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सुखबीर बादल दोहरी राजनीति कर रहे हैं, पुराने झूठ से Punjab को कर रहे हैं गुमराह: कुलदीप सिंह धालीवाल

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने रविवार को शिरोमणि अकाली दल की लीडरशिप पर निशाना साधते हुए कहा कि सुखबीर सिंह बादल अपने पिता प्रकाश सिंह बादल की तरह “दोहरी राजनीति” कर रहे हैं और पुराने रटे-रटाए भाषणों और नए दावों से पंजाब के लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।

अमृतसर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कुलदीप धालीवाल ने कहा कि गैंगस्टरवाद को खत्म करने के बड़े-बड़े दावे करने से पहले सुखबीर सिंह बादल को अपने पुराने रिकॉर्ड का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आप एक हलके में एक जाने-माने गैंगस्टर के परिवार के सदस्य को अपना उम्मीदवार बनाते हैं और फिर दूसरे चरण से गैंगस्टरों का सफाया करने की बातें करते हैं। यह सरासर पाखंड पंजाब के लोगों से छिपा नहीं रहेगा।

तरनतारन के चुनावों का हवाला देते हुए ‘आप’ पंजाब के मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि अकाली दल ने आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों से जुड़े लोगों का खुलकर समर्थन किया और वोट मांगे। उन्होंने कहा कि आज वे दावा करते हैं कि वे गैंगस्टरों के घर ढहा देंगे, लेकिन कल वे उनके पारिवारिक समारोहों में शामिल हो रहे थे और उनके रिश्तेदारों को उम्मीदवार के रूप में खड़ा कर रहे थे। पंजाब सब कुछ याद रखता है।

प्रकाश सिंह बादल के कार्यकाल से समानताएं दर्शाते हुए कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि सुखबीर सिंह बादल उसी रास्ते पर चल रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि बादल परिवार ऐतिहासिक रूप से पंजाब की युवा पीढ़ी का शोषण करके बड़ा हुआ है, पहले राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे तत्वों को संरक्षण दिया और बाद में कानून व्यवस्था की स्थिति पर मगरमच्छ के आंसू बहाए। 2007 से 2017 तक अकाली-भाजपा शासन के दौरान संगठित गैंगस्टरवाद और नशे की मार की जड़ें गहरी हुईं।

कुलदीप सिंह धालीवाल ने मौजूदा सरकार को अपराध पर लेक्चर देने के लिए सुखबीर सिंह बादल की नैतिक अधिकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वही लोग जिन्होंने पंजाब को लहूलुहान होने दिया, अब इसके मुक्तिदाता बनने का नाटक कर रहे हैं। जब नशा माफिया और आपराधिक नेटवर्क फले-फूले, तब सत्ता में कौन था? पंजाब के लोग जवाब जानते हैं।

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के कामकाज के बारे में चिंता जताते हुए कुलदीप सिंह धालीवाल ने पूछा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के लापता स्वरूपों, जमीनी सौदों और वित्तीय कुप्रबंधन के बारे में सम्मानित सिख धार्मिक शख्सियतों द्वारा उठाए गए सवालों पर अकाली लीडरशिप चुप क्यों रही। उन्होंने कहा कि मंचों से चीखने की बजाय 328 लापता स्वरूपों, जमीनों की बिक्री और पवित्र संस्थाओं से जुड़े आरोपों के बारे में सवालों के जवाब दो। पंजाब स्पष्टता और जवाबदेही का हकदार है।

उन्होंने आगे कहा कि ऐसे विवादों को सामान्य बनाने की कोशिशें सिख समुदाय की भावनाओं का अपमान हैं। उन्होंने कहा कि रोजाना के घोटालों को आम बात कैसे माना जा सकता है? यह सिर्फ राजनीति नहीं है, यह श्रद्धा और जवाबदेही का विषय है। समुदाय पारदर्शिता का हकदार है।

कुलदीप सिंह धालीवाल ने यह भी संकेत दिया कि माझे से मालवा तक के कई परंपरागत अकाली परिवारों ने पार्टी से दूरी बना ली है। उन्होंने कहा कि आज जो बचा है वह शिरोमणि अकाली दल नहीं है जो कभी जन आंदोलन का प्रतिनिधित्व करता था, बल्कि एक ‘जीजा-साला’ द्वारा चलाया जा रहा एक सीमित टोला है। पार्टी सिर्फ अस्तित्व बचाने के लिए संदिग्ध रिकॉर्ड वाले व्यक्तियों को शामिल करने तक सीमित होकर रह गई है।

‘आप’ विधायक ने आगे कहा कि सुखबीर सिंह बादल ने किसानों के मुद्दों और भारत-अमेरिका व्यापारिक समझौते सहित प्रमुख राष्ट्रीय मुद्दों पर चुनावी चुप्पी साधी हुई है और केंद्र में सालों तक गठबंधन और सत्ता में भागीदारी के बावजूद भाजपा लीडरशिप को सवाल करने का साहस नहीं दिखाया।

अपने संबोधन के अंत में कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि पंजाब के लोग राजनीतिक रूप से समझदार हैं और उन्हें नाटकीय भाषणों से गुमराह नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि आप डर पैदा नहीं कर सकते, आपराधिक तत्वों को संरक्षण नहीं दे सकते और फिर उन्हें खत्म करने का वादा नहीं कर सकते। पंजाब आपका चरित्र जानता है। नए ऐलान करने से पहले अपने पुराने कामों का जवाब दो।

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पंजाब में महंगी होगी शराब:नई एक्साइज पॉलिसी को मंजूरी देगी AAP सरकार; ₹12 हजार करोड़ तक कमाई का टारगेट

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पंजाब कैबिनेट की आज (23 फरवरी) को होने वाली मीटिंग में नई एक्साइज पॉलिसी 2026-27 को मंजूरी दी जाएगी। इसमें पिछली पॉलिसी में जरूरत के अनुसार बदलाव किया जाएगा, लेकिन यह बड़े स्तर पर नहीं होगा।

इस बार आबकारी नीति के जरिए राजस्व बढ़ाने, अवैध कारोबार पर सख्ती और सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी बनाने पर फोकस है।

सूत्रों के मुताबिक नई पॉलिसी में अंग्रेजी शराब की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी की जाएगी। इसके साथ ही राजस्व लक्ष्य 12 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा रखा जाना भी तय है। पिछले वित्तीय वर्ष में राज्य ने करीब 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व हासिल किया था।

अंग्रेजी शराब का कोटा भी बढ़ेगा

आबकारी एवं कराधान विभाग की ओर से पिछले कई महीनों से लगातार समीक्षा बैठकों का दौर जारी था। सूत्रों के अनुसार, अंग्रेजी शराब (आईएमएफएल) का कोटा भी बढ़ाया जाएगा ताकि बाजार की मांग के अनुरूप सप्लाई सुनिश्चित की जा सके। अवैध शराब के नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई, ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम को मजबूत करना और फील्ड मॉनिटरिंग बढ़ाना भी नीति का अहम हिस्सा होगा।

लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है। रिटेल और होलसेल लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रणाली को और मजबूत किया जाएगा। इसमें मानवीय दखल कम होगा।

नई नीति के तहत लाइसेंस फीस स्ट्रक्चर में बदलाव, आवेदकों की वित्तीय क्षमता और टैक्स रिकॉर्ड की सख्त जांच तथा नियमों के पालन को अनिवार्य किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य केवल पात्र और नियमों का पालन करने वाले कारोबारियों को ही बाजार में अनुमति देना है।

पंजाब सरकार की ओर से कैबिनेट मीटिंग को लेकर यह नोटिफिकेशन जारी किया गया। मीटिंग का समय चंडीगढ़ में सुबह 11 बजे तय है।

पंजाब सरकार की ओर से कैबिनेट मीटिंग को लेकर यह नोटिफिकेशन जारी किया गया। मीटिंग का समय चंडीगढ़ में सुबह 11 बजे तय है।

एक्साइज पॉलिसी में यह फायदा होगा

सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष के दौरान आबकारी नीति से 8 से 10 प्रतिशत तक राजस्व बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए आबकारी से 10,145 करोड़ रुपये और 2025-26 के लिए 11,200 करोड़ रुपये राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा गया था।

वहीं, 2026-27 के लिए 12,500 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व एकत्र करने की तैयारी की जा रही है। सरकार ने पिछले समय में शराब ठेकेदारों के साथ भी बैठकें की हैं, जिनमें विभिन्न सुझाव दिए गए। इन सभी सुझावों को ध्यान में रखते हुए नई आबकारी नीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पंजाब में वर्तमान में 207 शराब लाइसेंसों के तहत 6,300 से अधिक शराब के ठेके संचालित हो रहे हैं।

8 मार्च को बजट पेश होगा

कैबिनेट मीटिंग में बजट तारीख के ऐलान होने की संभावना है। सीएम भगवंत मान ने गुजरात दौरे के दौरान कहा था कि इस बार में 8 मार्च को रविवार वाले दिन बजट पेश कर रहे हैं। इस दिन महिला दिवस भी है। महिलाओं को इस दौरान एक हजार रुपए की गारंटी देने का वायदा पूरा किया जाएगा।

पंजाब में लीडर ऑफ अपोजिशन प्रताप सिंह बाजवा भी कह चुके हैं कि पता चला है कि सात से दस तारीख बजट सेशन बुलाया जा रहा है। ऐसे में उम्मीद है कि छह से बजट सेशन शुरू होगा।

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पंजाब-चंडीगढ़ में 28 फरवरी तक मौसम ड्राई:अमृतसर में कोहरा छाया, दिन में तेज धूप निकलेगी, अधिकतम तापमान बढ़ेगा

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पंजाब और चंडीगढ़ में आज (सोमवार) से लेकर 28 फरवरी तक मौसम ड्राई रहेगा। किसी भी तरह की मौसम गतिविधि नहीं होगी। हालांकि कुछ स्थानों पर धुंध जरूर छा सकती है। चंडीगढ़ मौसम विभाग के मुताबिक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।

जबकि अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री की बढ़ोतरी होगी। गत 24 घंटे में तापमान में 0.7 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। जबकि यह सामान्य से 3.7 डिग्री अधिक रहा है। भाखड़ा डैम पर 27.9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है।

अमृतसर में धुंध हुई रिकॉर्ड

मौसम विभाग के मुताबिक कल सुबह अमृतसर में कोहरा दर्ज किया गया था। इस दौरान विजिबिलिटी 150 मीटर से भी कम रह गई थी। इस वजह से लोगों को दिक्कत भी आई। हालांकि दिन में धूप रहने से 25.4 से लेकर 27.9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है।

चंडीगढ़ में 27.2 डिग्री तापमान रहा है। ऐसे ही अमृतसर में 25.9 डिग्री, लुधियाना में 26.8 डिग्री और पटियाला में 27.4 डिग्री तापमान रहा है। न्यूनतम तापमान भी आठ डिग्री से 13 डिग्री के बीच रहा है।

रात के तापमान में नहीं आएगा अंतर

मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के मुताबिक आज राज्य में मौसम सूखा रहने की संभावना है। कुछ जगहों पर हल्के से मध्यम कोहरे की संभावना है। अगले 5 दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। 7 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 3-4°C की बढ़ोतरी होगी।

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आप सरकार मार्च में लगातार पांचवां लोक-हितैषी बजट पेश करेगी, हर वर्ग की भलाई के लिए प्रतिबद्ध: CM भगवंत सिंह मान

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज घोषणा की कि पंजाब सरकार मार्च में अपना पांचवां लोक-हितैषी बजट पेश करेगी, जो पहले की तरह समाज के हर वर्ग की भलाई पर केंद्रित होगा। पत्रकारों से बातचीत में भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार ने लगातार लोक-हितैषी और नागरिक-केंद्रित फैसले लिए हैं, जिन्होंने राज्य की दिशा बदल दी है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार मार्च महीने में अपना पांचवां बजट पेश करेगी और हम सभी की भलाई के उद्देश्य से लोक-हितैषी बजट पेश करने की अपनी परंपरा को जारी रखेंगे। हमारा एकमात्र उद्देश्य आम आदमी की भलाई सुनिश्चित करना है और हम इसे हासिल करने के लिए कठोर प्रयास कर रहे हैं। आने वाला बजट फिर से पंजाब के लोगों को बहुत अधिक लाभ प्रदान करेगा।”

केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लगातार कई सालों से भाजपा के नेतृत्व वाली एन.डी.ए. सरकार द्वारा पेश किया गया केंद्रीय बजट दिशाहीन और समाज के अमीर वर्गों की ओर झुकाव वाला रहा है। उन्होंने कहा, “गुजरात में जहां वास्तव में कोई विपक्षी दल नहीं है, आम आदमी की तकलीफें बढ़ी हैं और लोग दुख झेल रहे हैं। कांग्रेस और भाजपा वहां दोस्ताना मैच खेल रहे हैं और आम आदमी की आवाज को दबा दिया गया है।”

मुख्यमंत्री ने टिप्पणी की कि जब प्रधानमंत्री देश को विश्व गुरु बनाने की बात करते हैं तो उनके गृह राज्य के लोग मूलभूत जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “लोकतंत्र में विपक्षी दल की आवाज दबाने के लिए केंद्र सरकार ने डिजिटल जनता का संकल्प पेश किया है, जहां वोट डेटा शरारत से बनाया जाता है और हर राज्य में चुनाव जीतने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। आज गुजरात के लोग ‘आप’ को अपना मुक्तिदाता देख रहे हैं। ‘आप’ के रूप में हर गुजराती परिवार की आंखों में उम्मीद है।”

राज्यों के वित्तीय अधिकारों का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि केंद्र ने ग्रामीण विकास फंड में पंजाब के जायज हिस्से को अलोकतांत्रिक तरीके से रोका है, यही कुछ गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ हो रहा है। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में सरकार लोगों की, लोगों के लिए और लोगों द्वारा होती है लेकिन आज विपक्षी दल की आवाज दबाने का रुझान बन गया है। जैसे एक गुलदस्ते की उसकी विविध फूलों के लिए प्रशंसा की जाती है, उसी तरह लोकतंत्र तब बढ़ता-फूलता है, जब हरेक आवाज सुनी जाती है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि हमारी सरकार विकास के लिए फंड बांटते समय किसी के साथ भेदभाव नहीं करती। उन्होंने कहा, “जहां भी ‘आप’ ने सरकार बनाई है, वहां करदाताओं के पैसे का इस्तेमाल आम आदमी की भलाई के लिए समझदारी से किया गया है। दिल्ली के बाद पंजाब में ‘आप’ सरकार ने जनता की भलाई के लिए एक-एक रुपए का तर्कसंगत उपयोग सुनिश्चित किया है।”

महत्वपूर्ण सुधारों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे समय में जब केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय संपत्तियों को मामूली कीमतों पर कुछ रसूखदार दोस्तों को सौंपा जा रहा है, पंजाब ने एक निजी थर्मल प्लांट खरीदकर इतिहास रचा है। हम मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए 881 आम आदमी क्लीनिक खोल चुके हैं और सरकारी अस्पताल लोगों को मानक चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।”

स्वास्थ्य सुधारों के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य ने मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की है, जो अपनी तरह की पहली ऐसी योजना है, जिसके तहत पंजाब में रहने वाले हर परिवार को 10 लाख तक का नकद रहित चिकित्सा इलाज किया जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘पंजाब, ऐसी व्यापक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने वाला देश का पहला राज्य है। इससे लोगों पर वित्तीय बोझ काफी कम हुआ है और साथ ही मानक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की गई हैं। इस ऐतिहासिक कदम का उद्देश्य राज्य के सभी परिवारों को मानक स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करना है।’’

Sha Tri, [22-02-2026 18:49]
शिक्षा क्षेत्र के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने सभी सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने के लिए पंजाब शिक्षा क्रांति शुरू की है। उन्होंने कहा, “हम 118 सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक उपकरणों से लैस लैब, खेल मैदानों के साथ शानदार स्कूलों में बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं। शिक्षकों और प्रिंसिपलों को विशेष प्रशिक्षण के लिए विदेश भेजा जा रहा है ताकि वे आधुनिक शिक्षा अभ्यासों से अच्छी तरह परिचित हों और छात्रों को वैश्विक मुकाबले के लिए तैयार कर सकें। यह बहुत गर्व की बात है कि पंजाब, भारत सरकार द्वारा करवाए गए राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण में केरल को भी पीछे छोड़कर पहले स्थान पर आ गया है।”

बुनियादी ढांचे के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने अपने इतिहास में सबसे बड़ा सड़क निर्माण अभियान चलाया है, जिसके तहत 16209 करोड़ की लागत से 44920 किलोमीटर सड़कें बनाई गई हैं। उन्होंने कहा, “ये सभी सड़कें पांच साल की देखभाल की शर्त के साथ बनाई जा रही हैं, जो उच्चतम गुणवत्ता के मानकों और विश्व स्तरीय सड़क सुरक्षा विशेषताओं को सुनिश्चित करती हैं। यह ग्रामीण बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देगा और पूरे पंजाब में बेहतर गतिशीलता प्रदान करेगा।”

सुरक्षा बलों की कुर्बानियों को मान्यता देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य द्वारा हथियारबंद सेनाओं, अर्ध-सैनिक दस्तों और अग्निवीरों के जवानों के परिवारों को एक करोड़ रुपए और ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले पुलिस कर्मचारियों के परिवारों को दो करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा, “यह सहायता हमारे नायकों द्वारा दी गई सर्वोच्च कुर्बानी के सम्मान का प्रतीक है। यह देश की एकता, अखंडता और प्रभुसत्ता की रक्षा करने वाले सूरवीरों को हमारी नम्र श्रद्धांजलि है।”

एक अन्य लोक-हितैषी फैसले में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार ने 19 टोल प्लाजा बंद कर दिए हैं, जिससे टोल शुल्क में आम लोगों की जेबों से रोजाना 64 लाख रुपए की बचत हुई है।

अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार के हर नीतिगत फैसले का उद्देश्य लोकतंत्र को मजबूत करना, नागरिकों को सशक्त बनाना और लोक भलाई वाला व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

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