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1300 नई बसें जल्दी ही खरीदेगी पंजाब सरकार:505 मिनी बसों को परमिट दिए, सीएम बोले-22 साल के युवा केंद्र ने बनाए पूर्व फौजी

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पंजाब सीएम ने आज चंडीगढ़ में 505 मिनी बसों को परमिट दिए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार 1300 नई बसें ला रही है, जिससे पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम मजबूत होगा। वहीं, उन्होंने बादल परिवार पर जमकर बोले। उन्होंने कहा कि उन्होंने बसों का केंद्रीकरण करने की बजाय बादलीकरण कर दिया।

वहीं, प्रताप सिंह बाजवा को घेरते हुए कहा कि उन्होंने ट्रांसपोर्ट मंत्री रहते हुए, सबसे ज्यादा टोल प्लाजा लगाए। इसी तरह उन्होंने कहा कि मनरेगा स्कीम का नाम बदलकर केंद्र सरकार गरीब लोगों से धक्का कर रही है। इसके खिलाफ जनवरी के दूसरे हफ्ते में स्पेशल सेशन लेकर आ रहे हैं। इसी तरह अग्निवीर के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जहां भी पंजाब की बात होगी, उसे वह प्रमुखता से उठाएंगे।

कार्यक्रम में पहुंची सीएम भगवंत मान।

कार्यक्रम में पहुंची सीएम भगवंत मान।

मिनी बस की परमिट की खुशी वह क्या जानेंगे

इस मौके पर सीएम भगवंत मान ने कहा कि नए मिनी बस ऑपरेटर, जिन्हें पहली बार परमिट मिल रहा है, वहीं जिनके परमिट रिन्यू हो रहे हैं, उन्हें बधाई दी। अब तक 1100 से अधिक परमिट जारी कर चुके हैं। 505 आज जा रही हैं। इसमें रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी जालंधर, पटियाला, बठिंडा और फिरोजपुर के परमिट जारी किए गए हैं।

जब मुझे अफसरों ने बताया कि 600 के करीब परमिट देने हैं, तो मैंने कहा कि एक अच्छे ऑडिटोरियम में प्रोग्राम रखो, सभी को बुलाओ। अफसरों ने कहा कि पहले तो ऐसे नहीं होता था। तो मैंने उनसे कहा कि पहले वाले अबोहर से पठानकोट और बठिंडा से जयपुर तक चलती थीं।

उन्हें क्या पता कि मिनी बस की खुशी क्या होती है। उन्हें पता नहीं है। जिनके रूट पंजाब के एक कोने से दूसरे कोने तक हैं, पाकिस्तान के बॉर्डर तक हैं, उन्हें क्या पता कि मिनी बस क्या होती है। 450 लोग पहली बार परमिट लेकर जा रहे हैं। उनका नाम ट्रांसपोर्ट में लिखा गया है। एक मिनी बस 5 से 6 गांव कवर करेगी। 35 किलोमीटर का चक्कर है।

कार्यक्रम में सीएम मान को सम्मानित करते हुए।

कार्यक्रम में सीएम मान को सम्मानित करते हुए।

19 हजार किमी ग्रामीण सड़कें बना रहे हैं

सीएम ने कहा कि मेरी कोशिश यही है कि पंजाब के युवाओं को नौकरी देने वाला बनाया जाए। लोगों की शिकायत रहती थी कि गांवों में बसों का आना-जाना बंद हो गया है। अब स्कूलों में बसें चलाई जा रही हैं। कई लोगों ने बताया कि इससे बच्चों को रोजगार मिल रहा है।

लेकिन समस्या यह थी कि गांवों की सड़कें खराब थीं। अब 19 हजार किलोमीटर सड़कें बनाई जा रही हैं। कुल मिलाकर 43 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। अब सड़कें केवल लीपापोती नहीं की जा रही हैं, बल्कि उनकी गुणवत्ता पर खास ध्यान दिया जा रहा है। ठेकेदार को 5 साल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

वहीं, उन्होंने ऑपरेटरों से कहा कि बसों को तय समय पर लेकर आएं। यह भरोसा एक दिन में नहीं बनेगा, बल्कि धीरे-धीरे मजबूत होगा।

कार्यक्रम में अपनी बात रखते हुए मिनी बस ऑपरेटर।

कार्यक्रम में अपनी बात रखते हुए मिनी बस ऑपरेटर।

इस बार कम मतों वाले भी चुनाव जीते हैं

सीएम ने कहा कि अब तक 58 हजार लोगों को नौकरियां दी गई हैं। किसी का नंबर घटाकर या बढ़ाकर नौकरी नहीं दी गई। पहले जब ब्लॉक समिति या जिला परिषद के नतीजे आते थे, तो बाहर से ही ऐलान कर दिया जाता था कि घर जाओ, हम जीत गए। लेकिन इस बार एक वोट, तीन वोट, पांच या बीस वोट से भी विरोधी पार्टियों के उम्मीदवार जीते हैं। हम भी कभी सत्ता में नहीं थे। लोगों ने हमें मौका दिया और आज हम अनुभव हासिल कर रहे हैं। अगर हम दोबारा सही काम नहीं करेंगे तो तो लोग किसी और को मौका दे देंगे। पंजाब की धरती बहुत उपजाऊ है।

बस स्टैंड पर टिकट के लिए स्पेशल मशीन

दिल्ली के प्रदूषण पर सीएम ने कहा कि वहां पर अब 2018 से पहले की गाड़ियां एंट्री नहीं कर सकती हैं। कई शर्तें लगा रहे है। हम जालंधर, लुधियाना, पटियाला, संगरूर और बठिंडा का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। वहां लोगों के लिए हर तरह की सुविधाओं का इंतजाम किया जाएगा। वहीं, ऑनलाइन और बस स्टैंड पर टिकट लेने की स्पेशल मशीनें लगा रहे है।

कार्यक्रम में मौजूद सीएम मान और अन्य।

कार्यक्रम में मौजूद सीएम मान और अन्य।

काम की गुणवत्ता पर जोर

किसी की मोनोपॉली नहीं होनी चाहिए। सबको काम करने का हक होना चाहिए, क्योंकि नए लोगों को फील्ड में आने ही नहीं दिया जाता। हमने हर सेक्टर में एक-एक शर्त खत्म की है। चाहे सड़क हो, पुल हो या हेल्थ का ठेका। कैबिनेट में फैसला लिया गया था कि ठेके लेने के लिए इतने करोड़ की आमदनी और टर्नओवर जरूरी नहीं होगा। टेंडर में अनुभव और पैसे की शर्त हटा दी गई है। हम क्वालिटी पर काम करेंगे। जब नए लोग आएंगे तो टेंडरों में मुकाबला होगा। इस हिसाब से तो मैं पहली बार मंत्री बना हूं, तो क्या हम फैसले ही नहीं ले सकते? अनुभवी लोगों के अनुभव ने ही पंजाब को नुकसान पहुंचाया है।

17 टोल प्लाजा बंद किए

अब तक 17 टोल प्लाजा बंद कर दिए गए हैं। इससे रोजाना 64 लाख रुपए की बचत हो रही है। पूरी दुनिया में टोल टैक्स है, लेकिन यह ऑप्शनल होना चाहिए। अगर तेज जाना है तो यह सड़क है, वरना दूसरी सड़क भी है। यह घेर-घेर कर लड़ते हैं। 400 दिन और बढ़ा दो, कोरोना आया था। मैंने पूछा क्यों बढ़ा दो? जवाब मिला कि पहले बढ़ा दिए थे, इसलिए अब भी बढ़ा रहे हैं। अच्छे काम करोगे तो लोग सड़कों पर तुम्हारी मूर्ति लगा देंगे, लेकिन अगर काम नहीं करोगे तो खेतों में लगानी पड़ेंगी।

अंबानी को सब्सिडी, गरीबी से रोटी छीनी

अब केंद्र सरकार ने मनरेगा स्कीम का नाम बदल दिया गया है। केंद्र ने नई शर्त लगा दी है कि 60 फीसदी खर्च केंद्र देगा और 40 फीसदी राज्य देगा। मजदूरी 125 दिन कर दिए है। लेकिन काम के लिए शर्तें लगा दी है। मनरेगा वालों के मुंह से निवाला छीन लिया गया है। गरीब से रोटी छीनी जी जा रही है, लेकिन सब्सिडी अंबानियों को दी जा रही है।

अग्रवीर को शहीद का दर्जा क्यों नहीं देते

4 साल पहले अग्रवीर फौज में भर्ती हुए थे। पहला बैच अप्रैल में अब आ रहा है। उनके पास हथियारों की ट्रेनिंग है। 22 साल के जवान का पूर्व फौजी बनाकर घर भेज रहे है। चिंता लगी है, उन्हें कहा रखेंगे। कहते है कि पाकिस्तान से लड़ते हुए गोली लगती तै तो वह शहीद नहीं माना जाएगा। जिसने देश के लिए जान दे दी, उसे शहीद क्यों नहीं माना जाता?

क्या गोली यह देखते ही है कि मैंने कच्चे मुलाजिम के लगना है या पक्के मुलाजिमों को लगना है। वह आपकी स्कीम में नहीं आता। जब 1947 का बंटवारा हुआ था तो 10 लाख लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पंजाबी थे। हमारे दादा-परदादा मारे गए। जम्मू-कश्मीर में लड़ाई होती है, गांव हमारे खाली करवाए जाते हैं। कितनी बार हमें उजाड़ा जाएगा? पंजाब की बात मैं प्रमुखता से उठाता हूं। हमसे धान की बुवाई करवाई जाती है और पानी खत्म हो जाता है।

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मानवता के आधार पर जगतार सिंह हवारा को अपनी बीमार माता से मिलने के लिए 10 दिन की पैरोल दी जानी चाहिए- CM भगवंत सिंह मान

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से अपील की कि जगतार सिंह हवारा को अपनी बीमार माता से मिलने के लिए 10 दिन की पैरोल दी जाए। राज्यपाल को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अधिक उम्र होने के कारण जगतार सिंह हवारा की माता जी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रही हैं। इस कारण उनकी सेहत बिगड़ रही है, जो हर किसी के लिए चिंता का गंभीर विषय है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जगतार सिंह हवारा ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट, चंडीगढ़ में भी पैरोल पर रिहाई के आदेश देने की मांग करते हुए याचिका सी.आर.डब्ल्यू.पी. नंबर-3868/2026 दायर की हुई है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हाई कोर्ट ने भी निर्देश दिए हैं कि उसकी पैरोल की अर्जी पर विचार किया जाए।”

इसलिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब के राज्यपाल से अनुरोध किया कि मानवीय आधार पर जगतार सिंह हवारा को जल्द से जल्द 10 दिन की पैरोल देने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए। उन्होंने कहा, “उनकी माता जी की बिगड़ती सेहत को देखते हुए यह बेहद जरूरी है।”

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‘बेअदबी’ पार्टी (अकाली दल) अपनी प्रतिष्ठा खो चुकी है, अब वह राजनीति में वापसी के लिए भाजपा से समझौता करने की कोशिश कर रही है: बलतेज पन्नू

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने शनिवार को कहा कि बेअदबी पार्टी (अकाली दल) और उसके प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने राजनीतिक फायदे के लिए बार-बार अपने राजनीतिक स्टैंड से समझौता किया है और अब वे भाजपा से समझौता करने की कोशिश कर रहे हैं।

सुखबीर बादल पर निशाना साधते हुए आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा, “आज सुखबीर सिंह बादल कह रहे हैं कि वह केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा लाए जा रहे कुछ बिलों से पूरी तरह सहमत हैं। लेकिन पंजाब के लोगों को अच्छी तरह याद है कि जब कृषि कानून लाए गए थे, तो पूरा बादल परिवार उन कानूनों के पक्ष में वीडियो बनाता हुआ नजर आया था।”

बलतेज पन्नू ने कहा कि बड़े स्तर पर लोगों के गुस्से का सामना करने के बाद ही बादलों ने अपना रुख बदला और खुद को किसानों का हमदर्द दिखाने की कोशिश में कृषि कानूनों के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया।

अकाली दल की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर निशाना साधते हुए आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज ने कहा, “‘बेअदबी’ अकाली दल पंजाब के लोगों के दिलों से पूरी तरह गायब हो चुका है। अब वह भाजपा के साथ समझौता करके अपनी राजनीति को फिर से ज़िंदा करने की हर मुमकिन कोशिश कर रहा है।”

सुखबीर बादल के भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं के बारे में पहले दिए गए बयान को याद करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा, “मैं सुखबीर सिंह बादल को उनकी ही बातें याद दिलाना चाहता हूं। उन्होंने कहा था कि जो लोग भाजपा में शामिल हो रहे हैं, उन्हें अपना डीएनए टेस्ट करवाना चाहिए। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि किसी को अपना डीएनए टेस्ट करवाना चाहिए, लेकिन जब सुखबीर बादल ने खुद यह बयान दिया, तो आज इसका जिक्र करना बनता है।”

उन्होंने कहा कि बादल परिवार के बार-बार लिए गए यू-टर्न ने अकाली दल की राजनीति का असली चेहरा सामने ला दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग उन लोगों के बीच साफ फर्क समझ सकते हैं जो अपने उसूलों पर अड़े रहते हैं और जो राजनीतिक सुविधा के हिसाब से अपना रुख बदलते हैं।

बलतेज पन्नू ने दावा किया कि पंजाब के लोग पहले ही अकाली दल की राजनीति को नकार चुके हैं और भाजपा के साथ राजनीतिक समझौता करने की उसकी नई कोशिशों से गुमराह नहीं होंगे।

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मुक्तसर की तियां में पहुंचीं डॉ. गुरप्रीत कौर मान, महिलाओं ने चुनाव की तारीख पूछनी शुरू कर दी

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मुक्तसर विधानसभा में आज पंजाबी संस्कृति और महिलाओं के उत्साह से सराबोर तियां का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान जी की धर्मपत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर मान ने शिरकत की। कार्यक्रम में मुक्तसर की बड़ी संख्या में माताओं और बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. गुरप्रीत कौर मान ने महिलाओं से बातचीत की और उनके अनुभव जाने। बातचीत में मावा दीया योजना को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने बताया कि उनके खातों में ₹4,500 और ₹3,000 की राशि पहुंचने से उन्हें काफी राहत और खुशी मिली है।

महिलाओं के साथ बातचीत के दौरान सरकार की योजनाओं को लेकर उनका उत्साह इतना स्पष्ट था कि बात सिर्फ योजना के लाभ तक सीमित नहीं रही—महिलाएं चुनाव की तारीख और अगला चुनाव कब होगा, यह पूछने लगीं।

माहौल ऐसा था कि मान साहब से ज्यादा अब पंजाब की इन माताओं-बहनों को चुनाव की जल्दी दिखाई दी, क्योंकि उनका कहना था कि वे जल्द से जल्द चुनाव चाहती हैं, ताकि उन्हें एक बार फिर भगवंत मान जी को अपना समर्थन देकर पंजाब का मुख्यमंत्री बनाने और उनकी सरकार को दोबारा सत्ता में लाने का मौका मिले।

मुक्तसर की तियां में आज पंजाबी संस्कृति और महिलाओं की खुशियों के साथ-साथ महिलाओं के मन की राजनीतिक इच्छा भी खुलकर सामने आई—उन्हें अब चुनाव का इंतजार है।

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