी पार्टी सरकार और पंजाब के लोग मिलकर अपने दम पर राज्य को आर्थिक रूप से मज़बूत बनाएंगे।
केंद्रीय बजट ने पंजाब-हरियाणा के किसानों को फिर दिया धोखा: हरपाल चीमा
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि केंद्रीय बजट ने एक बार फिर पंजाब और हरियाणा के किसानों की जायज़ चिंताओं को अनसुना किया है। उन्होंने बताया कि न तो एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड में कोई बढ़ोतरी की गई है और न ही मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने के लिए कोई मदद दी गई है।
चीमा ने कहा कि बजट में नारियल, काजू, चंदन और सूखे मेवों जैसी फसलों का ज़िक्र तो है, लेकिन उत्तर भारत के किसानों के लिए कुछ भी नहीं, जो गेहूं-धान जैसी फसलों पर निर्भर हैं। यह साफ़ तौर पर अनाज उत्पादक राज्यों के प्रति केंद्र की उदासीनता को दिखाता है।
केंद्रीय बजट ने पंजाब के अन्नदाता से मुंह मोड़ा: कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां
पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां ने बजट को “बड़ी निराशा” बताते हुए कहा कि इसमें न तो एमएसपी का कोई स्पष्ट रोडमैप है, न फसल विविधीकरण के लिए कोई सहायता और न ही बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए कोई राहत पैकेज।
उन्होंने कहा कि पंजाब देश का अन्न भंडार भरता है, फिर भी किसानों की आय सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार गंभीर नहीं दिखती।
केंद्रीय बजट लोगों के लिए सिर्फ निराशा लेकर आया: अमन अरोड़ा
मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि भाजपा ने एक बार फिर पंजाब के साथ सौतेली माँ जैसा व्यवहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों, युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों के लिए बजट में कोई ठोस घोषणा नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि आज़ादी से लेकर देश को भोजन उपलब्ध कराने तक पंजाब का योगदान ऐतिहासिक रहा है, लेकिन इसके बावजूद राज्य के लिए कोई बड़ा प्रोजेक्ट नहीं दिया गया।
केंद्रीय बजट पंजाब के साथ खुला भेदभाव दिखाता है: कुलदीप सिंह धालीवाल
आप के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि बजट में न एमएसपी की गारंटी है, न रोजगार और न ही पंजाब के लिए कोई बड़ा विकास प्रोजेक्ट।
उन्होंने कहा कि देश के लिए सबसे ज़्यादा कुर्बानियां देने वाले पंजाब को बार-बार उसके हक से वंचित किया जा रहा है।
किसानों के अधिकारों से मुंह मोड़ता बजट: लालजीत सिंह भुल्लर
मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि केंद्रीय बजट में एमएसपी, फसल विविधीकरण और प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए कोई गंभीर प्रावधान नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह बजट केंद्र सरकार की किसान विरोधी सोच को उजागर करता है।
बजट में पंजाब के किसानों के लिए कोई विज़न नहीं: लाल चंद कटारुचक
मंत्री लाल चंद कटारुचक ने कहा कि जिस राज्य ने देश के अन्न भंडार भरे हैं, उसे बजट में कोई दिशा या ठोस सहायता नहीं दी गई।
उन्होंने कहा कि यह बजट केंद्र की पंजाब-विरोधी मानसिकता को साफ़ दर्शाता है।
बड़े दावे, लेकिन ज़मीनी हकीकत में खोखला बजट: नील गर्ग
आप के वरिष्ठ नेता नील गर्ग ने बजट की तुलना पंजाबी कहावत “पटिया पहाड़, निकलेआ चूहा” से करते हुए कहा कि बड़ी घोषणाओं के बावजूद पंजाब, किसान, युवा और आम आदमी के लिए कोई राहत नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट बड़े कॉर्पोरेट घरानों के पक्ष में है, जबकि देश का पेट भरने वाले किसान और आम लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
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गैंगस्टरों के परिवारों की शादियों में जा रहे अकाली नेता, क्या गैंगस्टरों के जरिए सत्ता में आना चाहते हैं सुखबीर बादल?: Dhaliwal
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और हलका अजनाला से विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी और अन्य अकाली नेताओं पर गैंगस्टरों के परिवारों के समारोहों में शामिल होने को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार गैंगस्टरवाद और ड्रग माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है, तब अकाली दल गैंगस्टरों से संबंध बनाता नजर आ रहा है।
समारोहों में मौजूदगी पर उठाए सवाल
विधायक धालीवाल ने अमृतसर में अमृतपाल सिंह बाठ की बहन की शादी समारोह में अकाली नेताओं की मौजूदगी से जुड़ी तस्वीरें सामने रखीं। इन तस्वीरों में सुखबीर सिंह बादल, विरसा सिंह वलटोहा, गनीव कौर मजीठिया, रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा और शिरोमणि कमेटी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी की शमूलियत दिखाई देती है। धालीवाल ने कहा कि ये तस्वीरें अकाली दल की नीयत और प्राथमिकताओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं।
दोहरे मापदंडों का आरोप
धालीवाल ने कहा कि एक ओर सुखबीर बादल बार-बार बयान देते हैं कि पंजाब में गैंगस्टरवाद खत्म नहीं हो रहा, वहीं दूसरी ओर वे स्वयं गैंगस्टरों के परिवारों के कार्यक्रमों में शामिल होकर यह संकेत दे रहे हैं कि उनकी सियासी लड़ाई गैंगस्टरों के सहारे है। उन्होंने आरोप लगाया कि अकाली दल गैंगस्टरों का इस्तेमाल कर सत्ता में वापसी करना चाहता है।
युवाओं को गलत दिशा में धकेलने का आरोप
‘आप’ नेता ने कहा कि पहले अकाली दल ने पंजाब के युवाओं को आतंकवाद की आग में झोंका था और आज वही दल युवाओं को गैंगस्टर बनाकर अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं पूरी करना चाहता है। उन्होंने कहा कि उस काले दौर के लिए जहां कांग्रेस जिम्मेदार थी, वहीं अकाली दल भी बराबर का दोषी रहा है।
जनता से अपील
धालीवाल ने पंजाब के लोगों से अपील करते हुए कहा कि ऐसे तत्वों से सतर्क और चौकन्ना रहने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और अकाली दल ने पहले भी पंजाब को हिंसा की आग में धकेला था और अब गैंगस्टरों को बढ़ावा देकर प्रदेश का माहौल खराब किया जा रहा है।
AAP सरकार का संकल्प
विधायक धालीवाल ने दोहराया कि चाहे विपक्ष जो भी करे, आम आदमी पार्टी की सरकार का संकल्प अडिग है। उन्होंने कहा कि पंजाब से गैंगस्टरवाद और ड्रग माफिया को जड़ से खत्म किया जाएगा और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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