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Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ब्रिटिश कोलंबिया के साथ व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने की वकालत की

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Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कनाडा, विशेष रूप से ब्रिटिश कोलंबिया के साथ व्यापारिक संबंधों को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि आपसी सहयोग का विस्तार हो सके और दोनों क्षेत्रों के व्यवसायों व लोगों को अधिकतम लाभ मिल सके।

पंजाब के बीच मजबूत व्यापारिक और निवेश संबंधों की प्रशंसा करते हैं और इस साझेदारी को और आगे बढ़ाने की उम्मीद रखते हैं

ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेविड एबी से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, “कनाडा हमेशा भारत और पंजाब के लिए एक मजबूत साझेदार रहा है और हम इस रिश्ते की दिल से सराहना करते हैं। हम कनाडा और पंजाब के बीच मजबूत व्यापारिक और निवेश संबंधों की प्रशंसा करते हैं और इस साझेदारी को और आगे बढ़ाने की उम्मीद रखते हैं।” भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब दोनों क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कनाडाई व्यवसायों के साथ सहयोग करने के लिए पूरी तरह तैयार और उत्सुक है।”

पंजाब की आर्थिक क्षमताओं को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब एग्रो-प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग उपकरण, आईटी सेवाओं और नवीकरणीय ऊर्जा में अग्रणी है। मजबूत बुनियादी ढांचे और अंग्रेज़ी भाषा में दक्ष कुशल कार्यबल के साथ, पंजाब कनाडाई निवेशकों के लिए एक आदर्श गंतव्य के रूप में उभरा है।”उन्होंने कहा, “ बिज़नेस करने के मामले में पंजाब देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है और ‘इन्वेस्ट पंजाब’ के माध्यम से हम निवेशकों को सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम और व्यापक सहयोग प्रदान कर रहे हैं।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि ब्रिटिश कोलंबिया की विशेषज्ञता पंजाब की विकास प्राथमिकताओं के साथ पूरी तरह मेल खाती है। उन्होंने कहा, “सतत कृषि, खाद्य सुरक्षा और ग्रीनहाउस तकनीकों में ब्रिटिश कोलंबिया की दक्षता, कृषि के आधुनिकीकरण से जुड़े पंजाब के लक्ष्यों के अनुरूप है। हमें स्वच्छ कृषि, कटाई के बाद की प्रणालियों और वैल्यू-एडेड फूड प्रोसेसिंग में साझेदारी की उम्मीद है।”

शिक्षा पर बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “शिक्षा और कौशल विकास एक और महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जहां अनुसंधान और व्यावसायिक प्रशिक्षण में कनाडाई विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी से परिवर्तनकारी बदलाव लाया जा सकता है।”

मेडिकल उपकरणों और टेलीमेडिसिन में कनाडाई कंपनियों के लिए पंजाब में अपार अवसर हैं


क्षेत्र-आधारित अवसरों पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “स्वास्थ्य सेवा और जीवन विज्ञान के क्षेत्र में फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल उपकरणों और टेलीमेडिसिन में कनाडाई कंपनियों के लिए पंजाब में अपार अवसर हैं।” उन्होंने आगे कहा, “नवीकरणीय ऊर्जा दोनों क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है और पंजाब सोलर पार्कों तथा बायो-एनर्जी परियोजनाओं में संयुक्त उपक्रमों का स्वागत करता है।”

प्रौद्योगिकी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “आईटी और डिजिटल परिवर्तन के संदर्भ में, पंजाब में साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एग्री-टेक परियोजनाओं में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं।”

निर्माण और व्यापार पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “निर्माण और इंजीनियरिंग एक और उच्च-संभावना वाला क्षेत्र है। कृषि मशीनरी और स्वच्छ इंजीनियरिंग में कनाडा की विशेषज्ञता पंजाब के औद्योगिक क्लस्टरों के लिए महत्वपूर्ण सिद्ध हो सकती है।”

उन्होंने कहा, “पंजाब के निर्यात होने वाले कृषि उत्पाद—जैसे गेहूं, चावल, किन्नू, लीची और प्रोसेस्ड फूड उत्पाद—कनाडाई बाजार में अत्यधिक मांग में हैं, जिन्हें वहां रहने वाले भारतीय प्रवासी समुदाय का मजबूत समर्थन मिल रहा है।” टेक्सटाइल में सहयोग का प्रस्ताव रखते हुए उन्होंने कहा, “कनाडाई कंपनियां उच्च-गुणवत्ता वाले टेक्सटाइल और परिधान उद्योग विकसित करने के लिए पंजाब के साथ साझेदारी कर सकती हैं, जो उनके फैशन और रिटेल क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।”

मुख्यमंत्री ने प्रवासी भारतीय भाईचारे की भूमिका पर जोर देते हुए कहा, “कनाडा में पंजाबी प्रवासी व्यापारिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए एक मजबूत सेतु का काम करते हैं। पंजाब सरकार का उद्देश्य सांस्कृतिक और शैक्षिक कार्यक्रमों के माध्यम से इन संबंधों को और मजबूत करना है।”
कनाडा को ‘प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026’ में साझेदार देश के रूप में आमंत्रित करते हुए उन्होंने कहा, “प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026 में विशेष व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल, क्षेत्रीय सत्र और उच्च-स्तरीय गोलमेज़ सम्मेलन शामिल होंगे, जो व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को और सुदृढ़ करेंगे।”

मुख्यमंत्री ने अग्रणी कनाडाई विश्वविद्यालयों को मोहाली में परिसर स्थापित करने की संभावनाओं की तलाश करने का भी निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा, “पंजाब और पड़ोसी राज्यों के लिए शिक्षा और कौशल विकास केंद्र होने के नाते, मोहाली कनाडाई संस्थानों के लिए अनेक लाभ प्रदान करता है।” उन्होंने आगे कहा, “हमारा उद्देश्य कनाडाई प्रौद्योगिकी और सेवा कंपनियों को मोहाली में आईटी और आईटीईएस संचालन तथा वैश्विक क्षमता केंद्र स्थापित करने के लिए आकर्षित करना है।”

पंजाब निवेशक सम्मेलन में भाग लेने के लिए सादर आमंत्रित करता हूं

इस संबंध में पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हम कनाडाई निवेशकों को निवेश से जुड़ी सभी सुविधाएं प्रदान करेंगे। मैं कनाडाई प्रतिनिधिमंडलों को 13 से 15 मार्च 2026 तक प्लाक्षा यूनिवर्सिटी, मोहाली में होने वाले पंजाब निवेशक सम्मेलन में भाग लेने के लिए सादर आमंत्रित करता हूं।” आशा व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, “यह साझेदारी द्विपक्षीय सहयोग के एक नए युग की शुरुआत करेगी और पंजाब तथा ब्रिटिश कोलंबिया—दोनों के समग्र विकास को गति देगी।”

इस दौरान ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर ने मुख्यमंत्री का उनकी मेहमाननवाज़ी के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, “पंजाब द्वारा की गई मेहमाननवाज़ी ने मेरे दौरे को वास्तव में यादगार बना दिया है।” लोगों के बीच संबंधों पर जोर देते हुए उन्होंने आगे कहा, “पंजाब हमेशा ब्रिटिश कोलंबिया में बसे पंजाबियों के दिलों में बसता है और हमारे लोगों के बीच यह रिश्ता और मजबूत होना चाहिए।” निकट संबंधों की इच्छा व्यक्त करते हुए प्रीमियर ने कहा, “हम पंजाब के साथ व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने के इच्छुक हैं और कौशल विकास, ऊर्जा तथा अन्य क्षेत्रों में आपसी आदान-प्रदान के अवसरों की तलाश करेंगे।”

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गुरुग्राम में किसने खरीदा ₹271 करोड़ का देश का सबसे महंगा पेंटहाउस!

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भारत के लग्जरी रियल एस्टेट बाजार में गुरुग्राम ने एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। डीएलएफ के सुपर-लग्जरी प्रोजेक्ट ‘द डहलियास’ में करीब ₹271 करोड़ का पेंटहाउस बिकने की खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस महंगी प्रॉपर्टी को कारोबारी मानव सरदाना ने खरीदा है, जो ‘इंपीरियल ऑटो’ से जुड़े रहे हैं। इस डील ने गुरुग्राम की प्रीमियम रियल एस्टेट मार्केट में नई चर्चा छेड़ दी है।

‘द डहलियास’ को डीएलएफ का सबसे महत्वाकांक्षी सुपर-लग्जरी प्रोजेक्ट बताया जा रहा है। यह प्रोजेक्ट 29 मंजिलों वाले 8 टावरों में फैला है, जिसमें कुल 420 अपार्टमेंट्स हैं। इसकी कुल प्रोजेक्ट वैल्यू करीब ₹40,000 करोड़ से अधिक बताई जा रही है। प्रोजेक्ट को खास तौर पर बेहद हाई-नेट-वर्थ ग्राहकों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, ₹271 करोड़ में खरीदे गए इस पेंटहाउस का सुपर एरिया करीब 17,200 वर्ग फीट है, जबकि इसका कारपेट एरिया लगभग 10,500 वर्ग फीट बताया गया है। इस हिसाब से सुपर एरिया के आधार पर इसकी कीमत करीब ₹1.58 लाख प्रति वर्ग फीट और कारपेट एरिया के हिसाब से लगभग ₹2.6 लाख प्रति वर्ग फीट बैठती है।

इतनी बड़ी कीमत के साथ यह सौदा भारत के सबसे महंगे आवासीय संपत्ति लेनदेन में शामिल हो गया है। खास बात यह है कि कारपेट एरिया के हिसाब से कीमत गुरुग्राम को देश के सबसे महंगे रिहायशी बाजारों में शामिल मुंबई की प्रीमियम लोकेशनों के काफी करीब ले आती है।

मुंबई के वर्ली और अन्य प्रमुख इलाकों में भी लग्जरी घरों की कीमतें कई बार ₹2 लाख प्रति वर्ग फीट से ऊपर पहुंच जाती हैं। ऐसे में गुरुग्राम में ₹2.6 लाख प्रति वर्ग फीट के करीब की यह डील शहर में बढ़ती लग्जरी हाउसिंग डिमांड और प्रीमियम प्रॉपर्टी की कीमतों को दर्शाती है।

गुरुग्राम पिछले कुछ वर्षों में देश के प्रमुख लग्जरी रियल एस्टेट बाजारों में तेजी से उभरा है। बड़े कॉरपोरेट हाउस, उद्योगपति और हाई-नेट-वर्थ खरीदार यहां बड़े आकार के अपार्टमेंट, पेंटहाउस और अल्ट्रा-लक्जरी घरों में निवेश कर रहे हैं। ₹271 करोड़ की यह डील इस बात का संकेत मानी जा रही है कि गुरुग्राम में प्रीमियम प्रॉपर्टी का बाजार अब देश के सबसे महंगे रियल एस्टेट बाजारों को टक्कर देने लगा है।

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देश में सबसे ज्यादा अन्याय आदिवासी समाज के साथ हुआ, सिर्फ ‘‘आप’’ लड़ रही आदिवासियों के अधिकारों की लड़ाई- केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने विश्व आदिवासी दिवस पर देश भर के आदिवासी समाज को बधाई देते हुए कहा कि आजाद भारत में सबसे ज्यादा अन्याय आदिवासी समाज के साथ हुआ है। दूसरी सभी पार्टियों ने आदिवासी समाज के जल, जंगल और ज़मीन पर डाका डाला और उनसे छीन कर बड़ी-बड़ी कंपनियों को दे दिया। केवल आम आदमी पार्टी ही आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए लड़ रही है। आज आदिवासी नेता चैतर वसावा एक झूठे केस में जेल में हैं, क्योंकि वे आदिवासी समाज की आवाज़ उठा रहे थे। हम सभी उनके जल्द बाहर आने के लिए प्रार्थना करते हैं।

अरविंद केजरीवाल ने एक वीडियो संदेश जारी कर आदिवासी समाज के लोगों से कहा कि पिछले 75 साल में आदिवासी समाज के साथ सबसे ज्यादा अन्याय हुआ है। 75 साल में देश ने तरक्की की, बाकी सभी समाज के लोगों ने तरक्की की, लेकिन आदिवासी समाज पीछे रह गया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि आदिवासी समाज को जानबूझकर पीछे रखा गया। उनके जितने भी संसाधन थे, उन पर डाका डाला गया। जल, जंगल और जमीन आदिवासी समाज का पैदाइशी अधिकार है, लेकिन इन्हें समाज से छीनकर बड़ी-बड़ी कंपनियों को दे दिया गया क्योंकि बाकी पार्टियों के नेता चोर और भ्रष्टाचारी थे।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी आपके अधिकारों के लिए लड़ रही है और इसके लिए कितनी ही बार हमारे नेता जेल गए हैं। चैतर वसावा आदिवासी समाज का बेटा और भाई है। वह आदिवासी समाज को हक दिलवाने के लिए न जाने कितनी बार जेल गए हैं। ये लोग पेसा कानून तो ले आए, लेकिन उसे लागू नहीं किया। समाज और ग्राम सभा से पूछे बिना ही ये सारे निर्णय ले लेते हैं। आज चैतर वसावा जेल में है क्योंकि वह आदिवासी समाज के लिए लड़ रहा है। वह जल्दी बाहर आए, इसके लिए प्रार्थना करना।

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बेंगलुरु के 3-Star और 5-Star होटलों में बड़ी फूड सेफ्टी जांच, Expired दूध-मांस और खराब सब्जियां मिलने से मचा हड़कंप

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बेंगलुरु के बड़े और लग्जरी होटलों की रसोइयों में फूड सेफ्टी को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई है। फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन और एफएसएसएआई की टीमों ने शहर के 26 होटलों में अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान कई जगहों पर एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री, खराब मांस और मछली, सड़ी हुई सब्जियां, फंगस लगी सब्जियां और एक्सपायर्ड बेकरी उत्पाद पाए गए।

इस कार्रवाई के लिए 30 निरीक्षण टीमें तैनात की गई थीं। अधिकारियों ने अलग-अलग खाद्य पदार्थों के 35 सैंपल लिए हैं, जिन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है। वहीं, जो खाद्य सामग्री एक्सपायर्ड या इस्तेमाल के लायक नहीं पाई गई, उसे जब्त कर नष्ट कर दिया गया।

जांच के दौरान द ललित अशोक से करीब 76 किलो मांस, 200 किलो सब्जियां और 32 लीटर एक्सपायर्ड दूध बरामद किया गया। ताज यशवंतपुर से करीब 72 किलो मांस और मछली, जबकि फोर सीजन्स होटल से लगभग 19 किलो मांस मिला। शांगरी-ला होटल से करीब 15 किलो मांस और विवांता बेंगलुरु व्हाइटफील्ड से लगभग 3 किलो एक्सपायर्ड बेकरी उत्पाद हटाए गए।

सबसे बड़ी बरामदगी में से एक रेडिसन ब्लू एट्रिया से हुई, जहां करीब 105 किलो एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री मिली। इसमें लगभग 50 किलो चिकन, 25 किलो मांस, 23 किलो मछली और 7 किलो सब्जियां शामिल थीं। इसके अलावा कुछ होटलों की रसोई और स्टोरेज एरिया में साफ-सफाई से जुड़ी गंभीर कमियां भी सामने आईं।

अधिकारियों को कुछ सब्जियों पर फंगस मिली, जबकि कई जगह खाद्य सामग्री को सही तरीके से स्टोर नहीं किया गया था। शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखने में भी लापरवाही सामने आई। कुछ उत्पादों पर जरूरी लेबलिंग नियमों का पालन नहीं किया गया था।

निरीक्षण के दौरान चिकन, मटन, मछली, दूध, खाना पकाने के तेल, मसाले, चीज और सॉस समेत कई खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए हैं। इनकी प्रयोगशाला जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ फूड सेफ्टी मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।

जहां नियमों का उल्लंघन पाया गया है, वहां होटल प्रबंधन को नोटिस जारी किए गए हैं। प्रयोगशाला रिपोर्ट और निरीक्षण के निष्कर्षों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर ने कहा कि इस अभियान की शुरुआत बड़े और लग्जरी होटलों से इसलिए की गई है, ताकि यह स्पष्ट संदेश दिया जा सके कि होटल चाहे कितना भी बड़ा या महंगा हो, फूड सेफ्टी के नियम सभी के लिए समान हैं।

अब अधिकारियों की नजर उन फूड स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन सेंटरों पर भी है, जहां से होटलों और कैटरिंग संस्थानों को खाद्य सामग्री की सप्लाई होती है। बेंगलुरु में हुई इस कार्रवाई ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई और सुरक्षित भंडारण को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, पूरे मामले की अंतिम तस्वीर प्रयोगशाला रिपोर्ट और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई के बाद ही साफ होगी।

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