Punjab
नशे के खिलाफ जंग’ की शुरुआत, अरविंद केजरीवाल का ऐलान – Punjab होगा पूरी तरह नशा मुक्त।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछली सरकारों की लापरवाही ने Punjab की छवि खराब कर दी थी। पहले पंजाब को लेकर उड़ता पंजाब जैसी फिल्में बनती थीं, जो नशे की गंभीर स्थिति को दर्शाती थीं। जबकि कभी Punjab को “सोने की चिड़िया” कहा जाता था और यह देश का नंबर-वन राज्य था, लेकिन अब यह 17वें-18वें स्थान पर आ गया है।
Punjab को नशे से पूरी तरह मुक्त करने के लिए आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को नवांशहर के लंगड़ोआ गांव से राज्यव्यापी नशा मुक्ति यात्रा की शुरुआत की। यह यात्रा सरकार की “युद्ध नशों विरुद्ध” मुहिम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य हर गांव में जाकर लोगों को नशे के खतरे के बारे में जागरूक करना है।
इस दौरान मौजूद लोगों को नशे के विरुद्ध जंग में योद्धा बनने की शपथ दिलाते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम Punjab से नशा खत्म करके रहेंगे. इसके लिए मुझे अपनी जान ही क्यों न गंवानी पड़े. आप ने नशा के केंद्र बिंदुओं को नशा मुक्त क्षेत्रों में बदल दिया है और पंजाब अब उड़ता Punjab से बदलता पंजाब की तरफ तेजी से बढ़ रहा है.
नशे को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे
इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यहां आने से पहले मैंने सोचा था कि लोग कहेंगे कि युद्ध नशयां विरूद्ध मुहिम के बाद नशा थोड़ा कम हुआ है, लेकिन मुझे बेहद खुशी हुई, जब लोगों ने कहा कि हमारा गांव बिल्कुल नशा मुक्त हो गया है. अब तो यहां नशा बिकता ही नहीं है. यहां के सरपंच साहब ने मुझे बताया कि 99 प्रतिशत नशा खत्म हो गया, बस बीज रह गया है. हमें इस बीज को भी खत्म करना है और इसे जड़ से उखाड़ फेंकना है.
पिछली सरकारों ने पंजाब को किया बदनाम
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछली सरकारों ने पंजाब को बदनाम कर दिया था. पहले नशे पर उड़ता Punjab जैसी फिल्में बनती थी. जबकि किसी समय Punjab सोने की चिड़िया कहलाता था और देश का नंबर-वन राज्य था. आज 17वें और 18वें नंबर पर पहुंच गया है. ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि पिछली सरकार के मंत्री खुद अपनी गाड़ियों में नशा लेकर पूरे पंजाब में बांटा करते थे. वह नशा तस्करों का साथ नहीं देते थे, बल्कि वह खुद नशा तस्कर थे.
हमारा कोई मंत्री नशा नहीं करता
केजरीवाल ने कहा कि ईश्वर की कृपा से Punjab में 2022 में आम आदमी पार्टी की ईमानदार सरकार बनी. हमारा कोई मंत्री नशा नहीं करता और ना ही नशा तस्करों के साथ उसकी सेटिंग है. इसलिए आज बड़े-बड़े नशा तस्करों को जेल में डाला जा रहा है. पिछले ढाई महीने में 10 हजार से ज्यादा तस्कर पकड़े जा चुके हैं. इनमें सिर्फ 1500 ही छोटे तस्कर हैं, बाकी 8500 बड़े तस्कर हैं. इनको पकड़ने की पहले किसी की हिम्मत नहीं होती थी. उन्होंने गुरुवार को तरनतारन में 85 किलो हेरोइन पकड़े जाने का भी जिक्र किया.
नशा तस्करों के घरों पर चले बुलडोजर
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज नशा तस्करों के घरों पर बुलडोजर चल रहे हैं. किसी ने नहीं सोचा होगा कि ऐसा समय भी आएगा, जब तस्करों के घरों पर बुलडोजर चलाए जाएंगे. केजरीवाल ने लोगों से अपील की कि नशे को जड़ से खत्म करने के लिए जनता को भी जुड़ना पड़ेगा. अगर Punjab के तीन करोड़ लोग सरकार के साथ जुड़ गए तो हमें नशा खत्म करने से कोई नहीं रोक सकता. हम Punjab से नशा को खत्म करके रहेंगे, चाहे इसके लिए मुझे अपनी जान ही क्यों न गंवाना पड़े.
Punjab में नशे के खिलाफ युद्ध
अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की कि आज से Punjab में नशे के खिलाफ इस युद्ध को जन आंदोलन बनाने की मुहिम शुरू की जा रही है. नशे के खिलाफ हर गांवों में यात्रा होगी. हमारे मंत्री विधायक और नेता सभी 13,000 गांवों में अगले डेढ़ महीने में जाएंगे और लोगों को जागरूक करेंगे. उन्होंने लोगों से स्थानीय पुलिस प्रशासन को साथ देने और नशे से जुड़े व्यक्तियों का किसी भी तरह का कोई सहयोग नहीं करने और खासकर जमानत नहीं कराने की अपील की.
उन्होंने नशे से पीड़ित व्यक्तियों को जल्द से जल्द नशा मुक्ति केन्द्रों में भर्ती कराने की भी अपील की. उन्होंने कहा कि पहले रिहैबिलिटेशन सेंटरों का बहुत बुरा हाल था. वहां लोगों को चेन से बांधकर कर रखा जाता था, उन्हें मारा-पीटा जाता था. हमने यह सिस्टम खत्म कर दिया है. अब सारे नशामुक्ति केंद्र वातानुकूलित बना दिए गए हैं और सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं.
Punjab के सभी गांवों में बनेगा खेल का मैदान
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारी कोशिश है कि युवाओं को नशे से दूर करने और उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए अगले एक साल में पूरे पंजाब के सभी 13,000 गांवों में एक खेल का मैदान बनाया जाएगा. वहीं 3000 बड़े गांवों खेल के मैदान के अलावा एक जिम भी बनाया जाएगा, ताकि नौजवान नशे से बाहर निकल कर अपना स्वास्थ्य और भविष्य बेहतर बना सकें.

वहीं, जालंधर में जागरूकता यात्रा की शुरूआत कर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि राज्य सरकार ने नशे की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी है और अब वह दिन दूर नहीं, जब Punjab में से नशे का मुकम्मल खात्मा हो जाएगा. नशा मुक्ति यात्रा के तहत राज्य के हर गांव और कस्बे तक पहुंच की जाएगी ताकि नशे के खिलाफ इस जंग में ज्यादा से ज्यादा लोगों को शामिल करके पंजाब को पूरी तरह नशा मुक्त बनाया जा सके.
Punjab से नशे का पूरी तरह सफाया
उन्होंने कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि राज्य सरकार के ठोस प्रयासों के चलते जिन गांवों में नशे के केंद्र थे, अब नशे से मुक्त हो रहे हैं. सरकार ने दृढ़ संकल्प लिया था कि Punjab में किसी को भी नशा बेचने की इजाज़त नहीं दी जाएगी और सरकार इस कार्य में सफल रही है. नशा तस्कर ख़तरनाक अपराधी हैं और हमने अपनी जान की परवाह किए बिना उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की. नशे के खिलाफ इस लड़ाई में हमारी जान जा सकती है, लेकिन हम यह सुनिश्चित करेंगे कि Punjab से नशे का पूरी तरह सफ़ाया हो.
नशे के खिलाफ महिलाओं की भागीदारी
इस दौरान Punjab के सीएम भगवंत मान ने कहा कि नशे की लानत राज्य के चेहरे पर एक धब्बा है और इस लानत को मिटाने के लिए राज्य सरकार को रणनीति बनाने में दो साल से अधिक समय लगा. अब नशे की सप्लाई लाइन तोड़ दी गई है और ऐसे घिनौने अपराधों में शामिल बड़ी मछलियों को सलाखों के पीछे डाल दिया गया, नशा पीड़ितों का पुनर्वास सुनिश्चित किया गया और यहां तक कि नशा तस्करों की जायदाद भी जब्त करके नष्ट कर दी गई.
सरकार ने युद्ध नशों विरुद्ध के रूप में नशे के विरुद्ध जंग शुरू की है, जिसका उद्देश्य राज्य को साफ-सुथरा बनाना है. उन्होंने नशे के विरुद्ध इस जंग को जनांदोलन में बदलने के लिए लोगों से सहयोग मांगा.
सरकार ने नशे के खिलाफ जंग छेड़ी
भगवंत मान ने कहा कि यदि पंजाबियों ने राज्य को नशा मुक्त बनाने का दृढ़ इरादा कर लिया है तो हमें इस नेक कार्य से कोई नहीं रोक सकता. उन्होंने कहा कि इस पवित्र धरती के हर इंच को महान गुरुओं, संतों, पीरों और शहीदों का चरण स्पर्श प्राप्त है, जिन्होंने हमें जुल्म और बेइंसाफी का विरोध करने का रास्ता दिखाया है. उनके नक्शे कदम पर चलते हुए राज्य सरकार ने नशे के विरुद्ध जंग छेड़ी है. हमें यह देखकर खुशी हुई कि इस समारोह में बड़ी संख्या में महिलाएं हिस्सा ले रही हैं. यह अच्छा संकेत है.
यदि महिलाएं किसी भी खतरे को खत्म करने के लिए इतनी बड़ी संख्या में लामबंद होती हैं तो यह बहुत जल्दी खत्म हो जाएगा. अब वह दिन दूर नहीं, जब राज्य की महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से राज्य पूरी तरह नशा मुक्त हो जाएगा.
महिलाओं का सशक्तिकरण जरूरी
भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के माध्यम से लड़कियों को अधिक अधिकार देने के लिए ठोस प्रयास कर रही है. राज्य भर के सरकारी स्कूलों में 10,000 छात्राओं को आवाजाही की सुविधा प्रदान की गई है. उन्होंने कहा कि आजकल लड़कियां हर क्षेत्र में लड़कों से आगे बढ़ रही हैं, जिनमें वे क्षेत्र भी शामिल हैं, जिनमें अब तक आदमियों का वर्चस्व था. बराबरी वाला समाज सृजित करने के लिए और समाज व राज्य के व्यापक हित में महिलाओं का सशक्तिकरण बहुत जरूरी है.
पंजाबी वैश्विक नागरिक हैं, जिन्होंने दुनिया के हर कोने में अपने लिए अलग मुकाम बनाया है. मौका मिलने पर मेहनती और ऊर्जावान पंजाबी अब हर क्षेत्र में सफलता हासिल कर रहे हैं. लोगों के सक्रिय समर्थन और सहयोग से राज्य सरकार रंगला Punjab बनाने पर जोर दे रही है. नशे के विरुद्ध जंग इसका एक हिस्सा है.
राज्य के विकास और खुशहाली पर ध्यान
भगवंत मान ने कहा कि पहले के समय के विपरीत जब राज्य के नेता Punjab के हितों को खतरे में डालते थे, आज राज्य सरकार राज्य के समग्र विकास और खुशहाली पर ध्यान केंद्रित कर रही है. पहले नेता लोगों से मिलने से डरते थे, जबकि आज राज्य सरकार लोगों से बातचीत कर रही है और उनसे प्रतिक्रिया ले रही है. राज्य के लोगों को सामाजिक-आर्थिक विकास में सक्रिय भागीदार बनाकर उनके हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे.
Punjab के पानी की चोरी
एक मिसाल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले वाले नेता अपने निजी हितों के लिए पानी की चोरी होने देते थे, लेकिन राज्य के पानी के रखवाले होने के नाते वे ऐसा कभी नहीं होने देंगे. Punjab ने अपनी नहर प्रणाली को अपग्रेड किया है. इसलिए अब आने वाले धान के सीजन के मद्देनजर राज्य के किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पानी की जरूरत है. उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि पंजाब के पास दूसरे राज्यों को देने के लिए एक बूंद पानी नहीं है.
बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेज रहे लोग
भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार राज्य में स्वास्थ्य और शिक्षा प्रणाली को पुनर्जीवित करने के लिए ठोस प्रयास कर रही है. अब तक अपने बच्चे को सरकारी स्कूल में भेजना आम आदमी की मजबूरी थी, लेकिन अब शिक्षा प्रणाली को नया रूप देने के कारण लोग अपनी इच्छा के अनुसार बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेज रहे हैं. विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए राज्य भर में स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए गए हैं. सरकार समाज के हर वर्ग खासकर युवाओं के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी.
युवाओं को 54 हजार से अधिक नौकरियां
सरकार विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगिताओं के लिए तैयारी करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. अब विद्यार्थी शिक्षा के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. भगवंत मान ने कहा कि सरकार का ध्यान राज्य के सर्वपक्षीय विकास और लोगों की खुशहाली सुनिश्चित करने पर है. यह बहुत गर्व और तसल्ली वाली बात है कि राज्य के युवाओं को 54 हजार से अधिक नौकरियां प्रदान की गई हैं. सभी नौकरियां बिना किसी भ्रष्टाचार या भाई-भतीजावाद के पूरी तरह योग्यता के आधार पर दी गई हैं. यह युवाओं को पंजाब के सामाजिक-आर्थिक विकास में सक्रिय भागीदार बना रहा है.
Punjab
पंजाब में 2 IAS अधिकारी सस्पेंड:आंगनबाड़ी वर्करों के लिए स्मार्टफोन खरीदने में देरी पर एक्शन, चार की ट्रांसफर
पंजाब सरकार ने शनिवार को 2 IAS अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया। सूत्रों से पता चला है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए स्मार्टफोन खरीदने में देरी के मामले में यह एक्शन हुआ है। यह मामला काफी पुराना है। हालांकि आर्डर में वजह साफ नहीं की गई है। इसके साथ एक अतिरिक्त मुख्य सचिव और एक संयुक्त सचिव का तबादला कर दिया। जबकि कुछ 4 अधिकारियों की टांसर्फर की गई।
उद्योग, निवेश प्रोत्साहन और सूचना प्रौद्योगिकी प्रोत्साहन विभाग के प्रशासनिक सचिव कमल किशोर यादव और पंजाब इन्फोटेक के प्रबंध निदेशक जसप्रीत सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबित किए गए दोनों अधिकारियों को चंडीगढ़ स्थित राज्य मुख्यालय में तैनात किया जाएगा। वहीं, इस दौरान 2001 बैच के आईएएस अधिकारी गुरकीरत किरपाल सिंह को आखिरकार आज तैनाती दे दी गई है। उन्हें उद्योग, निवेश प्रोत्साहन और सामाजिक सुरक्षा विभाग का प्रमुख बनाया गया है। यह दोनों पद कमल किशोर व विकास प्रताप के पास थे। गुरकीरत पिछले करीब 11 महीनों से पोस्टिंग का इंतजार कर रहे थे। जबकि पंजाब इन्फोटेक के एमडी का अतिरिक्त प्रभार एसएस बराड़ को सौंपा गया है। इसी तरह सामाजिक सुरक्षा विभाग के विकास प्रताप और संयुक्त सचिव आनंद सागर शर्मा को भी हटा दिया गया है। विकास प्रताप को फिलहाल कोई नई पोस्टिंग नहीं दी गई है, जबकि आनंद सागर शर्मा को गुरदासपुर का अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर नियुक्त किया गया है। इसी तरह 1998 बैच के आईएएस अधिकारी एस करूणा राजू को प्रमुख रेसिडेंट कमिश्नर पंजाब भवन नई दिल्ली तैनात किया गया है।
अधिकारियों को सस्पेंड करने के ऑर्डर…


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Operation Prahar: पंजाब पुलिस शुरू करेगी ऑपरेशन प्रहार 2.0, 72 घंटे और 12 हजार जवान संभालेंगे मोर्चा
पंजाब पुलिस कल (9 फरवरी) सुबह 8 बजे से ऑपरेशन प्रहार 2.0 शुरू करेगी। यह ऑपरेशन 72 घंटे तक चलेगा। सीनियर अधिकारियों को जिले अलॉट किए गए हैं। ऑपरेशन को लेकर पूरी एसओपी बनाई गई। 12 हजार पुलिसकर्मी मैदान में उतरेंगे।
डीजीपी गौरव यादव ने रविवार को चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि हमारा लक्ष्य पंजाब को गैंगस्टर व क्राइम फ्री करना है। जो गैंगस्टर बाहर बैठे हैं, उन्हें वापस लाने के लिए प्रोसेस केंद्र सरकार के माध्यम से शुरू हो गया। वहीं, अब सीनियर अधिकारियों की परफॉर्मेंस को रिव्यू किया जाएगा।
इससे पहले ऑपरेशन प्रहार का फेज-1 20 जनवरी से शुरू हुआ था। इस दौरान 5,290 लोगों को गिरफ्तार किया गया। जबकि 2,973 प्रिवेंटिव डिटेंशन हुईं। 5,413 लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था।
हाई लेवल मीटिंग में स्ट्रेटजी बनी
डीजीपी ने कहा कि जो भी क्राइम पंजाब में करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। इसको लेकर हाई लेवल मीटिंग हुई। इसमें स्पेशल डीजीपी, एडीजीपी, आईजीपी मौजूद रहे, जिन्हें जिले अलॉट किए गए हैं। वह फील्ड में मौजूद रहेंगे।
12 हजार पुलिसकर्मी मैदान में उतरेंगे
उन्होंने कहा कि वांटेड क्रिमिनल को लेकर यह ऑपरेशन है। इनकी लिस्ट बनाई गई है। ऑपरेशन के दौरान 12 हजार पुलिस कर्मचारी मैदान में उतरेंगे। इनकी दो हजार टीमें बनाई गई हैं। फील्ड ऑपरेशन के लिए हिदायत दी गई है कि मुख्य क्राइम पर एसएसपी समेत सीनियर अधिकारी खुद विजिट करेंगे।
मुलाजिमों की कमी को पूरा करने के लिए नॉन कोर ड्यूटी स्टाफ को हटाकर थानों और फिल्ड में लगाया जाएगा। थानों में तैनात मुलाजिमों को वॉकी टॉकी सिस्टम दिए जा रहे हैं। वॉकी टॉकी के लिए भी पॉलिसी तैयारी की गई है।
सभी थाने जिला कंट्रोल रूम से जुड़ेंगे
डीजीपी ने बताया कि हमने वायरलेस सिस्टम की कार्यप्रणाली की समीक्षा की है। यह सुनिश्चित किया है कि थानों में तैनात सभी पुलिसकर्मियों के पास वॉकी-टॉकी सिस्टम उपलब्ध हो। सभी थाने जिला कंट्रोल रूम से जुड़े होंगे। किसी भी घटना के बाद उस पर त्वरित एक्शन प्लान बनेगा। जिला कंट्रोल रूम में डिजिटल बोर्ड पर डिसप्ले होगा कि कौन-सा इलाका सील करना है या पूरे जिले को सील करना है। इसके बाद तुरंत बाद पीसीआर व मुलाजिम पहुंचे।
पंजाब पुलिस के DGP गौरव यादव ने बताया कि 72 घंटे चले ऑपरेशन प्रहार में 4871 लोगों को हिरासत में लिया गया। जिनमें से 3256 को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 80 भगोड़े अपराधी भी पकड़े गए। जबकि 25 एहतियाती गिरफ्तारियां की गईं।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के दौरान 69 हथियार, 6.5 किलो हेरोइन, 10.5 किलो अफीम, 5092 नशीली गोलियां, 72 किलो भुक्की और 2.69 लाख रुपए ड्रग मनी बरामद की।
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Punjab: कौन हैं डॉ. पुष्पिंदर गिल? जिन्हें मिली बड़ी जिमेदारी, पंजाब स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के VC नियुक्त
पटियाला स्थित महाराजा भूपिंदर सिंह पंजाब स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी को नया वाइस चांसलर (वीसी) मिल गया है। डॉ. पुष्पिंदर सिंह गिल को महाराजा भूपिंदर सिंह पंजाब स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी (एमबीएसपीएसयू) का वीसी नियुक्त किया गया है। उनका कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तारीख से तीन साल की अवधि का होगा।
यह नियुक्ति महाराजा भूपिंदर सिंह पंजाब स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी अधिनियम, 2019 की धारा 26(1) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए की गई है। इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना 8 फरवरी 2026 को विवेक प्रताप सिंह, आईएएस, प्रधान सचिव, राज्यपाल पंजाब द्वारा जारी की गई।

डॉ. पुष्पिंदर सिंह गिल शिक्षा, शोध, प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय परामर्श के क्षेत्र में 36 वर्षों से अधिक का समृद्ध अनुभव रखते हैं। वे पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला से सेवानिवृत्त प्रोफेसर रह चुके हैं और अपने लंबे अकादमिक व प्रशासनिक अनुभव के चलते पंजाब के प्रमुख खेल विश्वविद्यालय का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह सक्षम माने जाते हैं।
डॉ. गिल ने वर्ष 1993 में पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला से “मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव इफेक्टिवनेस” विषय पर पीएचडी की। उन्होंने वर्ष 1987 में एमबीए (मार्केटिंग एवं मटेरियल मैनेजमेंट) तथा 1984 में अर्थशास्त्र में बीए (ऑनर्स) प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण किया।
अपने अकादमिक करियर के दौरान उन्होंने पंजाबी यूनिवर्सिटी में 23 वर्षों से अधिक समय तक प्रोफेसर, 7 वर्षों तक एसोसिएट प्रोफेसर तथा 6 वर्षों से अधिक समय तक असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में सेवाएं दीं।
शिक्षा जगत के साथ-साथ डॉ. गिल को कॉर्पोरेट क्षेत्र का भी व्यापक अनुभव प्राप्त है। वे 1999 से 2001 तक अफ्रीका (युगांडा, केन्या, इथियोपिया और नाइजीरिया) में द कोका-कोला कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में सेवाएं दे चुके हैं।
डॉ. गिल की शैक्षणिक उपलब्धियों में 84 से अधिक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र, 10 पुस्तकें तथा 400 से अधिक लेख शामिल हैं। वे “इंडियन जर्नल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़” के संपादक-इन-चीफ भी रह चुके हैं। उन्होंने 30 पीएचडी शोधार्थियों का सफल मार्गदर्शन किया है।
डॉ. गिल का विज़न महाराजा भूपिंदर सिंह पंजाब स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी को खेल शिक्षा, उच्च प्रदर्शन खेल और अनुप्रयुक्त शोध के क्षेत्र में भारत की अग्रणी संस्था बनाना है, जहाँ खेल विज्ञान को व्यावहारिक सफलता और करियर के अवसरों से जोड़ा जा सके।
डॉ. गिल ने कोका-कोला, पेप्सिको, कैडबरी, फिलिप्स इंडिया सहित कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों को परामर्श सेवाएं भी दी हैं और विभिन्न राज्यों की लोक सेवा आयोगों में विशेषज्ञ के रूप में भी कार्य किया है।
डॉ. गिल की नियुक्ति से जुड़े नियम व शर्तें पंजाब सरकार के युवा मामले एवं खेल विभाग द्वारा अलग से अधिसूचित की जाएंगी।
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