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तीज के रंग में रंगा पंजाब, महिलाओं के उत्साह ने दिखाया मान सरकार के प्रति भरोसा

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पंजाब की संस्कृति, परंपरा और महिलाओं की भागीदारी का खूबसूरत संगम आज दोआबा में देखने को मिला, जहां नवांशहर और फिल्लौर में आयोजित तीज समारोहों में बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। पंजाब की संस्कृति के रंगों से सजे इन कार्यक्रमों में महिलाओं ने गुरप्रीत कौर मान का बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया।

गुरप्रीत कौर मान ने कहा कि तीज सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि पंजाब की बेटियों और बहनों की खुशियों, आत्मविश्वास और आपसी जुड़ाव का उत्सव है। ऐसे कार्यक्रम हमारी समृद्ध पंजाबी विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम हैं।

उन्होंने कहा कि पंजाब की महिलाएं आज अपने अधिकारों और सम्मान को लेकर पहले से कहीं ज्यादा जागरूक हैं। महिलाओं का यह उत्साह और मुख्यमंत्री भगवंत मान के प्रति उनका विश्वास इस बात का संकेत है कि मान सरकार की नीतियों और कामकाज को पंजाब की माताओं-बहनों का मजबूत समर्थन मिल रहा है।

नवांशहर में हलका इंचार्ज रॉबी कंग की अगुवाई में कार्यक्रम का शानदार आयोजन किया गया। महिलाओं और स्थानीय लोगों में उनके हलका इंचार्ज बनाए जाने को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। गुरप्रीत कौर मान ने कहा कि जनता के बीच रहकर काम करना और लोगों की आवाज को मजबूती से उठाना ही किसी भी जिम्मेदारी की असली कसौटी है।

वहीं फिल्लौर में पहली बार एक महिला चेहरे को हलका इंचार्ज की जिम्मेदारी दिए जाने को लेकर भी लोगों में उत्साह देखने को मिला। गुरप्रीत कौर मान ने कहा कि महिलाओं को नेतृत्व की जिम्मेदारी देना केवल प्रतिनिधित्व बढ़ाना नहीं, बल्कि पंजाब की राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और नेतृत्व क्षमता पर भरोसे का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि फिल्लौर की हलका इंचार्ज लगातार जनता के बीच जाकर लोगों से संवाद कर रही हैं और अपनी जिम्मेदारी को पूरी सक्रियता से निभा रही हैं।

इस दौरान गुरप्रीत कौर मान ने महिलाओं के साथ तीज की खुशियां साझा कीं और मावां-धीयां योजना समेत महिलाओं के लिए किए जा रहे सरकार के प्रयासों पर भी बातचीत की। कार्यक्रमों में पंजाबी लोक संस्कृति, पारंपरिक परिधानों और रंग-बिरंगे माहौल ने पूरे दोआबा को तीज के रंग में रंग दिया।

गुरप्रीत कौर मान ने कहा कि पंजाब की तरक्की तभी पूरी होगी, जब पंजाब की हर महिला मजबूत, सम्मानित और आत्मनिर्भर होगी। मान सरकार इसी सोच के साथ महिलाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें नेतृत्व की नई जिम्मेदारियां देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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Politics

पंजाब सरकार ने हर मंच पर RDF का मुद्दा उठाया, लेकिन केंद्र अभी भी किसानों के पैसे रोके बैठा है: हरपाल सिंह चीमा

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पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्रीय कैबिनेट मंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस बयान को कि ‘पंजाब के किसी भी मंत्री ने कभी भी सेंटर फॉर रूरल डेवलपमेंट फंड (आरडीएफ) के पैसे के लिए संपर्क नहीं किया’ बहुत गैर-जिम्मेदाराना, गुमराह करने वाला और सरासर झूठ बताया है। वित्त मंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेता झूठ बोलने में माहिर हैं और जनता के सामने हर बात को तोड़-मरोड़कर पेश करते हैं। उन्होंने साफ किया कि पंजाब सरकार ने लगातार और हर प्लेटफॉर्म पर केंद्र सरकार के सामने आरडीएफ फंड का मुद्दा उठाया है।

शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया से बात करते हुए हरपाल चीमा ने आंकड़ों और मीटिंग्स की जानकारी देते हुए कहा कि 28 नवंबर 2024 को उन्होंने खुद कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक के साथ केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी से मुलाकात की थी और 3 प्रतिशत आरडीएफ का पैसा जारी करने की मांग की थी। इसके अलावा 17 जुलाई को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रल्हाद जोशी से मुलाकात की थी और यही मांग दोहराई थी। 10 जनवरी को वित्त मंत्री चीमा ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की, जिसके बाद मुख्यमंत्री मान ने 17 जनवरी को वित्त मंत्रीअमित शाह से मुलाकात की। 10 अप्रैल को मुख्यमंत्री फिर कंज्यूमर अफेयर्स और फूड मंत्री प्रहलाद जोशी से मिले और 30 जून को वित्त मंत्री चीमा ने फिर निर्मला सीतारमण से फंड जारी करने की रिक्वेस्ट की।

उन्होंने आगे बताया कि पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवान ने भी लेटर लिखकर केंद्र सरकार को डिमांड भेजी थी। इसके अलावा, जीएसटी काउंसिल की मीटिंग्स में भी यह मुद्दा निर्मला सीतारमण के सामने उठाया गया था और अगस्त 2025 की जीएसटी काउंसिल में इस पर डिटेल में चर्चा हुई थी। हाल ही में, 14 मार्च 2026 को वित्त मंत्री चीमा ने भारत सरकार को ऑफिशियल लेटर भेजकर आरडीएफ का बकाया जारी करने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि खुद केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने भरोसा दिलाया था कि वह अमित शाह और निर्मला सीतारमण से मिलकर पंजाब को उसका बनता कानूनी हक दिलाएंगे, लेकिन इसके बावजूद न तो फंड जारी किया गया और न ही कोई पॉजिटिव कदम उठाया गया।

वित्त मंत्री चीमा ने हैरानी जताते हुए कहा कि एक सीनियर केंद्रीय मंत्री, जो मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, पंजाब के लोगों को गुमराह कर रहे हैं। पंजाब का केंद्र सरकार की तरफ कुल ₹9,821 करोड़ का आरडीएफ बकाया है। भारत सरकार एमएसपी पर गेहूं और धान खरीदती है, जिस पर नियमों के मुताबिक 3 प्रतिशत आरडीएफ का पैसा दिया जाता है। केंद्र सरकार पहले पैसे के गलत इस्तेमाल की बात करती थी, जबकि सच यह है कि इसका गलत इस्तेमाल पिछली अकाली-भाजपा सरकार के दौरान हुआ था। आम आदमी पार्टी सरकार ने 2022 में रेगुलर बदलाव किए और तय किया कि आरडीएफ का पैसा सिर्फ और सिर्फ किसानों की मंडियों और गांव की सड़कों को बेहतर बनाने पर खर्च किया जाएगा।

चीमा ने कड़े शब्दों में कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने पंजाब के किसानों और आम जनता के साथ बहुत बड़ा धोखा किया है। अब अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए केंद्रीय मंत्री गुमराह करने वाले प्रोपेगैंडा का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग बहुत जागरूक हैं और वे अच्छी तरह जानते हैं कि भारतीय जनता पार्टी लगातार पंजाब और पंजाबियों के हितों के खिलाफ काम करती रही है।

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Politics

पंजाब के बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा पर ले जाकर भगवंत मान ने साबित कर दिया है कि वे आधुनिक युग के श्रवण पुत्र हैं: अरविंद केजरीवाल

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फगवाड़ा में आज की शाम उस समय पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंग गई, जब आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान कपूरथला जिले में आयोजित ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ भजन संध्या में श्रद्धालुओं के साथ शामिल हुए। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में ‘‘हर हर महादेव’’ और ‘‘बम बम भोले’’ के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।

इस अवसर पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब के बुजुर्ग माता-पिता को तीर्थ यात्रा पर ले जाकर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्वयं को आधुनिक युग का श्रवण पुत्र साबित किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश के हर बुजुर्ग की अपने माता-पिता की तरह सेवा कर रहे हैं।

‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने पंजाब के बुजुर्गों से अपील की कि वे अपने पुत्र भगवंत सिंह मान पर अपना आशीर्वाद बनाए रखें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जीवनभर बुजुर्गों की सेवा करते रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब में आज तक किसी भी सरकार ने सनातन धर्म के लिए इतना काम नहीं किया, जितना भगवंत मान सरकार कर रही है।

भजन संध्या को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ का विस्तार किया है। सालासर जी-श्री खाटू श्याम, हरिद्वार-ऋषिकेश और मथुरा जी-वृंदावन धाम के लिए तीर्थ यात्रा के नए रूट शुरू किए गए हैं। इन तीर्थ यात्राओं के लिए भारी मांग है और लंबी वेटिंग लिस्ट है, इसलिए लोगों को अपनी बुकिंग पहले ही करवा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन धार्मिक स्थलों के लिए 1.5 लाख श्रद्धालुओं को तीर्थ यात्रा पर ले जाया जाएगा।

पटियाला के काली माता मंदिर के पुनर्विकास का उल्लेख करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि पटियाला के काली माता मंदिर का करीब 80 करोड़ रुपये की लागत से पूरी तरह पुनर्विकास किया जा रहा है। यह कार्य लगभग 10 अक्टूबर के आसपास शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि वहां एक भव्य और आकर्षक मंदिर का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि माता काली के प्रति लोगों की गहरी आस्था है और श्रद्धालुओं को कम से कम एक बार माता काली के दर्शन कर उनका आशीर्वाद अवश्य लेना चाहिए।

‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ पहल के संबंध में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज फगवाड़ा में भगवान शिव को समर्पित भजन संध्या का आयोजन किया गया है। इसी तरह पंजाब के 23 शहरों में ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ भजन संध्याएं आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की ‘आप’ सरकार सनातन धर्म के लिए अनेक कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान और वे स्वयं इन भजन संध्याओं में शामिल होते हैं तथा मुख्यमंत्री मान इन पहलों से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।

अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘‘आज तक किसी भी पार्टी या सरकार ने सनातन धर्म के लिए उतना काम नहीं किया, जितना ‘आप’ सरकार कर रही है।’’

इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्हें खुशी है कि इतनी बड़ी संख्या में लोग इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि जनता की यह उपस्थिति राज्य सरकार को और अधिक उत्साह एवं समर्पण के साथ लोगों की सेवा करने के लिए प्रेरित करती है।

पंजाब की एकता और सांप्रदायिक सद्भाव की भावना को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ऐसी उपजाऊ धरती है, जहां नफरत के बीज के अलावा हर बीज पनप सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आपसी भाईचारे की भावना बहुत मजबूत है, क्योंकि यहां लोग सभी त्योहार मिल-जुलकर मनाते हैं।

पंजाब की सांप्रदायिक सद्भावना और स्वतंत्रता की परंपरा पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘पंजाब सांप्रदायिक सद्भाव और स्वतंत्रता की धरती है तथा विभाजनकारी ताकतें यहां कभी सफल नहीं हो सकतीं। भले ही आज का कार्यक्रम भगवान शिव को समर्पित है, लेकिन इसमें सभी धर्मों के लोग शामिल हो रहे हैं। यह पंजाब की एकता और भाईचारे की भावना को दर्शाता है।’’

आम लोगों के हित में उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सार्वजनिक सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने 19 टोल प्लाजा बंद किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप आम लोगों के प्रतिदिन करीब 70 लाख रुपये की बचत हो रही है।

युवाओं, परिवारों, किसानों और बुनियादी ढांचे के कल्याण के लिए सरकार की पहलों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को 69,000 से अधिक सरकारी नौकरियां पारदर्शी तरीके से दी गई हैं। उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है, किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है, करीब 44,000 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जा रहा है तथा जनकल्याण के लिए कई अन्य पहल भी की जा रही हैं।

सिंचाई सुविधाओं के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि नहर सिंचाई व्यवस्था में सुधार किया गया है और कृषि क्षेत्र के लिए राज्य में नहरी पानी की कोई कमी नहीं है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि 1 जुलाई से महिलाओं को सीधे उनके बैंक खातों में राशि मिलनी शुरू हो गई है। ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत प्रत्येक महिला 1,000 रुपये प्रति माह तथा अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह की राशि दी जा रही है। यह राशि सीधे बैंक खातों में हस्तांतरित की जा रही है तथा पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाएं भी इस योजना के लिए पात्र होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की 97 प्रतिशत महिलाएं इस योजना का लाभ उठा रही हैं और राज्य सरकार ने बजट में इसके लिए 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

जनकल्याण के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार पंजाब के लोगों की भलाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

इस अवसर पर लोकसभा सदस्य डॉ. राज कुमार चब्बेवाल सहित अन्य नेता भी उपस्थित रहे।

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National

बेंगलुरु के 3-Star और 5-Star होटलों में बड़ी फूड सेफ्टी जांच, Expired दूध-मांस और खराब सब्जियां मिलने से मचा हड़कंप

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बेंगलुरु के बड़े और लग्जरी होटलों की रसोइयों में फूड सेफ्टी को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई है। फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन और एफएसएसएआई की टीमों ने शहर के 26 होटलों में अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान कई जगहों पर एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री, खराब मांस और मछली, सड़ी हुई सब्जियां, फंगस लगी सब्जियां और एक्सपायर्ड बेकरी उत्पाद पाए गए।

इस कार्रवाई के लिए 30 निरीक्षण टीमें तैनात की गई थीं। अधिकारियों ने अलग-अलग खाद्य पदार्थों के 35 सैंपल लिए हैं, जिन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है। वहीं, जो खाद्य सामग्री एक्सपायर्ड या इस्तेमाल के लायक नहीं पाई गई, उसे जब्त कर नष्ट कर दिया गया।

जांच के दौरान द ललित अशोक से करीब 76 किलो मांस, 200 किलो सब्जियां और 32 लीटर एक्सपायर्ड दूध बरामद किया गया। ताज यशवंतपुर से करीब 72 किलो मांस और मछली, जबकि फोर सीजन्स होटल से लगभग 19 किलो मांस मिला। शांगरी-ला होटल से करीब 15 किलो मांस और विवांता बेंगलुरु व्हाइटफील्ड से लगभग 3 किलो एक्सपायर्ड बेकरी उत्पाद हटाए गए।

सबसे बड़ी बरामदगी में से एक रेडिसन ब्लू एट्रिया से हुई, जहां करीब 105 किलो एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री मिली। इसमें लगभग 50 किलो चिकन, 25 किलो मांस, 23 किलो मछली और 7 किलो सब्जियां शामिल थीं। इसके अलावा कुछ होटलों की रसोई और स्टोरेज एरिया में साफ-सफाई से जुड़ी गंभीर कमियां भी सामने आईं।

अधिकारियों को कुछ सब्जियों पर फंगस मिली, जबकि कई जगह खाद्य सामग्री को सही तरीके से स्टोर नहीं किया गया था। शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखने में भी लापरवाही सामने आई। कुछ उत्पादों पर जरूरी लेबलिंग नियमों का पालन नहीं किया गया था।

निरीक्षण के दौरान चिकन, मटन, मछली, दूध, खाना पकाने के तेल, मसाले, चीज और सॉस समेत कई खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए हैं। इनकी प्रयोगशाला जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ फूड सेफ्टी मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।

जहां नियमों का उल्लंघन पाया गया है, वहां होटल प्रबंधन को नोटिस जारी किए गए हैं। प्रयोगशाला रिपोर्ट और निरीक्षण के निष्कर्षों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर ने कहा कि इस अभियान की शुरुआत बड़े और लग्जरी होटलों से इसलिए की गई है, ताकि यह स्पष्ट संदेश दिया जा सके कि होटल चाहे कितना भी बड़ा या महंगा हो, फूड सेफ्टी के नियम सभी के लिए समान हैं।

अब अधिकारियों की नजर उन फूड स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन सेंटरों पर भी है, जहां से होटलों और कैटरिंग संस्थानों को खाद्य सामग्री की सप्लाई होती है। बेंगलुरु में हुई इस कार्रवाई ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई और सुरक्षित भंडारण को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, पूरे मामले की अंतिम तस्वीर प्रयोगशाला रिपोर्ट और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई के बाद ही साफ होगी।

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