Punjab
पाकिस्तान से चल रहे हथियार तस्कर गिरोह पर एक्शन:दो आरोपी अरेस्ट, 5 पिस्तौल व दस कारतूस बरामद, सोशल मीडिया से संपर्क में थे
पंजाब पुलिस ने सीमा पार से चल रह हथियार तस्करी गिरोह गिरोह के खिलाफ बड़ा एक्शन किया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 5 अत्याधुनिक पिस्तौल और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। आरोपियों के खिलाफ थाना कैंटोनमेंटअमृतसर में आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से अवैध तस्करों के लिंक थे। अवैध हथियार नेटवर्क के आगे और पीछे के लिंक तलाशने के लिए आगे की जांच जारी है। पंजाब पुलिस की तरफ से इस संबंधी सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट डालकर यह जानकारी दी है।

पंजाब पुलिस द्वारा रिकवर किए हथियार।
आपराधिक तत्व को पहुंचाते थे हथियार
पुलिस मुताबिक काफी शातिर थे। पाकिस्तान में बैठे तस्करों से सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क में थे। इन पर कोई संदेह न कर पाए। ऐसे में इन पर किसी को संदेह नही हुआ। वहीं, उनके निर्देश पर अब यह आपराधिक तत्वों को हथियारों की खेप पहुंचाने में जुटे हुए थे। पुलिस अब यह पड़ताल करने में लगी है कि आखिर इन्होंने कितने लोगों को अब तक हथियार मुहैया करवाए है।
Punjab
श्री गुरु रविदास जी के प्रकाश पर्व को समर्पित काशी यात्रा के लिए केंद्र जल्द से जल्द करे रेलगाड़ियों का शिड्यूल जारी: Deepak Bali
पंजाब सरकार के सांस्कृतिक एवं पर्यटन विभाग के सलाहकार दीपक बाली ने केंद्र सरकार से अपील की है कि श्री गुरु रविदास महाराज जी के 650वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में पंजाब से काशी (वाराणसी) के लिए विशेष रेलगाड़ियाँ तुरंत आवंटित की जाएं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार इस पावन अवसर को फरवरी 2026 से फरवरी 2027 तक बेहद भव्य स्तर पर मना रही है। साल भर चलने वाले आयोजनों के तहत देश-विदेश और उन सभी स्थानों पर कीर्तन दरबार और शोभा यात्राएं आयोजित की जा रही हैं, जहाँ गुरु साहब के चरण पड़े थे।
दीपक बाली ने कहा कि संगतों को गुरु साहब की जन्मस्थली और तपस्थली ‘काशी’ के दर्शन करवाने के लिए पंजाब सरकार ने पूरे एक साल तक विशेष ट्रेनें चलाने की योजना बनाई है। इसके लिए पंजाब सरकार की ओर से बीते 30 मार्च को ही आईआरसीटीसी को पत्र लिखकर ट्रेन चलाने की मांग की गई थी। हालांकि, लगभग एक महीना बीत जाने के बाद भी केंद्र सरकार या रेलवे विभाग की ओर से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि मैंने रेलवे से व्यक्तिगत रूप से भी इस संबंध में बात की है, लेकिन अभी तक केवल ‘विचार कर रहे हैं’ जैसे उत्तर ही मिल रहे हैं, जो कि गुरु की संगत के प्रति उचित व्यवहार नहीं है।
बाली ने केंद्र सरकार और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ-साथ केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू से भी अपील की कि वे इस पवित्र कार्य को राजनीति की भेंट न चढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि कि यह आम आदमी पार्टी की सरकार की मांग नहीं है, बल्कि यह लाखों गुरु प्रेमी संगतों की आस्था का सवाल है। केंद्र सरकार को इसे राजनीतिक चश्मे से नहीं देखना चाहिए कि ये ट्रेनें पंजाब सरकार ने मांगी हैं।
उन्होंने विशेष रूप से रवनीत बिट्टू से अपील की कि वे पंजाब के प्रतिनिधि होने के नाते गुरु के विनम्र सेवक बनकर इन ट्रेनों को जल्द मंजूरी दिलाएं।
दीपक बाली ने समस्त संत समाज से भी आह्वान किया कि वे केंद्र सरकार और संबंधित मंत्रियों पर दबाव बनाएं ताकि पंजाब की संगत जल्द से जल्द गुरु धामों के दर्शन कर सके। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था के कार्यों में देरी करना न्यायसंगत नहीं है। केंद्र को आईआरसीटीसी के पास लंबित पत्र पर तुरंत कार्रवाई कर ट्रेनों का शिड्यूल जारी किया जाना चाहिए।
Punjab
अंतरराज्यीय हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़:Amritsar Police ने 3 आरोपी हथियारों सहित किए अरेस्ट; पाकिस्तानी तस्करों से जुड़े तार
अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने अवैध हथियारों की तस्करी से जुड़े एक अंतरराज्यीय और सीमा पार नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 6 पिस्तौल और 7 कारतूस बरामद किए हैं। बरामद हथियारों में एक PX5 .30 बोर, तीन .32 बोर और दो .30 बोर पिस्तौल शामिल हैं।
प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि आरोपी मध्य प्रदेश से अवैध हथियार खरीदते थे और सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान में बैठे तस्करों के संपर्क में थे। यह नेटवर्क सीमा पार से हथियारों की तस्करी को बढ़ावा दे रहा था और पंजाब में आपराधिक तत्वों तक इन हथियारों की सप्लाई कर रहा था।
सिविल लाइंस थाने में FIR दर्ज, नेटवर्क को खत्म करने में जुटी पुलिस
पुलिस ने इस मामले में थाना सिविल लाइंस, अमृतसर में एफआईआर दर्ज कर ली है। फिलहाल जांच जारी है और पुलिस इस नेटवर्क के आगे और पीछे के सभी कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है, ताकि पूरे गिरोह का सफाया किया जा सके।
DGP गौरव यादव बोले-संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस, जनता की सुरक्षा सर्वोपरि
पंजाब के DGP गौरव यादव का कहना है कि पुलिस संगठित अपराध और देश विरोधी गतिविधियों के खिलाफ अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस तरह की कार्रवाई से न केवल अपराधियों में डर पैदा होगा, बल्कि आम जनता को भी सुरक्षा का भरोसा मिलेगा। गौरतलब है कि इसे पहले भी कई तस्करों को जिला पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
Punjab
बेअदबी पर कानून के बाद नई जांच प्रक्रिया जारी…, जाने कैसे मास्टरमाइंड तक पहुंचेगी Punjab Police?
पंजाब में बेअदबी जैसे संवेदनशील मामलों को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए जहां ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल, 2026’ को मंजूरी दी है, वहीं अब जांच प्रक्रिया को भी और मजबूत बना दिया गया है। कानून लागू होने के बाद पंजाब पुलिस ने इन मामलों की जांच के लिए नई मानक कार्य प्रणाली (SOP) जारी की है, जिसे पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने तैयार किया है।
इस नई व्यवस्था का उद्देश्य बेअदबी मामलों में पारदर्शिता, सटीकता और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करना है। पुलिस को अब हर मामले में वैज्ञानिक तरीके से जांच करनी होगी और डिजिटल साक्ष्यों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि जांच 60 से 90 दिनों के भीतर पूरी कर अदालत में चालान पेश किया जाए।
जांच अधिकारी का तुरंत घटनास्थल पर पहुंचना जरूरी
नई व्यवस्था के तहत सूचना मिलते ही थाना प्रभारी और जांच अधिकारी को तुरंत घटना स्थल पर पहुंचना होगा। वहां सबूतों की सुरक्षा के लिए दो स्तर का घेरा बनाया जाएगा, ताकि कोई भी व्यक्ति सबूतों से छेड़छाड़ न कर सके। धार्मिक मर्यादा को ध्यान में रखते हुए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र अंगों या अन्य धार्मिक प्रतीकों को केवल अधिकृत धार्मिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी में ही संभाला जाएगा।
हर घटना स्थल की उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी, साथ ही उसका नक्शा भी तैयार किया जाएगा। फॉरेंसिक विशेषज्ञों को तुरंत बुलाकर वैज्ञानिक जांच कराई जाएगी। पुलिस केवल आरोपी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसके पीछे की साजिश और मुख्य आरोपी तक पहुंचने का प्रयास करेगी।
डिजिटल माध्यमों पर होगी कड़ी नजर
डिजिटल माध्यमों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। भ्रामक संदेश, डीपफेक वीडियो और आपत्तिजनक सामग्री की जांच के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा डिजिटल लेनदेन और संदिग्ध फंडिंग की भी जांच होगी।
यदि आरोपी की मानसिक स्थिति संदिग्ध पाई जाती है, तो विशेषज्ञों के बोर्ड द्वारा उसका परीक्षण कराया जाएगा। इन मामलों की निगरानी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा सीधे की जाएगी।
नए कानून में उम्र कैद तक की सजा का प्रवधान
नए कानून के तहत दोषी पाए जाने पर कम से कम 10 वर्ष से लेकर उम्रकैद तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है। ऐसे मामलों को गैर-जमानती रखा गया है, जिससे दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य धार्मिक आस्था और मर्यादा की रक्षा करना है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
-
Religious2 years agoकब है तुलसी विवाह? इस दिन तुलसी माता का विवाह करने से मिलेगा लाभ
-
Religious2 years agoजानिए गोवर्धन पूजा का महत्व, कौनसा समय रहेगा पूजा के लिए सही
-
Religious2 years agoआखिर क्यों लिखा जाता है घर के बाहर शुभ लाभ, जानिए क्या है इन चिह्न का मतलब
-
Religious2 years agoपैरों के निशान, बनावट, रंग, साइज से पता लागए की आप कितने है भागयशाली
-
Punjab2 years agoपंजाब में अमरूद के बगीचे के मुआवजे के घोटाले में ED ने 26 स्थानों पर छापे मारे
-
Chandigarh2 years agoChandigarh: Top 10 Restaurants. ये लोकप्रिय क्यों हैं ?
-
Punjab2 years agoLudhiana में पुलिस स्टेशन के पास शव मिला। एक आदमी सड़क के बीच में पड़ा था; पास में कपड़ों से भरा एक बोरे भी मिला था, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो सकी
-
Religious2 years agoजानिए दीपावली में वाले दिन आखिर कितने जलाने चाहिए दीये ? और क्यों जलाने चाहिए दिये |