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पंजाब का आबकारी राजस्व लक्ष्य को पार करते हुए 11,782 करोड़ रुपये तक पहुँचा; चार वर्षों में वसूली लगभग दोगुनी: हरपाल सिंह चीमा

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पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी एवं कर मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज यहाँ घोषणा की कि आबकारी एवं कर विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ठोस आबकारी नीति उपायों और कुशल प्रशासनिक कार्यप्रणाली के परिणामस्वरूप राजस्व संग्रह में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है। उन्होंने बताया कि 11,200 करोड़ रुपये के संशोधित आबकारी राजस्व लक्ष्य के मुकाबले विभाग ने 31 मार्च, 2026 तक सफलतापूर्वक 11,782 करोड़ रुपये एकत्र किए, जो लक्ष्य से 582 करोड़ रुपये अधिक हैं।

व्यापक वित्तीय उपलब्धियों को साझा करते हुए वित्त मंत्री ने इस सफलता का श्रेय सीधे तौर पर राज्य सरकार के सक्रिय शासन और व्यापार-हितैषी नीतियों को दिया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, “विशेष रूप से, पिछले चार वर्षों में आबकारी राजस्व लगभग दोगुना हो गया है, जो 6,254.84 करोड़ रुपये से बढ़कर 11,782 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है, और वर्ष 2026-27 के लिए 12,800 करोड़ रुपये का नया लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह उपलब्धि पारदर्शिता और नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करते हुए राजस्व अधिकतम करने के प्रति विभाग की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”

आगामी वित्तीय वर्ष की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए वित्त मंत्री ने रणनीतिक वित्तीय लक्ष्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आबकारी नीति 10,520 करोड़ रुपये के अनुमानित लाइसेंस शुल्क लक्ष्य के साथ तैयार की गई है, जबकि वर्ष 2025-26 में यह 9,877 करोड़ रुपये था। यह उल्लेखनीय है कि राज्य के सभी 207 खुदरा शराब समूह वर्ष 2026-27 के लिए आवंटित किए जा चुके हैं, जो राज्य सरकार की आबकारी नीति में लाइसेंसधारकों के विश्वास को दर्शाता है। आबकारी नीति 2026-27 को समग्र रूप से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है, जिसने राज्य के खजाने में राजस्व के निरंतर प्रवाह को बनाए रखने के साथ-साथ शराब व्यापार में स्थिरता सुनिश्चित की है।”

राज्य के राजस्व स्रोतों में लगातार हो रही वृद्धि पर चर्चा करते हुए वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की भविष्य की रणनीतियों पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “भविष्य की ओर देखते हुए, आबकारी विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 12,800 करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी कुल राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया है। पंजाब सरकार राजस्व संग्रह और नियामक दक्षता के बीच संतुलन बनाए रखते हुए, मजबूत प्रवर्तन, बेहतर अनुपालन प्रणालियों और रणनीतिक नीतिगत हस्तक्षेपों के माध्यम से इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरी तरह आश्वस्त है।”

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बेमौसम बारिश से तबाही के बीच Punjab पहुंचेगी केंद्रीय टीम, प्रभावित जिलों का करेगी दौरा

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पंजाब में हाल ही में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। नुकसान की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार की नौ सदस्यीय टीम आज पंजाब का दौरा करेगी और प्रभावित जिलों का जायजा लेगी। इस टीम की अगुवाई केंद्रीय उपभोक्ता मामले एवं खाद्य मंत्रालय के डिप्टी डायरेक्टर पी.के. सिंह कर रहे हैं। टीम में भारतीय खाद्य निगम (FCI) और राज्य सरकार के अधिकारी भी शामिल हैं, जो जमीनी हालात का निरीक्षण करेंगे और गेहूं के सैंपल इकट्ठा करेंगे।

मिली जानकारी के अनुसार, राज्य में करीब 1.30 लाख एकड़ खड़ी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जबकि लाखों एकड़ में फसल की गुणवत्ता पर असर पड़ा है। मंडियों में पहुंच रही गेहूं की नमी सामान्य 12% की जगह 15% तक दर्ज की जा रही है, वहीं लगभग 60% तक चमक में गिरावट भी सामने आई है।

इस बीच भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने केंद्र से खरीद नियमों में ढील देने की मांग की है, ताकि किसानों की फसल ₹2,585 प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी जा सके। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात कर किसानों के हित में राहत देने की अपील की है।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार पहले ही राजस्थान को इसी तरह की छूट दे चुकी है, जहां बेमौसम बारिश से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ था। 2026-27 रबी सीजन के लिए केंद्र ने गुणवत्ता मानकों में ढील देते हुए 50% तक चमक कम और 15% तक टूटे दानों वाली गेहूं को भी MSP पर खरीदने की अनुमति दी है।

अब सभी की नजरें केंद्रीय टीम की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके आधार पर पंजाब के किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व पर सालभर होंगे भव्य कार्यक्रम, CM भगवंत मान ने तैयारियों को दी अंतिम मंजूरी

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को भव्य और ऐतिहासिक तरीके से मनाने के लिए राज्यभर में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया है। यह निर्णय चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन में संत समाज के साथ हुई अहम बैठक के दौरान लिया गया, जिसमें पूरे साल चलने वाली गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

सरकार की योजना के तहत इस विशेष अवसर को समर्पित कार्यक्रमों में सेमिनार, कीर्तन समागम, धार्मिक यात्राएं, पौधारोपण अभियान और विभिन्न सामाजिक व सांस्कृतिक गतिविधियां शामिल होंगी। इसके अलावा पूरे पंजाब में लगभग 650 एकड़ भूमि पर ‘गुरु रविदास बगीचियां’ स्थापित करने की भी योजना बनाई गई है। मुख्य राज्य स्तरीय समागम खुरालगढ़ में आयोजित किया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु रविदास जी के समानता, मानवता और भेदभाव मुक्त समाज के संदेश को विश्व स्तर तक पहुंचाना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने यह भी कहा कि संत समाज के मार्गदर्शन से इन कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि युवा पीढ़ी भी गुरु जी की शिक्षाओं से प्रेरणा ले सके।

सरकार द्वारा प्रस्तावित कार्यक्रमों में विशेष कीर्तन दरबार, संत सम्मेलन, डॉक्यूमेंट्री शो, ड्रोन शो, रक्तदान शिविर, मैराथन, साइकिल रैलियां और स्कूल स्तर पर प्रतियोगिताएं भी शामिल हैं। इसके साथ ही मीनार-ए-बेगमपुरा में 3डी प्रोजेक्शन शो और गुरु रविदास जी के जीवन व विचारों पर प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रकाश पर्व सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि समाज को समानता, भाईचारे और मानवता के रास्ते पर आगे बढ़ाने का एक बड़ा अवसर है। उन्होंने सभी वर्गों से इस आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लेने और गुरु जी के संदेश को जीवन में अपनाने की अपील की।

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भगवंत मान की अगुवाई में पंजाब सरकार द्वारा ‘पुरस्कार नीति’ लागू, 28 Most Wanted अपराधियों की सूची जारी !

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Bhagwant Mann की अगुवाई में पंजाब सरकार ने राज्य में अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क पर नकेल कसने के लिए एक बड़ा और अहम कदम उठाते हुए नई ‘पुरस्कार नीति’ लागू की है। इस नीति के तहत आम नागरिकों को वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों के बारे में विश्वसनीय जानकारी देने पर नकद इनाम दिया जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने 28 सबसे वांछित अपराधियों की सूची भी जारी कर दी है, जिससे पुलिस कार्रवाई को और तेज़ी मिलने की उम्मीद है।

इस योजना को ‘गैंगस्टरों ते वार’ अभियान के तहत लागू किया गया है, जिसमें पुलिस अधिकारियों को इनाम देने की वित्तीय शक्तियां भी दी गई हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को 1 लाख रुपये तक, पुलिस कमिश्नर/रेंज IG/DIG को 1.5 लाख रुपये तक, जबकि स्पेशल DGP/ADGP स्तर के अधिकारियों को 2 लाख रुपये तक इनाम स्वीकृत करने का अधिकार दिया गया है। वहीं, DGP को इससे अधिक राशि मंजूर करने की शक्ति दी गई है। यह इनाम केवल पुख्ता और सत्यापित जानकारी देने वाले व्यक्तियों को ही दिया जाएगा।

सरकार का कहना है कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य अपराधियों के नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है, जिसके लिए आम जनता की भागीदारी बेहद जरूरी है। इसीलिए सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार का खतरा न हो। इसके लिए ‘एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन’ 93946-93946 भी जारी की गई है, जहां नागरिक गुमनाम रूप से जानकारी साझा कर सकते हैं।

पुलिस विभाग के अनुसार, इस अभियान के तहत मिली जानकारी का इस्तेमाल ‘ऑपरेशन प्रहार’ और अन्य एंटी-गैंगस्टर अभियानों को और प्रभावी बनाने में किया जाएगा। हाल ही में राज्यभर में 56,487 से अधिक छापेमारी की गई हैं, जिसमें अब तक 19,894 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इसके अलावा 851 घोषित अपराधियों को भी पकड़ा गया है और हजारों संदिग्धों से पूछताछ की गई है।

पंजाब पुलिस ने राज्यवासियों से अपील की है कि वे आगे आकर इस मुहिम का हिस्सा बनें और अपराध मुक्त पंजाब बनाने में सहयोग करें। सरकार ने स्पष्ट किया है कि हर नागरिक की सुरक्षा उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और हर सूचना की गंभीरता से जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।

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