Punjab
जंग में भागने वाले गद्दार, नैतिकता के आधार पर राज्यसभा सदस्य अपने पद से दें इस्तीफा – Deepak Bali
आम आदमी पार्टी पंजाब के महासचिव दीपक बाली ने आम आदमी पार्टी द्वारा नियुक्त राज्यसभा सदस्यों द्वारा भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के फैसले की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की ये नीतियां सीधे तौर पर लोकतंत्र के विरुद्ध हैं।
दीपक बाली ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा है कि “जंग में मरने वाले को शहीद, जीतने वाले को योद्धा और भागने वाले को गद्दार कहते हैं”। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग भारतीय जनता पार्टी के दबाव में पार्टी छोड़ रहे हैं, वे पंजाब के लोगों के साथ गद्दारी कर रहे हैं।
महासचिव बाली ने कहा कि पंजाब से नियुक्त सभी राज्यसभा मेंबर चुनाव के जरिए राज्यसभा मेंबर नहीं बने हैं। उन्हें आम आदमी पार्टी के नेशनल कन्वीनर श्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब के हितों को राज्यसभा में उठाने के लिए राज्यसभा मेंबर बनाया गया था, ताकि पंजाब के किसानों, मजदूरों, व्यापारियों, उद्योगपतियों, कर्मचारियों और आम लोगों की आवाज और उनके हकों की बात राज्यसभा में बुलंद की जा सके।
दीपक बाली ने आगे कहा कि इन सदस्यों ने पंजाब के हकों की बात तो क्या करनी थी, उल्टा जिस पार्टी और नेताओं ने उन्हें राज्यसभा जैसी प्रतिष्ठित मेंबरशिप के लिए नियुक्त किया, उनके खिलाफ अपनी राजनीति करनी शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि अगर उनमें हिम्मत और नैतिकता है, तो उन्हें तुरंत राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे देना चाहिए और पंजाब आकर किसी भी जगह से अपनी काबिलियत साबित करें।
बाली ने साफ किया कि आम आदमी पार्टी की सरकार पंजाब में श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में लोगों की सेवा के लिए पूरी तरह से डटी हुई है और आम आदमी पार्टी के नेशनल कन्वीनर श्री अरविंद केजरीवाल की लीडरशिप में पूरी तरह से एकजुट है।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के दबाव में आकर पंजाब के लोगों के साथ गद्दारी करने वालों को पंजाब के लोग कभी मुंह लगाएंगे। बाली ने भारतीय जनता पार्टी को लोकतंत्र विरोधी गंदी चालें बंद करने की मांग की है।
Punjab
पंजाब में ड्रग्स माफिया का खात्मा, भगवंत मान के एक्शन से 98000 क्रिमिनल अरेस्ट, हेरोइन जब्ती में 148% का भारी उछाल
पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के प्रभावी, तेज और ठोस परिणाम सामने आ रहे हैं. ताजा आंकड़े दर्शाते हैं कि नशों के खिलाफ कार्रवाई में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, नशा तस्करी नेटवर्क को बड़े स्तर पर कमजोर किया गया है और दोषियों के खिलाफ सजा दर में भी महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किया गया है.
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 से 2026 (अब तक) के दौरान 73,541 एनडीपीएस मामले दर्ज किए गए हैं, जो 2017–2021 के 52,255 मामलों की तुलना में 40 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्शाते हैं. गिरफ्तारियों की संख्या भी 68,064 से बढ़कर 98,596 हो गई है, जो राज्यभर में नशा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ लगातार और व्यापक कार्रवाई को दर्शाती है.
जब्तियों के आंकड़े इस अभियान की सफलता को और स्पष्ट करते हैं. हेरोइन की बरामदगी में 148% का बड़ा उछाल दर्ज किया गया है – 2022 से अब तक 5,979 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई, जबकि 2017–21 के दौरान यह मात्रा 2,412 किलोग्राम थी. अफीम की जब्ती में भी 43% से अधिक वृद्धि होकर यह 3,583 किलोग्राम तक पहुंच गई है, जो जमीनी स्तर पर तेज कार्रवाई को दर्शाती है.
सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई में विशेष रूप से उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है. ‘आइस’ (क्रिस्टल मेथामफेटामाइन) की जब्ती 17 किलोग्राम से बढ़कर 93 किलोग्राम हो गई है, जो 447% की वृद्धि है. कोकीन की जब्ती 6,064 किलोग्राम रही, जो पहले के 6,852 किलोग्राम के लगभग बराबर है.
इस अभियान की पहुंच अब दवाइयों के दुरुपयोग तक भी बढ़ चुकी है. 2022–26 के दौरान 8.7 करोड़ गोलियां और कैप्सूल जब्त किए गए हैं, जो खासकर युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को रोकने के लिए सप्लाई चेन पर बड़े प्रहार का संकेत है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस कार्रवाई के सकारात्मक परिणाम न्याय प्रणाली में भी दिखाई दे रहे हैं. दोषियों के लिए सजा दर बढ़कर 89% तक पहुंच गई है, जो मजबूत जांच, साक्ष्य संग्रह और प्रभावी अभियोजन को दर्शाती है.
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा, “यह केवल कार्रवाई में वृद्धि नहीं, बल्कि नशे के खतरे से निपटने के तरीके में एक मूलभूत बदलाव है. मामलों और जब्तियों में वृद्धि इंटेलिजेंस आधारित कार्रवाई को दर्शाती है, जबकि बढ़ती सजा दर यह दिखाती है कि मामलों को उनके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जा रहा है. सप्लायर से लेकर डिस्ट्रीब्यूटर तक पूरी श्रृंखला पर लगातार दबाव बनाया गया है.”
उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई की व्यापकता और निरंतरता मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की स्पष्ट रणनीतिक सोच का परिणाम है, जिसके तहत ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान राज्यभर में सक्रिय और निर्णायक कार्रवाई का प्रमुख हिस्सा बन चुका है. हालांकि, जब्तियों में वृद्धि जमीनी स्तर पर तेज कार्रवाई को दर्शाती है, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि मुख्य उद्देश्य नशा नेटवर्क को तोड़ना और नशों की उपलब्धता को कम करना है, ताकि इस अभियान का स्थायी और दीर्घकालिक प्रभाव सुनिश्चित किया जा सके.
Politics
पंजाब सरकार ने हरभजन सिंह से वापस ली Z+ सिक्योरिटी, तो केंद्र ने तुंरत दे दी सुरक्षा
पंजाब की राजनीति में उठापटक के बीच मान सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए पूर्व क्रिकेटर और आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य हरभजन सिंह की जेड प्लस सुरक्षा वापस ले ली है।
रविवार सुबह जालंधर स्थित उनके आवास से सुरक्षाकर्मियों को हटा लिया गया। इस कदम ने सियासी हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है, खासकर ऐसे समय में जब पार्टी के भीतर टूट और बगावत की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।
केंद्र सरकार ने दी सुरक्षा
सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा वापस लेने का निर्णय हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के मद्देनजर लिया गया है। इससे पहले आप छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की सुरक्षा में भी बदलाव किया गया था। बाद में उन्हें केंद्र की ओर से जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिल गई थी। अब हरभजन सिंह को भी केंद्र सरकार ने तुरंत सुरक्षा दे दी है।
दरअसल, राघव चड्ढा ने दावा किया था कि आप के सात राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़ने की तैयारी में हैं, जिनमें हरभजन सिंह का नाम भी शामिल बताया गया। हालांकि, हरभजन सिंह ने इस पूरे मामले पर अभी तक सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। वहीं, आप नेतृत्व ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि केवल तीन सांसदों ने ही पार्टी छोड़ी है।
इधर, पार्टी छोड़ने की खबरों के बीच आप कार्यकर्ताओं में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। जालंधर, लुधियाना और फगवाड़ा में कुछ सांसदों के आवास और संस्थानों के बाहर विरोध प्रदर्शन हुए। दीवारों पर आपत्तिजनक नारे लिखे गए, जिससे माहौल और गरमा गया। पुलिस मौके पर मौजूद रही, लेकिन प्रदर्शन को लेकर सख्ती कम नजर आई।
राष्ट्रपति से मिलने के लिए सीएम मान ने मांगा समय
राजनीतिक तनाव के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी सक्रियता बढ़ा दी है। उन्होंने राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा है। माना जा रहा है कि वे पार्टी बदलने वाले सांसदों के खिलाफ संवैधानिक कार्रवाई की मांग उठा सकते हैं। दूसरी ओर, आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह भी उपराष्ट्रपति से मुलाकात कर इन सांसदों की सदस्यता रद करने की मांग करेंगे।
पूरे घटनाक्रम ने पंजाब की राजनीति को चुनावी मोड में ला दिया है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह की उठापटक को बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह संकट गहराता है तो इसका असर पार्टी के संगठन और चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है।
फिलहाल, हरभजन सिंह की चुप्पी और सुरक्षा वापसी के फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि वे इस पूरे विवाद पर क्या रुख अपनाते हैं और पंजाब की सियासत किस दिशा में आगे बढ़ती है।
Punjab
चंडीगढ़-पंचकूला और मोहाली में आसमान से बरस रहा आग! 44 डिग्री के पार पहुंचा तापमान, इस दिन से मिलेगी राहत
ट्राईसिटी क्षेत्र चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली समेत जीरकपुर, डेराबस्सी व लालड़ू में इन दिनों भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में ही तापमान में असामान्य बढ़ोतरी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
मौसम विभाग के अनुसार चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 41.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 5 डिग्री अधिक है। वहीं जीरकपुर में तापमान करीब 40.5 डिग्री, डेराबस्सी में 40.2 डिग्री और लालड़ू में लगभग 40.0 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया।
राज्य के बठिंडा और फरीदकोट में पारा 44.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे पूरे पंजाब में लू जैसे हालात बन गए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ ने क्षेत्र में हीट वेव को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही “वार्म नाइट” यानी रात के समय भी गर्मी बने रहने की चेतावनी दी गई है।
कई जिलों में 40 डिग्री पार, जनजीवन प्रभावित
पंजाब के अमृतसर (40.3°C), लुधियाना (42.4°C), पटियाला (42.4°C), बठिंडा (42.5°C) और फरीदकोट (44.3°C) में तापमान 40 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया है। इसके अलावा फाजिल्का, फिरोजपुर, मोगा, बरनाला, मुक्तसर और पठानकोट सहित कई जिलों में तापमान 35 से 40 डिग्री के बीच बना हुआ है। ट्राईसिटी के आसपास के शहरों—जीरकपुर, डेराबस्सी और लालड़ू—में भी गर्मी का असर साफ देखने को मिल रहा है। दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा रहता है और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।
छत्तबीड़ चिड़ियाघर में भी गर्मी के चलते पर्यटकों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। वहीं दिहाड़ी मजदूरों और बाहर काम करने वाले लोगों के लिए हालात और भी कठिन हो गए हैं, जिन्हें तेज धूप में काम करना पड़ रहा है। रात का तापमान 22 से 26 डिग्री के बीच रहने के कारण लोगों को रात में भी राहत नहीं मिल रही। कूलर और एसी का इस्तेमाल बढ़ने से बिजली की खपत में भी इजाफा हुआ है।
27 अप्रैल से बदल सकता है मौसम, राहत की उम्मीद
मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार 27 से 30 अप्रैल के बीच पंजाब और ट्राईसिटी के कई हिस्सों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस बदलाव से तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि मई महीने में गर्मी का असर और बढ़ सकता है।
अगले तीन दिन का पूर्वानुमान
27 अप्रैल: फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा और मानसा में बारिश व तेज हवाएं
27 अप्रैल: पठानकोट, गुरदासपुर और होशियारपुर में बारिश के आसार
28 अप्रैल: अमृतसर, जालंधर, पटियाला, मोहाली, जीरकपुर व डेराबस्सी में गरज-चमक के साथ बारिश
45–55°C वाली चेतावनी भ्रामक, अफवाहों से बचें
सोशल मीडिया पर 45 से 55 डिग्री तापमान को लेकर वायरल हो रही चेतावनी को मौसम विशेषज्ञों ने भ्रामक बताया है। उनका कहना है कि यह कोई आधिकारिक सूचना नहीं है और लोगों को केवल मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए।
लू से बचाव के लिए सावधानी जरूरी
भीषण गर्मी के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लें तथा हल्के और ढीले कपड़े पहनें। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें। लू के लक्षण जैसे चक्कर आना, उल्टी या कमजोरी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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