Punjab
Ajnala में दिनदहाड़े लूट, नकाबपोश बदमाशों ने ज्वैलर्स की दुकान से सोना-चांदी और नकदी उड़ाई
Ajnala शहर में दिनदहाड़े हुई बड़ी लूटपाट की घटना से सनसनी फैल गई। दो नकाबपोश लुटेरों ने एक ज्वैलर्स की दुकान में घुसकर बंदूक की नोक पर 12 तोला सोना, 6 किलो चांदी और नकदी लूट ली। इस पूरी वारदात को सीसीटीवी कैमरे में कैद किया गया है।
घटना की जानकारी मिलते ही डीएसपी अजनाला, गुरविंदर सिंह, और अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।
लुटेरों का आतंक
दुकानदार ने बताया कि लुटेरे पिस्तौल लेकर दुकान में आए और उसे धमकाते हुए सामान लूटने लगे। उस समय दुकान में एक ग्राहक भी मौजूद था, जिसके पास छह तोला सोना था। लुटेरे यह सोना भी अपने साथ ले गए। दुकानदार ने पुलिस से अपील की है कि अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
पुलिस की जांच जारी
डीएसपी अजनाला गुरविंदर सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की गहन जांच की जा रही है। जानकारी के अनुसार, तीन लोग एक गाड़ी में आए थे, जिनमें से दो नकाबपोश लुटेरों ने दुकान में दाखिल होकर लूटपाट की। लुटेरे 12 तोला सोना, 6 किलो चांदी, और 50 हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गए।
अपराधियों की तलाश तेज
पुलिस ने अपराधियों तक पहुंचने के लिए छानबीन तेज कर दी है। सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीद गवाहों के बयान के आधार पर पुलिस उनकी पहचान करने की कोशिश कर रही है। इस वारदात ने अजनाला शहर के व्यापारियों में भय का माहौल पैदा कर दिया है, और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन की अपील
पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। साथ ही, इस घटना के बाद दुकान मालिकों को अपनी सुरक्षा बढ़ाने और सीसीटीवी कैमरे नियमित रूप से जांचने की सलाह दी गई है।
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वित्त मंत्री ने राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए मल्टीपरपज़ हेल्थ वर्कर (महिला) के 619 रिक्त पद भरने की घोषणा की
पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत 619 मल्टीपरपज़ हेल्थ वर्कर (महिला) के पदों पर भर्ती तथा उद्योग विभाग के महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं फील्ड पदों के रणनीतिक पुनर्जीवन संबंधी व्यापक प्रशासनिक प्रस्तावों को औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस निर्णय का उद्देश्य जनसेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना तथा संस्थागत रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।
यहां जारी एक प्रेस बयान में दोनों प्रशासनिक स्वीकृतियों का विस्तृत विवरण साझा करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इन कदमों का उद्देश्य पूरे पंजाब में जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना तथा औद्योगिक प्रशासन को अधिक सक्षम बनाना है। उन्होंने कहा कि सरकार सख्त वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए यह सुनिश्चित करेगी कि आम जनता से सीधे जुड़े आवश्यक विभागों में कर्मचारियों की कोई कमी न रहे।
राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में इस बड़े भर्ती अभियान की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि नए स्वीकृत ढांचे के अंतर्गत मल्टीपरपज़ हेल्थ वर्कर (महिला) ग्रुप-सी के 619 रिक्त पद भरे जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन 619 पदों में प्रत्यक्ष भर्ती तथा पदोन्नति (प्रमोशन) कोटे का संतुलित और रणनीतिक समावेश किया गया है।
वित्त मंत्री के अनुसार, कुल 220 पद ऐसे हैं जो एक वर्ष से कम समय से रिक्त हैं, जबकि 346 पद पदोन्नति कोटे के लिए आरक्षित किए गए हैं, ताकि प्रशिक्षित दाई (ट्रेंड दाई) कैडर के पात्र कर्मचारियों को मल्टीपरपज़ हेल्थ वर्कर (महिला) के रूप में पदोन्नत किया जा सके।
उन्होंने आगे बताया कि प्रत्यक्ष भर्ती के 53 पद, जो एक वर्ष से अधिक समय से रिक्त थे और वित्त विभाग के 6 जून 2019 के दिशा-निर्देशों के अनुसार समाप्त कर दिए गए थे, उन्हें मंत्रिमंडल की आवश्यक स्वीकृति प्राप्त कर औपचारिक तौर पर पुनः बहाल किया जाएगा।
वित्त मंत्री चीमा ने कहा, “इस पहल के तहत स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति ‘पंजाब स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तकनीकी (ग्रुप-सी) सेवा (प्रथम संशोधन) नियम, 2025’ के अनुसार लेवल-3 के 21,700 से 69,100 रुपये के वेतनमान में की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने इन 619 पदों को पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड के अधिकार क्षेत्र से बाहर रखने का निर्णय लिया है। इसके स्थान पर पूरी भर्ती प्रक्रिया बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज़, फरीदकोट के माध्यम से संचालित की जाएगी। इस संबंध में 3 दिसंबर 2025 को अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड द्वारा औपचारिक सहमति और स्वीकृति पहले ही प्रदान की जा चुकी है।”
उन्होंने कहा कि इन पदों को भरने से परिवीक्षा अवधि (प्रोबेशन पीरियड) के दौरान राज्य सरकार पर लगभग 16.12 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक वित्तीय भार आएगा।
उद्योग क्षेत्र में प्रशासनिक सुधारों का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि कार्यकुशलता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण प्रत्यक्ष भर्ती कैडरों को पुनर्जीवित करने संबंधी उद्योग विभाग के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में हुए पुनर्गठन के दौरान उद्योग विभाग ने अपनी कुल 1,728 स्वीकृत पदों में से 721 पद समर्पित (सरेंडर) कर दिए थे, जिससे विभाग की संगठनात्मक क्षमता में लगभग 42 प्रतिशत की कमी आ गई थी और ग्रुप-ए, ग्रुप-बी तथा ग्रुप-सी में केवल 825 स्वीकृत पद ही शेष रह गए थे।
वित्त मंत्री ने कहा कि यदि कर्मचारियों की संख्या में और कटौती होती है तो इससे विभाग के कार्यों तथा जमीनी स्तर पर सेवाओं की आपूर्ति पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसलिए उद्योग विभाग को वर्तमान वित्तीय वर्ष के दौरान अधिकतम 97 पदों के लिए भर्ती विज्ञापन जारी करने की अनुमति दी गई है।
इसके साथ ही उन्होंने उद्योग विभाग को निर्देश दिए कि वह तत्काल एक व्यापक एवं आधुनिक पुनर्गठन समीक्षा तैयार करे, जिसमें विभाग की वर्तमान प्रशासनिक जिम्मेदारियों और कार्यों का वास्तविक आकलन प्रस्तुत किया जाए। इसके बाद इस समीक्षा को दीर्घकालिक योजना के लिए वित्त विभाग को औपचारिक प्रस्ताव के रूप में भेजा जाएगा।
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CM भगवंत सिंह मान की अगुवाई में पंजाब कैबिनेट द्वारा ‘एस.आई.आर.’ को सुगम बनाने के लिए प्रमुख नागरिक सेवाओं की सरकारी फीस माफ
मतदाता सूचियों के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) की प्रक्रिया को और अधिक सुगम बनाने तथा नागरिकों को बिना किसी वित्तीय बोझ के आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कराने को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में पंजाब कैबिनेट ने 1 जुलाई से 30 सितंबर, 2026 तक कई प्रमुख नागरिक सेवाओं के लिए सरकारी फीस और सुविधा शुल्क माफ करने को मंजूरी दे दी है।
इस संबंध में निर्णय मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक के दौरान लिया गया।
एस.आई.आर. के दौरान प्रमुख नागरिक सेवाओं के लिए सरकारी फीस माफ
इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि कैबिनेट ने मतदाता सूचियों के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) की सुविधा के लिए तीन महीनों की अवधि हेतु कई प्रमुख नागरिक सेवाओं की सरकारी फीस और फैसिलिटेशन चार्जेज़ माफ करने को मंजूरी दे दी है।
इसके तहत जिन आवश्यक नागरिक सेवाओं में छूट दी जाएगी, उनमें जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, दसवीं और बारहवीं कक्षा के डुप्लीकेट प्रमाण पत्र जारी करना आदि सेवाएं शामिल हैं। यह लाभ 1 जुलाई से 30 सितंबर, 2026 तक सेवा केंद्रों, घर के नजदीक उपलब्ध सेवाओं तथा ऑनलाइन नागरिक सेवाएं पोर्टल के माध्यम से प्रदान की जाने वाली सेवाओं पर उपलब्ध होगा।
संबंधित प्रशासनिक विभागों को इस निर्णय को लागू करने के लिए सभी आवश्यक सूचनाएं, निर्देश तथा संचालन संबंधी दिशा-निर्देश जारी करने के लिए अधिकृत किया गया है। सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को अन्य संबंधित विभागों के साथ मिलकर इस प्रस्ताव को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आवश्यक सभी कार्रवाई करने हेतु भी अधिकृत किया गया है।
इन तीन महीनों के दौरान सरकारी फीस और सुविधा शुल्क में दी जाने वाली छूट का पूरा खर्च पंजाब सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा कराए जा रहे मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण के परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में नागरिकों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष जमा कराने के लिए निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र तथा शैक्षणिक प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेजों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “भगवंत मान सरकार ने 1 जुलाई से 30 सितंबर, 2026 तक इन सेवाओं के लिए सरकारी फीस और सुविधा शुल्क माफ करने का निर्णय लिया है। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करते समय किसी भी नागरिक पर कोई वित्तीय बोझ न पड़े।”
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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली कैबिनेट की ओर से लैंड पूलिंग के लाभों में वृद्धि
ज़मीन मालिकों की चिंताओं को दूर करने और ज़मीन अधिग्रहण के दौरान किसानों को अधिक लाभ देने के उद्देश्य से बड़ा फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में पंजाब कैबिनेट ने ज़मीन मालिकों के लाभों से संबंधित मौजूदा नीति में संशोधनों को मंजूरी दे दी है तथा राहत के लिए कई अन्य कदमों की भी शुरुआत की है।
यह फैसला मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान लिया गया।
ज़मीन अधिग्रहण के दौरान ज़मीन मालिकों के लिए बढ़े हुए लाभों के बारे में विवरण साझा करते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि कैबिनेट ने ज़मीन मालिकों के लिए आवासीय और व्यावसायिक प्लॉटों का क्षेत्र बढ़ाने के लिए संशोधनों को मंजूरी दी है, जबकि हितधारकों के सामने आने वाली चिंताओं और व्यावहारिक कठिनाइयों को हल करने के लिए ‘आउस्टी पॉलिसी’ में भी कई बदलाव किए गए हैं।
संशोधित नियमों के अनुसार लैंड पूलिंग के तहत आवासीय और व्यावसायिक श्रेणी चुनने वाले ज़मीन मालिकों को प्रति एकड़ 1,000 वर्ग गज के आवासीय प्लॉट मिलते रहेंगे, जबकि कमर्शियल जगह को 200 वर्ग गज से बढ़ाकर 210 वर्ग गज प्रति एकड़ कर दिया गया है। जो लोग केवल आवासीय श्रेणी चुनते हैं, उन्हें अब 1,600 वर्ग गज की जगह 1,630 वर्ग गज प्रति एकड़ मिलेगा, जबकि व्यावसायिक श्रेणी के प्रोजेक्ट्स के लिए व्यावसायिक जगह 800 वर्ग गज से बढ़ाकर 840 वर्ग गज प्रति एकड़ कर दी गई है।
कैबिनेट ने आउस्टी पॉलिसी में संशोधनों को भी मंजूरी दी है, जिसके तहत वह ज़मीन मालिक जिनकी 1 एकड़ ज़मीन अधिग्रहित की जाती है, वे 200 वर्ग गज के प्लॉट के हकदार होंगे; जिनकी अधिग्रहित ज़मीन 1 एकड़ से अधिक और 2.5 एकड़ तक है, उन्हें 300 वर्ग गज का प्लॉट मिलेगा; जबकि जिनकी अधिग्रहित ज़मीन 2.5 एकड़ से अधिक है, वे 500 वर्ग गज के प्लॉट के हकदार होंगे।
कैबिनेट ने छोटे किसानों के लिए विशेष लेटर ऑफ इंटेंट की व्यवस्था को भी मंजूरी दी है और ‘सुविधा सर्टिफिकेट’ की अवधि दो साल से बढ़ाकर चार साल कर दी है। इसके अलावा इस नीति के तहत विकसित प्लॉट लेने वाले असली ज़मीन मालिकों को रजिस्ट्रेशन या कन्वेयंस डीड के समय स्टांप ड्यूटी या अन्य खर्च नहीं देने पड़ेंगे। वैकल्पिक रूप से वे अधिग्रहित ज़मीन के कलेक्टर रेट पर गणना किए गए मूल्य तक पंजाब में कहीं भी ज़मीन खरीदते समय स्टांप ड्यूटी की छूट का लाभ ले सकते हैं।
योग्य ज़मीन मालिकों को एक तरजीही ट्यूबवेल कनेक्शन भी मिलेगा, जबकि इस नीति में भाग लेने वाले किसान प्राथमिक स्थानों पर प्लॉटों की आबंटन के योग्य होंगे।
इस दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि पंजाब सरकार ने मौजूदा नीति संबंधी ज़मीन मालिकों और अन्य हितधारकों के साथ विचार-विमर्श किया था और उनके सुझावों तथा चिंताओं को मुख्य रखते हुए इन संशोधनों को स्वीकृति दी गई है। उन्होंने कहा, “आवासीय और व्यावसायिक विकल्प के तहत आवासीय जगह प्रति एकड़ 1,000 वर्ग गज ही रहेगी, जबकि व्यावसायिक जगह 200 वर्ग गज से बढ़ाकर 210 वर्ग गज प्रति एकड़ कर दी गई है। यदि कोई ज़मीन मालिक व्यावसायिक जगह की बजाय केवल आवासीय प्लॉट चुनता है तो आवासीय जगह 1,600 वर्ग गज से बढ़ाकर 1,630 वर्ग गज प्रति एकड़ कर दी गई है।”
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