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पंजाब सरकार जनवरी में बुलाएगी स्पेशल सेशन:मनरेगा स्कीम बदलने के खिलाफ उठाएंगे आवाज, CM बोले-गरीब परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही

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पंजाब सरकार ने मनरेगा स्कीम का नाम बदलने विरोध किया। इसके खिलाफ आवाज उठाने के लिए पंजाब सरकार विशेष सेशन जनवरी में बुलाएगी। पंजाब सीएम भगवंत मान ने यह ऐलान किया है। उन्होंने इस संबंधी जानकारी अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट डालकर दी है।

सीएम भगवंत मान ने पोस्ट में लिखा है कि केंद्र की भाजपा सरकार गरीबों और मजदूरों की रोजी-रोटी का सहारा बनी मनरेगा योजना में बदलाव कर रही है। इससे गरीब परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है। इसी कथित जबरदस्ती के खिलाफ पंजाबियों की आवाज उठाने के लिए पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र जनवरी के दूसरे हफ्ते में बुलाया जाएगा।

सीएम भगवंत मान द्वारा पोस्ट डालकर स्पेशल सेशन बुलाने की जानकारी दी है।

सीएम भगवंत मान द्वारा पोस्ट डालकर स्पेशल सेशन बुलाने की जानकारी दी है।

7 बार स्पेशल सेशन हुए

पंजाब सरकार द्वारा अब अपने 4 साल के कार्यकाल में 7 बार बार स्पेशल सेशन बुलाया है। जो कि इस प्रकार है-

  • सितंबर 2022: विश्वास मत (confidence motion) से संबंधित विशेष सत्र (मूल रूप से 22 सितंबर प्रस्तावित, बाद में 27 सितंबर को आयोजित)।
  • जून 2023: दो दिवसीय विशेष सत्र (19-20 जून), जिसमें गुरबानी प्रसारण और अन्य विधेयक पारित हुए (राज्यपाल ने इसकी वैधता पर सवाल उठाया)।
  • मई 2025: एक दिवसीय विशेष सत्र (भाखड़ा जल विवाद पर चर्चा और प्रस्ताव)।
  • जुलाई 2025: दो दिवसीय विशेष सत्र (10-11 जुलाई), धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी पर कड़ा कानून लाने के लिए।
  • सितंबर 2025: विशेष सत्र (26-29 सितंबर), बाढ़ राहत, मुआवजा नियम संशोधन और संबंधित विधेयकों के लिए।
  • नवंबर 2025: विशेष सत्र (24 नवंबर), श्री आनंदपुर साहिब में आयोजित (पहली बार चंडीगढ़ से बाहर), श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर, पवित्र शहर घोषणा आदि के लिए।
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मानवता के आधार पर जगतार सिंह हवारा को अपनी बीमार माता से मिलने के लिए 10 दिन की पैरोल दी जानी चाहिए- CM भगवंत सिंह मान

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से अपील की कि जगतार सिंह हवारा को अपनी बीमार माता से मिलने के लिए 10 दिन की पैरोल दी जाए। राज्यपाल को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अधिक उम्र होने के कारण जगतार सिंह हवारा की माता जी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रही हैं। इस कारण उनकी सेहत बिगड़ रही है, जो हर किसी के लिए चिंता का गंभीर विषय है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जगतार सिंह हवारा ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट, चंडीगढ़ में भी पैरोल पर रिहाई के आदेश देने की मांग करते हुए याचिका सी.आर.डब्ल्यू.पी. नंबर-3868/2026 दायर की हुई है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हाई कोर्ट ने भी निर्देश दिए हैं कि उसकी पैरोल की अर्जी पर विचार किया जाए।”

इसलिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब के राज्यपाल से अनुरोध किया कि मानवीय आधार पर जगतार सिंह हवारा को जल्द से जल्द 10 दिन की पैरोल देने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए। उन्होंने कहा, “उनकी माता जी की बिगड़ती सेहत को देखते हुए यह बेहद जरूरी है।”

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‘बेअदबी’ पार्टी (अकाली दल) अपनी प्रतिष्ठा खो चुकी है, अब वह राजनीति में वापसी के लिए भाजपा से समझौता करने की कोशिश कर रही है: बलतेज पन्नू

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने शनिवार को कहा कि बेअदबी पार्टी (अकाली दल) और उसके प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने राजनीतिक फायदे के लिए बार-बार अपने राजनीतिक स्टैंड से समझौता किया है और अब वे भाजपा से समझौता करने की कोशिश कर रहे हैं।

सुखबीर बादल पर निशाना साधते हुए आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा, “आज सुखबीर सिंह बादल कह रहे हैं कि वह केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा लाए जा रहे कुछ बिलों से पूरी तरह सहमत हैं। लेकिन पंजाब के लोगों को अच्छी तरह याद है कि जब कृषि कानून लाए गए थे, तो पूरा बादल परिवार उन कानूनों के पक्ष में वीडियो बनाता हुआ नजर आया था।”

बलतेज पन्नू ने कहा कि बड़े स्तर पर लोगों के गुस्से का सामना करने के बाद ही बादलों ने अपना रुख बदला और खुद को किसानों का हमदर्द दिखाने की कोशिश में कृषि कानूनों के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया।

अकाली दल की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर निशाना साधते हुए आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज ने कहा, “‘बेअदबी’ अकाली दल पंजाब के लोगों के दिलों से पूरी तरह गायब हो चुका है। अब वह भाजपा के साथ समझौता करके अपनी राजनीति को फिर से ज़िंदा करने की हर मुमकिन कोशिश कर रहा है।”

सुखबीर बादल के भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं के बारे में पहले दिए गए बयान को याद करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा, “मैं सुखबीर सिंह बादल को उनकी ही बातें याद दिलाना चाहता हूं। उन्होंने कहा था कि जो लोग भाजपा में शामिल हो रहे हैं, उन्हें अपना डीएनए टेस्ट करवाना चाहिए। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि किसी को अपना डीएनए टेस्ट करवाना चाहिए, लेकिन जब सुखबीर बादल ने खुद यह बयान दिया, तो आज इसका जिक्र करना बनता है।”

उन्होंने कहा कि बादल परिवार के बार-बार लिए गए यू-टर्न ने अकाली दल की राजनीति का असली चेहरा सामने ला दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग उन लोगों के बीच साफ फर्क समझ सकते हैं जो अपने उसूलों पर अड़े रहते हैं और जो राजनीतिक सुविधा के हिसाब से अपना रुख बदलते हैं।

बलतेज पन्नू ने दावा किया कि पंजाब के लोग पहले ही अकाली दल की राजनीति को नकार चुके हैं और भाजपा के साथ राजनीतिक समझौता करने की उसकी नई कोशिशों से गुमराह नहीं होंगे।

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मुक्तसर की तियां में पहुंचीं डॉ. गुरप्रीत कौर मान, महिलाओं ने चुनाव की तारीख पूछनी शुरू कर दी

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मुक्तसर विधानसभा में आज पंजाबी संस्कृति और महिलाओं के उत्साह से सराबोर तियां का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान जी की धर्मपत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर मान ने शिरकत की। कार्यक्रम में मुक्तसर की बड़ी संख्या में माताओं और बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. गुरप्रीत कौर मान ने महिलाओं से बातचीत की और उनके अनुभव जाने। बातचीत में मावा दीया योजना को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने बताया कि उनके खातों में ₹4,500 और ₹3,000 की राशि पहुंचने से उन्हें काफी राहत और खुशी मिली है।

महिलाओं के साथ बातचीत के दौरान सरकार की योजनाओं को लेकर उनका उत्साह इतना स्पष्ट था कि बात सिर्फ योजना के लाभ तक सीमित नहीं रही—महिलाएं चुनाव की तारीख और अगला चुनाव कब होगा, यह पूछने लगीं।

माहौल ऐसा था कि मान साहब से ज्यादा अब पंजाब की इन माताओं-बहनों को चुनाव की जल्दी दिखाई दी, क्योंकि उनका कहना था कि वे जल्द से जल्द चुनाव चाहती हैं, ताकि उन्हें एक बार फिर भगवंत मान जी को अपना समर्थन देकर पंजाब का मुख्यमंत्री बनाने और उनकी सरकार को दोबारा सत्ता में लाने का मौका मिले।

मुक्तसर की तियां में आज पंजाबी संस्कृति और महिलाओं की खुशियों के साथ-साथ महिलाओं के मन की राजनीतिक इच्छा भी खुलकर सामने आई—उन्हें अब चुनाव का इंतजार है।

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