Punjab
जनता फैसला करेगी; धर्म के नाम पर फर्जी वीडियो और झूठा प्रचार मुझे पंजाब के लिए काम करने से नहीं रोक सकता : CM भगवंत सिंह मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ये तीनों पार्टियां पंजाब की बेमिसाल तरक्की के खिलाफ एकजुट हो गई हैं, क्योंकि वे ‘आप’ के नेतृत्व वाली सरकार को मिल रहे भरपूर जनता के समर्थन को बर्दाश्त नहीं कर पा रही हैं। बरनाला में ‘लोक मिलनी’ (जनता दरबार) के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक पार्टियां अपना मानसिक संतुलन खो चुकी हैं क्योंकि वे सूबे की तेजी से हो रहे विकास को हजम नहीं कर पा रही हैं और उन्होंने मुझे बदनाम करने और लोगों को गुमराह करने के लिए धर्म के नाम पर फर्जी वीडियो और झूठे प्रचार का सहारा लिया है।
पंजाब सरकार द्वारा शुरू किए गए जन-पक्षीय फैसलों की सूची साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार को पटरी से उतारने की बार-बार कोशिशों के बावजूद उनका पूरा ध्यान विकास और लोक कल्याण के कार्यों पर केंद्रित है। उन्होंने ऐलान किया कि पंजाभर की महिलाओं को पहली जुलाई से ‘ मांवां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत वित्तीय सहायता मिलनी शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने गांवों में हाई-टेंशन बिजली की तारों को अंडरग्राउंड करने के देश के पहले प्रोजेक्ट की शुरुआत के बारे में बताया और जोर देकर कहा कि कोई भी साजिश या बदनामी की मुहिम उन्हें लोगों के लिए काम करने और पंजाब के हितों की रक्षा करने से नहीं रोक सकती।
लोक मिलनी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने आम लोगों की भलाई और सूबे की तरक्की के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा, “पारंपरिक सियासी पार्टियां, जिन्होंने कभी आम लोगों की परवाह नहीं की, इन उपलब्धियों को हजम नहीं कर पा रही हैं। वे पंजाब सरकार और मेरे खिलाफ लगातार जहर उगल रही हैं। उनके पास लोगों के लिए कोई एजेंडा नहीं है और उनका एकमात्र मकसद बेबुनियाद बयानबाजी करके सरकार को बदनाम करना है।”
एक बड़ा ऐलान करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पांच दिनों बाद यानी पहली जुलाई से पंजाभर की महिलाओं को ‘मांवां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत वित्तीय सहायता मिलनी शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा, “18 साल से अधिक उम्र की महिला लाभार्थियों को वित्तीय सहायता संबंधी उनके मोबाइल फोन पर मैसेज मिलेंगे। पंजाब की हर महिला को 1,000 रुपए, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपए मिलेंगे। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। जो महिलाएं पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रही हैं, वे भी इस योजना के योग्य होंगी।”
उन्होंने कहा कि पंजाब की लगभग 97 फीसदी महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है और पंजाब सरकार ने इसे लागू करने के लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपए रखे हैं।
इस योजना के व्यापक सामाजिक महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह वित्तीय सहायता शायद महिलाओं को अमीर न बनाए, लेकिन यह उन्हें मान-सम्मान जरूर देगी। महिलाएं सबसे अधिक सम्मान की हकदार हैं क्योंकि वे खुद जीवन का स्रोत हैं। माओं और बहनों का आशीर्वाद हर चुनौती को पार करने में मदद करता है। महिलाओं की घरेलू स्थिति सुधारने, लिंग समानता को बढ़ावा देने और सामाजिक व आर्थिक फैसलों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महिलाओं की वित्तीय खुदमुख्तारी (आत्मनिर्भरता) को मजबूत करना बहुत जरूरी है।”
एक और बड़े उपक्रम का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘आप’ सरकार ने हाई-टेंशन बिजली की तारों को अंडरग्राउंड करने का देश का पहला महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शुरू किया है, जिसकी शुरुआत उनके अपने गांव से एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई है। उन्होंने कहा, “यह ऐतिहासिक प्रोजेक्ट गांवों को सिरों के ऊपर से गुजरने वाली बिजली की तारों और फालतू खंभों के जाल से मुक्त करेगा। बिजली के खंभे और ऊपर की तारें लोगों, पशुओं और खासकर बच्चों के लिए करंट लगने का लगातार खतरा बनी रहती हैं। जब ट्रैक्टर, कंबाइन और अन्य वाहन इन तारों की चपेट में आते हैं तो अक्सर हादसे होते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “फसलों को लगने वाली आग के कारण भी किसानों का भारी नुकसान होता है, जबकि बारिश, आंधी और तेज हवाओं के कारण खंभे और तारें टूट जाती हैं, जिससे बिजली सप्लाई प्रभावित होती है और पावर कॉरपोरेशन को वित्तीय नुकसान होता है। यह प्रोजेक्ट इन सभी समस्याओं से स्थायी राहत देगा और गांवों में जीवन स्तर को बेहतर बनाएगा। सरकारी खजाने की एक-एक पाई लोगों की भलाई के लिए समझदारी से खर्च की जा रही है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के 90 फीसदी से अधिक घरों को बिजली मुफ्त मिल रही है। उन्होंने कहा, “पहली बार किसानों को दिन में बिजली मिल रही है। जहां केंद्र सरकार राष्ट्रीय संपत्तियों को अपने चहेते दोस्तों को कोड़ियों के भाव बेच रही है, वहीं हमारी सरकार ने एक निजी थर्मल प्लांट खरीदकर इतिहास रचा है।”
उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार ने सूबे भर में 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन और खालें बनाए हैं ताकि पंजाब के हर कोने में किसानों तक सिंचाई की सुविधाएं पहुंच सकें। उन्होंने आगे कहा, “इन पाइपलाइनों और नहरों के जरिए लगभग 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे किसानों की सिंचाई जरूरतें पूरी करके उन्हें बड़ा फायदा होगा। नहरों और नदियों में रिचार्ज प्वाइंट बनाए गए हैं, जिसके नतीजे के रूप में जमीन के नीचे पानी का स्तर दो से चार मीटर तक बढ़ा है।”
विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अपने ही खराब कर्मों के कारण पारंपरिक राजनीतिक दलों के नेता लोगों के बीच जाने से कतराते हैं, जिसके चलते उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अकाली दल अब जेठानीयों -देवरानीयों की पार्टी बनकर रह गया है, जहां एक सांसद है और दूसरी विधायक है। सुखबीर बादल 2022 के चुनाव में मिली हार के सदमे से अभी तक उबर नहीं पाए हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “जब मेरे विरोधी राजनीतिक रूप से मेरा मुकाबला करने में असफल रहते हैं, तो वे मुझे धार्मिक आधार पर बदनाम करने की कोशिश करते हैं। क्योंकि मैं उनके लिए एक डरावना सपना बन गया हूं, इसलिए उन्होंने अब मुझे धार्मिक रूप से निशाना बनाना चुना है। वे रोजाना फर्जी वीडियो बनाते हैं और उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से वायरल करते हैं।”
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि ऐसी कोशिशें उन्हें रोक नहीं सकतीं। उन्होंने भरोसा दिलाया, “मैं बिजली, पानी, सड़कों, गांवों के तालाबों, आम आदमी क्लीनिकों, अस्पतालों और रोजगार के अवसरों के लिए काम करना जारी रखूंगा।”
हालिया घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “वे एक के बाद एक आरोप लगाकर मुझे लगातार बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। अब शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने गुरुद्वारों के बाहर मेरे बहिष्कार के पोस्टर लगाने के निर्देश दिए हैं। लेकिन ऐसे पोस्टर अकाली दल या सुखबीर बादल के खिलाफ क्यों नहीं लगाए गए, जब उन्होंने स्वयं बेअदबी की घटनाओं की जिम्मेदारी स्वीकार की थी?”
उन्होंने आगे कहा, “2 दिसंबर को श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष सुखबीर बादल ने अपनी गलतियां स्वीकार कीं, गलत कार्यों को माना, गोलीकांड की जिम्मेदारी ली और यह भी माना कि संगत के खिलाफ आदेश जारी किए गए थे। क्या किसी ने उनके खिलाफ गुरुद्वारों के बाहर बहिष्कार के पोस्टर लगाए?”
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे जहां भी जाते हैं, लोग बड़ी संख्या में एकत्र होते हैं। उन्होंने कहा, “जब मैं गांवों, सार्वजनिक सभाओं और रैलियों में जाता हूं तो भारी भीड़ उमड़ती है। विपक्ष इसे बर्दाश्त नहीं कर सकता क्योंकि वे स्वयं ऐसा जनसमर्थन हासिल नहीं कर सकते। इसलिए तीनों पार्टियों ने मुझे धार्मिक आधार पर बदनाम करने के एकमात्र उद्देश्य से हाथ मिला लिया है। लेकिन अंत में जनता ही अंतिम फैसला सुनाएगी।”
उन्होंने दोहराया, “मैं पंजाब और उसके हितों के लिए मजबूती से खड़ा रहूंगा। वे जो भी करना चाहें करें, लेकिन जनता फैसला करेगी कि क्या कोई व्यक्ति इस स्तर तक गिर सकता है।”
वायरल हो रही वीडियो को पूरी तरह मनगढ़ंत बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लोगों से विपक्ष पर विश्वास न करने की अपील की। उन्होंने कहा, “ये वीडियो पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत हैं। क्योंकि विपक्ष राजनीतिक रूप से मेरा मुकाबला नहीं कर सकता, इसलिए वह झूठे धार्मिक प्रचार के माध्यम से मेरी छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है। वे पंजाब की प्रगति को बर्दाश्त नहीं कर सकते, इसलिए ऐसी साजिशें रचते रहते हैं। पंजाब की जनता ही फैसला करेगी। मैं जनता का हूं और उनके बीच ही रहूंगा।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि तीन राजनीतिक पार्टियां उनके खिलाफ इसलिए एकजुट हुई हैं क्योंकि वे पंजाब के अभूतपूर्व विकास और लोगों से मिल रहे अपार प्रेम को पचा नहीं पा रही हैं। उन्होंने कहा, “कांग्रेस, जिसने श्री अकाल तख्त साहिब पर टैंक चढ़ाए थे, आज हम पर सवाल उठा रही है और उसे भाजपा का समर्थन प्राप्त है, जिसने इस घिनौने अपराध में कांग्रेस का साथ दिया था। तीसरी पार्टी वह है, जो श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाओं में शामिल रही है। तीनों का एकमात्र एजेंडा है कि हर संभव तरीके से मुझे बदनाम किया जाए।”
कांग्रेस पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कांग्रेस में हर नेता मुख्यमंत्री बनना चाहता है। उनके पास आम कार्यकर्ताओं से ज्यादा मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं। कांग्रेस एक बिखरी हुई पार्टी है, जो अपनी अंदरूनी लड़ाई के कारण ढह जाएगी। इन नेताओं के पास पंजाब के लिए कोई विजन नहीं है। उनका एकमात्र उद्देश्य सत्ता में आकर राज्य की संपत्ति को लूटना है, लेकिन उनके सपने कभी पूरे नहीं होंगे।”
उन्होंने आगे कहा, “पहले ये पारंपरिक पार्टियां केवल सत्ता हासिल करने के लिए अपनी बारी का इंतजार करती थीं। अब इनके द्वारा फैलाई गई गंदगी को साफ करने के लिए ‘झाड़ू’ मौजूद है।”
‘आप’ सरकार की स्वास्थ्य संबंधी पहलों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ शुरू की है, जो देश की पहली व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना है। इसके तहत पंजाब के प्रत्येक निवासी परिवार को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा, “यह बेहद गर्व की बात है कि पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है, जो ऐसी व्यापक स्वास्थ्य सुविधा प्रदान कर रहा है। इस योजना ने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करते हुए लोगों पर वित्तीय बोझ को काफी हद तक कम कर दिया है। इस ऐतिहासिक पहल का उद्देश्य पंजाब के हर परिवार को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है और लोग अब तक 650 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज प्राप्त कर चुके हैं।”
इस अवसर पर लोकसभा सदस्य गुरमीत सिंह मीत हेयर तथा कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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चंडीगढ़ में बढ़ रही LPG की मांग, 4 साल में 21 हजार से ज्यादा नए कनेक्शन; खपत के आंकड़े भी चौंकाने वाले
चंडीगढ़ में घरेलू रसोई गैस यानी LPG की मांग लगातार बढ़ रही है। केंद्र सरकार की ओर से लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले चार वर्षों में शहर में 21,578 नए घरेलू LPG कनेक्शन जुड़े हैं। 1 अप्रैल 2022 को चंडीगढ़ में घरेलू LPG उपभोक्ताओं की संख्या 2,86,442 थी, जो 1 अप्रैल 2026 तक बढ़कर 3,08,020 हो गई। यानी इस अवधि में उपभोक्ताओं की संख्या में करीब 7.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, चंडीगढ़ में LPG उपभोक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ती रही। वर्ष 2023 में शहर में 2,87,723 घरेलू LPG उपभोक्ता थे। 2024 में यह संख्या बढ़कर 3,00,133 और 2025 में 3,06,663 हो गई। इसके बाद अप्रैल 2026 तक यह आंकड़ा 3.08 लाख से अधिक पहुंच गया।
चंडीगढ़ में राष्ट्रीय औसत से ज्यादा LPG खपत
चंडीगढ़ में केवल LPG कनेक्शनों की संख्या ही नहीं बढ़ रही, बल्कि गैस की औसत खपत भी राष्ट्रीय औसत से अधिक है। वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों ने चंडीगढ़ में औसतन 7.2 सिलिंडर प्रति वर्ष इस्तेमाल किए, जबकि देश का राष्ट्रीय औसत 4.8 सिलिंडर रहा।
वहीं, गैर-उज्ज्वला घरेलू LPG उपभोक्ताओं की औसत वार्षिक खपत चंडीगढ़ में 9.6 सिलिंडर रही। राष्ट्रीय स्तर पर ऐसे उपभोक्ताओं की औसत खपत 6.8 सिलिंडर थी। यानी चंडीगढ़ में सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं की LPG खपत भी राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक रही।
पंजाब और हरियाणा में लाखों घरेलू LPG उपभोक्ता
वर्ष 2022 के आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में 91,60,891 और हरियाणा में 74,75,277 घरेलू LPG उपभोक्ता थे। दिल्ली में यह संख्या 51,53,568, जम्मू-कश्मीर में 34,75,859 और हिमाचल प्रदेश में 21,14,690 थी। वहीं राजस्थान में घरेलू LPG उपभोक्ताओं की संख्या करीब 1.71 करोड़ और उत्तर प्रदेश में 4.52 करोड़ से अधिक थी।
केंद्र सरकार के अनुसार, 1 जुलाई 2026 तक देश में कुल 33.13 करोड़ घरेलू LPG उपभोक्ता थे। इनमें करीब 10.58 करोड़ कनेक्शन प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत दिए गए हैं।
LPG को किफायती रखने के लिए सरकार दे रही मुआवजा
केंद्र सरकार के अनुसार, गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए घरेलू LPG को किफायती बनाए रखने के उद्देश्य से तेल विपणन कंपनियों को मुआवजा दिया जा रहा है। वित्त वर्ष 2022-23 में इसके लिए करीब 22 हजार करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया था। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 और 2026-27 के लिए करीब 30 हजार करोड़ रुपये के मुआवजे का प्रावधान किया गया है।
30 जून 2026 तक सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों की घरेलू LPG पर संचित अंडर-रिकवरी 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।
आपूर्ति को लेकर चिंता के बीच भी जारी रही गैस सप्लाई
पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच LPG की आपूर्ति को लेकर चिंता जरूर बढ़ी थी, लेकिन केंद्र सरकार के अनुसार घरेलू गैस की सप्लाई जारी रही। जानकारी के मुताबिक, 1 मार्च 2026 से 18 करोड़ से अधिक घरेलू गैस सिलिंडर वितरित किए गए।
इस दौरान LPG की ऑनलाइन बुकिंग का हिस्सा भी करीब 97 प्रतिशत तक पहुंच गया। चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से भी घरेलू LPG की पर्याप्त उपलब्धता की जानकारी देते हुए लोगों से घबराकर अतिरिक्त सिलिंडर बुक करने या जरूरत से ज्यादा स्टॉक रखने से बचने की अपील की गई थी।
उज्ज्वला और सामान्य LPG उपभोक्ताओं में अंतर
उज्ज्वला उपभोक्ता: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत पात्र गरीब परिवारों की महिलाओं को LPG कनेक्शन उपलब्ध कराया जाता है।
गैर-उज्ज्वला उपभोक्ता: ऐसे सामान्य घरेलू LPG ग्राहक, जिनका कनेक्शन प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत नहीं है।
कुल मिलाकर, चंडीगढ़ में पिछले चार वर्षों के दौरान LPG कनेक्शनों की लगातार बढ़ती संख्या और राष्ट्रीय औसत से अधिक खपत यह दिखाती है कि शहर में घरेलू रसोई गैस का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है।
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पंजाब में निजी स्कूलों की मनमानी पर लगेगी रोक, 32 लाख बच्चों के अभिभावकों को मिलेगी राहत
पंजाब सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने और अभिभावकों को राहत देने के लिए विधानसभा में एक अहम विधेयक पेश किया है। सरकार का कहना है कि शिक्षा को मुनाफाखोरी का साधन नहीं बनने दिया जाएगा और विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके माता-पिता के हितों की भी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
सरकार के अनुसार, प्रस्तावित प्रावधानों से पंजाब के करीब 32 लाख बच्चों के अभिभावकों को फायदा मिलने की उम्मीद है। नए नियमों के तहत कोई भी निजी स्कूल तीन साल तक विद्यार्थियों की स्कूल यूनिफॉर्म नहीं बदल सकेगा। इसके अलावा स्कूल अभिभावकों को किसी एक विशेष दुकान से यूनिफॉर्म, किताबें या अन्य सामान खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकेंगे।
सरकार का कहना है कि इस कदम से अभिभावकों पर बार-बार बढ़ने वाले अतिरिक्त खर्च का बोझ कम होगा। अक्सर यूनिफॉर्म या किताबों में बदलाव के कारण माता-पिता को हर साल नया सामान खरीदना पड़ता है। अब ऐसे मामलों में स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने की कोशिश की जा रही है।
सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। सरकार के मुताबिक, पंजाब आज शिक्षा के क्षेत्र में देशभर में अग्रणी राज्यों में शामिल है। सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों का NEET परीक्षा पास करना इसका एक बड़ा उदाहरण बताया गया है।
सरकार का कहना है कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव है। इसलिए सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ-साथ निजी स्कूलों में भी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।
पंजाब सरकार ने कहा है कि वह राज्य के बच्चों को बेहतर शिक्षा और समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि आर्थिक स्थिति चाहे जैसी भी हो, हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले और अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।
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पंजाब में फिर बदलेगा मौसम: सोमवार को 3 जिलों में बारिश का अलर्ट, गुरुवार से मानसून फिर होगा सक्रिय
पंजाब में मानसून की गतिविधियां फिलहाल कमजोर पड़ गई हैं, लेकिन आने वाले दिनों में एक बार फिर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। रविवार को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश नहीं हुई, जिसके चलते तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इन तीनों जिलों में मौसम को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
मंगलवार और बुधवार को पंजाब के किसी भी जिले के लिए मौसम विभाग की ओर से कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। इन दोनों दिनों में मौसम अपेक्षाकृत शांत रहने की संभावना है। हालांकि, गुरुवार से एक बार फिर मानसून सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। इसके बाद पंजाब के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर दोबारा शुरू हो सकता है।
रविवार को बारिश की गतिविधियां कम रहने के कारण प्रदेश के अधिकतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान में पिछले दिन के मुकाबले औसतन 3.2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई। चंडीगढ़ और श्री आनंदपुर साहिब में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। लुधियाना में 35.4, पटियाला में 35.1, पठानकोट और जालंधर में 35.5, होशियारपुर में 33.6, अमृतसर में 31.3 और बठिंडा में 32 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
रविवार को पंजाब के अधिकांश जिलों में बारिश नहीं हुई। पठानकोट में केवल बूंदाबांदी दर्ज की गई, जबकि रूपनगर और थेन बांध क्षेत्र में 0.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। अमृतसर, लुधियाना, पटियाला, होशियारपुर, गुरदासपुर, कपूरथला, बठिंडा, फतेहगढ़ साहिब और संगरूर समेत ज्यादातर इलाकों में बारिश नहीं हुई।
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर में बारिश की संभावना है। मंगलवार और बुधवार को मौसम सामान्य रहने के आसार हैं, जबकि 13 अगस्त यानी गुरुवार से मानसून के दोबारा सक्रिय होने की संभावना बन रही है। इससे प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाने और बारिश का सिलसिला फिर शुरू हो सकता है। बदलते मौसम को देखते हुए लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने और गरज-चमक के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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