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Punjab News: जब से बेअदबी विरोधी कानून बना है, भाजपा मुझे कमजोर और खत्म करने की साजिशें रच रही है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

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Punjab News:पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भाजपा को एक स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि जब से ‘बेअदबी’ के खिलाफ सख्त कानून बनाए गए हैं, भाजपा की बेचैनी स्पष्ट दिखाई दे रही है, क्योंकि भाजपा पंजाब की भावनाओं से जुड़े इस मुद्दे पर पंजाब सरकार की निर्णायक कार्रवाई को स्वीकार नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा, जिसे पंजाब ने बार-बार नकारा है, सूबे और आम आदमी पार्टी (आप) के प्रति बदले की भावना और दुश्मनी वाला रवैया अपनाकर डराने-धमकाने, लालच देने और दल-बदल के प्रयासों के जरिए भ्रष्टाचार मुक्त आप सरकार को कमजोर करने की लगातार कोशिश कर रही है।

रोजगार के मामले में प्रत्यक्ष सुधारों ने भाजपा और अन्य विपक्षी दलों का संतुलन पूरी तरह बिगाड़ दिया है

पार्टी छोड़ने वालों और ऐसे कदम उठाने के लिए मजबूर करने वालों की कड़ी निंदा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि पंजाब में भाजपा का सियासी आधार नाममात्र का न होने के कारण वह ऐसी घटिया चालें चल रही है, क्योंकि आप सरकार द्वारा स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और रोजगार के मामले में प्रत्यक्ष सुधारों ने भाजपा और अन्य विपक्षी दलों का संतुलन पूरी तरह बिगाड़ दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ की ताकत आम लोग हैं और सैद्धांतिक मापदंड तथा क्रांतिकारी सोच हमारी पार्टी का आधार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सूबे के साथ दगा करने वाले लोगों को पंजाब के निवासियों ने सदा जवाब दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसी घटिया चालों से लोकतांत्रिक राज्य पंजाब में राजनीतिक सफलता हासिल नहीं की जा सकती।

आज चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के समझदार और स्वाभिमानी लोग उन गद्दारों को कभी माफ नहीं करेंगे, जिन्होंने अपने निजी हितों के लिए उनकी पीठ में छुरा घोंपा। पंजाबी कभी भी विश्वासघात करने वालों को नहीं भूलते और जिन्होंने भी उन्हें धोखा देने की सोची, वे लोग राजनीति से लुप्त हो गए। कमालू, मानशाहिया और अन्य ऐसे कई नेताओं ने जब भी पंजाब के लोगों से धोखा किया, तो लोगों ने उनका ऐसा सफाया किया कि वे आज यादों से भी मिट गए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोकतंत्र में पार्टी सर्वोपरि होती है, न कि वह व्यक्ति जो अपनी मर्जी और फायदे के लिए दल बदलते रहते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कई नेताओं को तो बिना किसी ठोस योगदान के पद हासिल हुए, लेकिन बाद में उन्होंने अपने निजी फायदों के लिए अपनी मूल पार्टी को धोखा देना चुना। भाजपा का असली नाम ‘कड्डे छड्डे पार्टी’ है, क्योंकि यह अपनी ‘वॉशिंग मशीन’ का उपयोग दूसरी पार्टियों के दागी नेताओं को साफ करने के लिए करती है। भाजपा चाहे कितने भी ढंग-तरीकों से कितने भी नेताओं को अपने पाले में ले ले, लेकिन पंजाब विरोधी मानसिकता के कारण पंजाब में उसका कोई आधार नहीं बन सकता।

पंजाब को कमजोर करने की योजनाबद्ध कोशिश का पर्दाफाश करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि भाजपा पंजाब की दुश्मन है, जिसने ग्रामीण विकास कोष (आरडीएफ), राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) फंड और अन्य योजनाओं के तहत सूबे के फंडों के हिस्से को रोक रखा है, जिससे सूबे के विकास कार्यों में बाधा पैदा हो रही है। पंजाब में कोई आधार न होने के कारण, भाजपा केंद्रीय एजेंसियों के उपयोग के जरिए हमारी पार्टी को तोड़ने की कोशिश कर रही है। पंजाब और पंजाबी ऐसी घटिया चालों का कड़ा विरोध करेंगे और गद्दारों को अच्छी तरह सबक सिखाएंगे।

 भरोसेमंद नेतृत्व की कमी है

उन्होंने जोर देकर कहा कि देश भर में भाजपा की राजनीतिक रणनीति क्षेत्रीय पार्टियों को कमजोर करने की रही है। भाजपा सिर्फ दूसरी पार्टियों को तोड़ना जानती है, क्योंकि इसके पास भरोसेमंद नेतृत्व की कमी है। उन्होंने ममता बनर्जी की पार्टी को तोड़ने की कोशिश की, उद्धव ठाकरे की पार्टी में फूट डाली और शरद पवार की पार्टी का भी यही हाल किया। नवीन पटनायक, दुष्यंत चौटाला और नीतीश कुमार जैसे नेताओं को भी इसी तरह की चालों से निशाना बनाया गया।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने व्यंग्य करते हुए कहा कि राज्यसभा सदस्य, जो अब अपने निजी हितों के कारण ‘आप’ में घुटन महसूस कर रहा है, ने कोठी नंबर 50 में सत्ता का आनंद लिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा पहले दिन से ही आम आदमी पार्टी के पंजाब-पक्षधर और लोक-पक्षधर रुख के कारण उसे नुकसान पहुंचाने पर तुली हुई है। हमारे सदस्यों को खरीदने के लिए ऑपरेशन कमल शुरू किया गया था। भाजपा, जिसका पंजाब में कोई आधार नहीं है, ने दागी नेताओं को क्लीन चिट देने के लिए यहां अपनी ‘वॉशिंग मशीन’ का उपयोग शुरू कर दिया है।

पंजाब सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “भाजपा और उसके समर्थक यह हजम नहीं कर पा रहे कि हमारी सरकार ने 90 फीसदी घरों को मुफ्त बिजली कैसे प्रदान की है, भ्रष्टाचार के बिना 65,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां कैसे दी गईं, सड़कों में सुधार किया गया, टोल प्लाजा बंद किए, जिससे रोजाना 70 लाख रुपये की बचत हुई है और बुनियादी ढांचे को अपग्रेड किया गया है। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत सभी 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं, जिसमें प्रत्येक को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है, जिसमें 30 लाख से अधिक लाभार्थी पहले ही शामिल हैं।” उन्होंने कहा, “पहली बार धान के सीजन के दौरान खेतों के ट्यूबवेलों को दिन में आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति की गई थी।”

उन्होंने आगे कहा कि किसानों को अब सिंचाई के लिए दिन में बिजली मिल रही है। उन्होंने कहा, “सरकारी खजाने के एक-एक पैसे का उपयोग लोगों की भलाई के लिए समझदारी से किया जा रहा है। मांवा-धियां सत्कार योजना के तहत महिलाओं को प्रति माह 1000 और 18 साल से अधिक उम्र की अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपये दिए जा रहे हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने सूबे भर में 43,000 किलोमीटर लिंक सड़कों की मरम्मत और अपग्रेडेशन के लिए विशाल प्रोग्राम शुरू किया है। उन्होंने आगे कहा, “हमने जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2026 भी पारित किया है, जिससे बेअदबी के लिए सख्त सजा सुनिश्चित की गई है।”

यह दोहराते हुए कि भाजपा पंजाब की तरक्की से बेचैन है, उन्होंने कहा, “भाजपा पंजाब की खुशहाली से नाखुश है और गहरी साजिशें रच रही है। पंजाबी ‘आप’ के साथ डटकर खड़े हैं और ये सात नेता पूरी पार्टी का प्रतिनिधित्व नहीं करते। उनका असली चेहरा बेनकाब हो गया है।” उन्होंने कहा, “कैप्टन भाजपा में अलग-थलग महसूस कर रहे हैं और सुखपाल खैरा जैसे अन्य लोगों का भी यही हाल हुआ है।”

पार्टी के वैचारिक आधार का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह पार्टी खून-पसीने और कुर्बानी से बनी है। अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और मैंने लोगों की सेवा करने के लिए अपना करियर छोड़ दिया।” उन्होंने जोर देकर कहा, “मैं भाजपा को चुनौती देता हूं कि वह मुझे खरीदने, परेशान करने या डराने की कोशिश करे। उन्होंने कहा कि न तो भाजपा और न ही इसकी केंद्रीय एजेंसियों के पास ऐसा करने की हिम्मत है।”

“इन नेताओं को पंजाब की सेवा करने के लिए महत्वपूर्ण पद दिए गए थे, लेकिन उन्होंने अपने पदों और जिम्मेदारियों से समझौता किया। चाहे विज्ञान और प्रौद्योगिकी में बहुत प्रगति हुई है, लेकिन किसी के दिल में क्या है, यह कोई भी मशीन नहीं पढ़ सकती। पंजाबियों ने उन्हें अपनी इच्छाओं का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना था, लेकिन उन्होंने निजी हितों के लिए लोगों के साथ धोखा किया।”

भविष्य का रास्ता तय करेगी

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देते हुए कहा कि ‘आप’ राष्ट्रीय छवि वाली पार्टी है और यह किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, “इस दल-बदल के बाद, पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) भविष्य का रास्ता तय करेगी, जिसमें अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शामिल है। हमारा विधायक दल पंजाब की तरक्की के लिए एकजुट और प्रतिबद्ध है।”

अंत में उन्होंने कहा, “भाजपा को याद रखना चाहिए कि उसकी चालें पंजाब में सफल नहीं होंगी। पंजाबी इस धोखेबाजी के लिए सबक सिखाएंगे।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “भाजपा हमेशा पंजाब विरोधी रही है। जब से बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून पारित किए गए हैं, भाजपा के अंदर बेचैनी दिखाई दे रही है और वे इसे बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। पंजाब में बार-बार हार का सामना करने के बाद भाजपा ने लगातार पंजाब और आम आदमी पार्टी के प्रति दुश्मनी रखी है। हम पार्टी छोड़ने वालों और उन्हें शामिल करने वालों दोनों की कड़ी निंदा करते हैं।”

उन्होंने कहा, “पंजाब की पवित्र धरती से मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि ‘आप’ आम लोगों की पार्टी है और लोग हमारी असली ताकत हैं। पंजाब के लोग उन्हें जरूर सबक सिखाएंगे, जिन्होंने सूबे के साथ विश्वासघात किया है। ऐसी चालें उन्हें पंजाब जीतने में मदद नहीं करेंगी। लोकतंत्र में, लोग सर्वोपरि होते हैं और आम लोग हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं।” उन्होंने अंत में कहा कि ‘आप’ एक क्रांतिकारी विचारधारा वाली पार्टी है, जो एकजुट है और सच्चाई के प्रति दृढ़ है।

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डीजल खरीद पर केंद्र सरकार की सख्ती, अब एक दिन में सिर्फ 200 लीटर डीजल मिलेगा

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देश में डीजल की बढ़ती मांग और संभावित कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नए आदेशों के तहत अब औद्योगिक और बड़े व्यावसायिक उपभोक्ता पेट्रोल पंपों से असीमित मात्रा में डीजल नहीं खरीद सकेंगे। सरकार ने एक ग्राहक या वाहन के लिए प्रतिदिन डीजल खरीद की सीमा 200 लीटर तय कर दी है, जबकि बड़े उद्योगों को अपनी जरूरत का ईंधन थोक केंद्रों से ही खरीदना होगा।

सरकार द्वारा लागू की गई यह व्यवस्था अगले 90 दिनों तक प्रभावी रहेगी। अधिकारियों के अनुसार इसका उद्देश्य डीजल की उपलब्धता को बनाए रखना, आपूर्ति व्यवस्था को संतुलित करना और आम उपभोक्ताओं को किसी तरह की कमी से बचाना है।

दरअसल, खुदरा और थोक बाजार में डीजल की कीमतों के बीच बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। दिल्ली में जहां पेट्रोल पंपों पर डीजल करीब 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, वहीं थोक उपभोक्ताओं के लिए इसकी कीमत लगभग 134.50 रुपये प्रति लीटर है। इस अंतर का फायदा उठाकर कई बड़े उपभोक्ता खुदरा पेट्रोल पंपों से ही बड़ी मात्रा में डीजल खरीद रहे थे, जिससे कई क्षेत्रों में मांग अचानक बढ़ गई थी।

सरकारी तेल कंपनियां आम जनता को राहत देने के लिए खुदरा कीमतों को नियंत्रित रखे हुए हैं, लेकिन इसका लाभ बड़े उद्योग और व्यावसायिक उपभोक्ता भी उठाने लगे थे। इसी स्थिति को देखते हुए सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा।

वहीं पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही वैश्विक आपूर्ति और शिपिंग नेटवर्क पर भी असर पड़ रहा है। टेलीकॉम टावर, बिजली उत्पादन इकाइयों और अन्य बड़े उद्योगों को बाजार दरों पर महंगा ईंधन खरीदना पड़ता है, जिसके चलते वे सस्ते खुदरा पेट्रोल पंपों का रुख कर रहे थे।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह कदम मौजूदा परिस्थितियों में डीजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने और आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू बनाए रखने के लिए उठाया गया है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से आम लोगों को डीजल की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा और बाजार में संतुलन बना रहेगा।

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ED की रेड करा पंजाब के हिन्दू व्यापारियों को तंग कर रही ईडी पार्टी- केजरीवाल

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पंजाब के हिन्दू व्यापारियों के यहां मंगलवार को एक बार फिर ईडी की रेड पड़ने पर आम आदमी पार्टी और उसकी पंजाब सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पंजाब सरकार ने व्यापारियों को पंजाब के विकास की रीढ़ की हड्डी बताते हुए उनके साथ खड़े होने की बात कही है। उधर, ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र की सत्ता में बैठी भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ईडी पार्टी पंजाब के हिन्दू व्यापारियों पर ईडी की रेड कराकर उन्हें तंग कर रही है। उन्होंने सभी व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी व्यापारी घबराए नहीं, पूरा पंजाब आपके साथ खड़ा है। हम सब मिलकर ईडी पार्टी का मुकाबला करेंगे।

अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा कि ईडी पार्टी मंगलवार को एक बार फिर पंजाब के हिंदू व्यापारियों पर ईडी की रेड कर रही है। ईडी पार्टी पंजाब के छोटे-छोटे हिंदू व्यापारियों को तंग कर रही है। मेरी सभी व्यापारियों से अपील है कि घबराने की कोई बात नहीं है, पूरा पंजाब और पंजाब सरकार आपके साथ है। हम सब मिलकर ईडी पार्टी का मुकाबला करेंगे।

अरविंद केजरीवाल ने अकाली दल और भाजपा के बीच गठबंधन को लेकर चल रही चर्चा पर कहा कि सुना है कि ईडी पार्टी पंजाब की बेअदबी पार्टी/चिट्टा पार्टी से गठबन्धन करने को बहुत बेचौन है, पर बेअदबी पार्टी/चिट्टा पार्टी उनको घास नहीं डाल रही है।

उधर, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ईडी की रेड पर कहा कि पंजाब के हिंदू व्यापारी हमारे राज्य के आर्थिक विकास की रीढ़ की हड्डी हैं और ‘रंगला पंजाब’ बनाने में उनका बहुत बड़ा योगदान है। ईडी पार्टी सेंट्रल एजेंसियों का गलत इस्तेमाल करके हमारे व्यापारियों को परेशान करना चाहती है। ऐसा करके वे राजनीतिक दबाव डालकर उन्हें अपने साथ मिलाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसको पंजाबी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम अपने व्यापारियों के साथ खड़े हैं।

इस दौरान कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस को मेरे द्वारा ‘ईडी पार्टी’ और बेअदबी पार्टी / चिट्टा पार्टी के खिलाफ बोलने पर इतनी तकलीफ क्यों हो रही है? कांग्रेस खुलकर उनके बचाव में सामने आ गई है।

वहीं, आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि व्यापारियों को ईडी रेड से बर्बाद कर दिया और युवाओं को परीक्षा घोटालों से, मोदी जी आप महान हैं। लेकिन देश को इनोवेशन इकोनॉमी चाहिए, ईडी इकोनॉमी नहीं। लच्छेदार भाषण और मीडिया मैनेजमेंट से अर्थव्यवस्था का सच ज्यादा दिन तक नहीं छिप सकता।

मनीष सिसोदिया ने कहा कि 26 साल में पहली बार एमएससीआई इमर्जिंग मर्केट्स इंडेक्स की टॉन 10 कंपनियों में से भारत की कंपनियां बाहर हो गई हैं। एमएससीआई इमरर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स दुनिया के सबसे बड़े निवेश सूचकांकों में से एक है। दुनिया भर के सैकड़ों अरब डॉलर के फंड इसी इंडेक्स को देखकर निवेश करते हैं। और दुनिया का पैसा कहां जा रहा है- एआई, सेमीकंडक्टर्स, फ्यूचर टेक्नोलॉजी, टीएसएमसी, एसके हाइनिक्स और मीडिया टेक जैसी कंपनियां आगे बढ़ रही हैं।

लेकिन भारत में नई सोच – नई तकनीक और नए उद्यमों को बढ़ावा देने की जगह एक अलग ही मॉडल चल रहा है। जो भी कंपनी आगे बढ़ती है, उसके यहाँ पहले ईडी की रेड कराओ, फिर पार्टी के लिए चंदा वसूलो। नतीजा – निवेश घट रहा है। नई नौकरियां कम पैदा हो रही हैं। अच्छी सैलरी वाली नौकरियों के अवसर सिमट रहे हैं।

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ईरान-इजरायल तनाव के बीच भारत ने जारी की एडवाइजरी, भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह

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पश्चिम एशिया में Iran और Israel के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। दोनों देशों के बीच जारी सैन्य टकराव के चलते क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। हालात को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है।

Embassy of India in Tehran ने भारतीय नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। दूतावास ने कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचें और वहां मौजूद भारतीय स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें तथा सुरक्षा संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखें।

क्षेत्र में तनाव उस समय और बढ़ गया जब दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ हमले और जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आईं। कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं गहरा गई हैं।

इस संघर्ष का असर केवल ईरान और इजरायल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र पर पड़ रहा है। लाल सागर समेत महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है, क्योंकि ये वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माने जाते हैं।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील कर रहा है। कई विश्व नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि तनाव और बढ़ता है तो इसके व्यापक प्रभाव पूरे क्षेत्र और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्थिति केवल क्षेत्रीय सुरक्षा ही नहीं, बल्कि ऊर्जा आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए भी बड़ी चुनौती बन सकती है। ऐसे में दुनिया की नजरें अब कूटनीतिक प्रयासों पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में तनाव कम करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

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