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Punjab पुलिस के ‘युवा सांझ कार्यक्रम’ ने 2,358 भटके हुए युवाओं की Online पहचान कर उन्हें गैंगस्टरों के प्रभाव में आने से बचाया
कम्युनिटी पुलिसिंग को अगले स्तर पर ले जाते हुए पंजाब पुलिस ने अपने ‘युवा सांझ कार्यक्रम’ के तहत भटके हुए युवाओं तक पहुंच को और तेज किया है। यह पहल ‘गैंगस्टरों पर वार’ अभियान के तहत संगठित अपराध के खिलाफ चल रही कार्रवाई के साथ-साथ एक अहम भूमिका निभा रही है। जनवरी से अब तक, कम्युनिटी अफेयर्स डिवीजन (सी.ए.डी.) की स्पेशल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस गुरप्रीत कौर देओ के नेतृत्व में कई बैठकें आयोजित की गई हैं, जिनका उद्देश्य अधिकारियों और सामुदायिक भागीदारों को कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के बारे में जागरूक करना है।
‘गैंगस्टरों ते वार’ के निवारक पहलू के रूप में स्थापित यह कार्यक्रम युवाओं को आतंकवाद, गन कल्चर, नशाखोरी और अन्य नकारात्मक प्रभावों से दूर रखने के लिए सकारात्मक विकल्प प्रदान करता है। पिछले चार महीनों में पांच संवाद सत्र आयोजित किए गए हैं और अगले आठ महीनों में 11 और सत्र आयोजित करने की योजना है, ताकि इसकी पहुंच का दायरा और बढ़ाया जा सके।
इस पहल के तहत पंजाब पुलिस सामुदायिक स्तर पर उन युवाओं की पहचान करती है, जो ऑनलाइन आतंकवाद, हिंसा या गैंगस्टर संस्कृति से प्रभावित हो सकते हैं। अब तक 2,358 युवाओं की पहचान सोशल मीडिया विश्लेषण के माध्यम से की गई है, जिनमें से 1,519 की प्रोफाइल राज्य स्तरीय ‘युवा सांझ सॉफ्टवेयर’ पर तैयार की गई हैं।
पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस गौरव यादव ने कहा, “पंजाब पुलिस एक संतुलित दो-आयामी रणनीति पर काम कर रही है—‘गैंगस्टरों ते वार’ के माध्यम से सख्त कार्रवाई और ‘युवा सांझ’ के माध्यम से लगातार संपर्क व निगरानी। मनोवैज्ञानिक प्रोफाइलिंग, संरचित काउंसलिंग और परिवार की भागीदारी इस पहल का आधार हैं। जिन मामलों में गहन हस्तक्षेप की आवश्यकता होती है, उन्हें उप-मंडल स्तर के सामुदायिक केंद्रों को भेजा जाता है ताकि निरंतर देखभाल सुनिश्चित की जा सके। हमारा उद्देश्य स्पष्ट है—अपराधी नेटवर्क को तोड़ना और युवाओं को उनसे दूर रखना।”
अब तक 1,490 युवाओं को जागरूक किया गया है, जबकि 1,109 ने काउंसलिंग सत्रों में भाग लिया है। कुल मिलाकर 1,836 युवाओं की जिला खुफिया इकाइयों द्वारा काउंसलिंग की गई है, जबकि जिला टीमों द्वारा 522 अन्य ऐसे युवाओं की पहचान की गई है।
जमीनी स्तर पर, जिला ‘युवा सांझ’ समितियों का नेतृत्व कमिश्नर ऑफ पुलिस/सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस द्वारा नामित सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस/डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस रैंक के अधिकारी करते हैं। इन समितियों के माध्यम से सिविल सोसायटी के सदस्य, सेवानिवृत्त अधिकारी, मनोवैज्ञानिक, एनजीओ और सामुदायिक प्रतिनिधि मिलकर समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करते हैं।
स्पेशल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस गुरप्रीत कौर देओ ने कहा, “जहां ‘गैंगस्टरों ते वार’ का उद्देश्य संगठित अपराध को समाप्त करना है, वहीं ‘युवा सांझ’ का उद्देश्य भटके हुए युवाओं की प्रारंभिक पहचान कर उन्हें सही मार्ग पर लाना है। हम आवश्यकता के अनुसार सख्ती या नरमी से पेश आते हैं, ताकि समय रहते हस्तक्षेप कर किसी युवा के जीवन की दिशा बदली जा सके।”
पुनर्वास की व्यवस्था सीपी/एसएसपी के नेतृत्व में जिला प्रशासन, पंजाब स्किल डेवलपमेंट मिशन और अन्य साझेदार संस्थाओं के सहयोग से की जाती है। इसमें कौशल विकास, रोजगार से जोड़ना और आवश्यकता अनुसार वित्तीय सहायता शामिल है, ताकि युवाओं को नकारात्मक प्रभावों से दूर रखकर स्थिर और खुशहाल जीवन की ओर प्रेरित किया जा सके।
फाजिल्का के एसएसपी गुरमीत सिंह ने कहा,“इस पहल ने न केवल जमीनी स्तर पर अपराध दर को कम करने में मदद की है, बल्कि राज्य के युवाओं को असामाजिक तत्वों के साथ जुड़ने से भी रोका है। यह देश में किसी भी राज्य पुलिस द्वारा शुरू की गई अपनी तरह की एक अनोखी पहल हो सकती है। पंजाब पुलिस ने युवाओं को अपने भ्रम दूर करने और वास्तविकता से रूबरू होने के लिए एक बड़ा मंच प्रदान किया है।”
उन्होंने आगे कहा,“हमारे जिले में ही हमने कानून का पालन करने वाले युवाओं का एक मजबूत समूह तैयार किया है, जो राज्य की ताकत को और मजबूत करता है।
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पंजाब की धार्मिक एकता और भाईचारा हमारी सबसे बड़ी ताकत: ‘हमारे राम’ नाटक की विशेष प्रस्तुति में शामिल हुए मुख्यमंत्री
पंजाब की धरती हमेशा से धार्मिक सद्भाव, आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक विविधता के लिए जानी जाती है। इसी भावना को मजबूत करने की दिशा में आज मोहाली स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी में विश्व प्रसिद्ध नाटक ‘हमारे राम’ की विशेष प्रस्तुति का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में शिरकत की और कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की सबसे बड़ी ताकत यहां की धार्मिक और सामाजिक एकता है। अलग-अलग धर्मों और समुदायों के लोग सदियों से आपसी प्रेम, सम्मान और भाईचारे के साथ रहते आए हैं। यही पंजाब की पहचान है और इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि ‘हमारे राम’ जैसे नाटक केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके जरिए देश की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सकता है। ऐसे कार्यक्रम समाज में आपसी समझ, प्रेम और सद्भाव को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘हमारे राम’ नाटक की विशेष प्रस्तुति केवल मोहाली तक सीमित नहीं रहेगी। पंजाब के विभिन्न शहरों में भी इस नाटक का मंचन किया जाएगा। यह नाटक अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, फिरोजपुर, खन्ना, बठिंडा और होशियारपुर में भी दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इससे पंजाब के अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों को इस शानदार नाट्य प्रस्तुति को देखने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि पंजाब की समृद्ध विरासत और संस्कृति को संरक्षित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। आधुनिक दौर में नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना बेहद जरूरी है। कला, साहित्य, रंगमंच और सांस्कृतिक कार्यक्रम इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने हमेशा देश को भाईचारे, शांति और एकता का संदेश दिया है। प्रदेश की यही खूबसूरत पहचान आगे भी कायम रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक सद्भाव और आपसी सम्मान को मजबूत करना केवल सरकार की नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की सामूहिक जिम्मेदारी है।
‘हमारे राम’ की प्रस्तुति के दौरान कलाकारों ने अपनी शानदार अदाकारी और मंचन से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी प्रस्तुति की सराहना की। इस तरह के सांस्कृतिक आयोजनों से पंजाब के लोगों को अपनी समृद्ध परंपराओं से जुड़ने के साथ-साथ विभिन्न संस्कृतियों और धार्मिक परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत करने का अवसर मिलता है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि पंजाब आगे भी अपनी एकता, अखंडता और भाईचारे की परंपरा को कायम रखेगा और देश के सामने सामाजिक सद्भाव की मिसाल पेश करता रहेगा।
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शेर-ए-पंजाब T-20 कप के खिलाड़ियों से मिले मुख्यमंत्री, बोले- खेलों से जुड़कर युवा बनाएंगे पंजाब का नाम रोशन
शेर-ए-पंजाब टी-20 कप को लेकर पंजाब में क्रिकेट प्रेमियों के बीच उत्साह देखने को मिल रहा है। इस बीच पंजाब के मुख्यमंत्री ने टी-20 कप में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों से मुलाकात की और उनके साथ बातचीत कर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि पंजाब की धरती ने हमेशा देश को बेहतरीन और प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिए हैं और राज्य सरकार युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ उन्हें सही मंच, बेहतर सुविधाएं और अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देने की है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करना और उन्हें नशे तथा अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रखते हुए एक सकारात्मक दिशा देना है। उन्होंने कहा कि खेल न केवल युवाओं को स्वस्थ और अनुशासित बनाते हैं, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर भी देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य में खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर विशेष ध्यान दे रही है। सरकार की कोशिश है कि गांवों और शहरों में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त अवसर मिलें और पंजाब एक बार फिर देश के प्रमुख खेल राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बनाए।
शेर-ए-पंजाब टी-20 कप में इस बार कुल 6 टीमें हिस्सा ले रही हैं। टूर्नामेंट के सभी मुकाबले 30 अगस्त से 13 सितंबर तक पीसीए स्टेडियम, मोहाली में खेले जाएंगे। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच मिलेगा और क्रिकेट प्रशंसकों को भी रोमांचक टी-20 मुकाबले देखने को मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें आगामी मुकाबलों के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस प्रतियोगिता से पंजाब के कई युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा और भविष्य में वे राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पंजाब और देश का नाम रोशन करेंगे।
उन्होंने कहा कि पंजाब की पहचान केवल खेती और उद्योग तक सीमित नहीं है, बल्कि खेलों के क्षेत्र में भी राज्य का गौरवशाली इतिहास रहा है। पंजाब ने देश को कई बड़े खिलाड़ी दिए हैं, जिन्होंने अलग-अलग खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है। इसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए सरकार युवाओं को खेलों के साथ जोड़ने के लिए लगातार काम कर रही है।
शेर-ए-पंजाब टी-20 कप को लेकर खिलाड़ियों के साथ-साथ दर्शकों में भी उत्साह है। आने वाले दिनों में मोहाली का पीसीए स्टेडियम क्रिकेट के रोमांच से गुलजार रहेगा। प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली छह टीमें खिताब के लिए मैदान में उतरेंगी और युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर क्रिकेट प्रेमियों की खास नजर रहेगी।
पंजाब सरकार की ओर से खेलों को बढ़ावा देने के प्रयासों के बीच शेर-ए-पंजाब टी-20 कप को राज्य में क्रिकेट प्रतिभाओं को आगे लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जा रहा है।
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पंजाब में मानसून सुस्त, उमस बढ़ाएगी परेशानी
पंजाब में मानसून की गतिविधियां फिलहाल धीमी पड़ गई हैं। मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र की ओर से जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार अगले पांच दिनों तक राज्य में भारी बारिश की कोई संभावना नहीं है और किसी भी जिले के लिए येलो, ऑरेंज या रेड अलर्ट जारी नहीं किया गया है। इस दौरान ज्यादातर इलाकों में मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है, जबकि कुछ स्थानों पर हल्की या छिटपुट बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार 8 अगस्त को अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, मोगा, फिरोजपुर, फरीदकोट, मुक्तसर, फाजिल्का, बरनाला, संगरूर, पटियाला और फतेहगढ़ साहिब समेत कई जिलों में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। वहीं गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, बठिंडा, मानसा और मोहाली में भी कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि, फिलहाल कहीं भी भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक आने वाले दिनों में पूरे पंजाब में बारिश सामान्य से सामान्य से कम रहने की संभावना है। हालांकि, राज्य के पूर्वी हिस्सों में कुछ स्थानों पर सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। इस दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास बने रहने का अनुमान है। बारिश की गतिविधियां सीमित रहने के कारण जिन इलाकों में बारिश नहीं होगी, वहां दिन के समय उमस और गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।
अगले पांच दिनों के दौरान पंजाब में व्यापक या तेज बारिश के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग के अनुसार केवल छिटपुट स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। फिलहाल मौसम में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं, इसलिए लोगों को आने वाले दिनों में गर्म और उमस भरे मौसम का सामना करना पड़ सकता है।
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को भी मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है। अगले चार से पांच दिनों तक फसलों में अनावश्यक सिंचाई से बचने और खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी का उचित प्रबंध रखने को कहा गया है। मौसम साफ रहने पर ही उर्वरकों और फसल सुरक्षा दवाओं का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा धान, गन्ने और कपास की फसलों की नियमित निगरानी करने तथा कीटों से बचाव के लिए विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
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