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Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ब्रिटिश कोलंबिया के साथ व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने की वकालत की
Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कनाडा, विशेष रूप से ब्रिटिश कोलंबिया के साथ व्यापारिक संबंधों को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि आपसी सहयोग का विस्तार हो सके और दोनों क्षेत्रों के व्यवसायों व लोगों को अधिकतम लाभ मिल सके।
पंजाब के बीच मजबूत व्यापारिक और निवेश संबंधों की प्रशंसा करते हैं और इस साझेदारी को और आगे बढ़ाने की उम्मीद रखते हैं
ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेविड एबी से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, “कनाडा हमेशा भारत और पंजाब के लिए एक मजबूत साझेदार रहा है और हम इस रिश्ते की दिल से सराहना करते हैं। हम कनाडा और पंजाब के बीच मजबूत व्यापारिक और निवेश संबंधों की प्रशंसा करते हैं और इस साझेदारी को और आगे बढ़ाने की उम्मीद रखते हैं।” भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब दोनों क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कनाडाई व्यवसायों के साथ सहयोग करने के लिए पूरी तरह तैयार और उत्सुक है।”
पंजाब की आर्थिक क्षमताओं को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब एग्रो-प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग उपकरण, आईटी सेवाओं और नवीकरणीय ऊर्जा में अग्रणी है। मजबूत बुनियादी ढांचे और अंग्रेज़ी भाषा में दक्ष कुशल कार्यबल के साथ, पंजाब कनाडाई निवेशकों के लिए एक आदर्श गंतव्य के रूप में उभरा है।”उन्होंने कहा, “ बिज़नेस करने के मामले में पंजाब देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है और ‘इन्वेस्ट पंजाब’ के माध्यम से हम निवेशकों को सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम और व्यापक सहयोग प्रदान कर रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि ब्रिटिश कोलंबिया की विशेषज्ञता पंजाब की विकास प्राथमिकताओं के साथ पूरी तरह मेल खाती है। उन्होंने कहा, “सतत कृषि, खाद्य सुरक्षा और ग्रीनहाउस तकनीकों में ब्रिटिश कोलंबिया की दक्षता, कृषि के आधुनिकीकरण से जुड़े पंजाब के लक्ष्यों के अनुरूप है। हमें स्वच्छ कृषि, कटाई के बाद की प्रणालियों और वैल्यू-एडेड फूड प्रोसेसिंग में साझेदारी की उम्मीद है।”
शिक्षा पर बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “शिक्षा और कौशल विकास एक और महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जहां अनुसंधान और व्यावसायिक प्रशिक्षण में कनाडाई विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी से परिवर्तनकारी बदलाव लाया जा सकता है।”
मेडिकल उपकरणों और टेलीमेडिसिन में कनाडाई कंपनियों के लिए पंजाब में अपार अवसर हैं
क्षेत्र-आधारित अवसरों पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “स्वास्थ्य सेवा और जीवन विज्ञान के क्षेत्र में फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल उपकरणों और टेलीमेडिसिन में कनाडाई कंपनियों के लिए पंजाब में अपार अवसर हैं।” उन्होंने आगे कहा, “नवीकरणीय ऊर्जा दोनों क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है और पंजाब सोलर पार्कों तथा बायो-एनर्जी परियोजनाओं में संयुक्त उपक्रमों का स्वागत करता है।”
प्रौद्योगिकी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “आईटी और डिजिटल परिवर्तन के संदर्भ में, पंजाब में साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एग्री-टेक परियोजनाओं में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं।”
निर्माण और व्यापार पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “निर्माण और इंजीनियरिंग एक और उच्च-संभावना वाला क्षेत्र है। कृषि मशीनरी और स्वच्छ इंजीनियरिंग में कनाडा की विशेषज्ञता पंजाब के औद्योगिक क्लस्टरों के लिए महत्वपूर्ण सिद्ध हो सकती है।”
उन्होंने कहा, “पंजाब के निर्यात होने वाले कृषि उत्पाद—जैसे गेहूं, चावल, किन्नू, लीची और प्रोसेस्ड फूड उत्पाद—कनाडाई बाजार में अत्यधिक मांग में हैं, जिन्हें वहां रहने वाले भारतीय प्रवासी समुदाय का मजबूत समर्थन मिल रहा है।” टेक्सटाइल में सहयोग का प्रस्ताव रखते हुए उन्होंने कहा, “कनाडाई कंपनियां उच्च-गुणवत्ता वाले टेक्सटाइल और परिधान उद्योग विकसित करने के लिए पंजाब के साथ साझेदारी कर सकती हैं, जो उनके फैशन और रिटेल क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।”
मुख्यमंत्री ने प्रवासी भारतीय भाईचारे की भूमिका पर जोर देते हुए कहा, “कनाडा में पंजाबी प्रवासी व्यापारिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए एक मजबूत सेतु का काम करते हैं। पंजाब सरकार का उद्देश्य सांस्कृतिक और शैक्षिक कार्यक्रमों के माध्यम से इन संबंधों को और मजबूत करना है।”
कनाडा को ‘प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026’ में साझेदार देश के रूप में आमंत्रित करते हुए उन्होंने कहा, “प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026 में विशेष व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल, क्षेत्रीय सत्र और उच्च-स्तरीय गोलमेज़ सम्मेलन शामिल होंगे, जो व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को और सुदृढ़ करेंगे।”
मुख्यमंत्री ने अग्रणी कनाडाई विश्वविद्यालयों को मोहाली में परिसर स्थापित करने की संभावनाओं की तलाश करने का भी निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा, “पंजाब और पड़ोसी राज्यों के लिए शिक्षा और कौशल विकास केंद्र होने के नाते, मोहाली कनाडाई संस्थानों के लिए अनेक लाभ प्रदान करता है।” उन्होंने आगे कहा, “हमारा उद्देश्य कनाडाई प्रौद्योगिकी और सेवा कंपनियों को मोहाली में आईटी और आईटीईएस संचालन तथा वैश्विक क्षमता केंद्र स्थापित करने के लिए आकर्षित करना है।”
पंजाब निवेशक सम्मेलन में भाग लेने के लिए सादर आमंत्रित करता हूं
इस संबंध में पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हम कनाडाई निवेशकों को निवेश से जुड़ी सभी सुविधाएं प्रदान करेंगे। मैं कनाडाई प्रतिनिधिमंडलों को 13 से 15 मार्च 2026 तक प्लाक्षा यूनिवर्सिटी, मोहाली में होने वाले पंजाब निवेशक सम्मेलन में भाग लेने के लिए सादर आमंत्रित करता हूं।” आशा व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, “यह साझेदारी द्विपक्षीय सहयोग के एक नए युग की शुरुआत करेगी और पंजाब तथा ब्रिटिश कोलंबिया—दोनों के समग्र विकास को गति देगी।”
इस दौरान ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर ने मुख्यमंत्री का उनकी मेहमाननवाज़ी के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, “पंजाब द्वारा की गई मेहमाननवाज़ी ने मेरे दौरे को वास्तव में यादगार बना दिया है।” लोगों के बीच संबंधों पर जोर देते हुए उन्होंने आगे कहा, “पंजाब हमेशा ब्रिटिश कोलंबिया में बसे पंजाबियों के दिलों में बसता है और हमारे लोगों के बीच यह रिश्ता और मजबूत होना चाहिए।” निकट संबंधों की इच्छा व्यक्त करते हुए प्रीमियर ने कहा, “हम पंजाब के साथ व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने के इच्छुक हैं और कौशल विकास, ऊर्जा तथा अन्य क्षेत्रों में आपसी आदान-प्रदान के अवसरों की तलाश करेंगे।”
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व्यापक औद्योगिक निवेश ने पंजाब की कानून-व्यवस्था और शासन में हुए सुधारों पर मुहर लगाई: CM भगवंत सिंह मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज ‘शानदार चार साल, भगवंत मान के साथ’ श्रृंखला के तहत आप सरकार के अधीन कानून-व्यवस्था पर रिपोर्ट कार्ड पेश किया। इसका उद्देश्य जनता के सामने चार वर्षों के शासन का स्पष्ट और क्षेत्रवार लेखा-जोखा प्रस्तुत करना है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब की कानून-व्यवस्था में सुधार अब जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है, जो नशों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, संगठित अपराध पर निरंतर कार्रवाई, पुलिस सुधारों और निवेशकों के बढ़ते भरोसे से संभव हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार की ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत निर्णायक कार्रवाई की गई है, जिसमें 95,000 से अधिक तस्करों को गिरफ्तार किया गया, 772 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति जब्त की गई और 1100 से अधिक गिरोहों का भंडाफोड़ किया गया। इसके अलावा एंटी-ड्रोन सिस्टम जैसे उपायों ने सीमा पार तस्करी रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने आगे कहा कि रिकॉर्ड पुलिस भर्ती, आधुनिकीकरण और सड़क सुरक्षा फोर्स जैसे प्रयास पंजाब में कानून लागू करने की मजबूती को दर्शाते हैं। अकाली नेतृत्व पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने गैंगस्टरों को संरक्षण दिया और आपराधिक नेटवर्क को खुली छूट दी, वे अब इतिहास को मिटाकर दोबारा लिखने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे जवाबदेही से बच नहीं सकते।

यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार ने नशों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस (कोई लिहाज न करने) की नीति अपनाई है और कानून का उल्लंघन करने वालों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती गई है और न ही बरती जाएगी, बल्कि उन्हें मिसाल कायम करने वाली सजा दी जाएगी।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मार्च 2022 से अब तक 95,881 नशा तस्करों और सप्लायरों को गिरफ्तार किया गया है और एनडीपीएस एक्ट के तहत 71,228 एफआईआर दर्ज की गई हैं।”
कार्रवाई संबंधी विवरण साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “10,085 बड़े तस्करों की गिरफ्तारी के साथ नशीले पदार्थों की 6,109 बड़ी/व्यावसायिक खेपें जब्त की गई हैं। नशीले पदार्थों के हॉटस्पॉट (अधिक प्रभावित क्षेत्रों) पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसके चलते 5625 किलोग्राम हेरोइन, 3461 किलोग्राम अफीम, 1628 क्विंटल भुक्की और 4.96 करोड़ इंजेक्शन, गोलियां, कैप्सूल और सिरप बरामद किए गए हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “54.47 करोड़ रुपए की ड्रग मनी बरामद की गई है और एनडीपीएस मामलों में 3440 भगोड़े अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 1556 तस्करों से 772 करोड़ रुपए की संपत्तियां जब्त की गई हैं।”
संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “गैंगस्टर विरोधी टास्क फोर्स (एजीटीएफ) के गठन के बाद 2858 गैंगस्टरों और अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, 35 को निष्क्रिय किया गया और 1105 गैंगों का भंडाफोड़ किया गया है। अपराधों में इस्तेमाल किए गए 2267 हथियार और 655 वाहन भी बरामद किए गए हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “एजीटीएफ ने 6 अप्रैल 2022 से मार्च 2026 तक पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में बड़े हत्या मामलों, जबरन वसूली रैकेट, बैंक डकैतियों, गैंगस्टरों की गिरफ्तारी और आतंकवादी साजिशों समेत 38 सनसनीखेज मामलों को सुलझाया है।”
सीमा सुरक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब की पाकिस्तान के साथ लगभग 560 किलोमीटर लंबी सीमा है और नशों तथा हथियारों की सप्लाई को रोकने के लिए राज्य सरकार ने एंटी-ड्रोन सिस्टम स्थापित किया है। पंजाब ऐसा सिस्टम स्थापित करने वाला पहला राज्य है।”
उन्होंने आगे कहा, “हमने केंद्र से फंड मांगे थे, लेकिन कोई सहायता प्राप्त नहीं हुई। राज्य सरकार ने अपने संसाधनों का उपयोग किया और अब इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। अब तक 806 ड्रोन बरामद किए गए हैं, 1472 ड्रोन गतिविधियों का पता लगाया गया है और ड्रोन के जरिए 341 अवैध हथियार बरामद किए गए हैं।”
पुलिस सुधारों के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली सरकारों के विपरीत, जो अंतिम वर्ष या चुनावी साल में भर्ती करती थीं, हमारी सरकार ने नियमित भर्ती सुनिश्चित की है।
पिछले चार वर्षों में 12,197 भर्तियां की गई हैं, जिनमें 1062 सब-इंस्पेक्टर, 450 हेड कांस्टेबल और 10,285 कांस्टेबल शामिल हैं।
उन्होंने आगे बताया कि 1746 कांस्टेबलों (वर्ष 2025) की भर्ती प्रक्रिया जारी है और 3298 कांस्टेबलों (वर्ष 2026) के लिए विज्ञापन जारी किया गया है, जिसके लिए 10 मार्च 2026 से आवेदन मांगे गए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि पुलिस बल के आधुनिकीकरण के लिए 327.69 करोड़ रुपए की लागत से 2904 वाहन खरीदे गए हैं, जिनमें 2258 चार-पहिया और 646 दो-पहिया वाहन शामिल हैं।
जनवरी 2024 में शुरू की गई सड़क सुरक्षा फोर्स भारत की अपनी तरह की पहली समर्पित फोर्स है, जो 5500 किलोमीटर से अधिक हाईवे को कवर करती है और इससे मृत्यु दर में 48 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने आगे बताया कि फरवरी 2024 से जनवरी 2026 तक इस फोर्स ने 43,983 हादसों में 47,386 पीड़ितों की मदद की, 19,973 लोगों को मौके पर सहायता दी और 27,413 घायलों को अस्पताल तक पहुंचाया।
तकनीकी अपग्रेड पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि एस.ए.एस. नगर और जालंधर में सेफ सिटी प्रोजेक्ट लागू किए गए हैं और जल्द ही इन्हें लुधियाना, अमृतसर और पटियाला में भी शुरू किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब पुलिस एक राष्ट्रीय फोर्स है, जो देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए हर समय तत्पर रहती है।
भगोड़ों के खिलाफ कार्रवाई के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार विदेशों से अपना गिरोह चला रहे गैंगस्टरों की प्रत्यर्पण प्रक्रिया के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इस संबंध में कोई भी जानकारी मिलने पर उनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
पंजाब की कानून-व्यवस्था में विश्वास को मजबूत करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब देश के सबसे सुरक्षित और शांत राज्यों में से एक है। किसी भी राज्य या देश में निवेश आना कानून-व्यवस्था का सबसे बड़ा प्रमाण होता है, और बड़े स्टील प्लांट द्वारा 3200 करोड़ रुपए का निवेश इस बात को दर्शाता है।
उन्होंने आगे कहा कि कई प्रमुख वैश्विक कंपनियां पंजाब में निवेश करने के लिए आगे आ रही हैं और कई ने पहले ही निवेश शुरू कर दिया है। राज्य बड़े आयोजनों की मेजबानी कर रहा है और अक्टूबर में एशिया कप हॉकी की मेजबानी करेगा।
पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में नशों को संरक्षण देने और फैलाने वाले नेता अब इसे खत्म करने का दावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि गैंगस्टरों को टिकट देकर किसने उन्हें हलका इंचार्ज बनाया। ये नेता गैंगस्टरों के बढ़ते प्रभाव के लिए जिम्मेदार हैं और आज भी उन्हें कानूनी व अन्य सहायता प्रदान कर रहे हैं।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक गौरव यादव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मलेरकोटला के लिए बड़ी घोषणा, मेडिकल कॉलेज होगा स्थापित, एमबीबीएस की 100 सीटें होंगी
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मलेरकोटला में लोगों के साथ ईद मनाई। यहां ईदगाह में ईद के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री ने 563 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के साथ-साथ अन्य अस्पतालों की परियोजनाओं की घोषणा की, जिसका उद्देश्य लोगों को उत्तम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है। इस दौरान उन्होंने सभी परिवारों से 10 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज का लाभ उठाने के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत नाम दर्ज कराने की अपील की, जिससे इस जनहितकारी योजना का उद्देश्य जनता की स्वास्थ्य देखभाल को मजबूत करना है।
लोगों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ईद-उल-फितर एक-दूसरे की भलाई की कामना करने का त्योहार है और मुझे मलेरकोटला की इस पवित्र ईदगाह में आकर बहुत सुकून और खुशी मिली है। यह ऐसा त्योहार है जो भाईचारे की भावना की सजीव तस्वीर पेश करता है, जहां हम एक साथ बैठते हैं और एक-दूसरे की खुशहाली की दुआ करते हैं। मैं प्रबंधक कमेटी और आसपास के गांवों से ईद मनाने आए सभी लोगों को दिल से शुभकामनाएं देता हूं।”
उन्होंने आगे कहा, “मलेरकोटला एक ऐतिहासिक धरती है, जहां से दसवें पातशाह के छोटे साहिबजादों के हक में आवाज उठाई गई थी और वह आवाज आज भी पूरी दुनिया में गूंज रही है।”
ईद के इस पावन अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि यहां एक मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा, “लगभग 38.5 एकड़ रक्षा भूमि सरकार को हस्तांतरित की जा चुकी है और करीब 563 करोड़ रुपए की लागत से 100 एमबीबीएस सीटों वाला यह मेडिकल कॉलेज जल्द तैयार होगा। इसके साथ ही लगभग 8.5 एकड़ में 150 बेड का ईएसआई अस्पताल भी बनाया जा रहा है, क्योंकि इस समय खन्ना और लुधियाना के बीच ऐसी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “जहां भी मेडिकल कॉलेज बनाया जाता है, वहां नर्सिंग कॉलेज और 200 बेड का अस्पताल होना भी जरूरी है, इसलिए इन्हें भी साथ ही विकसित किया जाएगा। इसके अलावा लड़कियों के स्कूल के लिए पांच मंजिला नई इमारत तैयार की गई है और फर्नीचर उपलब्ध कराया जा रहा है। इस स्कूल का उद्घाटन अगले 15-20 दिनों में होने की संभावना है और हमारी बेटियां वहां शिक्षा प्राप्त करेंगी।”
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है ताकि बच्चे डॉक्टर बन सकें और जीवन में आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि लोग अपने दिलों में उन्हीं नेताओं को जगह देते हैं जो उनके लिए काम करते हैं। वर्ष 2022 में पंजाब के लोगों ने उन्हें सेवा का अवसर दिया और सरकार ने अब तक अपने वादों और गारंटियों को पूरा किया है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 10 लाख रुपए तक के नकद-रहित इलाज कार्ड के लिए अपना नाम दर्ज करवाएं। यह एक महत्वपूर्ण और जनहितकारी योजना है, जिसका उद्देश्य नकद-रहित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है, जिसमें सरकारी और निजी दोनों अस्पताल शामिल हैं। राज्य में रहने वाले सभी परिवारों के लिए 10 लाख रुपए तक का इलाज पूरी तरह मुफ्त होगा।
मैं प्रार्थना करता हूं कि पंजाब के किसी भी निवासी को कभी बीमारी की स्थिति का सामना न करना पड़े और सभी स्वस्थ रहें, लेकिन यदि ऐसा होता है तो राज्य सरकार उनके इलाज के लिए पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ी है।
मलेरकोटला के लोगों ने इतना अधिक प्यार दिया है कि उसका कर्ज कई जन्मों में भी नहीं उतारा जा सकता। इस प्यार की कीमत वही समझ सकता है जिसे यह मिलता है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब की धरती बहुत उपजाऊ है और यहाँ जो भी बीज बोया जाता है, वह उग आता है। महान गुरुओं, संतों, फकीरों और पैगंबरों की इस पवित्र धरती पर नफरत का बीज कभी नहीं पनपेगा।”
उन्होंने आगे कहा, “यह पवित्र महीना उस समय को दर्शाता है जब ईश्वरीय आदेश से पवित्र कुरान मानवता को प्रदान की गई थी। हम सभी मिलकर हर धर्म के त्योहारों और धार्मिक आयोजनों को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाते हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश में विभिन्न भाषाएं, उप-भाषाएं, और संस्कृतियां हैं, जो इसे अनेकता में एकता का एक अनूठा उदाहरण बनाती हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमारे महान आध्यात्मिक गुरुओं ने पूरे विश्व को शांति, सद्भाव, एकता, भाईचारे और मानवीय मूल्यों का संदेश दिया है।
उन्होंने कहा कि इस पवित्र धरती से हम प्रतिदिन “सरबत के भले” की अरदास करते हैं और सभी की खुशहाली की कामना करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि मुझे गर्व है कि पंजाब एक ऐसा राज्य है जहां शांति, प्रेम और भाईचारे की जड़ें बहुत गहरी हैं और इन्हें कभी कमजोर नहीं किया जा सकता।
इस पवित्र अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोगों को विश्वास दिलाया कि वे राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की कोशिश करने वाली ताकतों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे।
उन्होंने पंजाब सरकार और राज्य के लोगों की ओर से पूरे मुस्लिम समुदाय को दिल से शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आशा व्यक्त की कि पंजाब में सदियों से चली आ रही भाईचारे, शांति और एकता की परंपरा आगे भी जारी रहेगी, और राज्य सरकार इसे भविष्य में भी सुरक्षित रखने के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेगी।
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वॉल्वरहैम्प्टन के एक निवास मंदिर में 22 मार्च को वार्षिक चेत चला मेला आयोजित होगा।
स्थानीय डडली रोड ब्लेकेनहॉल स्थित एक निवास यूनिवर्सल डिवाइन मंदिर में इस रविवार, 22 मार्च 2026 को वार्षिक ‘चेत चला मेला’ आयोजित किया जाएगा जो आध्यात्मिक श्रद्धा और सामुदायिक उत्सव का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। यह पर्व बाबा तरलोचन सिंह जी और माता कवलजीत कौर जी के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है जिसमें स्थानीय संगत को पारंपरिक धार्मिक विधियों और भक्ति संगीत में सहभागी होने का अवसर मिलेगा।
मेला आयोजन की जानकारी देते हुए मंदिर के प्रतिनिधि गुरजीत सिंह और जीवन सिंह फ्लोरा ने बताया कि यह कार्यक्रम बाबा बालक नाथ जी के पावन आशीर्वाद से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 11:00 बजे पारंपरिक आरती के साथ होगा जिसके बाद 11:30 बजे ध्वजारोहण समारोह के साथ दिनभर के आयोजनों की औपचारिक शुरुआत की जाएगी।
दोपहर के समय 12:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक भक्ति कार्यक्रमों की विस्तृत श्रृंखला प्रस्तुत की जाएगी। प्रतिष्ठित ब्रिटिश कलाकार और गायक भजन भेंट प्रस्तुत करेंगे जबकि बाबा तरलोचन सिंह जी संगत को गुरबाणी शबदों का गायन करेंगे।
उन्होंने आगे बताया कि बाबा बालक नाथ जी और बाबा तरलोचन सिंह जी के अनेक श्रद्धालु विभिन्न देशों से इस आयोजन में शामिल होने के लिए पहुंच चुके हैं। आयोजकों ने इंगलैंड की साध संगत को सादर आमंत्रण दिया है कि वे अपने परिवार और मित्रों सहित इस धार्मिक समारोह में भाग लें। यह वार्षिक आयोजन आध्यात्मिक चिंतन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण अवसर बना है।
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