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Punjab CM Bhagwant Mann का SGPC को सवाल – “क्या Sikh Gurus की शताब्दियों पर कार्यक्रम करवाने का Copyright आपके पास है?”

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के बीच सिख गुरुओं की शताब्दियों को लेकर बड़ा टकराव सामने आया है। CM मान ने SGPC की उस बात पर सवाल उठाया है जिसमें SGPC ने दावा किया था कि गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ का कार्यक्रम केवल वही करवा सकती है।

मुख्यमंत्री का SGPC को खुला चैलेंज

CM मान ने SGPC से पूछा, “क्या इनके पास इस तरह के आयोजनों का कॉपीराइट है? क्या सिर्फ SGPC को ही सिख गुरुओं की शहादत दिवस मनाने का हक है?”
उन्होंने कहा कि जब 300वीं खालसा स्थापना वर्षगांठ मनाई गई थी, तब पंजाब में प्रकाश सिंह बादल की सरकार थी। “तब क्या वो धार्मिक मामलों में दखल नहीं था?” मान ने पूछा।

SGPC पर राजनीतिक हस्तक्षेप का आरोप

CM भगवंत मान ने SGPC प्रमुख हरजिंदर सिंह धामी पर राजनीतिक हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए कहा, “जब धामी लुधियाना और जालंधर उपचुनाव में अकाली दल के पक्ष में प्रचार कर रहे थे, तब क्या वो राजनीति में दखल नहीं था? क्या गुरु साहिब सिर्फ SGPC के हैं?”

मान ने कहा कि कई NGO और धार्मिक संस्थाएं भी इस अवसर पर कार्यक्रम करेंगी और हर किसी को गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को अपने तरीके से मनाने का हक है।

राज्य सरकार द्वारा तय कार्यक्रम

CM ने बताया कि 19 नवंबर से 25 नवंबर तक पंजाब सरकार गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ के मौके पर विभिन्न आयोजन करेगी। उन्होंने सोमवार को इन कार्यक्रमों को लेकर मीटिंग कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया।


SGPC की प्रतिक्रिया: सरकार टकराव की स्थिति बना रही है

दूसरी तरफ, SGPC प्रमुख हरजिंदर सिंह धामी ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह जानबूझकर सिख संस्थाओं को नजरअंदाज करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि SGPC पहले ही अप्रैल 2025 से इस अवसर पर आयोजनों की योजना बना चुकी है, जिसकी शुरुआत गुरुद्वारा गुरु के महल, अमृतसर से हुई है।

धामी ने कहा कि SGPC पूरे देश में पहले से कार्यक्रम कर रही है, और अब पंजाब सरकार का समानांतर कार्यक्रम करवाना संगतमें भ्रम फैलाएगा और खालसा पंथ की परंपराओं के खिलाफ जाएगा।

इतिहास से जुड़ा SGPC का पक्ष

धामी ने कहा कि सिख इतिहास से जुड़ी बड़ी शताब्दियों के आयोजन हमेशा SGPC और पंथ के नेतृत्व में होते आए हैं, जिसमें सरकार सहयोग करती रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार ने अपने कार्यकाल में हुई 12 सिख शताब्दियों के प्रति कोई गंभीरता नहीं दिखाई।

ऐतिहासिक स्मारकों और सड़कों की हालत पर सवाल

SGPC प्रमुख ने राज्य सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि वह श्री आनंदपुर साहिब जाने वाली सड़कों की खराब हालत की अनदेखी कर रही है। उन्होंने बताया कि गढ़शंकर से आनंदपुर साहिब तक सड़क मरम्मत का काम धार्मिक संगठनों को खुद करना पड़ा क्योंकि सरकार ने ध्यान नहीं दिया।

धामी ने यह भी कहा कि गुरु तेग बहादुर जी के साथ शहीद हुए भाई मती दास, भाई सती दास और भाई दयाल के लिए भी उचित स्मारक बनाए जाने की जरूरत है।


निष्कर्ष:

CM भगवंत मान और SGPC के बीच यह विवाद धार्मिक विरासत और आयोजनों की जिम्मेदारी को लेकर गहराता जा रहा है। एक ओर सरकार कह रही है कि हर किसी को गुरु साहिब की शहादत को मनाने का अधिकार है, वहीं SGPC इसे खालसा पंथ की परंपराओं में हस्तक्षेप मान रही है।
अब देखना होगा कि यह विवाद किस मोड़ पर जाता है – सहयोग की दिशा में या और टकराव की ओर।

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पंजाब की महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी! कल खातों में आएगी 3 महीने की राशि, जानें किसे मिलेगा लाभ

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पंजाब की महिलाओं का लंबे समय से चल रहा इंतजार अब खत्म होने वाला है। मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा किए गए वादे के अनुसार 1 जुलाई से महिलाओं के बैंक खातों में योजना की राशि भेजना शुरू किया जाएगा। महिलाओं को ‘मातृ-पुत्री सम्मान योजना’ के तहत तीन महीने की राशि एक साथ मिलने की तैयारी है।

सरकार के अनुसार, अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की पात्र महिलाओं को प्रति माह 1500 रुपये, जबकि सामान्य वर्ग की पात्र महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। चूंकि योजना को 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना गया है, इसलिए पहली किस्त में अप्रैल, मई और जून यानी तीन महीने की राशि एक साथ लाभार्थियों के खातों में भेजी जाएगी।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा था कि महिलाओं का पंजीकरण चाहे किसी भी समय हुआ हो, योजना का लाभ 1 अप्रैल से ही लागू माना जाएगा। ऐसे में पहली बार मिलने वाली राशि तीन माह की एकमुश्त किस्त के रूप में जारी की जाएगी।

सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें सम्मान के साथ आत्मनिर्भर बनाना है। मुख्यमंत्री ने पहले बताया था कि योजना की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और अब इसे लागू किया जा रहा है।

इस योजना का लाभ 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की पात्र महिलाओं को मिलेगा। योजना का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी) जैसे आवश्यक दस्तावेज होना अनिवार्य है।

सरकार का दावा है कि इस योजना से राज्य की लाखों महिलाओं को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा और चुनाव के दौरान किया गया वादा भी पूरा होगा।

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पंजाब को जल्द मिल सकता है नया स्थायी DGP, चयन के लिए आज UPSC की अहम बैठक

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पंजाब को जल्द ही स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) मिलने की संभावना है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) आज पंजाब के नए डीजीपी के चयन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक करेगा। इस बैठक में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के पैनल को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा, जिसके बाद तीन अधिकारियों के नाम पंजाब सरकार को भेजे जाएंगे। इन्हीं तीन नामों में से राज्य सरकार एक अधिकारी को स्थायी डीजीपी नियुक्त करेगी।

यह प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत अपनाई जा रही है। अदालत के आदेश के अनुसार राज्यों में डीजीपी की नियुक्ति UPSC द्वारा तैयार किए गए पैनल में शामिल अधिकारियों में से ही की जाती है।

फिलहाल गौरव यादव जुलाई 2022 से पंजाब के कार्यवाहक डीजीपी के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। पंजाब सरकार ने डीजीपी पद के लिए पात्र 14 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम UPSC को भेजे थे।

वरिष्ठता सूची में डॉ. शरद सत्य चौहान, हरप्रीत सिंह सिद्धू, गौरव यादव और कुलदीप सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम शामिल हैं। यदि UPSC वरिष्ठता और सेवा रिकॉर्ड के आधार पर तीन अधिकारियों का पैनल तैयार करती है, तो गौरव यादव का नाम भी इसमें शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में उनके दोबारा स्थायी डीजीपी बनने की संभावना मजबूत मानी जा रही है।

UPSC की चयन समिति में UPSC के अध्यक्ष, केंद्रीय गृह सचिव या उनके नामित वरिष्ठ अधिकारी, केंद्रीय पुलिस संगठन के प्रमुख (जो किसी राज्य कैडर से न हों), पंजाब के मुख्य सचिव और राज्य के वर्तमान डीजीपी सदस्य के रूप में शामिल होंगे।

अब सभी की नजरें आज होने वाली UPSC की बैठक पर टिकी हैं, क्योंकि इसी बैठक के बाद पंजाब को नया स्थायी डीजीपी मिलने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

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जालंधर में आप ने अकाली दल और भाजपा को दिया बड़ा राजनीतिक झटका, कई दिग्गज नेता पार्टी में शामिल

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आम आदमी पार्टी (आप) ने जालंधर में अकाली दल और भाजपा को बड़ा राजनीतिक झटका दिया है। जालंधर कैंट इलाके में शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी के मजबूत स्तंभ माने जाने वाले कई बड़े और जमीनी नेता अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए हैं।

मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मण ने इन सभी नेताओं को औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल किया और उनका स्वागत किया।

इस मौके पर ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मण ने कहा कि आम आदमी पार्टी की राजनीति का मुख्य मकसद पंजाब का सर्वपक्षीय विकास और आम लोगों को बुनियादी सुविधाएं देना है। उन्होंने कहा कि आज पंजाब का हर वर्ग मुख्यमंत्री भगवंत मान की नीतियों से खुश है, यही वजह है कि राज्य के कोने-कोने से सम्मानित और अनुभवी नेता लगातार आप का हिस्सा बन रहे हैं। पार्टी में शामिल होने वाले सभी नेताओं को पूरा सम्मान दिया जाएगा और उनके सहयोग से जालंधर इलाके में विकास के कामों को और गति मिलेगी।

आम आदमी पार्टी की मेंबरशिप लेने वाले खास नेताओं में मुख्य रूप से शिरोमणि अकाली दल के हलका प्रधान कैंट और सरपंच लवप्रीत, भाजपा कैंट बोर्ड जालंधर यूथ अध्यक्ष आर्यन भट्टी, और भावदास एससी कम्युनिटी के चेयरमैन और पीएसपीसीएल के रिटायर्ड एसडीओ पाल राम भट्टी शामिल हैं। उनके साथ भाजपा ज़िला प्रवक्ता हर्ष भारद्वाज, ज़िला महासचिव रमेश पाल, भाजपा यूथ उपाध्यक्ष मोहितप्रीत सिंह, शिरोमणि अकाली दल के पंचायत सदस्य विजय कुमार, राज रानी और अमरजीत भी आम आदमी पार्टी में शामिल हुए।

पार्टी में शामिल होने वाले नेताओं ने एक आवाज़ में कहा कि वे पुरानी पार्टियों की गुटबाज़ी और जनविरोधी व्यवहार से निराश हैं। वे मुख्यमंत्री भगवंत मान के साफ़-सुथरे और लोगों के लिए काम करने के तरीके से बहुत प्रभावित हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे पार्टी को मज़बूत करने और सरकार की भलाई की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने के लिए पूरी लगन और ईमानदारी से काम करेंगे।

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