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पंजाब में मानसून सक्रिय, भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी

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पंजाब में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। राज्य के कई जिलों में हो रही बारिश ने जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत दी है, वहीं मौसम विभाग ने आज भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पठानकोट और पंजाब के कई अन्य हिस्सों में बारिश के कारण अधिकतम तापमान में 0.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। अब राज्य का तापमान सामान्य से 2.6 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया है।

पठानकोट में रातभर भारी बारिश हुई, जबकि चंडीगढ़ में सुबह 6 बजे से ही तेज बारिश हो रही है।

चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र ने आज 22 जुलाई को पंजाब में भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य के सभी जिलों में तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस से कम दर्ज किया गया, जिसमें बठिंडा सबसे गर्म रहा।

पंजाब के कुल 20 जिलों में आज बारिश होने की संभावना है। इनमें से 11 जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इनमें पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर (शहीद भगत सिंह नगर), रूपनगर और मोहाली शामिल हैं, जहां अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश, गरज और बिजली गिरने की संभावना है। अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला के लिए भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

इस बीच, आधी रात से हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भी भारी बारिश जारी है। कुल्लू जिले में मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके चलते कई सड़कें बंद हो गई हैं। स्थिति को देखते हुए कुल्लू के डिप्टी कमिश्नर के निर्देश पर जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आज 22 जुलाई को आनी, बंजार और निरमंड सब-डिवीजनों के सभी शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी का ऐलान किया है।

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जंतर-मंतर पर देश का लाखों युवा जमा है, सरकार उनकी बात सुनने की बजाय उन पर लाठी चार्ज करवा रही है, ये ठीक नहीं है- केजरीवाल

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देश की राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में सुधार व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे युवाओं पर लाठी चार्ज करने पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर देश का लाखों युवा जमा है। सरकार उनकी बात सुनने की बजाय उन पर लाठी चार्ज करवा रही है। ये ठीक नहीं है। मैं सरकार से अपील करता हूं कि ये हमारे ही देश के बच्चे हैं जो न्याय मांगने सड़कों पर उतरे हैं। प्रधानमंत्री जी, अहंकार छोड़िए और इनकी बात सुनिए। इन युवाओं का गुस्सा संभालिए। ये युवा आपका अहंकार कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।

पंजाब दौरे पर गए जंतर मंतर पर युवाओं के आंदोलन को लेकर “आप” के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में कितने ज्यादा लोग इकट्ठे हो गए हैं। पूरा कनॉट प्लेस भर गया है, जनपथ भर गया है और जंतर-मंतर भी भर गया है। पूरे देश भर से हजारों-लाखों की संख्या में युवा आए हुए हैं और सरकार उन पर अपनी पूरी दमन शक्ति का इस्तेमाल कर रही है। पुलिस उन पर लाठीचार्ज कर रही है और उन्हें पीट रही है। वहां इंटरनेट बंद कर दिया गया है और युवाओं को संसद जाने से रोका जा रहा है। यह बिल्कुल गलत है, युवा आखिर जाएं तो जाएं कहां?

अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि पहले सरकार इनके पेपर लीक करा देती है, फिर जब पेपर दोबारा होता है तो उसके इवैल्यूएशन में पूरी गड़बड़ी हो जाती है। बच्चे शिकायत पर शिकायत करते हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं होती। आखिर बच्चे जाएं कहां, सरकार ने तो उनका भविष्य ही बर्बाद कर दिया है। अब जब वे न्याय मांगने के लिए सड़क पर उतरते हैं, तो उन पर लाठीचार्ज करवाया जाता है। यह बिल्कुल सही नहीं है और बच्चों में इसे लेकर बहुत ज्यादा गुस्सा है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं मोदी जी से कहना चाहता हूं कि आप बच्चों के गुस्से को संभालें, नहीं तो यह आपके लिए बहुत भारी पड़ेगा। बच्चों के साथ बैठकर बात कीजिए, ये हमारे ही देश के बच्चे हैं। सरकार इनके साथ बैठकर बात क्यों नहीं करती, आखिर इतना अहंकार क्यों है? 

वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि बहुत से बच्चे ऐसे हैं जो यह सोचते हैं कि किताब मेरी जिंदगी और मेरे परिवार का भविष्य बदल देगी और मैं किताब पढूंगा। बच्चे सुबह 3 बजे का अलार्म लगाकर पढ़ने बैठते हैं। उनकी 14-14 घंटे की सिटिंग होती है, तब जाकर कहीं वे नीट एग्जाम की तैयारी करते हैं। लेकिन परीक्षा से एक-दो दिन पहले पता चलता है कि पेपर तो लीक हो गया। बड़े-बड़े अमीर लोगों ने पेपर खरीद लिया है और अब केवल उन्हीं के बच्चे आगे आएंगे। यह बिल्कुल सही नहीं है। जंतर-मंतर पर हमारे छात्रों का जो प्रदर्शन चल रहा है, मैं उसका पूरा समर्थन करता हूं। हम सब छात्रों के साथ हैं।

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CM भगवंत सिंह मान ने समाना में खेल स्टेडियम की आधारशिला रखी; नशे के खिलाफ खेलों को सबसे प्रभावी हथियार बताया

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि राज्य सरकार खेल संस्कृति को बढ़ावा देने तथा युवाओं को नशे की बुराई से दूर रखने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में 3,100 स्टेडियमों का निर्माण कर रही है। समाना में खेल स्टेडियम की आधारशिला रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने, नशे के खात्मे तथा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने हेतु खेल बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व निवेश कर रही है।

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह स्टेडियम 10.35 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से नौ एकड़ पंचायत भूमि पर बनाया जाएगा। इसमें आठ लेन वाला अंतरराष्ट्रीय स्तर का 400 मीटर सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक होगा। यह ट्रैक 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर दौड़ सहित विभिन्न ट्रैक प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए उपयुक्त होगा।”

उन्होंने कहा कि ट्रैक के अंदरूनी क्षेत्र को शॉट पुट, हैमर थ्रो, लॉन्ग जंप, हाई जंप, डिस्कस थ्रो तथा अन्य फील्ड प्रतियोगिताओं के लिए विश्वस्तरीय सुविधाओं से विकसित किया जाएगा। इससे खिलाड़ियों को उच्च स्तर का प्रशिक्षण प्राप्त करने और प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेने का अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्टेडियम के निर्माण से समाना विधानसभा क्षेत्र के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के युवाओं और खिलाड़ियों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। उन्हें राष्ट्रीय स्तर की प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे वे एथलेटिक्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकेंगे तथा राष्ट्रीय स्तर पर अपने क्षेत्र और पंजाब का नाम रोशन करेंगे।

नशे के खिलाफ लड़ाई में खेलों को सबसे प्रभावी हथियार बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “खेल संस्कृति को बढ़ावा देना राज्य सरकार के नशा विरोधी अभियान का सबसे मजबूत माध्यम है। खेलों के प्रचार-प्रसार से युवाओं की असीम ऊर्जा को सकारात्मक दिशा मिल रही है। जो युवा खेलों में सक्रिय हैं, उनके पास नशे की ओर देखने का भी समय नहीं होता, क्योंकि वे अपने-अपने खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पहचान बनाने में जुटे रहते हैं। यह पहल पंजाब से नशे की बुराई को समाप्त करने तथा राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”

राज्य के खेल बुनियादी ढांचे की पहल पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “तंदुरुस्त शरीर और स्वस्थ मन के उद्देश्य से पंजाब सरकार द्वारा पूरे राज्य में 1,250 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं से लैस 3,100 ग्रामीण खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं। ये खेल मैदान ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान में क्रांतिकारी भूमिका निभाएंगे। ये युवाओं को नशों से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के उनके सपनों को साकार करने में मदद करेंगे।”

खिलाड़ियों के लिए तैयार की जा रही सुविधाओं की जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ये मैदान उभरते खिलाड़ियों के लिए उम्मीद और अवसर की किरण बनेंगे तथा राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होंगे। इन स्टेडियमों के चारों ओर बाड़ लगाई जाएगी, जिसके साथ-साथ पौधे लगाए जाएंगे और फ्लडलाइटों से युक्त छह फुट चौड़ा वॉकिंग ट्रैक बनाया जाएगा। यहां वॉलीबॉल, फुटबॉल और हॉकी के मैदान होंगे, साथ ही स्थानीय स्तर पर लोकप्रिय खेलों के आधार पर अतिरिक्त कोर्ट भी बनाए जाएंगे।”

उन्होंने आगे कहा, “इसी प्रकार 400 मीटर का छह लेन वाला रनिंग ट्रैक, एलईडी लाइटों से युक्त उच्च क्षमता वाली प्रकाश व्यवस्था, स्प्रिंकलर सिस्टम सहित सबमर्सिबल पंप, कंक्रीट की बेंचें, बच्चों के खेलने के लिए विशेष क्षेत्र, व्हीलचेयर रैंप तथा खेल सामग्री रखने के लिए स्टोरेज की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। युवाओं को खेल किट और खेल सामग्री वितरित करने के साथ-साथ उच्च प्रशिक्षित पेशेवर कोचों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य के खेल बजट में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है और वर्ष 2026-27 के लिए 1,791 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “वर्ष 2023 में नई खेल नीति लागू की गई थी और पहली बार खिलाड़ियों को खेलों की तैयारी के लिए वित्तीय सहायता दी जा रही है, जिसमें ओलंपिक के लिए 15 लाख रुपये तथा एशियाई खेलों के लिए 8 लाख रुपये शामिल हैं। पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले हॉकी खिलाड़ियों को एक-एक करोड़ रुपये तथा एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेताओं को भी एक-एक करोड़ रुपये की राशि देकर सम्मानित किया गया। इसी प्रकार नौ ओलंपिक पदक विजेताओं को पीसीएस और डीएसपी की नौकरियां दी गई हैं। ‘खेड़ां वतन पंजाब दीआं’ राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने में सफल रही हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने के उद्देश्य से ये खेल पिछले तीन वर्षों से आयोजित किए जा रहे हैं। वर्ष 2024-25 में 5 लाख खिलाड़ियों ने इसमें भाग लिया और तीन वर्षों में 97.3 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। किला रायपुर की ग्रामीण खेलों की व्यापक रूप से सराहना हुई है और इन्हें ‘मिनी ओलंपिक’ के रूप में विश्व स्तर पर पहचान मिली है। 11 जुलाई 2025 को पंजाब विधानसभा ने सर्वसम्मति से ‘पशुओं पर अत्याचार की रोकथाम (पंजाब संशोधन) अधिनियम, 2025’ पारित किया था। इसके माध्यम से बैलगाड़ी दौड़ जैसी पारंपरिक ग्रामीण खेलों को पुनर्जीवित करना संभव हुआ और वर्ष 2014 के बाद इस वर्ष बैलगाड़ी दौड़ एक बार फिर मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी।”

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, “यह अत्यंत गर्व और संतोष की बात है कि पहली बार पंजाब को एशियन कप हॉकी के रूप में एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी करने का अवसर मिला है और यह खेलों के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है। हॉकी में पंजाबियों की बड़ी भागीदारी होने के बावजूद पंजाब ने अब तक कभी किसी बड़े हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी नहीं की थी।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब पहली बार अक्टूबर में एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करेगा। यह एशिया का सबसे प्रतिष्ठित हॉकी टूर्नामेंट है, जिसके अंतर्गत मैच बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम, मोहाली तथा सुरजीत हॉकी स्टेडियम, जालंधर में खेले जाएंगे।”

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