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पंजाब में जनगणना 2026 की तैयारी पूरी, पहली बार डिजिटल सिस्टम से होगा सर्वे

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पंजाब में जनगणना 2026 (Population Census 2026) की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार जनगणना प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, क्योंकि पहली बार इसे पूरी तरह डिजिटल फॉर्मेट में किया जाएगा। मोबाइल एप और डिजिटल मैपिंग टूल्स की मदद से डेटा एकत्र किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया अधिक तेज़ और सटीक होने की उम्मीद है।

पहला चरण मई 2026 से शुरू

जनगणना का पहला चरण, जिसमें मकानों की सूची और आवासीय सर्वे शामिल होगा, 15 मई 2026 से 13 जून 2026 तक चलेगा। इस दौरान लगभग 65,000 कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों से करीब 33 सवालों के आधार पर जानकारी एकत्र करेंगे। इसमें मकान की स्थिति, निर्माण सामग्री, बिजली-पानी की सुविधा, इंटरनेट, टीवी और अन्य संपत्तियों से जुड़ी जानकारी शामिल होगी।

लोग खुद भी भर सकेंगे जानकारी

इस बार सरकार ने नागरिकों को एक बड़ी सुविधा दी है। 30 अप्रैल से 14 मई 2026 तक लोग स्वयं ऑनलाइन अपने परिवार की जानकारी भर सकेंगे, जिसे Self Enumeration (स्व-गणना) कहा जा रहा है। इससे नागरिक अपनी जानकारी सीधे डिजिटल पोर्टल पर दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद मुख्य जनगणना का विस्तृत चरण फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति की विस्तृत जानकारी रिकॉर्ड की जाएगी।

पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल और आधुनिक

स्थानीय प्रशासन विभाग के अनुसार इस बार जनगणना पूरी तरह पेपरलेस होगी। डेटा संग्रह, प्रोसेसिंग और मैपिंग सभी डिजिटल माध्यमों से किया जाएगा। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि डेटा की सटीकता भी बढ़ेगी। सभी कर्मचारियों को पहले ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है ताकि सर्वेक्षण सुचारू रूप से पूरा किया जा सके।

65 लाख परिवारों का विशेष सर्वे भी शुरू

जनगणना के साथ-साथ पंजाब सरकार ने एक और महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। 1 अप्रैल 2026 से “ड्रग और सामाजिक-आर्थिक जनगणना” भी शुरू की गई है। इसका उद्देश्य राज्य में नशे की समस्या का डेटा इकट्ठा करना और प्रभावी पुनर्वास नीतियां तैयार करना है।

इस विशेष सर्वे में लगभग 65 लाख परिवारों को शामिल किया जाएगा और करीब 28,000 कर्मचारी इस तीन महीने के अभियान में काम करेंगे। इसके लिए लगभग 150 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।

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पंजाब में मौसम ने ली करवट, 4 दिन बारिश-आंधी का अलर्ट, गर्मी से मिलेगी राहत

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भीषण गर्मी और लू के लंबे दौर के बाद पंजाब के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से गुरुवार को राज्य के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार राज्य का औसत तापमान करीब 3.8 डिग्री सेल्सियस तक कम हुआ है और यह सामान्य से 2.5 डिग्री नीचे पहुंच गया है।

मौसम विभाग ने पंजाब के लिए अगले चार दिनों तक गरज-चमक, बिजली गिरने, तेज हवाएं चलने और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी जारी की है। 12 जून के लिए पूरे पंजाब में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। विभाग का कहना है कि इस दौरान मौसम लगातार सक्रिय रहेगा और लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

मौसम विभाग के अनुसार पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 13 से 17 जून तक बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रह सकता है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भी गरज के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी मौसम विभाग ने बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है, जबकि हिमाचल प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों तक मौसम खराब रह सकता है। राजस्थान के कई इलाकों में बारिश के साथ धूल भरी आंधी चलने की चेतावनी दी गई है।

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NEET-UG री-एग्जाम के लिए NTA का बड़ा फैसला, उत्तर पुस्तिका का लेआउट बदला, रफ वर्क के लिए मिलेंगे ज्यादा पेज

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NEET-UG री-एग्जाम को लेकर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने कई महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है। पेपर लीक विवाद के बाद 21 जून को आयोजित होने वाली दोबारा परीक्षा के लिए उम्मीदवारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उत्तर पुस्तिका के लेआउट और परीक्षा अवधि में बदलाव किए गए हैं।

NTA के अनुसार, अब अभ्यर्थियों को रफ वर्क के लिए पहले से अधिक जगह उपलब्ध कराई जाएगी। पहले प्रश्न पत्र में रफ कार्य के लिए केवल दो पेज दिए जाते थे, लेकिन अब इसकी संख्या बढ़ाकर चार कर दी गई है। नए प्रारूप के तहत दो पेज प्रश्न पत्र की शुरुआत में और दो पेज अंत में होंगे, ताकि छात्र अपनी सुविधा के अनुसार उनका उपयोग कर सकें।

एजेंसी ने बताया कि यह बदलाव छात्रों से मिले फीडबैक के आधार पर किया गया है। विशेष रूप से बाएं हाथ से लिखने वाले विद्यार्थियों को पुराने लेआउट में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए नया डिजाइन तैयार किया गया है। यह व्यवस्था अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं के सभी प्रश्न पत्रों में लागू होगी।

इसके अलावा, NEET-UG री-एग्जाम की अवधि भी बढ़ा दी गई है। अब उम्मीदवारों को प्रश्न पत्र हल करने के लिए कुल 195 मिनट का समय मिलेगा, जो पहले से 15 मिनट अधिक है। NTA का कहना है कि यह अतिरिक्त समय उपस्थिति दर्ज करने, हस्ताक्षर करने और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए दिया गया है।

परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की जाएगी। NTA के अनुसार, इन बदलावों का उद्देश्य छात्रों को अधिक सुविधाजनक, पारदर्शी और बेहतर परीक्षा अनुभव प्रदान करना है।

गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित NEET-UG परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद विवादों में आ गई थी। मामले की जांच Central Bureau of Investigation (CBI) द्वारा की जा रही है। इसके बाद NTA ने परीक्षा रद्द कर दी थी और अब 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया है।

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लुधियाना पहुंचे मंत्री हरजोत बैंस, ‘मिशन क्लीन पंजाब’ के तहत सफाई व्यवस्था का लिया जायजा

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पंजाब सरकार के ‘मिशन क्लीन पंजाब’ अभियान के तहत कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस लुधियाना पहुंचे, जहां उन्होंने शहर के विभिन्न इलाकों का दौरा कर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सफाई कर्मचारियों और अधिकारियों से बातचीत कर जमीनी स्तर पर चल रहे कार्यों की समीक्षा की।

मंत्री हरजोत बैंस ने कहा कि पंजाब सरकार लुधियाना को साफ-सुथरा और सुंदर शहर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि ‘मिशन क्लीन पंजाब’ के तहत प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 8 बजे तक अधिकारी मैदान में उतरकर सफाई व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों के निरीक्षण के दौरान जहां भी कोई कमी पाई गई है, उसे तुरंत दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सफाई कर्मचारियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को भी सुना गया है।

मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने कहा कि शहर में सीवरेज ओवरफ्लो और जलभराव की समस्या से निपटने के लिए विशेष योजना तैयार की जा रही है। जिन क्षेत्रों में सीवरेज और ड्रेनेज से जुड़ी समस्याएं सामने आ रही हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा।

हरजोत बैंस ने बताया कि सरकार का लक्ष्य पूरे शहर को ‘जीरो मैनहोल सिटी’ बनाना है। इसके तहत प्रत्येक पार्षद और जूनियर इंजीनियर (JE) से उनके क्षेत्र में खुले मैनहोल न होने का प्रमाणपत्र लिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रमाणपत्र जारी होने के बाद भी यदि किसी क्षेत्र में खुला मैनहोल पाया गया तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उसे निलंबित भी किया जा सकता है।

मंत्री ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा और शहर की स्वच्छता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। ‘मिशन क्लीन पंजाब’ के माध्यम से राज्य सरकार स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।

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