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CM भगवंत सिंह मान की अगुवाई में मंत्रिमंडल ने श्री आनंदपुर साहिब में विश्व स्तरीय ‘श्री गुरु तेग बहादुर विश्वविद्यालय’ को मंजूरी दी
पंजाब में उच्च शिक्षा, औद्योगिक विकास और प्रशासनिक सुधारों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann की अगुवाई में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। कैबिनेट ने Sri Anandpur Sahib में Guru Tegh Bahadur के नाम पर एक विश्व स्तरीय विश्वविद्यालय स्थापित करने को मंजूरी दे दी है।
कैबिनेट बैठक में सरकारी कॉलेजों में 1,158 सहायक प्रोफेसरों और लाइब्रेरियनों की भर्ती को भी हरी झंडी दी गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार विश्वविद्यालय की स्थापना और “श्री गुरु तेग बहादुर विश्व स्तरीय विश्वविद्यालय” के लिए ड्राफ्ट बिल को भी मंजूरी दे दी गई है। साथ ही विश्वविद्यालय की स्थापना समय पर सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक फैसले लेने हेतु मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है।
नई औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति-2026 को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने ‘पंजाब उद्योग क्रांति’ के तहत औद्योगिक और व्यापार विकास नीति-2026 को भी मंजूरी दे दी है। इस नीति में सेक्टर आधारित नीतियां, विस्तृत योजनाएं और दिशानिर्देश शामिल हैं।
इस नीति का उद्देश्य राज्य में वित्तीय रियायतें देना, क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। साथ ही उभरते उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए एक व्यापक और संरचित व्यवस्था स्थापित की जाएगी। इससे पंजाब में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने और राज्य के आर्थिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
खिलाड़ियों के लिए आरक्षण नीति को और पारदर्शी बनाया जाएगा
मंत्रिमंडल ने सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के दौरान खिलाड़ियों के लिए आरक्षण को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने वाली नीति को भी मंजूरी दी है।
नई नीति के अनुसार खेल उपलब्धियों के प्रमाण पत्रों के लिए अंक देने के स्पष्ट मानदंड तय किए गए हैं। इसमें 75 प्रतिशत महत्व खेल उपलब्धियों को और 25 प्रतिशत महत्व प्रवेश परीक्षा के प्रदर्शन को दिया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के नियमों में संशोधन
कैबिनेट ने ‘पंजाब स्वास्थ्य और परिवार कल्याण तकनीकी (ग्रुप-सी) सेवा नियम-2016’ में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत फार्मासिस्ट पद के लिए डिप्लोमा इन फार्मेसी को अतिरिक्त शैक्षणिक योग्यता के रूप में शामिल किया गया है। इससे डिप्लोमा धारकों को आवेदन का अवसर मिलेगा और राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
शहीद होमगार्ड वालंटियर के परिवार को 1 करोड़ की सहायता
मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मंत्रिमंडल ने पंजाब होमगार्ड के शहीद वालंटियर अशोक कुमार के परिवार को विशेष मामले के रूप में 1 करोड़ रुपये की एक्स-ग्रेशिया सहायता देने को मंजूरी दी है। उन्होंने हाल ही में Gurdaspur में ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवा दी थी।
क्रशर यूनिट कानून में संशोधन बिल पेश करने की मंजूरी
मंत्रिमंडल ने विधानसभा के वर्तमान सत्र में ‘द पंजाब रेगुलेशन ऑफ क्रशर यूनिट, स्टॉकिस्ट एंड रिटेलर्स (संशोधन) बिल-2026’ पेश करने के लिए सहमति दे दी है। इसका उद्देश्य संबंधित अध्यादेश को अधिनियम में बदलना है।
सरकारी कॉलेजों में 1158 पदों पर भर्ती
राज्य के सरकारी कॉलेजों में 1,091 सहायक प्रोफेसर और 67 लाइब्रेरियन सहित कुल 1,158 पदों पर भर्ती की जाएगी। यह भर्ती Punjab Public Service Commission के माध्यम से UGC नियम-2018 के अनुसार की जाएगी।
सभी उम्मीदवारों को निष्पक्ष अवसर देने के लिए 19 अक्टूबर 2021 के विज्ञापन के तहत आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को भी ऊपरी आयु सीमा में एक बार की छूट दी जाएगी।
एम.आई.सी.ई. प्रोजेक्ट और बहुउद्देशीय ढांचे को मंजूरी
कैबिनेट ने राज्य में विश्व स्तरीय MICE (Meetings, Incentives, Conferences and Exhibitions) प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी है। इसके तहत व्यावसायिक, वैज्ञानिक, शैक्षणिक और सरकारी आयोजनों के लिए आधुनिक बहुउद्देशीय ढांचे विकसित किए जाएंगे।
मेडिसिटी पॉलिसी-2014 में संशोधन
मंत्रिमंडल ने मेडिसिटी नीति-2014 में संशोधन को मंजूरी दी है, ताकि कुछ स्थानों का आवंटन मौजूदा नीति के तहत और कुछ का ई-नीलामी के माध्यम से किया जा सके। हालांकि भूमि का उपयोग केवल अस्पताल से जुड़े उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा।
स्कूलों के लिए शिक्षा प्लॉट आवंटन नीति
कैबिनेट ने गमाडा द्वारा के-12 और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों की स्थापना के लिए शिक्षा प्लॉटों की आवंटन नीति को भी मंजूरी दी है। यह नीति SAS Nagar (Mohali), न्यू चंडीगढ़ और एरोसिटी जैसे क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संस्थानों को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है।
ग्लाडा की संपत्तियों की कीमतों को तर्कसंगत बनाया जाएगा
मंत्रिमंडल ने ग्रेटर लुधियाना एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GLADA) की संपत्तियों की कीमतों को तर्कसंगत बनाने को भी मंजूरी दी है। संशोधित दरें ई-नीलामी के लिए आधार रिजर्व कीमत के रूप में काम करेंगी।
पारिवारिक पेंशन नियमों में संशोधन
कैबिनेट ने पंजाब सिविल सेवा नियम में संशोधन करते हुए सरकारी कर्मचारियों के आश्रित दिव्यांग भाई-बहनों को भी पारिवारिक पेंशन के दायरे में शामिल करने की मंजूरी दी है।
130 साल पुराने जेल एक्ट की जगह नया कानून
मंत्रिमंडल ने ‘पंजाब जेल और सुधार सेवाएं बिल-2026’ को मंजूरी दे दी है, जो वर्तमान में लागू जेल एक्ट-1894 की जगह लेगा। इसका उद्देश्य जेल प्रशासन को आधुनिक बनाना और उन्नत तकनीक के जरिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।
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RBI का बड़ा फैसला! रेपो रेट 5.25% पर बरकरार, EMI में नहीं होगा इजाफा
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने पॉलिसी रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर यथावत रखने का फैसला किया है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 3 से 5 जून तक चली MPC बैठक के बाद इसकी घोषणा की।
RBI के इस फैसले से होम लोन, कार लोन और अन्य रेपो रेट से जुड़े कर्जों की EMI में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि रेपो रेट को स्थिर रखना कर्ज लेने वालों के लिए राहत की खबर है।
RBI गवर्नर ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रही है। सप्लाई चेन में रुकावटें, ऊर्जा की बढ़ती कीमतें और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता का असर विकास दर और महंगाई दोनों पर पड़ सकता है।
इसके साथ ही RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की GDP वृद्धि दर के अनुमान में भी कटौती की है। पहले 6.9 फीसदी रखे गए अनुमान को घटाकर अब 6.6 फीसदी कर दिया गया है।
केंद्रीय बैंक के अनुसार चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में GDP वृद्धि दर 6.6 फीसदी, दूसरी तिमाही में 6.3 फीसदी, तीसरी तिमाही में 6.5 फीसदी और चौथी तिमाही में 6.8 फीसदी रहने का अनुमान है।
RBI ने यह भी चिंता जताई है कि इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान सामान्य से कम बारिश हो सकती है। इसका असर कृषि उत्पादन और ग्रामीण क्षेत्रों में मांग तथा खपत पर पड़ सकता है।
हालांकि रेपो रेट को स्थिर रखने से आम लोगों को तत्काल राहत मिली है, लेकिन वैश्विक आर्थिक चुनौतियां और GDP वृद्धि दर के घटाए गए अनुमान आने वाले समय के लिए सतर्क रहने का संकेत दे रहे हैं।
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होर्मुज संकट के बीच तेल कंपनियों की चेतावनी, कच्चे तेल की कीमतों में आ सकता है बड़ा उछाल
दुनिया की बड़ी तेल कंपनियों और वित्तीय संस्थानों ने चेतावनी दी है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) में जारी संकट लंबा खिंचता है तो आने वाले हफ्तों में कच्चे तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर इस्तेमाल योग्य तेल भंडार तेजी से घट रहे हैं, जिससे ऊर्जा बाजार पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
अमेरिकी निवेश बैंक जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 की शुरुआत में दुनिया के पास करीब 8.4 अरब बैरल तेल का भंडार था, लेकिन इसमें से केवल 0.8 अरब बैरल ही तत्काल इस्तेमाल के लिए उपलब्ध था। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर होर्मुज मार्ग लंबे समय तक प्रभावित रहता है तो सितंबर तक कई देशों के वाणिज्यिक तेल भंडार खतरनाक स्तर तक नीचे पहुंच सकते हैं।
इस दौरान सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि तेल आपूर्ति प्रभावित होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ीं। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका द्वारा अतिरिक्त तेल आपूर्ति, रणनीतिक भंडारों के इस्तेमाल और अन्य स्रोतों से बाजार में आई सप्लाई के कारण कीमतों पर तुरंत असर नहीं पड़ा।
वहीं अमेरिकी तेल कंपनी शेवरॉन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी माइक वर्थ ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ हफ्तों में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिए रखे गए अतिरिक्त तेल भंडार तेजी से खत्म हो रहे हैं और बाजार की संकट झेलने की क्षमता अब पहले से काफी कम हो चुकी है।
माइक वर्थ के मुताबिक जून और खासतौर पर जुलाई महीने में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मध्य-पूर्व का संघर्ष लंबा चलता है तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा और कई देशों में आर्थिक मंदी का खतरा बढ़ सकता है।
इसी तरह संयुक्त अरब अमीरात की सरकारी तेल कंपनी ADNOC के प्रमुख सुल्तान अल-जाबेर ने कहा है कि भले ही संघर्ष खत्म हो जाए, फिर भी होर्मुज मार्ग से तेल की सामान्य आपूर्ति बहाल होने में कई महीने लग सकते हैं। उनका अनुमान है कि पूरी तरह सामान्य स्थिति 2027 से पहले लौटना मुश्किल हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि देश अपने रणनीतिक तेल भंडार दोबारा भरना शुरू करते हैं तो वैश्विक बाजार में मांग और बढ़ेगी, जिससे कीमतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। ऐसे में आने वाले महीने वैश्विक तेल बाजार और विश्व अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
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‘मन की बात’ में PM मोदी ने की धावक गुरिंदरवीर सिंह की सराहना, युवाओं के लिए बताया प्रेरणा स्रोत
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के दौरान भारतीय धावक Gurindervir Singh की ऐतिहासिक उपलब्धि की जमकर सराहना की। प्रधानमंत्री ने गुरिंदरवीर को 100 मीटर दौड़ में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने पर बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इस दौरान उन्होंने गुरिंदरवीर से सीधे बातचीत कर उनके संघर्ष, मेहनत और सफलता के सफर के बारे में भी जानकारी ली।
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि खेल केवल जीतने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि खुद को बेहतर बनाने, चुनौतियों को स्वीकार करने और दूसरों को प्रेरित करने का भी जरिया हैं। उन्होंने गुरिंदरवीर और उनके साथी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी उपलब्धियां भारत को वैश्विक खेल मंच पर नई पहचान दिला रही हैं।
गुरिंदरवीर सिंह ने बताया कि वह भारतीय नौसेना में पेटी ऑफिसर के रूप में सेवा दे रहे हैं और खेलों के साथ-साथ देश सेवा को भी अपना सबसे बड़ा कर्तव्य मानते हैं। उन्होंने हाल ही में 100 मीटर दौड़ को महज 10.09 सेकंड में पूरा कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है। इस प्रदर्शन के साथ वह 10.10 सेकंड की बाधा तोड़ने वाले पहले भारतीय धावक बन गए हैं, जो भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
गुरिंदरवीर ने अपने बचपन की यादें साझा करते हुए बताया कि वह महान धावक Milkha Singh मिल्खा सिंह की कहानियां सुनते हुए बड़े हुए हैं। उनके परिवार में खेलों का माहौल रहा है। उनके पिता और दादा भी खेलों से जुड़े रहे, जिसके कारण बचपन से ही उनके मन में खेलों के प्रति विशेष रुचि पैदा हुई।
उन्होंने बताया कि हर साल दिवाली और नए साल पर घर की सफाई करते समय वह अपने पिता के जीते हुए पदक और ट्रॉफियों को साफ किया करते थे। उन ट्रॉफियों को देखकर उनके मन में खेलों के प्रति उत्साह बढ़ता गया। वह अपने पिता से हर ट्रॉफी के पीछे की कहानी पूछते थे और उनके पिता अपने संघर्ष, मेहनत और खेल यात्रा के अनुभव साझा करते थे। इन्हीं कहानियों ने उनके भीतर एक बड़ा खिलाड़ी बनने का सपना जगाया।
गुरिंदरवीर ने बताया कि जब उन्होंने 100 मीटर दौड़ को अपना मुख्य इवेंट बनाने का फैसला किया तो कई लोगों ने उन्हें हतोत्साहित करने की कोशिश की। लोगों का कहना था कि 100 मीटर स्प्रिंट भारतीय खिलाड़ियों के लिए नहीं है और इस स्पर्धा में विश्व स्तर पर सफलता हासिल करना आसान नहीं है। लेकिन उन्होंने और उनके पिता ने कभी अपना विश्वास नहीं खोया और अपने लक्ष्य पर डटे रहे।
उन्होंने कहा कि उनके पिता का भरोसा और हौसला ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बना। उसी विश्वास के सहारे उन्होंने लगातार मेहनत की और आज वह मुकाम हासिल किया, जिसे कभी असंभव माना जाता था। उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि मजबूत इरादों और कठिन परिश्रम से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
अपने संघर्षपूर्ण दिनों को याद करते हुए गुरिंदरवीर ने कहा कि सफलता का रास्ता कभी आसान नहीं होता। कई बार हार का सामना करना पड़ा, कई प्रतियोगिताओं में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं हुआ और चोटों ने भी राह में बाधाएं पैदा कीं। लेकिन हर कठिन समय में उनके परिवार, कोच और करीबी लोगों ने उनका साथ दिया।
उन्होंने अपने कोच का विशेष रूप से धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा उन्हें यही सिखाया कि यदि आप खुद पर विश्वास नहीं करेंगे तो कोई और भी आप पर विश्वास नहीं करेगा। गुरिंदरवीर ने कहा कि परिवार, कोच और समाज से मिलने वाला समर्थन किसी भी खिलाड़ी की सबसे बड़ी ताकत होता है और यही प्रेरणा उन्हें हर दिन नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए प्रेरित करती है।
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