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पंजाब के बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा पर ले जाकर भगवंत मान ने साबित कर दिया है कि वे आधुनिक युग के श्रवण पुत्र हैं: अरविंद केजरीवाल

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फगवाड़ा में आज की शाम उस समय पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंग गई, जब आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान कपूरथला जिले में आयोजित ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ भजन संध्या में श्रद्धालुओं के साथ शामिल हुए। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में ‘‘हर हर महादेव’’ और ‘‘बम बम भोले’’ के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।

इस अवसर पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब के बुजुर्ग माता-पिता को तीर्थ यात्रा पर ले जाकर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्वयं को आधुनिक युग का श्रवण पुत्र साबित किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश के हर बुजुर्ग की अपने माता-पिता की तरह सेवा कर रहे हैं।

‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने पंजाब के बुजुर्गों से अपील की कि वे अपने पुत्र भगवंत सिंह मान पर अपना आशीर्वाद बनाए रखें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जीवनभर बुजुर्गों की सेवा करते रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब में आज तक किसी भी सरकार ने सनातन धर्म के लिए इतना काम नहीं किया, जितना भगवंत मान सरकार कर रही है।

भजन संध्या को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ का विस्तार किया है। सालासर जी-श्री खाटू श्याम, हरिद्वार-ऋषिकेश और मथुरा जी-वृंदावन धाम के लिए तीर्थ यात्रा के नए रूट शुरू किए गए हैं। इन तीर्थ यात्राओं के लिए भारी मांग है और लंबी वेटिंग लिस्ट है, इसलिए लोगों को अपनी बुकिंग पहले ही करवा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन धार्मिक स्थलों के लिए 1.5 लाख श्रद्धालुओं को तीर्थ यात्रा पर ले जाया जाएगा।

पटियाला के काली माता मंदिर के पुनर्विकास का उल्लेख करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि पटियाला के काली माता मंदिर का करीब 80 करोड़ रुपये की लागत से पूरी तरह पुनर्विकास किया जा रहा है। यह कार्य लगभग 10 अक्टूबर के आसपास शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि वहां एक भव्य और आकर्षक मंदिर का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि माता काली के प्रति लोगों की गहरी आस्था है और श्रद्धालुओं को कम से कम एक बार माता काली के दर्शन कर उनका आशीर्वाद अवश्य लेना चाहिए।

‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ पहल के संबंध में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज फगवाड़ा में भगवान शिव को समर्पित भजन संध्या का आयोजन किया गया है। इसी तरह पंजाब के 23 शहरों में ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ भजन संध्याएं आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की ‘आप’ सरकार सनातन धर्म के लिए अनेक कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान और वे स्वयं इन भजन संध्याओं में शामिल होते हैं तथा मुख्यमंत्री मान इन पहलों से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।

अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘‘आज तक किसी भी पार्टी या सरकार ने सनातन धर्म के लिए उतना काम नहीं किया, जितना ‘आप’ सरकार कर रही है।’’

इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्हें खुशी है कि इतनी बड़ी संख्या में लोग इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि जनता की यह उपस्थिति राज्य सरकार को और अधिक उत्साह एवं समर्पण के साथ लोगों की सेवा करने के लिए प्रेरित करती है।

पंजाब की एकता और सांप्रदायिक सद्भाव की भावना को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ऐसी उपजाऊ धरती है, जहां नफरत के बीज के अलावा हर बीज पनप सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आपसी भाईचारे की भावना बहुत मजबूत है, क्योंकि यहां लोग सभी त्योहार मिल-जुलकर मनाते हैं।

पंजाब की सांप्रदायिक सद्भावना और स्वतंत्रता की परंपरा पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘पंजाब सांप्रदायिक सद्भाव और स्वतंत्रता की धरती है तथा विभाजनकारी ताकतें यहां कभी सफल नहीं हो सकतीं। भले ही आज का कार्यक्रम भगवान शिव को समर्पित है, लेकिन इसमें सभी धर्मों के लोग शामिल हो रहे हैं। यह पंजाब की एकता और भाईचारे की भावना को दर्शाता है।’’

आम लोगों के हित में उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सार्वजनिक सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने 19 टोल प्लाजा बंद किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप आम लोगों के प्रतिदिन करीब 70 लाख रुपये की बचत हो रही है।

युवाओं, परिवारों, किसानों और बुनियादी ढांचे के कल्याण के लिए सरकार की पहलों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को 69,000 से अधिक सरकारी नौकरियां पारदर्शी तरीके से दी गई हैं। उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है, किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है, करीब 44,000 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जा रहा है तथा जनकल्याण के लिए कई अन्य पहल भी की जा रही हैं।

सिंचाई सुविधाओं के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि नहर सिंचाई व्यवस्था में सुधार किया गया है और कृषि क्षेत्र के लिए राज्य में नहरी पानी की कोई कमी नहीं है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि 1 जुलाई से महिलाओं को सीधे उनके बैंक खातों में राशि मिलनी शुरू हो गई है। ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत प्रत्येक महिला 1,000 रुपये प्रति माह तथा अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह की राशि दी जा रही है। यह राशि सीधे बैंक खातों में हस्तांतरित की जा रही है तथा पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाएं भी इस योजना के लिए पात्र होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की 97 प्रतिशत महिलाएं इस योजना का लाभ उठा रही हैं और राज्य सरकार ने बजट में इसके लिए 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

जनकल्याण के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार पंजाब के लोगों की भलाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

इस अवसर पर लोकसभा सदस्य डॉ. राज कुमार चब्बेवाल सहित अन्य नेता भी उपस्थित रहे।

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CM भगवंत सिंह मान ने जगतार सिंह हवारा को 10 दिन की पैरोल देने के लिए राज्यपाल से मुलाकात की

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की और जगतार सिंह हवारा को मानवीय आधार पर 10 दिन की पैरोल देने के लिए उनके हस्तक्षेप की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 साल बाद उनकी बीमार माता के अपने बेटे से मिलने की उम्मीद फिर से जगी है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस मामले में राज्यपाल की सिफारिश आवश्यक है, क्योंकि मामले की सुनवाई दिल्ली में चल रही है। उन्होंने साथ ही भरोसा दिलाया कि यदि हवारा को पैरोल दी जाती है तो पंजाब सरकार कानून-व्यवस्था पर किसी भी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़ने देने के लिए पूरी जिम्मेदारी निभाएगी।

राज्यपाल से मानवीय आधार पर इस मामले पर विचार करने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जगतार सिंह हवारा पिछले 31 वर्षों से जेल में बंद हैं। उनकी माता वृद्धावस्था में हैं, उम्र से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित हैं और इस समय अर्ध-बेहोशी की अवस्था में हैं। उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए मैंने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि वे जगतार सिंह हवारा को जल्द से जल्द 10 दिन की पैरोल देने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करें, ताकि वह अपनी माता से मिल सकें।”

उन्होंने आगे कहा, “चंडीगढ़ के प्रशासक होने के नाते इस संबंध में फैसला लेने के लिए राज्यपाल की सिफारिश आवश्यक है। इसलिए मामले के मानवीय पहलू और जगतार सिंह हवारा की माता की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए मैंने राज्यपाल से जल्द से जल्द फैसला लेने की अपील की है।”

राज्यपाल को कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए पंजाब सरकार की पूरी जिम्मेदारी का भरोसा दिलाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जगतार सिंह हवारा के अपने घर आने के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने की राज्य सरकार पूरी गारंटी लेती है। उनके समर्थकों और परिवार के सदस्यों ने भी इस संबंध में राज्य सरकार को पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया है।”
उन्होंने आगे कहा, “राज्य सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने और पंजाब में कड़ी मेहनत से हासिल की गई शांति की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस कार्य में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। मैंने राज्यपाल को इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष उठाने के लिए राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा भी दिया है।”

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जगतार सिंह हवारा की पैरोल को लेकर CM भगवंत मान की राज्यपाल से मुलाकात, 10 दिन की पैरोल की मांग

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जगतार सिंह हवारा की पैरोल के मामले को लेकर पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की। मुख्यमंत्री राजभवन पहुंचे और इस दौरान उन्होंने हवारा की पैरोल से जुड़े मामले पर राज्यपाल के साथ विस्तार से चर्चा की। बैठक में पंजाब सरकार की ओर से की जा रही कार्रवाई और पैरोल से संबंधित दस्तावेजों को लेकर भी बातचीत हुई।

मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि राज्यपाल की ओर से उन्हें भरोसा दिया गया है कि पैरोल से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज तैयार करके केंद्र सरकार को भेजे जाएंगे। पंजाब सरकार की ओर से जगतार सिंह हवारा के लिए 10 दिन की पैरोल की मांग की गई है।

CM मान ने कहा कि इस मामले को मानवीय आधार पर भी देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, हवारा की मां पिछले लंबे समय से अपने बेटे की प्रतीक्षा कर रही हैं। इसी मानवीय पहलू को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने पैरोल की मांग रखी है।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार ने राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर पूरी जिम्मेदारी और सुरक्षा की गारंटी दी है। यदि पैरोल मंजूर होती है तो इस दौरान किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा न हो, इसके लिए सरकार की ओर से आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।

CM भगवंत मान ने कहा कि अब इस मामले में अगली कार्रवाई केंद्र सरकार की ओर से की जानी है। राज्यपाल द्वारा दस्तावेज केंद्र को भेजे जाने के बाद ही पैरोल को लेकर आगे का फैसला होगा।

जगतार सिंह हवारा फिलहाल जेल में बंद है और उसकी पैरोल को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की राज्यपाल से हुई इस मुलाकात के बाद अब पूरे मामले की अगली प्रक्रिया केंद्र सरकार के फैसले पर निर्भर करेगी।

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भाजपा मशीनरी पंजाब और उसके युवाओं को बदनाम करने के लिए फर्जी वीडियो फैला रही है: हरपाल सिंह चीमा

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आम आदमी पार्टी (आप) के सीनियर नेता और पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने राजस्थान का एक वीडियो शेयर करने, उसे गलत तरीके से पंजाब से जोड़ने और राज्य और उसके युवाओं को बदनाम करने की कोशिश करने के लिए पूर्व इंडियन क्रिकेटर और राज्यसभा मेंबर हरभजन सिंह पर निराशा जताई है।

मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इस बात पर दुख जताया कि हरभजन सिंह, जिन्हें आप ने पंजाब के हितों को रिप्रेजेंट करने और राज्य के युवाओं के लिए काम करने के लिए राज्यसभा भेजा था, अब भाजपा के कैंपेन को प्रमोट कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हरभजन सिंह को पंजाब के युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करने के लिए और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दे उठाने के लिए अपने प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करना चाहिए था, न कि गुमराह करने वाला कंटेंट शेयर करना चाहिए था जो पंजाब की छवि को ठेस पहुंचाता है।”

हरभजन सिंह के शेयर किए गए वीडियो का ज़िक्र करते हुए उन्होंने बताया, “पंजाब पुलिस ने वीडियो की जांच की और पाया कि यह असल में भाजपा शासित राजस्थान के श्री गंगानगर का है और इसका पंजाब से कोई लेना-देना नहीं है।”

हरपाल सिंह चीमा ने आगे कहा, “तथ्यों की जांच करने के बजाय, भाजपा की आईटी मशीनरी दूसरे राज्यों से वीडियो उठाकर उन्हें पंजाब की घटनाओं के तौर पर दिखा रही है ताकि हमारे राज्य और उसके युवाओं को बदनाम किया जा सके।”

पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ मुहिम पर ज़ोर देते हुए, कैबिनेट मंत्री ने कहा, “भाजपा, नशों के विरुद्ध लड़ाई में भगवंत मान सरकार की तरक्की को कमज़ोर करने की कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक ढृड़ ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ मुहिम शुरू किया है, और सरकार ड्रग्स को खत्म करने और पंजाब के युवाओं को बेहतर मौके देने के लिए हर लेवल पर काम कर रही है।”

पंजाब में भाजपा के रिकॉर्ड की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, “भाजपा को अपना रिकॉर्ड भी देखना चाहिए। 2007 से 2017 तक अकाली-भाजपा सरकार के 10 सालों के दौरान ड्रग्स का खतरा बढ़ गया था। इसी दौरान ‘चिट्टा’ और ‘स्मैक’ जैसे शब्द पंजाब से बड़े पैमाने पर जुड़ गए, जिसकी वजह से अनगिनत युवाओं की ज़िंदगी ड्रग्स की गिरफ़्त में आकर बर्बाद हो गई।”

खेल ढांचे पर सरकार के फोकस के बारे में बताते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “भगवंत मान सरकार युवाओं को पॉजिटिव विकल्प देने के लिए स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत कर रही है। पंजाब में 3,000 से ज़्यादा स्पोर्ट्स स्टेडियम बनाए गए हैं, जबकि 6,000 और तैयार किए जा रहे हैं। हम स्पोर्ट्स में इन्वेस्ट कर रहे हैं क्योंकि हम चाहते हैं कि पंजाब के युवा नशों से दूर रहें और एक हेल्दी और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ें।”

मंत्री ने कहा, “पंजाब के युवा और किसान भाजपा के प्रोपेगैंडा से गुमराह नहीं होंगे। पंजाब के लोग आप सरकार के जमीनी स्तर पर किए गए काम और भाजपा की सोशल मीडिया पर गुमराह करने वाली पोस्ट के ज़रिए राज्य को बदनाम करने की कोशिशों के बीच का अंतर समझते हैं।”

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