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‘युद्ध नशे विरुद्ध’ बना पंजाब की पहचान: CM भगवंत सिंह मान के इरादों पर लगी मुहर, तस्करों पर निर्णायक प्रहार

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पंजाब की धरती, जिसे कभी नशे की महामारी ने जकड़ लिया था, आज उसी धरती पर निर्णायक जवाब लिखा जा रहा है. 1 मार्च 2025 से शुरू हुआ ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान अब सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि पंजाब की अस्मिता की लड़ाई बन चुका है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की स्पष्ट चेतावनी थी कि नशा बेचने वालों के लिए इस प्रदेश में कोई जगह नहीं बचेगी. और एक साल के भीतर हालात ने साबित कर दिया कि यह सिर्फ बयान नहीं, इरादा था. नशे के खिलाफ चल रहे ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान पर अब पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने जिस खुले दिल से तारीफ़ की है, उसने एक बड़ा राजनीतिक संदेश दे दिया है, जब बात पंजाब की युवा पीढ़ी को बचाने की हो, तो सच्चा काम खुद बोलता है.

फरवरी 2026 तक 49,436 नशा तस्करों की गिरफ्तारी, 34 हजार से ज्यादा एफआईआर, हजारों किलो हेरोइन और अफीम की जब्ती, करोड़ों की ड्रग मनी फ्रीज- यह आंकड़े बताने के लिए काफी हैं कि सरकार ने तस्करों की कमर तोड़ दी है. 1,961 किलो हेरोइन, 607 किलो अफीम, 27.5 क्विंटल पोस्ता, 47.57 लाख नशीली गोलियां और 28 किलो ICE की बरामदगी ने पूरे नेटवर्क को हिला दिया है. 548 तस्करों की 263 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज कर दी गई — संदेश साफ है, नशे का धंधा अब घाटे का सौदा है.

सीमा पार से ड्रोन के जरिए आ रही खेप को रोकने के लिए पंजाब की मान सरकार ने तरनतारन, फिरोजपुर और अमृतसर में एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए गए. अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 2,367 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं. यह दिखाता है कि मान सरकार सिर्फ बयानबाज़ी नहीं, टेक्नोलॉजी और स्ट्रेटजी से काम कर रही है. साइबर फ्रॉड के 80 करोड़ रुपये फ्रीज किए गए, यानी नशे और अपराध के हर रूप पर एक साथ प्रहार.

आतंक और गैंगस्टर नेटवर्क पर भी करारा वार हुआ है. साल 2025 में 12 आतंकी घटनाएं सुलझाईं गईं, 50 मॉड्यूल सदस्य गिरफ्तार हुए. इंटरनल सिक्योरिटी विंग ने 19 मॉड्यूल का पर्दाफाश कर 131 लोगों को पकड़ा और भारी मात्रा में हथियार, RDX, ग्रेनेड और RPG बरामद किए. एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स ने 416 मॉड्यूल तोड़कर 992 गैंगस्टरों को सलाखों के पीछे डाला. यह कार्रवाई बताती है कि नशा, आतंक और गैंगस्टर गठजोड़ को जड़ से खत्म करने का अभियान जारी है.

सबसे बड़ी बात यह है कि इस मुहिम को राजनीतिक सीमाओं से परे समर्थन मिला है. पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने भी मान सरकार के अभियान की खुलकर तारीफ की. जब सरकार और राज्यपाल कई मुद्दों पर आमने-सामने रहे हों, तब इस तरह की सराहना अपने आप में बहुत कुछ कह देती है. यह इस बात का प्रमाण है कि नशे के खिलाफ मान सरकार की कार्रवाई सिर्फ राजनीति नहीं, नीयत और परिणाम की लड़ाई है.

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने साफ कहा था कि यह पुलिस की अकेली लड़ाई नहीं, पूरे समाज की जंग है. 1.5 लाख ‘पिंड दे पहरेदार’ गांव-गांव में सक्रिय हैं, हजारों युवाओं को डी-एडिक्शन सेंटर्स तक पहुंचाया गया है, स्कूलों में एंटी-ड्रग जागरूकता अभियान चल रहा है. यह सिर्फ गिरफ़्तारियों का अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को बचाने का मिशन है.

पंजाब अब डर के साये से बाहर निकल रहा है. तस्करों की हिम्मत टूट रही है, युवाओं में भरोसा लौट रहा है और परिवारों में उम्मीद जाग रही है. भगवंत सिंह मान की आक्रामक, स्पष्ट और बेखौफ नेतृत्व शैली ने यह साबित कर दिया है कि अगर राजनीतिक इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो सबसे जटिल समस्या को भी जड़ से खत्म किया जा सकता है. ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अब सिर्फ एक अभियान नहीं, नए पंजाब की घोषणा है.

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पंजाब में ‘गैंगस्टरां ते वार’: 72 घंटों के ‘ऑपरेशन प्रहार-2’ में 3260 गिरफ्तार, 135 भगोड़े भी धरे गए

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पंजाब में अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ भगवंत सिंह मान सरकार का एक्शन लगातार तेज होता जा रहा है. सरकार सूबे को गैंगस्टर मुक्त बनाने के लिए ‘गैंगस्टरां ते वार’ मुहिम चला रही है. भगवंत मान की अगुवाई में चल रही जीरो टॉलरेंस नीति के तहत पंजाब पुलिस ने 72 घंटे का बड़ा ऑपरेशन ‘प्रहार-2’ चलाया. इस दौरान वांछित अपराधियों से संबंधित 8278 ठिकानों पर छापेमारी की.


इस ‘ऑपरेशन प्रहार-2’ में पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस कार्रवाई की अगुवाई के लिए व्यक्तिगत रूप से विभिन्न पुलिस जिलों का दौरा किया, जिसमें 12,000 कर्मचारियों वाली 2,000 से अधिक पुलिस टीमें शामिल थीं. डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि ‘गैंगस्टरां ते वार’ मुहिम तब तक जारी रहेगी, जब तक पंजाब पूरी तरह से गैंगस्टर मुक्त नहीं हो जाता.


3260 बदमाश गिरफ्तार- स्पेशल डीजीपी
तीन दिनों तक चले इस ऑपरेशन के बारे में स्पेशल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (स्पेशल डीजीपी) कानून एवं व्यवस्था अर्पित शुक्ला ने बताया कि पूरे राज्य में कुल 7,498 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें से 3260 को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में 135 फरार अपराधी (पीओ) शामिल हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस टीमों ने उनके कब्जे से 47 हथियार, 4.8 किलोग्राम हेरोइन, 3.6 किलोग्राम अफीम, 42,797 नशीली गोलियां, 68 किलोग्राम भुक्की और 30 लाख रुपये की ड्रग मनी भी बरामद की है.
उन्होंने कहा कि इसके अलावा, पुलिस टीमों ने 1,450 व्यक्तियों को एहतियातन हिरासत में लिया, जबकि 2,788 व्यक्तियों को जांच के बाद रिहा कर दिया गया.


सूबे को गैंगस्टर मुक्त बनाना लक्ष्य- डीजीपी
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि 72 घंटे चले इस ऑपरेशन ने उम्मीदों से अधिक उद्देश्य हासिल किए हैं और ‘गैंगस्टरां ते वार’ मुहिम तब तक जारी रहेगी, जब तक पंजाब पूरी तरह से गैंगस्टरों से मुक्त नहीं हो जाता.


आम आदमी हेल्पलाइन पर कर सकते हैं शिकायत-
लोग गुप्त रूप से एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर- 93946-93946 के माध्यम से वांछित अपराधियों/गैंगस्टरों की रिपोर्ट कर सकते हैं और किसी भी प्रकार के अपराध एवं आपराधिक गतिविधियों के बारे में सूचना/जानकारी भी साझा कर सकते हैं.


164 नशा तस्कर गिरफ्तार-
इस दौरान, पुलिस टीमों ने नशों के खिलाफ अपनी मुहिम युद्ध नशेयां विरुद्ध को 347वें दिन भी जारी रखते हुए 164 नशा तस्करों को गिरफ्तार करके उनके कब्जे से 11.9 किलोग्राम हेरोइन, 344 नशीली गोलियां/कैप्सूल और 4700 रुपये की ड्रग मनी बरामद की है. इसके साथ ही, केवल 347 दिनों में गिरफ्तार किए गए कुल नशा तस्करों की संख्या 49,129 हो गई है. ‘डी-एडिक्शन’ के हिस्से के रूप में, पंजाब पुलिस ने 14 व्यक्तियों को नशा छुड़ाने और पुनर्वास के लिए राजी किया है.

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BJP पंजाब एससी विंग के वित्त सचिव अमरजीत सिंह कोकरी कलां ‘आप’ में शामिल

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पंजाब की राजनीति में आम आदमी पार्टी (आप) को उस समय मजबूती मिली जब भाजपा एससी विंग के पूर्व प्रदेश वित्त सचिव Amarjit Singh Kokri Kalan औपचारिक रूप से आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए।

पार्टी में उनका स्वागत पंजाब के कैबिनेट मंत्री Harpal Singh Cheema ने ‘आप’ पंजाब अध्यक्ष Aman Arora और मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann की ओर से किया।


मान सरकार की नीतियों से प्रभावित

इस मौके पर हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि अमरजीत सिंह कोकरी कलां लंबे समय से निहाल सिंह वाला क्षेत्र में सक्रिय और सकारात्मक भूमिका निभाते रहे हैं। उनका ‘आप’ में शामिल होना राज्य सरकार के कार्यों के प्रति जनता के बढ़ते विश्वास का प्रतीक है।

चीमा ने बताया कि भाजपा की जन-विरोधी नीतियों से निराश होकर अमरजीत सिंह ने पार्टी छोड़ने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि अमरजीत सिंह ‘आप’ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं—विशेषकर 300 यूनिट मुफ्त बिजली और 10 लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा योजना—से प्रभावित रहे हैं, जिन्होंने आम परिवारों को वास्तविक राहत प्रदान की है।


समर्थकों का भी ‘आप’ में शामिल होना

चीमा ने जानकारी दी कि अमरजीत सिंह के साथ मनजीत सिंह बिलासपुर की अगुवाई में कई सरपंच, पंच और नंबरदार सहित बड़ी संख्या में समर्थक भी ‘आप’ में शामिल हुए हैं।

उन्होंने सभी नए सदस्यों का स्वागत करते हुए आश्वासन दिया कि पार्टी में उन्हें पूरा सम्मान और उचित जिम्मेदारी दी जाएगी।


अनुभव और सेवा भावना का सम्मान

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि अमरजीत सिंह ने पहले भारतीय सेना में सेवा देकर देश की रक्षा की और बाद में सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाई। ऐसे अनुभवी और समर्पित लोगों का ‘आप’ में शामिल होना इस बात का संकेत है कि पंजाब अब ईमानदारी, काम और जनकल्याण की राजनीति की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि मान सरकार समाज के हर वर्ग—दलितों, गरीबों, किसानों, मजदूरों और युवाओं—की भलाई के लिए निरंतर काम कर रही है और आम आदमी पार्टी हर नागरिक को सम्मान, अवसर और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

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‘दलित विरोधी कांग्रेस’ के खिलाफ ‘AAP’ ने पंजाब भर में किए विरोध प्रदर्शन, प्रताप बाजवा ने मंत्री ईटीओ पर की थी जातिवादी टिप्पणी

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष Pratap Singh Bajwa द्वारा कैबिनेट मंत्री Harbhajan Singh ETO के खिलाफ की गई कथित जातिवादी और अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में पूरे राज्य में व्यापक प्रदर्शन किए।

पार्टी का कहना है कि यह टिप्पणी केवल एक मंत्री का नहीं, बल्कि पूरे दलित समुदाय, मेहनतकश मजदूरों और इज्जत से अपनी रोजी-रोटी कमाने वाले कलाकारों का अपमान है।


पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन

राज्यभर में हुए प्रदर्शनों में ‘आप’ के मंत्रियों, विधायकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस नेतृत्व से सार्वजनिक माफी की मांग की और चेतावनी दी कि यदि माफी नहीं मांगी गई तो कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

मलेरकोटला और रूपनगर (रोपड़) सहित कई जिलों में बड़े स्तर पर प्रदर्शन आयोजित किए गए। इसके अलावा होशियारपुर, कपूरथला, एस.बी.एस. नगर, अमृतसर, पठानकोट, तरनतारन, फरीदकोट, फतेहगढ़ साहिब, लुधियाना, मोगा, पटियाला, संगरूर, बठिंडा, फाजिल्का, फिरोजपुर, मानसा, श्री मुक्तसर साहिब, बरनाला और एस.ए.एस. नगर समेत अन्य जिलों में भी रोष प्रदर्शन हुए।


कांग्रेस की मानसिकता पर सवाल

आप पंजाब के मीडिया प्रभारी Baltej Pannu ने आरोप लगाया कि इस बयान से कांग्रेस की दलित विरोधी मानसिकता उजागर हुई है।

उन्होंने कहा कि पार्टी राज्य में किसी को भी दलितों या श्रमिक वर्ग का अपमान करने की अनुमति नहीं देगी। पन्नू ने कांग्रेस नेतृत्व से स्पष्ट करने की मांग की कि क्या यह बयान पार्टी की आधिकारिक सोच को दर्शाता है।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता इस टिप्पणी की सार्वजनिक निंदा करेंगे या फिर चुप्पी साधे रहेंगे।


मेहनतकश कलाकारों के सम्मान की बात

पन्नू ने कहा कि यह टिप्पणी बैंड-बाजा कलाकारों, दिहाड़ी मजदूरों और अन्य मेहनतकश लोगों का भी अपमान है, जो सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में अहम भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि पंजाब समानता की धरती है, जो गुरु साहिबान की शिक्षाओं और B. R. Ambedkar की विचारधारा से प्रेरित है। राज्य के लोग किसी भी समुदाय के अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे।


माफी तक जारी रहेगा संघर्ष

आप नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि जब तक बाजवा और कांग्रेस नेतृत्व बिना शर्त माफी नहीं मांगते, तब तक पार्टी का विरोध जारी रहेगा।

पार्टी का कहना है कि यह मुद्दा केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक सम्मान और बराबरी से जुड़ा हुआ है।

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