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रसूखदारों का बारी-बारी से सत्ता में आने का दौर हुआ खत्म, अब लोगों की बारी: CM भगवंत सिंह मान
Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज धर्मकोट, मोगा की दाना मंडी में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए एक सीधा राजनीतिक संदेश दिया कि पंजाब में कुछ रसूखदार घरानों द्वारा बारी-बारी से सत्ता पर काबिज होने का दौर अब खत्म हो गया है और राज्य इससे आगे बढ़ चुका है। अब राज्य का भविष्य पूरी तरह लोगों के हाथ में है। दशकों के कुशासन पर पारंपरिक पार्टियों को घेरते हुए उन्होंने कहा कि जिन्होंने कभी पंजाब की युवाओं और कानून व्यवस्था को तबाह किया था, वही अब झूठे बयानों के जरिए लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। जगजाहिर है कि उनकी विश्वसनीयता लगातार घट रही है और 2027 में उनकी हार साफ दिखाई दे रही है।
प्रचार से प्रभावित होने के लिए तैयार नहीं बल्कि अपने भविष्य के बारे में निर्णय लेने के लिए जागरूक हैं।
आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को अपने वादे पूरे करने वाली सरकार के रूप में पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि लोगों को दी गई सभी गारंटियां चार साल के भीतर पूरी की गई हैं और बाकी बचे शासनकाल के दौरान दशकों से उपेक्षित पंजाब की रिकवरी में तेजी लाई जाएगी। उन्होंने विपक्षी पार्टियों की जुटाई गई भीड़ की तुलना ‘आप’ की सभाओं में दिखाई देने वाले असली जनसमर्थन से की और कहा कि लोग अब प्रचार से प्रभावित होने के लिए तैयार नहीं बल्कि अपने भविष्य के बारे में निर्णय लेने के लिए जागरूक हैं।
इससे पहले मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गांव बाजेके में एक स्कूल ऑफ एमिनेंस की आधारशिला रखी, जहां स्थानीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया, जिन्होंने उन्हें शहीद-ए-आजम भगत सिंह की तस्वीरें भेंट कीं और विद्यार्थियों ने उनका गुलाब के फूलों से स्वागत किया। 19.76 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य ग्रामीण शिक्षा को आधुनिक बुनियादी ढांचे, उन्नत प्रशिक्षण सुविधाओं और मुफ्त जेईई-नीट कोचिंग से लैस करना है, जो समान अवसर सुनिश्चित करने और पंजाब के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने का ठोस प्रयास है।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने धर्मकोट में 18 करोड़ रुपये की लागत वाले सब-डिविजनल अस्पताल की आधारशिला रखी, इसे छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया और हर घर तक गुणवत्तापूर्ण इलाज पहुंचाने को सुनिश्चित करने के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।
दाना मंडी में सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने तंज कसते हुए कहा, “वे नेता अब राज्य में कानून व्यवस्था की बात कर रहे हैं, जिनके हाथ राज्य के युवाओं के खून से रंगे हुए हैं और जो राज्य में अस्थिरता के लिए जिम्मेदार हैं। इन पार्टियों ने राज्य और इसके लोगों के खिलाफ विश्वासघात किया है और जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार बच्चों को शिक्षा देने, रोजगार पैदा करने और सतत विकास के जरिए गरीबी खत्म करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
पार्टी के काम से खुश हैं और हमारी सरकार का समर्थन करते हैं।
इस कार्यक्रम के प्रति जन प्रतिक्रिया का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह सरकार के काम के प्रति लोगों की संतुष्टि को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि वे आम आदमी पार्टी के काम से खुश हैं और हमारी सरकार का समर्थन करते हैं। इतिहास में पहली बार किसी सरकार ने चार साल के भीतर अपने किए गए वादे और गारंटियां पूरी की हैं और हमारे पास अभी भी एक साल और काम करने के लिए बाकी है।
हम इस एक साल को बर्बाद नहीं करेंगे क्योंकि हम पहले ही 70 साल पीछे हैं और अब हमें उस देरी की भरपाई करनी है।”
सरकार की अन्य पहलों के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “आप सरकार और स्कूल बनाएगी, और अस्पताल बनाएगी और नौकरियां देगी, पुलिस में भर्ती करेगी, टोल प्लाजा बंद करेगी, नहरों में पानी लाएगी, सड़कें बनाएगी और खेलों को बढ़ावा देगी। अभी भी बहुत सारा काम करने की जरूरत है और ‘आप’ सरकार इस नेक काम के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगी।
पिछली सरकारों ने राज्य को बर्बाद कर दिया था और पंजाब को बुरी हालत में छोड़ दिया था, लेकिन आज यह फिर से आगे बढ़ रहा है।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “ये सभाएं आम नहीं हैं क्योंकि दूसरी पार्टियां ऐसे आयोजनों का सपना ही देख सकती हैं क्योंकि लोग उन्हें सुनने नहीं आते। कांग्रेस या अकाली नेताओं से पूछो कि वे भीड़ इकट्ठी करने के लिए कितने पैसे खर्च करते हैं। वे रैलियों में शामिल होने के लिए लोगों को किराए पर लाते हैं। लेकिन यहां लोग अपने आप आते हैं। यह जनता का असली समर्थन है।”
उन्होंने आगे कहा कि पिछली सरकारों के पास पंजाब को बदलने के कई मौके थे, लेकिन नेक इरादों की कमी के कारण वे असफल रहे। अगर उनमें काम करने की इच्छाशक्ति होती तो वे यह पहले ही कर लेते क्योंकि उनके पास कई अवसर थे। इन नेताओं ने पंजाब और पंजाबियों के साथ धोखा किया। कुछ नेता कई बार मुख्यमंत्री रहे, लेकिन राज्य में कुछ नहीं बदला। इन नेताओं ने राज्य और इसके लोगों की पीठ में छुरा मार कर अपने निजी हितों के लिए काम किया।
पंजाब और इसके लोग मेरे दिल में बसते हैं
शासन में इरादे के महत्व को समझाते हुए उन्होंने कहा, “अगर इरादे नेक और स्पष्ट हों तो कोई नेता कुछ घंटों में भी बदलाव ला सकता है, लेकिन पिछली सरकारों ने बदलाव करने की बजाय लोगों का शोषण किया। पंजाब और इसके लोग मेरे दिल में बसते हैं, इसलिए मैं पूरे जोश के साथ जनता की सेवा के लिए उपस्थित हूं। पूरा पंजाब मेरा परिवार है और मुझे हमेशा उनके बीच रहना पसंद है, मुझसे पहले वालों के विपरीत जो महलों जैसे घरों में रहना पसंद करते थे।”
विपक्ष पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष भरोसेमंद नहीं है, इसलिए लोगों को उन पर विश्वास नहीं करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष ने केवल उनकी आलोचना करने के लिए हाथ मिलाए हैं। वे जानते हैं कि 2027 में उनकी हार तय है और यह बात उन्हें हज़म नहीं हो रही। सत्ता में बारी-बारी आने का युग अब खत्म हो गया है और अब लोगों का ईमानदारी और मिशनरी जोश के साथ आगे आने का समय आ गया है।
वोटरों से सोच-समझकर वोट डालने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि जब आप वोट देने जाते हैं, तो एक बात याद रखें कि जिस पार्टी के चुनाव चिन्ह को आप वोट दे रहे हैं, वह सिर्फ एक चिन्ह नहीं है, बल्कि यह आपके और आपके बच्चों के भविष्य को दर्शाता है। अगर आप गलत बटन दबाते हैं, तो आपका भविष्य पांच साल के लिए रुक जाता है, जबकि सही बटन दबाने से पंजाब विकास के रास्ते पर आगे बढ़ता है।
महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि हमने महिलाओं को सशक्त बनाया है क्योंकि हम माताओं और बहनों का सम्मान करते हैं और उनका आशीर्वाद व्यक्ति को हर क्षेत्र में सफल बनाता है। जिस घर में मां नहीं होती, वह घर अपनी आत्मा खो देता है। विपक्ष केवल अपने परिवारों, अपने बेटों, भतीजों और रिश्तेदारों के बारे में सोचता है, जबकि हम पंजाब के हर नागरिक के बारे में सोचते हैं। विपक्ष ने अपनी नीतियों, नशे, भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के जरिए पंजाब को बर्बाद कर दिया।
शासन की प्राथमिकताओं को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार स्कूलों, अस्पतालों और बुनियादी ढांचे में सुधार कर रही है ताकि पंजाब लगातार प्रगति करता रहे। पहले की सरकारों ने श्मशान घाट की दीवारें बनाने जैसे मामूली कामों पर ध्यान दिया, जबकि स्कूल, सड़कें और पानी जैसे विकास कार्यों को नजरअंदाज किया। हमारी सरकार ने आम आदमी और उसके मुद्दों को राजनीति के केंद्र में लाकर इस सोच को बदल दिया है।
आम आदमी पार्टी सरकार बिजली उपलब्ध करा रही है
उन्होंने दोहराया कि हमारी सरकार वादे करने वाली नहीं, बल्कि सेवाएं प्रदान करने वाली सरकार है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार बिजली उपलब्ध करा रही है, सिंचाई प्रणाली में सुधार कर रही है, नए स्कूल बना रही है, स्वास्थ्य सेवाएं दे रही है और रोजगार के नए अवसर पैदा कर रही है। हम केवल वादे नहीं कर रहे, बल्कि उन्हें पूरा करके दिखा रहे हैं। पंजाब के लोग इतने समझदार हैं कि वे किसी को ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं और जरूरत पड़ने पर जमीन पर भी ला सकते हैं।
शासन प्रणाली पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार केवल दफ्तर के समय में ही नहीं, बल्कि दिन-रात काम कर रही है क्योंकि लोगों की समस्याएं केवल दफ्तर के समय तक सीमित नहीं होतीं। हम लोगों के हिसाब से सिस्टम बदल रहे हैं। जब मैं लोगों को हमारे काम से खुश देखता हूं, तो मुझे बहुत संतोष मिलता है। यही असली इनाम है, जो पैसे या ताकत से कहीं ज्यादा कीमती है।
वित्तीय अनुशासन और जनकल्याण पर उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार जनता की भलाई के लिए सरकारी खजाने के हर पैसे का समझदारी से उपयोग कर रही है। राज्य के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और किसानों को दिन के समय भी बिजली मिल रही है, जो एक अनूठा कदम है। ऐसे समय में जब केंद्र सरकार देश की संपत्तियों को अपने करीबी मित्रों को कम कीमत पर दे रही है, पंजाब सरकार ने एक निजी थर्मल प्लांट खरीदकर इतिहास रचा है।
स्वास्थ्य क्षेत्र की पहलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए राज्य में 881 आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं और सरकारी अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं दी जा रही हैं। व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना शुरू की गई है, जो राज्य के हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज प्रदान करती है। पंजाब ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य है, जिससे लोगों पर आर्थिक बोझ कम हुआ है और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित हो रही हैं।
नशा विरोधी अभियान के बारे में उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान शुरू किया है, जिसके तहत नशे की सप्लाई चेन को तोड़ा गया है और तस्करों को जेल भेजा गया है। जनता के सहयोग से इस बुराई को जड़ से खत्म किया जा रहा है और यह अभियान अब एक जन आंदोलन बन चुका है।
विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज धर्मकोट के गांव बाजेके में एक स्कूल ऑफ एमिनेंस की आधारशिला रखी गई है। यह स्कूल सात एकड़ से अधिक क्षेत्र में बनेगा और इस पर 19 करोड़ 76 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। दो मंजिला इमारत में 24 कक्षाएं, तीन विज्ञान प्रयोगशालाएं, एक कॉमर्स ब्लॉक, लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, अतिरिक्त प्रयोगशालाएं, एजुसेट कक्ष और सैनेटरी ब्लॉक होंगे।
हर छात्र को 4000 रुपये की लागत से ट्रैक सूट, ब्लेज़र और वर्दी जैसी चीजें भी प्रदान की जा रही हैं
उन्होंने आगे कहा कि यहां वॉलीबॉल, बास्केटबॉल और हैंडबॉल के मैदान होंगे और 200 मीटर का ट्रैक भी बनाया जाएगा। इस स्कूल में विज्ञान, कॉमर्स और आर्ट्स स्ट्रीम पढ़ाये जा रहे हैं और हर छात्र को 4000 रुपये की लागत से ट्रैक सूट, ब्लेज़र और वर्दी जैसी चीजें भी प्रदान की जा रही हैं। । चार बसों के साथ परिवहन की सुविधा भी होगी और जेईई तथा नीट की मुफ्त कोचिंग दी जाएगी।
शैक्षणिक उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस स्कूल के दो छात्रों—आर्यन देवगन और गुरजशन सिंह—ने जेईई मेन्स के लिए क्वालीफाई किया है और छात्रों ने बोर्ड मेरिट सूची में भी स्थान हासिल किया है। मोगा जिले में लांधे के, बाघापुराना और निहाल सिंह वाला में तीन अन्य स्कूल ऑफ एमिनेंस पहले से ही संचालित हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्वास्थ्य सेवाओं को अपग्रेड करने की घोषणा करते हुए कहा कि धर्मकोट के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को 18 करोड़ रुपये की लागत से सब-डिविजनल अस्पताल में अपग्रेड किया जा रहा है, जिससे धर्मकोट और आसपास के गांवों के हजारों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
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अमृतसर में पुलिस-बदमाश मुठभेड़, गोली लगने के बाद 2 आरोपी गिरफ्तार
पंजाब सरकार ने निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी फीस वृद्धि पर रोक लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में एक महत्वपूर्ण अध्यादेश को मंजूरी दी गई, जिसके तहत अब राज्य के निजी स्कूल हर साल 5 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेंगे।
कैबिनेट बैठक के बाद वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि सरकार का उद्देश्य अभिभावकों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत देना और शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि नए नियमों के लागू होने के बाद फीस वृद्धि को नियंत्रित किया जाएगा और निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगेगा।
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि सरकार अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जानकारी दी कि जिन निजी स्कूलों ने पिछले तीन वर्षों के दौरान 15 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाई है, उनसे वसूली गई अतिरिक्त राशि अभिभावकों को वापस करवाई जाएगी।
सरकार ने नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भी प्रावधान किया है। नए नियमों के तहत प्राथमिक स्कूलों पर 50 हजार रुपये तक, हाई स्कूलों पर 2 लाख रुपये तक और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।
पंजाब सरकार का कहना है कि यह फैसला लाखों अभिभावकों को राहत देने वाला साबित होगा। साथ ही शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ेगी तथा शिक्षा को व्यवसाय बनाने की प्रवृत्ति पर भी रोक लगेगी।
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बादल परिवार के काले कारनामे एक-एक करके जनता के सामने लाए जाएंगे और उन्हें उनके पापों की मिसाली सजा मिलेगी : CM भगवंत सिंह मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि पंजाब के लोग यह नहीं भूले हैं कि किस तरह बादल परिवार और अकाली नेतृत्व ने बार-बार प्रदेश के हितों से समझौता किया, तीन काले कृषि कानूनों का समर्थन किया, राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का दुरुपयोग किया और पंजाब में नशे के कलंक को पनपने दिया। फरीदकोट के गांव पंजगराईं कलां में ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान लोगों से रूबरू होते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली सरकारों ने जहां पंजाब को नशे, बेरोजगारी और पतन की ओर धकेला, वहीं ‘आप’ सरकार नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, पारदर्शी सरकारी भर्ती, शिक्षा में ऐतिहासिक सुधार, सभी के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं और महिलाओं के हित वाली कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश की तस्वीर बदल रही है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पंजाब और इसके लोगों के साथ विश्वासघात करने वालों का हर करतूत जनता के सामने लाया जाएगा, जबकि मौजूदा सरकार एक स्वस्थ, शिक्षित और समृद्ध पंजाब के निर्माण की दिशा में पूरी तरह से केंद्रित है। सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान, जिनके साथ पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां भी मौजूद थे, ने कहा कि बादल परिवार ने प्रदेश पर लंबे समय तक शासन किया है और हमेशा प्रदेश को कमजोर करने की साजिशें रची हैं। उन्होंने कहा, “बादलों का एकमात्र एजेंडा प्रदेश और इसके लोगों के हितों से समझौता करके अपने निजी हितों को सुरक्षित करना रहा है। ये ऐसे अवसरवादी नेता हैं, जो अपने निजी और राजनीतिक हितों के अनुसार गिरगिट की तरह रंग और रुख बदलते हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों ने अकालियों को चुना था लेकिन वे गद्दार साबित हुए और उन्होंने हमेशा प्रदेश और इसके लोगों की पीठ में छुरा घोंपा। भगवंत सिंह मान ने कहा, “जब पूरी किसानी अपने अधिकारों के लिए लड़ रही थी, तब अकालियों ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में अपनी कुर्सियां बचाने के लिए मोदी सरकार के काले कृषि कानूनों का समर्थन किया था। अकालियों ने अपने राजनीतिक हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग किया और लोग इसके लिए उन्हें कभी माफ नहीं कर सकते।”
एक और मिसाल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नेताओं ने खुद को किसान बताकर लंबे समय तक लोगों को बेवकूफ बनाया है। उन्होंने कहा, “उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि कोई अन्नदाता बसों का इतना बड़ा काफिला और गुड़गांव में आलीशान होटल कैसे बना सकता है। यह सारी संपत्ति इसलिए इकट्ठी की गई है क्योंकि उन्होंने अपने राजनीतिक हितों के लिए प्रदेश और लोगों के हितों को बेच दिया।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली, पीढ़ियों के घात के लिए जिम्मेदार हैं क्योंकि नशा तस्करी को उनका संरक्षण प्राप्त थी और यह उनके लंबे कुशासन के दौरान पनपी-फूली। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नेताओं के हाथ उन लाखों युवाओं के खून से रंगे हैं, जो नशे की भेंट चढ़ गए, जिसकी सप्लाई प्रदेश में सरकारी गाड़ियों के माध्यम से की जाती थी। उन्होंने कहा, “इन नेताओं के पाप क्षमा करने योग्य नहीं हैं और लोग इनके बुरे करतूतों की लंबी दास्तान के लिए इन्हें कभी भी माफ नहीं कर सकते। बेअदबी के जिम्मेदार लोग श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश हुए और सार्वजनिक रूप से अपना गुनाह कबूल किया।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उनकी राजनीतिक इच्छाएं पूरी नहीं हुईं तो उन्होंने यू-टर्न ले लिया। भगवंत सिंह मान ने कहा, “पूरा प्रदेश इन नेताओं का असली चेहरा जानता है, जिन्होंने हमेशा राजनीतिक हथकंडों के माध्यम से लोगों को गुमराह किया है। इन नेताओं ने गैंगस्टरों की पीठ थपथपाई और नशा तस्करों को पनाह देकर पंजाब के युवाओं की रगों में नशा घोला। लोग अकालियों को उनके पापों के लिए कभी माफ नहीं करेंगे और एक बार फिर उन्हें सबक सिखाएंगे। लोगों ने बार-बार उन्हें चुना, लेकिन उन्होंने बार-बार पंजाब और इसके लोगों के साथ विश्वासघात किया।” मुख्यमंत्री ने दोहराया कि अकालियों ने अपने राजनीतिक हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग किया, इसलिए लोग उन्हें कभी माफ नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा कि स्वर्गीय प्रकाश सिंह बादल ने भी सुखबीर सिंह बादल को कभी भी प्रदेश का मुखिया नहीं बनाया क्योंकि वे जानते थे कि पूर्व उपमुख्यमंत्री पंजाब को मुसीबत में डाल देंगे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सुखबीर सिंह बादल जमीनी हकीकतों से वाकिफ नहीं हैं क्योंकि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी आराम-ओ-आइश और खुशहाली वाले सुरक्षित माहौल में गुजारी है।
उन्होंने कहा कि सुखबीर सिंह बादल को प्रदेश की बुनियादी भौगोलिक स्थिति का भी पता नहीं है लेकिन फिर भी वे पंजाब में राजनीतिक सत्ता पाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “बाकी बातें तो एक तरफ रहीं, पूर्व उपमुख्यमंत्री पंजाब की बुनियादी फसलों में भी अंतर नहीं कर सकते क्योंकि वे प्रदेश के मुख्य मुद्दों से ही पूरी तरह से अनभिज्ञ हैं। दूसरी तरफ पंजाब सरकार ने प्रदेश की भलाई और लोगों की खुशहाली सुनिश्चित करने के लिए अनेकों पहलें की हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि पंजाब सरकार ने युवाओं को 67,500 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने आगे कहा, “पंजाब में भ्रष्टाचार और पक्षपात का युग खत्म हो गया है। आज युवाओं को निर्धारित योग्यता के आधार पर पारदर्शी तरीके से नौकरियां मिल रही हैं। सरकार पंजाबियों की उम्मीदों पर खरी उतर रही है और प्रदेश का एक-एक पैसा इसके लोगों के विकास पर खर्च किया जा रहा है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पहली बार कोई मुख्यमंत्री सिर्फ मंच से बोलने के बजाय खुलकर बातचीत करके आम लोगों की बातें सुन रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी खजाने के एक-एक पैसे का इस्तेमाल लोगों की भलाई के लिए कर रही है।
उन्होंने कहा कि पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और किसानों को दिन के समय बिजली मिल रही है, जो मिसाली कदम है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ऐसे समय में जब देश की संपत्ति केंद्र सरकार द्वारा अपने करीबी दोस्तों को मामूली कीमतों पर सौंपी जा रही है, पंजाब सरकार ने एक निजी थर्मल प्लांट खरीदकर इसका नाम श्री गुरु अमरदास जी के नाम पर रखकर इतिहास रचा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को व्यापक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना शुरू की है, जो देश की अपनी तरह की पहली योजना है जो पंजाब के प्रत्येक निवासी परिवार को 10 लाख रुपये तक का नकद रहित चिकित्सा उपचार प्रदान करती है। उन्होंने आगे कहा, “पंजाब ऐसा व्यापक स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करने वाला पहला भारतीय राज्य है, जिससे परिवारों पर वित्तीय बोझ कम हुआ है और मानक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस ऐतिहासिक पहल का उद्देश्य प्रदेश के सभी परिवारों को व्यापक स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करना है और लोग इस योजना के तहत पहले ही 650 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज प्राप्त कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मांवां-धीयां सत्कार योजना के तहत, 1 जुलाई से 18 साल से अधिक उम्र की महिला लाभार्थियों को वित्तीय सहायता के बारे में उनके मोबाइल फोन पर सूचना मिलेगी। उन्होंने आगे कहा, “अन्य सभी वर्गों से संबंधित महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह मिलेंगे, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह मिलेंगे। यह फंड सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे और पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाएं भी इस योजना का लाभ लेने की पात्र होंगी।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब की 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना से लाभ होने की उम्मीद है और प्रदेश सरकार ने इसके लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये रखे हैं।
इस योजना के व्यापक सामाजिक महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भले ही यह वित्तीय सहायता महिलाओं को अमीर नहीं बना सकती लेकिन यह उन्हें बनता सम्मान और सत्कार जरूर प्रदान करेगी। उन्होंने कहा, “महिलाएं सबसे अधिक सम्मान की हकदार हैं क्योंकि वे जीवन का आधार हैं। माताओं और बहनों के आशीर्वाद में दुनिया की हर चुनौती को पार करने की ताकत होती है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लिंग समानता को बढ़ावा देने और सामाजिक तथा आर्थिक निर्णय लेने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करना बहुत जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे ईश्वर के बहुत आभारी हैं कि अकाल पुरख ने उन्हें जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन अधिनियम, 2026 को लागू करने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि जब भी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाएं हुईं, लाखों लोगों के दिल दहल गए। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ईश्वर ने उन्हें बुद्धि और बल प्रदान किया तभी वे कानूनी विशेषज्ञों के साथ उचित विचार-विमर्श के बाद यह विधेयक लाने में सक्षम हुए। उन्होंने कहा, “आप सरकार ने इस विधेयक का मसौदा बहुत सावधानीपूर्वक तैयार किया है ताकि भविष्य में कोई भी संशोधन या कमियां इसे कमजोर न कर सकें।”
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह कानून समाज विरोधी तत्वों के खिलाफ बड़ी रोक के रूप में काम करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में कोई भी इस तरह का जघन्य अपराध करने की हिम्मत न करे। उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करना शांति, सद्भावना, भाईचारे और श्रद्धा को ढहाने की गहरी साजिश थी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के पिता हैं और इनकी पवित्रता को बनाए रखना सभी का सामूहिक कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा उठाए गए इस ऐतिहासिक कदम के लिए दुनिया भर के लोग खुश हैं और आभार व्यक्त कर रहे हैं।
इस अवसर पर पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां और अन्य लोग भी मौजूद थे।
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पंजाब में महिलाओं को भगवंत सिंह मान सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत सुरक्षित एवं समय पर प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुँच का लाभ
स्टेट हेल्थ एजेंसी (SHA), पंजाब के आंकड़ों के अनुसार मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत किए गए मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) मामलों में से 57 प्रतिशत गर्भावस्था के पहले आठ सप्ताह के भीतर किए गए। अब तक दर्ज 323 कैशलेस प्रक्रियाओं, जिनकी कुल लागत 14.86 लाख रुपये रही, में से 185 मामले शुरुआती गर्भावस्था के दौरान किए गए। यह राज्य भर के 800 से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों में समय पर और सुरक्षित प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं तक बढ़ती पहुँच को दर्शाता है।
गर्भपात का निर्णय कई व्यक्तिगत, चिकित्सकीय और सामाजिक-आर्थिक कारणों से प्रभावित होता है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पहले आठ सप्ताह के भीतर किए गए एमटीपी मामलों की संख्या कुल मामलों के आधे से अधिक रही, जिससे यह योजना के अंतर्गत सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली श्रेणी बन गई है।
ये आंकड़े ऐसे समय में सामने आए हैं जब मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत गर्भसमापन (एमटीपी) सेवाओं की कैशलेस सुविधा का दायरा बढ़ाया है। अब महिलाएँ सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी बिना ख़र्च किए ये सेवाएँ प्राप्त कर सकती हैं, जिससे पूरे पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुँच और आसान हो गई है।
आंकड़े संकेत देते हैं कि अधिकांश लाभार्थी गर्भावस्था के शुरुआती चरणों में ही गर्भपात सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं, जब चिकित्सकीय प्रक्रियाएँ कम जटिल होती हैं और स्वास्थ्य ज़ोखिम भी कम होते हैं।
मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पंजाब के 800 से अधिक सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में एमटीपी सेवाएँ कैशलेस उपलब्ध हैं। इस योजना का उद्देश्य लोगों के जेब से होने वाले ख़र्च को कम करना और समय पर प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच को बेहतर बनाना है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि सूचीबद्ध स्वास्थ्य संस्थानों के हालिया विस्तार का उद्देश्य सेवाओं तक पहुँच को आसान बनाना और उपचार में होने वाली देरी को कम करना है। उन्होंने कहा, “सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस सेवाएँ उपलब्ध करवाने का उद्देश्य समय पर उपचार सुनिश्चित करना और देरी से हस्तक्षेप के कारण उत्पन्न होने वाली जटिलताओं को कम करना है।”
चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि चिकित्सकीय निगरानी में समय पर गर्भपात सेवाओं तक पहुँच स्वास्थ्य ज़ोखिमों को कम करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। माता कौशल्या अस्पताल की सीनियर प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रमिता अग्रवाल ने कहा कि निर्धारित गर्भकाल सीमा के भीतर चिकित्सकीय निगरानी में किया गया गर्भसमापन सुरक्षित और प्रभावी होता है।
उन्होंने कहा कि उपचार लेने में देरी अक्सर आर्थिक कठिनाइयों, जागरूकता की कमी और सामाजिक बाधाओं से जुड़ी होती है, जिसके कारण कई बार महिलाएँ असुरक्षित तरीकों या स्वयं दवा लेने का सहारा लेती हैं। उन्होंने कहा, “सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किसी भी दवा या प्रक्रिया से पहले प्रत्येक मामले का उचित चिकित्सकीय मूल्यांकन आवश्यक है।”
डॉ. रमिता अग्रवाल ने गर्भपात करवाने के कुछ सामान्य कारण भी साझा किए:
गर्भनिरोधक साधनों का प्रभावी न होना : कंडोम, आईयूडी या अन्य गर्भनिरोधक साधनों का अपेक्षित रूप से प्रभावी न होना।
अनियोजित या अनचाहा गर्भधारण: जब महिला या दंपत्ति बच्चे के लिए तैयार न हों।
आर्थिक कारण: प्रसव और बच्चे के पालन-पोषण से जुड़े ख़र्चों को लेकर चिंताएँ ।
माँ के स्वास्थ्य संबंधी ज़ोखिम: गर्भावस्था जारी रहने से महिला के शारीरिक स्वास्थ्य पर ख़तरा होना।
भ्रूण में गंभीर असामान्यताएँ : भ्रूण में गंभीर जन्मजात या चिकित्सकीय समस्याओं का पता चलना।
व्यक्तिगत, शैक्षणिक या करियर संबंधी कारण: गर्भावस्था का पढ़ाई, नौकरी या जीवन की अन्य योजनाओं पर प्रभाव पड़ना।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना का विस्तार प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत करने में कैशलेस स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। यह आर्थिक बाधाओं को कम करके और संस्थागत स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच बढ़ाकर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध करवाने में मदद कर रहा है।
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