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मुख्यमंत्री की ओर से होशियारपुर में सलेरन डैम इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट का उद्घाटन; कहा, ‘AAP’ सरकार पंजाब के पर्यटन स्थलों को विकसित करके युवाओं को दे रही है रोजगार
सलेरन डैम स्थल पर पर्यावरण-अनुकूल हट्स का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को कहा कि इससे राज्य में इको-टूरिज्म और रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने साथ ही कहा कि आम आदमी पार्टी (‘आप’) की सरकार पंजाब के पर्यटन स्थलों को विकसित करके रोजगार के अवसर बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि अमृतसर, पटियाला और चमरौड़ झील पर फिल्मों की शूटिंग और डेस्टिनेशन वेडिंग से भी रोजगार के अवसर बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि सलेरान डैम प्रोजेक्ट हिमाचल प्रदेश के पर्यटन स्थलों को टक्कर देगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आप’ सरकार ने खंडहर का रूप धारण कर चुके 52 रेस्ट हाउसों को पुनर्जीवित किया है, जिनसे अब किराए के माध्यम से एक करोड़ रुपए मासिक राजस्व उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने सरकारी संपत्तियां अपने चहेतों को बहुत कम कीमत पर बेच दी थी, जबकि उनकी सरकार ने कार्रवाई करके वही संपत्तियां वापस हासिल कर ली हैं।
सलेरन डैम इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट का उद्घाटन करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज हमने राज्य में पर्यटन बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के लिए सलेरन डैम इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट शुरू किया है। उन्होंने कहा कि इससे पहले चौहाल डैम प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक चल रहा है और यह नई पहल पर्यटकों के लिए एक और आकर्षक स्थान उपलब्ध करवाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस प्रोजेक्ट पर लगभग 2.80 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है और इससे वार्षिक 18 लाख रुपए से अधिक राजस्व उत्पन्न होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट पर्यटकों को आकर्षित करने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगा, जिससे उनकी आय में भी वृद्धि होगी।
प्रोजेक्ट के तहत प्रदान की गई सुविधाओं के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के लिए 16,000 वर्ग फुट में फैला विशेष खेल मैदान बनाया गया है, जिसमें विभिन्न प्रकार के झूले और अन्य मनोरंजन गतिविधियों का प्रबंध किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि पर्यटकों के ठहरने के लिए चार इको हट्स और 80 लोगों की बैठने की क्षमता वाला एक कैफेटेरिया भी बनाया गया है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि सलेरन डैम के सुंदर दृश्यों का आनंद लेने के लिए एक बड़ा एम्फीथिएटर भी तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट पंजाब में इको-टूरिज्म को बड़ा प्रोत्साहन देने में बहुत महत्वपूर्ण साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रोजेक्ट पर्यावरण संवेदनशीलता और जागरूकता को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है, जिसमें पर्यटन और मनोरंजक गतिविधियों के लिए पर्यावरण-अनुकूल बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब सरकार पंजाब के कंडी क्षेत्रों में पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में अथाह संभावनाएं हैं, जिन्हें दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए आदर्श पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जा सकता है।
पिछली सरकारों के समय में इन क्षेत्रों की उपेक्षा पर अफसोस जताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली राज्य सरकारों की लगातार उपेक्षा के कारण ये क्षेत्र विकास के मामले में पिछड़ गए। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार अब इन क्षेत्रों में, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाने जाते हैं, अनदेखी पर्यटन संभावनाओं को उपयोग में ला रही है। उन्होंने कहा कि पूरे क्षेत्र को विकसित करने के लिए पहले से ही सख्त प्रयास जारी हैं ताकि राज्य में पर्यटन को बड़ा प्रोत्साहन दिया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है जो देश भर और विदेशों से पर्यटकों को आकर्षित करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना समय की आवश्यकता है, जो स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब बुनियादी ढांचे में सुधार करने के बाद यह क्षेत्र आगे चलकर एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में उभरेगा और यह क्षेत्र पंजाब को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नक्शे पर मजबूती से कब्जा करने में महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।
पर्यटन बुनियादी ढांचे को पुनर्जीवित करने के लिए उनकी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 75 छोड़े गए या खाली पड़े रेस्ट हाउसों को पुनर्जीवित किया है, जिनसे अब लगभग एक करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में लोगों को लाभ पहुंचाने और प्रकृति एवं एडवेंचर प्रेमियों को आकर्षित करने के लिए ऐसे और प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए नदियों के किनारे रेस्तरां भी विकसित किए जा रहे हैं, जबकि पिछली सरकारों के दौरान ये संपत्तियां सत्ता में बैठे लोगों के नजदीकियों को बेच दी गई थी।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य इन क्षेत्रों को योजनाबद्ध और उचित तरीके से विकसित करके पर्यटन क्षेत्र को मजबूत करना है। उन्होंने यह भी कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी की महान कुर्बानी को दर्शाती पंजाब की झांकी, नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा होगी।
सरकार के व्यापक शासन एजेंडे को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वर्ष 2022 में सत्ता में आने के पहले दिन से ही हमारी सरकार लोगों की भलाई के लिए अथक मेहनत कर रही है, जिसके तहत मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना, मुफ्त बिजली, आम आदमी क्लीनिक, शिक्षा सुधार, ट्यूबवेलों पर पानी, गांवों की सड़कों का निर्माण और सड़क सुरक्षा फोर्स जैसी पहल शुरू की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार आने वाले बजट में व्यवस्था करके महिलाओं को 1,000 रुपए देने के अपने वादे को भी पूरा करेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि हर क्षेत्र में पंजाब के योगदान को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार आने वाले केंद्रीय बजट में पंजाब को एक विशेष पैकेज देगी, जिसका पंजाब राज्य पूरी तरह हकदार है।
आर्थिक और कृषि पहलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने जापानी कंपनी जीका (जी.आई.सी.ए.) के साथ साझेदारी की है, जो पंजाब में बागवानी को प्रोत्साहन देने के लिए 1,300 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। उन्होंने कहा कि इससे फसली विविधता को प्रोत्साहित करते हुए भूमिगत कीमती पानी को बचाने में मदद मिलेगी।
कानून व्यवस्था के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि गैंगस्टरों को संरक्षण देने वाले आज कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने नशा तस्करों और गैंगस्टरों की रीढ़ की हड्डी तोड़ने के लिए ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ और ‘गैंगस्टरों पर वार’ जैसे अभियान शुरू किए गए। उन्होंने कहा कि हम सामाजिक बुराइयों को जड़ से खत्म करके एक शांतिपूर्ण, प्रगतिशील और रंगला पंजाब बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमा पर एंटी-ड्रोन तकनीक तैनात की गई है, जिससे नशों और हथियारों की आमद को रोकने में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य सीमा पार से आतंकवाद और नारको-आतंकवाद को पूरी तरह समाप्त करना है। यह कहते हुए कि पंजाब देश का पहला राज्य है जिसने इस तकनीक को अपनाया है, उन्होंने कहा कि हमारी सरकार समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि फंडों की हेराफेरी और गबन की संभावनाओं को खत्म करके सार्वजनिक फंडों का उपयोग पूरी समझदारी से लोक-कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने के लिए किया जा रहा है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि हमारा उद्देश्य राज्य की तरक्की और यहां के लोगों की खुशहाली को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार रोके हुए फंडों को तुरंत जारी कर देती है तो पंजाब में विकास की गति को और रफ्तार मिलेगी।
इस मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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CM मान सरकार के एंटी-ड्रग कैंपेन ‘युद्ध नशेयों विरुद्ध’ के नतीजे आ रहे हैं, कपूरथला में हेरोइन की रिकवरी में 187% की बढ़ोतरी, ड्रग्स के जाल में पुलिस की कार्रवाई
भगवंत मान सरकार के एंटी-ड्रग कैंपेन ‘ युद्ध नशेयों विरुद्ध’ के तहत कपूरथला जिले में ड्रग्स की रिकवरी में तेज़ी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो जिला पुलिस की कड़ी और लगातार कार्रवाई को दिखाता है। आधिकारिक डेटा के मुताबिक, 1 मार्च, 2025 से 30 अप्रैल, 2026 तक, कपूरथला पुलिस ने 30.4 kg हेरोइन बरामद की, जबकि कैंपेन से पहले के समय (1 जनवरी, 2024 से 28 फरवरी, 2025) में 10.6 kg हेरोइन बरामद की गई थी – जो 187% की बड़ी बढ़ोतरी दिखाता है।
इस दौरान, खसखस की ज़ब्ती 170 kg से बढ़कर 452 kg से ज़्यादा हो गई, जो 166% की बढ़ोतरी है, जबकि अफीम की ज़ब्ती 6.845 kg से बढ़कर 11.517 kg हो गई, जो 68% की बढ़ोतरी दिखाती है।
इसी दौरान, नशीली गोलियों और कैप्सूल की ज़ब्ती 38,327 से बढ़कर 72,480 हो गई, जो लगभग 89% की बढ़ोतरी है। इसके अलावा, चरस और बर्फ की ज़ब्ती, जो पहले न के बराबर थी, अब इस खास ऑपरेशन के दौरान दर्ज की गई है।
ज़ब्ती में बढ़ोतरी के साथ-साथ ऑपरेशन भी बढ़ा है। कैंपेन के दौरान, कपूरथला पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत 1498 FIR दर्ज कीं और 1867 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि पिछली अवधि के दौरान 376 मामले दर्ज किए गए थे और 481 गिरफ्तारियां की गई थीं, जो क्रम से 298% और 288% की बड़ी बढ़ोतरी दिखाता है।
जानकारी देते हुए, कपूरथला के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (SSP) गौरव तूरा ने कहा: “पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में ‘ड्रग्स के खिलाफ जंग’ कैंपेन ने ड्रग्स के खिलाफ फोकस्ड और इंटेंसिव एक्शन मुमकिन बनाया है। ज़ब्ती में यह बड़ी बढ़ोतरी कपूरथला पुलिस की सप्लाई चेन को तोड़ने और हर लेवल पर ड्रग ट्रैफिकिंग को रोकने की लगातार कोशिशों को दिखाती है।”
अधिकारियों ने कहा कि ज़ब्ती और ऑपरेशन में यह बढ़ोतरी शहरी और ग्रामीण इलाकों में लगातार इंटेलिजेंस के आधार पर किए जा रहे ऑपरेशन का नतीजा है, जो ऑर्गनाइज़्ड ड्रग नेटवर्क को खत्म करने, इंटर-स्टेट नेक्सस की पहचान करने और बार-बार अपराध करने वालों को टारगेट करने पर फोकस करते हैं।पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ट्रैफिकर्स और उनके इकोनॉमिक एसेट्स, दोनों को टारगेट करने का यह दोहरा तरीका लंबे समय में ड्रग सिस्टम को खत्म करने के लिए ज़रूरी है।
उन्होंने आगे कहा, “यह ऑपरेशन एक लगातार मिशन के तौर पर चलाया जा रहा है। ड्रग्स के खतरे को खत्म करने और पंजाब के युवाओं की सुरक्षा के लिए हर मुमकिन कोशिश की जा रही है।” ‘ युद्ध नशेयों विरुद्ध’ कैंपेन में एक मज़बूत आर्थिक ऑपरेशन का हिस्सा भी शामिल है, जिसका मकसद ड्रग नेटवर्क की आर्थिक रीढ़ तोड़ना है।
कपूरथला पुलिस ने 48 मामलों में कार्रवाई शुरू की, जिसमें ड्रग एक्टिविटी से जुड़ी ₹9.10 करोड़ से ज़्यादा की संपत्ति शामिल थी। इनमें से ₹8.60 करोड़ की संपत्ति ज़ब्त करने और फ्रीज़ करने के ऑर्डर पहले ही मिल चुके हैं।
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CM भगवंत सिंह मान ने श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेका, बेअदबी विरोधी ऐतिहासिक कानून बनाने की समझ और शक्ति देने के लिए परमात्मा का शुक्राना किया
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज श्री हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक होकर जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन एक्ट-2026 को लागू करने की समझ और शक्ति प्रदान करने के लिए परमात्मा का धन्यवाद किया। उन्होंने इस कानून को बेअदबी करने की कोशिश करने वालों के लिए सख्त सजा सुनिश्चित करने तथा श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की मान-मर्यादा की रक्षा के लिए ऐतिहासिक कदम बताया।
आज श्री हरमिंदर साहिब में नतमस्तक होने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाने की सेवा सौंपने के लिए उनका दिल परमात्मा के प्रति शुक्राने से भरा हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सौभाग्यशाली है कि हमें यह ऐतिहासिक कानून पारित करने का अवसर मिला है, जो भविष्य में ऐसी घिनौनी घटनाओं को रोकने में अहम साबित होगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के लिए पिता समान हैं, जिनकी मान-मर्यादा बनाए रखना हमारा सामूहिक कर्तव्य है। जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन एक्ट-2026 यह सुनिश्चित करता है कि इस अक्षम्य अपराध के दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को मिसाली सजा का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि बेअदबी की घटनाएं पंजाब की अमन-शांति, भाईचारे, सांप्रदायिक सद्भाव और सामाजिक एकता को भंग करने के उद्देश्य से रची गई गहरी साजिश का हिस्सा थीं। मुख्यमंत्री ने पुष्टि की कि यह कानून इतनी समझदारी और सख्ती से बनाया गया है कि दोषी ठहराए गए व्यक्ति को मरने तक उम्रकैद की सजा हो सकती है। उन्होंने कहा कि देश के नामी कानूनी विशेषज्ञों से सलाह-मशविरा करने के बाद इस कानून का मसौदा तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह कानून ऐसी घटनाओं के खिलाफ मजबूत व्यवस्था के रूप में काम करेगा और भविष्य में कोई भी ऐसा अपराध करने की हिम्मत नहीं करेगा।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि दुनिया भर के लोगों और सिख संगत ने पंजाब विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से पारित इस कानून का स्वागत किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जहां पूरी सिख संगत ने इस कानून का स्वागत किया है, वहीं शिरोमणि कमेटी के आकाओं ने इसका विरोध किया है क्योंकि बेअदबी से जुड़ी घटनाओं में वे स्वयं शामिल रहे हैं।”
चार दिवसीय “शुक्राना यात्रा” का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वह इस ऐतिहासिक कानून को पारित करने की क्षमता और समझ देने के लिए परमात्मा का धन्यवाद करने निकले हैं।
उन्होंने बताया कि श्री आनंदपुर साहिब से शुरू होकर यह यात्रा 9 मई तक जारी रहेगी और यात्रा के दौरान वह तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब, दमदमा साहिब, मस्तुआणा साहिब, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब के दर्शन करेंगे।
उन्होंने कहा कि इस यात्रा का एकमात्र उद्देश्य परमात्मा का शुक्राना करना है, जिन्होंने हमें मानवता और पंजाब की सेवा के लिए यह बड़ी और अहम जिम्मेदारी सौंपी है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने तेज गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में पहुंचने वाली संगत का दिल से धन्यवाद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब भर की संगत यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत कर रही है क्योंकि पहली बार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की मान-मर्यादा और सम्मान की रक्षा के लिए सख्त और प्रभावी कानून तैयार किया गया है। उन्होंने दोहराया कि पंजाब कैबिनेट और पंजाब विधानसभा दोनों ने सर्वसम्मति से इस कानून को मंजूरी दी है।
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केंद्र सरकार मंडियों में जगह की कमी दूर करने के लिए जरूरी सहयोग नहीं दे रही: लाल चंद कटारूचक्क
पंजाब के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने अनाज भंडारण को लेकर मंडियों में पैदा हो रही जगह की कमी के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पंजाब की मंडियों में भंडारण संकट को हल करने के लिए केंद्र सरकार जरूरी सहयोग नहीं दे रही, जबकि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान लंबे समय से यह मामला लगातार केंद्र के सामने उठा रहे हैं।
मंत्री ने बताया कि अप्रैल और मई 2026 के दौरान अनाज उठान के लिए केंद्र सरकार और भारतीय खाद्य निगम (FCI) से 860 विशेष रेलगाड़ियां उपलब्ध करवाने की मांग की गई थी, लेकिन जरूरत के मुताबिक ट्रेनें उपलब्ध नहीं करवाई गईं। इसके चलते एक ही सप्ताह में 80 लाख मीट्रिक टन गेहूं की भारी आवक होने से मंडियों में फसल के ढेर लग गए हैं।
कटारूचक्क ने कहा कि अप्रैल महीने के दौरान केवल 3.5 लाख मीट्रिक टन गेहूं ही रेल, सड़क और कंटेनरों के जरिए सीधे मंडियों से उठाया गया। वहीं मई 2026 की शुरुआत से अब तक रोजाना सिर्फ 3 से 5 विशेष रेलगाड़ियां ही उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों के बावजूद खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने खरीद सीजन को सुचारू रूप से जारी रखा है और 122 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा होने के करीब पहुंच चुका है।
मंत्री के अनुसार अब तक पंजाब की मंडियों में 121.65 लाख मीट्रिक टन गेहूं पहुंच चुका है, जिसमें से 120.89 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। खरीदे गए गेहूं में से विभिन्न सरकारी एजेंसियों ने 119.56 लाख मीट्रिक टन और व्यापारियों ने 1,33,203.15 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा है।
लाल चंद कटारूचक्क ने विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार किसानों द्वारा मेहनत से उगाए गए अनाज का एक-एक दाना खरीदने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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