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पंजाब में चुनाव से पहले फ्री दाल-चीनी देगी AAP सरकार:नमक-तेल, हल्दी भी मिलेगी; CM ने मेरी रसोई स्कीम लॉन्च की; शराब महंगी नहीं होगी

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पंजाब कैबिनेट की आज (23 फरवरी) मीटिंग हुई। इसके बाद CM भगवंत मान ब्रीफिंग की। इस दौरान उन्होंने मेरी रसोई स्कीम लॉन्च करने की घोषणा की। इस योजना का लाभ प्रदेश के 40 लाख परिवारों को मिलेगा। इसके तहत सरकार एक फूड किट तैयार करेगी, जो नीले कार्ड धारकों को मिलेगी।

इस किट में गेहूं के साथ, उड़द-चने की 2 किलो दाल, 2 किलो चीनी, 1 किलो आयोडीन नमक, 200 ग्राम हल्दी पाउडर, एक लीटर सरसों का तेल दिया जाएगा। इस दौरान CM मान ने बजट सेशन का ऐलान भी किया। उन्होंने बताया कि 6 मार्च से बजट सेशन शुरू होगा, जो 16 मार्च तक चलेगा।

वहीं पंजाब की एक्साइज पॉलिसी को मंजूरी दी गई है। मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि 2022-23 में जब हमारी सरकार बनी तो उस समय पंजाब में सिर्फ 6200 करोड़ सरकार को राजस्व मिलता था। वह आज बढ़कर 11 हजार 20 करोड़ पूरा कर लिया है। पूरे साल के दौरान कोई किश्त लेट नहीं हुई। अब रेवेन्यू बढ़ाकर इस बार टारगेट 12 हजार 800 करोड़ रखा है।

उन्होंने कहा कि 6.5 प्रतिशत राशि के साथ अपने ग्रूप को रिन्यू करवा पाएंगे। पहली बार माल्ट कोई रूल नहीं बने थे। सिंगल माल्ट बनाने की यूनिट लगा पाएंगे। पहले बोटलिंग होती थी। शराब महंगी नहीं होगी। हमने देसी शराब का कोटा तीन फीसदी बढ़ाया है।

योजना को लेकर CM ने ब्रीफिंग में ये बातें कहीं…

  • देश को पंजाब ने आत्मनिर्भर बनाया:  कैबिनेट मीटिंग के बाद ब्रीफिंग में CM भगवंत ने कहा- एक बड़ी महत्वपूर्ण जानकारी के लिए आपको बुलाया गया है। पंजाब और पंजाबी देश के अनाज भंडार को भरने के लिए जाने जाते हैं। जब भी देश में फूड क्राइसिस हुई तो पंजाब सबसे पहले आगे आता है। हिस्ट्री में हरित क्रांति के माध्यम से देश को पंजाब ने आत्मनिर्भर बनाया।
  • मेरी रसोई स्कीम 40 लाख परिवारों को प्रभावित करेगी:  CM मान ने कहा- पंजाब सरकार ने बहुत सारी स्कीमें शुरू की हैं, जिसमें बिजली, पानी और शिक्षा जैसी सुविधाएं हैं। मैं एक गारंटी, जो लिखकर नहीं दी, जो लोगों में जाकर पता चलती है। यह 40 लाख परिवारों को प्रभावित करने वाली है। यह स्कीम मेरी रसोई है।
  • खाने को पौष्टिक बनाएगी स्कीम:  उन्होंने कहा- इस स्कीम के तहत पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन के माध्यम से लोगों को गेहूं मिलता रहेगा। अब खाने को और पौष्टिक बनाने के लिए स्कीम का आगाज कर रहे हैं। ताकि, परिवार के बच्चों को पौष्टिक खाना मिल पाए। वे कुपोषण का शिकार न हों।
  • नीले कार्ड धारकों को मिलेगी सुविधा:  CM ने कहा- 40 लाख परिवार को एक फूड किट तैयार की जाएगी, जो नीले कार्ड धारकों को मिलेगी। किट में गेहूं के साथ, उड़द-चने की 2 किलो दाल, 2 किलो चीनी, एक किलो आयोडीन नमक, 200 ग्राम हल्दी पाउडर और एक लीडर सरसों का तेल दिया जाएगा।
  • हर 3 महीने में मिलेगी किट:  उन्होंने कहा- हमें बच्चों के कुपोषण के बारे में पता चला। स्कूलों में बच्चों की सेहत जांच में यह बात सामने आई। इसलिए, मेरी रसोई योजना शुरू कर रहे हैं। हर 3 महीने के लिए किट दी जाए। पहली बार अप्रैल, मई और जून महीने की किट बांटी जाएगी।
  • क्वालिटी चेक के बाद अनाज मिलेगा:  CM मान ने कहा- इस अनाज की क्वालिटी भी चेक होगी। इस बारे में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जो हम अपनी रसोई में तेल उपयोग करते हैं, वैसा ही किट में दिया जाएगा। जैसे खिलाड़ियों की डाइट होती है, वैसे ही लोगों की सेहत होती है।
  • बजट 6 मार्च से, दिन बढ़ भी सकते हैं
  • इसके अलावा CM मान ने बजट सेशन की घोषणा की। उन्होंने बताया कि 6 मार्च से 16 मार्च तक बजट सेशन होगा। अगर सेशन की अवधि बढ़ाने की जरूरत होगी, तो उसे बढ़ाया जाएगा। बजट में सारी चीजों का हिसाब-किताब रखा गया है। बजट लोकपक्षीय होगा।
  • बजट पेश करने की तारीख 8 मार्च तय हुई है। उस दिन रविवार है। इसे लेकर CM मान ने कहा कि जब PM मोदी संसद खुलवा सकते हैं तो हम क्यों नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि उस दिन इंटरनेशनल वीमेंस-डे भी है।
  • कैबिनेट मीटिंग में ये फैसले लिए गए….
  • वन टाइम सेंटलमेंट स्कीम बढ़ाई:  मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब लघु उद्योग एवं निर्यात निगम (पीएसआईसी) के लिए वन टाइम सेंटलमेंट स्कीम लेकर आए थे। जिसकी समय अवधि 13-02-25 तक थी। जिसे अब बढ़ा दिया गया है। अब यह 30-06-26 तक कर दी गई है। जिसका फायदा उद्योग जगत को होगा।
  • तीन जिलों के लोगों को बाढ़ मुआवजा मिलेगा:  पंजाब में बाढ़ से काफी नुकसान हुआ। फिरोजपुर में 5200, फाजिल्का में 3000 व अमृतसर में 2800 एकड़ जमीन सरकार के नाम पर होती है। लेकिन वहां पर किसान लंबे समय से खेती कर रहे हैं। कई मामले अदालत में चले। 2015 की गिरदावरी स्टेट के नाम पर हो गई। बाढ़ के समय मुआवजा बांटने में दिक्कत आई। मीटिंग में तय हुआ कि उन किसानों को मुआवजा मिलेगा। इसके लिए कमेटी बनेगी। जो सरपंच, पंच या पटवारी तय करेंगे कि कोई व्यक्ति खेती कर रहा है या नहीं। यह मुआवजा उसे जाएगा।
  • कोविड काल के वालंटियर को विशेष छूट मिलेगी:  कोविड के दौरान बहुत सारे वालंटियर जिन्होंने पैरा नर्सिंग या पैरा मेडिकल के कोर्स पास किए थे। उन्होंने वालंटियर बनकर सेवाएं दीं। उन्होंने उस समय सेवा दी थी, जब लोग अपनों का संस्कार नहीं कर रहे थे। उस समय काम करने वाले, जिनका समय एक साल से कम है, उन्हें पांच नंबर व जिनका काम एक साल से अधिक समय तक किया, उन्हें दस नंबर दिए गए हैं। जब पद निकलेंगे, तो उन्हें विशेष छूट दी जाएगी।
  • नर्सिंग स्टाफ के 361 पदों को मंजूरी:  इसके साथ ग्रुप सी नर्सिंग स्टाफ के 361 पदों को भरने की मंजूरी दी। पंजाब योजनाबंदी विभाग में आर्थिक नीति व योजना बोर्ड के दो पद भरे जाएंगे। ताकि पंजाब में अच्छे तरीके से नीतियां लागू कर सके। पहले तीन पद थे।
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मान कैबिनेट के बड़े फैसले, डिजिटल यूनिवर्सिटी से लेकर प्राइवेट स्कूल फीस तक कई प्रस्तावों को मंजूरी

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पंजाब विधानसभा में मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी।

हरपाल चीमा ने बताया कि कैबिनेट ने ‘द पंजाब प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी पॉलिसी’ को मंजूरी दे दी है। इसके तहत राज्य में तीन नई डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएंगी। इनमें एक होशियारपुर और दो पटियाला में बनाई जाएंगी। पटियाला के गांव फतेहपुर में एक यूनिवर्सिटी स्थापित होगी, जबकि विश्व प्रसिद्ध एजुकेशन ब्रांड फिजिक्स वाला पटियाला के गांव आनंदपुर केशव में डिजिटल यूनिवर्सिटी खोलेगा। वहीं, होशियारपुर में क्लाउड यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी, जहां आधुनिक डिजिटल तकनीक के माध्यम से पढ़ाई कराई जाएगी।

उन्होंने बताया कि आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधे सरकार के अधीन कॉन्ट्रैक्ट पर लाने के लिए सरकार एक विशेष मनी बिल ला रही है। इस बिल को राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। मंजूरी मिलने के बाद इसे विधानसभा में पेश कर पारित कराया जाएगा।

वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि निजी स्कूलों में मनमाने फीस बढ़ोतरी पर रोक लगाने के लिए लाए गए अध्यादेश को विधेयक में बदलने की मंजूरी दे दी गई है। विधानसभा और राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बन जाएगा। इसके तहत कोई भी निजी स्कूल 5 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेगा। यदि कोई स्कूल इससे अधिक फीस बढ़ाना चाहता है, तो उसे नियामक (रेगुलेटरी) संस्था से अनुमति लेनी होगी।

कैबिनेट ने ‘पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज़ बिल’ को भी मंजूरी दी है। इस कानून के तहत यदि कोई व्यक्ति एक पेड़ काटता है तो उसे 10 नए पेड़ लगाने होंगे। ऐसा नहीं करने पर पहली बार प्रति पेड़ 10 हजार रुपये, दूसरी बार 35 हजार रुपये और तीसरी बार 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।

इसके अलावा कैबिनेट ने पंजाब लोक निर्माण विभाग (PWD) में सिविल पदों पर सीधी भर्ती को भी मंजूरी दे दी है, जिससे विभाग में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने का रास्ता साफ हो गया है।

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पंजाब विधानसभा में रोजगार और औद्योगिक निवेश पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित

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पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन ने रोजगार सृजन और औद्योगिक निवेश को लेकर धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया। इस दौरान सरकार की रोजगार नीतियों, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और राज्य में आए बड़े औद्योगिक निवेश की सराहना की गई।

प्रस्ताव पेश करते हुए विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि 1 अप्रैल 2022 से अब तक योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर 68,228 सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने बताया कि 16 मार्च 2022 से 31 जुलाई 2026 तक पंजाब को 1,83,837 करोड़ रुपये के 9,899 औद्योगिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनके जरिए राज्य में 6,16,436 नए रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग में 16,316, गृह विभाग में 14,723, बिजली विभाग में 8,706, स्थानीय निकाय विभाग में 5,681 और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 4,758 नियुक्तियां की गई हैं।

धालीवाल ने कहा कि पहले पंजाब में सरकारी नौकरियां सिफारिश, राजनीतिक हस्तक्षेप और भ्रष्टाचार का शिकार थीं, जिससे योग्य युवाओं का भरोसा व्यवस्था से उठ चुका था। लेकिन मौजूदा सरकार ने पारदर्शी परीक्षाओं और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया के जरिए इस व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है।

उन्होंने कहा कि अब युवाओं को सरकारी नौकरी के लिए किसी सिफारिश की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि उन्हें उनकी योग्यता और मेहनत के आधार पर अवसर मिल रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि केवल सरकारी नौकरियों से बेरोजगारी की समस्या का समाधान संभव नहीं है। इसलिए राज्य सरकार ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और नीतिगत स्थिरता के माध्यम से औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने पर भी विशेष ध्यान दिया है।

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स्वास्थ्य योजना की सफलता तभी है, जब ज़रूरत के समय लोगों तक उपचार पहुँच सके : डॉ. बलबीर सिंह

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किसी भी स्वास्थ्य योजना की वास्तविक सफलता केवल इस बात से नहीं आँकी जा सकती कि उस पर कितना ख़र्च हुआ या कितने मामलों का निपटारा हुआ, बल्कि इस बात से तय होती है कि ज़रूरत के समय लोगों को समय पर उपचार मिल पाया या नहीं। भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना (एमएमएसवाई) के तहत 8 जनवरी 2026 से अब तक 2,91,417 लाभार्थियों को उपचार का लाभ मिल चुका है, जो कि एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है।

स्टेट हेल्थ एजेंसी (एसएचए), पंजाब के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत अब तक लगभग ₹1,044 करोड़ मूल्य की कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की जा चुकी हैं। इन आंकड़ों के पीछे हज़ारों ऐसे परिवार हैं, जिन्हें चिकित्सा आपात स्थिति के दौरान इलाज के ख़र्च की चिंता किए बिना अपने प्रियजनों के स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिला।

इस उपलब्धि पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “किसी भी स्वास्थ्य योजना की सफलता तभी मानी जाती है, जब वह ज़रूरत के समय लोगों तक पहुँचे। मुख्यमंत्री सेहत योजना केवल आंकड़ों की योजना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने का माध्यम है कि किसी भी मरीज़ को इलाज और आर्थिक बोझ के बीच चुनाव न करना पड़े। प्रत्येक लाभार्थी उस परिवार का प्रतिनिधित्व करता है, जिसे कठिन समय में इस योजना का सहारा मिला।”

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने आगे कहा, “हम जानते हैं कि स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताएँ लगातार बदल रही हैं और हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम स्वास्थ्य व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाते रहें। मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से हम कैशलेस उपचार को अधिक सुलभ बना रहे हैं, स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत कर रहे हैं तथा यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रत्येक पात्र नागरिक तक इस योजना का लाभ पहुँचे।”

मुख्यमंत्री सेहत योजना से लाभान्वित अनेक लोगों ने इस योजना के प्रति संतोष और प्रसन्नता व्यक्त की है। सुरेशपाल कौर ने बताया कि कठिन गर्भावस्था के दौरान मुख्यमंत्री सेहत योजना उनके परिवार के लिए संबल बनी। उन्होंने कहा, “गर्भावस्था के दौरान मुझे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो गई थी और सीज़ेरियन डिलीवरी करवाने की ज़रूरत थी। ऐसे समय में सेहत कार्ड हमारे लिए बहुत बड़ी मदद साबित हुआ। जन्म के बाद मेरे बच्चे को विशेष नवजात चिकित्सा (नीओनेटल केयर) की आवश्यकता थी, जिसका पूरा उपचार भी मुख्यमंत्री सेहत योजना के पैकेज के तहत उपलब्ध करवाया गया। इस योजना ने कठिन समय में हमारा साथ दिया और मेरे बच्चे को जीवन की स्वस्थ शुरुआत मिली।”

सुनाम की रूपिंदर कौर ने बताया कि कई वर्षों से घुटनों के असहनीय दर्द के कारण उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो गया था। उन्होंने कहा, “मैं लंबे समय से घुटनों के गंभीर दर्द से पीड़ित थी, लेकिन ख़र्च की चिंता के कारण ऑपरेशन के बारे में सोच पाना भी मुश्किल था। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत मेरा घुटना प्रत्यारोपण (नी रिप्लेसमेंट) नि:शुल्क हुआ। इस उपचार ने मुझे फिर से सामान्य और बेहतर जीवन जीने का अवसर दिया है।”

इसी प्रकार तरनतारन के बीर सिंह को हृदय संबंधी बीमारी का पता चलने पर मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत समय पर उपचार मिला। उनका एंजियोग्राफी के साथ पीटीसीए (परक्यूटेनियस ट्रांसल्यूमिनल कोरोनरी एंजियोप्लास्टी) किया गया।

बीर सिंह ने कहा, “डॉक्टरों ने बताया कि हृदय रोग के उपचार में देरी नहीं की जा सकती और इसका ख़र्च परिवार के लिए बहुत बड़ा बोझ बन सकता है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के कारण मुझे समय पर आवश्यक उपचार मिल गया।”

मुख्यमंत्री सेहत योजना का प्रभाव अब पूरे पंजाब में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। राज्य के प्रत्येक ज़िले के लाभार्थी इस योजना के तहत उपचार प्राप्त कर रहे हैं। स्टेट हेल्थ एजेंसी (एसएचए), पंजाब के ज़िला-वार आंकड़ों के अनुसार अब तक 2,91,417 लोगों को योजना का लाभ मिल चुका है। ज़िलों में पटियाला 27,892 लाभार्थियों के साथ पहले स्थान पर है। इसके बाद बठिंडा में 22,584 तथा लुधियाना में 21,729 लाभार्थियों ने योजना का लाभ प्राप्त किया है। यह दर्शाता है कि सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे पंजाब में इसकी व्यापक माँग है।

योजना के अंतर्गत जालंधर (19,312), होशियारपुर (19,075), अमृतसर (16,550), संगरूर (16,549), श्री मुक्तसर साहिब (14,800), फिरोज़पुर (13,344) तथा गुरदासपुर (12,037) में भी बड़ी संख्या में लोगों ने लाभ प्राप्त किया है। इसके अतिरिक्त मोगा (11,669), फाज़िल्का (11,516), मानसा (10,539), फरीदकोट (10,309), बरनाला (8,773), तरनतारन (8,714), रूपनगर (8,574), एस.ए.एस. नगर (8,085), फतेहगढ़ साहिब (7,933), शहीद भगत सिंह नगर (6,999), कपूरथला (5,928), पठानकोट (5,844) तथा मालेरकोटला (2,472) के लाभार्थियों ने भी कैशलेस उपचार प्राप्त किया है। यह व्यापक पहुँच इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री सेहत योजना केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों सहित प्रदेश के सभी ज़िलों में परिवारों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुँचा रही है।

मुख्यमंत्री सेहत योजना का लगातार बढ़ता दायरा स्वास्थ्य सेवाओं में एक सरल लेकिन महत्त्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है। अब लोगों को उपचार शुरू करवाने से पहले यह चिंता नहीं सताती कि वे इसका ख़र्च कैसे उठाएँगे। योजना का विस्तार लगातार जारी है और इसका उद्देश्य स्पष्ट है—पंजाब के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध करवाना।

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