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CM मान ने पंजाब इंडस्ट्रियल पॉलिसी लॉन्च की: बोले-हम हिस्सा या लाल थैली नहीं मांगेंगे, महिलाओं को कल तोहफा देंगे

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CM भगवंत मान ने आज लुधियाना में पंजाब इंडस्ट्रयिल पॉलिसी लॉन्च की। इसके लिए उन्होंने लुधियाना में उद्योगपतियों के साथ मीटिंग की। लॉन्चिंग के बाद सीएम ने कहा कि हम हिस्सा डालने वाले या लाल थैली लेने वाले नहीं हैं। हमारी बस एक ही चाहत है कि आपका बिजनेस बढ़े और यहां के युवाओं को नौकरी मिल जाए।

सीएम ने कहा कि मैं कॉमर्स का स्टूडेंट रहा हूं इसलिए थोड़ा बहुत जानता हूं। उन्होंने कहा कि अगर पंजाब को रंगला पंजाब बनाना है तो इंडस्ट्री का रंग जरूरी है। आपके कारण कई घरों के चूल्हे जलते हैं। आप भी अन्नदाता हैं। आज आपको दे रहे हैं, कल महिलाओं को बड़ा तोहफा देंगे।

सीएम ने आगे कहा- जो पॉलिसी आज हमने दी है यह इंडस्ट्री के लिए रन वे है इंडस्ट्री ने जितनी उड़ान भरनी है भरे, सरकार आपके साथ है। भारत को विश्व गुरु बनना है तो बिना पंजाब की तरक्की के नहीं बन सकता है।

इससे पहले प्रदेश के इंडस्ट्री मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि ऐसी पॉलिसी देश में कहीं नहीं है। यह पॉलिसी अरविंद केजरीवाल व मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में लाई गई। उन्होंने बताया कि सीएम का इंडस्ट्री से बहुत प्यार है। कैबिनेट में 10 मिनट में इसे पास किया गया था।

उन्होंने कहा कि इसके लिए 24 कमेटियां बनी थी, जिन्होंने इसके लिए अपनी राय दी। पॉलिसी बनाने में डिपार्टमेंट के अफसर, पंजाब डेवलपमेंट कमिशन, एआई का इस्तेमाल किया है। जितनी भी राय हमें मिली थी उसमें से 77 फीसदी राय मानी। एक प्रतिशत राय केंद्र से संबंधित थी। 22 प्रतिशत रह गए। उन पर भी चर्चा की गई।

पॉलिसी की लॉन्चिंग के बाद जानकारी देते हुए मंत्री संजीव अरोड़ा।

पॉलिसी की लॉन्चिंग के बाद जानकारी देते हुए मंत्री संजीव अरोड़ा।

मंत्री अरोड़ा ने बताई पॉलिसी की अहम बातें…

  • इंप्लायमेंट का थ्रेस होल्ड कम है। अगर आप 25 करोड़ की इंवेस्टमेंट करते हैं और आपके पास 50 इंप्लाई हैं तो वो थ्रेस होल्ड की कैटेगिरी में आ जाएंगे।
  • कैपिटल सब्सिडी पहली बार पंजाब में लाए जा रहे हैं। जेडएलडी में 100 प्रतिशत की छूट देंगे। मॉर्डनाइजेशन और एक्सपेंशन पर भी सब्सिडी दी जाएगी।
  • इंसेंटिव पैकेज के लिए 15 साल का समय उद्यमियों को दिया जाएगा। इंप्लायमेंट पर 3000 रुपए प्रति व्यक्ति प्रति व्यक्ति, IT सेक्टर के लिए 5000 रुपए प्रति वर्कर प्रति माह रखा गया है।
  • महिलाएं रात को काम कर सकेंगी और उनकी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। बॉर्डर डिस्ट्रिक्ट में इंडस्ट्री लगाने पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त इंसेंटिव मिलेंगे।

CM मान बोले- सरकार इंडस्ट्रियलिस्ट को पार्टनर मानती

सीएम भगवंत मान ने कहा हम सभी इंडस्ट्रियलिस्ट को अपना पार्टनर मानते हैं। आप तीन यूनिटों की परमिशन लेंगे तो हम पांच की देंगे, बशर्ते आप हमारे युवाओं को नौकरी दो। हम बस मिलकर पंजाब की तरक्की चाहते हैं।

रंगला पंजाब की नींव रखने में उद्यमी जरूरी

सीएम ने कहा कि उद्यमियों के सुझावों पर यह पॉलिसी बनी है। 78 फीसदी सुझावों को मानकर पॉलिसी तैयार की गई है। सीएम ने कहा कि मैंने सांसद रहते हुए कई स्टैंडिंग कमेटी में काम किया। स्टेंडिंग कमेटी लोगों से सुझाव लेती है और उसके बाद उसे संसद को सौंपते हैं।

पंजाब सरकार ने सभी उद्यमियों की कमेटियां बनाई। उसमें आपने राय दी और उसके आधार पर पॉलिसी बनाई गई है। सीएम ने कहा कि इस पॉलिसी में आपका दिमाग लगा है इसे बनाने वाले आप ही हैं।

हमने संबंधित महकमों को एक जगह कर दिया

भगवंत मान ने कहा कि हमने व्यवस्था को सुधारने के लिए संबंधित महकमों को एक ही जगह केंद्रित कर दिया। हमने बिजली इंडस्ट्री और स्थानीय निकाय को एक जगह किया। सभी विभाग एक दूसरे के साथ जुड़े हैं। जिसका परिणाम यह है कि काम में तेजी आई है।

पॉलिसी में अगर कोई दिक्कत आई तो वो हमें बताएं। उसमें बदलाव की जरूरत है तो उसे बदलेंगे। कागज पर जो लिखा है वो सब कुछ नहीं है। जो पब्लिक हित में होगा वो बदलाव करेंगे।

विपक्ष के पास नहीं है विजन

भगवंत मान ने कहा कि विपक्षियों के पास विजन नहीं है। अकाली दल कह रहा है कि हमें वोट दो हम आपको मोटर साइिकल का टैक्स फ्री करेंगे। ये कोई विजन है। प्रदेश के विकास के लिए विजन बनाना होगा। टाटा स्टील 3200 करोड़ रुपए इंवेस्ट कर 20 मार्च को लुधियाना में अपना प्लांट शुरू कर रहे हैं।

सीएम ने कहा इंडस्ट्री पंजाब में आ रही है तो हमें यहां पर स्किल डेवलपमेंट के इंस्टीट्यूट खोलने पड़ेंगे। बोइंग में जीएनई के सबसे ज्यादा इंजीनियर हैं। ट्रंप का जो जहाज बन रहा है उसका सुपरवाइजर भी जीएनई लुधियाना का स्टूडेंट है।

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RBI का बड़ा फैसला! रेपो रेट 5.25% पर बरकरार, EMI में नहीं होगा इजाफा

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने पॉलिसी रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर यथावत रखने का फैसला किया है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 3 से 5 जून तक चली MPC बैठक के बाद इसकी घोषणा की।

RBI के इस फैसले से होम लोन, कार लोन और अन्य रेपो रेट से जुड़े कर्जों की EMI में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि रेपो रेट को स्थिर रखना कर्ज लेने वालों के लिए राहत की खबर है।

RBI गवर्नर ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रही है। सप्लाई चेन में रुकावटें, ऊर्जा की बढ़ती कीमतें और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता का असर विकास दर और महंगाई दोनों पर पड़ सकता है।

इसके साथ ही RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की GDP वृद्धि दर के अनुमान में भी कटौती की है। पहले 6.9 फीसदी रखे गए अनुमान को घटाकर अब 6.6 फीसदी कर दिया गया है।

केंद्रीय बैंक के अनुसार चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में GDP वृद्धि दर 6.6 फीसदी, दूसरी तिमाही में 6.3 फीसदी, तीसरी तिमाही में 6.5 फीसदी और चौथी तिमाही में 6.8 फीसदी रहने का अनुमान है।

RBI ने यह भी चिंता जताई है कि इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान सामान्य से कम बारिश हो सकती है। इसका असर कृषि उत्पादन और ग्रामीण क्षेत्रों में मांग तथा खपत पर पड़ सकता है।

हालांकि रेपो रेट को स्थिर रखने से आम लोगों को तत्काल राहत मिली है, लेकिन वैश्विक आर्थिक चुनौतियां और GDP वृद्धि दर के घटाए गए अनुमान आने वाले समय के लिए सतर्क रहने का संकेत दे रहे हैं।

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होर्मुज संकट के बीच तेल कंपनियों की चेतावनी, कच्चे तेल की कीमतों में आ सकता है बड़ा उछाल

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दुनिया की बड़ी तेल कंपनियों और वित्तीय संस्थानों ने चेतावनी दी है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) में जारी संकट लंबा खिंचता है तो आने वाले हफ्तों में कच्चे तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर इस्तेमाल योग्य तेल भंडार तेजी से घट रहे हैं, जिससे ऊर्जा बाजार पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

अमेरिकी निवेश बैंक जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 की शुरुआत में दुनिया के पास करीब 8.4 अरब बैरल तेल का भंडार था, लेकिन इसमें से केवल 0.8 अरब बैरल ही तत्काल इस्तेमाल के लिए उपलब्ध था। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर होर्मुज मार्ग लंबे समय तक प्रभावित रहता है तो सितंबर तक कई देशों के वाणिज्यिक तेल भंडार खतरनाक स्तर तक नीचे पहुंच सकते हैं।

इस दौरान सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि तेल आपूर्ति प्रभावित होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ीं। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका द्वारा अतिरिक्त तेल आपूर्ति, रणनीतिक भंडारों के इस्तेमाल और अन्य स्रोतों से बाजार में आई सप्लाई के कारण कीमतों पर तुरंत असर नहीं पड़ा।

वहीं अमेरिकी तेल कंपनी शेवरॉन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी माइक वर्थ ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ हफ्तों में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिए रखे गए अतिरिक्त तेल भंडार तेजी से खत्म हो रहे हैं और बाजार की संकट झेलने की क्षमता अब पहले से काफी कम हो चुकी है।

माइक वर्थ के मुताबिक जून और खासतौर पर जुलाई महीने में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मध्य-पूर्व का संघर्ष लंबा चलता है तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा और कई देशों में आर्थिक मंदी का खतरा बढ़ सकता है।

इसी तरह संयुक्त अरब अमीरात की सरकारी तेल कंपनी ADNOC के प्रमुख सुल्तान अल-जाबेर ने कहा है कि भले ही संघर्ष खत्म हो जाए, फिर भी होर्मुज मार्ग से तेल की सामान्य आपूर्ति बहाल होने में कई महीने लग सकते हैं। उनका अनुमान है कि पूरी तरह सामान्य स्थिति 2027 से पहले लौटना मुश्किल हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि देश अपने रणनीतिक तेल भंडार दोबारा भरना शुरू करते हैं तो वैश्विक बाजार में मांग और बढ़ेगी, जिससे कीमतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। ऐसे में आने वाले महीने वैश्विक तेल बाजार और विश्व अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

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‘मन की बात’ में PM मोदी ने की धावक गुरिंदरवीर सिंह की सराहना, युवाओं के लिए बताया प्रेरणा स्रोत

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प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के दौरान भारतीय धावक Gurindervir Singh की ऐतिहासिक उपलब्धि की जमकर सराहना की। प्रधानमंत्री ने गुरिंदरवीर को 100 मीटर दौड़ में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने पर बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इस दौरान उन्होंने गुरिंदरवीर से सीधे बातचीत कर उनके संघर्ष, मेहनत और सफलता के सफर के बारे में भी जानकारी ली।

बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि खेल केवल जीतने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि खुद को बेहतर बनाने, चुनौतियों को स्वीकार करने और दूसरों को प्रेरित करने का भी जरिया हैं। उन्होंने गुरिंदरवीर और उनके साथी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी उपलब्धियां भारत को वैश्विक खेल मंच पर नई पहचान दिला रही हैं।

गुरिंदरवीर सिंह ने बताया कि वह भारतीय नौसेना में पेटी ऑफिसर के रूप में सेवा दे रहे हैं और खेलों के साथ-साथ देश सेवा को भी अपना सबसे बड़ा कर्तव्य मानते हैं। उन्होंने हाल ही में 100 मीटर दौड़ को महज 10.09 सेकंड में पूरा कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है। इस प्रदर्शन के साथ वह 10.10 सेकंड की बाधा तोड़ने वाले पहले भारतीय धावक बन गए हैं, जो भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

गुरिंदरवीर ने अपने बचपन की यादें साझा करते हुए बताया कि वह महान धावक Milkha Singh मिल्खा सिंह की कहानियां सुनते हुए बड़े हुए हैं। उनके परिवार में खेलों का माहौल रहा है। उनके पिता और दादा भी खेलों से जुड़े रहे, जिसके कारण बचपन से ही उनके मन में खेलों के प्रति विशेष रुचि पैदा हुई।

उन्होंने बताया कि हर साल दिवाली और नए साल पर घर की सफाई करते समय वह अपने पिता के जीते हुए पदक और ट्रॉफियों को साफ किया करते थे। उन ट्रॉफियों को देखकर उनके मन में खेलों के प्रति उत्साह बढ़ता गया। वह अपने पिता से हर ट्रॉफी के पीछे की कहानी पूछते थे और उनके पिता अपने संघर्ष, मेहनत और खेल यात्रा के अनुभव साझा करते थे। इन्हीं कहानियों ने उनके भीतर एक बड़ा खिलाड़ी बनने का सपना जगाया।

गुरिंदरवीर ने बताया कि जब उन्होंने 100 मीटर दौड़ को अपना मुख्य इवेंट बनाने का फैसला किया तो कई लोगों ने उन्हें हतोत्साहित करने की कोशिश की। लोगों का कहना था कि 100 मीटर स्प्रिंट भारतीय खिलाड़ियों के लिए नहीं है और इस स्पर्धा में विश्व स्तर पर सफलता हासिल करना आसान नहीं है। लेकिन उन्होंने और उनके पिता ने कभी अपना विश्वास नहीं खोया और अपने लक्ष्य पर डटे रहे।

उन्होंने कहा कि उनके पिता का भरोसा और हौसला ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बना। उसी विश्वास के सहारे उन्होंने लगातार मेहनत की और आज वह मुकाम हासिल किया, जिसे कभी असंभव माना जाता था। उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि मजबूत इरादों और कठिन परिश्रम से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

अपने संघर्षपूर्ण दिनों को याद करते हुए गुरिंदरवीर ने कहा कि सफलता का रास्ता कभी आसान नहीं होता। कई बार हार का सामना करना पड़ा, कई प्रतियोगिताओं में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं हुआ और चोटों ने भी राह में बाधाएं पैदा कीं। लेकिन हर कठिन समय में उनके परिवार, कोच और करीबी लोगों ने उनका साथ दिया।

उन्होंने अपने कोच का विशेष रूप से धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा उन्हें यही सिखाया कि यदि आप खुद पर विश्वास नहीं करेंगे तो कोई और भी आप पर विश्वास नहीं करेगा। गुरिंदरवीर ने कहा कि परिवार, कोच और समाज से मिलने वाला समर्थन किसी भी खिलाड़ी की सबसे बड़ी ताकत होता है और यही प्रेरणा उन्हें हर दिन नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए प्रेरित करती है।

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