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ऊर्जा विकास में पंजाब बना देश में अग्रणी:राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने PEDA को दिया प्रतिष्ठित पुरस्कार

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पंजाब सरकार की ऊर्जा संरक्षण और नवीकरणीय ऊर्जा की दिशा में किए गए अथक प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार 2025 समारोह में पंजाब एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (PEDA) को प्रतिष्ठित ‘स्टेट परफॉर्मेंस अवार्ड – ग्रुप 3’ से सम्मानित किया। यह पुरस्कार मुख्यमंत्री भगवंत मान की दूरदर्शी नीतियों और जनहित में काम करने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। समारोह में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री अरविंद केजरीवाल सहित देश के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

यह पुरस्कार आम आदमी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का परिणाम है

पंजाब के ऊर्जा मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को पंजाब की जनता और मुख्यमंत्री भगवंत मान को समर्पित करते हुए कहा कि यह पुरस्कार आम आदमी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का परिणाम है। उन्होंने कहा कि मान सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में पारदर्शिता लाने, बिजली चोरी रोकने और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। PEDA की ओर से महानिदेशक ने यह सम्मान राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में प्राप्त किया, जो पूरे राज्य के लिए गौरव का क्षण था।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पुरस्कार पंजाब की मेहनतकश जनता और PEDA की टीम की लगन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य पंजाब को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और सतत विकास का मॉडल बनाना है। मान सरकार ने पिछले तीन वर्षों में सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट्स को तेजी से बढ़ावा दिया है और किसानों को सोलर पंप की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विशेष योजनाएं शुरू की हैं। इसके अलावा, बिजली की गुणवत्ता सुधारने और लोड शेडिंग खत्म करने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए गए हैं।

पंजाब में ऊर्जा संरक्षण और नवीकरणीय ऊर्जा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए PEDA ने कई अभियान चलाए हैं। इनमें स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी भवनों में एनर्जी ऑडिट, एलईडी बल्बों का वितरण, और सोलर रूफटॉप योजनाओं का विस्तार शामिल है। राज्य सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्र में भी बिजली दरों को प्रतिस्पर्धी बनाने का काम किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मान सरकार की नीतियों से पंजाब में निवेश का माहौल बेहतर हुआ है और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

पंजाब ने सौर ऊर्जा उत्पादन में पिछले तीन सालों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है

PEDA के अधिकारियों के अनुसार, पंजाब ने सौर ऊर्जा उत्पादन में पिछले तीन सालों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। राज्य में अब तक हजारों मेगावाट की सोलर प्रोजेक्ट्स स्थापित की जा चुकी हैं, और आने वाले समय में इसे और बढ़ाने की योजना है। किसानों को डीजल पंप की जगह सोलर पंप देने से न केवल उनकी लागत कम हुई है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिला है। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति सुधारने के लिए ट्रांसफार्मर और वितरण प्रणाली को मजबूत किया गया है। यह सभी प्रयास मुख्यमंत्री के ‘रंगला पंजाब’ विजन का हिस्सा हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर यह मान्यता पंजाब की छवि को नई ऊंचाई पर ले जाती है। देश के अन्य राज्य अब पंजाब के ऊर्जा मॉडल को अपनाने की दिशा में सोच रहे हैं। केंद्र सरकार ने भी पंजाब के प्रयासों की सराहना की है और राज्य को आगे भी केंद्रीय योजनाओं में प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया है। ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यही गति बनी रही, तो पंजाब जल्द ही भारत का पहला कार्बन न्यूट्रल राज्य बन सकता है। यह उपलब्धि न केवल राज्य के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है।

आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस पुरस्कार को ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान को बधाई दी है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह पुरस्कार साबित करता है कि ईमानदार और जनहित में काम करने वाली सरकारों को देर-सवेर मान्यता जरूर मिलती है। सोशल मीडिया पर भी पंजाब की जनता ने इस खबर का स्वागत किया है और मान सरकार की तारीफ करते हुए कहा है कि पहली बार उन्हें लग रहा है कि राज्य सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।

स्मार्ट मीटर की व्यवस्था, बिजली वितरण में डिजिटलीकरण, और ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर का विकास शामिल है

पंजाब सरकार ने यह भी घोषणा की है कि आने वाले समय में ऊर्जा क्षेत्र में और बड़े सुधार किए जाएंगे। इसमें स्मार्ट मीटर की व्यवस्था, बिजली वितरण में डिजिटलीकरण, और ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर का विकास शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका लक्ष्य है कि हर घर को 24 घंटे गुणवत्तापूर्ण बिजली मिले और बिजली बिलों में पारदर्शिता हो। इसके लिए सरकार ने विशेष बजट भी आवंटित किया है और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत किया है। जनता को भी अपील की गई है कि वे ऊर्जा बचत के प्रति जागरूक रहें और सरकार की योजनाओं का लाभ उठाएं।

यह पुरस्कार पंजाब के लिए सिर्फ एक सम्मान नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने वाला मील का पत्थर है। मान सरकार की प्रतिबद्धता और PEDA की मेहनत ने साबित कर दिया है कि सही नीतियों और ईमानदार प्रशासन से राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सकता है। पंजाब अब ऊर्जा के क्षेत्र में देश का रोल मॉडल बनने की ओर अग्रसर है, और यह सफर जारी रहेगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने संकल्प लिया है कि वे पंजाब को हर क्षेत्र में आगे ले जाएंगे और जनता की सेवा ही उनका सबसे बड़ा धर्म है।

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‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और CM भगवंत सिंह मान ने होशियारपुर में बसों को दिखाई हरी झंडी

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सेवा और श्रद्धा भावना को मुख्य रखते हुए भगवंत सिंह मान सरकार ने ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ का विस्तार किया है, जिसके तहत अब श्रद्धालु श्री खाटू श्याम-सालासर बालाजी, हरिद्वार-ऋषिकेश और मथुरा जी-वृंदावन धाम जैसे पवित्र स्थानों की यात्रा कर रहे हैं। बुधवार को इन स्थानों के लिए श्रद्धालुओं को ले जाने वाली 15 बसों को ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने होशियारपुर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिन्होंने बसों के अंदर जाकर प्रबंधों का जायजा भी लिया और श्रद्धालुओं से बातचीत की।

इस योजना के तहत 50 साल और उससे अधिक उम्र के श्रद्धालु यात्रा कर सकते हैं, जिसमें एक परिवार के अधिकतम दो सदस्य यात्रा करने के योग्य हैं, जबकि सरकार द्वारा ए.सी. स्लीपर बस यात्रा, रहने और खाने-पीने का प्रबंध मुफ़्त किया जा रहा है। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के पहले चरण में अब तक 4 लाख श्रद्धालु श्री अमृतसर साहिब और श्री आनंदपुर साहिब-नैना देवी पर नतमस्तक हो चुके हैं।

श्रद्धालुओं की बसों को हरी झंडी दिखाने से पहले ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, “लोगों के लिए यह उनके जीवन में तीर्थ यात्रा पर जाने का एक बहुत बड़ा अवसर है। हम अभी बसों के अंदर भी गए थे। बसें बहुत ही शानदार, आरामदायक और ए.सी. हैं। लोगों को कुछ भी खर्च करने की जरूरत नहीं है। भगवंत मान सरकार यात्रा, रहने और खाने-पीने का सारा खर्च खुद उठाएगी। श्रद्धालुओं के लिए बहुत अच्छे होटलों के प्रबंध किए गए हैं। वहां पहुंचने के बाद भी अच्छी बसों का प्रबंध किया गया है, इसलिए चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।”

‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने बताया, “आज 15 बसें हरिद्वार-ऋषिकेश, मथुरा जी-वृंदावन धाम और सालासर-श्री खाटू श्याम जा रही हैं। हमने बसों के अंदर लोगों से बात की, जिनमें से कई को पहली बार सालासर और श्री खाटू श्याम जाने का अवसर मिल रहा है। आने वाले महीनों में पंजाब के कुल 1.5 लाख लोगों को विभिन्न तीर्थ स्थानों पर ले जाया जाएगा।”

श्रद्धालुओं की यात्रा के लिए शुभकामनाएं देते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “मैं सभी को बधाई देता हूं और सुखद यात्रा के लिए प्रार्थना करता हूं। मैं प्रार्थना करता हूं कि श्रद्धालु ऐसी आशीषें लेकर लौटें जिससे पंजाब समृद्ध हो, पंजाब के लोग खुश रहें, और पंजाब में खुशी और शांति हो। मैं सभी की खुशी, अच्छी सेहत और एक सफल यात्रा की कामना करता हूं।”

मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत बसों को हरी झंडी दिखाने के अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस पवित्र अवसर पर मैं होशियारपुर, पठानकोट, मुकेरियां और आस-पास के इलाकों से आए सभी लोगों को दिल से बधाई देता हूं, जो खाटू श्याम, सालासर, वृंदावन, मथुरा, ऋषिकेश तथा अन्य स्थानों के दर्शनों के लिए जा रहे हैं। इससे पहले भी दरबार साहिब, राम तीर्थ, अमृतसर साहिब, वाघा बॉर्डर और फतेहगढ़ साहिब जैसे धार्मिक स्थानों के लिए तीर्थ यात्रा बसें चल रही हैं। सभी धर्मों के धार्मिक स्थान इंसानियत और आपसी भाईचारे का संदेश देते हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “आज होशियारपुर से वृंदावन, सालासर, खाटू श्याम, ऋषिकेश और मथुरा के लिए 15 बसें जा रही हैं। हम श्रद्धालुओं से मिले और बसों में बैठे श्रद्धालु बहुत खुश हैं और पहले ही भजन गा रहे हैं। मैं अरदास करता हूं कि उनकी यात्रा शुभ हो, वे खुशी-खुशी, गाते हुए और आनंद मनाते हुए जाएं और पंजाब की भलाई और तरक्की के लिए अरदास करके लौटें। मैं सभी से अपील करता हूं कि वे दर्शनों के लिए जाएं और पंजाब की बेहतरी, तरक्की और अच्छी सेहत के लिए अरदास, दुआ और आरती करके लौटें।”

उन्होंने कहा, “सभी श्रद्धालुओं की यात्रा के लिए एसी स्लीपर बसों का प्रबंध किया गया है और उनके रहने के लिए ए.सी. कमरों का प्रबंध किया जाएगा। पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को निःशुल्क भोजन और देखभाल प्रदान की जाएगी। प्रत्येक श्रद्धालु का चिकित्सा बीमा सुनिश्चित किया जाएगा ताकि किसी भी आपात स्थिति में वे सूचीबद्ध अस्पतालों में मुफ़्त इलाज करवा सकें। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रत्येक बस में एक अटेंडेंट मौजूद रहेगा और प्रत्येक मंजिल पर एक विशेष टीम तैनात की गई है ताकि दर्शन करने की प्रक्रिया सुचारू रूप से हो सके।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “यात्रा पूरी होने पर सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद और यादगार के रूप में पीतल का गिलास भी दिया जाएगा। किसी भी क्षेत्र, जाति या धर्म के लोग इन धार्मिक यात्राओं की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। पंजाब सरकार का यह प्रयास उन वरिष्ठ नागरिकों की इच्छाओं को पूरा कर रहा है जो विभिन्न धार्मिक स्थानों के दर्शन करके आशीर्वाद लेना चाहते हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पांच जिलों होशियारपुर, जालंधर, कपूरथला, पठानकोट और गुरदासपुर के श्रद्धालुओं को लेकर कुल 15 बसें होशियारपुर से विभिन्न धार्मिक स्थानों के लिए रवाना हुई हैं। होशियारपुर, गुरदासपुर, पठानकोट, जालंधर और कपूरथला से 10 बसें ऋषिकेश-हरिद्वार जाएंगी। इसी तरह फगवाड़ा और गुरदासपुर से 2 बसें श्रद्धालुओं को मथुरा-वृंदावन लेकर जाएंगी जबकि जालंधर और गुरदासपुर से 3 बसें श्रद्धालुओं को श्री खाटू श्याम-सालासर लेकर जाएंगी।”

उन्होंने कहा, “योजना के पहले चरण में अब तक 4 लाख श्रद्धालु श्री अमृतसर साहिब और श्री आनंदपुर साहिब-नैना देवी पर नतमस्तक हो चुके हैं। इस तीर्थ यात्रा के लिए विभिन्न जिलों से क्लस्टर बनाए गए हैं। इस तीर्थ यात्रा पर अब तक 148 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं और इन यात्राओं पर 10 लाख श्रद्धालुओं को ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस विशेष तीर्थ यात्रा के लिए श्री आनंदपुर साहिब पर एक टेंट सिटी भी स्थापित की गई है और यात्रा बहुत ही सुचारू रूप से चल रही है।”

इस अवसर पर ‘आप’ के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया तथा अन्य भी उपस्थित थे।

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Politics

CM भगवंत सिंह मान ने जगतार सिंह हवारा को 10 दिन की पैरोल देने के लिए राज्यपाल से मुलाकात की

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की और जगतार सिंह हवारा को मानवीय आधार पर 10 दिन की पैरोल देने के लिए उनके हस्तक्षेप की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 साल बाद उनकी बीमार माता के अपने बेटे से मिलने की उम्मीद फिर से जगी है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस मामले में राज्यपाल की सिफारिश आवश्यक है, क्योंकि मामले की सुनवाई दिल्ली में चल रही है। उन्होंने साथ ही भरोसा दिलाया कि यदि हवारा को पैरोल दी जाती है तो पंजाब सरकार कानून-व्यवस्था पर किसी भी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़ने देने के लिए पूरी जिम्मेदारी निभाएगी।

राज्यपाल से मानवीय आधार पर इस मामले पर विचार करने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जगतार सिंह हवारा पिछले 31 वर्षों से जेल में बंद हैं। उनकी माता वृद्धावस्था में हैं, उम्र से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित हैं और इस समय अर्ध-बेहोशी की अवस्था में हैं। उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए मैंने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि वे जगतार सिंह हवारा को जल्द से जल्द 10 दिन की पैरोल देने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करें, ताकि वह अपनी माता से मिल सकें।”

उन्होंने आगे कहा, “चंडीगढ़ के प्रशासक होने के नाते इस संबंध में फैसला लेने के लिए राज्यपाल की सिफारिश आवश्यक है। इसलिए मामले के मानवीय पहलू और जगतार सिंह हवारा की माता की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए मैंने राज्यपाल से जल्द से जल्द फैसला लेने की अपील की है।”

राज्यपाल को कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए पंजाब सरकार की पूरी जिम्मेदारी का भरोसा दिलाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जगतार सिंह हवारा के अपने घर आने के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने की राज्य सरकार पूरी गारंटी लेती है। उनके समर्थकों और परिवार के सदस्यों ने भी इस संबंध में राज्य सरकार को पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया है।”
उन्होंने आगे कहा, “राज्य सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने और पंजाब में कड़ी मेहनत से हासिल की गई शांति की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस कार्य में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। मैंने राज्यपाल को इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष उठाने के लिए राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा भी दिया है।”

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‘बेअदबी पार्टी’ पूरी तरह से ‘ईडी पार्टी’ और ED की प्रवक्ता बन चुकी है: हरपाल सिंह चीमा

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पंजाब के वित्त मंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के सीनियर लीडर हरपाल सिंह चीमा ने बेअदबी पार्टी’ (शिरोमणि अकाली दल) और ‘ईडी पार्टी’ (भाजपा) पर तीखा हमला किया। उन्होंने एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) और डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) के बीच हुए लेटर के बारे में अकाली दल के बयानों की कड़ी निंदा की।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “‘चिट्टा पार्टी’ (अकाली दल) ने अपने सभी उसूल छोड़ दिए हैं और अब ‘ईडी पार्टी’ (भाजपा) और सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन एजेंसियों के लिए माउथपीस के तौर पर काम कर रही है। यह हैरानी की बात है कि अकाली दल ईडी द्वारा डीजीपी को भेजे गए लेटर को आम आदमी पार्टी को बदनाम करने के हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है।”

उन्होंने आगे कहा, “इससे साफ पता चलता है कि शिरोमणि अकाली दल भाजपा की एक विंग और माउथपीस के तौर पर काम कर रहा है, जो अपनी खोई हुई राजनितिक ज़मीन वापस पाने की बेकार कोशिश कर रही है।”

2007 से 2017 के बुरे दौर को याद करते हुए, उन्होंने पंजाब के सामाजिक ताने-बाने, अर्थव्यवस्था और युवाओं को बर्बाद करने के लिए सीधे तौर पर उस समय की अकाली-भाजपा सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “पंजाब के लोग ड्रग्स (चिट्टा) की बीमारी, श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी और बड़े पैमाने पर फैले भ्रष्टाचार को नहीं भूले हैं, जिसकी वजह से राज्य को ‘उड़ता पंजाब’ की दर्दनाक पीड़ा झेलनी पड़ी।”

मंत्री ने दावा किया, “अकाली-भाजपा के 10 साल के शासन में, पंजाब हर तरह से बर्बाद हो गया। माता-पिता को अपनी ज़मीन, घर और ज़िंदगी भर की कमाई बेचकर अपने बच्चों को विदेश भेजने के लिए मजबूर होना पड़ा, इस डर से कि सरकार द्वारा पाले-पोसे गए ड्रग माफिया उनका भविष्य बर्बाद कर देंगे।”

केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए, आप नेता ने डॉ. बीआर अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान को केंद्र द्वारा योजनाबद्ध तरीके से नुकसान पहुंचाने की निंदा की। उन्होंने कहा, “ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स जैसी सेंट्रल एजेंसियों का इस्तेमाल अक्सर विपक्षी नेताओं को डराने, स्थानीय प्रशासन को धमकाने और देश भर में चुनी हुई राज्य सरकारों को गिराने के लिए किया जाता है, जैसा कि पश्चिम बंगाल, बिहार में किया जा रहा है और आप लीडरशिप को टारगेट किया जा रहा है।”

उन्होंने आगे कहा, “भाजपा का डेमोक्रेटिक वैल्यू या संविधान में कोई भरोसा नहीं है। जब भी चुनाव पास आते हैं या कोई विपक्षी सरकार मज़बूती से सत्ता में होती है, तो सेंट्रल एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को डराने और सरकारों को गिराने के लिए किया जाता है।”

अपने भाषण के अंत में, हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब के लोग अकाली दल की मौकापरस्त राजनीति और भाजपा के साथ उसके ऐतिहासिक गठबंधन को अच्छी तरह जानते हैं। उन्होंने कहा, “जो पार्टी कभी पंजाब के हितों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करती थी, वह अब अपनी राजनीतिक खाल बचाने के लिए सेंट्रल एजेंसियों के इशारों पर चल रही है। पंजाब के लोग इन सस्ती राजनीतिक चालों को अच्छी तरह समझते हैं। न तो ईडी और न ही अकाली दल पंजाबियों को गुमराह करने या आप सरकार के प्रगतिशील शासन को पटरी से उतारने में कामयाब होगा।”

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