Punjab
श्री अकाल तख्त साहिब पर सवाल उठाना पंथ पर सीधा हमला है, सुखबीर बादल को इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए: Harjot Singh Bains
पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल द्वारा श्री अकाल तख्त साहिब के 2 दिसंबर 2024 के हुक्मनामों संबंधी टिप्पणियों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे बयान सिख पंथ की सर्वोच्च सत्ता को कमजोर करते हैं और इसकी पवित्रता तथा सामूहिक भावनाओं पर सीधा हमला हैं। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब पंथ का सर्वोच्च आध्यात्मिक केंद्र है और वहां से जारी हर हुक्मनामा अकाल पुरख का ब्रह्म आदेश होता है, जिस पर कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता। उन्होंने कहा कि जो लोग तख्त साहिब की सत्ता को चुनौती देते हैं, वे पंथ का प्रतिनिधित्व करने का दावा नहीं कर सकते।
तुरंत हस्तक्षेप की मांग करते हुए उन्होंने कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज से अपील की कि वे इस मामले का सख्त संज्ञान लें। इसी संदर्भ में हरजोत सिंह बैंस ने धार्मिक और विरासत से जुड़े मामलों में राजनीतिक हस्तक्षेप पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि एसजीपीसी ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सरकार को श्री आनंदपुर साहिब हेरिटेज स्ट्रीट प्रोजेक्ट का श्रेय न मिलने देने के लिए इस परियोजना का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा बदल दिया। उन्होंने कहा कि लोग याद रखेंगे कि इस महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक परियोजना को किसने रोका था ।
उन्होंने आगे कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख पंथ के लिए सर्वोच्च आध्यात्मिक और सांसारिक केंद्र है। वहां से जारी हर हुक्मनामा एक ब्रह्म आदेश होता है और इस पर कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता।
उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति श्री अकाल तख्त साहिब के हुक्मनामे पर सवाल उठाएगा, उसे गुरु साहिब के प्रति जवाबदेह होना पड़ेगा।
कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज से अपील करते हुए मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि सुखबीर सिंह बादल ने अपने शब्दों से श्री अकाल तख्त साहिब पर हमला किया है। यह हमारे विश्वास पर हमला है। कोई भी सिख जो अकाल तख्त के हुक्मनामे को नहीं मानता या उसकी प्रामाणिकता पर सवाल उठाता है, वह सिख कहलाने का अधिकार खो देता है। इसलिए उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने भी सुखबीर सिंह बादल के बयान की कड़ी निंदा करते हुए पंथ को तख्त की सत्ता पर सवाल उठाने की किसी भी कोशिश के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया है।
श्री आनंदपुर साहिब हेरिटेज स्ट्रीट प्रोजेक्ट के संबंध में मीडिया के सवाल का जवाब देते हुए हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि एसजीपीसी ने इस परियोजना को इस डर से रोक दिया कि इसका श्रेय किसी और को न मिल जाए। उन्होंने कहा कि उन्हें दो महीनों के लिए पर्यटन विभाग का कार्यभार सौंपा गया था और इस दौरान उन्होंने पूरी लगन से इस परियोजना को तैयार किया। इस परियोजना की एसजीपीसी द्वारा समीक्षा भी की गई थी। आज भी इसका एक मॉडल, जिसमें एक ड्योढ़ी भी शामिल है, तख्त श्री केशगढ़ साहिब के सामने रखा हुआ है।
उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी ने इस हेरिटेज स्ट्रीट परियोजना के मूल डिजाइन का 90 प्रतिशत हिस्सा राजनीतिक कारणों से बदल दिया, क्योंकि वह नहीं चाहती थी कि इसका श्रेय हरजोत सिंह बैंस, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान या किसी अन्य को मिले।
उन्होंने आगे कहा कि तख्त श्री दमदमा साहिब में पहले ही इस तरह की ड्योढ़ी बनाई जा चुकी है, फिर स्वीकृत डिजाइन का इतना बड़ा हिस्सा क्यों बदला गया? हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि शिरोमणि कमेटी या तख्त श्री केशगढ़ साहिब के जत्थेदार जो भी निर्णय लें, वह उनके लिए पंथ का आदेश है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को पूरा होते देखना उनकी दिली इच्छा थी।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित मार्ग का उद्देश्य तख्त श्री केशगढ़ साहिब को गुरुद्वारा सीस गंज साहिब से जोड़ना था—वह पवित्र स्थान जहां नौवें गुरु के पवित्र शीश का अंतिम संस्कार किया गया था और जहां गुरु गोबिंद सिंह जी प्रतिदिन मत्था टेकते थे। उन्होंने कहा कि वे सिख संस्था के निर्णय को पूरे दिल से स्वीकार करते हैं, लेकिन अब फैसला कौम और श्री आनंदपुर साहिब के लोगों को करना है। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय हमेशा याद रखेगा कि इस परियोजना को किसने रोका।
इन बदलावों पर निराशा व्यक्त करते हुए हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि तख्त श्री केशगढ़ साहिब की ओर जाने वाला मौजूदा रास्ता बहुत अधिक ढलानदार है। उन्होंने इसके समाधान के लिए सीढ़ियों, एक लिफ्ट और नगर कीर्तन के लिए खुले मार्ग की योजना बनाई थी। उन्होंने कहा कि आज बुजुर्गों और कई अन्य लोगों के लिए इस चढ़ाई पर जाना कठिन है, लेकिन शिरोमणि कमेटी का जो भी निर्णय होगा, वे उसे मानने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने पुष्टि की कि अब यह परियोजना तख्त श्री केशगढ़ साहिब से गुरुद्वारा सीस गंज साहिब और किला आनंदगढ़ साहिब तक विकसित की जाएगी।
National
Campaign Against Gangsters: चेहरे बेनकाब, इनाम घोषित, अब पंजाब में हर गली में तलाशे जाएंगे ‘मोस्ट वॉन्टेड’
पंजाब में अपराध के खिलाफ जंग अब खुली चुनौती में बदल चुकी है। गैंगवार, रंगदारी, टारगेट किलिंग और नशा तस्करी के जाल में उलझे राज्य में अब सरकार ने ऐसा दांव चला है, जिससे अपराधियों की नींद उड़ना तय है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार ने पहली बार ‘पोस्टर वॉर’ छेड़ते हुए कुख्यात गैंगस्टरों और इनामी बदमाशों के नाम, चेहरे और इनाम राशि को सार्वजनिक कर दिया है।
मान सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब अपराधियों के लिए कोई कोना सुरक्षित नहीं रहेगा। पंजाब ने बीते कुछ वर्षों में गैंगवार, टारगेट किलिंग, रंगदारी और नशा तस्करी जैसे संगठित अपराधों का दबाव झेला है, जहां कई अपराधी विदेशों में बैठकर नेटवर्क चला रहे हैं और स्थानीय गुर्गों के जरिए वारदातों को अंजाम दिला रहे हैं। सरकार ने पहली बार इतने बड़े स्तर पर ‘वॉन्टेड’ पोस्टर जारी करते हुए नामचीन गैंगस्टरों और इनामी बदमाशों के चेहरे, नाम और उन पर घोषित इनाम राशि को सार्वजनिक कर दिया है।
इस पहल के जरिए सरकार ने साफ संकेत दिया है कि अब अपराधियों के लिए कोई ‘सेफ जोन’ नहीं बचेगा। उनकी पहचान अब छिपी नहीं रहेगी और आम जनता भी उन्हें पहचानकर कानून के शिकंजे तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगी। खास बात यह है कि इस पूरे अभियान को ‘आपकी जानकारी, हमारी कार्रवाई’ जैसे स्पष्ट संदेश के साथ जोड़ा गया है, जिससे जनता को सीधे इस लड़ाई का भागीदार बनाया गया है।
टॉप वॉन्टेड: 10 लाख के इनामी चेहरे
सरकार द्वारा जारी पोस्टर में कई कुख्यात अपराधियों पर 10-10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है। इनमें संदीप सिंह उर्फ सन्नी, लखविंदर सिंह, हरविंदर सिंह उर्फ भोलू, सतनाम सिंह, बलविंदर सिंह डोनी, परविंदर सिंह और गौरव पंडित शामिल हैं। ये सभी आरोपी हत्या, फिरौती, गैंगवार, अवैध हथियार सप्लाई और संगठित अपराध जैसी गंभीर वारदातों में वांछित हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इनका नेटवर्क कई जिलों और पड़ोसी राज्यों तक फैला हुआ है।
5 लाख के इनामी: गैंग नेटवर्क की रीढ़
पोस्टर में कई ऐसे अपराधियों को भी शामिल किया गया है, जिन पर 5 लाख रुपये का इनाम रखा गया है। इनमें सर्वण सिंह, रोहित गोयल, गुरविंदर सिंह (इंजीनियर), गुरदेव सिंह, अमित कुमार, अमरजीत सिंह, मनप्रीत सिंह, जोगिंदर सिंह, बलजीत सिंह, सुमित कुमार, गुरप्रीत सिंह, जसबीर सिंह, रविंदर सिंह और हर्ष कुमार शामिल हैं। इन अपराधियों पर लूट, हत्या की साजिश, नशा तस्करी, रंगदारी वसूली और गैंग ऑपरेशन चलाने के आरोप हैं। पुलिस का मानना है कि यही लोग बड़े गैंगस्टर नेटवर्क को जमीन पर ऑपरेट करते हैं।
पुलिस का क्राइम सिंडिकेट पर फोकस
पंजाब में पिछले कुछ वर्षों में गैंगवार, रंगदारी और शूटआउट की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, ये गैंग सोशल मीडिया और विदेशों में बैठे सरगनाओं के जरिए संचालित हो रहे हैं। सरकार की यह पहल इन नेटवर्क्स की कमर तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। जब अपराधियों के चेहरे और नाम सार्वजनिक होंगे, तो उनके लिए कहीं भी छिपना मुश्किल हो जाएगा।
सूचना देने वालों की सुरक्षा सबसे ऊपर
सरकार ने साफ किया है कि जो भी व्यक्ति इन अपराधियों के बारे में जानकारी देगा, उसकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इसके लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 जारी किया गया है। सूचना देने वाले को तय इनाम राशि दी जाएगी। नाम और पहचान किसी भी स्तर पर उजागर नहीं की जाएगी। पुलिस और खुफिया एजेंसियां तुरंत एक्शन लेंगी।
जनता बनी पुलिस की ‘इंटेलिजेंस’
इस अभियान का सबसे अहम पहलू यह है कि अब आम नागरिक भी अपराध नियंत्रण का हिस्सा बन गया है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे डरें नहीं और आगे आकर सूचना दें। सरकार ने इस मुहिम के जरिये बदमाशों को दो-टूक कहा है कि वे या तो सरेंडर करें या फिर उन पर सीधी कार्रवाई होगी। पुलिस को भी निर्देश दिए गए हैं कि इन वॉन्टेड अपराधियों के खिलाफ अभियान तेज किया जाए और जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
इसलिए अहम है यह कदम
- पहली बार इतने बड़े स्तर पर वॉन्टेड लिस्ट सार्वजनिक
- इनामी राशि के साथ फोटो जारी कर दबाव बढ़ाया गया
- जनता की भागीदारी से इंटेलिजेंस नेटवर्क मजबूत होगा
- गैंगस्टर इकोसिस्टम को जड़ से खत्म करने की कोशिश
National
पंजाब के मुद्दों को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री से मिले CM मान; गेहूं खरीद, मुआवजा और लंबित राशि पर की चर्चा
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित कृषि भवन पहुंचे, जहां उन्होंने केंद्रीय खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री प्रल्हाद जोशी के साथ अहम बैठक की। इस बैठक में गेहूं की खरीद व्यवस्था, किसानों को मुआवजा, लंबित राशि और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में खाद्य सुरक्षा और पेट्रोलियम से जुड़े विषयों पर विचार किया गया था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पुराने गेहूं के भंडार को तेजी से उठाने के लिए अतिरिक्त विशेष रेलगाड़ियों की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है, जिससे भंडारण की समस्या कम होगी।
आज पंजाब का दौरा कर सकती है केंद्रीय टीम
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की और केंद्र से अपील की कि फसल नुकसान का आकलन करने के लिए तुरंत एक टीम पंजाब भेजी जाए। संभावना जताई जा रही है कि केंद्र की टीम आज ही राज्य का दौरा कर सकती है।
ऋण सीमा पर ब्याज दर में बढ़ोतरी से राज्य पर बोझ
वित्तीय मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नकद ऋण सीमा पर ब्याज दर में मामूली बढ़ोतरी भी राज्य पर भारी बोझ डालती है। उन्होंने बताया कि केवल 0.005 प्रतिशत की वृद्धि से ही लगभग 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ता है।
इसके अलावा उन्होंने ग्रामीण विकास कोष की लगभग 9000 करोड़ रुपये की लंबित राशि का मुद्दा उठाया और इसे किस्तों में जारी करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में विचाराधीन है, लेकिन राज्य सरकार इसे वापस लेने पर भी विचार कर सकती है। इन दोनों मुद्दों पर केंद्र की तरफ से आश्वासन दिया गया है।
आढ़तियों के कमीशन में बढ़ोतरी की मांग का समर्थन
मुख्यमंत्री ने आढ़तियों के कमीशन में बढ़ोतरी की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि वे किसानों और मंडियों के संचालन में अहम भूमिका निभाते हैं। मंडियों में काम करने वाले मजदूरों, विशेषकर बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से आने वाले श्रमिकों से जुड़े मुद्दों और भविष्य निधि से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की गई, जिसे केंद्रीय मंत्री ने जायज बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात दोहराई और स्पष्ट किया कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
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दिल्ली पहुंचे CM भगवंत मान, गेहूं खरीद को लेकर केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी संग अहम बैठक
पंजाब में गेहूं खरीद को लेकर सामने आ रही चुनौतियों के बीच आज मुख्यमंत्री Bhagwant Mann दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने केंद्रीय मंत्री Pralhad Joshi के साथ एक अहम बैठक की।
सूत्रों के अनुसार, यह बैठक आज ही आयोजित की गई, जिसमें राज्य में चल रही गेहूं खरीद प्रक्रिया के दौरान आ रही समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। पिछले कुछ दिनों से किसानों और मंडियों से लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। इनमें गेहूं की उठान में देरी, भुगतान में लेट होने और प्रबंधन की कमियों जैसी समस्याएं प्रमुख रूप से शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार के समक्ष इन मुद्दों को मजबूती से उठाया और जल्द समाधान की मांग की। बैठक के दौरान खरीद प्रक्रिया को सुचारु बनाने, किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने और मंडियों में व्यवस्था सुधारने पर भी विशेष जोर दिया गया।
पंजाब देश के प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में से एक है, ऐसे में खरीद प्रक्रिया में किसी भी तरह की बाधा का सीधा असर किसानों की आय पर पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार और केंद्र के बीच यह समन्वय बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
फिलहाल, इस बैठक के नतीजों पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इससे लाखों किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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