Connect with us

Blog

प्राण प्रतिष्ठा के दिन अयोध्या धाम जंक्शन पर नहीं रुकेंगी ट्रेनें और रोडवेज बसें होंगी बंद, जानिए डायवर्टेड रूट

Published

on

राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आने वाले वीवीआईपी की सुरक्षा के दृष्टिगत 22 जनवरी को अयोध्या धाम जंक्शन पर कोई ट्रेन नहीं रोकी जाएगी। प्रदेश पुलिस के अनुरोध पर रेलवे ने इसकी सहमति प्रदान कर दी है। वहीं रोडवेज की बसों को भी 21 और 22 जनवरी को अयोध्या के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। अयोध्या होकर अपने गंतव्य को जाने वाली बसों को दूसरे रूट से भेजा जाएगा।

इसके अलावा लखनऊ से बड़ी संख्या में अति विशिष्ट अतिथियों के सड़क मार्ग से अयोध्या जाने की वजह से लखनऊ-अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग को सुबह से लेकर शाम तक ग्रीन कॉरीडोर बनाकर निजी वाहनों के लिए प्रतिबंधित करने की तैयारी है। केवल आकस्मिक परिस्थिति में ही वाहन चालकों को अयोध्या की ओर जाने की अनुमति दी जाएगी। प्रदेश पुलिस ने समारोह को सकुशल संपन्न कराने के लिए रूट डायवर्जन का पूरा खाका तैयार कर लिया है, जिसमें अयोध्या के आसपास के जिलों से आने वाले यातायात को दूसरे रास्तों से भेजने की व्यवस्था की गयी है। इसके अलावा मकर संक्रांति से भीड़ बढ़ने पर भारी वाहनों के आवागमन पर पहले से प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

18 जनवरी से भारी वाहनों का डायवर्जन (आकस्मिक सेवाओं को छोड़कर)

– गोरखपुर से वाहनों का डायवर्जन- गोरखपुर, कौड़ीराम, बडहलगंज, दोहरीघाट, जीयनपुर, आजमगढ़ से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे डायवर्ट किया जाएगा
– गोरखपुर से संतकबीरनगर, बासी, मेहदावल, डुमरियागंज, उतरौला, बलरामपुर, गोंडा, जरवल रोड, चौकाघाट से बदोसराय से सफदरगंज, से लखनऊ
– बस्ती से आने वाले वाहन कलवारी, टांडा, अकबरपुर, दोस्तपुर से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की ओर भेजे जाएंगे
– आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहन आईआईएम रोड से आलमबाग, नहरिया, शहीदपथ होते हुए अहिमामऊ से होते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे भेजे जाएंगे
– इसी तरह सीतापुर, शाहजहांपुर से आने वाले वाहन आईआईएम रोड से आलमबाग, शहीदपथ होते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से निकाले जाएंगे
– बलरामपुर, बहराइच, गोंडा, श्रावस्ती से अयोध्या होकर लखनऊ जाने वाले वाहन गोंडा, करनैलगंज से जरवल रोड से चौकाघाट, सफदरगंज होते हुए लखनऊ जाएंगे
– सुल्तानपुर से आने वाले वाहन कूढ़ेभार से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर डायवर्ट किए जाएंगे
– रायबरेली से आने वाले वाहन हलियापुर से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की ओर डायवर्ट किए जाएंगे
– लखनऊ, बाराबंकी की ओर आने वाले वाहन चौकाघाट, जरवल, करनैलगंज, रामसनेहीघाट से हैदरगढ़ होकर निकाला जाएगा
– आजमगढ़, अंबेडकरनगर से आने वाले वाहनों को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से डायवर्ट किया जाएगा
– कानपुर से आने वाले वाहनों को उन्नाव, मौरावां, मोहनलालगंज, गोसाईगंज, चांदसराय से पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के जरिए गोरखपुर भेजा जाएगा
– इसी तरह कानपुर से आने वाले वाहनों को रायबरेली के रास्ते से होकर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की तरफ भेजा जाएगा

21 जनवरी से 22 जनवरी तक सभी वाहनों का डायवर्जन

– समारोह में आमंत्रित अतिथियों के निमंत्रण पत्र व पासधारकों, अयोध्या (यूपी-42) के वाहनों एवं आकस्मिक सेवाओं को छोड़कर सभी प्रकार के वाहनों को निम्न रूट से डायवर्ट किया जाएगा
– सुल्तानपुर से आने वाले वाहनों को कूढेभार से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे भेजा जाएगा
– लखनऊ, बाराबंकी की ओर आने वाले वाहनों को रामसनेहीघाट से हैदरगढ़, दरियाबाद, टिकैतनगर, रामनगर होते हुए भेजा जाएगा
– बस्ती, कलवारी से आने वाले वाहनों को टांडा से अकबरपुर, दोस्तपुर से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की ओर भेजा जाएगा
– अंबेडकरनगर की ओर से आने वाले वाहनों को थाना गोसाईगंज से भीटी, हैदरगंज, बेरू बाजार, चौरे बाजार से गंतव्य की ओर भेजा जाएगा
– रायबरेली से आने वाले वाहनों को हलियापुर से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भेजा जाएगा
– बलरामपुर, बहराइच, गोंडा, श्रावस्ती से अयोध्या होकर लखनऊ जाने वाले वाहन गोंडा, करनैलगंज से जरवल रोड से चौकाघाट, सफदरगंज होते भेजे जाएंगे
 

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Blog

अमेरिका-ईरान समझौते की उम्मीदों से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, पेट्रोल-डीजल भी हो सकता है सस्ता!

Published

on

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते तथा होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए तेल आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीदों ने वैश्विक तेल बाजार को राहत दी है। इसके साथ ही भारत में भी लोगों की नजरें पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर टिकी हुई हैं।

हाल ही में पश्चिम एशिया में तनाव और युद्ध जैसे हालात के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई थी। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिला और इसका असर भारत समेत कई देशों के ईंधन बाजार पर भी पड़ा।

अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ने तथा होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए तेल परिवहन सामान्य होने की संभावनाओं के चलते कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। वैश्विक बाजार में WTI कच्चा तेल घटकर 80.47 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जबकि ब्रेंट क्रूड करीब 4 प्रतिशत गिरकर 83.28 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। वहीं इंडियन बास्केट में भी कच्चे तेल की कीमत लगभग 93.19 डॉलर प्रति बैरल दर्ज की गई है।

हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें केवल कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर नहीं करतीं। इनमें केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स, रिफाइनिंग लागत, परिवहन खर्च और तेल कंपनियों का मार्जिन भी शामिल होता है।

यदि कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक निचले स्तर पर बनी रहती हैं और तेल कंपनियों को लागत में स्थायी राहत मिलती है, तो देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी देखने को मिल सकती है।

ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों के अनुसार यदि ब्रेंट क्रूड की कीमत मौजूदा स्तर से नीचे बनी रहती है, तो आने वाले हफ्तों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 1 से 3 रुपये प्रति लीटर तक की कटौती संभव है। हालांकि इस संबंध में अंतिम फैसला तेल विपणन कंपनियों और सरकार की कर नीति पर निर्भर करेगा।

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी का सीधा लाभ आम लोगों को मिल सकता है। इससे परिवहन लागत कम होगी, महंगाई पर दबाव घटेगा और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में भी स्थिरता आ सकती है। इसके अलावा हवाई किराए, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक उत्पादन की लागत में भी कमी आ सकती है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा मिल सकता है।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई यह नरमी भारतीय उपभोक्ताओं को कब और कितनी राहत दिला पाती है।

Continue Reading

Blog

अकाली दल को बड़ा झटका! मनप्रीत इयाली ‘वारिस पंजाब दे’ में हुए शामिल

Published

on

पंजाब की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। दाखा से शिरोमणि अकाली दल के विधायक मनप्रीत सिंह इयाली मंगलवार को औपचारिक रूप से ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन में शामिल हो गए। उनके इस फैसले को पंजाब की पंथक राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

संगठन में शामिल होने के बाद मनप्रीत सिंह इयाली ने कहा कि उन्होंने बिना किसी शर्त और पद की अपेक्षा के इस मंच का साथ चुना है। उनका उद्देश्य पंजाब की पंथक और क्षेत्रीय ताकतों को एकजुट करना तथा राज्य से जुड़े अहम मुद्दों को मजबूती से उठाना है।

इयाली ने स्पष्ट किया कि वह फिलहाल विधायक पद से इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि कानूनी और तकनीकी रूप से वह अभी भी शिरोमणि अकाली दल के विधायक हैं। उन्होंने बताया कि ‘वारिस पंजाब दे’ फिलहाल एक सामाजिक और संगठनात्मक मंच है, न कि चुनाव आयोग में पंजीकृत राजनीतिक दल, इसलिए विधायक पद छोड़ने का कोई सवाल नहीं उठता।

उन्होंने कहा कि पंजाब के कई महत्वपूर्ण मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं, जिनमें राज्य के पानी का मुद्दा, पंजाबी भाषी क्षेत्रों का मामला, चंडीगढ़ पर पंजाब का अधिकार और अन्य क्षेत्रीय हित शामिल हैं। इन मुद्दों को नई ऊर्जा और मजबूती के साथ उठाया जाएगा।

मनप्रीत इयाली ने कहा कि पंजाब, पंजाबी पहचान और पंथक विचारधारा को मजबूत करने के लिए समान सोच रखने वाली सभी ताकतों को एक मंच पर आने की जरूरत है। उनके इस कदम के बाद पंजाब की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं और आने वाले समय में इसके राजनीतिक असर देखने को मिल सकते हैं।

Continue Reading

Blog

पंजाब की बेटियों ने बढ़ाया देशभर में मान, अमन अरोड़ा ने किया सम्मानित

Published

on

रक्षा सेवाओं में अपने परिवार और पंजाब का नाम रोशन करने वाली होनहार बेटियों महिकप्रीत कौर और कोमलप्रीत कौर को आज चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान कैबिनेट मंत्री एवं आम आदमी पार्टी पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने सम्मानित किया।

रूपनगर जिले के पपराली गांव के एक किसान परिवार से संबंध रखने वाली महिकप्रीत कौर ने एयर फोर्स अकादमी की मेरिट सूची में पूरे देश में पहला स्थान हासिल कर पंजाब का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि को राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

वहीं, अमृतसर के शाहूरा गांव की रहने वाली और सैन्य परिवार से संबंध रखने वाली कोमलप्रीत कौर ने नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA) प्रवेश परीक्षा में देशभर में 18वां रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा और मेहनत का परिचय दिया है।

इस अवसर पर अमन अरोड़ा ने दोनों बेटियों को बधाई देते हुए कहा कि महिकप्रीत और कोमलप्रीत पंजाब की युवा पीढ़ी, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि इनकी सफलता यह साबित करती है कि पंजाब की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और अवसर मिलने पर राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं।

उन्होंने बताया कि माई भागो आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट और महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट से अब तक 377 से अधिक युवा देश की सशस्त्र सेनाओं में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब देश का एकमात्र राज्य है, जहां लड़कियों के लिए रक्षा सेवाओं की तैयारी हेतु विशेष संस्थान संचालित किया जा रहा है।

अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार का उद्देश्य युवाओं, खासकर बेटियों को रक्षा सेवाओं में आगे बढ़ने के लिए हर संभव अवसर और सहयोग उपलब्ध कराना है, ताकि वे देश सेवा के अपने सपनों को साकार कर सकें।

Continue Reading

Trending