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15 गांवों के हजारों परिवारों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी और सतलुज की बाढ़ के खतरे से स्थायी राहत मिलेगी : CM भगवंत सिंह मान

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सतलुज नदी के आस-पास के इलाकों को बाढ़ की मार से बचाने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आवाजाही को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज शाहकोट हलके में 61.82 करोड़ रुपए की लागत से शाहकोट-मोगा-रामपुर रोड से गिद्दरपिंडी धुस्सी बांध तक लिंक रोड का नींव पत्थर रखा। 37.93 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य बाढ़ सुरक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, संपर्क में सुधार करना और शाहकोट-लोहियां क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति देना है।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सतलुज नदी के किनारे बनने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क की कुल लंबाई 37.93 किलोमीटर होगी। हमारी सरकार ने इस बड़े बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट के लिए 61.82 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। शाहकोट और लोहियां क्षेत्रों में रहने वाले लोग दशकों से बाढ़ के निरंतर खतरे में जी रहे थे। पिछली सरकारों ने चुनावों के दौरान बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन इस ग्रामीण क्षेत्र की बुनियादी ढांचे की जरूरतों को हमेशा नजरअंदाज किया।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “हम झूठे वादे करने में नहीं, बल्कि नतीजे देने में विश्वास रखते हैं। मैंने खुद इस क्षेत्र के लोगों द्वारा झेली गई मुश्किलों को देखा है, जब बारिश के मौसम में गांवों का संपर्क टूट जाता था। धुस्सी बांध पर इस सड़क के निर्माण से सतलुज नदी के किनारे बने बांध को और मजबूती मिलेगी और यह स्थानीय लोगों के लिए बाढ़ के खतरों के विरुद्ध मजबूत ढाल का काम करेगी।”

उन्होंने आगे कहा, “यह सड़क इलाके के लगभग 15 गांवों में रहने वाले करीब 15-16 हजार निवासियों को रोजाना आने-जाने में बड़ी सुविधा देगी। यह शाहकोट-मोगा रोड को लोहियां-मक्खू रोड से जोड़ेगी और एक प्रभावी बाईपास के रूप में काम करेगी, जिससे मौजूदा रूट पर ट्रैफिक की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। मानसून के मौसम में यह सड़क किसानों, स्कूली बसों और आम जनता के लिए सुचारू और निर्विघ्न आवाजाही सुनिश्चित करेगी।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार पूरे पंजाब में मजबूत ग्रामीण बुनियादी ढांचा कायम करने और उच्च स्तर की सड़क व आवाजाही नेटवर्क सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ है। यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक सड़क का निर्माण नहीं, बल्कि शाहकोट-लोहियां क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा, संपर्क, आर्थिक विकास और बेहतर जीवन स्तर के लिए निवेश है।”

अपनी सरकार के अन्य लोक-हितैषी और विकास-उन्मुख कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मेरे लिए यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि ‘आप’ सरकार ने युवाओं को 67,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं। पंजाब में सिफारिशों और पैसे के लेन-देन का दौर खत्म हो चुका है और अब युवाओं को सिर्फ मेरिट और योग्यता के आधार पर नौकरियां मिल रही हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “योग्य उम्मीदवारों को सरकारी नौकरियां पूरी तरह मेरिट के आधार पर दी जा रही हैं, जिस कारण एक भी नियुक्ति को अदालत में चुनौती नहीं दी गई है।”

स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य ने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से स्थापित किए गए लगभग 990 ‘आम आदमी क्लीनिकों’ के ऐतिहासिक कदम के जरिए प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था को काफी मजबूत किया है। ये क्लीनिक मानकीकरण के सिद्धांतों पर बने हैं, जो आईटी आधारित रीयल-टाइम रिपोर्टिंग के सहयोग से 107 जरूरी दवाइयां और 47 टेस्ट बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध कराते हैं। लोगों ने इसे भरपूर समर्थन दिया है क्योंकि अब तक 5.54 करोड़ से अधिक ओपीडी दर्ज की जा चुकी हैं। रोजाना लगभग 84,000 मरीजों को सेवाएं दी जा रही हैं और 90 प्रतिशत से अधिक मरीजों को सारी जरूरी दवाइयां क्लीनिक से ही मुफ्त मिल रही हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “इस जन स्वास्थ्य पहल का प्रभाव बेमिसाल रहा है और 97 प्रतिशत मरीजों ने मिली सेवाओं पर संतुष्टि व्यक्त की है, जो इस योजना में लोगों का विश्वास दर्शाती है। 400 और आम आदमी क्लिनिक जल्द शुरू किए जा रहे हैं और पंजाब यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि कोई भी नागरिक मानक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा से वंचित न रहे।”

सिंचाई सुधारों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब ने बेहतर सिंचाई व्यवस्था के जरिए इस साल 96 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग किया है, जिससे किसानों को बहुत फायदा हुआ है, जबकि पहले यह पानी बर्बाद हो जाता था। हमारी सरकार ने पंजाब के कोने-कोने में किसानों की सुविधा के लिए पूरे राज्य में 14,000 किलोमीटर पाइपें बिछाई हैं और खालें बनाई हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “इन पाइपलाइनों और खालों में 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है ताकि किसानों की सिंचाई जरूरतों को पूरा करके उन्हें लाभ पहुंचाया जा सके। राज्य सरकार द्वारा छोड़ा गया यह पानी दो भाखड़ा नहरों द्वारा सप्लाई किए जाने वाले पानी के बराबर है और इस कदम से पूरे पंजाब के किसानों को बड़ा फायदा होगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “नहरों और नदियों में रिचार्ज पॉइंट रखे गए हैं ताकि भूजल स्तर में सुधार हो सके और इन प्रयासों से कई इलाकों में पानी का स्तर दो से चार मीटर तक बढ़ा है। टैक्सदाताओं के पैसे को लोगों की भलाई के लिए समझदारी से खर्च किया जा रहा है और यह विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के रूप में उनके पास वापस आ रहा है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “पंजाब सरकार अब लोगों के लिए काम कर रही है और 19 टोल प्लाजा बंद कर दिए गए हैं, जिससे लोगों के रोजाना 70 लाख रुपए बच रहे हैं। राज्य सरकार पंजाब के लोगों की भलाई के लिए सरकारी खजाने की एक-एक पाई की सुचारू उपयोग कर रही है।”

उन्होंने आगे कहा, “पंजाब में 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और यहां तक कि किसानों को भी आज दिन में बिजली मिल रही है, जो पहले कभी नहीं हुआ। ऐसे समय में जब केंद्र सरकार देश की संपत्तियों को अपने चहेतों को कौड़ी के भाव दे रही है, पंजाब सरकार ने एक प्राइवेट थर्मल प्लांट खरीदकर और इसका नाम श्री गुरु अमरदास जी के नाम पर रखकर इतिहास रचा है।”

महिला सशक्तिकरण की पहलकदमियों के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार ने मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है। इसके तहत बाकी सभी श्रेणियों की 18 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को 1,000 रुपए प्रति माह, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपए प्रति माह वित्तीय सहायता के रूप में मिलेंगे।”

उन्होंने इशारा करते हुए कहा, “आम लोगों, खासकर गरीबों के लिए 1,000-1,500 रुपए बड़ी रकम होती है। यह राशि मावां और धीयां के लिए सम्मान का प्रतीक है और इस योजना के कारण महिलाओं के चेहरों पर आने वाली मुस्कान मुझे बहुत संतोष देती है।”

राज्य की सर्वव्यापी स्वास्थ्य सेवा योजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “लोगों को व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए पंजाब सरकार ने ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ शुरू की है, जो देश में अपनी तरह की पहली योजना है। यह पंजाब के हर परिवार को 10 लाख रुपए तक का मुफ्त (कैशलेस) इलाज प्रदान करती है।”

उन्होंने आगे कहा, “यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि पंजाब ऐसा व्यापक स्वास्थ्य बीमा सुविधा देने वाला पहला भारतीय राज्य है, जिसने मानक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के साथ-साथ जनता पर वित्तीय बोझ को काफी कम किया है। इस ऐतिहासिक कदम का उद्देश्य राज्य के सभी परिवारों को सर्वव्यापी स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना है और लोग अब तक 650 करोड़ रुपए से अधिक के मुफ्त इलाज का लाभ उठा चुके हैं।”

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं परमात्मा का शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने मुझे ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन अधिनियम, 2026’ पास करने का अवसर बख्शा। पिछले समय में जब भी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाएं हुईं तो करोड़ों लोगों की मानसिकता को गहरी ठेस पहुंची। परमात्मा ने मुझे कानूनी विशेषज्ञों से विस्तृत सलाह-मशवरे के बाद यह बिल लाने की ताकत बख्शी है। पंजाब सरकार ने इस बिल को बहुत सोच-समझकर तैयार किया है ताकि यह समाज-विरोधी तत्वों के लिए भविष्य में ऐसा कोई भी गुनाह करने से रोकने के लिए बड़ी चेतावनी का काम करे और कोई भी कभी ऐसा घिनौना अपराध करने की हिम्मत न कर सके।”

इस मौके पर राज्यसभा सदस्य संत बाबा बलवीर सिंह सीचेवाल और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।

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PSPCL में 2,437 युवाओं को मिलेगी नियुक्ति, पंजाबी भाषा परीक्षा पास करना होगा अनिवार्य: हरपाल चीमा

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पंजाब के वित्त मंत्री Harpal Singh Cheema ने बताया कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए पंजाब सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि पहले आईटीआई पास युवाओं के लिए 2,600 पद आरक्षित किए गए थे, जिनके लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षा भी आयोजित की गई थी।

चीमा ने जानकारी दी कि इस भर्ती प्रक्रिया के तहत 2,437 युवाओं का चयन किया गया था। इन सभी उम्मीदवारों ने Punjab State Power Corporation Limited (PSPCL) में छह महीने की अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। अब सरकार ने इन युवाओं को सीधे सहायक लाइनमैन (ALM) के पद पर नियुक्त करने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि Bhagwant Mann के नेतृत्व में पंजाब सरकार का उद्देश्य राज्य के अधिक से अधिक युवाओं को सरकारी विभागों में रोजगार उपलब्ध कराना है। इसी सोच के तहत इन युवाओं की नियुक्ति के लिए कानूनी राय भी ली गई है और सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं।

वित्त मंत्री ने कहा कि गर्मी के मौसम और आगामी मानसून सीजन के दौरान बिजली विभाग में मानव संसाधन की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए इन युवाओं को जल्द से जल्द ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा। इस संबंध में प्रस्ताव को भी मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है।

हरपाल चीमा ने स्पष्ट किया कि नियुक्ति से पहले सभी चयनित उम्मीदवारों को पंजाबी भाषा की एक बुनियादी योग्यता परीक्षा पास करनी होगी। पंजाबी परीक्षा में सफल होने के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से सहायक लाइनमैन (ALM) के रूप में नियुक्त कर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह फैसला पंजाब के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के साथ-साथ बिजली सेवाओं को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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NEET परीक्षा से पहले अरविंद केजरीवाल ने बढ़ाया छात्रों का हौसला, कहा- शांत दिमाग से दें परीक्षा

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NEET परीक्षा से ठीक पहले आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal ने सोशल मीडिया के माध्यम से छात्रों के लिए एक विशेष वीडियो संदेश जारी किया। अपने संदेश में उन्होंने परीक्षा देने जा रहे लाखों विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया और उन्हें तनावमुक्त होकर आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने की सलाह दी।

केजरीवाल ने कहा कि वह जानते हैं कि छात्रों ने पिछले कुछ समय में काफी चुनौतियों और मानसिक दबाव का सामना किया है। उन्होंने कहा कि एक ही महीने में दो बार परीक्षा देना आसान नहीं होता और इससे विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके परिवारों पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ा है।

उन्होंने छात्रों से अपील की कि अब वे पिछली सभी चिंताओं और परिस्थितियों को पीछे छोड़कर केवल अपनी परीक्षा पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने कहा, “अब कुछ ही घंटे बचे हैं। पूरी एकाग्रता और शांत मन से परीक्षा दें। अपनी तैयारी पर भरोसा रखें और बिना किसी तनाव के परीक्षा केंद्र जाएं।”

अरविंद केजरीवाल ने छात्रों की मेहनत पर विश्वास जताते हुए कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि सभी विद्यार्थी शानदार प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा, “मुझे यकीन है कि आप सभी अच्छा प्रदर्शन करेंगे, NEET में सफलता हासिल करेंगे और भविष्य में देश के योग्य डॉक्टर बनेंगे।”

अपने संदेश के अंत में उन्होंने सभी परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए ‘ऑल द बेस्ट’ कहा और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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पंजाब सरकार ने करोड़ों रुपये के बकाया की वसूली के लिए वैट और जीएसटी डिफॉल्टरों की संपत्तियों की नीलामी शुरू की: हरपाल सिंह चीमा

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पंजाब के वित्त, योजना, कर एवं आबकारी मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां घोषणा की कि राज्य सरकार ने लंबे समय से वैट और जीएसटी की चोरी करने वालों की संपत्तियों की सार्वजनिक नीलामी आधिकारिक रूप से शुरू कर कर डिफॉल्टरों के खिलाफ अपनी वसूली मुहिम को तेज कर दिया है। उन्होंने कहा, “राज्य के लंबे समय से बकाया राजस्व की वसूली के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आबकारी एवं कर विभाग ने संपत्तियों की तीन बड़ी नीलामियां सफलतापूर्वक संपन्न की हैं। इनके माध्यम से उन कारोबारियों और व्यक्तियों से बड़ी राशि की वसूली की गई है, जिन्होंने बार-बार अवसर दिए जाने और कानूनी नोटिस जारी होने के बावजूद जानबूझकर अपनी कर देनदारियों का भुगतान नहीं किया।”

इस प्रवर्तन अभियान की प्रारंभिक सफलताओं की जानकारी देते हुए मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि पहली बड़ी नीलामी मोहाली में डिफॉल्टर फर्म मैसर्स सुमित इंजीनियरिंग के विरुद्ध की गई, जहां 19 जून 2026 को संपत्ति 13.22 करोड़ रुपये में बेची गई। उन्होंने आगे बताया कि शाहकोट, जालंधर स्थित मैसर्स एम.आर. राइस मिल्स की संपत्ति की नीलामी भी सफल रही, जिससे कुल 1.11 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।

वित्त मंत्री ने कहा, “सफल बोलीदाताओं द्वारा आज 3.58 करोड़ रुपये की राशि सीधे सरकारी खजाने में जमा करा दी गई है, जबकि शेष राशि नियमों के अनुसार आगामी सप्ताह में कानूनी रूप से वसूल कर जमा कराई जाएगी।”

उन्होंने कहा कि मोहाली और जालंधर में हुई ये प्रारंभिक सफल नीलामियां बिना किसी भय या पक्षपात के कर कानूनों को लागू करने की राज्य सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि संपत्तियों की जब्ती और नीलामी सहित ये सख्त वसूली कार्रवाइयां पंजाब सरकार की पूर्व घोषित नीति का ही विस्तार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये कार्रवाई विशेष रूप से उन पुराने कर डिफॉल्टरों के खिलाफ की जा रही है जिन्होंने राज्य की एकमुश्त निपटान (ओटीएस) योजना के अंतर्गत उपलब्ध कराई गई बड़ी राहत का लाभ नहीं उठाया।

कर चोरी के मामलों पर सरकार के कड़े रुख को दोहराते हुए वित्त मंत्री चीमा ने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार का मुख्य उद्देश्य जनता के वैध धन की वसूली करना है, केवल दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं।”

करदाताओं को स्वेच्छा से अनुपालन करने का अवसर देने और व्यापारियों को पुराने विवादों के समाधान का एक अंतिम मौका प्रदान करने के उद्देश्य से उन्होंने घोषणा की कि पंजाब सरकार ने एकमुश्त निपटान (ओटीएस) योजना की अवधि 31 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि यह योजना बकाया वैट देनदारियों वाले करदाताओं को अपने बकाये का शीघ्र निपटान करने के लिए एक पारदर्शी और अत्यंत लाभकारी व्यवस्था प्रदान करती है, जिससे वे न्यायिक कार्यवाही, लंबित विवादों और सरकारी प्रवर्तन कार्रवाई से बच सकते हैं।

शेष कर बकायेदारों को अंतिम चेतावनी देते हुए आबकारी एवं कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकारी कर मांगों की अनदेखी करने और यह मानकर चलने का दौर कि सरकारी बकाया वसूल नहीं किया जाएगा, अब समाप्त हो चुका है। उन्होंने खुलासा किया कि आबकारी एवं कर विभाग ने आदतन और पुराने डिफॉल्टरों की अनेक संपत्तियों की पहचान कर ली है तथा आने वाले सप्ताहों और महीनों में विभिन्न जिलों में लगभग 20 अन्य संपत्तियों की नीलामी निर्धारित की जा चुकी है।

उन्होंने कहा, “आबकारी एवं कर विभाग सार्वजनिक राजस्व की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पंजाब के हजारों ईमानदार और कानून का पालन करने वाले करदाताओं को कुछ जानबूझकर डिफॉल्टर बने लोगों के कारण वित्तीय या प्रतिस्पर्धात्मक नुकसान न उठाना पड़े।”

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने चेतावनी दी कि जो करदाता अपने कानूनी दायित्वों की लगातार अनदेखी कर रहे हैं, उन्हें तत्काल और गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि कर विभाग पंजाब के प्रत्येक रुपये की सुरक्षा के लिए बैंक खातों को अटैच करने, संपत्तियां जब्त करने तथा चल एवं अचल दोनों प्रकार की संपत्तियों की सार्वजनिक नीलामी सहित सभी उपलब्ध कानूनी उपायों का उपयोग कर रहा है।

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