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सात नए मेडिकल कॉलेजों के साथ उन्नत स्वास्थ्य देखभाल ढांचे का साक्षी बनेगा Punjab

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की प्रतिबद्धता के अनुसार राज्य में स्वास्थ्य देखभाल और मेडिकल शिक्षा को और बेहतर बनाने के लिए मिसाली कदम उठाते हुए पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आज राज्य भर में सात नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की घोषणा की।

इस प्रोजेक्ट के तहत दो सरकारी मेडिकल कॉलेज, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड के तहत दो कॉलेज तथा निजी और अल्पसंख्यक संगठनों के द्वारा विकसित तीन कॉलेज शामिल हैं।

डॉ. बलबीर सिंह ने यहां पंजाब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि होशियारपुर में शहीद ऊधम सिंह स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज का निर्माण कार्य 20 मार्च, 2026 से शुरू हो जाएगा। कुल 24 महीनों की अवधि में विकसित होने जा रहा यह संस्थान मार्च 2028 में पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट को 274.75 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है। इस प्रोजेक्ट के तहत 300 बेड वाले अस्पताल के साथ-साथ एक मेडिकल कॉलेज भी होगा, जिसमें वार्षिक एमबीबीएस की 100 सीटें होंगी।

स्वास्थ्य मंत्री के साथ प्रमुख सचिव स्वास्थ्य कुमार राहुल, विशेष सचिव-कम-एमडी पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉर्पाेरेशन (पीएचएससी) अमित तलवार और निदेशक अनुसंधान एवं मेडिकल शिक्षा डॉ. अवनीश कुमार भी मौजूद थे।

मंत्री ने जोर देकर कहा कि पिछले अनुमानों की बारीकी से समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत जो पहले 550 करोड़ थी, को 274 करोड़ तक घटाने में सफलता हासिल की, जिससे लगभग 250 करोड़ रुपये के सार्वजनिक धन की बचत हुई है।

डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि होशियारपुर के अलावा कपूरथला में भी एक अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेज बनाया जा रहा है, जिसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और निर्माण जल्द ही शुरू हो जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि इसी तरह संगरूर और एसबीएस नगर में भी पीपीपी मोड के माध्यम से कॉलेज खोले जाएंगे, जिनकी टेंडर प्रक्रिया चल रही है।

इसके अलावा लहरागागा में भी जैन समाज द्वारा कॉलेज बनाया जा रहा है, जिसके लिए सरकार ने समझौता ज्ञापन कर जमीन लीज़ पर ले ली है। जबकि मालेरकोटला में मुस्लिम समाज द्वारा बनाए जा रहे कॉलेज के लिए डीपीआर केंद्र सरकार को जमा करवा दिया गया है। इसी तरह लुधियाना के निकट भी एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज बन रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री ने जोर देकर कहा कि राज्य में सात मेडिकल कॉलेजों के बनने से राज्य की मेडिकल शिक्षा क्षमता में काफी वृद्धि होगी और स्थानीय छात्रों को अब मेडिकल की पढ़ाई के लिए यूक्रेन, चीन या नेपाल जैसे देशों में नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पंजाब में वर्तमान में 1900 एमबीबीएस सीटों वाले 13 मेडिकल कॉलेज हैं और इन नए कॉलेजों से लगभग 600 सीटों की वृद्धि होगी।

डॉ. बलबीर सिंह ने यह भी घोषणा की कि पटियाला, अमृतसर और फरीदकोट में मौजूदा मेडिकल कॉलेजों को सुपर-स्पेशियलिटी सेवाएं प्रदान करने के लिए पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट स्तर तक अपग्रेड किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि होशियारपुर में बनने जा रहे इस संस्थान में एक पांच मंजिला अस्पताल और एक तीन मंजिला मेडिकल कॉलेज की इमारत शामिल है, जो आधुनिक लेबोरेटरीज, लाइब्रेरी और 500 सीटों वाले ऑडिटोरियम से लैस होगी। क्लिनिकल बुनियादी ढांचा आईसीयू, जनरल सर्जरी, ऑर्थाेपेडिक्स और मनोविज्ञान सहित एमआरआई और सीटी स्कैन जैसे उन्नत डायग्नोस्टिक्स की भी सुविधा होगी।

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‘रंगला पंजाब’ बनाने के लिए Mann सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध — राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया

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पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि पंजाब सरकार ‘रंगला पंजाब’ के सपने को साकार करने के लिए सेवा और विकास के रास्ते पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। 16वीं पंजाब विधानसभा के 12वें बजट सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, बुनियादी ढांचा, उद्योग और जनसेवाओं में सरकार की उपलब्धियों का विस्तृत उल्लेख किया।

राज्यपाल ने बताया कि पंजाब में 23 जिला अस्पताल, 42 सब-डिविजनल अस्पताल, 162 कम्युनिटी हेल्थ सेंटर, 523 प्राइमरी हेल्थ सेंटर और 881 आम आदमी क्लीनिकों के जरिए लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। आम आदमी क्लीनिकों में 107 दवाइयां और 47 टेस्ट मुफ्त उपलब्ध हैं और अब तक करोड़ों लोग इन सेवाओं का लाभ ले चुके हैं।

उन्होंने कहा कि 2022 से अब तक 934 डॉक्टरों की भर्ती की जा चुकी है और 400 से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत हर परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।

नशे के खिलाफ चलाई जा रही ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ मुहिम का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि राज्य में 548 ओट क्लीनिक और कई नशा मुक्ति केंद्र चल रहे हैं, जहां लाखों मरीजों का इलाज किया जा रहा है।

शिक्षा के क्षेत्र में सरकार ने 13,765 शिक्षकों की भर्ती की है और सरकारी स्कूलों को आधुनिक बनाने के लिए ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ शुरू किए गए हैं। शिक्षकों और प्रिंसिपलों को सिंगापुर, फिनलैंड और आईआईएम अहमदाबाद में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है।

कृषि क्षेत्र में नहरों और पाइपलाइनों के जरिए खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं और किसानों को बीजों पर सब्सिडी सहित कई वित्तीय मदद दी जा रही है।

राज्यपाल ने कहा कि पंजाब में निवेश बढ़ाने के लिए देश और विदेश की कंपनियों से संपर्क किया जा रहा है और इससे लाखों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार हर क्षेत्र में विकास के लिए काम कर रही है और ‘रंगला पंजाब’ बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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Social media पर लगी पाबंदी, सरकार ने लिया बड़ा फैसला

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आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करने की घोषणा की है। आंध्र प्रदेश सरकार का यह फैसला कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया के 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन की घोषणा के बाद आया है। इससे पहले कर्नाटक की सीएम ने बजट सत्र के दौरान राज्य में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करने का ऐलान किया था। आंध्र प्रदेश के सीएम ने 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाया है।

90 दिनों में होगा इंप्लिमेंट

सीएम एन चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार 6 मार्च को घोषणा किया है कि राज्य में 13 साल के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन किया जाएगा। इस बैन को अगले 90 दिनों में फेजवाइज इंप्लिमेंट किया जाएगा। सरकार ने इसके लिए पॉलिसी बना ली है। हालांकि, चंद्रबाबू नायडू ने यह भी कहा कि राज्य सरकार इस पर विचार कर रही है कि प्रतिबंध को 13 साल से 16 साल तक के लिए एक्सटेंड किया जाए या नहीं। साथ ही, उन्होंने कहा कि यह फैसला पॉलिसी रिव्यू और कंसल्टेशन के बाद लिया जाएगा।

शुक्रवार को कर्नाटक के सीएम ने भी बजट सत्र के दौरान 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करने की घोषणा की है। हालांकि, कर्नाटक सरकार की तरफ से यह घोषणा नहीं की गई है कि इसे कैसे इंप्लिमेंट किया जाएगा। पिछले दिनों कर्नाटक के सीएम ने राज्य के हायर एजुकेशन काउंसिल के वाइस चांसलर से बात करते हुए बच्चों के सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने को लेकर चर्चा की थी।

अन्य राज्यों में भी लग सकता है बैन

आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के अलावा गोवा, बिहार, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर प्रतिबंध को लेकर टास्क फोर्स गठित किया है। भारत सरकार ने भी बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर एज बेस्ड प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है। सभी सरकारें ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण देते हुए एज बेस्ड सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगा रही हैं या फिर लगाने की तैयारी कर रही हैं।

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पंजाब विजिलेंस ब्यूरो में प्रशासनिक फेरबदल; तीन अधिकारियों के तबादले, Ravjot Grewal को अतिरिक्त जिम्मेदारी

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पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से विजिलेंस ब्यूरो में प्रशासनिक स्तर पर फेरबदल किया गया है। विभाग ने तीन अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश विजिलेंस ब्यूरो के चीफ डायरेक्टर प्रवीण कुमार सिन्हा (आईपीएस) की ओर से जारी किए गए हैं और इन्हें तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

जारी आदेशों के अनुसार रवजोत ग्रेवाल (आईपीएस) को ज्वाइंट डायरेक्टर एडमिनिस्ट्रेशन, विजिलेंस ब्यूरो पंजाब के पद पर बरकरार रखते हुए अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब उन्हें ज्वाइंट डायरेक्टर आईवीसी एंड एसयू (IVC & SU) का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। विभाग के अनुसार इस अतिरिक्त जिम्मेदारी से विजिलेंस ब्यूरो की जांच और निगरानी से जुड़े कार्यों में और तेजी आने की उम्मीद है।

एसएसपी विजिलेंस ब्यूरो फिरोजपुर बने जगत प्रीत

वहीं जगत प्रीत सिंह (पीपीएस) को ज्वाइंट डायरेक्टर आईवीसी एंड एसयू, विजिलेंस ब्यूरो पंजाब के पद से स्थानांतरित कर सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसएसपी) विजिलेंस ब्यूरो, फिरोजपुर रेंज में नियुक्त किया गया है। उन्हें अब इस रेंज में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच और निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसी तरह मनजीत सिंह (पीपीएस) को एसएसपी विजिलेंस ब्यूरो, फिरोजपुर रेंज के पद से हटाकर एसएसपी विजिलेंस ब्यूरो, अमृतसर रेंज में तैनात किया गया है। नई पोस्टिंग के बाद वे अमृतसर रेंज में विजिलेंस से जुड़े मामलों की निगरानी करेंगे।

जल्द कार्यभाल संभालने के आदेश

विजिलेंस ब्यूरो की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि इन तबादलों का मुख्य उद्देश्य विभागीय कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाना और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना है। अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव से विभाग की कार्यप्रणाली में तेजी आएगी और भ्रष्टाचार के मामलों की जांच अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।

आदेश की प्रतियां पंजाब सरकार के विजिलेंस विभाग के सचिव, पुलिस महानिदेशक पंजाब, विजिलेंस ब्यूरो के विभिन्न संयुक्त निदेशकों और अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेज दी गई हैं, ताकि नई तैनाती के अनुसार अधिकारी जल्द से जल्द अपना कार्यभार संभाल सकें।

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