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विपक्ष पंजाब के लोगों को गुमराह करने के लिए 10 लाख रुपये की स्वास्थ्य योजना के बारे में गलत प्रचार कर रहा है: डॉ. बलबीर सिंह

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने रविवार को कहा कि विपक्ष 10 लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा योजना के बारे में लोगों को गुमराह करने के लिए जानबूझकर मुहिम चला रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष गैर-सूचीबद्ध अस्पतालों की इक्का-दुक्का घटनाओं का इस्तेमाल करके योजना के साबित हो चुके प्रभाव को नजरअंदाज करते हुए इसे असफल दिखाने की कोशिश कर रहा है। पार्टी ने बताया कि 1.72 लाख से अधिक मरीज पहले ही 292 करोड़ रुपये का इलाज करवा चुके हैं। पार्टी ने दावा किया कि तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने की यह कोशिश या तो सरकारी योजनाओं की बुनियादी समझ की कमी को दर्शाती है या फिर लाभार्थियों में भ्रम पैदा करने और एक बड़ी जनकल्याणकारी पहल को कमजोर करने की सोची-समझी साजिश है।

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कांग्रेसी नेता प्रताप सिंह बाजवा द्वारा अमृतसर के एक मरीज की वीडियो साझा किए जाने पर सीधा जवाब दिया। डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि वीडियो में दिखाया गया अस्पताल ‘शूर हॉस्पिटल’ मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत सूचीबद्ध (एम्पैनल्ड) नहीं है। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत 600 से अधिक निजी अस्पताल सूचीबद्ध हैं और इलाज का लाभ केवल इन्हीं पंजीकृत संस्थानों में मिलता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के किसी नेता के लिए तथ्यों की जांच किए बिना ऐसी सामग्री साझा करना बेहद गैर-जिम्मेदाराना है, क्योंकि इससे न सिर्फ जनता गुमराह होती है बल्कि लाभार्थियों में बेवजह दहशत भी पैदा होती है।

उन्होंने ऐसी योजनाओं के ढांचे के बारे में और स्पष्ट करते हुए कहा कि अस्पतालों का सूचीबद्ध होना स्वैच्छिक है। डॉ. बलबीर सिंह ने आगे कहा कि आयुष्मान भारत योजना जैसी स्कीमों के तहत अस्पतालों की भागीदारी स्वैच्छिक होती है और किसी भी अस्पताल को शामिल होने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। इसलिए गैर-सूचीबद्ध अस्पतालों की घटनाओं को योजना की विफलता के रूप में पेश करना तथ्यों के आधार पर गलत और भ्रामक है।

इस पहल के स्तर और प्रभाव पर रोशनी डालते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने पंजाब के लोगों को मिले प्रत्यक्ष लाभों पर जोर दिया। डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि 1.72 लाख से अधिक मरीज पहले ही 292 करोड़ रुपये का इलाज करवा चुके हैं, जिसमें दिल की सर्जरी, दिमाग के ऑपरेशन, जोड़ों के बदलने और इमरजेंसी एक्सीडेंट केयर जैसे गंभीर इलाज शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े योजना की प्रभावशीलता और पहुंच को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं और इसे बदनाम करने की कोशिशें निंदनीय हैं।

भ्रम फैलाने की कथित कोशिश पर सवाल उठाते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने जवाबदेही की मांग की। डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि प्रताप सिंह बाजवा को गलत जानकारी फैलाने और लोक-कल्याणकारी पहल के बारे में भ्रम पैदा करने की कोशिश करने के लिए पंजाब के लोगों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

आप पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने भी पलटवार करते हुए सुखबीर सिंह बादल, हरसिमरत कौर बादल और राजा वड़िंग सहित विपक्षी नेताओं की प्रशासनिक समझ पर सवाल उठाए। कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि बाजवा और बादल जैसे नेता सालों तक उच्च पदों पर रहने के बावजूद सरकारी योजनाओं के बुनियादी कामकाज को समझने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह हैरानी की बात है कि जो लोग उप मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सांसद और वरिष्ठ नेता रहे हैं, उन्हें अभी तक यह नहीं पता कि ऐसी योजनाओं के तहत केवल सूचीबद्ध अस्पताल ही इलाज प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि इन नेताओं के बयान या तो उनकी अज्ञानता को उजागर करते हैं या फिर लोगों को गुमराह करने के उनके इरादे को बेनकाब करते हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि योजना के अंतर्गत केवल स्वीकृत अस्पतालों को ही अधिकार दिया गया है और गलत जानकारी फैलाने के खिलाफ चेतावनी दी। कुलदीप सिंह धालीवाल ने आगे कहा कि पंजाब में हजारों अस्पताल हैं, लेकिन योजना के तहत केवल सरकार के स्वीकृत पैनल में शामिल अस्पताल ही अधिकृत हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की सही राह दिखाने की बजाय ये नेता उन्हें उलझा रहे हैं और झूठा प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ गैर-जिम्मेदाराना है बल्कि लाखों गरीब परिवारों को लाभ पहुंचाने वाली योजना को कमजोर करने की कोशिश है।

ऐसी टिप्पणियों के पीछे के इरादे पर सवाल उठाते हुए आप पंजाब के मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि विपक्षी नेता जनहित से ज्यादा अपने सियासी वजूद को तरजीह दे रहे हैं। कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि विपक्षी नेता सिर्फ अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने और चर्चा में बने रहने के लिए बेबुनियाद बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि टिप्पणी करने से पहले इन नेताओं को कम से कम सरकारी वेबसाइटों की जांच करनी चाहिए या तथ्यों की पुष्टि करनी चाहिए, क्योंकि उनके लापरवाही भरे बयान शर्मिंदगी का कारण बन गए हैं।

उन्होंने नागरिकों से केवल प्रमाणित जानकारी पर भरोसा करने की अपील भी की। कुलदीप सिंह धालीवाल ने दोहराया कि पंजाब के लोगों को ऐसे प्रचार से गुमराह नहीं होना चाहिए और केवल प्रमाणित जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 10 लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा योजना प्रभावशाली ढंग से काम कर रही है और आम लोगों को बड़ी राहत प्रदान करना जारी रखे हुए है।

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पंजाब में मानसून सक्रिय, भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी

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पंजाब में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। राज्य के कई जिलों में हो रही बारिश ने जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत दी है, वहीं मौसम विभाग ने आज भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पठानकोट और पंजाब के कई अन्य हिस्सों में बारिश के कारण अधिकतम तापमान में 0.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। अब राज्य का तापमान सामान्य से 2.6 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया है।

पठानकोट में रातभर भारी बारिश हुई, जबकि चंडीगढ़ में सुबह 6 बजे से ही तेज बारिश हो रही है।

चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र ने आज 22 जुलाई को पंजाब में भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य के सभी जिलों में तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस से कम दर्ज किया गया, जिसमें बठिंडा सबसे गर्म रहा।

पंजाब के कुल 20 जिलों में आज बारिश होने की संभावना है। इनमें से 11 जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इनमें पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर (शहीद भगत सिंह नगर), रूपनगर और मोहाली शामिल हैं, जहां अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश, गरज और बिजली गिरने की संभावना है। अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला के लिए भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

इस बीच, आधी रात से हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भी भारी बारिश जारी है। कुल्लू जिले में मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके चलते कई सड़कें बंद हो गई हैं। स्थिति को देखते हुए कुल्लू के डिप्टी कमिश्नर के निर्देश पर जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आज 22 जुलाई को आनी, बंजार और निरमंड सब-डिवीजनों के सभी शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी का ऐलान किया है।

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जंतर-मंतर पर देश का लाखों युवा जमा है, सरकार उनकी बात सुनने की बजाय उन पर लाठी चार्ज करवा रही है, ये ठीक नहीं है- केजरीवाल

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देश की राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में सुधार व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे युवाओं पर लाठी चार्ज करने पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर देश का लाखों युवा जमा है। सरकार उनकी बात सुनने की बजाय उन पर लाठी चार्ज करवा रही है। ये ठीक नहीं है। मैं सरकार से अपील करता हूं कि ये हमारे ही देश के बच्चे हैं जो न्याय मांगने सड़कों पर उतरे हैं। प्रधानमंत्री जी, अहंकार छोड़िए और इनकी बात सुनिए। इन युवाओं का गुस्सा संभालिए। ये युवा आपका अहंकार कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।

पंजाब दौरे पर गए जंतर मंतर पर युवाओं के आंदोलन को लेकर “आप” के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में कितने ज्यादा लोग इकट्ठे हो गए हैं। पूरा कनॉट प्लेस भर गया है, जनपथ भर गया है और जंतर-मंतर भी भर गया है। पूरे देश भर से हजारों-लाखों की संख्या में युवा आए हुए हैं और सरकार उन पर अपनी पूरी दमन शक्ति का इस्तेमाल कर रही है। पुलिस उन पर लाठीचार्ज कर रही है और उन्हें पीट रही है। वहां इंटरनेट बंद कर दिया गया है और युवाओं को संसद जाने से रोका जा रहा है। यह बिल्कुल गलत है, युवा आखिर जाएं तो जाएं कहां?

अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि पहले सरकार इनके पेपर लीक करा देती है, फिर जब पेपर दोबारा होता है तो उसके इवैल्यूएशन में पूरी गड़बड़ी हो जाती है। बच्चे शिकायत पर शिकायत करते हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं होती। आखिर बच्चे जाएं कहां, सरकार ने तो उनका भविष्य ही बर्बाद कर दिया है। अब जब वे न्याय मांगने के लिए सड़क पर उतरते हैं, तो उन पर लाठीचार्ज करवाया जाता है। यह बिल्कुल सही नहीं है और बच्चों में इसे लेकर बहुत ज्यादा गुस्सा है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं मोदी जी से कहना चाहता हूं कि आप बच्चों के गुस्से को संभालें, नहीं तो यह आपके लिए बहुत भारी पड़ेगा। बच्चों के साथ बैठकर बात कीजिए, ये हमारे ही देश के बच्चे हैं। सरकार इनके साथ बैठकर बात क्यों नहीं करती, आखिर इतना अहंकार क्यों है? 

वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि बहुत से बच्चे ऐसे हैं जो यह सोचते हैं कि किताब मेरी जिंदगी और मेरे परिवार का भविष्य बदल देगी और मैं किताब पढूंगा। बच्चे सुबह 3 बजे का अलार्म लगाकर पढ़ने बैठते हैं। उनकी 14-14 घंटे की सिटिंग होती है, तब जाकर कहीं वे नीट एग्जाम की तैयारी करते हैं। लेकिन परीक्षा से एक-दो दिन पहले पता चलता है कि पेपर तो लीक हो गया। बड़े-बड़े अमीर लोगों ने पेपर खरीद लिया है और अब केवल उन्हीं के बच्चे आगे आएंगे। यह बिल्कुल सही नहीं है। जंतर-मंतर पर हमारे छात्रों का जो प्रदर्शन चल रहा है, मैं उसका पूरा समर्थन करता हूं। हम सब छात्रों के साथ हैं।

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