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मान सरकार के नेतृत्व में सरकारी अस्पताल (PILBS) ,मोहाली में पहली सफल लिवर ट्रांसप्लांट से देश भर के सरकारी *अस्पतालों के लिए बना रोल मॉडल
आज पंजाब के स्वास्थ्य इतिहास में एक नया सूर्योदय हुआ है! आम आदमी पार्टी की भगवंत मान सरकार के संकल्प और दूरदर्शिता का परिणाम है कि पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ़ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (PILBS), मोहाली ने सफलतापूर्वक अपनी पहली लिवर ट्रांसप्लांट सर्जरी करके एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित किया है. यह उपलब्धि केवल चिकित्सा के क्षेत्र में एक कदम नहीं है; यह उन हजारों ग़रीब और मध्यम-वर्गीय परिवारों के लिए आंसू पोंछने वाला एक चमत्कारी वरदान है, जो अब तक इस जीवन-रक्षक इलाज को केवल एक सपना मानते थे.
पंजाब में पहली लिवर ट्रांसप्लांट सर्जरी
यह पंजाब के सरकारी स्वास्थ्य सिस्टम की शक्ति और क्षमता का सबसे बड़ा प्रमाण है. यह केवल पहली लिवर ट्रांसप्लांट सर्जरी नहीं है. यह है, एक पिता को मिला जीवनदान: जिसने सोचा था कि वह अपने बच्चों को खेलते हुए नहीं देख पाएगा. एक बेटे का वापस मुस्कुराना, जिसने अपनी माँ की आँखों में निराशा देखी थी.एक परिवार का दोबारा एक होना, जिसने टूटने का डर देखा था.
प्राइवेट सेक्टर में जहां यह ऑपरेशन लाखों-करोड़ों की कीमत रखता है, वहीं मान सरकार के नेतृत्व में PILBS ने यह सुविधा राज्य के नागरिकों के लिए किफायती दरों पर उपलब्ध कराकर सच्ची लोक कल्याणकारी भावना का परिचय दिया है. इस सफलता के पीछे संस्थान के समर्पित डॉक्टरों, नर्सों और पैरा-मेडिकल स्टाफ की वर्षों की अथक मेहनत, त्याग और अटूट समर्पण छिपा है. उन्होंने यह साबित कर दिया है कि अगर सरकारी संस्थानों को सही संसाधन, नेतृत्व और प्रोत्साहन मिले, तो वे विश्व के किसी भी श्रेष्ठतम अस्पताल से मुकाबला कर सकते हैं.
पंजाब में स्वास्थ्य क्रांति की एक मजबूत नींव
लिवर फेलियर से जूझ रहे मरीज़ों के लिए यह खबर जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर है. ट्रांसप्लांट की ज़रूरत वाले परिवारों के लिए, PILBS अब केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि आशा का मंदिर है. यह सफलता पंजाब के हर उस नागरिक के लिए गर्व का विषय है, जिसने अब तक महंगी स्वास्थ्य सेवाओं के कारण हार मान ली थी. यह स्पष्ट करता है कि मान सरकार का ध्यान केवल विकास पर नहीं, बल्कि हर नागरिक के जीवन और कल्याण पर केंद्रित है. PILBS की यह उपलब्धि पंजाब में स्वास्थ्य क्रांति की एक मजबूत नींव रखती है. यह ऐतिहासिक कदम पंजाब के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक क्रांति की शुरुआत है. भगवंत मान सरकार ने साबित कर दिया है कि वे पंजाब के हर नागरिक के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं.
यह सफलता एक शुरुआत मात्र है
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में, ‘आप’ सरकार ने स्वास्थ्य सेवा को प्राथमिकता दी है, जिसका प्रत्यक्ष परिणाम हम देख रहे हैं. इस संस्थान की स्थापना का मूल उद्देश्य पंजाब को लिवर और पित्त संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए एक अग्रणी केंद्र बनाना था. पहली सफल ट्रांसप्लांट सर्जरी उस विजन की पहली और सबसे महत्वपूर्ण सफलता है. सरकार का संकल्प स्पष्ट है: स्वास्थ्य सुविधाओं में भौगोलिक और आर्थिक असमानता को खत्म करना, ताकि राज्य का कोई भी नागरिक गुणवत्तापूर्ण इलाज से वंचित न रहे.
यह ऐतिहासिक सफलता न केवल पंजाब के लिए, बल्कि पूरे भारत के सरकारी स्वास्थ्य सिस्टम के लिए एक प्रेरणा है. PILBS, मोहाली ने राष्ट्रीय मानचित्र पर अपनी जगह बनाई है और अब यह संस्थान देश के अन्य राज्यों के लिए एक रोल मॉडल बन सकता है. हालाँकि, यह सफलता एक शुरुआत मात्र है. भविष्य की चुनौतियाँ जटिल हैं, जिनमें अंगदान (Organ Donation) की दर बढ़ाना, उन्नत अनुसंधान और विशेषज्ञ डॉक्टरों का निरंतर प्रशिक्षण शामिल है. सरकार को अब इस उपलब्धि को एक स्थायी और सतत सेवा में बदलने के लिए अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखनी होगी.
बेहतरीन इलाज अब अमीरी की मोहताज नहीं
PILBS की यह सफलता एक उज्ज्वल और मानवीय भविष्य का संकेत है. यह उस सरकार की कहानी है जो अपने लोगों के प्रति जवाबदेह और संवेदनशील है. यह जीत केवल चिकित्सा की नहीं, बल्कि मानवीय दृढ़ता और लोक-कल्याण की है. पंजाब सरकार का यह कदम साबित करता है कि “उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा अब सबका अधिकार है, सिर्फ़ विशेषाधिकार नहीं.” यह ऐतिहासिक क्षण पंजाब के हर कोने में खुशहाली और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के आने वाले युग की गहरी और भावनात्मक घोषणा है. यह सर्जरी पंजाब के उन हर कोने में बैठे लोगों की जीत है, जो हमेशा से मानते थे कि बेहतरीन इलाज सिर्फ अमीरों के लिए है. आज, हमारी अपनी सरकारी छत के नीचे, पंजाब के डॉक्टरों ने अपनी मेहनत से यह साबित कर दिया कि इंसानियत और बेहतरीन इलाज अब अमीरी की मोहताज नहीं है.
पंजाब का हर नागरिक हमारा परिवार है
मान सरकार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो दृढ़ संकल्प दिखाया है, वह काबिले तारीफ है. इस उपलब्धि के पीछे, उनका एक ही संदेश है, “पंजाब का हर नागरिक हमारा परिवार है, और हमारे परिवार का हर सदस्य स्वस्थ रहेगा. पैसे की कमी के कारण अब पंजाब में किसी की जान नहीं जाएगी.” यह एक ऐसी भावनात्मक सुरक्षा है जो पंजाब के हर नागरिक को मिल रही है. यह दिखाता है कि सरकार केवल सड़कें और पुल नहीं बना रही, बल्कि लोगों के जीवन और उनके विश्वास को पुनर्निर्मित कर रही है. यह बताता है कि बदलाव की शुरुआत हो चुकी है, और यह बदलाव अमीरी-ग़रीबी का भेद मिटाकर, हर चेहरे पर मुस्कान लाएगा!
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पंजाब में भाजपा की ED छापेमारी, डराने-धमकाने और गुंडागर्दी की राजनीति कभी नहीं होगी सफल : AAP
आम आदमी पार्टी (आप) ने गुरुवार को कहा कि पंजाब में पार्टी नेताओं के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के छापों, डराने-धमकाने और दबाव की राजनीति की भाजपा की कोशिश ने केंद्र की भाजपा सरकार की राजनीतिक विरोधियों को डर और बदलाखोरी के जरिए कुचलने की बढ़ती निराशा को बेनकाब कर दिया है। ईडी की कार्रवाई और छापेमारी में अपना नाम जोड़े जाने की रिपोर्टों पर सख्त प्रतिक्रिया देते हुए ‘आप’ पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने जोर देकर कहा कि भाजपा की “गुंडागर्दी की राजनीति” पंजाब में कभी भी कामयाब नहीं होगी। उन्होंने ऐलान किया कि ‘आप’ नेता केंद्रीय एजेंसियों या विरोधी आवाजों को दबाने के लिए दी जा रही धमकियों से डरने वाले नहीं हैं।
अमन अरोड़ा ने कहा कि विरोधी नेताओं के खिलाफ ईडी और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जैसी एजेंसियों का बार-बार इस्तेमाल अब देशभर में एक रुझान बन गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा हर उस नेता को निशाना बनाती है जो उसके आगे झुकने से इनकार करता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ‘आप’ नेता “अरविंद केजरीवाल के सिपाही” हैं जो राजनीतिक दबाव और झूठे प्रचार के बावजूद लोगों के लिए निडर होकर लड़ते रहेंगे।
ईडी की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए ‘आप’ पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि पूरे देश के सामने यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा केंद्रीय एजेंसियों को विरोधी नेताओं को निशाना बनाने के लिए राजनीतिक हथियारों के रूप में इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा, “जब भी कोई नेता या पार्टी भाजपा के आगे झुकने से इनकार करती है, तो उनके खिलाफ ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों को छोड़ दिया जाता है।”
अमन अरोड़ा ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले ही राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल से जुड़ी संपत्तियों पर भाजपा में शामिल होने के लिए दबाव डालने के लिए छापेमारी की गई थी। उन्होंने आगे कहा, “ऐसी घटनाएं राजनीतिक फायदे के लिए जांच एजेंसियों के दुरुपयोग के भाजपा के एजेंडे को स्पष्ट रूप से उजागर करती हैं।”
उन्होंने दावा किया कि ‘आप’ नेता और कार्यकर्ता ऐसे हथकंडों से नहीं डरते। अमन अरोड़ा ने कहा, “हम अरविंद केजरीवाल के सिपाही हैं। हम भाजपा या इसकी एजेंसियों से नहीं डरते। वे जितना हमें डराने की कोशिश करेंगे, हम उतना ही मजबूत होकर उभरेंगे।”
उन्होंने आगे कहा कि पंजाब के लोग इन कार्रवाइयों को बड़ी बारीकी से देख रहे हैं और लोकतंत्र को कमजोर करने तथा राजनीतिक बदलाखोरी के लिए संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग के लिए भाजपा को करारा जवाब देंगे।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखते हुए अमन अरोड़ा ने कहा, “मुझे मीडिया रिपोर्टों के जरिए पता चला है कि आज की ईडी छापेमारी में मेरा नाम घसीटा गया है। मेरी पूरी जिंदगी पूरी तरह से पारदर्शी रही है, है और हमेशा रहेगी। मैं भाजपा के झूठे प्रचार और बदलाखोरी की राजनीति से न तो डरूंगा और न ही चुप रहूंगा।”
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चुनावों से ठीक पहले देश में तनावपूर्ण माहौल पैदा करके वोटों का ध्रुवीकरण करने की गंदी राजनीति कर रही है BJP: कुलदीप धालीवाल
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता व विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने बीते दिनों पंजाब में हुए धमाकों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह पूरे पंजाब और भारत के लिए चिंता का विषय है कि आखिर जब भी देश या राज्य में चुनाव नजदीक आते हैं, तभी ये बम धमाके और आतंकी हमले क्यों होते हैं?
धालीवाल ने कहा कि भाजपा चुनावों से ठीक पहले जनता को डराकर और तनावपूर्ण माहौल पैदा करके वोटों का ध्रुवीकरण करने की गंदी राजनीति कर रही है।
वीरवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए धालीवाल ने सिलसिलेवार हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि चाहे पठानकोट एयरबेस का हमला हो, पुलवामा, दीनानगर या पहलगाम का हमला हो, इन सभी घटनाओं में हमारे बहादुर जवान शहीद हुए हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि ये सारी घटनाएं चुनावों के समय ही क्यों घटती हैं?
उन्होंने भाजपा पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा और उसका ‘गुंडा गिरोह’ चुनावी लाभ के लिए केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से सक्रिय हो जाता है और आतंकी गतिविधियों को शह देकर लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करता है।
बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र पर हमला बोलते हुए धालीवाल ने कहा कि जब गृह मंत्रालय ने बीएसएफ का दायरा बढ़ाकर 50 किलोमीटर किया था, तब तर्क दिया गया था कि यह ड्रोन और हथियारों की तस्करी रोकने के लिए जरूरी है, लेकिन आज हकीकत सबके सामने है। हमारे जवान सीमा पर पूरी मुस्तैदी से खड़े हैं और शहादत दे रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने उन्हें आज तक आधुनिक तकनीक और ‘एंटी-ड्रोन सिस्टम’ मुहैया नहीं कराया है। केंद्र की विफलता के कारण सरहद पार से आने वाले ड्रोन जवानों के सिर के ऊपर से निकल जाते हैं और हमारी सुरक्षा एजेंसियां बेबस नजर आती हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बार-बार लिखित पत्रों के माध्यम से केंद्र से उन्नत हथियारों और एंटी-ड्रोन तकनीक की मांग की है, लेकिन केंद्र सरकार ने जानबूझकर पंजाब की सुरक्षा को नजरअंदाज किया है। धालीवाल ने पूछा कि क्या केंद्र सरकार जानबूझकर पंजाब की 532 किलोमीटर लंबी सीमा को असुरक्षित रखना चाहती है ताकि अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक सके?
धालीवाल ने अंत में कहा कि हाल ही में पंजाब पुलिस ने पठानकोट से 3 AK-47, पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं, जो ड्रोन के जरिए भेजे गए थे। यह साफ करता है कि साजिश गहरी है। उन्होंने भाजपा से सवाल किया कि पिछले सभी हमलों की जांच का क्या हुआ? केंद्र सरकार केवल जांच का ढोंग करती है और बाद में फाइलों को ठंडे बस्ते में डाल देती है। यह स्पष्ट है कि ये हमले और साजिशें भाजपा की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हैं, जिसका मकसद केवल चुनाव जीतना है, न कि देश की सुरक्षा।
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CM मान सरकार के एंटी-ड्रग कैंपेन ‘युद्ध नशेयों विरुद्ध’ के नतीजे आ रहे हैं, कपूरथला में हेरोइन की रिकवरी में 187% की बढ़ोतरी, ड्रग्स के जाल में पुलिस की कार्रवाई
भगवंत मान सरकार के एंटी-ड्रग कैंपेन ‘ युद्ध नशेयों विरुद्ध’ के तहत कपूरथला जिले में ड्रग्स की रिकवरी में तेज़ी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो जिला पुलिस की कड़ी और लगातार कार्रवाई को दिखाता है। आधिकारिक डेटा के मुताबिक, 1 मार्च, 2025 से 30 अप्रैल, 2026 तक, कपूरथला पुलिस ने 30.4 kg हेरोइन बरामद की, जबकि कैंपेन से पहले के समय (1 जनवरी, 2024 से 28 फरवरी, 2025) में 10.6 kg हेरोइन बरामद की गई थी – जो 187% की बड़ी बढ़ोतरी दिखाता है।
इस दौरान, खसखस की ज़ब्ती 170 kg से बढ़कर 452 kg से ज़्यादा हो गई, जो 166% की बढ़ोतरी है, जबकि अफीम की ज़ब्ती 6.845 kg से बढ़कर 11.517 kg हो गई, जो 68% की बढ़ोतरी दिखाती है।
इसी दौरान, नशीली गोलियों और कैप्सूल की ज़ब्ती 38,327 से बढ़कर 72,480 हो गई, जो लगभग 89% की बढ़ोतरी है। इसके अलावा, चरस और बर्फ की ज़ब्ती, जो पहले न के बराबर थी, अब इस खास ऑपरेशन के दौरान दर्ज की गई है।
ज़ब्ती में बढ़ोतरी के साथ-साथ ऑपरेशन भी बढ़ा है। कैंपेन के दौरान, कपूरथला पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत 1498 FIR दर्ज कीं और 1867 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि पिछली अवधि के दौरान 376 मामले दर्ज किए गए थे और 481 गिरफ्तारियां की गई थीं, जो क्रम से 298% और 288% की बड़ी बढ़ोतरी दिखाता है।
जानकारी देते हुए, कपूरथला के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (SSP) गौरव तूरा ने कहा: “पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में ‘ड्रग्स के खिलाफ जंग’ कैंपेन ने ड्रग्स के खिलाफ फोकस्ड और इंटेंसिव एक्शन मुमकिन बनाया है। ज़ब्ती में यह बड़ी बढ़ोतरी कपूरथला पुलिस की सप्लाई चेन को तोड़ने और हर लेवल पर ड्रग ट्रैफिकिंग को रोकने की लगातार कोशिशों को दिखाती है।”
अधिकारियों ने कहा कि ज़ब्ती और ऑपरेशन में यह बढ़ोतरी शहरी और ग्रामीण इलाकों में लगातार इंटेलिजेंस के आधार पर किए जा रहे ऑपरेशन का नतीजा है, जो ऑर्गनाइज़्ड ड्रग नेटवर्क को खत्म करने, इंटर-स्टेट नेक्सस की पहचान करने और बार-बार अपराध करने वालों को टारगेट करने पर फोकस करते हैं।पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ट्रैफिकर्स और उनके इकोनॉमिक एसेट्स, दोनों को टारगेट करने का यह दोहरा तरीका लंबे समय में ड्रग सिस्टम को खत्म करने के लिए ज़रूरी है।
उन्होंने आगे कहा, “यह ऑपरेशन एक लगातार मिशन के तौर पर चलाया जा रहा है। ड्रग्स के खतरे को खत्म करने और पंजाब के युवाओं की सुरक्षा के लिए हर मुमकिन कोशिश की जा रही है।” ‘ युद्ध नशेयों विरुद्ध’ कैंपेन में एक मज़बूत आर्थिक ऑपरेशन का हिस्सा भी शामिल है, जिसका मकसद ड्रग नेटवर्क की आर्थिक रीढ़ तोड़ना है।
कपूरथला पुलिस ने 48 मामलों में कार्रवाई शुरू की, जिसमें ड्रग एक्टिविटी से जुड़ी ₹9.10 करोड़ से ज़्यादा की संपत्ति शामिल थी। इनमें से ₹8.60 करोड़ की संपत्ति ज़ब्त करने और फ्रीज़ करने के ऑर्डर पहले ही मिल चुके हैं।
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