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PM बोले – Sardar Patel चाहते थे पूरा Kashmir भारत का हिस्सा बने, लेकिन नेहरू ने रोका; जो अंग्रेज नहीं कर पाए वो Congress ने कर दिया
सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को गुजरात के नर्मदा जिले के एकता नगर पहुंचे। उन्होंने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (182 मीटर ऊंची प्रतिमा) पर पुष्पांजलि अर्पित की और इसके बाद राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में शामिल हुए।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरदार पटेल पूरे कश्मीर को भारत का हिस्सा बनाना चाहते थे, लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने ऐसा नहीं होने दिया। मोदी ने कहा – “कश्मीर को अलग संविधान और झंडे के साथ बांट दिया गया। कांग्रेस की गलती की आग में देश दशकों तक जलता रहा।”
परेड में महिला अफसरों ने संभाली कमान
राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में इस बार सभी टुकड़ियों का नेतृत्व महिला अफसरों ने किया।
परेड में BSF, CISF, ITBP, CRPF, NSG समेत कुल 16 टुकड़ियाँ शामिल हुईं।
इसके अलावा BSF के 16 पदक विजेता, CRPF के 5 शौर्य चक्र विजेता और 100 सदस्यीय हेराल्डिंग टीम ने भी हिस्सा लिया।
परेड में 9 बैंड टुकड़ियाँ और 4 स्कूल बैंड ने प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के दौरान वायुसेना की सूर्यकिरण टीम ने शानदार फ्लाईपास्ट किया।
साथ ही BSF का डॉग शो, NSG का हेल मार्च, CRPF और गुजरात पुलिस की महिला विंग की राइफल ड्रिल, और असम पुलिस के मोटरसाइकिल स्टंट ने दर्शकों का मन मोह लिया।
गणतंत्र दिवस जैसी परेड और झांकियाँ
इस मौके पर गणतंत्र दिवस की तर्ज पर 10 झांकियाँ निकाली गईं।
इनमें जम्मू-कश्मीर, अंडमान-निकोबार, पुडुचेरी, महाराष्ट्र, गुजरात, मणिपुर, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड जैसे राज्यों की झांकियाँ शामिल थीं।
हर झांकी ने अपने राज्य की संस्कृति, परंपरा और एकता का संदेश दिया।
PM मोदी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को अंग्रेजों से “गुलाम मानसिकता” विरासत में मिली है।
उन्होंने कहा –
“जब अंग्रेजों ने 1905 में बंगाल का विभाजन किया, तो वंदे मातरम् देश की एकता की आवाज बन गया था। अंग्रेजों ने इसे रोकने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहे।
जो काम अंग्रेज नहीं कर पाए, वो कांग्रेस ने कर दिया। कांग्रेस ने धार्मिक आधार पर वंदे मातरम् का एक हिस्सा हटा दिया और समाज को बाँट दिया।”
कश्मीर और कांग्रेस की नीतियों पर हमला
मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने कभी सरदार पटेल की नीतियों को नहीं अपनाया।
इसका नतीजा देश को हिंसा और आतंकवाद के रूप में भुगतना पड़ा।
उन्होंने कहा –
“कांग्रेस की गलतियों से कश्मीर का एक हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे में चला गया।
कांग्रेस हमेशा आतंकवाद के आगे झुकी रही, लेकिन हमने ऐसा नहीं किया।”
राष्ट्रीय सुरक्षा और घुसपैठ पर चिंता
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश की एकता और सुरक्षा घुसपैठियों से खतरे में है।
उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें इस गंभीर मुद्दे पर आँखें मूँदकर बैठी रहीं, क्योंकि उन्हें वोट बैंक की राजनीति करनी थी।
मोदी बोले –
“हमने पहली बार इस चुनौती का सीधा सामना करने का साहस दिखाया है।
अब हम देश की अखंडता और सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे।”
नक्सलवाद और आतंकवाद पर भी बोले पीएम
मोदी ने कहा कि 2014 से पहले 125 जिले नक्सलवाद से प्रभावित थे,
लेकिन अब यह संख्या घटकर सिर्फ 11 जिले रह गई है, जिनमें भी 3 गंभीर रूप से प्रभावित हैं।
उन्होंने कहा –
“यह लौह पुरुष सरदार का भारत है। जब तक देश नक्सलवाद, माओवाद और आतंकवाद से पूरी तरह मुक्त नहीं हो जाता, हम चैन से नहीं बैठेंगे।”
‘इतिहास रचने वाले’ थे सरदार पटेल
पीएम मोदी ने कहा –
“सरदार पटेल इतिहास लिखने में नहीं, इतिहास रचने में विश्वास रखते थे।
उन्होंने आज़ादी के बाद 550 से ज्यादा रियासतों को एकजुट किया।
एक भारत, श्रेष्ठ भारत का सपना उन्हीं की देन है।”
मोदी ने देशवासियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलाई।
भारत पर्व 2025 का ऐलान
इस मौके पर पीएम ने घोषणा की कि 1 से 15 नवंबर तक ‘भारत पर्व 2025’ का आयोजन एकता नगर में होगा।
इस दौरान देश की संस्कृति, कला, और विविधता में एकता की भावना को प्रदर्शित किया जाएगा।
हर शाम दो राज्यों की सांस्कृतिक झलकियाँ पेश की जाएंगी।
देशभर में एकता दिवस के कार्यक्रम
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिल्ली में सरदार पटेल को श्रद्धांजलि दी।
- गृहमंत्री अमित शाह ने “रन फॉर यूनिटी” को हरी झंडी दिखाई।
- तेलंगाना में एक्टर चिरंजीवी ने इस रन में हिस्सा लिया।
- उत्तर प्रदेश में सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि देशभर में 600 स्थानों पर रन फॉर यूनिटी आयोजित किया गया।
- हरियाणा के फतेहाबाद में सीएम सैनी ने धावकों पर फूल बरसाए।
समापन
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “सरदार पटेल की सोच ही भारत की एकता की नींव है।”
उन्होंने जनता से अपील की कि हर नागरिक ऐसा कोई भी काम या विचार त्यागे, जो देश की एकता को कमजोर करे।
कार्यक्रम के अंत में लोगों ने एक सुर में कहा –
“वंदे मातरम्, भारत माता की जय!”
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अमेरिका-ईरान समझौते की उम्मीदों से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, पेट्रोल-डीजल भी हो सकता है सस्ता!
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते तथा होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए तेल आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीदों ने वैश्विक तेल बाजार को राहत दी है। इसके साथ ही भारत में भी लोगों की नजरें पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर टिकी हुई हैं।
हाल ही में पश्चिम एशिया में तनाव और युद्ध जैसे हालात के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई थी। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिला और इसका असर भारत समेत कई देशों के ईंधन बाजार पर भी पड़ा।
अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ने तथा होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए तेल परिवहन सामान्य होने की संभावनाओं के चलते कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। वैश्विक बाजार में WTI कच्चा तेल घटकर 80.47 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जबकि ब्रेंट क्रूड करीब 4 प्रतिशत गिरकर 83.28 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। वहीं इंडियन बास्केट में भी कच्चे तेल की कीमत लगभग 93.19 डॉलर प्रति बैरल दर्ज की गई है।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें केवल कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर नहीं करतीं। इनमें केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स, रिफाइनिंग लागत, परिवहन खर्च और तेल कंपनियों का मार्जिन भी शामिल होता है।
यदि कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक निचले स्तर पर बनी रहती हैं और तेल कंपनियों को लागत में स्थायी राहत मिलती है, तो देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी देखने को मिल सकती है।
ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों के अनुसार यदि ब्रेंट क्रूड की कीमत मौजूदा स्तर से नीचे बनी रहती है, तो आने वाले हफ्तों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 1 से 3 रुपये प्रति लीटर तक की कटौती संभव है। हालांकि इस संबंध में अंतिम फैसला तेल विपणन कंपनियों और सरकार की कर नीति पर निर्भर करेगा।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी का सीधा लाभ आम लोगों को मिल सकता है। इससे परिवहन लागत कम होगी, महंगाई पर दबाव घटेगा और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में भी स्थिरता आ सकती है। इसके अलावा हवाई किराए, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक उत्पादन की लागत में भी कमी आ सकती है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा मिल सकता है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई यह नरमी भारतीय उपभोक्ताओं को कब और कितनी राहत दिला पाती है।
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अकाली दल को बड़ा झटका! मनप्रीत इयाली ‘वारिस पंजाब दे’ में हुए शामिल
पंजाब की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। दाखा से शिरोमणि अकाली दल के विधायक मनप्रीत सिंह इयाली मंगलवार को औपचारिक रूप से ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन में शामिल हो गए। उनके इस फैसले को पंजाब की पंथक राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
संगठन में शामिल होने के बाद मनप्रीत सिंह इयाली ने कहा कि उन्होंने बिना किसी शर्त और पद की अपेक्षा के इस मंच का साथ चुना है। उनका उद्देश्य पंजाब की पंथक और क्षेत्रीय ताकतों को एकजुट करना तथा राज्य से जुड़े अहम मुद्दों को मजबूती से उठाना है।
इयाली ने स्पष्ट किया कि वह फिलहाल विधायक पद से इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि कानूनी और तकनीकी रूप से वह अभी भी शिरोमणि अकाली दल के विधायक हैं। उन्होंने बताया कि ‘वारिस पंजाब दे’ फिलहाल एक सामाजिक और संगठनात्मक मंच है, न कि चुनाव आयोग में पंजीकृत राजनीतिक दल, इसलिए विधायक पद छोड़ने का कोई सवाल नहीं उठता।
उन्होंने कहा कि पंजाब के कई महत्वपूर्ण मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं, जिनमें राज्य के पानी का मुद्दा, पंजाबी भाषी क्षेत्रों का मामला, चंडीगढ़ पर पंजाब का अधिकार और अन्य क्षेत्रीय हित शामिल हैं। इन मुद्दों को नई ऊर्जा और मजबूती के साथ उठाया जाएगा।
मनप्रीत इयाली ने कहा कि पंजाब, पंजाबी पहचान और पंथक विचारधारा को मजबूत करने के लिए समान सोच रखने वाली सभी ताकतों को एक मंच पर आने की जरूरत है। उनके इस कदम के बाद पंजाब की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं और आने वाले समय में इसके राजनीतिक असर देखने को मिल सकते हैं।
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पंजाब की बेटियों ने बढ़ाया देशभर में मान, अमन अरोड़ा ने किया सम्मानित
रक्षा सेवाओं में अपने परिवार और पंजाब का नाम रोशन करने वाली होनहार बेटियों महिकप्रीत कौर और कोमलप्रीत कौर को आज चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान कैबिनेट मंत्री एवं आम आदमी पार्टी पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने सम्मानित किया।
रूपनगर जिले के पपराली गांव के एक किसान परिवार से संबंध रखने वाली महिकप्रीत कौर ने एयर फोर्स अकादमी की मेरिट सूची में पूरे देश में पहला स्थान हासिल कर पंजाब का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि को राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
वहीं, अमृतसर के शाहूरा गांव की रहने वाली और सैन्य परिवार से संबंध रखने वाली कोमलप्रीत कौर ने नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA) प्रवेश परीक्षा में देशभर में 18वां रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा और मेहनत का परिचय दिया है।
इस अवसर पर अमन अरोड़ा ने दोनों बेटियों को बधाई देते हुए कहा कि महिकप्रीत और कोमलप्रीत पंजाब की युवा पीढ़ी, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि इनकी सफलता यह साबित करती है कि पंजाब की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और अवसर मिलने पर राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं।
उन्होंने बताया कि माई भागो आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट और महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट से अब तक 377 से अधिक युवा देश की सशस्त्र सेनाओं में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब देश का एकमात्र राज्य है, जहां लड़कियों के लिए रक्षा सेवाओं की तैयारी हेतु विशेष संस्थान संचालित किया जा रहा है।
अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार का उद्देश्य युवाओं, खासकर बेटियों को रक्षा सेवाओं में आगे बढ़ने के लिए हर संभव अवसर और सहयोग उपलब्ध कराना है, ताकि वे देश सेवा के अपने सपनों को साकार कर सकें।
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