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Punjab News: जब से बेअदबी विरोधी कानून बना है, भाजपा मुझे कमजोर और खत्म करने की साजिशें रच रही है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
Punjab News:पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भाजपा को एक स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि जब से ‘बेअदबी’ के खिलाफ सख्त कानून बनाए गए हैं, भाजपा की बेचैनी स्पष्ट दिखाई दे रही है, क्योंकि भाजपा पंजाब की भावनाओं से जुड़े इस मुद्दे पर पंजाब सरकार की निर्णायक कार्रवाई को स्वीकार नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा, जिसे पंजाब ने बार-बार नकारा है, सूबे और आम आदमी पार्टी (आप) के प्रति बदले की भावना और दुश्मनी वाला रवैया अपनाकर डराने-धमकाने, लालच देने और दल-बदल के प्रयासों के जरिए भ्रष्टाचार मुक्त आप सरकार को कमजोर करने की लगातार कोशिश कर रही है।
रोजगार के मामले में प्रत्यक्ष सुधारों ने भाजपा और अन्य विपक्षी दलों का संतुलन पूरी तरह बिगाड़ दिया है
पार्टी छोड़ने वालों और ऐसे कदम उठाने के लिए मजबूर करने वालों की कड़ी निंदा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि पंजाब में भाजपा का सियासी आधार नाममात्र का न होने के कारण वह ऐसी घटिया चालें चल रही है, क्योंकि आप सरकार द्वारा स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और रोजगार के मामले में प्रत्यक्ष सुधारों ने भाजपा और अन्य विपक्षी दलों का संतुलन पूरी तरह बिगाड़ दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ की ताकत आम लोग हैं और सैद्धांतिक मापदंड तथा क्रांतिकारी सोच हमारी पार्टी का आधार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सूबे के साथ दगा करने वाले लोगों को पंजाब के निवासियों ने सदा जवाब दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसी घटिया चालों से लोकतांत्रिक राज्य पंजाब में राजनीतिक सफलता हासिल नहीं की जा सकती।
आज चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के समझदार और स्वाभिमानी लोग उन गद्दारों को कभी माफ नहीं करेंगे, जिन्होंने अपने निजी हितों के लिए उनकी पीठ में छुरा घोंपा। पंजाबी कभी भी विश्वासघात करने वालों को नहीं भूलते और जिन्होंने भी उन्हें धोखा देने की सोची, वे लोग राजनीति से लुप्त हो गए। कमालू, मानशाहिया और अन्य ऐसे कई नेताओं ने जब भी पंजाब के लोगों से धोखा किया, तो लोगों ने उनका ऐसा सफाया किया कि वे आज यादों से भी मिट गए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोकतंत्र में पार्टी सर्वोपरि होती है, न कि वह व्यक्ति जो अपनी मर्जी और फायदे के लिए दल बदलते रहते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई नेताओं को तो बिना किसी ठोस योगदान के पद हासिल हुए, लेकिन बाद में उन्होंने अपने निजी फायदों के लिए अपनी मूल पार्टी को धोखा देना चुना। भाजपा का असली नाम ‘कड्डे छड्डे पार्टी’ है, क्योंकि यह अपनी ‘वॉशिंग मशीन’ का उपयोग दूसरी पार्टियों के दागी नेताओं को साफ करने के लिए करती है। भाजपा चाहे कितने भी ढंग-तरीकों से कितने भी नेताओं को अपने पाले में ले ले, लेकिन पंजाब विरोधी मानसिकता के कारण पंजाब में उसका कोई आधार नहीं बन सकता।
पंजाब को कमजोर करने की योजनाबद्ध कोशिश का पर्दाफाश करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि भाजपा पंजाब की दुश्मन है, जिसने ग्रामीण विकास कोष (आरडीएफ), राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) फंड और अन्य योजनाओं के तहत सूबे के फंडों के हिस्से को रोक रखा है, जिससे सूबे के विकास कार्यों में बाधा पैदा हो रही है। पंजाब में कोई आधार न होने के कारण, भाजपा केंद्रीय एजेंसियों के उपयोग के जरिए हमारी पार्टी को तोड़ने की कोशिश कर रही है। पंजाब और पंजाबी ऐसी घटिया चालों का कड़ा विरोध करेंगे और गद्दारों को अच्छी तरह सबक सिखाएंगे।
भरोसेमंद नेतृत्व की कमी है
उन्होंने जोर देकर कहा कि देश भर में भाजपा की राजनीतिक रणनीति क्षेत्रीय पार्टियों को कमजोर करने की रही है। भाजपा सिर्फ दूसरी पार्टियों को तोड़ना जानती है, क्योंकि इसके पास भरोसेमंद नेतृत्व की कमी है। उन्होंने ममता बनर्जी की पार्टी को तोड़ने की कोशिश की, उद्धव ठाकरे की पार्टी में फूट डाली और शरद पवार की पार्टी का भी यही हाल किया। नवीन पटनायक, दुष्यंत चौटाला और नीतीश कुमार जैसे नेताओं को भी इसी तरह की चालों से निशाना बनाया गया।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने व्यंग्य करते हुए कहा कि राज्यसभा सदस्य, जो अब अपने निजी हितों के कारण ‘आप’ में घुटन महसूस कर रहा है, ने कोठी नंबर 50 में सत्ता का आनंद लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा पहले दिन से ही आम आदमी पार्टी के पंजाब-पक्षधर और लोक-पक्षधर रुख के कारण उसे नुकसान पहुंचाने पर तुली हुई है। हमारे सदस्यों को खरीदने के लिए ऑपरेशन कमल शुरू किया गया था। भाजपा, जिसका पंजाब में कोई आधार नहीं है, ने दागी नेताओं को क्लीन चिट देने के लिए यहां अपनी ‘वॉशिंग मशीन’ का उपयोग शुरू कर दिया है।
पंजाब सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “भाजपा और उसके समर्थक यह हजम नहीं कर पा रहे कि हमारी सरकार ने 90 फीसदी घरों को मुफ्त बिजली कैसे प्रदान की है, भ्रष्टाचार के बिना 65,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां कैसे दी गईं, सड़कों में सुधार किया गया, टोल प्लाजा बंद किए, जिससे रोजाना 70 लाख रुपये की बचत हुई है और बुनियादी ढांचे को अपग्रेड किया गया है। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत सभी 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं, जिसमें प्रत्येक को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है, जिसमें 30 लाख से अधिक लाभार्थी पहले ही शामिल हैं।” उन्होंने कहा, “पहली बार धान के सीजन के दौरान खेतों के ट्यूबवेलों को दिन में आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति की गई थी।”
उन्होंने आगे कहा कि किसानों को अब सिंचाई के लिए दिन में बिजली मिल रही है। उन्होंने कहा, “सरकारी खजाने के एक-एक पैसे का उपयोग लोगों की भलाई के लिए समझदारी से किया जा रहा है। मांवा-धियां सत्कार योजना के तहत महिलाओं को प्रति माह 1000 और 18 साल से अधिक उम्र की अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपये दिए जा रहे हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने सूबे भर में 43,000 किलोमीटर लिंक सड़कों की मरम्मत और अपग्रेडेशन के लिए विशाल प्रोग्राम शुरू किया है। उन्होंने आगे कहा, “हमने जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2026 भी पारित किया है, जिससे बेअदबी के लिए सख्त सजा सुनिश्चित की गई है।”
यह दोहराते हुए कि भाजपा पंजाब की तरक्की से बेचैन है, उन्होंने कहा, “भाजपा पंजाब की खुशहाली से नाखुश है और गहरी साजिशें रच रही है। पंजाबी ‘आप’ के साथ डटकर खड़े हैं और ये सात नेता पूरी पार्टी का प्रतिनिधित्व नहीं करते। उनका असली चेहरा बेनकाब हो गया है।” उन्होंने कहा, “कैप्टन भाजपा में अलग-थलग महसूस कर रहे हैं और सुखपाल खैरा जैसे अन्य लोगों का भी यही हाल हुआ है।”
पार्टी के वैचारिक आधार का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह पार्टी खून-पसीने और कुर्बानी से बनी है। अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और मैंने लोगों की सेवा करने के लिए अपना करियर छोड़ दिया।” उन्होंने जोर देकर कहा, “मैं भाजपा को चुनौती देता हूं कि वह मुझे खरीदने, परेशान करने या डराने की कोशिश करे। उन्होंने कहा कि न तो भाजपा और न ही इसकी केंद्रीय एजेंसियों के पास ऐसा करने की हिम्मत है।”
“इन नेताओं को पंजाब की सेवा करने के लिए महत्वपूर्ण पद दिए गए थे, लेकिन उन्होंने अपने पदों और जिम्मेदारियों से समझौता किया। चाहे विज्ञान और प्रौद्योगिकी में बहुत प्रगति हुई है, लेकिन किसी के दिल में क्या है, यह कोई भी मशीन नहीं पढ़ सकती। पंजाबियों ने उन्हें अपनी इच्छाओं का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना था, लेकिन उन्होंने निजी हितों के लिए लोगों के साथ धोखा किया।”
भविष्य का रास्ता तय करेगी
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देते हुए कहा कि ‘आप’ राष्ट्रीय छवि वाली पार्टी है और यह किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, “इस दल-बदल के बाद, पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) भविष्य का रास्ता तय करेगी, जिसमें अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शामिल है। हमारा विधायक दल पंजाब की तरक्की के लिए एकजुट और प्रतिबद्ध है।”
अंत में उन्होंने कहा, “भाजपा को याद रखना चाहिए कि उसकी चालें पंजाब में सफल नहीं होंगी। पंजाबी इस धोखेबाजी के लिए सबक सिखाएंगे।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “भाजपा हमेशा पंजाब विरोधी रही है। जब से बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून पारित किए गए हैं, भाजपा के अंदर बेचैनी दिखाई दे रही है और वे इसे बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। पंजाब में बार-बार हार का सामना करने के बाद भाजपा ने लगातार पंजाब और आम आदमी पार्टी के प्रति दुश्मनी रखी है। हम पार्टी छोड़ने वालों और उन्हें शामिल करने वालों दोनों की कड़ी निंदा करते हैं।”
उन्होंने कहा, “पंजाब की पवित्र धरती से मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि ‘आप’ आम लोगों की पार्टी है और लोग हमारी असली ताकत हैं। पंजाब के लोग उन्हें जरूर सबक सिखाएंगे, जिन्होंने सूबे के साथ विश्वासघात किया है। ऐसी चालें उन्हें पंजाब जीतने में मदद नहीं करेंगी। लोकतंत्र में, लोग सर्वोपरि होते हैं और आम लोग हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं।” उन्होंने अंत में कहा कि ‘आप’ एक क्रांतिकारी विचारधारा वाली पार्टी है, जो एकजुट है और सच्चाई के प्रति दृढ़ है।
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अमन अरोड़ा ने शाहकोट हलके में नौकरियों के मामले में कांग्रेसी विधायक लाडी को घेरा
पंजाब विधान सभा में विपक्ष को घेरते हुए पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों में 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं और 1,83,837 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ निजी क्षेत्र में 6,36,636 नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं।
आज सदन में विधायक स. कुलदीप सिंह धालीवाल द्वारा रोजगार के अवसरों के बारे में पेश किए गए प्रस्ताव पर चर्चा का समापन करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने सदन को बताया कि इस बड़े निवेश प्रवाह ने सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से निजी क्षेत्र में 6.36 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने जापान की प्रमुख स्टील कंपनी आइची स्टील का उदाहरण दिया, जिसने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की सुविधाओं और कारोबार को आसान बनाने वाली नीतियों से प्रभावित होकर अपने नियोजित निवेश को 500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1100 करोड़ रुपये कर दिया है।
कांग्रेस के विधायक हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया द्वारा उनके शाहकोट विधानसभा हलके में किसी भी व्यक्ति को सरकारी नौकरी न मिलने के आरोप पर श्री अमन अरोड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें अपने शाहकोट हलके में सभा रखने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, ”मैं आऊंगा और हम लोगों से पूछेंगे, क्या उन्हें नौकरियां मिली हैं। अगर मैं गलत हुआ, तो मैं मंत्री पद और विधायक के तौर पर इस्तीफा दे दूंगा। अगर मैं सही हुआ तो लाडी को इस्तीफा देना होगा।” कांग्रेसी विधायक लाडी ने यह चुनौती स्वीकार नहीं की और चर्चा छोड़कर बैठ गए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार ने सभी सरकारी नौकरियां बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के केवल योग्यता के आधार पर दी हैं।
श्री अमन अरोड़ा ने कौशल विकास के लिए राज्य सरकार के रिकॉर्ड प्रयासों का हवाला देते हुए बताया कि राज्य के बजट में 75 सालों में पहली बार कौशल विकास मिशन के लिए 25 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पिछले साल 10 करोड़ रुपये थे। उन्होंने दावा किया कि 22 लाख से अधिक नौजवानों को रोजगार में प्लेसमेंट कैंपों और हैंडहोल्डिंग अभ्यासों के माध्यम से सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि सुनाम में हाल ही में आयोजित एक मेगा रोजगार मेले में, 61 कंपनियों ने भाग लिया और लगभग 700 नौजवानों को मौके पर ही नियुक्ति पत्र जारी किए।
रोजगार सृजन मंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये की लागत से संगरूर जिले में विश्व स्तरीय संत अतर सिंह महाराज आर्म्ड फोर्सेज प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट स्थापित किया जा रहा है। यह विश्व स्तर पर अपनी तरह का पहला संस्थान है, जहां सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी स्तर के पदों के लिए वार्षिक 500 नौजवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि 15-29 साल आयु वर्ग में पंजाब की बेरोजगारी दर वर्ष 2022 की 19.1 प्रतिशत से घटकर 2025 में 17 प्रतिशत हो गई है। मंत्री ने पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बताया कि अब पंजाब बेहतर रोजगार मैट्रिक्स वाले राज्यों में शामिल है।
वैश्विक स्तर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के समय भारत की जीडीपी चीन से थोड़ी अधिक थी। उन्होंने कहा, ”चीन ने अपने प्रत्येक व्यक्ति को काम पर लगाया और दुनिया की सबसे बड़ी फैक्ट्री बनकर उभरा। चीन निकट भविष्य में अमेरिका को पछाड़ सकता है। हमारे पास वही क्षमता है, लेकिन सही वातावरण की कमी थी। पर अब हम इसे ठीक कर रहे हैं।”
कैबिनेट मंत्री ने जोर देकर कहा कि दुनिया की कोई भी सरकार प्रत्येक नागरिक को नौकरी देने की गारंटी नहीं दे सकती। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का असल कर्तव्य उद्योग और रोजगार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना होता है। उन्होंने कहा, ”हम यहां केवल आंकड़े पेश करने के लिए नहीं हैं। हम ऐसा माहौल बना रहे हैं, जहां हर नौजवान अपने पैरों पर खड़ा हो सके।”
विपक्ष द्वारा नौकरियों के बारे में व्हाइट पेपर जारी करने की मांग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘सबसे अच्छा, सस्ता और टिकाऊ व्हाइट पेपर लोगों से सीधे तौर पर पूछना है। आरटीआई दायर करो या लोगों के साथ मीटिंग करो। लोग खुद बताने देंगे कि उन्हें नौकरियां मिली हैं या नहीं।”
श्री अमन अरोड़ा ने पिछली कांग्रेस सरकार के ‘हर घर नौकरी’ वादे पर कटाक्ष करते हुए इसे पंजाब के नौजवानों के साथ ‘सबसे बड़ा धोखा’ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ सरकार ने बिना किसी रिश्वत के पारदर्शी तरीके से 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य पंजाब को ‘कारोबार करने में आसानी’ के लिए एक मॉडल राज्य बनाना और सम्मानजनक, कौशल-आधारित रोजगार पैदा करना है।
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सियाम ने भी माना, ई-20 में ज्यादा क्लोराइड और नमी के कारण खराब हो रही गाड़ियां- केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 को लेकर सियाम की सौंपी गई रिपोर्ट को वापस कराने पर केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि सियाम (सोसायटी ऑफ इंडिया ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चरर्स) की एक रिपोर्ट आई है, जिसमें साफ़ लिखा है कि ई-20 में बहुत ज्यादा क्लोराइड और नमी है, जिससे आपकी गाड़ियां ख़राब हो रही हैं। मोदी सरकार ने सियाम पर दबाव डालकर वो रिपोर्ट वापस करवा दी। क्यों? जब विज्ञान और इंजीनियरिंग कह रहे हैं कि ई-20 ख़राब है, तो मोदी सरकार इसे देश पर जबरन क्यों थोप रही है?
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ई-20 को लेकर सियाम की यह रिपोर्ट चौंकाने वाली है। सियाम ने रिसर्च की और ऑटोमोबाइल के सभी मैन्युफैक्चरर्स ने मिलकर यह पाया कि क्लोराइड और मॉइस्चर ज्यादा होने की वजह से ई-20 गाड़ियों को खराब कर रहा है। सियाम ने 28 जुलाई को मोदी सरकार को यह रिपोर्ट सौंपी थी। 4 अगस्त तक केंद्र सरकार ने सियाम पर जबरदस्ती करके वह रिपोर्ट वापस करा दी। रिपोर्ट वापस करने के बाद सियाम की तरफ से कहा गया कि शायद उनकी रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ी है और कुछ तथ्यों को दोबारा चेक करने की जरूरत है। एक तरह से मोदी सरकार जबरदस्ती करके पूरे देश पर ई-20 थोप रही है, लेकिन क्यों?
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RBI ने लगातार तीसरी बार रेपो रेट 5.25% पर रखा, ब्याज दरों में नहीं किया कोई बदलाव
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को लगातार तीसरी बार अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दर यानी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया। मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर ही बरकरार रखने का फैसला किया। RBI के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ऊर्जा कीमतों में अनिश्चितता और आपूर्ति से जुड़े जोखिमों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारत अब भी दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मजबूत घरेलू मांग से आर्थिक विकास को सहारा मिल रहा है और अप्रैल-जून तिमाही का प्रदर्शन RBI के अनुमान से बेहतर रहा है।
तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए गवर्नर ने कहा कि सेवा क्षेत्र की मजबूती से शहरी खपत में और बढ़ोतरी की उम्मीद है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता और अल नीनो से जुड़े जोखिम अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए हैं। उनके अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से प्रमुख व्यापारिक मार्ग भी प्रभावित हो रहे हैं।
संजय मल्होत्रा ने कहा कि कच्चे तेल और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के कारण आने वाले महीनों में खुदरा महंगाई बढ़ सकती है। उनका अनुमान है कि तीसरी तिमाही में महंगाई अपने उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद धीरे-धीरे कम होगी। उन्होंने कहा कि महंगाई पर सबसे अधिक असर खाद्य और ईंधन की कीमतों का है।
RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए GDP वृद्धि दर का अनुमान 6.6 फीसदी से बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया है। वहीं, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई का अनुमान 5.1 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है।
गवर्नर ने बताया कि जून से बैंकिंग प्रणाली में औसत तरलता (Liquidity) 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रणाली में ऋण वृद्धि मजबूत बनी हुई है और पर्याप्त तरलता उपलब्ध है।
RBI ने यह भी चेतावनी दी कि वैश्विक व्यापार में सुस्ती, ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और व्यापार नीतियों से जुड़ी अनिश्चितता भारत के चालू खाते के घाटे पर दबाव डाल सकती है।
इस बीच रुपया भी लगातार दबाव में है। डॉलर के मुकाबले रुपया 95 से 96 रुपये प्रति डॉलर के बीच कारोबार कर रहा है। महंगा कच्चा तेल, विदेशी निवेश की निकासी, बढ़ता व्यापार घाटा और मजबूत होता डॉलर रुपये पर लगातार दबाव बना रहे हैं। वर्ष 2026 में अब तक रुपया करीब 7 फीसदी कमजोर हो चुका है, जबकि ईरान के साथ तनाव शुरू होने के बाद इसमें लगभग 6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
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