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Punjab

गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत पुण्यतिथि पर विकास योजना से गांवों में आई खुशी की लहर

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पंजाब के कई गांवों में इन दिनों खुशी और उत्साह का माहौल है. मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में प्रत्येक चयनित गांव को 50-50 लाख रुपये का विशेष अनुदान देने की घोषणा के बाद ग्रामीणों ने इस पहल का खुले दिल से स्वागत किया है. 

ग्रामीणों ने व्यक्त किया आभार

प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों ने सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों से प्रतीक्षित विकास कार्य अब संभव हो पाएंगे. आम आदमी पार्टी के नेताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न धार्मिक स्थलों पर आयोजित समारोहों में ग्रामीण पंचायतों को यह राशि सौंपने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की.

फेज के पवित्र गुरुद्वारों में आयोजित विशेष कार्यक्रमों में पंचायत सदस्यों और ग्रामीण प्रतिनिधियों ने इस योजना को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह अनुदान उनके गांवों की दशा बदलने में निर्णायक भूमिका निभाएगा. स्थानीय सरपंचों ने बताया कि लंबे समय से गांवों में टूटी-फूटी सड़कों, पेयजल संकट, सीवरेज की समस्या और बुनियादी ढांचे की कमी जैसी चुनौतियां सामने थीं. उनके अनुसार, अब 50 लाख रुपये की सहायता मिलते ही वे प्राथमिकता के आधार पर विकास परियोजनाएं शुरू कर सकेंगे, जिससे ग्रामीणों के जीवन में ठोस बदलाव आएगा.

कई ग्रामीणों ने कहा कि पिछली सरकारों ने उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया, किन्तु मान सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों की बेहतरी को प्राथमिकता देते हुए यह सराहनीय कदम उठाया है. एक महिला निवासी ने बताया कि उनके गांव में बरसात के दौरान सड़कें कीचड़ से भर जाती थीं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था. उन्होंने उम्मीद जताई कि अब यह अनुदान उनके गांव की पुरानी समस्याएं दूर करेगा. वहीं युवाओं ने कहा कि वे इस राशि का उपयोग खेल के मैदान, सामुदायिक भवन और अन्य सुविधाओं के निर्माण में करना चाहते हैं, ताकि गांवों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके.

पंजाब में सोशल मीडिया पर योजना की सराहना

पूरे पंजाब में सोशल मीडिया पर भी इस योजना की सराहना की जा रही है. ग्रामीणों ने पोस्ट और वीडियो साझा करते हुए कहा कि गुरु तेग बहादुर साहिब जी के आदर्श मानव सेवा, त्याग और न्याय की भावना के अनुरूप यह पहल अत्यंत महत्वपूर्ण है. बुजुर्गों ने कहा कि जिस प्रकार गुरु साहिब ने समाज और मानवता के लिए बलिदान दिया, उसी भावना से मान सरकार ने गरीब और पिछड़े गांवों की सेवा का संकल्प लिया है. उन्होंने इसे गुरु साहिब की शहादत को सच्ची श्रद्धांजलि बताया.

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने समारोहों में कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान का स्पष्ट निर्देश है कि पंजाब का कोई भी गांव विकास से वंचित न रहे. उन्होंने बताया कि यह विशेष सहायता राशि सीधे पंचायतों के खातों में भेजी जा रही है, ताकि हर पैसा पारदर्शी तरीके से खर्च हो सके और किसी तरह की भ्रष्टाचार की गुंजाइश न बचे. उन्होंने भरोसा जताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पानी की स्थिति अगले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय रूप से सुधरेगी.

पंचायत प्रतिनिधियों ने भी कहा कि वे इस धनराशि का सदुपयोग करेंगे. कई गांवों ने सड़क निर्माण और मरम्मत को प्राथमिकता दी है, जबकि कुछ ने पेयजल और सीवरेज सुधार के कार्यों की योजना बनाई है. एक सरपंच ने बताया कि गांव के हर वर्ग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों की सूची तैयार की जा रही है, ताकि सभी को इस सहायता का लाभ मिल सके.

क्या है विशेषज्ञों का मानना?

ग्रामीण विकास के विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की योजनाएं स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भरता बढ़ाती हैं और पंचायत प्रणाली को मजबूत बनाती हैं. उनका कहना है कि जब ग्रामीण क्षेत्रों में धनराशि उपलब्ध होती है और पंचायतों को निर्णय लेने का अधिकार मिलता है, तो विकास तेजी से होता है और योजनाएं जमीन पर उतर पाती हैं. उन्होंने इसे अन्य राज्यों के लिए भी एक आदर्श मॉडल बताया.

अंततः, श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की 350वीं शहादत पर शुरू की गई यह पहल सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि पंजाब की सांस्कृतिक विरासत के सम्मान और ग्रामीण उत्थान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. ग्रामीणों ने इस योजना को पूरे राज्य के लिए प्रेरणादायक बताते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भी ऐसे कदमों से पंजाब का हर गांव तरक्की की राह पर आगे बढ़ता रहेगा.

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पंजाब सरकार के विरोध के बाद हिमाचल ने बदला रुख, बढ़े एंट्री टैक्स पर फिर होगा विचार

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एंट्री टैक्स को लेकर चल रहे विवाद के बीच हिमाचल प्रदेश सरकार अब नरम रुख अपनाती नजर आ रही है। पंजाब सरकार के कड़े विरोध और प्रदर्शन के बाद हिमाचल कैबिनेट ने बढ़ाई गई एंट्री टैक्स दरों पर दोबारा विचार करने का फैसला किया है।

हिमाचल प्रदेश की कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सरकार सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद एक संतुलित और लोगों के हित में फैसला लेगी। उन्होंने संकेत दिया कि नई नीति को ज्यादा व्यावहारिक और जनहितैषी बनाने पर काम किया जा रहा है।

सरकार ने बताया कि एंट्री टैक्स से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है, लेकिन अब आम जनता और व्यापारियों को ध्यान में रखते हुए इसमें सुधार की संभावनाएं देखी जा रही हैं।

इस बीच हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस मुद्दे पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से भी बातचीत की है, जिससे दोनों राज्यों के बीच समाधान निकालने की कोशिशें तेज हो गई हैं।

हालांकि, इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि पंजाब चाहे तो इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जा सकता है। वहीं विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस तरह के फैसलों से राज्य की छवि प्रभावित हो रही है।

कुल मिलाकर, एंट्री टैक्स को लेकर दोनों राज्यों के बीच जारी तनातनी के बीच अब उम्मीद की जा रही है कि बातचीत के जरिए कोई सकारात्मक समाधान निकलेगा।

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‘मेरे लिए पूरा पंजाब एक परिवार’, लालजीत भुल्लर की गिरफ्तारी के बाद CM Bhagwant Singh Mann का सख्त संदेश

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पंजाब में एक बड़े घटनाक्रम के तहत वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मंत्री Laljit Singh Bhullar को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। खास बात यह है कि गिरफ्तारी से एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने भुल्लर से मंत्री पद से इस्तीफा ले लिया था। जानकारी के अनुसार, भुल्लर ने मंडी गोबिंदगढ़ में खुद ही गिरफ्तारी दी।

इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए साफ संदेश दिया। उन्होंने लिखा, “मेरे लिए पूरा पंजाब एक परिवार है। अगर कोई भी व्यक्ति कानून का उल्लंघन करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, चाहे वह किसी भी पद पर हो या कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। हमारी सरकार किसी की भी पैरवी या सिफारिश को स्वीकार नहीं करती।”

मुख्यमंत्री ने पहले भी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्पष्ट किया था कि सरकार और पार्टी में किसी भी तरह की लापरवाही या गलत काम को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ बिना किसी दबाव के सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई को सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तौर पर देखा जा रहा है, जहां कानून के सामने सभी को बराबर माना जा रहा है और किसी को भी विशेष छूट नहीं दी जा रही।

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Entry Tax को लेकर पंजाब-हिमाचल में बढ़ा विवाद, मामला Supreme Court तक ले जाएगी सरकार: Harjot Singh Bains

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एंट्री टैक्स को लेकर Punjab और Himachal Pradesh के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर पंजाब सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ किया है कि यदि जरूरत पड़ी तो मामला Supreme Court of India तक ले जाया जाएगा। पंजाब के कैबिनेट मंत्री Harjot Singh Bains ने कहा कि नेशनल हाईवे पर किसी भी तरह का एंट्री टैक्स लगाना गलत है और यह नियमों के खिलाफ है।

दरअसल, हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा एंट्री टैक्स की दरों में बढ़ोतरी के बाद पंजाब में इसका विरोध तेज हो गया है। इस फैसले के खिलाफ पंजाब में धरना-प्रदर्शन भी शुरू हो चुके हैं। साथ ही, पंजाब विधानसभा में भी इस मुद्दे को उठाया गया है और हिमाचल द्वारा लगाए गए टैक्स को वापस लेने की मांग की जा रही है।

पंजाब सरकार इस मामले में जवाबी कदम उठाने की तैयारी भी कर रही है। जानकारी के मुताबिक, यदि हिमाचल सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती है तो पंजाब भी हिमाचल की कमर्शियल गाड़ियों पर एंट्री टैक्स लगाने पर विचार कर सकता है।

इस पूरे विवाद पर बोलते हुए आनंदपुर साहिब के विधायक और शिक्षा मंत्री Harjot Singh Bains ने कहा कि चंडीगढ़ से गुजरने वाला मार्ग एक नेशनल हाईवे है, जिस पर किसी भी राज्य का एकतरफा अधिकार नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस मुद्दे को लेकर पूरी मजबूती से खड़ी है और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।

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