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पंजाब बजट सेशन, महिलाओं को ₹1000 मिलेंगे:गवर्नर ने AAP सरकार की उपलब्धियां गिनाईं

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विधानसभा का बजट सत्र गुरुवार से शुरू हो गया। सत्र के पहले दिन राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के अभिभाषण के साथ कार्यवाही की शुरुआत हुई। हालांकि अभिभाषण शुरू होते ही सदन में कांग्रेस विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया और कानून व्यवस्था के मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध जताया।

राज्यपाल ने अपने संबोधन की शुरुआत “सत श्री अकाल” कहकर की, लेकिन जैसे ही उन्होंने अभिभाषण पढ़ना शुरू किया, कांग्रेस के विधायक अपनी सीटों पर खड़े होकर विरोध करने लगे। इस दौरान विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने राज्य में अमन-कानून की स्थिति का मुद्दा उठाया और विभिन्न घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार को घेरने की कोशिश की।

हंगामे के दौरान कांग्रेस के सभी सदस्य अपनी सीटों पर खड़े रहे। बाद में विधायक सुखविंदर कोटली सहित कई कांग्रेस विधायक सदन के वेल में आ गए और नारेबाजी करने लगे। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।

अभिभाषण के साथ कांग्रेस विधायक लगाते रहे नारे

राज्यपाल ने विपक्ष से शांत रहने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा और उचित समय पर यह मुद्दा उठाया जा सकता है। लेकिन कांग्रेस विधायक लगातार विरोध करते रहे। बाजवा राज्यपाल के अभिभाषण के समानांतर अपना भाषण पढ़ते रहे और कानून व्यवस्था से जुड़ी घटनाओं का जिक्र करते रहे।

राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने विपक्ष को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उचित समय आने पर विपक्ष अपनी बात सदन में रख सकता है, इसलिए अभिभाषण के दौरान व्यवधान न डाला जाए।

आप सरकार की उपलब्धियों का किया जिक्र

अपने अभिभाषण में राज्यपाल ने पंजाब सरकार की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। पंजाब विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण की मुख्य बातें- 

  • राज्यपाल ने कहा कि पंजाब अब उन राज्यों में शामिल हो गया है जहां अंग प्रत्यारोपण (ऑर्गन ट्रांसप्लांट) की सुविधाएं उपलब्ध हैं। लीवर ट्रांसप्लांट इसकी प्रमुख शुरुआत है। 
  • सरकार पटियाला और अमृतसर मेडिकल कॉलेज में किडनी ट्रांसप्लांट सेवा भी शुरू करने की तैयारी कर रही है।
  • शिक्षा क्षेत्र में सरकार ने अब तक 13,765 शिक्षकों की भर्ती की है।
  • शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने के लिए उन्हें सिंगापुर, आईआईएम अहमदाबाद, तुर्की और फिनलैंड जैसे संस्थानों में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है।
  • ‘परख’ परीक्षा में पंजाब पूरे देश में पहले स्थान पर रहा।
  • स्कूलों में बेहतर प्रबंधन के लिए कैंपस मैनेजर और सिक्योरिटी गार्ड की नियुक्ति की गई है।
  • राज्य में 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस बनाए जा रहे हैं, जिनमें से 29 स्कूल शुरू हो चुके हैं।
  • स्कूलों में डिजिटल सुविधाओं के लिए 20 करोड़ रुपये का वाई-फाई बजट रखा गया है।
  • राज्यपाल ने बताया कि सरकार ने नशे के खिलाफ “युद्ध नशे के विरुद्ध” अभियान शुरू किया है।
  • अभियान के तहत 375 करोड़ रुपये से अधिक की नकली दवाइयां पकड़ी गई हैं।
  • नशामुक्ति के लिए राज्य में 548 ओट क्लिनिक खोले गए हैं।
  • इसके अलावा 150 से अधिक पुनर्वास केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां 10 हजार से ज्यादा लोगों का इलाज किया जा चुका है।
  • स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सरकार ने 2022 से अब तक 934 डॉक्टरों की भर्ती की है।
  • यह संख्या राज्य में सेवारत डॉक्टरों की कुल संख्या का लगभग 25 प्रतिशत है।
  • इसके अलावा 400 विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया जारी है और नर्सिंग स्टाफ की भर्ती भी चल रही है।
  • मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना को राज्यपाल ने महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजना बताया।
  • इस योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जा रहा है।
  • यह सुविधा पंजाब और चंडीगढ़ के पैनल में शामिल सरकारी व निजी अस्पतालों में उपलब्ध है।
  • लाभार्थियों को इसके लिए सेहत कार्ड जारी किए जा रहे हैं।
  • राज्यपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री कैंसर राहत योजना के तहत पंजाब कैंसर उपचार सहायता देने वाला अग्रणी राज्य बन गया है।
  • यह योजना 10 सरकारी और 11 निजी अस्पतालों में लागू है, जहां मरीजों को उपचार के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है।

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सत्र से पहले सीएम भगवंत मान बैठक करते हुए।

सीएम ने सत्र से पहले की बैठक

उधर, सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सचिवालय में अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने बताया कि राज्य का बजट तैयार कर लिया गया है और इसे विधानसभा में 8 मार्च को पेश किया जाएगा।

बजट सत्र के दौरान सरकार विभिन्न विभागों की योजनाओं और नीतियों पर चर्चा करेगी, जबकि विपक्ष भी विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। 

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7 साल बाद SAFF चैंपियन बना भारत, PM मोदी ने दी बधाई

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भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने 7 साल बाद SAFF महिला चैम्पियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में भारत ने बांग्लादेश को 3-1 से हराकर रिकॉर्ड छठी बार यह टूर्नामेंट जीता। यह मैच गोवा के मडगांव स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में खेला गया।

भारत की ओर से पियारी जाखसा, सनफिदा नोंगरूम और लिंडा कोम सेत्रो ने एक-एक गोल किया, जबकि बांग्लादेश के लिए एकमात्र गोल रितु पोर्ना ने किया। पियारी जाखसा ने 42वें मिनट में भारत को बढ़त दिलाई, लेकिन पहले हाफ के इंजरी टाइम में बांग्लादेश ने बराबरी कर ली। दूसरे हाफ में सनफिदा नोंगरूम के शानदार हेडर और 82वें मिनट में लिंडा कोम सेत्रो के गोल ने भारत की जीत सुनिश्चित कर दी।

पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहा। टीम ने अपने सभी चार मुकाबले जीते, 18 गोल किए और सिर्फ एक गोल ही खाया। इस जीत के साथ मौजूदा चैंपियन बांग्लादेश की लगातार तीसरी बार खिताब जीतने की उम्मीद भी टूट गई।

इस अवसर पर भारतीय टीम की अनुभवी खिलाड़ी डांगमेई ग्रेस ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को अलविदा कह दिया। उन्होंने वर्ष 2012 में भारत के लिए पदार्पण किया था और 95 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के बाद अपने करियर का समापन एक और SAFF खिताब के साथ किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय महिला टीम को इस ऐतिहासिक जीत पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है और यह उपलब्धि देश की युवा खिलाड़ियों को फुटबॉल में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। प्रधानमंत्री ने टीम के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

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RBI का बड़ा फैसला! रेपो रेट 5.25% पर बरकरार, EMI में नहीं होगा इजाफा

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने पॉलिसी रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर यथावत रखने का फैसला किया है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 3 से 5 जून तक चली MPC बैठक के बाद इसकी घोषणा की।

RBI के इस फैसले से होम लोन, कार लोन और अन्य रेपो रेट से जुड़े कर्जों की EMI में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि रेपो रेट को स्थिर रखना कर्ज लेने वालों के लिए राहत की खबर है।

RBI गवर्नर ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रही है। सप्लाई चेन में रुकावटें, ऊर्जा की बढ़ती कीमतें और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता का असर विकास दर और महंगाई दोनों पर पड़ सकता है।

इसके साथ ही RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की GDP वृद्धि दर के अनुमान में भी कटौती की है। पहले 6.9 फीसदी रखे गए अनुमान को घटाकर अब 6.6 फीसदी कर दिया गया है।

केंद्रीय बैंक के अनुसार चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में GDP वृद्धि दर 6.6 फीसदी, दूसरी तिमाही में 6.3 फीसदी, तीसरी तिमाही में 6.5 फीसदी और चौथी तिमाही में 6.8 फीसदी रहने का अनुमान है।

RBI ने यह भी चिंता जताई है कि इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान सामान्य से कम बारिश हो सकती है। इसका असर कृषि उत्पादन और ग्रामीण क्षेत्रों में मांग तथा खपत पर पड़ सकता है।

हालांकि रेपो रेट को स्थिर रखने से आम लोगों को तत्काल राहत मिली है, लेकिन वैश्विक आर्थिक चुनौतियां और GDP वृद्धि दर के घटाए गए अनुमान आने वाले समय के लिए सतर्क रहने का संकेत दे रहे हैं।

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होर्मुज संकट के बीच तेल कंपनियों की चेतावनी, कच्चे तेल की कीमतों में आ सकता है बड़ा उछाल

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दुनिया की बड़ी तेल कंपनियों और वित्तीय संस्थानों ने चेतावनी दी है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) में जारी संकट लंबा खिंचता है तो आने वाले हफ्तों में कच्चे तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर इस्तेमाल योग्य तेल भंडार तेजी से घट रहे हैं, जिससे ऊर्जा बाजार पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

अमेरिकी निवेश बैंक जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 की शुरुआत में दुनिया के पास करीब 8.4 अरब बैरल तेल का भंडार था, लेकिन इसमें से केवल 0.8 अरब बैरल ही तत्काल इस्तेमाल के लिए उपलब्ध था। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर होर्मुज मार्ग लंबे समय तक प्रभावित रहता है तो सितंबर तक कई देशों के वाणिज्यिक तेल भंडार खतरनाक स्तर तक नीचे पहुंच सकते हैं।

इस दौरान सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि तेल आपूर्ति प्रभावित होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ीं। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका द्वारा अतिरिक्त तेल आपूर्ति, रणनीतिक भंडारों के इस्तेमाल और अन्य स्रोतों से बाजार में आई सप्लाई के कारण कीमतों पर तुरंत असर नहीं पड़ा।

वहीं अमेरिकी तेल कंपनी शेवरॉन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी माइक वर्थ ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ हफ्तों में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिए रखे गए अतिरिक्त तेल भंडार तेजी से खत्म हो रहे हैं और बाजार की संकट झेलने की क्षमता अब पहले से काफी कम हो चुकी है।

माइक वर्थ के मुताबिक जून और खासतौर पर जुलाई महीने में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मध्य-पूर्व का संघर्ष लंबा चलता है तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा और कई देशों में आर्थिक मंदी का खतरा बढ़ सकता है।

इसी तरह संयुक्त अरब अमीरात की सरकारी तेल कंपनी ADNOC के प्रमुख सुल्तान अल-जाबेर ने कहा है कि भले ही संघर्ष खत्म हो जाए, फिर भी होर्मुज मार्ग से तेल की सामान्य आपूर्ति बहाल होने में कई महीने लग सकते हैं। उनका अनुमान है कि पूरी तरह सामान्य स्थिति 2027 से पहले लौटना मुश्किल हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि देश अपने रणनीतिक तेल भंडार दोबारा भरना शुरू करते हैं तो वैश्विक बाजार में मांग और बढ़ेगी, जिससे कीमतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। ऐसे में आने वाले महीने वैश्विक तेल बाजार और विश्व अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

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